Author: bharati

  • फास्ट फूड से बढ़ सकते हैं गंभीर बीमारियों का खतरा: जानें किन चीज़ों से रखें दूरी

    फास्ट फूड से बढ़ सकते हैं गंभीर बीमारियों का खतरा: जानें किन चीज़ों से रखें दूरी

    नई दिल्ली। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में फास्ट फूड लोगों की पहली पसंद बन चुका है। बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और इंस्टेंट नूडल्स जैसी चीजें स्वाद में लाजवाब लगती हैं, लेकिन लगातार सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लगातार चेतावनी देते हैं कि इन फूड्स का सीमित सेवन ही सेहत के लिए सुरक्षित है।

    सबसे पहले बर्गर और पिज्जा का नाम आता है। इनमें इस्तेमाल होने वाला मैदा, प्रोसेस्ड चीज़ और हाई कैलोरी सॉस शरीर में फैट बढ़ाने का काम करते हैं। नियमित रूप से इनके सेवन से मोटापा तेजी से बढ़ता है और हार्ट संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा फ्रेंच फ्राइज और डीप फ्राइड स्नैक्स भी सेहत के लिए हानिकारक माने जाते हैं। इनको तलने में इस्तेमाल किया गया बार-बार तेल ट्रांस फैट बनाता है, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

    इंस्टेंट नूडल्स और चाउमीन जैसे फास्ट फूड में मैदा, ज्यादा नमक और प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है। लगातार सेवन से पेट की समस्याएं, गैस और एसिडिटी जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। कोल्ड ड्रिंक्स और शुगर वाले पेय पदार्थ शरीर में अनावश्यक शुगर बढ़ाते हैं, जिससे डायबिटीज का खतरा और इम्युनिटी कमजोर हो सकती है। लिवर पर भी इसका नकारात्मक असर देखा जा सकता है।

    प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, बेकन और पैकेज्ड फूड भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं। इनमें सोडियम और प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है, जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर किडनी और हार्ट पर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि फास्ट फूड का पूरी तरह त्याग करना जरूरी नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही खाना चाहिए।

    हेल्दी रहने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और घर का बना खाना सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। संतुलित आहार और सही लाइफस्टाइल अपनाकर फास्ट फूड के दीर्घकालिक नुकसान को कम किया जा सकता है। आज की बदलती लाइफस्टाइल में समझदारी यही है कि हम अपने भोजन के चुनाव पर ध्यान दें और हेल्दी जीवनशैली को प्राथमिकता दें।

  • बृहस्पतिवार उपाय: नमक से परहेज कर अपनाएं ये 5 आसान तरीके

    बृहस्पतिवार उपाय: नमक से परहेज कर अपनाएं ये 5 आसान तरीके


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार का दिन अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए व्रत और पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। विशेषकर जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है, उनके लिए यह दिन और भी महत्वपूर्ण माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन नमक का सेवन वर्जित माना जाता है। इसके पीछे विश्वास है कि नमक तामसिक प्रकृति का होता है, जो मन की शांति और एकाग्रता को प्रभावित करता है। साथ ही ज्योतिष शास्त्र में नमक का संबंध राहु ग्रह से जोड़ा गया है, और कहा जाता है कि इसका सेवन बृहस्पति के प्रभाव को कमजोर कर सकता है। इसलिए इस दिन सात्विक जीवन और संयम को विशेष महत्व दिया जाता है।

    गुरु दोष से मुक्ति के 5 सरल और प्रभावी उपाय

    ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार को कुछ सरल उपाय अपनाने से गुरु ग्रह को मजबूत करने की बात कही गई है। इनमें सबसे प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं-

    1. पीले रंग का महत्व
    गुरुवार को पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग बृहस्पति देव का प्रिय माना जाता है और इसे धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

    2. केले के पौधे की पूजा
    इस दिन केले के पौधे की पूजा का विशेष महत्व है। पौधे की जड़ में जल चढ़ाकर दीपक जलाने और भगवान विष्णु का ध्यान करने से गुरु दोष कम होने की मान्यता है।

    3. गुरु मंत्र का जाप
    “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

    4. दान का महत्व
    गुरुवार को चने की दाल, हल्दी, गुड़ और पीले फल का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इससे जीवन में आर्थिक स्थिरता और सुख-शांति आती है।

    5. बड़ों और गुरुओं का सम्मान
    माता-पिता, शिक्षक और बुजुर्गों का सम्मान करने से जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उनके आशीर्वाद को गुरु दोष निवारण में महत्वपूर्ण माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा गहरा महत्व
    शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि गुरुवार का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, धन और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। यह सभी उपाय मुख्य रूप से प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य जीवन में अनुशासन, सात्विकता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाना बताया गया है।

  • बादाम का जादू: रोज़ खाने से ब्लड शुगर नियंत्रित और मानसिक क्षमता बढ़े..

    बादाम का जादू: रोज़ खाने से ब्लड शुगर नियंत्रित और मानसिक क्षमता बढ़े..

    नई दिल्ली। हाल ही में हुई एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि रोज़ाना थोड़ी मात्रा में बादाम खाने से प्रीडायबिटीज से प्रभावित लोगों के लिए कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। इस अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों ने अपनी डाइट में रोज़ाना लगभग एक मुट्ठी बादाम शामिल किया, उनके ब्लड शुगर लेवल में सुधार हुआ और उनकी मानसिक कार्यक्षमता में भी noticeable बढ़ोतरी देखी गई।

    दुनियाभर में 60 करोड़ से अधिक लोग प्रीडायबिटीज की स्थिति में हैं। इस अवस्था में ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन डायबिटीज तक नहीं पहुंचता। लंबे समय तक इस स्थिति में रहने से न केवल डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, बल्कि दिमाग की कार्यक्षमता भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। इसी चिंता के समाधान के लिए नई दिल्ली में 40 से 60 साल के 60 एशियाई भारतीय वयस्कों पर 24 हफ्तों तक एक अध्ययन किया गया।

    शोध में प्रतिभागियों को दो ग्रुप्स में बांटा गया। पहले ग्रुप को सामान्य संतुलित आहार दिया गया, जबकि दूसरे ग्रुप की डाइट में कुल कैलोरी का 20 प्रतिशत हिस्सा बादाम के रूप में शामिल किया गया। यह मात्रा करीब 32 से 42 ग्राम यानी एक मुट्ठी बादाम रोज़ाना थी। छह महीने के दौरान नियमित जांच के बाद नतीजे बेहद सकारात्मक रहे।

    रोज़ बादाम खाने वाले समूह में दिमाग की कार्यक्षमता में सुधार देखा गया। निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हुई और जानकारी को समझने की गति में तेज़ी आई। इसके अलावा ब्लड शुगर लेवल में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ। फास्टिंग शुगर और भोजन के बाद का शुगर लेवल कम हुआ और HbA1c स्तर में भी कमी आई।

    मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर भी असर दिखा। प्रतिभागियों का वजन, बॉडी फैट और BMI कम हुआ, साथ ही कोलेस्ट्रॉल और LDL लेवल घटे। शरीर की सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के संकेतक भी बेहतर हुए।

    वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत और आस-पास के एशियाई देशों में मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इस शोध से यह सिद्ध हुआ कि रोज़ाना मुट्ठी भर बादाम खाने से न केवल प्रीडायबिटीज नियंत्रित रहती है, बल्कि दिल और दिमाग भी स्वस्थ रहते हैं। इस सरल और प्राकृतिक उपाय को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

  • आज का राशिफल 21 मई: कन्या समेत कई राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ

    आज का राशिफल 21 मई: कन्या समेत कई राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 21 मई 2026, गुरुवार का दिन कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। भगवान विष्णु को समर्पित इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल कुछ लोगों को आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और रिश्तों में मजबूती दे सकती है, वहीं कुछ राशियों को तनाव, खर्च और मानसिक उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों का हाल।

    मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। परिवार और आर्थिक मामलों में तनाव बढ़ सकता है। बड़े फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। हालांकि शाम तक स्थितियां संभल सकती हैं। व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी और आपकी वाणी लोगों को प्रभावित करेगी। करियर में नई उपलब्धियां मिलने की संभावना है।

    मिथुन राशि वालों का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। हालांकि भावुक होकर कोई निर्णय लेने से बचना चाहिए।

    कर्क राशि वालों को आज रिश्तों और खर्चों को लेकर सतर्क रहना होगा। जीवनसाथी के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है। बढ़ते खर्च मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं।

    सिंह राशि वालों के लिए दिन काफी अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।

    कन्या राशि वालों को मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। व्यापारिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि रिश्तों में मजबूती बनी रहेगी और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसले संभव हैं।

    तुला राशि वालों के लिए गुरुवार शुभ समाचार लेकर आ सकता है। करियर में नए अवसर मिलेंगे और पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

    वृश्चिक राशि वालों को भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव बढ़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    धनु राशि वालों के लिए दिन खुशियों और भाग्य का साथ लेकर आएगा। कुछ जरूरी काम पूरे हो सकते हैं। योग और ध्यान से मानसिक तनाव कम होगा और कारोबार में सुधार दिखेगा।

    मकर राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी और जीवनसाथी के साथ रिश्ते बेहतर होंगे। हालांकि बच्चों को लेकर चिंता बनी रह सकती है।

    कुंभ राशि वालों को नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल का अनुभव होगा। परिवार में खुशियां आएंगी और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

    मीन राशि वालों को आज विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें। परिवार की छोटी बात बड़ा विवाद बन सकती है। हालांकि कार्यक्षेत्र में आप अपनी मेहनत से सफलता हासिल करेंगे।

  • योग से मिले संतुलन और सुकून: आयुष मंत्रालय ने बताया इसका महत्व

    योग से मिले संतुलन और सुकून: आयुष मंत्रालय ने बताया इसका महत्व


    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के नजदीक आते ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक बार फिर लोगों से योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मन की शांति, संतुलन और आंतरिक स्थिरता प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम भी है।

    मंत्रालय के अनुसार, आज की तेज रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे समय में योग व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी स्थिर और शांत करता है। योग हमारे अस्तित्व को गहराई देता है और करुणा तथा सकारात्मक सोच को विकसित करने में मदद करता है।

    आयुष मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी दिनचर्या में कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें। मंत्रालय ने कहा कि कुछ मिनट की गहरी सांस लेने की प्रक्रिया और ध्यान जैसी सरल आदतें भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। योग हमें उन महत्वपूर्ण चीजों से दोबारा जोड़ता है, जो अक्सर व्यस्त जीवन में पीछे छूट जाती हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब व्यक्ति के भीतर शांति होती है, तो वह अपने आसपास भी सकारात्मक वातावरण बना सकता है। लगातार तनाव, शोर और दबाव से भरी आधुनिक दुनिया में योग व्यक्ति को “ठहरने” और सोचने की क्षमता प्रदान करता है। हर सचेत सांस और योग अभ्यास व्यक्ति को बेहतर मानसिक संतुलन की ओर ले जाता है।

    योग विशेषज्ञों का भी कहना है कि योग को किसी विशेष समय या स्थान तक सीमित नहीं रखना चाहिए। सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान जैसे सरल अभ्यास दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है। नियमित योग तनाव कम करने के साथ-साथ भावनात्मक स्थिरता भी प्रदान करता है।

    मंत्रालय ने यह भी कहा कि योग व्यक्ति को अपनी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण रखना सिखाता है। इससे निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और दूसरों के प्रति सहानुभूति बढ़ती है। यही कारण है कि योग दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है जिसे हर दिन अपनाने की जरूरत है।

    योग की खास बात यह है कि इसे किसी भी उम्र का व्यक्ति, कहीं भी और किसी भी समय कर सकता है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है और एक स्वस्थ, संतुलित जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होता है।

  • आईसीसी रैंकिंग में नेपाल का जलवा: खिलाड़ियों ने दर्ज की शानदार प्रगति

    आईसीसी रैंकिंग में नेपाल का जलवा: खिलाड़ियों ने दर्ज की शानदार प्रगति


    नई दिल्ली । आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 में यूएसए और स्कॉटलैंड के खिलाफ लगातार जीत दर्ज कर नेपाल क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन जीतों में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, जिसके चलते ताजा वनडे रैंकिंग में नेपाल के कई खिलाड़ियों की स्थिति मजबूत हुई है। टीम के अनुभवी ऑलराउंडर दीपेंद्र सिंह ऐरी ने यूएसए के खिलाफ चार विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में तीन स्थान की छलांग लगाते हुए 79वां स्थान हासिल किया है। साथ ही, ऑलराउंडर्स की सूची में भी उन्होंने तीन स्थान ऊपर चढ़कर 25वां स्थान अपने नाम किया है।

    नेपाल की स्पिन जोड़ी का दमदार प्रदर्शन
    नेपाल की स्पिन गेंदबाजी इकाई ने भी रैंकिंग में मजबूती दिखाई है। टीम के प्रमुख लेग स्पिनर Sandeep Lamichhane छह स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 36वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं ललित राजबंशी ने भी 16 स्थान की बड़ी छलांग लगाते हुए संयुक्त रूप से 53वां स्थान हासिल किया है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि नेपाल की गेंदबाजी यूनिट लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधार कर रही है और बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता बढ़ा रही है।

    ऑलराउंडर्स की रैंकिंग में बड़ा बदलाव
    स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ब्रैंडन मैकमुलन ने भी इस सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया। नेपाल के खिलाफ 73 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद वे ऑलराउंडर्स रैंकिंग में दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। बल्लेबाजी रैंकिंग में भी उन्होंने छह स्थान की छलांग लगाई है।

    नेपाल के बल्लेबाजों की भी बढ़त
    नेपाल के बल्लेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए रैंकिंग में सुधार किया है। साईतेजा मुक्कमल्ला 5 स्थान ऊपर चढ़कर 61वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि आसिफ शेख 7 स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 86वें स्थान पर आ गए हैं।

    वैश्विक रैंकिंग में दिग्गजों का दबदबा कायम
    वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी Rashid Khan 705 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। वहीं ऑलराउंडर्स में अजमतुल्लाह उमरजई नंबर 1 स्थान पर काबिज हैं। बल्लेबाजों की सूची में न्यूजीलैंड के Daryl Mitchell शीर्ष पर बने हुए हैं। इसके बाद भारत के दिग्गज Virat Kohli दूसरे स्थान पर, जबकि Rohit Sharma चौथे और Shubman Gill पांचवें स्थान पर बने हुए हैं।

    नेपाल क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत
    नेपाल टीम का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि टीम धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन में सुधार आने से आने वाले टूर्नामेंटों में टीम से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

  • नेचुरल स्किन केयर का सरल उपाय: रोज़ वाटर से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी त्वचा..

    नेचुरल स्किन केयर का सरल उपाय: रोज़ वाटर से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी त्वचा..

    नई दिल्ली। आज के समय में जब प्रदूषण, धूल और तनाव का असर सीधे हमारी त्वचा पर दिखाई देता है, लोग प्राकृतिक और सुरक्षित स्किन केयर उपायों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में रोज़ वाटर यानी गुलाब जल एक सरल, सस्ता और प्रभावी विकल्प के रूप में उभरकर सामने आता है। सदियों से आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में इसका उपयोग त्वचा को स्वस्थ, निखरी और दमकती बनाने के लिए किया जाता रहा है।

    रोज़ वाटर को प्राकृतिक टोनर माना जाता है, जो त्वचा के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करता है और बंद पोर्स को खोलने में सहायक होता है। नियमित उपयोग से चेहरे पर ताजगी बनी रहती है और त्वचा स्वाभाविक रूप से चमकदार नजर आती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को सूजन और लालपन से बचाते हैं। संवेदनशील त्वचा वालों के लिए भी यह सुरक्षित है। मुंहासे या एक्ने से परेशान लोगों के लिए रोज़ वाटर काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है।

    रोज़ वाटर का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे सीधे चेहरे पर स्प्रे करके टोनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है या कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है। मेकअप से पहले इसे प्राइमर की तरह इस्तेमाल करने से मेकअप लंबे समय तक टिकता है और त्वचा फ्रेश दिखती है। इसके अलावा इसे फेस पैक में मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। मुल्तानी मिट्टी, चंदन या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर लगाने से यह डीप क्लीनिंग और ग्लो देने में मदद करता है। आंखों की थकान और जलन कम करने के लिए कॉटन पैड पर लगाकर आंखों पर रखा जा सकता है।

    गर्मियों में रोज़ वाटर का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह त्वचा को ठंडक देता है और सनबर्न से राहत दिलाने में मदद करता है। धूप में निकलने के बाद चेहरे पर इसका इस्तेमाल त्वचा को तुरंत तरोताजा कर देता है। डर्मेटोलॉजिस्ट भी मानते हैं कि रोज़ वाटर हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित और असरदार स्किन केयर विकल्प है। हालांकि यह गंभीर स्किन प्रॉब्लम का इलाज नहीं है, लेकिन नियमित उपयोग से त्वचा की गुणवत्ता और निखार में सुधार निश्चित रूप से देखा जा सकता है।

    आज जब बाजार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से भरा है, रोज़ वाटर एक ऐसा प्राकृतिक और किफायती विकल्प है जो कम खर्च में बेहतर परिणाम देता है। यही कारण है कि यह हर घर की स्किन केयर रूटीन में एक अहम हिस्सा बन चुका है और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रभावी उपाय के रूप में अपनाया जा रहा है।

  • प्रेमानंद जी महाराज का जवाब: विदेश में नॉनवेज खाने के बाद भी लोग तरक्की कैसे करते हैं? जानिए गहरी सीख

    प्रेमानंद जी महाराज का जवाब: विदेश में नॉनवेज खाने के बाद भी लोग तरक्की कैसे करते हैं? जानिए गहरी सीख




    नई दिल्ली। प्रेमानंद जी महाराज  के एकांतिक वार्ता में दिए गए विचारों पर आधारित एक सवाल ने लोगों का ध्यान खींचा है। भक्त ने पूछा कि विदेशों में लोग मांसाहार करते हैं, फिर भी वे तरक्की कैसे कर लेते हैं? इस पर महाराज जी ने जीवन, धर्म और “सच्ची उन्नति” को लेकर गहरी बात समझाई।

    महाराज जी के अनुसार, केवल भौतिक सफलता या पैसा कमाना ही असली उन्नति नहीं है। उन्होंने कहा कि असली उन्नति वह है जिसमें मन की शांति, संस्कार और आध्यात्मिक संतुलन भी शामिल हो। उनके अनुसार, बाहरी सफलता को ही पूरी उन्नति मान लेना एक अधूरी सोच है।

    शाकाहार और कर्म का संदेश
    प्रेमानंद जी महाराज ने यह भी कहा कि हर जीव के जीवन का मूल्य है और कर्म का प्रभाव व्यक्ति पर जरूर पड़ता है। उन्होंने समझाया कि व्यक्ति के कर्म ही उसके जीवन के परिणाम तय करते हैं, और समय के साथ हर चीज का फल मिलता है।

    विदेश और “उन्नति” पर विचार
    भक्त के सवाल पर महाराज जी ने कहा कि केवल धन और भोग-विलास को उन्नति मानना सही नहीं है। उनके अनुसार, सच्ची शांति और संतोष केवल बाहरी सुविधाओं से नहीं मिलता, बल्कि आंतरिक संस्कारों और आध्यात्मिक जीवन से मिलता है।

    आधुनिकता और अध्यात्म का संतुलन
    महाराज जी ने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा जरूरी है, लेकिन उसके साथ अध्यात्म का संतुलन भी होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि दोनों साथ चलें तो समाज अधिक संतुलित और शांतिपूर्ण बन सकता है।

  • प्रयागराज में गंगा नदी पर बनेगा नया पुल, फाफामऊ जाम से मिलेगी बड़ी राहत

    प्रयागराज में गंगा नदी पर बनेगा नया पुल, फाफामऊ जाम से मिलेगी बड़ी राहत


    नई दिल्ली। प्रयागराज में गंगा नदी पर फाफामऊ पुल के समानांतर एक और नया पुल बनाया जाएगा, जिससे शहर में जाम की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, यह नया पुल पुराने फाफामऊ पुल के पास गंगा नदी के अपस्ट्रीम हिस्से में प्रस्तावित है। इसके बनने से प्रयागराज में गंगा नदी पर कुल पुलों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस नए पुल के निर्माण से गंगापार क्षेत्र और शहर के उत्तरी हिस्से के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

    इस परियोजना को लेकर प्रशासन का कहना है कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह पुल बेहद जरूरी है, जिससे भविष्य में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जा सकेगा।

  • झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर

    झांसी दौरे पर कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान: नमाज और पूजा के लिए स्थान निर्धारित, जेल सुधार पर दिया जोर


    झांसी । झांसी में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नमाज हो या पूजा, सभी धार्मिक कार्यों के लिए स्थान निर्धारित हैं और इन्हें केवल तय स्थानों पर ही किया जाना चाहिए।

    मंत्री दारा सिंह चौहान सर्किट हाउस करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। उन्होंने देरी का कारण बताते हुए कहा कि वे कानपुर देहात में एक स्कूल बस हादसे में राहत और बचाव कार्य में शामिल थे, जिसकी वजह से उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ। झांसी पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जहां जेल अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

    मीडिया से बातचीत के दौरान कारागार मंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जेल प्रशासन को सिर्फ बंदियों को रखने तक सीमित नहीं मानती, बल्कि उनका नैतिक और सामाजिक सुधार भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जेलों में बंदियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वे रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीवन शुरू कर सकें।

    प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग के सवाल पर दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह समस्या पहले की तुलना में काफी कम हुई है और सरकार लगातार नई जेलों के निर्माण पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में भी पूजा और नमाज के लिए निश्चित स्थानों का उल्लेख है, इसलिए इसे लेकर जो कहा गया है वह सही है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।