Author: bharati

  • भारत की पहली एडल्ट फिल्म में मधुबाला का रोल, रिलीज से पहले ही मचा था बवाल, अभिनेत्री ने कभी नहीं देखी अपनी ही फिल्म

    भारत की पहली एडल्ट फिल्म में मधुबाला का रोल, रिलीज से पहले ही मचा था बवाल, अभिनेत्री ने कभी नहीं देखी अपनी ही फिल्म


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की अमर और पाकिज़ा अभिनेत्रियों में से एक मधुबाला ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली करियर में कई ऐसी फिल्में दीं, जो आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं। उनकी सुंदरता और अभिनय क्षमता ने हमेशा स्क्रीन पर उपस्थित होने वाले हर दृश्य को यादगार बना दिया। लोग उनके किरदारों और फिल्मों को आज भी बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ याद करते हैं। हालांकि, उनके करियर में एक ऐसी फिल्म भी थी, जिसने रिलीज होने से पहले ही विवाद और चर्चा का केंद्र बन गई। यह फिल्म थी साल 1950 में रिलीज़ हुई ‘हंसते आंसू’, जिसे भारतीय सिनेमा की पहली एडल्ट फिल्म के रूप में जाना गया।

    मधुबाला ने इस फिल्म में काम किया तब उनकी उम्र केवल 16 साल थी। फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ए सर्टिफिकेट दिया, और यही उस समय के लिए एक नई और विवादास्पद पहल थी। इस फिल्म का नाम डबल मीनिंग माना गया और कथानक में घरेलू हिंसा के दृश्य दिखाए जाने के कारण इसे लेकर काफी हंगामा हुआ। सेंसर बोर्ड द्वारा दिए गए इस सर्टिफिकेट के बाद भी, मधुबाला खुद अपनी ही फिल्म देखने के लिए तैयार नहीं थीं। यह तथ्य इस बात को दर्शाता है कि उनकी संवेदनशीलता और पेशेवर नैतिकता कितनी प्रबल थी, क्योंकि उन्होंने केवल अभिनय पर ध्यान केंद्रित किया और विवाद को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

    फिल्म का निर्देशन केबी लाल ने किया था और इसके अलावा मोतीलाल, गोप और मनोरमा जैसे कलाकारों ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। फिल्म की कहानी में फैमिली ड्रामा के तत्व थे, लेकिन उस समय के सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के कारण इसे ए सर्टिफिकेट दिया गया। फिल्म के टाइटल और कंटेंट को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐतिहासिक घटना बन गई। यह फिल्म ए सर्टिफिकेट की शुरुआत का प्रतीक भी मानी जाती है और यह दर्शाती है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में समय-समय पर किस प्रकार सेंसरशिप और नैतिकता के सवाल उठते रहे हैं।

    मधुबाला की अभिनय क्षमता ने इस विवादित फिल्म में भी अपनी चमक बनाए रखी। उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को यह साबित कर दिया कि वे केवल खूबसूरत नहीं थीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को निभाने में भी सक्षम थीं। ‘हंसते आंसू’ न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसने भारतीय सिनेमा में ए सर्टिफिकेट के प्रचलन और फिल्मों के सामाजिक प्रभाव पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। यह फिल्म मधुबाला की कला और उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी, और इसने उन्हें भारतीय सिनेमा में अमर और यादगार बना दिया।

    समग्र रूप से देखा जाए, तो ‘हंसते आंसू’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उस समय की सामाजिक, सांस्कृतिक और सेंसरशिप से जुड़ी चुनौतियों का दस्तावेज़ भी थी। मधुबाला ने अपनी कम उम्र के बावजूद इस फिल्म में काम करके यह साबित किया कि प्रतिभा और संवेदनशीलता का मेल किसी भी विवाद या चुनौती को मात दे सकता है। यह फिल्म उनके करियर की एक यादगार उपलब्धि के रूप में हमेशा सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।

  • पांढुर्णा ; भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए राहत: पांढुर्णा स्टेशन पर 15 साल से मुफ्त सेवा

    पांढुर्णा ; भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए राहत: पांढुर्णा स्टेशन पर 15 साल से मुफ्त सेवा


    पांढुर्णा ।  छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है। यहां पिछले 15 वर्षों से लगातार निःशुल्क ठंडा पानी वितरित किया जा रहा है। यह सेवा स्वर्गीय श्री मोहन महाराजजी कठाले की स्मृति में नीलेश मनने द्वारा शुरू की गई थी, जो आज भी पूरी निष्ठा के साथ जारी है। हर साल गर्मी के मौसम में यह सेवा यात्रियों की प्यास बुझाने का काम करती है और खासतौर पर जनरल बोगी में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।

    20 मई से शुरू हुई इस वर्ष की सेवा, 25 मई 2026 तक चलेगी
    इस वर्ष यह निःशुल्क जल सेवा 20 मई से शुरू की गई है और 25 मई 2026 तक जारी रहेगी। नीलेश मनने अपनी मित्र मंडली के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठंडा पानी उपलब्ध करा रहे हैं। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकती है, स्वयंसेवक पानी के कैन और गिलास लेकर जनरल बोगी तक पहुंचते हैं और यात्रियों को ठंडा पानी पिलाते हैं। गर्मी से परेशान यात्रियों के लिए यह सेवा बड़ी राहत लेकर आती है, खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए।

    बिना प्रचार के चल रही सेवा, बनी सामाजिक प्रेरणा
    यह पूरी सेवा व्यक्तिगत खर्च और समाजसेवियों के सहयोग से संचालित की जाती है। वर्षों से यह कार्य बिना किसी बड़े प्रचार-प्रसार के निरंतर चल रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक सेवा नहीं बल्कि मानवता का जीवंत उदाहरण है। हर साल गर्मी के मौसम में यह टीम नियमित रूप से यात्रियों की सेवा में जुट जाती है।

    समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी
    इस अभियान में नीलेश मन्ने के साथ कई समाजसेवी भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। बुधवार को जल वितरण सेवा में अधिवक्ता चेतन कुमार सुरजुसे, बापू गायधने, कृष्णा भांगे, योगेश डाबरे, ज्ञानेश्वर खुरसंगे, मनीष मेटागले, उमेश सावरकर और दीपक सुरजुसे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    भीषण गर्मी के बीच पांढुर्णा रेलवे स्टेशन की यह निःशुल्क जल सेवा न केवल यात्रियों की प्यास बुझा रही है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना की एक मजबूत मिसाल भी पेश कर रही है।

  • हीरो के बराबर फीस और प्राइवेट जेट की मालकिन, 70 के दशक में इस अभिनेत्री ने रचा था इतिहास


    नई दिल्ली।
    भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सितारों की लग्जरी लाइफस्टाइल हमेशा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है। आज के दौर में जहां बड़े अभिनेता और अभिनेत्रियां प्राइवेट जेट, महंगी कारों और आलीशान घरों के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं कई दशक पहले भी एक ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने अपनी शाही जिंदगी और स्टारडम से पूरी इंडस्ट्री को हैरान कर दिया था। यह अभिनेत्री कोई और नहीं बल्कि साउथ सिनेमा की दिग्गज कलाकार केआर विजया थीं, जिन्हें अपने समय की सबसे सफल और प्रभावशाली अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

    बताया जाता है कि केआर विजया देश की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिनके पास खुद का प्राइवेट जेट था। उस दौर में जब फिल्मी सितारों के लिए लग्जरी सुविधाएं बेहद सीमित हुआ करती थीं, तब उनका निजी विमान से शूटिंग लोकेशन पर पहुंचना लोगों के लिए किसी सपने जैसा माना जाता था। उनकी शानदार जीवनशैली ने उस समय फिल्म इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड स्थापित कर दिया था। यही वजह रही कि उन्हें सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि अपने रॉयल अंदाज के लिए भी लंबे समय तक याद किया गया।

    केआर विजया ने बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। किशोरावस्था में ही उन्होंने फिल्मों में काम शुरू कर दिया और धीरे-धीरे साउथ सिनेमा की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय अभिनेत्री बन गईं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में काम करते हुए कई सुपरस्टार कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की। उनकी खूबसूरती, शांत व्यक्तित्व और प्रभावशाली अभिनय शैली ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई।

    1970 का दशक उनके करियर का सबसे शानदार दौर माना जाता है। उस समय वह इंडस्ट्री की हाईएस्ट पेड अभिनेत्रियों में शामिल थीं और कई फिल्मों में उन्हें हीरो के बराबर फीस दी जाती थी। उस दौर में किसी अभिनेत्री का पुरुष कलाकारों के समान फीस लेना बेहद बड़ी बात मानी जाती थी। इससे यह साफ झलकता है कि उनकी लोकप्रियता और स्टार वैल्यू कितनी मजबूत थी।

    केआर विजया को खासतौर पर धार्मिक और पारिवारिक किरदारों के लिए खूब सराहा गया। उन्होंने देवी-देवताओं से जुड़े कई रोल निभाए, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया। उनकी मुस्कान और स्क्रीन प्रेजेंस इतनी प्रभावशाली थी कि फैंस ने उन्हें एक खास उपनाम तक दे दिया था। फिल्मों में उनका शांत और गरिमामय व्यक्तित्व उन्हें दूसरी अभिनेत्रियों से अलग बनाता था।

    करीब पांच दशकों से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 500 से अधिक फिल्मों में काम किया और बाद में टीवी की दुनिया में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह सादगी और अनुशासन की मिसाल भी मानी गईं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि इंसान जितना स्वाभाविक और सरल रहेगा, उतना लंबे समय तक लोगों के दिलों में बना रहेगा।

    आज भी केआर विजया का नाम भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में लिया जाता है जिन्होंने अपने दम पर स्टारडम, सम्मान और लग्जरी लाइफस्टाइल का नया अध्याय लिखा।

  • नरसिंहपुर में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन: उद्योग विभाग की जमीन से हटे कब्जे

    नरसिंहपुर में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन: उद्योग विभाग की जमीन से हटे कब्जे


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के ग्राम बगासपुर में बुधवार को जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उद्योग विभाग की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने यह निर्णायक कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कई अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर निगरानी रखी और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई।

    नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया कब्जा
    राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें पर्याप्त समयसीमा भी दी गई थी, लेकिन तय समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
    इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई करने का निर्णय लिया और शासकीय भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    प्रशासन का सख्त संदेश: सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं
    एसडीएम संघमित्रा गौतम ने स्पष्ट कहा कि उद्योग विभाग की भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिले में अन्य सरकारी भूमि पर भी यदि अतिक्रमण पाया गया, तो उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    बगासपुर की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और शासकीय संपत्ति की सुरक्षा के प्रति उसके रुख को दर्शाती है। बुलडोजर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य अवैध कब्जाधारियों में भी हलचल देखी जा रही है।

  • क्रिप्टिक पोस्ट के बाद भावुक हुए सलमान खान, बॉडीगार्ड शेरा के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश

    क्रिप्टिक पोस्ट के बाद भावुक हुए सलमान खान, बॉडीगार्ड शेरा के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश


    नई दिल्ली।
    बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में अभिनेता ने अपने बेहद करीबी और वर्षों पुराने बॉडीगार्ड शेरा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन उससे पहले किए गए कुछ रहस्यमयी और गुस्से भरे पोस्ट ने फैंस को उलझन में डाल दिया। सलमान खान के बदले हुए अंदाज और तीखे शब्दों ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। उनके चाहने वाले लगातार यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर अभिनेता के मन में किस बात को लेकर इतनी नाराजगी है।

    सलमान खान ने शेरा के साथ एक खास तस्वीर साझा करते हुए बेहद छोटे लेकिन भावुक अंदाज में उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। तस्वीर में दोनों के बीच गहरी दोस्ती और विश्वास साफ नजर आया। वर्षों से शेरा सिर्फ सलमान के बॉडीगार्ड नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्य की तरह रहे हैं। हर मुश्किल समय में शेरा सलमान के साथ मजबूती से खड़े दिखाई दिए हैं। यही वजह है कि अभिनेता का यह पोस्ट उनके फैंस को काफी पसंद आया और लोगों ने दोनों की दोस्ती की जमकर तारीफ की।

    हालांकि इस भावुक पोस्ट से पहले सलमान खान ने कुछ ऐसे संदेश साझा किए थे, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। अभिनेता ने इशारों-इशारों में कुछ लोगों और मीडिया के एक वर्ग पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि जब वे तकलीफ में थे और अस्पताल में थे, तब कुछ लोग उनकी हालत का मजाक बना रहे थे। सलमान ने बेहद सख्त शब्दों में यह भी कहा कि जिंदगी ज्यादा जरूरी है या तस्वीरें। उनके इस बयान के बाद फैंस लगातार अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर अभिनेता किस घटना से इतने नाराज हैं।

    सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे 60 साल के हो चुके हैं लेकिन लड़ना अभी नहीं भूले हैं। इस लाइन ने इंटरनेट पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी। कई लोग उनके गुस्से को सही बता रहे हैं तो कुछ लोग उनके पोस्ट को समझने की कोशिश में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सलमान खान के कैप्शन को समझना किसी पहेली से कम नहीं है। इसके बावजूद उनके फैंस लगातार अभिनेता का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं।

    सलमान खान लंबे समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। पिछले कुछ समय से अभिनेता के अकेलेपन और उनके व्यवहार को लेकर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। हालांकि सलमान ने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी है और मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद को मजबूत बनाए रखा है। यही वजह है कि उनका हर बयान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है।

    अगर उनके प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। अभिनेता अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर लगातार चर्चा में हैं। इसके अलावा वे एक और बड़े प्रोजेक्ट की शूटिंग में व्यस्त बताए जा रहे हैं, जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री भी दिखाई देंगी। फैंस को उम्मीद है कि सलमान खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का दिल जीतेंगे।

    फिलहाल सलमान खान अपने रहस्यमयी पोस्ट, गुस्से भरे तेवर और शेरा के प्रति अपने खास लगाव को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। अभिनेता का यह बदला हुआ अंदाज लोगों के बीच लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • भारतीय अंदाज में Cannes 2026 पर छाईं डायना पेंटी, गोल्डन साड़ी लुक बना फैशन की नई पहचान

    भारतीय अंदाज में Cannes 2026 पर छाईं डायना पेंटी, गोल्डन साड़ी लुक बना फैशन की नई पहचान


    नई दिल्ली।
    दुनिया के सबसे चर्चित फिल्म और फैशन आयोजनों में शामिल Cannes 2026 इस बार भारतीय सितारों के शानदार फैशन लुक्स की वजह से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इसी बीच अभिनेत्री डायना पेंटी ने अपने बेहद ग्लैमरस और शाही अंदाज से रेड कार्पेट पर ऐसा जलवा बिखेरा कि हर तरफ उन्हीं की चर्चा होने लगी। गोल्डन साड़ी में उनकी एंट्री ने न केवल भारतीय पारंपरिक फैशन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर खास पहचान दिलाई, बल्कि उनके खूबसूरत अंदाज ने फैशन प्रेमियों का दिल भी जीत लिया।

    डायना पेंटी ने इस खास मौके पर गोल्डन रंग की बेहद आकर्षक साड़ी पहनी, जिसमें भारतीय परंपरा और मॉडर्न फैशन का शानदार मेल देखने को मिला। उनका पूरा लुक बेहद रॉयल और क्लासी नजर आ रहा था। साड़ी के साथ पहना गया डिजाइनर ब्लाउज उनके लुक को और अधिक ग्लैमरस बना रहा था। रेड कार्पेट पर जैसे ही उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, कैमरों की नजरें उन्हीं पर टिक गईं।

    अभिनेत्री ने अपने इस लुक को बेहद सादगी और आत्मविश्वास के साथ कैरी किया। उनके मेकअप को भी काफी सॉफ्ट और एलिगेंट रखा गया था, जिससे उनका नेचुरल ब्यूटी लुक और ज्यादा निखरकर सामने आया। खुले बालों और खूबसूरत इयररिंग्स के साथ उन्होंने अपने पूरे स्टाइल को बेहद संतुलित तरीके से पेश किया। हाथ में पहनी गई घड़ी और मिनिमल एक्सेसरीज ने उनके फैशन स्टेटमेंट को और खास बना दिया।

    डायना पेंटी का यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैशन एक्सपर्ट्स और फैंस दोनों ही उनके इस लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि उन्होंने भारतीय साड़ी को जिस आधुनिक और इंटरनेशनल अंदाज में प्रस्तुत किया, वह भारतीय फैशन के लिए गर्व की बात है। उनका यह लुक इस बात का उदाहरण बन गया कि पारंपरिक परिधान भी ग्लोबल मंच पर उतने ही प्रभावशाली और स्टाइलिश नजर आ सकते हैं।

    कान्स फिल्म फेस्टिवल हमेशा से ग्लैमर और फैशन का सबसे बड़ा मंच माना जाता है, जहां दुनिया भर के कलाकार अपने अनोखे स्टाइल से लोगों का ध्यान खींचते हैं। ऐसे में डायना पेंटी ने अपने इस गोल्डन साड़ी लुक के जरिए यह साबित कर दिया कि भारतीय फैशन की खूबसूरती और शालीनता की पहचान आज भी सबसे अलग है।

    डायना का यह लुक उनके अब तक के सबसे चर्चित रेड कार्पेट अपीयरेंस में शामिल माना जा रहा है। उन्होंने जिस आत्मविश्वास और ग्रेस के साथ अपने पूरे अंदाज को पेश किया, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह केवल एक बेहतरीन अभिनेत्री ही नहीं बल्कि शानदार फैशन आइकन भी हैं।

    कुल मिलाकर, Cannes 2026 में डायना पेंटी का यह गोल्डन अवतार फैशन जगत में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रह सकता है। उनका यह लुक भारतीय संस्कृति, आधुनिक ग्लैमर और अंतरराष्ट्रीय फैशन का खूबसूरत संगम बनकर सामने आया है।

  • एक्सपायरी दवाओं के आरोपों के बीच हड़ताल: कटनी में मेडिकल स्टोर्स पर ताले

    एक्सपायरी दवाओं के आरोपों के बीच हड़ताल: कटनी में मेडिकल स्टोर्स पर ताले


    कटनी । कटनी में बुधवार को दवा कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा, जब ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर पूरे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की दवा दुकानें बंद रहीं। इस एक दिवसीय बंद का नेतृत्व कटनी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने किया, जिसने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

    सुबह से ही शहर के मेडिकल स्टोरों के शटर बंद रहे, जिससे दवा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े स्टोर और पीएम जन औषधि केंद्रों को इस बंद से छूट दी गई, ताकि मरीजों को जरूरी दवाओं की उपलब्धता में कोई बाधा न आए।

    ऑनलाइन दवा कंपनियों पर गंभीर आरोप
    एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदू जादवानी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा कंपनियां भारी डिस्काउंट और ऑफर्स का लालच देकर व्यापार कर रही हैं, जिससे स्थानीय दवा कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक्सपायरी दवाओं की बिक्री तक के मामले सामने आ रहे हैं, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

    व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते प्रभाव ने छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। कई दुकानदारों का कारोबार लगातार घट रहा है और वे आर्थिक दबाव में आ रहे हैं।

    16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया
    दोपहर के समय एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें मुख्य रूप से ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण या प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही दवाओं पर दिए जा रहे अत्यधिक डिस्काउंट को रोकने और एक मजबूत नियामक व्यवस्था बनाने की बात भी रखी गई।

    संघ के सचिव सागर आहूजा ने कहा कि बिना सख्त नियमों के चल रही ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था पारंपरिक दवा कारोबारियों के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि अनियंत्रित ऑनलाइन व्यापार प्रणाली के खिलाफ है।

    आंदोलन तेज करने की चेतावनी
    एसोसिएशन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि वे अपने हितों और आम जनता की सुरक्षा दोनों के लिए एक मजबूत और पारदर्शी दवा बिक्री प्रणाली की मांग कर रहे हैं।

    कटनी का यह बंद केवल व्यापारिक विरोध नहीं बल्कि दवा वितरण प्रणाली में सुधार की मांग के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।

  • ट्रेडिशनल लुक में Janhvi Kapoor ने फिर जीता दिल, साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत, एलिगेंट और ग्लैमरस

    ट्रेडिशनल लुक में Janhvi Kapoor ने फिर जीता दिल, साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत, एलिगेंट और ग्लैमरस


    नई दिल्ली।
    बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री Janhvi Kapoor एक बार फिर अपने फैशन और ग्लैमरस अंदाज को लेकर चर्चा में आ गई हैं। फिल्मों के साथ-साथ अपने स्टाइल स्टेटमेंट के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाली अभिनेत्री का नया ट्रेडिशनल लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बार उन्होंने अपने देसी अवतार से फैंस का दिल जीत लिया है। हल्के पेस्टल ब्लू रंग की खूबसूरत साड़ी में उनका एलिगेंट और मॉडर्न अंदाज लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। उनकी तस्वीरें सामने आते ही इंटरनेट पर हर तरफ उनकी खूबसूरती और स्टाइल की चर्चा शुरू हो गई।

    हाल ही में अभिनेत्री ने अपने लेटेस्ट फोटोशूट की कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें उनका ग्लैमरस लुक देखते ही बन रहा है। उन्होंने बेहद हल्के और सॉफ्ट ब्लू शेड की शीयर साड़ी पहनी, जिसने उनके पूरे लुक को ड्रीमी और रॉयल टच दिया। साड़ी का ट्रांसपेरेंट फैब्रिक उनके स्टाइल को मॉडर्न लुक दे रहा था, जबकि उसका ट्रेडिशनल डिजाइन भारतीय खूबसूरती को बखूबी दिखा रहा था। उनके इस खास अंदाज ने फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    इस लुक के साथ अभिनेत्री ने स्ट्रैपलेस ब्लाउज कैरी किया, जिसने उनके पूरे आउटफिट को और ज्यादा स्टाइलिश और ग्लैमरस बना दिया। वहीं उन्होंने अपने लुक को खास बनाने के लिए 90 के दशक से प्रेरित दुपट्टा स्टाइल भी अपनाया। यह फ्यूजन फैशन उनके व्यक्तित्व पर पूरी तरह सूट करता नजर आया। फैंस को उनका यह ट्रेडिशनल और मॉडर्न कॉम्बिनेशन काफी पसंद आ रहा है और लोग लगातार उनके फैशन सेंस की तारीफ कर रहे हैं।

    मेकअप की बात करें तो उन्होंने बेहद सॉफ्ट और फ्रेश मेकअप लुक चुना। न्यूड लिप्स, हाईलाइटेड चीक्स और ग्लोइंग स्किन उनके चेहरे की खूबसूरती को और निखार रहे थे। इसके साथ स्लीक बन हेयरस्टाइल ने उनके पूरे लुक में एलिगेंस जोड़ दी। अभिनेत्री ने अपने आउटफिट के साथ मिनिमल ज्वेलरी पहनी, जिसने उनके लुक को सिंपल लेकिन बेहद क्लासी बना दिया। यही वजह है कि उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    अभिनेत्री का यह नया ट्रेडिशनल अवतार फैंस को बेहद पसंद आ रहा है। लोग उनके इस स्टाइल को बॉलीवुड के सबसे खूबसूरत और आकर्षक साड़ी लुक्स में से एक बता रहे हैं। कई फैंस ने उनके इस अंदाज को बेहद रॉयल और ग्रेसफुल बताया है। देसी साड़ी में उनका यह ग्लैमरस अवतार यह साबित करता है कि वह सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि फैशन की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं।

    इन दिनों अभिनेत्री अपनी आने वाली फिल्म को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं। ऐसे में उनका यह नया फैशन स्टेटमेंट फैंस के बीच और ज्यादा लोकप्रिय हो गया है। ट्रेडिशनल आउटफिट में उनका आत्मविश्वास, स्टाइल और खूबसूरती हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर हर तरफ उनके इसी लुक की चर्चा हो रही है और फैंस लगातार उनकी तस्वीरों पर प्यार बरसा रहे हैं।

  • महात्मा गांधी की तस्वीर वाले फर्जी नोटों से मचा बवाल, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

    महात्मा गांधी की तस्वीर वाले फर्जी नोटों से मचा बवाल, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग


    कटनी । कटनी शहर में मंगलवार रात माईजी की नदी क्षेत्र से गुजर रही एक बारात उस समय विवादों में आ गई, जब बारात में शामिल कुछ युवक मनोरंजन के तौर पर नकली नोट हवा में उड़ा रहे थे। इन नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर छपी हुई थी, जिसे लेकर मौके पर मौजूद एक युवक ने आपत्ति जताई। शिकायतकर्ता बाबू उर्फ अविनाश नामदेव के अनुसार, ये नोट जमीन पर गिर रहे थे और लोगों के पैरों के नीचे आ रहे थे, जिसे उन्होंने राष्ट्रपिता का अपमान मानते हुए विरोध किया।

     विरोध करने पर युवक से मारपीट, नाली में धकेला
    अविनाश का आरोप है कि जब उन्होंने बारातियों को ऐसा करने से रोका और समझाने की कोशिश की, तो बारात में शामिल लोग भड़क गए। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर नाली में गिरा दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    कलेक्टर को दी शिकायत, कार्रवाई की मांग
    घटना के बाद अविनाश ने कलेक्टर आशीष तिवारी से लिखित शिकायत की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि मारपीट करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी केस दर्ज किया जाए। साथ ही, उन्होंने जिले में “मनोरंजन बैंक” जैसे नकली नोटों की बिक्री और सार्वजनिक उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपील भी की है।

     जागरूकता बनाम हंगामा: मामला बना चर्चा का विषय
    इस घटना के बाद शहर में लोगों के बीच नाराजगी और बहस का माहौल है। जहां एक ओर लोग इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बारात में हुए हंगामे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • मानसिक तनाव से बचाव: ओवरथिंकिंग को कंट्रोल करने के असरदार तरीके

    मानसिक तनाव से बचाव: ओवरथिंकिंग को कंट्रोल करने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली । मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरथिंकिंग यानी किसी बात को जरूरत से ज्यादा सोचना आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग एक ही घटना या बातचीत को बार-बार सोचकर मानसिक दबाव महसूस करने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य सोचना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन जब यह आदत बन जाती है और व्यक्ति हर स्थिति को जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने लगता है, तो यह मानसिक तनाव का रूप ले सकती है।

    दिमाग पर बढ़ता दबाव और तनाव का असर
    लगातार नकारात्मक विचारों में उलझे रहने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है और शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर भी बढ़ सकता है। इससे व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करता है और उसकी सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि ओवरथिंकिंग करने वाले लोग अक्सर चिंता, बेचैनी और तनाव का अधिक सामना करते हैं, जिसका असर उनके व्यवहार और रिश्तों पर भी पड़ता है।

    दिमाग को व्यस्त रखना है सबसे आसान उपाय
    विशेषज्ञों के अनुसार, खाली दिमाग ओवरथिंकिंग को बढ़ावा देता है। जब व्यक्ति के पास कोई काम नहीं होता, तो दिमाग खुद ही पुरानी बातों और नकारात्मक विचारों में उलझने लगता है। इसलिए खुद को व्यस्त रखना बेहद जरूरी है। किताब पढ़ना, संगीत सुनना, टहलना, एक्सरसाइज करना या नई स्किल सीखना मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

    वर्तमान में जीना सीखना है सबसे बड़ा समाधान
    डॉक्टरों का मानना है कि ओवरथिंकिंग की एक बड़ी वजह अतीत या भविष्य की चिंता होती है। जो लोग पुरानी गलतियों को बार-बार याद करते हैं या भविष्य को लेकर अत्यधिक सोचते हैं, वे वर्तमान का आनंद नहीं ले पाते। जो लोग वर्तमान में जीने की आदत डालते हैं, उनका तनाव स्तर काफी कम पाया गया है और वे अधिक मानसिक रूप से संतुलित रहते हैं।

    बात साझा करने से मिलता है मानसिक आराम
    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मन की बातों को दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करना चाहिए। इससे मानसिक दबाव कम होता है और व्यक्ति को भावनात्मक राहत मिलती है।

    योग और मेडिटेशन से मिलती है शांति
    योग और ध्यान (मेडिटेशन) को मानसिक शांति के लिए सबसे प्रभावी उपायों में से एक माना गया है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नियमित रूप से गहरी सांस लेने और ध्यान करने से दिमाग की गतिविधियां संतुलित होती हैं, जिससे तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।

    ओवरथिंकिंग एक आदत है जिसे समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। सही दिनचर्या, सकारात्मक सोच और मानसिक व्यस्तता अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और जीवन को अधिक शांत व संतुलित बनाया जा सकता है।