Author: bharati

  • फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव साझा करतीं त्रिधा चौधरी: पहचान बनाने के लिए करना पड़ता है संघर्ष

    फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव साझा करतीं त्रिधा चौधरी: पहचान बनाने के लिए करना पड़ता है संघर्ष


    नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले नए कलाकारों के लिए सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। पहचान बनाने की दौड़ में कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं और परिस्थितियों के अनुसार समझौते भी करने पड़ते हैं। इसी विषय पर अभिनेत्री त्रिधा चौधरी ने हाल ही में अपने अनुभव साझा करते हुए इंडस्ट्री की हकीकत पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री जरूर बदली है, लेकिन शुरुआती दौर में संघर्ष और समझौते आज भी वास्तविकता का हिस्सा हैं।

    त्रिधा चौधरी ने बताया कि आज के समय में नए कलाकार पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो गए हैं और किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके हर पहलू को समझने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि अब कलाकार केवल उत्साह में आकर निर्णय नहीं लेते, बल्कि करियर के दीर्घकालिक प्रभावों को ध्यान में रखकर सोच-समझकर कदम उठाते हैं। इसके बावजूद शुरुआती दौर में कई बार ऐसे हालात बनते हैं जहां उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है।

    अपने निजी अनुभव साझा करते हुए त्रिधा ने कहा कि उन्होंने कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया है, जहां कई बार उन्हें अपनी फीस में भी समझौता करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमेशा मजबूरी नहीं होती, बल्कि कई बार अनुभव, अवसर और बड़े बैनर के साथ काम करने की सीख को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया जाता है। उनके अनुसार बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना करियर को मजबूत करने में मदद करता है, भले ही शुरुआती चरण में कुछ समझौते करने पड़ें।

    उन्होंने यह भी बताया कि कई बार कलाकारों को तय समय से अधिक काम करना पड़ता है, लेकिन इसे इंडस्ट्री का हिस्सा माना जाता है। नए कलाकारों के लिए यह अनुभव सीखने का अवसर भी बन जाता है, क्योंकि बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने से उन्हें प्रोफेशनल माहौल को समझने का मौका मिलता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जो नए कलाकारों को शोषण जैसी लग सकती हैं, खासकर जब वे इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे होते हैं।

    त्रिधा चौधरी ने यह भी कहा कि बड़े बैनर और प्रोडक्शन हाउस कलाकारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल फिल्मों में काम का अवसर देते हैं, बल्कि प्रचार, पहचान और करियर को स्थिरता देने में भी मदद करते हैं। उनके अनुसार इंडस्ट्री का यह संतुलन समझना जरूरी है, जहां एक तरफ संघर्ष और समझौते हैं, वहीं दूसरी तरफ सीखने और आगे बढ़ने के अवसर भी मौजूद हैं।

    इन दिनों त्रिधा चौधरी अपनी नई फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और देश से जुड़े कई गंभीर विषयों को भी दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं और फिल्म को एक अलग गहराई देती हैं।

    कुल मिलाकर, त्रिधा चौधरी के इस बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के उस पहलू को सामने रखा है जहां नए कलाकारों को अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष, अवसर और समझौते—तीनों का सामना करना पड़ता है।

  • कान्स रेड कार्पेट पर चमकीं सनम सईद, मांगटीका और गजरे के साथ बना ग्लोबल फैशन मोमेंट

    कान्स रेड कार्पेट पर चमकीं सनम सईद, मांगटीका और गजरे के साथ बना ग्लोबल फैशन मोमेंट


    नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार एक ऐसा लुक देखने को मिला जिसने अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पाकिस्तानी अभिनेत्री सनम सईद ने जैसे ही रेड कार्पेट पर एंट्री ली, कैमरों की नजरें उन पर टिक गईं और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। उनका यह डेब्यू न केवल ग्लैमर का प्रदर्शन था, बल्कि पारंपरिक और आधुनिक फैशन के अनोखे मेल का भी एक खूबसूरत उदाहरण बन गया।

    सनम सईद ने इस खास मौके पर ऑफ-व्हाइट और ब्लू शेड की एक बैकलेस हैल्टर नेक ड्रेस पहनी, जिसमें सिल्वर एम्बेलिशमेंट और मिरर वर्क की बारीक कारीगरी की गई थी। फ्लोई डिजाइन और लेयर्ड सिल्हूट ने उनके पूरे लुक को एक रॉयल और ग्रेसफुल अपील दी। यह आउटफिट न सिर्फ ग्लैमर से भरपूर था, बल्कि इसमें भारतीय उपमहाद्वीप की पारंपरिक कढ़ाई की झलक भी साफ दिखाई दे रही थी, जिसने इसे और खास बना दिया।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ड्रेस को तैयार करने में कई कारीगरों की महीनों की मेहनत शामिल रही। बारीक जरदोजी और हैंडवर्क ने इसे एक आर्ट पीस का रूप दिया, जिसे रेड कार्पेट के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया था। फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि यह लुक मॉडर्न ग्लोबल स्टाइल और ट्रेडिशनल क्राफ्ट का बेहतरीन संगम है, जिसने कान्स के मंच पर एक अलग पहचान बनाई।

    सनम सईद के लुक का सबसे आकर्षक हिस्सा उनकी स्टाइलिंग रही। उन्होंने अपने बालों को एक स्लीक बन में बांधा और उसमें सफेद फूलों का गजरा लगाया, जिसने उनके पूरे लुक में एक देसी और पारंपरिक चार्म जोड़ दिया। इसके साथ माथे पर सजा मांगटीका और स्टेटमेंट ईयर कफ ज्वेलरी ने उनके लुक को पूरी तरह से रॉयल टच दिया। यह संयोजन पश्चिमी फैशन प्लेटफॉर्म पर भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य की एक मजबूत प्रस्तुति के रूप में देखा जा रहा है।

    मेकअप के मामले में भी उन्होंने सादगी और एलिगेंस को चुना। न्यूड बेस, सॉफ्ट ब्राउन स्मोकी आईज और न्यूड लिप शेड ने उनके फीचर्स को उभारते हुए लुक को संतुलित बनाए रखा। उनका यह सॉफ्ट ग्लैम स्टाइल पूरे आउटफिट की भव्यता के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था, जिससे उनका व्यक्तित्व और भी प्रभावशाली नजर आया।

    रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए। फैशन प्रेमियों और दर्शकों ने उनके देसी-रॉयल लुक की जमकर सराहना की। कई लोगों ने इसे कान्स के सबसे यादगार फैशन मोमेंट्स में से एक बताया। हर तस्वीर में उनका आत्मविश्वास और ग्रेस साफ झलक रहा था, जिसने उन्हें वैश्विक फैशन चर्चा का केंद्र बना दिया।

    कुल मिलाकर, सनम सईद का यह कान्स डेब्यू न केवल उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कैसे पारंपरिक और आधुनिक फैशन को मिलाकर एक नया वैश्विक स्टाइल स्टेटमेंट तैयार किया जा सकता है।

  • अदिति राव हैदरी का कान्स 2026 लुक वायरल, हाई स्लिट गाउन में बिखेरा ग्लैमर

    अदिति राव हैदरी का कान्स 2026 लुक वायरल, हाई स्लिट गाउन में बिखेरा ग्लैमर


    नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार भी भारतीय सितारों ने अपनी मौजूदगी से खास पहचान बनाई है। इसी बीच अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने अपने बेहद ग्लैमरस और स्टाइलिश लुक से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पहले दिन पारंपरिक साड़ी में नजर आने के बाद, अदिति ने अपने दूसरे लुक में ऐसा अंदाज अपनाया जिसने रेड कार्पेट पर फैशन प्रेमियों को प्रभावित कर दिया।

    अदिति राव हैदरी इस बार नियॉन मेटैलिक ग्रीन वन-शोल्डर गाउन में नजर आईं, जो अपनी डिजाइन और चमकदार फिनिश के कारण तुरंत चर्चा में आ गया। हाई स्लिट डिजाइन वाले इस गाउन ने उनके लुक में बोल्डनेस और एलिगेंस का बेहतरीन संतुलन पेश किया। वहीं पीछे लगी लंबी केप ने उनके पूरे लुक को रॉयल टच दिया, जिससे उनका अंदाज और भी प्रभावशाली नजर आया।

    यह खास आउटफिट मशहूर डिजाइनर के स्प्रिंग और समर कलेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसे रेड कार्पेट की भव्यता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था। गाउन का मेटैलिक टोन और अनोखा कट अदिति के व्यक्तित्व के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था, जिससे उनका लुक फोटोग्राफर्स और दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया।

    अदिति के इस लुक को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे पुराने हॉलीवुड ग्लैमर से जोड़कर देखा। हालांकि उन्होंने इस ग्लैमर को आधुनिक फैशन टच के साथ पेश किया, जिससे उनका स्टाइल और भी यूनिक बन गया। उनके इस अवतार में आत्मविश्वास और सादगी दोनों का सुंदर मिश्रण देखने को मिला, जिसने फैशन प्रेमियों को काफी प्रभावित किया।

    स्टाइलिंग के मामले में अदिति ने अपने लुक को काफी संतुलित रखा। उन्होंने भारी ज्वेलरी की बजाय एक सादे और एलिगेंट डायमंड नेकलेस को चुना, जिससे उनका गाउन और अधिक उभरकर सामने आया। हल्का मेकअप और गोल्डन फुटवियर ने उनके पूरे लुक को परफेक्ट फिनिश दिया, जिससे वह रेड कार्पेट पर एक रॉयल अपीयरेंस देती नजर आईं।

    सोशल मीडिया पर अदिति राव हैदरी के इस लुक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस उनके फैशन सेंस, ग्रेस और एलिगेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने उनके देसी और वेस्टर्न दोनों लुक्स को सराहा, जो उन्होंने इस इवेंट में पेश किए।

    कान्स फिल्म फेस्टिवल में अदिति का यह अंदाज एक बार फिर साबित करता है कि वह न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, बल्कि फैशन के मामले में भी एक मजबूत पहचान रखती हैं। उनका यह ग्रीन गाउन लुक लंबे समय तक कान्स 2026 के यादगार फैशन मोमेंट्स में शामिल रहेगा।

  • आरती के दौरान विवाद बढ़ा, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने उठाया कदम

    आरती के दौरान विवाद बढ़ा, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने उठाया कदम

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर आरती के दौरान अचानक ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने पूरे परिसर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। किन्नर अखाड़े की तेलंगाना शाखा की महामंडलेश्वर साध्वी काली नंद गिरी और मंदिर के पुजारियों व सुरक्षा कर्मियों के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

    जानकारी के अनुसार, साध्वी काली नंद गिरी दोपहर 12 बजे की आरती में शामिल होने मंदिर पहुंची थीं। आरती के दौरान भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें किनारे हटने के लिए कहा गया, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके। इसी बात को लेकर साध्वी आक्रोशित हो गईं और मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद साध्वी ने विरोध स्वरूप अपनी कार से पेट्रोल लाकर खुद पर डाल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। यह देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया और एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से एक गेट को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया, जबकि दूसरे गेट से दर्शन व्यवस्था जारी रखी गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई और जीवाजीगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए साध्वी को समझाइश दी और उन्हें थाने ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    मंदिर प्रशासन का कहना है कि आरती के दौरान भारी भीड़ थी और केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए साध्वी से थोड़ा किनारे होने का अनुरोध किया गया था। इसी साधारण व्यवस्था संबंधी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किन परिस्थितियों में इतना गंभीर हुआ। प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • सरकार में परफॉर्मेंस रिव्यू मीटिंग, आज तय होंगे कामकाज के नए फोकस

    सरकार में परफॉर्मेंस रिव्यू मीटिंग, आज तय होंगे कामकाज के नए फोकस


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने से ठीक पहले आज भोपाल में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने जा रही है, जिसमें मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत आकलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व कार्यालय में मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे।

    इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के गठन (दिसंबर 2023) से लेकर अब तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन करना और आने वाले ढाई साल के लिए नए लक्ष्य तय करना है। हर मंत्री को अपने विभाग का पूरा रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उपलब्धियां और अधूरे कार्य दोनों शामिल रहेंगे।

    बैठक में सबसे पहले प्रभार वाले जिलों में विभिन्न समितियों के गठन की स्थिति पर सवाल उठाए जाएंगे। दिशा समिति, जनभागीदारी समिति, जिला स्तरीय समन्वय समिति और मॉनिटरिंग कमेटी जैसी व्यवस्थाओं के गठन और उनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कौन सी समितियां सक्रिय हैं और कौन सी अब तक अधूरी हैं।

    इसके अलावा मंत्रियों से उनके प्रभार वाले क्षेत्रों और स्वयं की विधानसभा सीटों की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होगी। खासकर हारी हुई सीटों पर संगठन की रणनीति, बूथ स्तर की स्थिति और विपक्ष की गतिविधियों पर फोकस रहेगा।

    बैठक में यह भी पूछा जाएगा कि मंत्रियों ने अपने विभागों में किन समस्याओं का सामना किया, कौन सी नई पहल की और कहां सुधार की जरूरत है। कुछ मंत्री अफसरों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें भी रख सकते हैं।

    आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारियों की समीक्षा होगी। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उनके जिलों में चुनावी स्थिति कैसी है, कौन से क्षेत्र मजबूत हैं और किन जगहों पर रणनीति बदलने की जरूरत है।

    साथ ही प्रत्येक मंत्री से यह रिपोर्ट ली जाएगी कि मुख्यमंत्री संकल्प पत्र के तहत दिए गए लक्ष्यों में से कितने पूरे हुए हैं और कितने अभी लंबित हैं। निगम, मंडल और बोर्ड के साथ समन्वय की स्थिति भी जांची जाएगी।

    राज्यमंत्रियों के साथ कार्य विभाजन को लेकर भी स्पष्टता मांगी जाएगी कि कौन-कौन से कार्य कैबिनेट स्तर पर देखे जा रहे हैं और कौन से राज्यमंत्री संभाल रहे हैं।

    बैठक में मंत्रियों के दौरे, जनसंपर्क, विकास कार्यों की समीक्षा और प्रमुख योजनाओं जैसे लाड़ली बहना, किसान कल्याण, गृह प्रवेश योजना आदि में उनकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

    अंत में प्रभार वाले जिलों की प्रमुख समस्याओं जैसे जल संकट, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पर समाधान की रणनीति भी प्रस्तुत करनी होगी। यह बैठक सरकार के अगले ढाई साल की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

  • नया वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ दुनिया बढ़ रही है, अमेरिका-इजरायल दबाव बेअसर होगा: ईरान का बड़ा दावा, गालिबाफ ने दिया सख्त संदेश

    नया वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ दुनिया बढ़ रही है, अमेरिका-इजरायल दबाव बेअसर होगा: ईरान का बड़ा दावा, गालिबाफ ने दिया सख्त संदेश



    नई दिल्ली। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि दुनिया अब एक नए वैश्विक व्यवस्था (New World Order) की ओर बढ़ रही है और पश्चिमी देशों का दबदबा तेजी से कमजोर हो रहा है।

    गालिबाफ ने दावा किया कि भविष्य अब ग्लोबल साउथ और विकासशील देशों का होगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने हाल के समय में अमेरिका और इजरायल के दबाव के खिलाफ जो प्रतिरोध दिखाया है, उसने इस वैश्विक बदलाव की गति को और तेज कर दिया है।

    उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बयान का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया में ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है और शक्ति का संतुलन बदल रहा है। गालिबाफ ने यह भी कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था अब पुराने ढांचे पर टिक नहीं सकती।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए गालिबाफ ने कहा कि ईरान का प्रतिरोध उस बदलाव का हिस्सा है, जो आने वाले समय में वैश्विक राजनीति को नई दिशा देगा। उनका दावा है कि अब वे देश आगे बढ़ेंगे जिन्हें पहले पश्चिमी प्रभाव में माना जाता था।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक मंच पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव, व्यापार युद्ध और ताइवान जैसे मुद्दों को लेकर पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात में भी वैश्विक शक्ति संतुलन पर चर्चा हुई थी।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का यह बयान सिर्फ राजनीतिक संदेश नहीं बल्कि पश्चिमी दबदबे को चुनौती देने की रणनीतिक कोशिश भी माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

  • जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा

    जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा


    उज्जैन । उज्जैन के योगीपुरा क्षेत्र में रामघाट जाने वाली गली में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान शनिवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी से की जा रही कार्रवाई के बीच अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पूरा परिवार बेघर हो गया।

    गिरा हुआ मकान राजेंद्र राव सावदेकर का बताया जा रहा है, जो मकान क्रमांक-12 में रहते थे। मकान गिरने से घर में रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे, गीजर, पानी की टंकी, किराना सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मकान ढहते और मलबा सड़क पर फैलते हुए दिखाई दे रहा है।

    हादसे के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था, क्योंकि खतरे को देखते हुए वे पहले ही रिश्तेदार के घर चले गए थे। हालांकि जब सुबह उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और अपने टूटे हुए घर को देखकर सदमे में आ गए।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन की ओर से न तो स्पष्ट सूचना दी गई और न ही सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि पहले चौड़ीकरण 7 फीट बताया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 10 फीट कर दिया गया और इसी दौरान बिना किसी चेतावनी के मकान तोड़ दिया गया।

    स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। कई रहवासियों ने अपने घर खाली कर दिए हैं, क्योंकि आसपास के मकानों में दरारें और धंसने की स्थिति देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 15 परिवार इस चौड़ीकरण कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं।

    पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगभग 25 लाख रुपए के नुकसान का दावा करते हुए मुआवजे की मांग की है। वहीं पीड़ित की मां ने रोते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया और अब वे सड़क पर आ गए हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की अपील की है।

    दूसरी ओर भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का काम भी शुरू किया जा रहा है।

  • AI Kill Switch: इमरजेंसी में एक बटन से बंद हो सकेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्रिटेन और अमेरिका में बढ़ी हलचल

    AI Kill Switch: इमरजेंसी में एक बटन से बंद हो सकेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्रिटेन और अमेरिका में बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव और संभावित खतरों को देखते हुए अब इसे नियंत्रित करने के लिए “किल स्विच” यानी आपातकालीन शटडाउन सिस्टम की मांग तेज हो गई है। ब्रिटेन और अमेरिका में इस दिशा में नीतिगत चर्चा शुरू हो चुकी है।

    ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सांसद एलेक्स सॉबेल समेत 11 अन्य सांसदों ने सरकार को एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें कहा गया है कि गंभीर आपात स्थिति में टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी को यह अधिकार होना चाहिए कि वह AI सिस्टम और डेटा सेंटर को तुरंत बंद कर सकें।

    प्रस्ताव के मुताबिक, अगर AI सिस्टम से मानव जीवन, राष्ट्रीय सुरक्षा या महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरा पैदा होता है, तो उसे “इमरजेंसी स्थिति” माना जाएगा और ऐसे हालात में सिस्टम को तत्काल बंद करने की अनुमति होनी चाहिए। अगर यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो कंपनियों को ऐसे तकनीकी सिस्टम विकसित करने होंगे जिससे सरकारी आदेश पर डेटा सेंटर तुरंत बंद किए जा सकें।

    इस बीच अमेरिका में भी इसी तरह की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई नेताओं ने AI को नियंत्रित करने के लिए “किल स्विच” की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि AI के तेजी से बढ़ते विकास को बिना नियंत्रण छोड़ना भविष्य के लिए खतरा बन सकता है।

    ट्रंप और कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए तो यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि मानवता के अस्तित्व पर भी सवाल खड़ा हो जाए।

    हाल के समय में AI तकनीक बेहद तेजी से विकसित हुई है। कुछ नए मॉडल्स को लेकर यह भी दावा किया गया है कि वे सिस्टम और सॉफ्टवेयर तक को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण बड़ी टेक कंपनियां फिलहाल इन्हें सीमित या नियंत्रित तरीके से ही इस्तेमाल कर रही हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, AI के बढ़ते प्रभाव के बीच “सेफ्टी बैलेंस” सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सरकारें अब इस दिशा में कानून और तकनीकी नियंत्रण दोनों पर काम कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

  • प्यार, परिवार और सरप्राइज: कटरीना कैफ ने विक्की के जन्मदिन पर शेयर की खास तस्वीरें

    प्यार, परिवार और सरप्राइज: कटरीना कैफ ने विक्की के जन्मदिन पर शेयर की खास तस्वीरें

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के चर्चित कपल कटरीना कैफ और विक्की कौशल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है विक्की कौशल का जन्मदिन, जिसे कटरीना कैफ ने बेहद खास और भावनात्मक अंदाज में मनाया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इस पोस्ट ने फैंस का ध्यान खींच लिया है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें उनके बेटे विहान की पहली झलक भी देखने को मिली।

    कटरीना कैफ ने अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले कुछ सालों में उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है और अब वह और विक्की अपने बेटे के साथ एक नई और खूबसूरत जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने भावुक शब्दों में बताया कि यह समय उनके लिए बेहद खास है और वह इस परिवारिक खुशी के लिए खुद को बेहद भाग्यशाली महसूस करती हैं। कटरीना ने विक्की को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा बताते हुए कहा कि वह उनके जीवन में प्यार, रोशनी और ताकत का स्रोत हैं।

    पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरों में कपल बेहद खुश नजर आया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है, जिसमें दोनों अपने बेटे विहान के साथ दिखाई दिए। हालांकि कपल ने अपने बेटे का चेहरा पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन फिर भी यह झलक फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं रही। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है और लोगों में इसे देखने को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है।

    कटरीना ने अपने पोस्ट में विक्की कौशल की खूबियों का भी मजेदार अंदाज में जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि विक्की अब कई विषयों के जानकार बन चुके हैं और उनके हर सवाल का धैर्यपूर्वक जवाब देते हैं। कटरीना के मुताबिक, यह छोटी-छोटी बातें ही उनके रिश्ते को और मजबूत बनाती हैं और उन्हें विक्की से और ज्यादा जुड़ाव महसूस होता है।

    उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में एक हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी लिखा कि वह चाहती हैं कि विक्की को सुबह की शुरुआत में थोड़ी शांति और आराम मिले, ताकि वह दिन की शुरुआत सुकून के साथ कर सकें। उनका यह मजाकिया संदेश भी फैंस को काफी पसंद आया और सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।

    विक्की कौशल और कटरीना कैफ ने दिसंबर 2021 में राजस्थान में शाही अंदाज में शादी की थी। शादी के बाद से ही दोनों बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा जोड़ियों में शामिल हैं। पिछले साल उनके बेटे विहान के जन्म ने उनके जीवन में नई खुशियां जोड़ दीं और अब यह परिवार अपने निजी और खूबसूरत पलों को नए अंदाज में जी रहा है।

    विक्की के जन्मदिन पर कटरीना का यह प्यार भरा संदेश न सिर्फ उनके रिश्ते की मजबूती को दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्टारडम के बीच भी वे एक सामान्य और भावनात्मक पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता देते हैं।

  • बिना NOC चल रहा था प्लांट? प्रदूषण और फायर सेफ्टी पर उठे सवाल

    बिना NOC चल रहा था प्लांट? प्रदूषण और फायर सेफ्टी पर उठे सवाल


    जबलपुर जबलपुर के गोसलपुर क्षेत्र में स्थित इको फ्यूल बायोमास प्लांट में शुक्रवार शाम लगी भीषण आग को 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो नुकसान का अंतिम पंचनामा तैयार हुआ है और न ही किसी की स्पष्ट जिम्मेदारी तय हो सकी है। यह हादसा अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता नजर आ रहा है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्लांट के संचालन के लिए आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फायर सेफ्टी एनओसी तक मौजूद नहीं थी। इसके बावजूद प्लांट लंबे समय से संचालित हो रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा मामला उजागर हुआ है।

    घटना उस समय हुई जब गेहूं की नरवाई (फसल अवशेष) के बड़े-बड़े बंडल खुले मैदान में रखे थे। अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि आग पास स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप और बीपीसीएल के गैस गोदाम तक नहीं पहुंची, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

    प्रशासन की तत्परता के बावजूद घटना के 24 घंटे बाद तक नरवाई के ढेरों में धुआं और सुलगन जारी रही। दमकल दल लगातार कूलिंग में जुटे रहे, जबकि अधिकारी मौके पर निरीक्षण करते रहे।

    जानकारी के अनुसार, प्लांट का संचालन ग्राम पंचायत से सामान्य एनओसी लेकर शुरू किया गया था, जबकि बड़े औद्योगिक संचालन के लिए जरूरी अनुमति प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पहले भी यहां आग लगने की छोटी घटनाएं हो चुकी थीं, लेकिन सुरक्षा उपायों में सुधार नहीं किया गया।

    करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बने इस प्लांट के लिए बैंक से ऋण भी लिया गया था और शासन से सब्सिडी मिलने की बात भी सामने आई है। ऐसे में बिना मानक सुरक्षा व्यवस्था के इतने संवेदनशील प्लांट का संचालन अब कई सवाल खड़े कर रहा है।

    सबसे गंभीर सवाल यह है कि इतने बड़े औद्योगिक यूनिट के पास स्थित पेट्रोल पंप और गैस गोदाम जैसे हाई-रिस्क क्षेत्र में भी किसी भी स्तर पर आपत्ति दर्ज नहीं की गई।

    फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है, लेकिन दो दिन बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर आग कैसे लगी और इसके लिए वास्तविक जिम्मेदार कौन है।