Author: bharati

  • भारत-यूके व्यापक व्यापार समझौते के नियम जारी, 15 जुलाई से शुरू होगा नया कारोबारी दौर, कंपनियों और निर्यातकों को मिलेंगी नई सुविधाएं

    भारत-यूके व्यापक व्यापार समझौते के नियम जारी, 15 जुलाई से शुरू होगा नया कारोबारी दौर, कंपनियों और निर्यातकों को मिलेंगी नई सुविधाएं


    नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने इससे जुड़े नियमों को अधिसूचित कर दिया है। यह नया ढांचा 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा और इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों के लिए नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलेगी।

    वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, समझौते के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि किसी उत्पाद को भारत या यूनाइटेड किंगडम में निर्मित तभी माना जाएगा, जब वह पूरी तरह संबंधित देश में तैयार किया गया हो, स्थानीय सामग्री से निर्मित हो या फिर निर्धारित उत्पाद-विशिष्ट मूल नियमों का पालन करते हुए तैयार किया गया हो। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारिक रियायतों का लाभ केवल पात्र उत्पादों को ही प्राप्त हो।

    केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी नियमों में उन शर्तों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर किसी उत्पाद को टैरिफ रियायतों के लिए योग्य माना जाएगा। साथ ही आयातकों और निर्यातकों के लिए आवश्यक अनुपालन प्रक्रियाएं भी निर्धारित की गई हैं। इन नियमों के लागू होने से सीमा शुल्क प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

    नए प्रावधानों के तहत दोनों देशों के बीच निर्मित उत्पादों के लिए ‘क्यूमुलेशन’ यानी मिला-जुला उत्पादन व्यवस्था को भी मान्यता दी गई है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी उत्पाद के निर्माण में दोनों साझेदार देशों की सामग्री या उत्पादन प्रक्रिया का उपयोग किया गया है, तो निर्धारित शर्तों के तहत उसे मूल उत्पाद का दर्जा दिया जा सकेगा। इससे दोनों देशों की कंपनियों के बीच औद्योगिक सहयोग और संयुक्त विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल साधारण रीपैकेजिंग, रीलेबलिंग, धुलाई, छंटाई, पॉलिशिंग, साधारण असेंबली अथवा अन्य सामान्य प्रक्रियाओं के आधार पर किसी उत्पाद को मूल उत्पाद का दर्जा नहीं मिलेगा। सीमा शुल्क अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच करने तथा नियमों का पालन नहीं करने वाले उत्पादों को व्यापारिक रियायतों से वंचित रखने का अधिकार भी दिया गया है। इससे समझौते के दुरुपयोग की संभावना को कम करने का प्रयास किया गया है।

    इन नियमों में उन आयातकों को भी राहत प्रदान की गई है जो आयात के समय किसी कारणवश टैरिफ लाभ का दावा नहीं कर पाए थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऐसे मामलों में बाद में भी पात्रता के आधार पर रियायत प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध रहेगा। इससे व्यापारिक समुदाय को अधिक लचीलापन और सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूके सीईटीए केवल व्यापारिक शुल्कों में राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग, नवाचार, विनिर्माण और पेशेवर सेवाओं के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा करेगा। दोनों देशों के उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ने से निर्यात क्षमता मजबूत होगी और भारतीय कंपनियों को विकसित अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। 15 जुलाई से नियम लागू होने के साथ ही भारत और यूनाइटेड किंगडम के आर्थिक संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत होने की उम्मीद है।

  • इंदौर में सनसनी, CHMO कार्यालय के पीछे मिला युवक का शव, सिर पर पत्थर से हमले के निशान

    इंदौर में सनसनी, CHMO कार्यालय के पीछे मिला युवक का शव, सिर पर पत्थर से हमले के निशान


    इंदौर । इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के पीछे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका के तहत मामले की जांच कर रही है।

    घटना पालिका प्लाजा के पीछे स्थित मंदिर के ओटले की है जहां सुबह स्थानीय लोगों ने करीब 45 वर्षीय एक व्यक्ति को मृत अवस्था में पड़ा देखा। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक के सिर पर पत्थर जैसी किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के स्पष्ट निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की कहीं और हत्या करने के बाद शव को इस स्थान पर लाकर फेंका गया हो सकता है। हालांकि पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है और मृतक की शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पहचान होने के बाद ही हत्या के पीछे की वजह और मृतक के संबंधों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकेगी।

    घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि देर रात या तड़के किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि कैमरों में कैद हुई है या नहीं। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण और घटना के समय का पता चल सकेगा। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

  • स्वास्थ्य क्षेत्र में अदाणी ग्रुप का बड़ा निवेश, न्यू टाउन में 2,000 बेड के मेगा हॉस्पिटल की तैयारी, 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए होंगे समर्पित

    स्वास्थ्य क्षेत्र में अदाणी ग्रुप का बड़ा निवेश, न्यू टाउन में 2,000 बेड के मेगा हॉस्पिटल की तैयारी, 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए होंगे समर्पित

    नई दिल्ली । देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश को नई दिशा देने की दिशा में अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के न्यू टाउन क्षेत्र में 2,000 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि अस्पताल के कुल 2,000 बेड में से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क उपचार के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। वहीं शेष 1,000 बेड का उपयोग व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए किया जाएगा।

    इस परियोजना को राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस यह अस्पताल न्यू टाउन और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बड़े स्तर पर उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण यह संस्थान क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल हो सकता है।

    गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए आधी क्षमता आरक्षित रखने की योजना इस परियोजना को सामाजिक दृष्टि से भी विशेष बनाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही निजी और सामाजिक स्वास्थ्य सेवाओं के संतुलित मॉडल के रूप में यह परियोजना भविष्य की स्वास्थ्य योजनाओं के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।

    अदाणी ग्रुप पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी सामाजिक भागीदारी का लगातार विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में समूह ने हाल ही में बिहार में अखंड ज्योति हॉस्पिटल और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से आंखों के उपचार और अनुसंधान को समर्पित एक विशेष केंद्र स्थापित करने की पहल की थी। इस संस्थान का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सुलभ और किफायती नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उपचार अधिक से अधिक लोगों तक उपलब्ध हो सके।

    इसी पहल के अंतर्गत नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञों, प्रशिक्षु चिकित्सकों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य भविष्य में देशभर में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि उपचार के साथ-साथ चिकित्सा प्रशिक्षण पर दिया जा रहा यह जोर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

    अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा केवल इलाज तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह लोगों के जीवन में विश्वास, सम्मान और नई उम्मीद लौटाने का माध्यम भी बनती है। समूह का मानना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    इससे पहले भी समूह विभिन्न सामाजिक स्वास्थ्य परियोजनाओं के माध्यम से सार्वजनिक चिकित्सा ढांचे को सहयोग देता रहा है। राजधानी दिल्ली में गुर्दा रोग उपचार सुविधाओं के विस्तार सहित कई स्वास्थ्य संबंधी पहलों में उसकी भागीदारी रही है। कोलकाता में प्रस्तावित यह नया अस्पताल भी उसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करते हुए जरूरतमंद वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद राज्य के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलने के साथ हजारों मरीजों को उन्नत और सुलभ उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

  • ई20 पेट्रोल को लेकर फैली अफवाहों पर केंद्र का बड़ा स्पष्टीकरण, भूटान को निर्यात के दावे खारिज, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील

    ई20 पेट्रोल को लेकर फैली अफवाहों पर केंद्र का बड़ा स्पष्टीकरण, भूटान को निर्यात के दावे खारिज, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील


    नई दिल्ली। भारत और भूटान के बीच ई20 पेट्रोल के निर्यात को लेकर सामने आई चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट और आधिकारिक रुख अपनाते हुए उन सभी दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि भूटान ने भारत से ई20 पेट्रोल आयात करने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। सरकार ने साफ किया कि इस तरह का कोई प्रस्ताव भूटान को भेजा ही नहीं गया था, इसलिए उसे ठुकराने का सवाल ही नहीं उठता। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों से सावधान रहने की अपील भी की गई है।

    सरकार के अनुसार, भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से भूटान को ई20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया गया है। ऐसे में यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन है कि पड़ोसी देश ने भारत के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। केंद्र ने कहा कि इस प्रकार की अपुष्ट खबरें लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं और वास्तविक तथ्यों से उनका कोई संबंध नहीं है।

    हाल के दिनों में कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि भूटान ने ई20 पेट्रोल को अपनाने से इनकार कर दिया है। इन रिपोर्ट्स में स्टोरेज से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों को इसकी वजह बताया गया था। हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई आधिकारिक संवाद या प्रस्ताव ही नहीं हुआ, इसलिए इन दावों को सही नहीं माना जा सकता।

    सरकार ने इस अवसर पर ई20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अन्य भ्रामक जानकारियों पर भी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय का कहना है कि ई20 ईंधन को लेकर यह प्रचार किया जा रहा है कि इससे वाहन खराब हो सकते हैं, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, प्रदूषण बढ़ता है या एथेनॉल उत्पादन में अत्यधिक पानी की खपत होती है। सरकार ने इन सभी दावों को वैज्ञानिक तथ्यों से परे और पूरी तरह निराधार बताया है।

    केंद्र के अनुसार, ई20 ईंधन पर देश के प्रमुख ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्थानों द्वारा व्यापक तकनीकी अध्ययन किए जा चुके हैं। इन अध्ययनों में कहीं भी यह निष्कर्ष सामने नहीं आया कि ई20 पेट्रोल वाहनों के लिए हानिकारक है। सरकार का कहना है कि तकनीकी परीक्षणों और विशेषज्ञों की रिपोर्टों के आधार पर ही देश में चरणबद्ध तरीके से एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल का उद्देश्य केवल पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता कम करना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना भी है। एथेनॉल जैविक स्रोतों से तैयार होने वाला ईंधन है, जिसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलती है। इससे वातावरण में शुद्ध कार्बन उत्सर्जन का स्तर घटाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि ई20 पेट्रोल या उससे जुड़े किसी भी विषय पर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के प्रसारित होने वाली खबरें भ्रम पैदा कर सकती हैं और सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए किसी भी जानकारी को सही मानने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करना आवश्यक है। सरकार ने दोहराया कि ई20 ईंधन को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का वास्तविक तथ्यों और वैज्ञानिक अध्ययनों से कोई संबंध नहीं है तथा इस संबंध में सभी निर्णय स्थापित तकनीकी मानकों और परीक्षणों के आधार पर ही लिए जा रहे हैं।

  • ईपीएफओ ने यूएएन से जुड़े नियमों में किया बड़ा बदलाव, अब पोर्टल पर नहीं मिलेगी एक्टिवेशन की सुविधा, पीएफ खाताधारकों के लिए बदली पूरी प्रक्रिया

    ईपीएफओ ने यूएएन से जुड़े नियमों में किया बड़ा बदलाव, अब पोर्टल पर नहीं मिलेगी एक्टिवेशन की सुविधा, पीएफ खाताधारकों के लिए बदली पूरी प्रक्रिया

    नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े करोड़ों खाताधारकों के लिए यूएएन सेवाओं की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के तकनीकी उन्नयन के बाद अब यूएएन एक्टिवेशन और नया यूएएन जारी करने की सुविधा पहले की तरह पोर्टल पर उपलब्ध नहीं रहेगी। इन सेवाओं को नई डिजिटल व्यवस्था के तहत स्थानांतरित किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, तेज और तकनीक आधारित बनाई जा सके।

    नए बदलाव के तहत यूएएन को सक्रिय करने और नया यूएएन प्राप्त करने के लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य पहचान सत्यापन को अधिक मजबूत बनाना और फर्जीवाड़े की संभावनाओं को कम करना है। नई प्रणाली के लागू होने के बाद सदस्यों को अपनी पहचान की पुष्टि डिजिटल माध्यम से करनी होगी, जिसके बाद ही संबंधित सेवा उपलब्ध होगी।

    तकनीकी अपग्रेड के साथ यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के इंटरफेस और प्रोसेसिंग सिस्टम में भी सुधार किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार यूएएन एक्टिवेशन, नया यूएएन जारी करने और पहली बार यूएएन प्राप्त करने जैसी सेवाओं की प्रक्रिया पूरी तरह नई डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित होगी। इससे डेटाबेस का बेहतर एकीकरण होगा और सेवाओं की गति तथा सुरक्षा दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

    जिन कर्मचारियों का यूएएन अभी तक सक्रिय नहीं हुआ है, उन्हें नई प्रक्रिया के तहत अपनी पहचान का डिजिटल सत्यापन कराना होगा। वहीं जिन कर्मचारियों को पहली बार यूएएन जारी किया जाना है, उनके लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सफल सत्यापन के बाद नया यूएएन संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि खाते से जोड़ दिया जाएगा, जिससे आगे की सभी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

    संगठन ने यूएएन भूल जाने वाले सदस्यों के लिए रिकवरी प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में अधिक सरल बनाया है। अब पंजीकृत मोबाइल नंबर के सत्यापन, आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी और पहचान संबंधी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद सदस्य अपना यूएएन दोबारा प्राप्त कर सकेंगे। इससे ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिन्हें लंबे समय बाद अपने खाते की जानकारी प्राप्त करनी होती है।

    हालांकि यूएएन से जुड़ी अधिकांश सेवाओं की प्रक्रिया नई व्यवस्था के अंतर्गत स्थानांतरित कर दी गई है, लेकिन ऑनलाइन डेथ क्लेम दाखिल करने की सुविधा पहले की तरह यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। इसके लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों का आकार और फाइल प्रारूप भी तय मानकों के अनुरूप होना आवश्यक होगा।

    तकनीकी उन्नयन के बाद शुरुआती दिनों में ऑनलाइन क्लेम और अन्य अनुरोधों के निपटारे में सामान्य से थोड़ा अधिक समय लग सकता है। अतिरिक्त सत्यापन और सिस्टम जांच के कारण यह स्थिति अस्थायी मानी जा रही है। सदस्यों को सलाह दी गई है कि एक ही अनुरोध को बार-बार जमा करने या अनावश्यक रूप से बार-बार लॉगिन करने से बचें, ताकि सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और सभी उपयोगकर्ताओं को सुचारु सेवाएं मिल सकें।

    नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य भविष्य निधि सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सत्यापन प्रणाली लागू होने से पहचान संबंधी धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और खाताधारकों को भविष्य में तेज, विश्वसनीय और अधिक सुरक्षित ऑनलाइन सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

  • भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी

    भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी


    भोपाल । भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज कार लूट के चर्चित मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर लूट की वारदात के रूप में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ी चैट मिली है। इसके साथ ही एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें एफआईआर में दर्ज लूट के समय से करीब दो घंटे बाद आरोपी और फरियादी एक ही ढाबे पर साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित आदित्य शर्मा उर्फ छोटू ने उसे परवलिया स्थित एक ढाबे पर बुलाया था। वहां आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मुईन और बुशरान भी मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सौरव की टाटा टियागो कार से भोपाल लौट रहे थे। आरोप है कि मनुआभान टेकरी के पास आदित्य ने दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर कार रुकवाई और इसके बाद चारों ने मारपीट कर कार लूट ली।

    हालांकि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज के अनुसार लूट की कथित वारदात के लगभग दो घंटे बाद सभी लोग परवलिया रोड स्थित उसी ढाबे पर एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी में दर्ज समय सही है या किसी तकनीकी कारण से उसमें गड़बड़ी है। इसके लिए ढाबा संचालक से भी पूछताछ की जाएगी।

    जांच में फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच हुई चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें पैसों के लेनदेन का जिक्र है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल कार लूट का नहीं बल्कि आर्थिक विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार फरियादी पहले एक मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़ा रहा है और इस मामले में उसे राजस्थान पुलिस पहले गिरफ्तार भी कर चुकी है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी भी उसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले में सट्टा कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों बुशरान और मुईन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मुख्य आरोपी आदित्य समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लूटी गई टाटा टियागो कार भी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों मोबाइल चैट सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि फरियादी का पुराना रिकॉर्ड सामने आया है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसके साथ मारपीट हुई और कार भी छीनी गई। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • MP के 70 हजार शिक्षकों को TET से राहत दिलाने सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग की नई कानूनी तैयारी

    MP के 70 हजार शिक्षकों को TET से राहत दिलाने सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग की नई कानूनी तैयारी


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी से राहत दिलाने के लिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों ने पहले ही सरकारी चयन परीक्षा पास कर अपनी नियुक्ति हासिल की थी। ऐसे में उन्हें दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न्यायसंगत नहीं होगा। इसी आधार पर राज्य सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

    सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2025 के फैसले के बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया था। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने अप्रैल में निर्देश जारी करते हुए जुलाई और अगस्त में पात्रता परीक्षा आयोजित कराने की प्रक्रिया शुरू की। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष से कम बची है उन्हें परीक्षा से छूट मिलेगी जबकि अन्य सभी शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य रहेगा। परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अदालत ने राहत देते हुए परीक्षा पास करने की अंतिम समय सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दी है।

    अब स्कूल शिक्षा विभाग का पूरा जोर वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त हुए करीब 70 हजार शिक्षकों को राहत दिलाने पर है। विभाग का तर्क है कि इन शिक्षकों की भर्ती व्यापम के माध्यम से आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर हुई थी और चयन प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी नियमों के अनुसार संपन्न हुई थी। इसलिए उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देना आवश्यक नहीं माना जाना चाहिए।

    सूत्रों के अनुसार विधि विभाग और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह लेने के बाद एक सप्ताह के भीतर नई याचिका दाखिल की जा सकती है। इसमें अदालत से अनुरोध किया जाएगा कि इन शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए क्योंकि वे पहले ही चयन प्रक्रिया पूरी कर नियमित नियुक्ति प्राप्त कर चुके हैं।

    हालांकि विभागीय अधिकारियों का यह भी मानना है कि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने की संभावना बहुत अधिक नहीं है क्योंकि अदालत पहले ही इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख जाहिर कर चुकी है। इसके बावजूद शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार यह कानूनी प्रयास कर रही है। यदि अदालत राहत देती है तो पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले लगभग आधे शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही टीईटी को लेकर 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर चुका है। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों का न्यूनतम शैक्षणिक मानकों को पूरा करना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार कानून और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार शिक्षक पात्रता परीक्षा शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

    अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की नई याचिका और सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि अदालत सरकार की दलीलों से सहमत होती है तो हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं यदि याचिका खारिज होती है तो वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।

  • भोपाल में निकली रॉयल एनफील्ड बाइक रैली, हेलमेट और ट्रैफिक नियमों के पालन का दिया प्रेरक संदेश

    भोपाल में निकली रॉयल एनफील्ड बाइक रैली, हेलमेट और ट्रैफिक नियमों के पालन का दिया प्रेरक संदेश


    भोपाल । भोपाल में रविवार को रॉयल एनफील्ड की ओर से आयोजित भव्य बाइक रैली ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस विशेष आयोजन की शुरुआत पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अपने कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर की। रैली में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 100 अनुभवी बाइकर्स और बाइकिंग समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल बाइक राइड करना नहीं बल्कि आम लोगों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूक करना था।

    रैली निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए आईएसबीटी तक पहुंची। पूरे सफर के दौरान सभी बाइकर्स ने ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए अनुशासित तरीके से राइडिंग की। हर राइडर ने हेलमेट पहनकर सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया और लोगों से भी जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की। सड़क पर मौजूद लोगों ने भी इस अनोखी रैली को उत्साह के साथ देखा और बाइकर्स का अभिवादन किया।

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र राजस्थान उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी रॉयल एनफील्ड प्रेमी शामिल हुए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाइकिंग समुदाय के बीच सुरक्षित राइडिंग की संस्कृति को मजबूत करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना था। रैली के दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि रोमांच और जिम्मेदारी दोनों साथ साथ चल सकते हैं यदि ट्रैफिक नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन किया जाए।

    रैली में शामिल पुणे के राइडर एरॉन डक्रूज ने बताया कि वह विशेष रूप से इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने भोपाल पहुंचे हैं। उनके अनुसार इस तरह के आयोजन केवल बाइकिंग का उत्सव नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें गति सीमा का पालन करें और सड़क पर स्वयं के साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

    भोपाल के राइडर सैफ खान ने बताया कि उनका राइडर्स ग्रुप शहर में लंबे समय से सक्रिय है और उसमें 200 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। उनका समूह नियमित रूप से सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार बाइकिंग को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि उनका एक ही संदेश है सेफ राइड सेफ लाइफ। उनका मानना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन करके ही दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    आज के समय में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसे जागरूकता अभियान बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बाइक रैली के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सुरक्षित सफर केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर वाहन चालक का नैतिक दायित्व भी है। यदि सभी लोग हेलमेट पहनें ट्रैफिक संकेतों का पालन करें और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं तो सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

  • भोपाल में होटल बना रणक्षेत्र: हथियारबंद बदमाशों ने मचाया आतंक, होटल कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा

    भोपाल में होटल बना रणक्षेत्र: हथियारबंद बदमाशों ने मचाया आतंक, होटल कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा


    भोपाल । भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय दहशत फैल गई जब बंगरसिया भोजपुर रोड स्थित एक होटल में 10 से 15 हथियारबंद बदमाश अचानक घुस आए। तलवार चाकू हॉकी और बेसबॉल बैट से लैस हमलावरों ने होटल के भीतर जमकर उत्पात मचाया और चार युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच बचाव करने पहुंचे होटल के शेफ और अन्य कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा गया। पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई जिससे अब पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी है।

    हमले में 24 वर्षीय लीलाधर कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी मेडिकल लीगल केस रिपोर्ट तैयार की गई जिसमें 10 से 12 लोगों के समूह द्वारा धारदार हथियारों से हमला किए जाने का उल्लेख किया गया है। एक अन्य घायल युवक का भी उपचार कराया गया है।

    घायल लीलाधर के अनुसार वह अपने तीन साथियों के साथ मंडीदीप स्थित फैक्ट्री में ड्यूटी पूरी करने के बाद रात में खाना खाने होटल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से बाइक चला रहे कुछ युवकों ने उन्हें टक्कर मार दी। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। जान बचाने के लिए चारों युवक होटल के भीतर चले गए लेकिन कुछ ही मिनटों बाद बड़ी संख्या में बदमाश हथियार लेकर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि हमलावरों ने होटल में घुसते ही युवकों पर हमला शुरू कर दिया। इसके बाद लीलाधर को घसीटकर बाहर ले जाया गया और उनकी गर्दन सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियारों से वार किए गए। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। पीड़ित का कहना है कि यदि उसने किसी तरह बचाव नहीं किया होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।

    घटना के दौरान होटल में मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों में अफरा तफरी मच गई। हमलावरों ने होटल के अंदर तोड़फोड़ भी की और बीच बचाव करने पहुंचे कर्मचारियों के साथ मारपीट की। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में साफ दिखाई दे रही है जिसमें हथियार लेकर होटल में घुसते और हमला करते बदमाश नजर आ रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने यह फुटेज पुलिस को सौंप दी है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद मिसरोद थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह और शामिल सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

  • बारिश में भीग गया स्मार्टफोन? घबराने की बजाय तुरंत अपनाएं ये आसान उपाय, सही समय पर उठाया कदम बचा सकता है आपका मोबाइल

    बारिश में भीग गया स्मार्टफोन? घबराने की बजाय तुरंत अपनाएं ये आसान उपाय, सही समय पर उठाया कदम बचा सकता है आपका मोबाइल

    नई दिल्ली । मानसून के मौसम में अचानक होने वाली बारिश अक्सर लोगों के स्मार्टफोन के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। बाहर निकलते समय जेब या बैग में रखा मोबाइल कई बार पानी की चपेट में आ जाता है। ऐसे में घबराकर जल्दबाजी में उठाया गया एक गलत कदम फोन को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। इसलिए मोबाइल भीगने के बाद सही तरीके अपनाना बेहद जरूरी होता है।

    अगर फोन बारिश में भीग जाए तो सबसे पहले उसे तुरंत स्विच ऑफ कर देना चाहिए। यदि डिवाइस पहले से बंद है तो उसे चालू करने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। पानी के संपर्क में आने के बाद फोन के अंदर शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में फोन ऑन रहने या बार-बार चालू करने का प्रयास करने से मदरबोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

    भीगे हुए मोबाइल को तुरंत चार्जिंग पर लगाना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। कई लोग यह जांचने के लिए कि फोन काम कर रहा है या नहीं, उसे चार्जर से जोड़ देते हैं। ऐसा करने से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है और फोन पूरी तरह खराब हो सकता है। इसलिए जब तक फोन पूरी तरह सूख न जाए, उसे चार्जिंग से दूर रखना ही सुरक्षित माना जाता है।

    फोन बंद करने के बाद सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड को बाहर निकाल लेना चाहिए। यदि मोबाइल की बैटरी निकालना संभव हो तो उसे भी अलग कर देना बेहतर रहता है। इससे डिवाइस के अंदर हवा का प्रवाह बढ़ता है और नमी जल्दी सूखने में मदद मिलती है। साथ ही सिम और मेमोरी कार्ड को भी संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।

    इसके बाद फोन के बाहरी हिस्से को साफ और सूखे सूती कपड़े या टिश्यू पेपर से धीरे-धीरे पोंछना चाहिए। स्क्रीन, बैक पैनल और किनारों पर मौजूद पानी को सावधानी से हटाएं। इस दौरान फोन को जोर से हिलाने या झटकने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पानी अंदर तक पहुंच सकता है और नुकसान बढ़ सकता है।

    मोबाइल को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर या किसी अन्य गर्म हवा वाले उपकरण का उपयोग नहीं करना चाहिए। तेज गर्म हवा फोन के अंदर मौजूद प्लास्टिक और अन्य संवेदनशील हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा हवा का दबाव पानी को बाहर निकालने के बजाय अंदर की ओर धकेल सकता है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।

    मानसून के दौरान मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए वॉटरप्रूफ कवर या सुरक्षित पाउच का इस्तेमाल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यदि फोन लंबे समय तक पानी में रहा हो या पूरी तरह सूखने के बाद भी सामान्य रूप से काम न करे, तो उसे स्वयं खोलने की बजाय सर्विस सेंटर में जांच कराना बेहतर रहेगा। सही समय पर बरती गई सावधानियां स्मार्टफोन को गंभीर नुकसान से बचाने के साथ उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में भी मदद करती हैं।