Author: bharati

  • इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य

    इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में शनिवार की रात एक बच्चे की जन्मदिन पार्टी में आए मेहमान उल्टी-दस्त का शिकार हो गए। इसके बाद वे अलग-अलग स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज कराने गए। राहत की बात है कि कोई गंभीर बीमार नहीं हुआ। चार लोगों को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है।


    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि शनिवार देर रात भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित शर्मा गली में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में भोजन ग्रहण करने के बाद कुछ नागरिकों की तबीयत खराब हो गई थी। सभी 6 नागरिकों का स्वास्थ्य वर्तमान में पूरी तरह सामान्य एवं ठीक है।

    डॉ. हासानी ने बताया कि शनिवार को भागीरथपुरा में आयोजित जन्मदिन समारोह में लगभग 60 रिश्तेदार शामिल हुए थे, जिन्होंने रात करीब 11 बजे भोजन किया था। इसके बाद रविवार को कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई। प्रभावित व्यक्तियों का उपचार किया गया तथा एहतियात के तौर पर उन्हें एम.वाय.अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की गंभीरता नहीं है।

    सीएमएचओ डॉ. हासानी ने नागरिकों एवं मीडिया से अनुरोध किया है कि इस घटना को अनावश्यक रूप से बहुप्रसारित न करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।

    दरअसल, भागीरथपुरा की शुक्ला गली में आकाश मुक्शिया के बेटे का जन्मदिन शनिवार को मनाया गया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को बुलाया था। खाने में दाल-बाफलेँ, लड्डू और अन्य व्यंजन थे। रविवार सुबह कुछ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मुक्शिया के अनुसार 30 से ज्यादा लोग बीमार हुए। मामला भोजन से जुड़ा होने के कारण खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने भोजन के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा नगर निगम ने भी पानी के सैंपल लिए हैं। अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।

    आकाश ने बताया कि घर पर ही खाना बनाया था। 60 से ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया था। खाने में हमने बोरिंग का पानी उपयोग में लिया था। फिलहाल डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की बात कही है। आकाश ने कहा कि मेरी पत्नी, भाई और भाभी भी बीमार हैं। उन्हें भी हम सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में दिखाने ले गए थे।
  • संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते

    संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते


    नई दिल्ली । भदोही से जारी राजनीतिक बयानबाजी में यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनने के ऑफर पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है और दूसरों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है। संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा “भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते।

    भदोही में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने साफ किया कि सपा का यह बयान ही साबित करता है कि उनके पास सरकार बनाने की ताकत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि PDA संकट में है और यदि यह स्थिति बनी रही तो 2027 के चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। संजय निषाद ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि वे असली पहलवान तैयार करते थे और संगठन को जमीन पर खड़ा करते थे जबकि आज अखिलेश यादव केवल ‘भाड़े के पहलवानों’ के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं।

    संजय निषाद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पूरे सनातन समाज के पूज्यनीय हैं और उनके साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की।

    संजय निषाद की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। उनका कहना है कि सपा का यह ऑफर केवल हवा में बातें करने जैसा है और सत्ता हासिल करने के लिए असली संगठन और जमीन पर संघर्ष जरूरी है। उनका निशाना स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और गठबंधन की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि इस बयान के बीच शंकराचार्य विवाद भी गर्म बना हुआ है जिसमें बालकों की शिखा खींचने और गिरफ्तारी का मुद्दा शामिल है। संजय निषाद ने कहा कि इस घटना से समाज आहत है लेकिन कानून सच्चाई सामने लाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यूपी की सियासी हलचल में यह बयान और विवाद दोनों ही चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
    , मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख एवं पूर्व संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा की पूज्य माताजी श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां सम्पूर्ण जीवन की आधारिाला होती हैं, उनका जाना अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजन को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

  • अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?

    अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?


    मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत और बारामती विमान हादसे को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीपी एमएलसी अमोल मितकरी ने इस घटना को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि बड़ी साजिश हो सकती है।

    मितकरी का विवादित दावा
    अकोला में जनसभा में मितकरी ने कहा, “जैसे LTTE ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची थी, उसी तरह अजित पवार के मामले में भी साजिश रची गई। क्या विमान उड़ा रहे कैप्टेन सुमित कपूर आत्मघाती थे? अगर उनकी पत्नी कह रही हैं कि वे जिंदा हैं, तो इस हादसे में वास्तव में कौन मरा?”

    उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में इतनी शांति क्यों है जबकि घटना के आसपास कई सवाल हैं। मितकरी ने कहा कि केवल तकनीकी जांच पर्याप्त नहीं है और ब्लैक बॉक्स डेटा के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी जनता के सामने आना चाहिए।

    जांच और सीसीटीवी की मांग

    एमएलसी ने पूछा कि कैप्टेन साहिल मदान और कैप्टेन को विमान उड़ाना था, वे कहाँ हैं और उनके मूवमेंट का सीसीटीवी फुटेज क्यों जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को केवल तकनीकी पक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए और दृश्य साक्ष्य भी सामने लाना चाहिए।

    बारामती में प्रदर्शन

    बारामती में एनसीपी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा होकर जांच की मांग की। लोगों ने पवार की स्मृतियों से जुड़ी तख्तियां भी रखीं। स्थानीय निवासी बोले कि हादसे को 25 दिन हो गए हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उपमंडलीय मजिस्ट्रेट को गहन जांच के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हादसे की सीबीआई जांच का अनुरोध कर चुकी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ जाएगी।
  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार


    नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम DMK से 45 सीटों की मांग की है जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी इस बार भी पिछले चुनाव की तरह केवल 25 सीट देने को तैयार है। इस साल अप्रैल मई में राज्य में चुनाव होने की संभावना है।

    कांग्रेस ने बढ़ाई मांग
    कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर स्टालिन से चर्चा की लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस का तर्क है कि 2021 के चुनाव परिणामों की समीक्षा के आधार पर उन्हें अधिक सीटें मिलनी चाहिए।

    स्रोतों के अनुसार पिछले चुनाव में DMK ने कुल 234 सीटों में से 173 पर चुनाव लड़ा जिसमें 133 जीत और 40 हार मिली। अधिकांश हार AIADMK और बीजेपी से हुई थी।

    कांग्रेस का मानना है कि अगर उन्हें अधिक सीटें दी जाएं तो पिछली बार हारी हुई कम से कम 20 सीटें जीती जा सकती हैं। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि 45 सीट की मांग का उद्देश्य जीत की संभावनाओं में सुधार गठबंधन को मजबूत करना और 2026 से पहले संतुलित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला सुनिश्चित करना है।

    बातचीत का दौर जारी

    रविवार को चेन्नई में स्टालिन और वेणुगोपाल के बीच बैठक हुई जिसमें दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के कादर मोहिदीन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ DMK नेताओं से मुलाकात की।
  • Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी

    Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी


    रांची।
    रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस (Air Ambulance) सोमवार देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई।

    चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश (Air ambulance crash.) होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है। इस हादसे में संजय कुमार नाम के मरीज की भी मौत हो गई जो ढाबे में भीषण आग लगने के कारण झुलस गए थे और दिल्ली इलाज करवाने के लिए जा रहे थे।

    आग की भयावह लपटों से जूझते हुए जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे संजय की कहानी अब एक मार्मिक त्रासदी बन चुकी है। पेशे से ढाबा चलाने वाले संजय कुछ दिन पहले गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में उन्हें इलेक्ट्रिक बर्न हुआ था, जिससे उनका शरीर 65 फीसदी बुरी तरह जल गया था। परिजनों ने उन्हें तुरंत रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले करीब दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।

    दस दिनों में परिवार ने हर संभव कोशिश की। डॉक्टरों ने पूरी मेहनत की, लेकिन संजय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता के बीच झूलते परिवार ने अंततः बड़ा फैसला लिया-संजय को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। पैसों की परवाह किए बिना परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। ढाबा चलाकर परिवार का गुजारा करने वाले संजय की जिंदगी बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग दिया।


    जिंदगी बचाने का सफर बनी आखिरी उड़ान

    एयर एंबुलेंस की बुकिंग के बाद परिवार में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी। सभी को भरोसा था कि राजधानी में बेहतर इलाज से संजय की जिंदगी बच जाएगी। इसी उम्मीद के साथ मरीज को एयर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। उनके साथ परिजन भी इस उड़ान में सवार हुए, दिल में दुआ और आंखों में उम्मीद लिए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली की ओर बढ़ती यह उड़ान अचानक एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पलक झपकते ही जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे सभी लोग मौत के आगोश में समा गए। जिस उड़ान से जीवन की नई शुरुआत की उम्मीद थी, वही अंतिम सफर साबित हुई।

    इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। संजय, जो रोज सैकड़ों लोगों को अपने ढाबे में खाना खिलाते थे, आज खुद नियति के हाथों हार गए। परिवार, जिसने हर संभव कोशिश की, अब गहरे शोक में डूबा है। बेहतर इलाज की उम्मीद में भरी उड़ान का इस तरह अंत हो जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। उम्मीद, संघर्ष और नियति की इस दर्दनाक कहानी ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

    संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में चंदवा स्थित गायत्री मोहल्ले में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद उन्हें रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली रेफर किया था। वहीं हादसे के शिकार हुए डॉ. विकास गुप्ता पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

    देवकमल में 16 फरवरी को मरीज भर्ती हुआ था
    लातेहार के चंदवा का मरीज संजय (41 वर्ष) 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती हुआ था। बिजली से वह 65 फीसदी जल गया था और उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। देवकमल अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने को कहा था। सोमवार को मरीज के परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुक किया और इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। संजय के परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम खराब हो गया था तो एयर एंबुलेंस को उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? पूरा मामला गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। वहीं रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा, एयर एंबुलेंस के दुर्घटना के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा।


    कैसे टूटा संपर्क

    जानकारी के मुताबिक विमान रांची से उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही क्रैश हो गया। विमान में एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, दो सहायक, एक पायलट और एक सह-पायलट सवार थे। पायलट का नाम विवेक विकास भगत और सह-पायलट सवराजदीप सिंह थे। विमान ने न तो वाराणसी एटीसी से संपर्क किया और न ही लखनऊ एटीसी से जुड़ पाया। विमान का संपर्क वाराणसी के दक्षिण-पूर्व इलाके के आसपास टूटा। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ था। इसके बाद बात नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि इस दौरान विमान ने खराब मौसम के चलते रास्ता बदलने की इजाजत मांगी थी। उड़ान के दौरान कुछ देर तक एटीसी से संपर्क बना रहा, लेकिन बाद में अचानक संपर्क टूट गया। 7:07 बजे शाम में विमान ने रांची से उड़ान भरी थी और रात 10 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी। रेडबर्ड एयरवेज का छोटा मेडिकल विमान था, जो मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था।


    इनकी गई जान

    इस हादसे में जिन लोगों की जान गई उनमें मरीज 40 साल के संजय कुमार, उनकी 35 वर्षीय पत्नी अर्चना देवी, भगीना 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पारा मेडिकल कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत, सौराजदीप सिंह शामिल हैं।

  • अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे!

    अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे!


    नई दिल्ली।
    साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। ये जोड़ी उदयपुर (Udaipur) में एक बेहद निजी शादी समारोह का आयोजन कर रही है, जहां अरावली की पहाड़ियों (Aravali Hills) के खूबसूरत दृश्य के बीच उनका विशेष दिन मनाया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से कपल ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं और वेडिंग वेन्यू पर थ्री-टियर सिक्योरिटी सिस्टम (Three-Tier Security System) लागू किया है, ताकि उनकी प्राइवेसी बनी रहे और कोई भी रुकावट न हो।

    सख्त सुरक्षा इंतजाम
    रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद से लोकल प्रशासन और सिक्योरिटी टीमें पहले ही उदयपुर पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही इंटरनेशनल सिक्योरिटी टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि शादी के दिन सब कुछ सही तरीके से चले। कपल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस शादी को कन्फर्म किया, जिससे उनके फैंस और मीडिया में हलचल मच गई।

    एक बेहद निजी शादी
    एक करीबी सूत्र ने जानकारी दी कि उनकी शादी भी सगाई की तरह बेहद निजी रखी जाएगी, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। इसके बाद, मुंबई और हैदराबाद में इंडस्ट्री के दोस्तों के लिए दो बड़े रिसेप्शन आयोजित किए जाएंगे।

    ‘VIROSH’ नाम से होगी शादी
    22 फरवरी को रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर करते हुए बताया कि फैंस ने उन्हें प्यार से ‘VIROSH’ नाम दिया है। इस कारण, वे अपनी शादी को “The Wedding of VIROSH” कहेंगे। उन्होंने इस प्यार के लिए फैंस का धन्यवाद किया और कहा कि वे हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेंगे।

    सगाई और शादी की तारीख
    रश्मिका और विजय की सगाई 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में हुई थी। अब, 26 फरवरी 2026 को उनकी शादी उदयपुर में होगी। वेडिंग वेन्यू The Mementoes by ITC Hotels है, जो खूबसूरत अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है।

    रिसेप्शन की जानकारी
    शादी के बाद 4 मार्च 2026 को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ताज कृष्णा में होगा, जहां टॉलीवुड और बॉलीवुड के कई सितारों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी इस रिसेप्शन में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    एक प्यार भरी शुरुआत
    रश्मिका और विजय की मुलाकात पहली बार 2018 में फिल्म गीता गोविंदम के सेट पर हुई थी। इसके बाद, 2019 में उन्होंने डियर कॉमरेड में भी साथ काम किया। दोनों ने कई बार साथ में छुट्टियाँ बिताई, लेकिन कभी अपनी तस्वीरें पोस्ट नहीं कीं। अब, शादी की रस्मों और तैयारियों के लिए रश्मिका और विजय उदयपुर पहुंच चुके हैं, जहां वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहे हैं।

  • PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन

    PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) को आंखों के इलाज के लिए अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) लाया गया। निर्धारित फॉलो-अप जांच के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी प्रभावित आंख में दूसरा एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाया। उपचार पूरा होने के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया।

    अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सुबह के समय उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल लाया गया। इंजेक्शन का उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार लाना है। प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञों के एक मेडिकल बोर्ड ने उनका विस्तृत परीक्षण किया।


    कार्डियक जांच भी की गई

    जांच टीम में कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन शामिल थे। कार्डियोलॉजिस्ट ने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी जांच भी की। सभी परीक्षणों में उन्हें क्लिनिकली स्थिर पाया गया, जिसके बाद नेत्र संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

    पीआईएमएस प्रशासन के अनुसार, यह उपचार डे-केयर सर्जरी के तहत किया गया। पूरी प्रक्रिया पीआईएमएस और Shifa International Hospital के सलाहकार नेत्र रोग विशेषज्ञों और विट्रियोरेटिनल सर्जन की निगरानी में संपन्न हुई।


    इलाज के बाद तुरंत जेल वापसी

    अस्पताल की ओर से कहा गया कि इंजेक्शन के दौरान और उसके बाद उनकी स्थिति स्थिर रही। इलाज पूरा होने पर उन्हें फॉलो-अप से जुड़ी सलाह, जरूरी सावधानियां और मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इसके तुरंत बाद सुरक्षा घेरे में उन्हें पुनः अडियाला जेल ले जाया गया।


    15 गाड़ियों का काफिला, तीन सिग्नल जैमर तैनात

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान को लगभग 15 वाहनों के काफिले में अस्पताल लाया गया। काफिले में काली गाड़ियां शामिल थीं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे। इलाज की पूरी प्रक्रिया सख्त सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी में पूरी की गई।

  • उत्तराखंड में 159 हिंदू शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, इनमें 153 पाकिस्तानी भी शामिल

    उत्तराखंड में 159 हिंदू शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, इनमें 153 पाकिस्तानी भी शामिल


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के तहत बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने सोमवार को घोषणा की कि सिटिजनशिप अमेंडमेंट ऐक्ट 2019 (सीएए) के तहत राज्य में रह रहे 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अमित शाह के सात मार्च को उत्तराखंड दौरे के दौरान कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जाएगा।

    नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के तहत केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया है। यह कानून विशेष रूप से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर चुके अल्पसंख्यक समुदायों को राहत देने के उद्देश्य से लाया गया था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कानून में संशोधन कर वर्षों से भारत में रह रहे शरणार्थी परिवारों की समस्याओं का समाधान किया है और उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार देने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

    अमित शाह के कार्यक्रम में सम्मानित होंगे
    एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड के दौरे पर आएंगे। हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकता प्राप्त करने वाले परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए परिवार
    राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, नागरिकता पाने वाले 159 लोगों में से 153 पाकिस्तान और छह अफगानिस्तान से आए हैं। पाकिस्तान से आने वाले अधिकांश परिवार सिंध और बलूचिस्तान प्रांत के निवासी हैं। इन परिवारों के कई रिश्तेदार पहले से ही देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में निवास कर रहे हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि पाकिस्तान स्थित माता हिंगलाज मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार ने भी भारत में शरण ली थी, जिन्हें अब भारतीय नागरिकता दी जा रही है।

  • सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया

    सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया


    नई दिल्ली। टीम इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप 2026 सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से हार के बाद पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया और विराट कोहली को याद किया। उन्होंने कहा कि विराट हमेशा मैच को खत्म करने का तरीका जानते थे जबकि कई मौजूदा खिलाड़ी उस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहे।

    विराट कोहली की याद

    सहवाग ने बताया टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 160 के ऊपर तभी चेज किया है जब विराट कोहली ने रन बनाए हैं। वह चाहे 50 60 या 80 रन बनाकर नॉट आउट रहते मैच को खत्म करते थे। लेकिन अब तक इस वर्ल्ड कप में किसी खिलाड़ी ने ऐसा नहीं किया।”

    खिलाड़ियों को मिले थे मौके लेकिन फेल

    टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़ चुके सहवाग ने कहा कल तिलक वर्मा सूर्यकुमार यादव शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या के पास विराट कोहली बनने का मौका था लेकिन किसी ने भी मैच खत्म नहीं किया। किसी को सीखना पड़ेगा कि विराट मैच कैसे खत्म करते थे।”

    स्ट्राइक रेट से ज्यादा जिम्मेदारी जरूरी
    सहवाग ने आगे कहा हम स्ट्राइक रेट की बातें करते हैं लेकिन जब आप चेज कर रहे हों तो स्कोरबोर्ड पर रन देखकर खेलना चाहिए। सूर्यकुमार यादव कल दबाव में खेलते दिखे बचाव करते दिखे। ऐसे क्रिकेट से जीत मुश्किल है। थोड़ी फीयरलेस क्रिकेट दिखानी होगी। किसी खिलाड़ी को जिम्मेदारी उठानी होगी।