Author: bharati

  • नाइजीरिया में खदान में हुआ जहरीली गैस का रिसाव…. 37 लोगों की मौत, 26 घायल

    नाइजीरिया में खदान में हुआ जहरीली गैस का रिसाव…. 37 लोगों की मौत, 26 घायल


    अबुजा।
    उत्तर-मध्य नाइजीरिया (North-central Nigeria) में एक खदान में जहरीली गैस (Poisonous Gas.) के रिसाव से कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 26 अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रवक्ता अल्फ्रेड अलाबो (Alfred Alabo) ने एक बयान में बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के पठार राज्य के वासे क्षेत्र में स्थित कम्पानी जुरक समुदाय में हुई।

    उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि खनिकों को लेड ऑक्साइड और इससे जुड़ी अन्य गैसों जैसे सल्फर तथा कार्बन मोनोऑक्साइड के अचानक रिसाव का सामना करना पड़ा, जो मनुष्यों के लिए बेहद विषाक्त और खतरनाक होती हैं। खासकर बंद या खराब हवादार जगहों में इन गैसों का प्रभाव जानलेवा साबित होता है।

    अलाबो ने आगे बताया कि मृतकों के शवों को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। फिलहाल नाइजीरिया सरकार ने खनन स्थल को सील कर दिया है और रिसाव के कारणों की जांच जारी है। ठोस खनिज विकास मंत्री डेले अलाके ने एक बयान में कहा कि खनिक खनन के दौरान जहरीली गैस के उत्सर्जन से अनजान थे और उन्होंने अपना काम जारी रखा, जिस कारण यह हादसा हुआ।

    फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उस जगह पर किस खनिज का खनन हो रहा था और क्या खदान कानूनी रूप से संचालित थी। नाइजीरिया सरकार देश भर में सोने और अन्य खनिजों के अवैध खनन पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है, जिसमें पिछले कई वर्षों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

  • भारत ने बनाई घातक मिसाइलों से लैस तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी, नौसेना के बेड़े में जल्द होगी शामिल

    भारत ने बनाई घातक मिसाइलों से लैस तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी, नौसेना के बेड़े में जल्द होगी शामिल

    नई दिल्ली। भारत (India) अपनी समुद्री सैन्य शक्ति और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता

    submarine

    को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु-सक्षम पनडुब्बी (Indigenous Nuclear-Capable Submarine) (SSBN), INS अरिधमन (S4) इस साल अप्रैल-मई तक नौसेना (Navy) में शामिल होने की संभावना है।


    भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक’ क्षमता में बड़ा इजाफा

    भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने पिछले दिसंबर में संकेत दिया था कि INS अरिधमन को 2026 में कमीशन किया जाएगा। वर्तमान में यह पनडुब्बी अपने समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है।

    INS अरिधमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास पहली बार तीन परिचालन परमाणु पनडुब्बियां होंगी। यह भारत को ‘कंटीन्यूअस एट-सी डिटरेंस’ की रणनीति हासिल करने के करीब ले जाएगा, जिसका अर्थ है कि साल के 365 दिन भारत की कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में गश्त पर तैनात रहेगी।


    INS अरिधमन: क्यों है यह खास?

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विशाखापत्तनम में निर्मित यह पनडुब्बी अपने पूर्ववर्तियों (INS अरिहंत और INS अरिघात) की तुलना में अधिक घातक और एडवांस है।

    बड़ा आकार और क्षमता: अरिधमन का वजन 7,000 टन है, जबकि पिछली पनडुब्बियां 6,000 टन की थीं।

    हथियार प्रणाली: यह पनडुब्बी K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस होगी, जिसकी मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है। इसके अलावा, यह 24 K-15 ‘सागरिका’ मिसाइलों (750 किमी रेंज) को भी ले जा सकती है।

    इंजन और तकनीक: इसमें 83 मेगावाट का प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर लगा है। दुश्मन की नजरों से बचने के लिए इसमें उन्नत ‘एनेकोइक टाइल्स’ लगाई गई हैं, जो शोर को कम करती हैं और इसे रडार की पकड़ से दूर रखती हैं।

    स्वदेशी सेंसर: बेहतर लक्ष्य पहचान के लिए इसमें भारत में विकसित ‘उषस’ (USHUS) और ‘पंचेंद्रिय’ सोनार सिस्टम लगाए गए हैं।


    क्षेत्रीय सुरक्षा जरूरी

    भारत की यह तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में सैन्य संतुलन बदल रहा है।
    पाकिस्तान की तैयारी: पाकिस्तान चीन से $5 बिलियन के सौदे के तहत आठ उन्नत ‘हंगोर-क्लास’ पनडुब्बियां खरीद रहा है।
    रूस से मदद: भारत रूस से एक अकुला-क्लास परमाणु हमलावर पनडुब्बी (चक्र-III) को भी लीज पर लेने की प्रक्रिया में है, जो 2027-28 तक आने की उम्मीद है।
    जर्मनी के साथ डील: भारत और जर्मनी के बीच $8-10 बिलियन का प्रोजेक्ट-75(I) समझौता अंतिम चरण में है, जिसके तहत एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक वाली छह अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी।
    एक बार चालू होने के बाद, INS अरिधमन को विशाखापत्तनम के पास ‘प्रोजेक्ट वर्षा’ नामक एक उच्च-सुरक्षा वाले भूमिगत बेस पर तैनात किया जाएगा। यह विकास भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में मजबूती से खड़ा करता है जिनके पास समुद्र के नीचे से परमाणु हमले को विफल करने और उसका जवाब देने की अचूक क्षमता है।

  • देश के 12 राज्यों में SIR का तीसरा चरण इसी माह से….शेष 22 में अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

    देश के 12 राज्यों में SIR का तीसरा चरण इसी माह से….शेष 22 में अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया


    नई दिल्ली।
    देश में मतदाता सूची (Voter list) को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया को तेज करते हुए चुनाव आयोग (ईसीआई) Election Commission – ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision- SIR) के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने गुरुवार को शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र लिखकर संकेत दिया है कि SIR प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही अधिकारियों से तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।


    अब तक का सफर: चरण 1 और 2

    मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की यह प्रक्रिया चरणों में चल रही है। SIR का पहला चरण बिहार में लागू किया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 को आयोग ने दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इन दोनों चरणों में मिलाकर लगभग 60 करोड़ मतदाता कवर किए जा चुके हैं।

    हालांकि, आयोग ने पहले भी बिहार को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा था, लेकिन दूसरे चरण में केवल 12 को शामिल किया गया। इससे संकेत मिलता है कि तीसरे चरण में भी सभी 22 शेष राज्यों/यूटी को शामिल किया जाना तय नहीं है। इन 22 राज्यों/यूटी का कुल निर्वाचन क्षेत्र लगभग 39 करोड़ मतदाताओं का है।


    कौन से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं शामिल?

    आयोग द्वारा संपर्क किए गए राज्यों की सूची में वे राज्य भी शामिल हैं जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं (जैसे मणिपुर और उत्तराखंड, जिनका कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है)।


    सूची में शामिल प्रमुख नाम हैं:

    राज्य: उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना।

    केंद्र शासित प्रदेश: दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव।
    हालांकि 22 राज्यों को पत्र लिखा गया है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि तीसरे चरण में इन सभी को एक साथ शामिल नहीं किया जाएगा; कुछ को अगले चरणों के लिए रोका जा सकता है।


    जनगणना 2027 के साथ टकराव की स्थिति

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SIR का तीसरा चरण जनगणना 2027 के ‘हाउसलिस्टिंग’ (मकानों की सूची बनाना) चरण के साथ टकरा सकता है।
    समय सीमा: जनगणना का हाउसलिस्टिंग कार्य इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच 45 दिनों की अवधि में होना है।
    चुनौती: दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों ने पहले ही अपनी हाउसलिस्टिंग समय सीमा अधिसूचित कर दी है।
    ऐसे में इन राज्यों को या तो अपनी जनगणना की तारीखों को संशोधित करना होगा या चुनाव आयोग से अनुरोध करना होगा कि उन्हें SIR के अगले चरण में रखा जाए। वहीं, जिन राज्यों ने अभी तारीखें तय नहीं की हैं, वे जनगणना को जून-जुलाई के बाद टाल सकते हैं।
    यह तीसरा चरण संभवतः जून या जुलाई की शुरुआत तक खिंच सकता है, खासकर यदि प्रक्रियाओं में विस्तार दिया जाता है।

    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूचियों से मृत, स्थानांतरित या अयोग्य नामों को हटाना और पात्र नए मतदाताओं को जोड़ना है। आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी महीनों में यह स्पष्ट होगा कि तीसरे चरण में कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वास्तविक रूप से शामिल किया जाता है और जनगणना के कार्यक्रम के साथ तालमेल कैसे बैठाया जाता है।

  • MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस

    MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) में गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) द्वारा की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद उस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने अफसोस जताया और मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने माफी मांगी। दरअसल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी, इसी दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar.) के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे यह पूरा हंगामा खड़ा हो गया।


    सिंघार ने अदाणी का नाम लेकर सरकार पर लगाया आरोप

    चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अदाणी के बीच हुए करार का मुद्दा उठाया और दावा किया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में अदाणी की कंपनी को एक से सवा लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी में है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए जबकि विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।


    विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए किया आपत्तिजन शब्द का इस्तेमाल

    सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रमाण दे सकते हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और इसी दौरान विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद, विपक्षी कांग्रेस के सदस्य हंगामा करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हंगामा और नारेबाजी की गई।


    स्पीकर तोमर बोले- गुस्सा नहीं आना चाहिए लेकिन आज आ गया

    हंगामा बढ़ता देख तोमर ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की एक गौरवशाली परंपरा रही है लेकिन आज असहज स्थिति बन गई, जिसका कि उन्हें अफसोस है। तोमर ने कहा, ‘गुस्सा आना नहीं चाहिए लेकिन आज आ गया, दोनों पक्षों की तरफ से। उसके कारण असहज स्थिति बनी। मुझे इसका रंज है इसके लिए पक्ष और प्रतिपक्ष जिम्मेदार हैं।’


    सीएम यादव ने जाने-अनजाने में निकले शब्द के लिए मांगी माफी

    तोमर ने कहा, ‘संसदीय कार्य मंत्री बहुत अनुभवी हैं फिर भी आज सीमा कैसे टूट गई यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है।’ इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से विवाद का पटाक्षेप करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कुछ शब्द निकले हैं, इसके लिए वह सदन से माफी मांगते हैं।


    सिंघार ने भी खेद व्यक्त कर मामले का पटाक्षेप किया

    सिंघार ने कहा मुख्यमंत्री ने जो भाव दिखाया, वह उसका सम्मान करते हैं और संसदीय मर्यादा का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मेरी ओर से कुछ हुआ है तो मैं भी खेद व्यक्त करता हूं।’


    विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर जताई नाखुशी

    इस बीच, विजयवर्गीय ने कहा कि करीब 37 साल का उनका राजनीतिक अनुभव रहा है लेकिन आज के अपने व्यवहार से वह खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अगर संसदीय मर्यादाओं का पालन नहीं करेंगे तो बाकी सदस्य कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पता नहीं कैसे यह सब हो गया। विजयवर्गीय ने कहा, ‘उमंग के हाव-भाव थोड़े अलग थे… मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।’


    विजयवर्गीय बोले- किसी ज्योतिष से पूछना पड़ेगा

    वहीं विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद मीडियाकर्मियों ने जब उनसे उनके गुस्से को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘कभी-कभी आ जाता है’। वहीं एक अन्य मीडियाकर्मी ने जब उनसे पूछा कि ऐसा नहीं लगता कि पिछले एक-डेढ़ महीने से आपकी जुबान पर शनि बैठा हुआ है, तो विजयवर्गीय ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- ‘किसी ज्योतिष से पूछूंगा यार।’


    सिंघार बोले- मैं अपनी ‘औकात’ में ही हूं

    बाद में सिंघार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संविधान की फोटो के साथ एक पोस्ट करते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा और कहा कि ‘माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूँ।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया।’

    उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है…।’ उन्होंने कहा, ‘सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं।’


    पटवारी ने कहा- कांग्रेस पुतले जलाकर विरोध करेगी

    कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के व्यवहार को सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत’ का नया परिचय है। उन्होंने घोषणा की‌ कि कांग्रेस विजयवर्गीय के पुतले जलाकर इसका विरोध करेगी। पटवारी की इस घोषणा के कुछ ही देर बाद राजधानी भोपाल में युवक कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने विजयवर्गीय के आवास के बाहर उनका एक पोस्टर जलाया।

  • MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे

    MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे


    भोपाल। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में जोरदार आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे। खासकर उज्जैन, मंदसौर और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन 23-24 फरवरी को प्रदेश में फिर से बारिश का अलर्ट रहने की संभावना है।

    पिछले दो दिन का हाल

    प्रदेश में पिछले दो दिन से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में फसलें गिर गईं, जिससे दानों को नुकसान हुआ। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    बारिश का फैलाव
    पिछले 24 घंटे में 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, उज्जैन, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर शामिल हैं। श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रति घंटे रही। भोपाल और सीहोर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

    मौसम क्यों बदल रहा है

    मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात और प्रदेश में सक्रिय टर्फ सिस्टम के चलते बुधवार और गुरुवार को बारिश और ओले गिरे। गुरुवार को प्रदेश में एक और टर्फ और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रही। उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का कारण बना।

    फरवरी में लगातार बदलता मौसम
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले और बारिश हुई थी, जिससे फसलें प्रभावित हुईं। 18 और 19 फरवरी को तीसरी बार बारिश दर्ज की गई। अब चौथी बार भी बारिश की संभावना है।

    तापमान का हाल
    बारिश के चलते दिन का तापमान गिरा। गुरुवार को ठंडी हवाओं के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। रात का तापमान बढ़ा और भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में यह 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खजुराहो और कल्याणपुर में 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    अगले दो दिन का मौसम

    21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में धूप खिल सकती है।
    22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कोई बारिश की चेतावनी नहीं।

  • शुक्रवार का राशिफल

    शुक्रवार का राशिफल

    युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीत
    फाल्गुन शुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है,


    मेष राशि :- मित्तव्ययता रखें क्योंकि रुपये-पैसों की सुविधा आगे मिले न मिले। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। शुभांक-4-5-7

    वृष राशि :- निकटस्थ व्यक्ति का सहयोग काम को गति दिला देगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। शुभांक-3-5-7

    मिथुन राशि :- कार्यारम्भ से पहले उचित मूल्याकंन कर लें। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। मेहमानों का आगमन होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। शुभांक-5-7-9

    कर्क राशि :- ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा। आध्यात्मिक वातावरण बनेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ सांझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। यात्रा का योग बन रहा है। शुभांक-2-6-7

    सिंह राशि :- विवादों व मुकदमे बाजी से राहत मिलेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8

    कन्या राशि :- भावनाओं में न बहें, सावधान रहें। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। अपने आपको अधिक सक्रिय पायेगें। अवरुद्घ कार्य सम्पन्न होंग। समाज में मान-सम्मान ब$ढेगा। आय-व्यय की स्थिति समान्य रहेगी। शुभांक-3-5-7

    तुला राशि :- शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग है। शुभांक-2-4-6

    वृश्चिक राशि :- कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। हरि करे सो खरी अत: हानि का कोई भय नहीं, यथावत कार्य जारी रखें। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। मातृ पक्ष से विशेष लाभ। शुभांक-2-4-7

    धनु राशि :- मुंह मांगी मुराद मिलेगी यानि इच्छित फल की प्राप्ति होगी। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। शुभांक-3-5-8

    मकर राशि :- स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। शुभांक-3-6-9

    कुम्भ राशि :- अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढ़ने के आसार रहेंगे। अपने काम को प्राथमिकता से करें। किसी से निकटता प्रेम-प्रसंग में बदलेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-3-5-7

    मीन राशि :- नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। शुभांक-5-8-9
  • राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली

    राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी के डीन को भेजे गए मेल में दावा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज परिसर में साइनाइड गैस युक्त बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे। ईमेल में सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ को परिसर खाली कराने की चेतावनी भी दी गई थी।
    सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस प्रशासन को अवगत कराया। एहतियात के तौर पर क्लासरूम, ओपीडी, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल यूनिवर्सिटी की आधिकारिक मेल आईडी पर भेजा गया था। संदेश में विस्फोट का समय स्पष्ट रूप से उल्लेखित था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर संभावित स्थान की जांच की। हालांकि निर्धारित समय तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
    ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसका सर्वर लोकेशन क्या है और क्या इसमें किसी संगठित समूह की भूमिका हैइन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे शरारत या फर्जी धमकी की आशंका से भी जोड़ा जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे। धमकी की खबर फैलते ही यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में चिंता देखी गई। हालांकि पुलिस ने आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।
    यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर खाली कराया गया और पुलिस के सहयोग से व्यापक जांच कराई गई। फिलहाल कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन ईमेल भेजने वाले की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतर्कता की परीक्षा ले ली। समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई से बड़ा खतरा टल गया। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैधमकी देने वाले तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाना।
  • बांग्लादेश में नई सरकार के बाद तुर्की की सक्रियता, बिलाल एर्दोगन का ढाका दौरा चर्चा में

    बांग्लादेश में नई सरकार के बाद तुर्की की सक्रियता, बिलाल एर्दोगन का ढाका दौरा चर्चा में

    नई दिल्ली । बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद तुर्की के राष्ट्रपतिरेसेप तैयप एर्दोगन के बेटे Bilal Erdogan का अचानक ढाका दौरा क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की पृष्ठभूमि में हुए इस दौरे को रणनीतिक नजर से देखा जा रहा है।

    बिलाल एर्दोगन एक निजी विमान से ढाका पहुंचे। उनके साथ तुर्की के पूर्व फुटबॉलर मेसुट ओज़िल और तुर्की की सरकारी सहायता एजेंसी तुर्की सहयोग और समन्वय एजेंसी TIKA के चेयरमैन अब्दुल्ला आरोन भी मौजूद थे। ढाका पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने ढाका विश्वविद्यालय में TIKA द्वारा वित्तपोषित एक मेडिकल सेंटर का उद्घाटन किया। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की पहल जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई ने की थी।

    बांग्लादेश के हालिया चुनावों मेंबांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने गठबंधन के जरिए 77 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की है और वह अब संसद में प्रभावशाली विपक्ष के रूप में उभरी है। हालांकि सरकार BNP के नेतृत्व में बनी है, लेकिन माना जा रहा है कि नीतिगत फैसलों पर जमात का असर बढ़ सकता है।

    विश्लेषकों के अनुसार, दक्षिण एशिया में TIKA की बढ़ती मौजूदगी और तुर्की की सक्रियता को भारत की सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है। खासकर रोहिंग्या कैंपों की यात्राओं और इस्लामिक संगठनों के साथ संपर्क को क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    इस संदर्भ में पाकिस्तान की भूमिका भी चर्चा में है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) पर पहले भी बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में दखल के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति में पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश के बीच बढ़ती नजदीकियों को भारत के लिए रणनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

    फिलहाल, बिलाल एर्दोगन का यह दौरा तुर्की और बांग्लादेश के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि इस कूटनीतिक सक्रियता का दक्षिण एशिया की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

  • MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की

    MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन विवादों के कारण सुर्खियों में रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच तीखी बहस हुई। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार और अदाणी के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत बिजली खरीद के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

    जब सिंघार ने यह दावा किया, मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगते हुए कहा, “इसका सबूत दें।” नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि उनके पास सबूत हैं और वे दिखा देंगे। इस दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और मंत्री विजयवर्गीय ने उन्हें “औकात में रहने” की चेतावनी दी। इससे सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    प्रदर्शन और हंगामा
    कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ख्याली पुलाव” करार दिया। सदन में प्रश्न पूछने के दौरान भी शोर-शराबा जारी रहा, जिसके कारण अध्यक्ष ने कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

    भागीरथपुरा मौत कांड पर सवाल
    इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सिंघार ने संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की।

    डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग और विवाद के बीच सदन में हंगामा जारी रहा।

    MP विधानसभा बजट सत्र में अदाणी बिजली सौदे और भागीरथपुरा मौत कांड को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने राहत कार्य और कार्रवाई का हवाला दिया। विवाद के बीच सदन की कार्यवाही कई बार बाधित रही।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने अभूतपूर्व पराक्रम, अद्वितीय शौर्य और उत्कृष्ट युद्ध कौशल से अखंड भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने मां भारती के स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन क्षमता और सुशासन का अद्वितीय उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी युवाओं को साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।