Author: bharati

  • इंदिरा गांधी चाहती थीं कपूर परिवार से रिश्ता, राजीव गांधी के लिए देखी थी राज कपूर की बेटी

    इंदिरा गांधी चाहती थीं कपूर परिवार से रिश्ता, राजीव गांधी के लिए देखी थी राज कपूर की बेटी

    नई दिल्ली ।  फिल्म कलाकार और नेताओं के बीच दोस्ती और रिश्तेदारी का रिश्ता आम बात है। लेकिन क्या आप कपूर परिवार और गांधी परिवार की दोस्ती के बारे में जानते हैं? ये 60 के दशक के कुछ आखिरी सालों की बात है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राज कपूर के बीच दोस्ती और सम्मान का रिश्ता हुआ करता था। इंदिरा गांधी इस रिश्ते को इतना सम्मान देतीं थीं कि वो राजकपूर की बड़ी बेटी ऋतू कपूर को अपने घर की बहू बनाना चाहती थीं।
    बेटे राजीव गांधी की शादी राज कपूर की बेटी के साथ चाहती थीं इंदिरा
    सीनियर जर्नलिस्ट रशीद किदवई ने अपनी किताब ‘नेता अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में इंदिरा गांधी की इस ख्वाहिश का ज़िक्र किया है। उन्होंने अपनी किताब में बताया कि राज कपूर और इंदिरा गांधी के परिवार के बीच दोस्ती का रिश्ता था। लेकिन इंदिरा गांधी इस रिश्ते को रिश्तेदारी में बदलना चाहती थीं। वो बेटे राजीव गांधी की शादी राज कपूर की बड़ी बेटी ऋतू कपूर से करवाना चाहती थीं।

    ऋतू कपूर को बहू बनाना चाहती थीं इंदिरा गांधी
    रशीद किदवई ने अपनी किताब में आगे लिखा है कि इंदिरा गांधी को बॉलीवुड की बहू की तलाश नहीं थी और ना ही वो स्टार पॉवर से प्रभावित थीं। उनके मन में बस कपूर परिवार के लिए सम्मान और प्यार था। इसलिए वो दोस्ती रिश्तेदारी में बदलना चाहती थी। लेकिन ऋतू कपूर, इंदिरा गांधी की बहू नहीं बन सकी। इसकी वजह राजीव गांधी की जिंदगी में सोनिया की एंट्री थी।

    राजीव गांधी ने की सोनिया से शादी
    राजीव गांधी जब ब्रिटेन में अपनी पढ़ाई पूरी करने गए थे तब उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से हुई। दोनों में प्यार हुआ और फरवरी 1968 में सोनिया और राजीव ने शादी कर ली। इस शादी के बाद हैदराबाद हाउस में ग्रैंड पार्टी रखी गई थी जिसमें राजीव के स्कूल और कॉलेज के दोस्त शामिल हुए। दूसरी तरफ 1969 में राज कपूर ने अपनी बेटी ऋतू कपूर की शादी उद्योगपति राजन नंदा से हो गई।
    कपूर परिवार
    राज कपूर ने अपने तीनों बेटों रंधीर, ऋषि और राजीव कपूर फिल्मों की राह दिखाई। तीनों बेटों ने सालों तक ऑडियंस को एंटरटेन किया। शानदार फिल्मों में काम किया। लेकिन सफल सिर्फ ऋषि कपूर ही हुए। वहीं एक्टर की दोनों बेटियां ऋतू और रीमा फिल्मों से दूर रही। शादी के बाद बच्चों और फिर ग्पोता-पोतियों में जीवन बीता। आज राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर, राजीव कपूर और बेटी ऋतू नंदा इस दुनिया में नहीं रहे। रणबीर कपूर फिल्मों में एक्टिव हैं। करिश्मा और करीना कपूर ने फिल्मों में अपनी कागा पहचान बनाई।
  • ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर संभव, विराट कोहली बन सकते हैं नंबर-1 या फिर साई सुदर्शन बरकरार

    ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर संभव, विराट कोहली बन सकते हैं नंबर-1 या फिर साई सुदर्शन बरकरार

    नई दिल्ली । आज आईपीएल 2026 में दो मैच खेले जाने हैं। पहला मैच पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होगा। वहीं दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स की टीम राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी। इस दौरान विराट कोहली, केएल राहुल, वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ी ऑरेंज कैप की रेस में आगे की तरफ बढ़ते हुए दिखाई देंगे। आईए एक नजर आईपीएल 2026 ऑरेंज कैप की लिस्ट पर डालते हैं-
    IPL 2026 ऑरेंज कैप लिस्ट
    गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन 554 रनों के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं जीटी के कप्तान शुभमन गिल 552 रनों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। हेनरिक क्लासेन इस सीजन 500 रन का आंकड़ा पार करने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं, उनके नाम 508 रन है।
    ऑरेंज कैप की लिस्ट में चौथे पायदान पर आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैं। कोहली के नाम इस सीजन 484 रन दर्ज है। आज उनकी नजरें ऑरेंज कैप के साथ अपनी टीम को प्लेऑफ का टिकट दिलाने पर भी होगी। विराट कोहली को अगर ऑरेंज कैप हासिल करनी है तो कम से कम 71 रन बनाने होंगे, तभी वह साई सुदर्शन को लिस्ट में पछाड़ पाएंगे। लिस्ट में पांचवें पायदान पर अभिषेक शर्मा 481 रनों के साथ मौजूद हैं।
    ऑरेंज कैप की रेस में आज एक्शन में दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी और पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह और कूपर कोनोली जैसे खिलाड़ी भी होंगे जो फिलहाल टॉप-5 से बाहर हैं।
    केएल राहुल के नाम इस सीजन अभी तक 477 रन दर्ज है, वह टॉप-5 से ज्यादा दूर नहीं है। वहीं वैभव सूर्यवंशी ने 11 मैचों में 440 रन बनाए हैं, उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स को 3 और मैच खेलने हैं।
    पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह 439 और कूपर कोनोली 436 रनों के साथ इस रेस में बने हुए हैं।
    इन सभी चारों बल्लेबाजों की नजरें आज टॉप-5 में अपनी जगह बनाने पर होगी। देखने वाली बात यह है कि इनमें से कौन कामयाब होता है और किसको इंतजार करना पड़ेगा।
  • KKR ने GT को 29 रन से हराया, हाईस्कोरिंग मुकाबले में प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा..

    KKR ने GT को 29 रन से हराया, हाईस्कोरिंग मुकाबले में प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा..

    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-60 में शनिवार (16 मई) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना गुजरात टाइटन्स (GT) से हुआ. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुएइस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटन्स पर 29 रनों से जीत हासिल की. कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटन्स को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 4 विकेट पर 218 रन ही बना सकी.इस जीत के चलते कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ की रेस में अब भी बनी हुई है. मौजूदा सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. कोलकाता नाइट राइडर्स ने 12 में से 5 मुकाबले जीते हैं और उसके 11 अंक हैं. दूसरी ओर गुजरात टाइटन्स ने 13 मैच खेलकर 8 में जीत दर्ज की है. गुजरात टाइटन्स के 16 पॉइंट्स हैं.

    गुजरात की पारी की हाइलाइट्स

    रनचेज में गुजरात टाइटन्स की शुरुआत तूफानी रही. साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने मिलकर 42 रन जोड़े. जब सुदर्शन 23 रनों पर थे, तो उन्हें चोट की वजह से रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. इसके बाद क्रीज पर उतरे निशांत सिंधु (1 रन) कुछ खास नहीं कर पाए और उनका विकेट सुनील नरेन ने लिया. यहां से जोस बटलर और कप्तान शुभमन गिल ने मिलकर 128 रनों की साझेदारी कर गुजरात टाइटन्स को मैच में वापस लाने की कोशिश की. शुभमन ने 49 गेंदों पर 85 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और पांच चौके शामिल रहे.

    शुभमन गिल स्पिनर सुनील नरेन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में बाउंड्री लाइन पर अनुकूल रॉय के हाथों लपके गए. शुभमन के आउट होने के बाद साई सुदर्शन दोबारा बैटिंग के लिए उतरे, हालांकि उनकी इनिंग्स जरूरी रनरेट के हिसाब से रफ्तार नहीं पकड़ पाई. सुदर्शन ने 6 चौके और तीन छक्के की मदद से 28 बॉल पर 53* रनों का योगदान दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर का भी यही हाल रहा. बटलर ने 35 बॉल पर 57 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. बटलर का विकेट तेज गेंदबाज सौरभ दुबे ने लिया. राहुल तेवतिया सिर्फ 2 रन बना सके और उनका विकेट कैमरन ग्रीन ने झटका.

    ऐसी रही कोलकाता नाइट राइडर्स की बैटिंग
    कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 2 विकेट पर 247 रन बनाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. कप्तान अजिंक्य रहाणे 14 रनों के निजी स्कोर पर चलते बने. रहाणे को तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने बोल्ड किया. इसके बाद फिन एलन और अंगकृष रघुवंशी ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी में फिन एलन का योगदान काफी ज्यादा रहा. एलन ने सिर्फ 35 बॉल पर 93 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और 4 चौके शामिल रहे. एलन को स्पिनर आर साई किशोर ने आउट किया.यहां से अंगकृष रघुवंशी और कैमरन ग्रीन के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 108 रनों की साझेदारी हुई, जिसने कोलकाता नाइट राइडर्स को विशाल स्कोर तक पहुंचाया. अंगकृष रघुवंशी ने 7 छक्के और 4 चौके की मदद से 44 बॉल पर नाबाद 82 रनों का योगदान दिया. वहीं कैमरन ग्रीन ने 28 बॉल पर 52* रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 4 छक्के शामिल रहे.
    कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटन्स के बीच इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 7 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2 मुकाबले जीते. जबकि गुजरात टाइटन्स को 4 मैचों में जीत हासिल हुई. इसके अलावा एक मुकाबला बारिश से भी धुला. मौजूदा सीजन में दोनों टीमों दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 17 अप्रैल 2026 को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से पराजित किया था.
    कोलकाता vs गुजरात h2h
    कुल IPL मैच: 7
    कोलकाता ने जीते: 2
    गुजरात ने जीते: 4
    बेनतीजा: 1
    कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग-11: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, सौरभ दुबे और कार्तिक त्यागी.
    इम्पैक्ट सब: मथीशा पथिराना.
    गुजरात टाइटन्स की प्लेइंग-11: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, आर साई किशोर और मोहम्मद सिराज.
    इम्पैक्ट सब: राहुल तेवतिया.

  • घर का मुख्य द्वार: जहां छोटी-सी गलतियां रोक सकती हैं तरक्की, जानें वास्तु के जरूरी नियम

    घर का मुख्य द्वार: जहां छोटी-सी गलतियां रोक सकती हैं तरक्की, जानें वास्तु के जरूरी नियम


    नई दिल्ली। घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। माना जाता है कि अगर घर के प्रवेश द्वार के आसपास गलत चीजें रखी जाएं तो इसका सीधा असर परिवार की तरक्की, सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसलिए वास्तु में मुख्य द्वार को साफ, खुला और रोशनी से भरपूर रखने की सलाह दी जाती है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य द्वार पर कभी भी कूड़ा, टूटा-फूटा सामान या बेकार चीजें नहीं रखनी चाहिए। कई घरों में पुराने जूते-चप्पल या खराब सामान दरवाजे के पास रख दिया जाता है, जिसे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। इससे घर में तनाव और आर्थिक बाधाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए ऐसे सामान को तुरंत हटा देना चाहिए।

    इसके अलावा, मुख्य द्वार के सामने जूते-चप्पलों का ढेर लगाना भी शुभ नहीं माना जाता है। इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। जूतों को हमेशा एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि घर का वातावरण साफ और संतुलित बना रहे।

    वास्तु के अनुसार, घर के प्रवेश द्वार पर सूखे या कांटेदार पौधे भी नहीं रखने चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है। इनके स्थान पर हरे-भरे और खुशबूदार पौधे जैसे तुलसी रखना शुभ माना जाता है। साथ ही, मुख्य दरवाजे पर पर्याप्त रोशनी होना भी जरूरी है, क्योंकि अंधेरा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर की सुख-समृद्धि पर असर डाल सकता है।

  • भुवनेश्वर: ‘मंदिरों का शहर’ जहां पत्थरों में सांस लेता है इतिहास और हर मोड़ पर झलकती है आस्था

    भुवनेश्वर: ‘मंदिरों का शहर’ जहां पत्थरों में सांस लेता है इतिहास और हर मोड़ पर झलकती है आस्था



    नई दिल्ली।
    ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर को भारत का “टेंपल सिटी ऑफ इंडिया” कहा जाता है, जहां हर मोड़ पर आस्था और इतिहास की झलक देखने को मिलती है। यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है, और यहां आने वाले पर्यटकों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव मिलता है।

    ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, एक समय भुवनेश्वर में 2000 से भी अधिक मंदिर हुआ करते थे, हालांकि समय के साथ कई मंदिर नष्ट हो गए, लेकिन आज भी यहां 700 से ज्यादा प्राचीन मंदिर मौजूद हैं। इन मंदिरों में सबसे प्रमुख लिंगराज मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है और लगभग एक हजार साल पुराना माना जाता है। यह मंदिर कलिंग शैली की अद्भुत वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है, जिसकी ऊंची मीनारें और पत्थरों पर की गई नक्काशी लोगों को आकर्षित करती है।

    भुवनेश्वर सिर्फ मंदिरों का शहर ही नहीं, बल्कि यहां की रोजमर्रा की जिंदगी भी धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। सुबह की शुरुआत मंदिरों की घंटियों और भजनों से होती है, जबकि फूल, दीपक और पूजा सामग्री से जुड़ा स्थानीय कारोबार भी इसी आस्था पर आधारित है। यहां के त्योहार पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग देते हैं और ओडिया व्यंजनों में भी धार्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है।

    आज भुवनेश्वर आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जहां नई इमारतें और बेहतर सुविधाएं विकसित हो रही हैं, लेकिन इसके बीच सदियों पुराने मंदिर आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं। यही परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम भुवनेश्वर को एक खास और अद्वितीय शहर बनाता है, जहां हर आगंतुक इतिहास, संस्कृति और भक्ति का अनुभव एक साथ करता है।

  • भगवान शिव के गले में क्यों रहता है नाग, जानिए इस रहस्य से जुड़ी पौराणिक कथा?

    भगवान शिव के गले में क्यों रहता है नाग, जानिए इस रहस्य से जुड़ी पौराणिक कथा?



    नई दिल्ली।
    हिंदू धर्म में भगवान शिव की छवि जितनी रहस्यमयी है, उतनी ही गहरी उनके प्रतीकों की भी मान्यता है। उनके गले में लिपटा हुआ नाग अक्सर लोगों के मन में सवाल खड़ा करता है कि आखिर भोलेनाथ ने डर और विष के प्रतीक माने जाने वाले सांप को अपने आभूषण के रूप में क्यों धारण किया। इसके पीछे केवल एक नहीं, बल्कि कई पौराणिक और आध्यात्मिक कारण बताए जाते हैं।

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जब वासुकी नाग को रस्सी बनाकर देवताओं और दानवों ने मिलकर मंथन किया था, तब यह घटना शिव और नागों के बीच गहरे संबंध की शुरुआत मानी जाती है। मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला तो पूरी सृष्टि संकट में आ गई। ऐसे समय में भगवान शिव ने उस विष को पीकर संसार की रक्षा की और उसे अपने कंठ में रोक लिया। इसी कारण उनका नाम नीलकंठ पड़ा। माना जाता है कि इसी घटना के बाद नागों की भक्ति और समर्पण शिव के प्रति और मजबूत हो गया।

    धार्मिक मान्यता यह भी कहती है कि भगवान शिव ने नाग को अपने गले में स्थान देकर यह संदेश दिया कि सृष्टि का हर जीव समान है, चाहे वह डरावना ही क्यों न लगे। सांप सामान्यतः भय और मृत्यु का प्रतीक माना जाता है, लेकिन शिव ने उसे अपनाकर यह सिद्ध किया कि सच्चा योगी वही है जो भय पर विजय पा ले। उनके लिए जीवन और मृत्यु दोनों समान हैं, इसलिए नाग उनके लिए आभूषण बन गया।

    आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो नाग को ऊर्जा और जागृति का प्रतीक माना जाता है। योग परंपरा में कुंडलिनी शक्ति को सर्प के रूप में दर्शाया जाता है, जो मानव शरीर में सुप्त अवस्था में रहती है। भगवान शिव को योग और ध्यान का सर्वोच्च स्वरूप माना गया है, इसलिए उनके गले में नाग इस बात का संकेत है कि वे जाग्रत चेतना और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के स्वामी हैं।

    आज भी शिवभक्त सावन, महाशिवरात्रि और नाग पंचमी जैसे पर्वों पर शिव और नाग देवता की एक साथ पूजा करते हैं। शिव मंदिरों में शिवलिंग पर नाग की आकृति इस बात का प्रतीक है कि भगवान शिव अपने भक्तों को हर प्रकार के भय और संकट से मुक्ति दिलाते हैं। उनका यह स्वरूप शक्ति, संतुलन और निडरता का संदेश देता है, जो जीवन के हर पहलू में प्रेरणा बनकर सामने आता है।

  • गुजरात कोर्ट का बड़ा आदेश: ब्राह्मण समुदाय पर टिप्पणी मामले में अनुराग कश्यप के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने के निर्देश

    गुजरात कोर्ट का बड़ा आदेश: ब्राह्मण समुदाय पर टिप्पणी मामले में अनुराग कश्यप के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने के निर्देश



    नई दिल्ली।
    फिल्म निर्माता और अभिनेता अनुराग कश्यप एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। गुजरात के सूरत की एक अदालत ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समुदाय को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिस पर शिकायतकर्ता ने गंभीर आपत्ति जताई थी।

    सूरत की JMFC (जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास) अदालत ने स्थानीय वकील और विश्व हिंदू परिषद के नेता कमलेश रावल द्वारा दायर निजी शिकायत पर आंशिक रूप से सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने माना कि शुरुआती स्तर पर यह पर्याप्त आधार दिखाई देता है कि कश्यप की पोस्ट से किसी विशेष समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में तनाव फैलने की स्थिति बन सकती है।

    कोर्ट ने आदेश में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज करने को कहा है, जिनमें धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करना) और धारा 353(2) (भ्रामक या गलत जानकारी फैलाना) शामिल हैं।

    यह पूरा विवाद फिल्म ‘फुले’ के ट्रेलर रिलीज से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ था। आरोप है कि 16 अप्रैल को ‘ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज’ ने ट्रेलर पर आपत्ति जताई थी, जिसके जवाब में अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक टिप्पणी की थी, जिसे समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक माना गया।

    शिकायतकर्ता कमलेश रावल का दावा है कि कश्यप ने एक बार नहीं, बल्कि दो बार ऐसी टिप्पणियां कीं, जिससे ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्मी हस्तियों की बातों का समाज पर बड़ा असर पड़ता है, इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

    शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले 2020 में भी कश्यप के खिलाफ इसी तरह की आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें उन्हें कई बार समन भेजे गए थे, लेकिन वे अदालत में पेश नहीं हुए थे। इसके चलते उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने की भी बात सामने आई है।

    इस आदेश के बाद अब मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और अनुराग कश्यप को अदालत में अपना पक्ष रखना होगा।

  • ‘त्रिदेव’ के ‘ओए ओए’ गाने पर क्यों मची थी हलचल? 36 साल पुरानी फिल्म से जुड़ा है हैरान करने वाला किस्सा

    ‘त्रिदेव’ के ‘ओए ओए’ गाने पर क्यों मची थी हलचल? 36 साल पुरानी फिल्म से जुड़ा है हैरान करने वाला किस्सा



    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई फिल्में अपनी कहानी और गानों की वजह से याद की जाती हैं, लेकिन 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘त्रिदेव’ से जुड़ा एक किस्सा आज भी हैरान कर देता है। इस फिल्म के एक गाने की वजह से उस दौर में देश के कई हिस्सों में विवाद की स्थिति बन गई थी और कुछ मामलों में गिरफ्तारियां तक होने की खबरें सामने आई थीं।

    साल 1989 में रिलीज हुई इस मल्टी-स्टारर फिल्म ‘त्रिदेव’ को राजीव राय ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, सनी देओल, जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित, संगीता बिजलानी, सोनम, अनुपम खेर और अमरीश पुरी जैसे बड़े कलाकारों ने काम किया था। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही और इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई के साथ 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी अपने नाम किए थे।

    हालांकि, इस फिल्म की सफलता के बीच इसका एक गाना ‘ओए ओए’ काफी चर्चा में आ गया था। यह गाना युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ, लेकिन बाद में इसके इस्तेमाल को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। निर्देशक राजीव राय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि यह गाना रेडियो नशा पर काफी हिट रहा, लेकिन धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल गलत संदर्भों में होने लगा।

    रिपोर्ट्स और उस समय की चर्चाओं के मुताबिक, कुछ जगहों पर लोग इस गाने के बोलों का इस्तेमाल छेड़खानी जैसी घटनाओं में करने लगे थे, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई की बातें भी सामने आईं और कई मामलों में लोगों पर कार्रवाई हुई। हालांकि, गाने पर आधिकारिक रूप से कोई बैन नहीं लगाया गया था, लेकिन यह सामाजिक स्तर पर विवाद का विषय जरूर बन गया था।

    ‘ओए ओए’ गाना ग्लोबल हिट गाने ‘Rhythm Is Gonna Get You’ से प्रेरित बताया जाता है, जिसे कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने कंपोज किया था। इस गाने को कविता कृष्णमूर्ति और सुरेश वाडकर ने अपनी आवाज दी थी। समय के साथ यह गाना पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया, लेकिन इसके साथ जुड़ा यह विवाद आज भी लोगों को चौंका देता है।

    इस तरह ‘त्रिदेव’ सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म ही नहीं रही, बल्कि अपने गाने की वजह से चर्चा और विवाद दोनों का हिस्सा बन गई, जिसकी गूंज 36 साल बाद भी लोगों के बीच सुनाई देती है।

  • Jio IPO अपडेट: निवेशकों की नजरें, जल्द आ सकता है ऑफिशियल अनाउंसमेंट

    Jio IPO अपडेट: निवेशकों की नजरें, जल्द आ सकता है ऑफिशियल अनाउंसमेंट


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर मेगा पब्लिक इश्यू की तैयारी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Reliance Industries Limited की डिजिटल इकाई Jio Platforms Limited जल्द ही अपना बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च कर सकती है। जानकारी के अनुसार, कंपनी मई 2026 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है।

    IPO को लेकर क्यों बढ़ी हलचल
    कंपनी ने पिछले कुछ महीनों से इस मेगा इश्यू की तैयारी तेज कर दी है। शुरुआत में मार्च तक फाइलिंग का प्लान था, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के कारण इसे टाल दिया गया। अब कंपनी अपने वित्तीय आंकड़ों और बाजार स्थितियों का आकलन करने के बाद आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है।

    बड़ी टीम और ग्लोबल बैंकों की भागीदारी
    इस मेगा IPO को संभालने के लिए कंपनी ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। करीब 19 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंकों को सलाहकार के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
    Goldman Sachs
    Morgan Stanley
    Bank of America
    Citigroup
    HSBC
    Kotak Mahindra Capital
    JM Financial

    कितना बड़ा हो सकता है IPO?
    हालांकि कंपनी ने अभी तक IPO साइज को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू हो सकता है। अगर यह IPO लॉन्च होता है, तो यह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर और भारतीय टेक-टेलीकॉम सेक्टर के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।

    क्यों है यह IPO खास?
    भारत का सबसे बड़ा संभावित IPO
    लंबे समय बाद रिलायंस समूह का बड़ा पब्लिक इश्यू
    डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत पकड़
    घरेलू और विदेशी निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी

    जियो का संभावित IPO भारतीय शेयर बाजार में नई हलचल पैदा कर सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन मई 2026 को लेकर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।

  • अजय देवगन ने टाली ‘धमाल 4’ की रिलीज, अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिला बड़ा फायदा

    अजय देवगन ने टाली ‘धमाल 4’ की रिलीज, अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिला बड़ा फायदा

    नई दिल्ली ।  अक्सर देखा जाता है कि कई फिल्में एक ही वक्त पर सिनेमाघरों में रिलीज हो जाती हैं, इससे दोनों ही फिल्मों के बिजनेस पर गहरा असर पड़ता है। यही नहीं मेकर्स फिल्मों के क्लैश को लेकर आलोचना का सामना भी करते हैं। इसलिए जब ऐसी टक्करों से बचा जाता है, तो यह सभी लोगों के लिए खुशी की बात होती है। इसका ताजा उदाहरण अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ और अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ है।
    बदल गई ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट
    ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि अजय देवगन ने अपनी फिल्म ‘धमाल 4′ की रिलीज डेट बदल दी है। तरण ने अपने ट्वीट में लिखा, ”धमाल 4’ – ‘वेलकम टू द जंगल’: अजय देवगन – अक्षय कुमार का क्लैश टल गया… आपसी सम्मान और स्मार्ट बिजनेस प्लानिंग के तहत, अजय देवगन ने ‘धमाल 4′ की रिलीज डेट 17 जुलाई 2026 जो [पहले 3 जुलाई, 2026 को तय थी] उसे बदलने का फैसला किया है।’

    अजय के फैसले से मिलेगा अक्षय को फायदा

    तरण ने आगे लिखा, ‘खबर है कि अजय देवगन और अक्षय कुमार ने बात की और आपसी सहमति से दोनों फिल्मों – ‘धमाल 4’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ को उतना ही थिएटर में चलने दिया, जितना वे डिजर्व करती हैं। साथ ही यह भी पक्का किया कि ऑडियंस को दो फुल-स्केल मैडकैप एंटरटेनर उसी तरह देखने को मिलें, जैसा उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का मकसद है। जहां ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून, 2026 को सिनेमाघरों में आएगी, वहीं ‘धमाल 4′ अब 17 जुलाई 2026 को रिलीज होगी, जिससे WTTJ को बॉक्स ऑफिस पर तीन हफ्ते का अच्छा विंडो मिलेगा।’ अब ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘धमाल 4’ दोनों को लेकर ऑडियंस के बीच एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। दोनों फ्रेंचाइजी पहले भी ऑडियंस को एंटरटेन कर चुकी हैं और इस बार भी मेकर्स बड़े लेवल पर फिल्मों को तैयार कर रहे हैं।
    ‘भूत बंगला’ से चर्चा में हैं अक्षय कुमार
    अक्षय कुमार इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर खबरों में बने हुए हैं। इस फिल्म के साथ अक्षय ने एक बार फिल्ममेकर प्रियदर्शन के साथ हाथ मिलाया है। इनकी जोड़ी ने हमेशा ही पर्दे पर कमाल किया है। ‘भूत बंगला’ 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने 29 दिनों में भारत में करीब 165 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल, राजपाल यादव, असरानी, तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकारों ने अहम रोल अदा किया है।