Author: bharati

  • भागलपुर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 8,040 कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ अपराधी गिरफ्तार

    भागलपुर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 8,040 कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ अपराधी गिरफ्तार


    नई दिल्ली । बिहार के भागलपुर जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इशाकचक थाना क्षेत्र में की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर 8 हजार 40 पीस प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किए।

    इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक Shailendra Kumar Singh ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इशाकचक थाना क्षेत्र के इस्लामनगर इलाके में एक व्यक्ति द्वारा बड़ी मात्रा में कोडिन युक्त कफ सिरप का अवैध रूप से संग्रह कर उसकी खरीद बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।

    उन्होंने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक नगर वन और डीआईयू डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट की संयुक्त टीम ने इस्लामनगर स्थित एक घर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वहां से भारी मात्रा में कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया। मौके से एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद कफ सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जाता है और इसकी अवैध बिक्री लंबे समय से चल रही थी। पुलिस को संदेह है कि आरोपी इस सिरप की सप्लाई आसपास के क्षेत्रों में भी करता था।

    पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन कौन लोग शामिल हैं तथा यह नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप कहां से लाया गया था और इसे किन किन जगहों पर सप्लाई किया जाना था।

    पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि युवाओं को नशे से बचाने और अवैध दवा तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। पुलिस ने बरामद कफ सिरप को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पिता ने बेटी पर किया चाकू हमला: 5 लाख में बेचने की धमकी का आरोप

    उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पिता ने बेटी पर किया चाकू हमला: 5 लाख में बेचने की धमकी का आरोप


    उज्जैन उज्जैन में शुक्रवार सुबह महाकाल मंदिर के बाहर एक हैरान कर देने वाली घटना हुई, जिसमें युवती वर्षा पारदी (18) पर उसके ही पिता ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल वर्षा को मौके पर मौजूद लोगों की मदद से Charak Hospital, Ujjain में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद आरोपी पिता फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार, वर्षा महेश्वर जेल रोड क्षेत्र की रहने वाली है और वर्तमान में अपनी मां माना बाई के साथ कार्तिक मेला ग्राउंड इलाके में रहती है। शुक्रवार सुबह वह रोज की तरह महाकाल मंदिर के सामने माला बेच रही थी। तभी उसके पिता और मां के परिवार के बीच कथित तौर पर किसी बात पर कहासुनी हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष सड़क पर आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आरोपी पिता वर्षा के पास पहुंचा और गुस्से में उसकी पीठ और जांघ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद वह मौके से भाग गया।

    युवती की मां माना बाई ने बताया कि आरोपी पिता करीब 16 साल पहले परिवार छोड़कर चला गया था और दूसरी शादी कर ली थी। वर्षा का पालन-पोषण उन्होंने ही किया। माना बाई ने आरोप लगाया कि पिता अचानक आया और बेटी की शादी को लेकर रुपए के लालच में धमकी देने लगा। उन्होंने बताया कि आरोपी पिता ने कहा कि वह वर्षा की शादी नहीं करेंगे, बल्कि उसे 5 लाख रुपए में बेच देंगे।

    घायल वर्षा ने भी पिता पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके पिता एक रिश्तेदार के साथ आए थे और उन्होंने खुलेआम कहा कि उन्हें 5 लाख रुपए में बेचना है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और पिता ने गुस्से में आकर चाकू से हमला कर दिया।

    महाकाल थाना प्रभारी Gagan Badal, Ujjain Police ने बताया कि पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और युवती के बयान लिए जाएंगे। मामले की जांच जारी है और आरोपी पिता की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ताकि आरोपी को कानून के सामने लाया जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।

  • विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्रीकेशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने देश को गहरी चोट पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों पर विपक्ष को देश के साथ खड़ा होना चाहिए वहां वह लगातार सरकार पर आरोप लगाने और भ्रम फैलाने का काम करता रहा है।

    वाराणसी के सर्किट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने कहा कि देश ने कई चुनौतियों का सामना किया है लेकिन विपक्ष ने हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय सरकार को घेरने की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा भारत की जमीन पर कब्जा करने और कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों के बावजूद विपक्ष सरकार पर आरोप लगाने से बाज नहीं आता।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देशहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इससे देश की छवि और एकता को नुकसान पहुंचता है।

    मौर्य ने विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस भाषा और शैली में वे सरकार की आलोचना करते हैं वह किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती। उनका कहना था कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है लेकिन आलोचना तथ्यों और मर्यादा के साथ होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने सुरक्षा विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत आज पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित हुआ है।

    मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। साथ ही सरकार ने विकास को भी समान महत्व देते हुए बुनियादी ढांचे रोजगार निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का काम किया है।

    उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं और यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और नीतियों का परिणाम है। उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी देश इसी तरह तेजी से प्रगति करेगा और भारत दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।

  • आईटीआई नर्मदापुरम में छात्र संघर्ष की जीत: प्रभारी प्राचार्य टेकाम हटाए गए, जानिक मरकाम को प्रभार

    आईटीआई नर्मदापुरम में छात्र संघर्ष की जीत: प्रभारी प्राचार्य टेकाम हटाए गए, जानिक मरकाम को प्रभार


    नर्मदापुरमनर्मदापुरम के आईटीआई में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार टेकाम को पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर व्यवसाय ट्रैक्टर मैकेनिक प्रशिक्षण अधिकारी जानिक मरकाम को प्रभार सौंपा गया। इस कदम को छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।
    घटना का सिलसिला 12 फरवरी से शुरू हुआ था, जब ABVP नर्मदापुरम इकाई ने आईटीआई में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया था। छात्रों ने अनोखे अंदाज में प्राचार्य की कुर्सी पर ‘लापता’ का पोस्टर लगाकर विरोध जताया और प्रभारी प्राचार्य को हटाने की मांग की। इसके साथ ही परिषद ने संयुक्त संचालक, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मध्यप्रदेश को ज्ञापन सौंपकर संस्थान की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
    छात्र नेताओं ने बताया कि प्राचार्य संजय टेकाम के हटाए जाने के बाद अब संस्थान में साफ-सफाई, पीने के पानी, CCTV कैमरों की व्यवस्था और कक्षाओं के नियमित संचालन पर ध्यान दिया जाएगा। ABVP जिला संयोजक मृदुल साहू ने इसे छात्र हित की बड़ी जीत बताया।

    विद्यार्थियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अब जल्द ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस फैसले ने आईटीआई के माहौल में नई उम्मीद और छात्रों में उत्साह पैदा कर दिया है।

  • उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम, 24 मीटर रोड के खिलाफ रहवासी सड़कों पर

    उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम, 24 मीटर रोड के खिलाफ रहवासी सड़कों पर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Ujjain में एमआर-4 रोड चौड़ीकरण को लेकर रहवासियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों स्थानीय लोगों ने Patidar Bridge, Ujjain पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे 24 मीटर के बजाय 18 मीटर तक ही सीमित रखा जाए।
    दरअसल प्रशासन आगामी Simhastha Kumbh Mela 2028 को देखते हुए शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी योजना के तहत एमआर-4 मार्ग को Rankeshwar Dham से Gadi Adda, Ujjain तक 24 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यह चौड़ीकरण जरूरी है।

    हालांकि इस योजना से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है।

    प्रशासनिक अनुमान के अनुसार इस सड़क के चौड़ीकरण से करीब 190 मकान और दुकानों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रभावित क्षेत्रों के रहवासी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर इलाके के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और पाटीदार ब्रिज पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    स्थानीय रहवासी योगेश साहू का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ी सड़क बनने से कई घर आंशिक रूप से टूट जाएंगे और उनमें रहना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि अगर सड़क को 18 मीटर तक चौड़ा किया जाए तो विकास भी होगा और लोगों के मकान भी सुरक्षित रह सकेंगे।

    इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन हुआ है। इससे पहले गुरुवार को करीब 400 से ज्यादा लोग अपने क्षेत्रीय विधायक Anil Jain Kalukheda के आगर रोड स्थित कार्यालय पहुंच गए थे और सड़क चौड़ीकरण योजना पर नाराजगी जताई थी। उस समय स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विधायक वहां से जाने लगे और आक्रोशित लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद लोगों ने उन्हें भाजपा कार्यालय तक ले जाकर अपनी बात रखी।

    बताया जा रहा है कि इस दौरान कई महिलाएं रोते हुए कार्यालय के अंदर पहुंच गईं और जोरदार नारेबाजी की।

    करीब एक घंटे तक वहां हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक कई बार आवेदन दिए हैं। उनका दावा है कि कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

    अब देखना होगा कि प्रशासन और रहवासियों के बीच इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है, क्योंकि एक ओर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए सड़क चौड़ीकरण जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों परिवार अपने घर और कारोबार बचाने की मांग कर रहे हैं।

  • एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस धर्माधिकारी बने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, 24 साल की प्रैक्टिस के बाद मिला बड़ा पद

    एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस धर्माधिकारी बने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, 24 साल की प्रैक्टिस के बाद मिला बड़ा पद


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश न्यायिक जगत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Sushrut Arvind Dharmadhikari को Madras High Court का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र के Ministry of Law and Justice (India) ने गुरुवार को उनकी नियुक्ति का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस नियुक्ति के साथ ही वे Madhya Pradesh High Court से अन्य राज्यों में चीफ जस्टिस बनने वाले 17वें न्यायाधीश बन गए हैं।

    8 जुलाई 1966 को Raipur में जन्मे जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने वर्ष 1992 में अपने विधिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 24 वर्षों तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में वकालत की और इस दौरान सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों में सक्रिय रूप से पैरवी की। उनके लंबे अनुभव और कानूनी समझ के कारण उन्हें न्यायिक क्षेत्र में विशेष पहचान मिली।

    वकालत के दौरान उन्होंने 2000 से 2015 तक केंद्र सरकार के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में भी काम किया।

    इस दौरान उन्होंने Income Tax Department, Reserve Bank of India और Central Excise Department सहित कई सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का प्रतिनिधित्व किया।

    बाद में उन्हें 7 अप्रैल 2016 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 17 मार्च 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में पुष्टि मिली। न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक व्यवस्था में अहम योगदान दिया।

    चीफ जस्टिस बनने से पहले उनका तबादला 23 अप्रैल 2025 को Kerala High Court में किया गया था।

    यह स्थानांतरण संविधान के अनुच्छेद 222 के तहत किया गया था, जिसकी मंजूरी भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद राष्ट्रपति ने दी थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 मार्च, 24 मार्च और 3 अप्रैल 2025 को हुई बैठकों में उनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी।

    केरल हाईकोर्ट में कार्यरत रहते हुए जस्टिस धर्माधिकारी हाल ही में चर्चित फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond से जुड़े मामले की सुनवाई में भी शामिल रहे। इस मामले में एकल न्यायाधीश द्वारा फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों की अस्थायी रोक लगाए जाने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी।

    जस्टिस धर्माधिकारी और P. V. Balakrishnan की खंडपीठ ने इस अपील पर लगभग दो घंटे तक सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    बताया जा रहा है कि जस्टिस धर्माधिकारी की नियुक्ति Manindra Mohan Shrivastava के सेवानिवृत्त होने के दिन 5 मार्च को प्रभावी हुई है। उनकी नियुक्ति को न्यायिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और इससे मध्यप्रदेश न्यायिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।

  • चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

    चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा


    नई दिल्ली ।उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब श्रद्धालु घर बैठे मोबाइल कंप्यूटर ऐप या वॉट्सएप के माध्यम से यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है ताकि प्रशासन संख्या सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन बेहतर ढंग से संभाल सके।

    इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे।

    ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तीन तरीके हैं:

    वेबसाइट से रजिस्ट्रेशन:
    उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर अकाउंट बनाकर यात्रा की तारीख धाम और यात्रियों की जानकारी भरनी होगी। प्रक्रिया पूरी होने पर रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड की जा सकती है।

    मोबाइल ऐप से रजिस्ट्रेशन:
    Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अकाउंट बनाने के बाद यात्रा संबंधी जानकारी भरें और पास डाउनलोड करें।

    वॉट्सएप से रजिस्ट्रेशन:
    8394833833 नंबर पर Yatra मैसेज भेजकर चैटबॉट के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। सरकार ने 0135-1364 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जिससे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या यात्रा संबंधित जानकारी ली जा सकती है।

    केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खुलेंगे। यह महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 के पंचांग गणना के अनुसार तय किया गया है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे।

    पिछली यात्रा के दौरान 2025 में केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को और बद्रीनाथ के 25 नवंबर को बंद किए गए थे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 22 और 23 अक्टूबर 2025 को बंद हुए थे।श्रद्धालु ध्यान दें कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से शुरू होगा और हरिद्वार ऋषिकेश समेत कई प्रमुख स्थानों पर बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाए जाएंगे।

  • तिरंगे के अपमान का आरोप: मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को कोर्ट का नोटिस, पूछा-क्यों न दर्ज हो एफआईआर?

    तिरंगे के अपमान का आरोप: मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को कोर्ट का नोटिस, पूछा-क्यों न दर्ज हो एफआईआर?


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब Rao Uday Pratap Singh के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान के मामले में अदालत ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जबलपुर स्थित सांसद-विधायक मामलों की विशेष अदालत ने परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश क्यों न दिया जाए। अदालत ने उन्हें 7 अप्रैल 2026 को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
    यह मामला मध्यप्रदेश के Narsinghpur जिले के गोटेगांव निवासी कौशल सिलावट द्वारा दायर परिवाद पर आधारित है। परिवादी के अनुसार 11 अगस्त 2024 को Gadarwara में आयोजित एक ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का अनादर किया गया। आरोप है कि इस यात्रा का नेतृत्व मंत्री राव उदय प्रताप सिंह कर रहे थे और वह एक खुली जीप के बोनट पर खड़े होकर लोगों को संबोधित कर रहे थे।

    परिवाद में कहा गया है कि इस दौरान जीप के बोनट पर तिरंगा ध्वज इस तरह लगाया गया था कि वह झुक गया था और पास खड़े व्यक्ति के पैर से भी स्पर्श हो रहा था।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज को वाहन के बोनट, छत या किसी अन्य हिस्से पर इस प्रकार लगाना और उसे पैरों के संपर्क में आने देना राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है।

    इस मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश डी.पी. सूत्रकार ने प्रारंभिक साक्ष्यों को देखते हुए मंत्री को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने यह भी पूछा है कि क्या इस मामले में राष्ट्रीय गौरव का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत अपराध दर्ज किया जाना चाहिए। इस कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को गंभीर अपराध माना गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

    परिवादी कौशल सिलावट का कहना है कि उन्होंने इस घटना की शिकायत पहले स्थानीय पुलिस से की थी। उन्होंने Gadarwara Police Station में जाकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने कई बार Narsinghpur के पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत भेजी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने पंजीकृत डाक के माध्यम से थाना प्रभारी को शिकायत भेजी तो उसे स्वीकार करने से भी इंकार कर दिया गया। उन्होंने अदालत में यह भी तर्क दिया कि यह पुलिस के वैधानिक कर्तव्यों के विपरीत है।

    परिवादी ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले Lalita Kumari vs Government of Uttar Pradesh (2014) का हवाला भी दिया। इस फैसले में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी संज्ञेय अपराध की सूचना मिलती है तो पुलिस के लिए एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होता है।

    अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों में घटना की तस्वीरें, मीडिया रिपोर्ट, डाक ट्रैकिंग रिपोर्ट और विभिन्न अधिकारियों को भेजी गई शिकायतों की प्रतियां भी शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजों को देखते हुए विशेष अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस जारी किया है।
    अब इस मामले में 7 अप्रैल को अदालत में सुनवाई होगी, जहां मंत्री को अपना पक्ष रखना होगा। अदालत के इस कदम के बाद प्रदेश की राजनीति में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

  • कृषक कल्याण वर्ष पर सियासी घमासान, जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला, बोले- सीएम पहलवान, लेकिन अफसरों के दांव में चित; 60% पद खाली, किसान बेहाल

    कृषक कल्याण वर्ष पर सियासी घमासान, जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला, बोले- सीएम पहलवान, लेकिन अफसरों के दांव में चित; 60% पद खाली, किसान बेहाल


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। Jitu Patwari ने प्रदेश सरकार के “कृषक कल्याण वर्ष” पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav पर तीखा हमला बोला। भोपाल स्थित Madhya Pradesh Congress Committee कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कहा कि सरकार एक तरफ किसानों के कल्याण की बात कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनके साथ इस दौरान Mukesh Nayak, Abhay Dubey और Sukhdev Panse भी मौजूद थे।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि शुरुआती दिनों में डॉ. मोहन यादव पहलवानी करते थे और Ujjain में उन्हें पहलवान के नाम से जाना जाता था। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि जब कोई अधिकारी उनके सामने “पहलवानी का दांव” चलता है तो मुख्यमंत्री खुद ही चित हो जाते हैं। पटवारी ने कहा कि यह स्थिति एक-दो बार नहीं बल्कि लगभग हर महीने देखने को मिलती है, जिससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों को लेकर भाजपा की चुनावी गारंटियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किसानों से वादा किया गया था कि गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल, धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल और सोयाबीन 6000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी जाएगी। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि Ujjain Mandi में गेहूं का भाव करीब 1800 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। पटवारी ने कहा कि यह स्थिति मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र की मंडी की है, जिससे साफ है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

    पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर वीडियो भी जारी किया था, जिसमें मंडी में किसानों को कम दाम पर गेहूं बेचते देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ किसानों के हित की बात करती है, लेकिन बाजार में किसानों को उनकी उपज का सही दाम तक नहीं मिल पा रहा है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे पिछले 20 साल की नहीं बल्कि केवल पिछले एक साल की उपलब्धियों का हिसाब प्रदेश की जनता के सामने रखें। पटवारी के अनुसार अगर सरकार वास्तव में किसानों के हित में काम कर रही है तो उसे अपने कामकाज का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कृषि तंत्र की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि से जुड़े विभागों में भारी संख्या में पद खाली पड़े हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से 8,468 पद रिक्त हैं, यानी लगभग 60 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके अलावा मत्स्य पालन विभाग में 1,290 में से 722 पद खाली हैं, जबकि उद्यानिकी विभाग में 3,079 में से 1,459 पद रिक्त पड़े हैं। पशुपालन और डेयरी विभाग में भी बड़ी संख्या में पद खाली होने से किसानों से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।

    पटवारी ने कहा कि जब कृषि से जुड़े विभागों में इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी ही नहीं हैं तो सरकार किसानों के कल्याण की बात किस आधार पर कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द इन रिक्त पदों को भरे और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि प्रदेश के किसान आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें।

  • शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में, बैंकिंग और रियल्टी शेयर लीड..

    शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में, बैंकिंग और रियल्टी शेयर लीड..


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कमजोर दिखा और दोपहर तक लाल निशान में रहा। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स 588 अंक यानी 0.72 प्रतिशत फिसलकर 79,427 पर और निफ्टी 154 अंक यानी 0.62 प्रतिशत कमजोरी के साथ 24,612 पर कारोबार कर रहा था।

    इस गिरावट की अगुवाई बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने की। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.85 प्रतिशत और निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.31 प्रतिशत कमजोर हुए। इसके अलावा ऑटो, सर्विसेज और कंज्यूमर सेक्टर पर भी दबाव देखा गया। हालांकि, डिफेंस, एनर्जी, पीएसई, ऑयल एंड गैस, कमोडिटी और मेटल इंडेक्स हरे निशान में बने रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध है। युद्ध के लंबा चलने से वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट नकारात्मक हो गया है।

    युद्ध के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 80.39 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 84.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इससे निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से हटकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.81 प्रतिशत बढ़कर 5,120 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.96 प्रतिशत मजबूत होकर 84.61 डॉलर प्रति औंस पर थी।

    अमेरिकी बाजार में भी गिरावट ने भारतीय बाजार की कमजोरी को बढ़ावा दिया। गुरुवार को डाओ इंडेक्स 1.61 प्रतिशत और नैस्डैक 0.26 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। इससे एफआईआई और घरेलू निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव बढ़ा।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। गुरुवार को एफआईआई ने 3,752.52 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर बेचे। इस बिकवाली ने भारतीय बाजार में लगातार कमजोरी का माहौल बनाया और निवेशकों में सतर्कता बढ़ा दी।

    विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की बेचैनी का असर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है, खासकर जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में स्थिरता नहीं आती। ऐसे समय में बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहेगा, जबकि सोना, चांदी और एनर्जी सेक्टर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने