Author: bharati

  • द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया

    द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया


    नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । नेचुरल स्टार के नाम से मशहूर अभिनेता नानी का जन्मदिन इस बार और भी खास बन गया। फिल्म निर्माता-निर्देशक श्रीकांत ओडेला ने सोशल मीडिया पर बेहद इमोशनल पोस्ट के जरिए नानी को जन्मदिन की बधाई दी। यह पोस्ट न केवल प्यार और सम्मान का प्रतीक है बल्कि उनके बीच के गहरे विश्वास और सहयोग को भी दर्शाता है।

    श्रीकांत ओडेला वर्तमान में नानी के साथ ‘द पैराडाइज’ फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म के दौरान दोनों की दोस्ती और पेशेवर तालमेल और भी मजबूत हुआ। श्रीकांत ने एक्स पूर्व ट्विटर पर लिखा कि नानी ने हर बार उन्हें जोड़ा और हिम्मत दी। उन्होंने लिखा कि हर बार जब मैंने आपको तोड़ा, आपने मुझे बनाया अन्ना। मैंने सिनेमा के हर रूल को तोड़ा -आपके काम करने के पैटर्न, रिलीज डेट, काम करने का तरीका -सब कुछ। लेकिन हर बार जब मैंने आपको तोड़ा, आपने मुझे बनाया।

    फिल्म के सेट पर नानी ने हर डिमांड पर एक ही जवाब दिया – ओके रा नी इस्तम। चाहे वह चोटी बनवाने की बात हो, हाथ पर टैटू बनवाने की रिक्वेस्ट हो या अनगिनत रीटेक्स, नानी हमेशा इस जवाब के साथ सहमति जताते रहे। श्रीकांत ने लिखा कि उन्होंने जीवन में हर सेकंड यही सोचा कि नानी इतना भरोसा क्यों करते हैं और शायद ‘द पैराडाइज’ के साथ उन्हें इसका जवाब मिल जाएगा।

    श्रीकांत ने नानी को नन्नू नमिना ना धरणी कहकर सम्मानित किया, जिसका अर्थ है -जिसने मुझ पर भरोसा किया। उन्होंने आगे लिखा -हैप्पी बर्थडे नानी अन्ना। जिंदगी भर के लिए शुक्रगुजार हूं। इस संदेश में नानी और श्रीकांत के बीच के मजबूत बंधन और आपसी विश्वास की झलक साफ दिखाई देती है।

    द पैराडाइज श्रीकांत और नानी की दूसरी फिल्म है। इससे पहले उनकी फिल्म ‘दशहरा’ ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से खूब तारीफ बटोरी थी और बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की थी। इस बार अपकमिंग फिल्म में राघव जुयाल भी अहम रोल में नजर आएंगे।

    द पैराडाइज 21 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज होगी और यह हिंदी, तेलुगू के साथ तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, स्पेनिश और इंग्लिश में भी उपलब्ध होगी। फिल्म की मल्टी-लैंग्वेज रिलीज इसे व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के साथ नानी के फैन बेस को और मजबूत करेगी।

    फिल्म और पोस्ट दोनों ही इस बात का उदाहरण हैं कि नानी केवल स्क्रीन पर ही नहीं बल्कि सेट के पीछे भी अपने सहयोगियों के लिए कितने भरोसेमंद और प्रेरणादायक हैं। श्रीकांत का यह इमोशनल पोस्ट दर्शाता है कि एक मजबूत टीम और आपसी विश्वास ही किसी फिल्म को यादगार बनाते हैं।

  • नई दिल्ली घोषणापत्र: 91 देशों और वैश्विक संगठनों ने किया एआई सहयोग का ऐतिहासिक समर्थन

    नई दिल्ली घोषणापत्र: 91 देशों और वैश्विक संगठनों ने किया एआई सहयोग का ऐतिहासिक समर्थन


    नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ ने दुनिया भर के देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस घोषणापत्र में 91 देशों और वैश्विक संगठनों ने समर्थन दिया है।

    पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का समापन इस घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ। यह घोषणा एआई के उपयोग को आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और समावेशी प्रौद्योगिकी के लिए वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का एक संकेतक माना जा रहा है। प्रारंभ में 21 फ़रवरी 2026 तक 88 देशों और संगठनों ने इसका समर्थन किया था। इसके तुरंत बाद बांग्लादेश, कोस्टा रिका और ग्वाटेमाला के शामिल होने से इस संख्या बढ़कर 91 हो गई।

    घोषणापत्र का मूल संदेश ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत से प्रेरित है। इसका मकसद एआई के लाभ को पूरी मानवता तक समान रूप से पहुँचाना और तकनीकी असमानताओं को कम करना है। बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहु-हितधारक भागीदारी को मजबूत करना, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करना और भरोसेमंद तथा सुलभ ढांचे के माध्यम से एआई को आगे बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    घोषणापत्र में आर्थिक परिवर्तन में एआई की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। ओपन-सोर्स और सुलभ एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देना, ऊर्जा-कुशल एआई अवसंरचना का निर्माण और विज्ञान, शासन तथा सार्वजनिक सेवा वितरण में एआई की भूमिका को मजबूत करना इसमें शामिल हैं। इसके साथ ही वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और डिजिटल अवसंरचना तथा किफ़ायती कनेक्टिविटी के माध्यम से एआई की पूरी क्षमता का उपयोग सुनिश्चित करना भी प्रमुख बिंदु हैं।

    ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत के अनुसार, घोषणापत्र एआई संसाधनों की वहनीयता और पहुँच बढ़ाने के महत्व को स्वीकार करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी देश अपने नागरिकों के लिए एआई का विकास, अपनाना और उपयोग कर सकें। इसके अतिरिक्त, सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत एआई को बढ़ावा देना समाज और अर्थव्यवस्था के लिए विश्वास निर्माण की बुनियाद के रूप में देखा गया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह घोषणापत्र केवल तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक नीति और नैतिकता के स्तर पर भी एआई के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देता है। नई दिल्ली घोषणापत्र 91 देशों और संगठनों के हस्ताक्षर से यह संदेश देता है कि एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र की बात नहीं रही, बल्कि यह वैश्विक विकास, सामाजिक कल्याण और समान अवसरों की दिशा में एक साझा प्रयास बन गया है।

  • एमपी विधानसभा बजट सत्र में पत्थरबाजी पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित

    एमपी विधानसभा बजट सत्र में पत्थरबाजी पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 में आज एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब सदन में पत्थरबाजी के मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा प्रदर्शन हुआ। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर देना पड़ा। बजट सत्र के छठे दिन जब सदन पहुँच चुका था तब भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने अचानक ध्यान आकर्षण पेश करते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर दोनों जगह भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं जिसमें पत्थरबाजी भी शामिल रही और कुछ महिला कार्यकर्ता घायल भी हुई हैं। उन सभी घटनाओं पर चर्चा की आवश्यकता है।

    पांडे ने कहा कि “पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे और यह सब न सिर्फ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास है बल्कि मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की तरफ इशारा भी करता है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार-शनिवार होने के कारण उन घटनाओं के बारे में पहले सूचना नहीं दी जा सकी। जब विपक्ष से चर्चा शुरू करने की अपील की गई तब कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार किया और कहा कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है और इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मीकि ने सवाल उठाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए विवाद और हिंसा पर क्यों चर्चा नहीं कराई जा रही है इसके बजाय सदन में अलग मुद्दों को उछाला जा रहा है।

    एक समय ऐसा आया कि विपक्ष और सदस्यों के बीच आवाजें मिलने लगीं और सदन में व्यवधान बढ़ता गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा ताकि दोनों पक्ष संतुलित होकर फिर से चर्चा शुरू कर सकें। यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के बजट को पेश किया है जिसमें कई नई घोषणाएँ भी की गई हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट पर बात करते हुए सुरक्षा कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए जबकि सरकार इसे स्थानीय तनाव बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 में आज एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब सदन में पत्थरबाजी के मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा प्रदर्शन हुआ। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर देना पड़ा। बजट सत्र के छठे दिन जब सदन पहुँच चुका था तब भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने अचानक ध्यान आकर्षण पेश करते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर दोनों जगह भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं जिसमें पत्थरबाजी भी शामिल रही और कुछ महिला कार्यकर्ता घायल भी हुई हैं। उन सभी घटनाओं पर चर्चा की आवश्यकता है।

    पांडे ने कहा कि पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे और यह सब न सिर्फ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास है बल्कि मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की तरफ इशारा भी करता है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार-शनिवार होने के कारण उन घटनाओं के बारे में पहले सूचना नहीं दी जा सकी। जब विपक्ष से चर्चा शुरू करने की अपील की गई तब कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार किया और कहा कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है और इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मीकि ने सवाल उठाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए विवाद और हिंसा पर क्यों चर्चा नहीं कराई जा रही है इसके बजाय सदन में अलग मुद्दों को उछाला जा रहा है।

    एक समय ऐसा आया कि विपक्ष और सदस्यों के बीच आवाजें मिलने लगीं और सदन में व्यवधान बढ़ता गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा ताकि दोनों पक्ष संतुलित होकर फिर से चर्चा शुरू कर सकें।  यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के बजट को पेश किया है जिसमें कई नई घोषणाएँ भी की गई हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट पर बात करते हुए सुरक्षा कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए जबकि सरकार इसे स्थानीय तनाव बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

  • यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की नई राजनीति, ओमप्रकाश राजभर की बड़ी रैली

    यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की नई राजनीति, ओमप्रकाश राजभर की बड़ी रैली

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की राजनीति तेज हो गई है। मायावती के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले से प्रेरित अब ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में 10 हजार ब्राह्मणों की रैली कर अपनी रणनीति का ऐलान कर दिया। राजभर ने रैली में ब्राह्मणों के सम्मान में कसीदे पढ़े और नारे लगाए जय सुहेलदेव जय परशुराम साथ ही साफ कर दिया कि उनका निशाना समाजवादी पार्टी है।

    बीते 20 सालों में मायावती और बीएसपी ने ब्राह्मण-दलित गठजोड़ और दलित मुस्लिम फॉर्मूले के कई प्रयोग किए लेकिन 2022 में बीएसपी केवल एक सीट पर सिमट गई। ऐसे में ओमप्रकाश राजभर ने ओबीसी-ब्राह्मण गठजोड़ की नींव आजमगढ़ से रखी है जहां समाजवादी पार्टी का दबदबा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी रैली से आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटें एनडीए के पक्ष में जा सकती हैं।

    रैली में राजभर ने मुख्य रूप से तीन बातें कही: ब्राह्मण वर्ग की प्रबुद्धता और समाज में भूमिका यूजीसी गाइडलाइंस पर विश्वास और सुप्रीम कोर्ट की सहायता और ब्राह्मणों के प्रति सम्मानजनक संदेश। उनके प्रयास में बीजेपी और ब्राह्मण वर्ग को साधने की राजनीतिक रणनीति साफ झलक रही है। यूपी में ब्राह्मण आबादी लगभग 12 फीसदी है और सवर्ण आबादी 18-20 फीसदी इसलिए इसे साधना किसी भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।

    ब्राह्मणों की राजनीति पर नज़र डालें तो ओमप्रकाश राजभर के मंच पर अलग मंच लखनऊ में ब्रजेश पाठक द्वारा तिलक और पूजा और प्रयागराज में हुए अपमान का विरोध सभी संकेत देते हैं कि जातिगत सियासत सक्रिय है। समाजवादी पार्टी बीएसपी और बीजेपी की कोशिशें इस वोट बैंक को आकर्षित करने में लगी हैं। मायावती ने हाल ही में घोसखोर पंडत विवाद में हस्तक्षेप कर ब्राह्मणों का समर्थन किया। वहीं कांग्रेस ने फिलहाल खामोशी अख्तियार कर रखी है हालांकि अतीत में इसका जनाधार मजबूत था।

    यूपी की राजनीति में ब्राह्मण वोट बैंक अब नए दौर में सोशल इंजीनियरिंग 2.0 का केंद्र बन गया है। ओमप्रकाश राजभर के प्रयास समाजवादी पार्टी के गढ़ आजमगढ़ पर चुनौती और बीजेपी-बीएसपी के फॉर्मूले इसे और दिलचस्प बना रहे हैं। आने वाले चुनाव में ब्राह्मण वर्ग की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।

  • रीढ़ की तकलीफ के बावजूद नहीं रुकते शाहरुख,गोविंद नामदेव ने खोला किंग खान की मेहनत का राज

    रीढ़ की तकलीफ के बावजूद नहीं रुकते शाहरुख,गोविंद नामदेव ने खोला किंग खान की मेहनत का राज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेतागोविंद नामदेव ने हाल ही में सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने फैंस को हैरान भी किया और प्रेरित भी। गोविंद नामदेव के मुताबिक शाहरुख खान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, खासतौर पर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका काम करने का जज्बा जरा भी कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में अगर कोई शख्स 24 घंटे काम करने की क्षमता रखता है, तो वह शाहरुख खान हैं।

    गोविंद नामदेव ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में शाहरुख के प्रोफेशनल एटिट्यूड की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, एक ही बंदा है जो 24 घंटे काम करता है। सोना भी 3-4 घंटे, उसी में दंड-बैठक भी है, उद्घाटन भी करना है, डायलॉग भी याद करना है, कहीं परफॉर्म करने भी जाना है। मैं हैरान हो गया कि ये कैसा आदमी है। उनके अनुसार, शाहरुख की दिनचर्या बेहद व्यस्त होती है, लेकिन वह कभी थकान या दर्द का बहाना नहीं बनाते।

    दोनों कलाकारों ने साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी में साथ काम किया था, जिसका निर्देशनअज़ीज़ मिर्ज़ाने किया था। इस फिल्म में गोविंद नामदेव ने मुख्यमंत्री की भूमिका निभाई थी। उसी दौरान उन्होंने शाहरुख के काम करने के तरीके को करीब से देखा। गोविंद के मुताबिक, शाहरुख की ऊर्जा, समय की पाबंदी और काम के प्रति समर्पण उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।

    गोविंद नामदेव ने आगे बताया कि शाहरुख को रीढ़ की हड्डी की समस्या है और उन्हें शारीरिक रूप से काफी तकलीफ रहती है। उन्होंने कहा, फिजिकली बहुत ज्यादा प्रॉब्लम है, रीढ़ की हड्डी की दिक्कत है, लेकिन फिर भी वह रुकते नहीं हैं। गोविंद का कहना है कि शाहरुख कभी अपनी तकलीफों को जाहिर नहीं करते और उन्हें देखकर दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है कि मुश्किल हालात में भी कैसे काम के प्रति समर्पित रहा जाए।

    शाहरुख खान खुद भी पहले कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह लंबे समय तक घर पर खाली नहीं बैठ सकते। उनका मानना है कि ज्यादा ब्रेक लेने से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, इसलिए वह खुद को लगातार काम में व्यस्त रखते हैं। यही कारण है कि चाहे शूटिंग हो, प्रमोशन हो या कोई स्टेज परफॉर्मेंस शाहरुख हर जगह पूरी तैयारी और ऊर्जा के साथ नजर आते हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म King को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखाई देंगे। उनका लुक पहले ही सामने आ चुका है और फैंस को ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है। फिल्म की रिलीज इस साल दिसंबर में प्रस्तावित है।

    स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद शाहरुख का यह समर्पण दर्शाता है कि सुपरस्टार बनने के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और जुनून भी उतना ही जरूरी है। गोविंद नामदेव की बातों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शाहरुख खान सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक मिसाल हैं।

  • वानखेड़े में छक्कों का तूफान, वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे मुकाबले में T20 वर्ल्ड कप का नया महारिकॉर्ड

    वानखेड़े में छक्कों का तूफान, वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे मुकाबले में T20 वर्ल्ड कप का नया महारिकॉर्ड


    नई दिल्ली । मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले ने क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम और ज़िम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच हुए इस हाई-वोल्टेज मैच में छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि दर्शक गिनते रह गए। दोनों पारियों को मिलाकर कुल 31 छक्के लगे, जो T20 वर्ल्ड कप के किसी भी एक मैच में सर्वाधिक हैं। इससे पहले 30 छक्कों का रिकॉर्ड था, जो अब इतिहास बन चुका है।

    मैच की शुरुआत से ही कैरेबियाई बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने लंबी-लंबी हिट्स लगाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। पारी के दौरान मैदान के हर कोने में गेंद पहुंचती नजर आई। कुल 19 छक्के अकेले वेस्टइंडीज की ओर से लगे, जो एक पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्कों में शामिल हो गए। जवाब में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने भी संघर्ष किया और 12 छक्के जड़े, लेकिन टीम को 100 से ज्यादा रनों से हार झेलनी पड़ी।

    इससे पहले साल 2014 में सिलहट में खेले गए नीदरलैंड और आयरलैंड के मुकाबले में कुल 30 छक्के लगे थे। एक दशक से ज्यादा समय तक वह रिकॉर्ड कायम रहा, लेकिन अब वानखेड़े की इस रन बरसाती शाम ने उसे पीछे छोड़ दिया। दर्शकों के लिए यह मुकाबला किसी टी20 महोत्सव से कम नहीं था, जहां हर कुछ गेंदों के बाद स्टैंड्स में बैठी भीड़ जश्न मनाती दिखाई दी।

    वेस्टइंडीज की ओर से शिमरोन हेटमायर ने सबसे ज्यादा 7 कार्नर जड़कर मैच को यादगार बना दिया। कप्तान रोवमन पॉवेल ने 4 कार्नर लगाए, जबकि रोमारियो शेफर्ड ने 3 छक्के जड़े। शेरफेन रदरफोर्ड और जेसन होल्डर ने 2-2 विकेट लिए, वहीं ब्रैंडन किंग ने भी एक छक्का जड़ा। इस तरह कैरेबियाई टीम ने कुल 19 बार गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया।

    जिम्बाब्वे की ओर से ब्रैड इवांस ने 5 छक्कों के साथ सबसे ज्यादा योगदान दिया। कप्तान सिकंदर रजा और डियोन मायर्स ने 2-2 विकेट लगाए। इसके अलावा तडिवानाशे मारुमानी, टोनी मुनयोंगा और रिचर्ड नगारवा ने भी एक-एक छक्का जड़ा।

    हालांकि मुकाबला एकतरफा रहा, लेकिन छक्कों की यह बरसात क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं थी। T20 वर्ल्ड कप 2026 का यह मैच अब रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो चुका है और 31 छक्कों का यह आंकड़ा आने वाले वर्षों तक चुनौती बना रहेगा।

  • एटीएस ने पकड़ा फर्जी पासपोर्ट गिरोह, अफगान सहित 11 आरोपी गिरफ्तार

    एटीएस ने पकड़ा फर्जी पासपोर्ट गिरोह, अफगान सहित 11 आरोपी गिरफ्तार


    भोपाल। मध्य प्रदेश एटीएस ने 44 फर्जी पासपोर्ट से जुड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि विदेशी नागरिकों के लिए अस्तित्वहीन पतों पर पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया और रिश्वत देकर पासपोर्ट डिलीवरी बीच रास्ते में ही हासिल कर ली गई।

    एटीएस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद और जफर खान शामिल हैं। इसके अलावा पांच अफगान नागरिकों को कोलकाता से गिरफ्तार कर जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

    जांच में 300 मोतीनाला तालाब सदर, 410 उपरैनगंज और 870 छोटी ओमती जैसे पते फर्जी पाए गए। इसके बावजूद पुलिस वेरिफिकेशन दिखाकर पासपोर्ट जारी कर दिए गए। आरोपियों ने कथित तौर पर एक पोस्टमैन को लगभग तीन हजार रुपये देकर पासपोर्ट डाक वितरण से पहले ही हासिल कर लिए।

    मामले का खुलासा मुख्य आरोपी सोहबत खान की गिरफ्तारी के बाद हुआ। अगस्त 2025 में सोशल मीडिया पर एटी-47 के साथ तस्वीर साझा करने के आधार पर उसे पकड़ा गया। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसके अलावा दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदान और चंदन सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद की।

    एटीएस सूत्रों के मुताबिक गिरोह 2018-19 के दौरान अफगानिस्तान के काबुल से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचा था। एक आरोपी मेडिकल वीजा पर भारत आया, जबकि अन्य के अवैध प्रवेश की आशंका जताई गई। बाद में इनकी मुलाकात जबलपुर निवासी सोहबत खान से हुई, जिसने प्रति व्यक्ति ढाई लाख रुपये में भारतीय पासपोर्ट बनवाने का सौदा किया।

    इस प्रकरण ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबलपुर पुलिस ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। एटीएस ने बताया कि 10 अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेन-देन और संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।

  • सेमीफाइनल की राह अब भी खुली, T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के सामने 3 बड़े समीकरण

    सेमीफाइनल की राह अब भी खुली, T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के सामने 3 बड़े समीकरण


    नई दिल्ली । T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में टीम इंडिया की शुरुआत भले ही निराशाजनक रही हो लेकिन सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार ने भारतीय फैंस को झटका दिया वहीं वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 100 से ज्यादा रनों से हराकर नेट रन रेट की जंग को और कठिन बना दिया। मौजूदा हालात में ग्रुप 1 की चारों टीमों ने एक-एक मैच खेला है। दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम जीत के साथ आगे हैं जबकि भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में भारत के लिए आगे के दोनों मुकाबले करो या मरो जैसे हो गए हैं।

    पहला और सबसे सीधा सिनेरियो भारत के लिए राहत भरा है। अगर साउथ अफ्रीका अपनी बाकी दोनों मैच जीतकर 6 अंकों के साथ सुपर 8 खत्म करती है तो भारत को बस अपने शेष दोनों मुकाबले जीतने होंगे। इस स्थिति में भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहेगा और नेट रन रेट की चिंता किए बिना सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। वेस्टइंडीज अधिकतम 2 अंकों पर रुक जाएगी और जिम्बाब्वे बाहर हो जाएगी। यानी भारत को अपने प्रदर्शन के साथ-साथ साउथ अफ्रीका की निरंतर जीत की भी उम्मीद करनी होगी।

    दूसरा सिनेरियो थोड़ा पेचीदा है और यहीं नेट रन रेट की असली परीक्षा होगी। मान लीजिए साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज से हार जाए लेकिन जिम्बाब्वे को हरा दे। वहीं भारत अपने दोनों मैच जीत ले। तब साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज और भारत तीनों के 4-4 अंक हो जाएंगे। ऐसे में सेमीफाइनल की दो सीटों का फैसला नेट रन रेट से होगा। फिलहाल भारत इस मामले में पीछे है क्योंकि शुरुआती हार ने उसका औसत बिगाड़ दिया है। हालांकि एक सकारात्मक पहलू यह है कि भारत अपना आखिरी सुपर 8 मुकाबला सबसे अंत में खेलेगा जिससे उसे साफ पता होगा कि कितने अंतर से जीत दर्ज करनी है। बड़ी जीत यहां निर्णायक साबित हो सकती है।

    तीसरा सिनेरियो पूरी तरह साउथ अफ्रीका की हार पर निर्भर करता है। यदि साउथ अफ्रीका अपने दोनों शेष मैच वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे से हार जाती है तो वह केवल 2 अंकों पर सिमट जाएगी। ऐसे में भारत अगर अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है तो उसके 4 अंक हो जाएंगे। वेस्टइंडीज भी 4 अंकों तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में भारत और वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में पहुंचेंगे जबकि साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे बाहर हो जाएंगे। यहां नेट रन रेट की भूमिका सीमित हो सकती है यदि अंकों का अंतर स्पष्ट रहता है।

    साफ है कि भारत के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। एक और हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना होगा। बल्लेबाजी में मजबूती गेंदबाजी में धार और दबाव में संयम इन तीनों मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन ही टीम इंडिया को अंतिम चार में पहुंचा सकता है। समीकरण जटिल जरूर हैं लेकिन उम्मीद अभी कायम है।

  • सिहोरा पत्थरबाजी मामला: TI हटाए गए, प्रतीक्षा मार्को को सौंपा थाने का प्रभार

    सिहोरा पत्थरबाजी मामला: TI हटाए गए, प्रतीक्षा मार्को को सौंपा थाने का प्रभार

    जबलपुर जिले के सिहोरा में हाल ही में हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद टीआई पर कार्रवाई की गई है। सिहोरा के आजाद चौक इलाके में घरों और लोगों पर पत्थरबाजी करने वाले कई युवकों का वीडियो कैमरे में कैद हुआ था, जिसमें कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी पत्थरबाजी करते हुए दिखाई दिए थे।

    मामले में सिहोरा टीआई को हटाकर प्रतीक्षा मार्को को थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस घटना के बाद सिहोरा के हालात बिगड़ गए थे और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने कई पत्थरबाजों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है और अभी भी संदेहियों से पूछताछ जारी है।

    स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पत्थरबाजी जैसी हिंसक घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। नए प्रभारी टीआई प्रतीक्षा मार्को ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और पुलिस फोर्स को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

  • नर्मदापुरम में गोवंश तस्करी पर ग्रामीणों का आक्रोश, पिकअप में लगाई आग, ड्राइवर फरार

    नर्मदापुरम में गोवंश तस्करी पर ग्रामीणों का आक्रोश, पिकअप में लगाई आग, ड्राइवर फरार


    नर्मदापुरम /मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में गोवंश तस्करी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश इस बार उग्र रूप में सामने आया। आरी ढोडई गांव के पास सोमवार और मंगलवार की रात करीब 1:30 बजे ग्रामीणों ने एक पिकअप वाहन को रोक लिया, जिसमें दो गायें लदी हुई थीं। ग्रामीणों को संदेह हुआ कि इन गोवंशों को कत्लखाने या अवैध तरीके से ले जाया जा रहा है।

    ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गायों को वाहन से उतारा और लगभग आधे घंटे तक घटनाक्रम चलता रहा। आक्रोशित ग्रामीणों ने तस्करी के प्रयास में इस्तेमाल पिकअप वाहन में आग लगा दी। वहीं, ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

    सूचना मिलते ही माखन नगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके और उनके बल ने घटनास्थल का दौरा किया, लेकिन तब तक पिकअप पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ग्रामीणों ने कहा कि वे गौ-हत्या और गोवंश तस्करी के खिलाफ सतर्क हैं और ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुलिस अब फरार ड्राइवर की तलाश में लगी हुई है और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

    इस घटना ने नर्मदापुरम में गोवंश सुरक्षा और तस्करी के खिलाफ स्थानीय लोगों की गंभीर प्रतिक्रिया को उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ग्रामीणों को भी कानून के तहत कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है।