Author: bharati

  • T20 World Cup 2026: क्‍या भारत-पाक का फिर होगा मुकाबला? जाने सेमीफाइनल या फाइनल में होगी भिंडत

    T20 World Cup 2026: क्‍या भारत-पाक का फिर होगा मुकाबला? जाने सेमीफाइनल या फाइनल में होगी भिंडत


    नई दिल्‍ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लीग मुकाबले अब लगभग खत्म हो चुके हैं। आज, 20 सितंबर को ओमान और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी लीग मैच खेला जाएगा, लेकिन इस मुकाबले का कोई खास महत्व नहीं है क्योंकि दोनों टीमें सुपर-8 की रेस से बाहर हो चुकी हैं। सुपर-8 में शामिल होने वाली आठ टीमें पहले ही तय हो चुकी हैं और इन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है, हर ग्रुप में चार-चार टीमें हैं, जो एक-दूसरे के खिलाफ तीन-तीन मैच खेलेंगी। ग्रुप 1 में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका हैं, जबकि ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड हैं। अब यह सवाल उठता है कि टी20 वर्ल्ड कप में दो चिर प्रतिद्वंदी, भारत और पाकिस्तान, कब आमने-सामने हो सकते हैं। सुपर-8 के चरण में दोनों देश एक-दूसरे से नहीं खेलेंगे क्योंकि वे अलग-अलग ग्रुप में हैं।

    भारत-पाक मुकाबला सेमीफाइनल या फाइनल में ही संभव

    पहला सवाल है कि क्या भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में आमने-सामने हो सकते हैं। दूसरा सवाल यह कि क्या दोनों पड़ोसी फाइनल में भी भिड़ सकते हैं। आइए इन दोनों सवालों का जवाब समझते हैं।टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। टूर्नामेंट में दो सेमीफाइनल होंगे, पहला 4 मार्च 2026 को कोलंबो या कोलकाता में और दूसरा 5 मार्च 2026 को मुंबई में।
    भारत-पाक का सेमीफाइनल तभी संभव है जब दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप-2 में आ जाएं, यानी सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करें, और एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर हो और दूसरी दूसरी पोजीशन पर। इस स्थिति में क्रॉस-ओवर मुकाबले में भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं। खासकर अगर पाकिस्तान क्वालिफाई करता है, तो उनका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा।टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला भी संभव है। फाइनल 8 मार्च 2026 को अहमदाबाद या कोलंबो में खेला जाएगा। अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचती हैं, तो भारत-पाक का आमना-सामना फाइनल में भी हो सकता है।
    इस स्थिति में अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है तो मैच कोलंबो में होगा, नहीं तो अहमदाबाद में आयोजित होगा। अभी 21 फरवरी से सुपर-8 की रेस शुरू हो रही है, जहां दोनों टीमों को पहले सेमीफाइनल तक पहुंचना होगा, क्योंकि फैन्स एक बार फिर भारत-पाक मुकाबले का रोमांच देखना चाहते हैं।बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप 1 में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका हैं, जबकि ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड शामिल हैं।

    सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान के मैच कब-कब हैं?

    सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान अलग-अलग ग्रुप में हैं, इसलिए दोनों टीमों का आमना-सामना सुपर-8 में नहीं होगा। भारत ग्रुप 1 का हिस्सा है और उसका शेड्यूल इस प्रकार है:- 22 फरवरी को भारत vs साउथ अफ्रीका नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद, शाम 7 बजे , 26 फरवरी को भारत vs जिम्बाब्वे एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई, शाम 7 बजे और 1 मार्च को भारत vs वेस्टइंडीज ईडन गार्डन्स, कोलकाता, शाम 7 बजे ।

    पाकिस्तान ग्रुप 2 में है और उसके मैच 21 फरवरी को न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, शाम 7 बजे , 24 फरवरी को इंग्लैंड vs पाकिस्तान पल्लेकेले क्रिकेट इंटरनेशनल स्टेडियम, पल्लेकेले, शाम 7 बजे और 28 फरवरी को पाकिस्तान vs श्रीलंका पल्लेकेले क्रिकेट इंटरनेशनल स्टेडियम, पल्लेकेले, शाम 7 बजे तय हैं। इस तरह, सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान सीधे भिड़ेंगे नहीं, दोनों केवल सेमीफाइनल या फाइनल में ही आमने-सामने आ सकते हैं।

  • T20 World Cup: पूर्व PAK खिलाड़ियों का मजाक उड़ाने पर घिरे शादाब खान, PCB ने बयान पर लगाई फटकार

    T20 World Cup: पूर्व PAK खिलाड़ियों का मजाक उड़ाने पर घिरे शादाब खान, PCB ने बयान पर लगाई फटकार


    नई दिल्‍ली । टी20 वर्ल्ड कप में नामीबिया को हराकर सुपर-8 में जगह बनाने के बाद पाकिस्तान टीम के शादाब खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा बयान दे दिया जिससे विवाद खड़ा हो गया। भारत के खिलाफ मिली 61 रनों की हार पर सवाल पूछे जाने पर शादाब ने पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना करते हुए उनका मजाक उड़ाया। शादाब ने कहा कि पुराने दिग्गज खिलाड़ियों की अपनी राय होती है, लेकिन वे वही नहीं कर पाए जो वर्तमान टीम ने किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को हराया है, इसलिए आलोचना सामान्य है। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने साफ किया कि टीम के पूर्व खिलाड़ियों का अपमान या मजाक करना स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसे बयान देने से बचा जाए।

    शादाब खान के बयान पर PCB की फटकार

    टी20 वर्ल्ड कप 2021 में भारत के खिलाफ मिली जीत का जिक्र करते हुए शादाब खान ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया। शादाब उस टीम का हिस्सा थे और यह आईसीसी इवेंट्स में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की एकमात्र जीत थी। सूत्रों ने पीसीबी के हवाले से बताया कि बोर्ड ने शादाब के बयानों से नाराजगी जताई और उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। यह विवाद पाकिस्तान की नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद सामने आया। पीसीबी ने टीम मैनेजर के जरिए शादाब को स्पष्ट संदेश दिया कि टीम के पूर्व महान खिलाड़ियों के लिए अपमानजनक या मजाकिया भाषा का प्रयोग न किया जाए।

    पूर्व खिलाड़ियों का सम्मान रखने की दी हिदायत

    सूत्रों के अनुसार, नवीद चीमा ने शादाब खान को फोन करके समझाया कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी हद पार कर दी थी। उन्हें बताया गया कि सभी पूर्व खिलाड़ी, जिनमें उनके ससुर सकलैन मुश्ताक भी शामिल हैं, इज्‍जतदार और महान खिलाड़ी हैं। शादाब को उनकी इज्‍जत का ध्यान रखना चाहिए और अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने अन्य खिलाड़ियों से भी कहा है कि वे अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें और प्रेस कांफ्रेंस या इंटरव्यू में अपनी हद पार न करें। बता दें कि पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 में पहुंच चुका है, जहां टीम का सामना श्रीलंका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड से होगा।

  • पिता सलीम की मेडिकल जानकारी लीक होने पर भड़के सलमान खान, लीलावती अस्पताल के डॉक्टर से नाखुश

    पिता सलीम की मेडिकल जानकारी लीक होने पर भड़के सलमान खान, लीलावती अस्पताल के डॉक्टर से नाखुश


    नई दिल्‍ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान अस्पताल में भर्ती हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। डॉक्टर ने बताया कि सलीम खान को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन इस बयान से सलमान खान नाराज हैं। सलमान चाहते हैं कि उनके पिता की हेल्थ से जुड़ी जानकारी मीडिया में सार्वजनिक न हो और अस्पताल की रिपोर्ट्स को निजी रखा जाए। उनका यह भी कहना है कि सलीम खान की निजी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

    सलमान खान नाराज, चाहते हैं पिता सलीम की हेल्थ पूरी तरह प्राइवेट रहे
    एक रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान और उनके परिवार ने लीलावती अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ से साफ कहा है कि कोई भी जानकारी मीडिया के साथ साझा न की जाए। परिवार का मानना है कि सलीम खान की हेल्थ एक निजी मामला है और इसे लेकर अनावश्यक अफवाहें न फैलेसलमान और उनके परिवार के मुताबिक, हेल्थ अपडेट केवल परिवार की अनुमति से ही साझा किए जाएंगे। डॉक्टर के पिछले बयान से नाराज होकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब अस्पताल सलीम खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया में कोई विवरण नहीं देगा। इससे स्पष्ट है कि सलमान खान अपने पिता की प्राइवेसी पर कड़ा ध्यान दे रहे हैं और किसी भी तरह की अनावश्यक जानकारी लीक नहीं होने देंगे।

    डॉक्टर ने सलीम खान के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर दी जानकारी

    बुधवार को जटिल पारकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सलीम खान को हल्का ब्रेन हेमरेज हुआ था। डॉक्टर ने कहा कि उनकी हालत गंभीर नहीं थी, लेकिन उन्हें झटके लग रहे थे और ब्लड प्रेशर अधिक था, इसलिए सावधानी के तौर पर उन्हें वेन्टिलेटर पर रखा गया। उन्होंने आगे कहा “हमने सभी जरूरी चेकअप और इलाज कर लिया है। बुधवार को एक छोटा प्रोसिजर किया गया, जिसकी डिटेल्स मैं साझा नहीं कर सकता। वह अब पहले से बेहतर हैं और कल तक वेन्टिलेटर से हट जाएंगे। उम्र भी एक बड़ा फैक्टर है, इसलिए इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।”

    सलीम खान का ख्याल रख रहा परिवार
    सलीम खान को 17 फरवरी को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनके पूरे परिवार सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान, अर्पिता खान और अलवीरा खान हर दिन अस्पताल आकर उनका हाल-चाल लेते हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं। इसके अलावा, कई बॉलीवुड सेलेब्स जैसे रमेश तौरानी, संजय दत्त, आमिर खान और अन्य सितारे भी अस्पताल जाकर सलीम खान से मिले। कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके जल्दी ठीक होने की कामना की है।

  • बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन

    बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन


    नई दिल्ली । बिहार में अब बिना लाइसेंस और बिना परमिशन के डीजे बजाने को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है. राज्य में अब बिना इजाजत और लाइसेंस के बिना कोई भी डीजे नहीं बजा पाएगा. इसके लिए सरकार तैयारियों में जुट गई है. साथ ही प्रशासन को भी सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

    प्रदेश में 15 दिनों के अंदर अब डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विधान परिषद में निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने डीजे के मुद्दे को उठाया है. जिस पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.

    निर्दलीय एमएलसी ने उठाया मुद्दा

    विधान परिषद निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने परिषद की कार्यवाही के दौरान सवाल उठाया कि शादी, जुलूसों में बजने वाले तेज डीजे से लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है. बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों पर अवैध रूप से डीजे बजाया जाता है.

    उन्होंने आगे कहा कि कई लोग गाड़ियों को बिना परमिशन के डीजे वाले वाहन में तब्दील कर देते हैं. सरकार इस पर ध्यान दे और कार्रवाई करे. उन्होंने गुरुवार 19 फरवरी को ध्वनि प्रदूषण और डीजे से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का मुद्दा उठाया.

    परिवहन मंत्री ने एमएलसी के सवाल पर किया ऐलान

    परिवहन मंत्री एवं जदयू विधायक श्रवण कुमार ने उनके सवाल पर बड़ा ऐलान किया. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे बिहार में बिना अनुमति और बिना लाइसेंस के डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी. उन्होंने आगे यह कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली डीजे गाड़ियों को सीधे जब्त किया जाएगा. बाद में यह मत कहिएगा कि शादी-ब्याह का मौका है, इसलिए डीजे बजाने दीजिए.

    उन्होंने कहा कि उत्सव के नाम पर आम जनता की सेहत और शांति से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. बता दें बिना परमिशन चलने वाले डीजे संचालकों पर नकेल कसने की तैयारी सरकार कर रही है. साउंड लिमिट और लाइसेंसिंग को अनिवार्य बनाया जाएगा.

  • Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ

    Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ


    नई दिल्ली । आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं का अपना एक अलग ही आकर्षण है. यह दिन न केवल भगवान विष्णु को समर्पित है, बल्कि नवविवाहित महिलाओं के लिए यह सौभाग्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन का द्वार खोलने वाला माना जाता है.

    आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आमलकी एकादशी की तिथि और समय कुछ इस प्रकार है.

    नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों है खास?
    मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे. इसलिए इसे रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. नवविवाहित महिलाओं के लिए यह काफी व्रत खास माना जाता है.जो महिलाएं शादी के बाद शुरुआती सालों में यह व्रत करती हैं, उन्हें माता पार्वती और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता है. आमलकी एकादशी का व्रत रखने से घर में सुख-शांति आती है और संतान प्राप्ति की राह आसान होती है. स्वास्थ्य का वरदान: आमलकी का अर्थ है आंवला. आयुर्वेद और धर्म दोनों में आंवले को अमृत माना गया है. इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से महिलाओं को आरोग्य और शारीरिक शक्ति मिलती है.

    इस दिन क्या करें?

    आमलकी एकादशी पर कुछ विशेष कार्यों को करने से व्रत का फल दोगुना हो जाता है. आंवले के पेड़ की पूजा: इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करें. पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और परिक्रमा करें.आंवले का दान और सेवन: इस दिन आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, प्रसाद के रूप में आंवले का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है.

    रंग और गुलाल: चूंकि इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं, इसलिए भगवान विष्णु और शिव-पार्वती को गुलाल अर्पित करें.पौराणिक महत्व: शास्त्रों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है क्योंकि इसकी उत्पत्ति विष्णु जी के आंसुओं से हुई थी. इसलिए इस दिन आंवले की पूजा सीधे श्रीहरि की पूजा मानी जाती है.

    आमलकी एकादशी के लाभ

    पापों से मुक्ति: अनजाने में हुई गलतियों और पापों के प्रभाव को कम करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ व्रत है.मोक्ष की प्राप्ति: एकादशी का व्रत करने वाले साधक को आखिर में वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती हैआर्थिक उन्नति: शुक्रवार के दिन एकादशी पड़ने से लक्ष्मी-नारायण योग बनता है, जो धन और ऐश्वर्य में वृद्धि करता है. 

  • TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर

    TOXIC Teaser Out: यश का खूंखार अवतार, राया का एक्शन देख भूल जाएंगे KGF, धमाकेदार टीजर


    नई दिल्ली । यश कियारा आडवाणी और लंबी स्टारकास्ट से सजी फिल्म टॉक्सिक अपने दमदार टाइटल इंट्रो वीडियो के बाद से ही चर्चा में है। इसका टीजर रिलीज हो गया है और फैंस अब फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। डायरेक्टर गीतू मोहनदास ने पहले ही 20 फरवरी को टीजर रिलीज करने की घोषणा कर दी थी जिसके बाद से ही फैंस खुशी के मारे पागल हो रहे थे। टीजर को देखने के बाद से फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट चरम पर है। यह फिल्म रणवीर सिंह की धुरंधर 2 से टकराएगी।

    गीतु मोहनदास ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यश की तस्वीर वाला पोस्टर शेयर करते हुए टीजर रिलीज की तारीख की घोषणा की थी। कैप्शन में लिखा था सुबह 9:35 | 20.02.2026 #ToxicTeaser #Toxic 19-03-2026 से दुनिया भर के सिनेमाघरों में। फैंस ने फायर इमोजी के साथ रिएक्शन देना शुरू कर दिया। वे इस अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। 123 तेलुगू के अनुसार टॉक्सिक का थिएट्रिकल ट्रेलर मार्च के पहले हफ्ते में रिलीज होने की संभावना है। अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    टॉक्सिक की कहानी का प्लॉट

    अब फिल्म के UAE डिस्ट्रीब्यूटर फार्स फिल्म ने अपनी वेबसाइट पर फिल्‍म की कहानी को लेकर कुछ जानकारी दी है जिससे इसके प्‍लॉट का खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया है कि टॉक्सिक साल 1940 और 1970 के दशक के बीच की कहानी है जिसके केंद्र में गोवा शहर है। यश के किरदार राया का खौफ उसकी ताकत और साम्राज्य बनाने की चाहत है। सिनॉप्‍स‍िस में आगे लिखा है हर काम का अपना नतीजा होता है। ताकत दी नहीं जाती उसे छीना जाता है और इसके लिए हमेशा एक कीमत चुकानी पड़ती है। जैसे-जैसे स्मगलिंग के रास्ते लड़ाई के मैदान बनते हैं वफादारी शक में बदलती है डर का साया जिंदा रहने का जरिया बन जाता है। आखिर में उसके फैसले उन नतीजों से ज्यादा ताकतवर साबित होते हैं।

    टॉक्सिक की रिलीज डेट धुरंधर 2 से टक्कर

    यश की आगामी फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स की रिलीज को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। खबरों के मुताबिक फिल्म 19 मार्च 2026 को तय समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस रिलीज डेट के चलते फिल्म का सीधा मुकाबला धुरंधर 2 से होगा जिससे बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर की संभावना है। हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार टॉक्सिक के मेकर्स ने 2025 की हिट फिल्म धुरंधर के सीक्वल से टक्कर होने के बावजूद फिल्म को पोस्टपोन न करने का फैसला किया है।

    टॉक्सिक का बजट और कास्ट

    टॉक्सिक एक पीरियड एक्शन थ्रिलर है जिसे गीतु मोहनदास ने लिखा और निर्देशित किया है। यश के अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी नयनतारा हुमा कुरैशी तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत हैं। अक्षय ओबेरॉय सुदेव नायर अमित तिवारी और कई कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। बजट की बात करें तो टॉक्‍स‍िक का बजट करीब 600 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यानी कि बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने के लिए इसे अपनी कमर कसनी होगी।

    टॉक्सिक 6 भाषाओं में होगी रिलीज

    फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी मलयालम तेलुगू और तमिल सहित छह भारतीय भाषाओं में डब करके रिलीज किया जाएगा।

    यश की KGF 2 1200 करोड़ के पार कमाई
    यश को आखिरी बार लीड रोल में केजीएफ: चैप्टर 2 में देखा गया था। प्रशांत नील की निर्देशित यह एक्शन फिल्म सिनेमाघरों में जबरदस्त सफल रही और इसने दुनियाभर में 1215 करोड़ की कमाई की थी।

    रामायण में रावण बनेंगे यश

    लगभग चार साल बाद ए्टर टॉक्सिक के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इसके अलावा वह रणबीर कपूर की आगामी रामायण में रावण का रोल भी करने वाले हैं जो इस साल दिवाली पर रिलीज होगी।

  • नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत

    नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत


    नई दिल्ली । नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत का मामला नोएडा सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत नहीं होती. हालांकि अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे.

    बचाव पक्ष की दलील

    आरोपी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला ने अदालत में दलील दी कि आरोपी एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और डेवलपर हैं. FIR में उनका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और न ही किसी प्रत्यक्ष कृत्य का उल्लेख है. वह संबंधित कंपनी के निदेशक या की-मैनेजरियल पर्सन नहीं रहे हैं. कंपनी के शेयरों का बड़ा हिस्सा पहले ही अन्य कंपनी को हस्तांतरित किया जा चुका था. निर्माण स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से नोएडा प्राधिकरण द्वारा रोक लगी हुई थी.

    अदालत ने क्या पाया

    सत्र अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपी का विवादित भूमि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण था. आरोपी के विरुद्ध किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी प्रस्तावित नहीं है. संबंधित दस्तावेज प्राधिकरण या जांच एजेंसी के पास उपलब्ध हैं, जिनके लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं.

    प्राधिकरण द्वारा लगी थी रोक

    घटना से पूर्व नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. अदालत ने कहा कि कॉर्पोरेट संरचना, लीज, सब-लीज, शेयर ट्रांसफर और MOU जैसे लेन-देन के मामलों में केवल स्वामित्व संबंध के आधार पर आपराधिक दायित्व नहीं थोपा जा सकता. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी कंपनी के प्रमोटर हैं और इस नाते जिम्मेदार हैं. लेकिन अदालत ने कहा कि प्रमोटर शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा और दायित्व का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से स्थापित नहीं होता.

    जलभराव की समस्या

    अदालत ने यह भी नोट किया कि जलभराव की समस्या को लेकर विजटाउन प्लानर्स द्वारा 2022 में आवेदन दिया गया था और सिंचाई विभाग द्वारा 2023 में जलनिकासी के लिए प्रस्ताव रखा गया था. नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 18 जनवरी 2021 को संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी, जो जनवरी 2026 में हटाई गई. जब निर्माण और विकास कार्य पर वैधानिक रोक लागू थी, तब जलनिकासी या अन्य निर्माणात्मक हस्तक्षेप सीमित हो सकते थे.

    ऐसे में यह निष्कर्ष निकालना कि आरोपी ने जानबूझकर पानी जमा रहने दिया, इस स्तर पर उचित नहीं है. तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, प्रथम दृष्टया भूमिका के अभाव और कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता न होने को देखते हुए अदालत ने निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली.

  • Do Deewane Seher Mein X review: प्यार, इजहार और फिर…मृणाल और सिद्धांत की मॉर्डन लव स्टोरी से लोग हुए इंप्रेस? लोग बोले इम्परफेक्ट लव

    Do Deewane Seher Mein X review: प्यार, इजहार और फिर…मृणाल और सिद्धांत की मॉर्डन लव स्टोरी से लोग हुए इंप्रेस? लोग बोले इम्परफेक्ट लव


    नई दिल्ली । सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर रोमांटिक ड्रामा फिल्म दो दीवाने सहर में आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म के साथ अनुराग सिन्हा के डायरेक्शन में बनी तापसी पन्नू स्टारर फिल्म अस्सी भी रिलीज हुई है. वहीं दो दीवाने सहर में मृणाल और सिद्धांत की रोमांटिक लव स्टोरी दिखाई गई है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक अरेंज मैरिज के लिए मिले एक लड़का और लड़की की कहानी किस मोड़ पर जाती है. तो चलिए फिल्म को लेकर एक नजर डालते हैं दर्शकों के रिएक्शन पर कि उन्हें यह फिल्म कैसी लगी है.

    जानें लोगों को कैसी लगी दो दीवाने सहर में

    ट्विटर पर दो दीवाने सहर में को लेकर लोग रिएक्ट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा दो दीवाने शहर में के स्पेशल फैन प्रीव्यू में दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली जहां शशांक सिद्धांत और रोशनी मृणाल दर्शकों के पसंदीदा बन गए. मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी की उपस्थिति ने फिल्म के प्रति उत्साह को और बढ़ा दिया. Do Deewane Seher Mein 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में आ रही है.

    एक अन्य यूजर ने फिल्म को लेकर लिखा इस वैलेंटाइन डे पर प्यार की गूंज सुनाई देगी आस्मा मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी अभिनीत फिल्म दो दीवाने शहर में आधुनिक प्रेम कहानी को वास्तविक रोमांस के सार के साथ प्रस्तुत करती है.

    तीसरे यूजर ने लिखा ये पहले से ही ट्रेंड कर रहा है.कोई शोर-शराबा नहीं. बस भावनाएं और अब बुकमायशो पर भी ट्रेंड कर रहा है. दो दीवाने सहर में ये साबित कर रहा है कि एक अपूर्ण रूप से परिपूर्ण प्रेम कहानी जिसे ईमानदारी से बताया जाए आज भी असरदार है.

    एक और यूजर ने अस्सी और दो दीवाने सहर में को लेकर ट्वीट किया. यूजर ने लिखा क्या तापसी और अनुभव सिन्हा अस्सी के साथ एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं? इस मार्मिक और दिल दहला देने वाली फिल्म के लिए सिनेमाघरों में खाली सीटें ही दिखाई दे रही हैं. क्या दर्शक कठोर सच्चाइयों से मुंह मोड़ रहे हैं या मार्केटिंग इस टकराव को दर्शकों तक पहुंचाने में नाकाम रही? क्या Assi बनाम DoDeewaneSeherMein में कंटेंट बनाम आराम की जीत फिर से हुई? लेकिन प्रतिक्रिया धीमी. 10 में से 6 रेटिंग की संभावना लेकिन सीटें झूठ नहीं बोलतीं.

    एक और यूजर ने लिखा दो दीवाने सहर में 3.5 रेटिंग. आखिरकार एक ऐसी फिल्म जो सेलिब्रेट करती है इम्परफेक्ट लव को सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर दोनों ने बहुत अच्छी एक्टिंग की है खास कर के मृणाल ने. प्योर फीलिंग्स शानदार म्यूजिक शानदार एक्टिंग.परफेक्ट डेट वाली फिल्म.

  • जब बॉक्स ऑफिस पर टकारए सनी देओल-आमिर खान, किसकी हुई थी जीत? जानें किसकी फिल्म ने कितनी कमाई की थी

    जब बॉक्स ऑफिस पर टकारए सनी देओल-आमिर खान, किसकी हुई थी जीत? जानें किसकी फिल्म ने कितनी कमाई की थी


    नई दिल्ली । Box Office Clash: 25 साल पहले आमिर खान और सनी देओल की फिल्म के बीच बॉक्स ऑफिस पर क्लैश हुआ था. दोनों ही सुपरस्टार ने एक ही दिन अपनी-अपनी फिल्म रिलीज कर दी थी. चलिए जानते हैं कि किसकी फिल्म ने ज्यादा कमाई की थी.
    आमिर खान और सनी देओल
    आमिर खान और सनी देओल लंबे समय से अपनी एक अपकमिंग फिल्म को लेकर चर्चा में चल रहे हैं. फिल्म का नाम है लाहौर 1947 जो इसी साल 13 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. आमिर खान ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है और सनी देओल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं. अब जहां इस फिल्म पर दोनों ने साथ काम किया है तो वहीं लगभग 25 साल पहले दोनों की फिल्म के बीच ही बॉक्स ऑफिस पर क्लैश भी हुआ था.

    दरअसल दोनों ही सुपरस्टार्स की फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में रिलीज हो गई थीं. खास बात ये थी कि दोनों ही फिल्में लोगों को काफी पसंद आई थीं और दोनों बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थीं. यहां जिन दो फिल्मों की बात हो रही है उनमें पहली है सनी देओल की गदर और दूसरी है आमिर खान की लगान . दोनों फिल्में 15 जून 2001 को रिलीज हुई थीं.

    आमिर खान और सनी देओल की फिल्में

    अनिल शर्मा के डायरेक्शन में बनी गदर में सनी देओल के साथ अमीषा पटेल दिखी थीं. सैकनिल्क के अनुसार इस फिल्म का बजट 18 करोड़ रुपये था. वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 132.60 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था. इस फिल्म को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर का टैग मिला था. लगान को डायरेक्ट किया था आशुतोष गोवारिकर ने. आमिर के अपोजिट इस फिल्म में ग्रेसी सिंह दिखी थीं. इस फिल्म को बनाने में 25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और दुनियाभर से कमाई हुई थी 58.05 करोड़. ये फिल्म हिट रही थी.
    प्रीति जिंटा लाहौर 1947 का हिस्सा
    दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सक्सेसफुल रही थीं. हालांकि लगान की तुलना में गदर ने ज्यादा कमाई की थी. सालों बाद आज भी ये दोनों फिल्में लोगों के दिलों में बसती हैं. बहरहाल फिलहाल फैंस को दोनों की फिल्म लाहौर 1947 का इंतजार है. सनी देओल के अपोजिट इसमें प्रीटि जिंटा नजर आने वाली हैं. इस फिल्म को डायरेक्टर राजकुमार संतोषी बना रहे हैं. बहरहाल अब देखना होगा कि रिलीज के बाद ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा परफॉर्म दिखाती है.

  • भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा

    भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार सुबह एक सर्व समाज बैठक में ब्राह्मण क्षत्रिय तथा अन्य समाजों के ग्रामीणों ने जाटव समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह कदम 17 फरवरी को दर्ज हुई एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत FIR और कथित रूप से कुछआपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उठाया गया है। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक साथ शपथ ली कि वे अब जाटव समाज के साथ कोई सामाजिक मेल-जोल नहीं रखेंगे जिसमें घर-आना-जाना किसी प्रकार का सामाजिक संबंध और खेतों-कामकाज से जुड़े संपर्क भी शामिल है।

    स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में सुबह करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे तक चली बैठक में ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज के अलावा अन्य जाति-समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाटव समाज के कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर चुके हैं और ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज तथा मन्वाद को लेकर विरोध जताया है जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है।

    ग्रामीणों ने बैठक के दौरान सामूहिक शपथ ली जिसमें उन्होंने कहा कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ सभी सामाजिक और पारिवारिक संपर्क समाप्त करेंगे। इस शपथ के तहत शामिल है उनके घरों में आना-जाना बंद करना रिश्तेदारी तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग न लेना तथा खेती-बाड़ी या कामकाज से जुड़े किसी भी संपर्क को तोड़ देना।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह विरोध 17 फरवरी को दर्ज एससी-एसटी एक्ट FIR के खिलाफ आयोजित किया गया है जिसे वे एकतरफा कार्रवाई और गांव के सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाला मानते हैं। उन्होंने प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगे भी सामूहिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

    स्याह-गहरे सामाजिक तनाव के बीच यह घटना उस प्रकार की दूसरी बार सामने आई है जब गाँव में सार्वजनिक विरोध और शपथ कार्यक्रम हुआ है। इससे पहले भी किसी विवाद के बाद स्थानीय समाज ने जाटव समुदाय के खिलाफ बहिष्कार का बड़ा फैसला लिया था लेकिन प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि रिपोर्टों से यह स्पष्ट है कि एसे सामाजिक बहिष्कार के निर्णय का कानूनी और सामाजिक प्रभाव स्थानीय समुदाय के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है और इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों तथा पुलिस की निगाह बनी हुई है।