Author: bharati

  • Jio IPO अपडेट: निवेशकों की नजरें, जल्द आ सकता है ऑफिशियल अनाउंसमेंट

    Jio IPO अपडेट: निवेशकों की नजरें, जल्द आ सकता है ऑफिशियल अनाउंसमेंट


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर मेगा पब्लिक इश्यू की तैयारी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Reliance Industries Limited की डिजिटल इकाई Jio Platforms Limited जल्द ही अपना बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च कर सकती है। जानकारी के अनुसार, कंपनी मई 2026 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है।

    IPO को लेकर क्यों बढ़ी हलचल
    कंपनी ने पिछले कुछ महीनों से इस मेगा इश्यू की तैयारी तेज कर दी है। शुरुआत में मार्च तक फाइलिंग का प्लान था, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के कारण इसे टाल दिया गया। अब कंपनी अपने वित्तीय आंकड़ों और बाजार स्थितियों का आकलन करने के बाद आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है।

    बड़ी टीम और ग्लोबल बैंकों की भागीदारी
    इस मेगा IPO को संभालने के लिए कंपनी ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। करीब 19 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंकों को सलाहकार के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
    Goldman Sachs
    Morgan Stanley
    Bank of America
    Citigroup
    HSBC
    Kotak Mahindra Capital
    JM Financial

    कितना बड़ा हो सकता है IPO?
    हालांकि कंपनी ने अभी तक IPO साइज को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू हो सकता है। अगर यह IPO लॉन्च होता है, तो यह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर और भारतीय टेक-टेलीकॉम सेक्टर के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।

    क्यों है यह IPO खास?
    भारत का सबसे बड़ा संभावित IPO
    लंबे समय बाद रिलायंस समूह का बड़ा पब्लिक इश्यू
    डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत पकड़
    घरेलू और विदेशी निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी

    जियो का संभावित IPO भारतीय शेयर बाजार में नई हलचल पैदा कर सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन मई 2026 को लेकर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।

  • अजय देवगन ने टाली ‘धमाल 4’ की रिलीज, अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिला बड़ा फायदा

    अजय देवगन ने टाली ‘धमाल 4’ की रिलीज, अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिला बड़ा फायदा

    नई दिल्ली ।  अक्सर देखा जाता है कि कई फिल्में एक ही वक्त पर सिनेमाघरों में रिलीज हो जाती हैं, इससे दोनों ही फिल्मों के बिजनेस पर गहरा असर पड़ता है। यही नहीं मेकर्स फिल्मों के क्लैश को लेकर आलोचना का सामना भी करते हैं। इसलिए जब ऐसी टक्करों से बचा जाता है, तो यह सभी लोगों के लिए खुशी की बात होती है। इसका ताजा उदाहरण अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ और अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ है।
    बदल गई ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट
    ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि अजय देवगन ने अपनी फिल्म ‘धमाल 4′ की रिलीज डेट बदल दी है। तरण ने अपने ट्वीट में लिखा, ”धमाल 4’ – ‘वेलकम टू द जंगल’: अजय देवगन – अक्षय कुमार का क्लैश टल गया… आपसी सम्मान और स्मार्ट बिजनेस प्लानिंग के तहत, अजय देवगन ने ‘धमाल 4′ की रिलीज डेट 17 जुलाई 2026 जो [पहले 3 जुलाई, 2026 को तय थी] उसे बदलने का फैसला किया है।’

    अजय के फैसले से मिलेगा अक्षय को फायदा

    तरण ने आगे लिखा, ‘खबर है कि अजय देवगन और अक्षय कुमार ने बात की और आपसी सहमति से दोनों फिल्मों – ‘धमाल 4’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ को उतना ही थिएटर में चलने दिया, जितना वे डिजर्व करती हैं। साथ ही यह भी पक्का किया कि ऑडियंस को दो फुल-स्केल मैडकैप एंटरटेनर उसी तरह देखने को मिलें, जैसा उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का मकसद है। जहां ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून, 2026 को सिनेमाघरों में आएगी, वहीं ‘धमाल 4′ अब 17 जुलाई 2026 को रिलीज होगी, जिससे WTTJ को बॉक्स ऑफिस पर तीन हफ्ते का अच्छा विंडो मिलेगा।’ अब ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘धमाल 4’ दोनों को लेकर ऑडियंस के बीच एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। दोनों फ्रेंचाइजी पहले भी ऑडियंस को एंटरटेन कर चुकी हैं और इस बार भी मेकर्स बड़े लेवल पर फिल्मों को तैयार कर रहे हैं।
    ‘भूत बंगला’ से चर्चा में हैं अक्षय कुमार
    अक्षय कुमार इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर खबरों में बने हुए हैं। इस फिल्म के साथ अक्षय ने एक बार फिल्ममेकर प्रियदर्शन के साथ हाथ मिलाया है। इनकी जोड़ी ने हमेशा ही पर्दे पर कमाल किया है। ‘भूत बंगला’ 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने 29 दिनों में भारत में करीब 165 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल, राजपाल यादव, असरानी, तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकारों ने अहम रोल अदा किया है।

  • Weather: केरल में इस दिन दस्तक देगा मानसून, दक्षिण में भारी और उत्तर-मध्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

    Weather: केरल में इस दिन दस्तक देगा मानसून, दक्षिण में भारी और उत्तर-मध्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान


    नई दिल्ली।
    इस मानसून सत्र (Monsoon Session) में देश के लगभग आधे हिस्से, उत्तर और मध्य भारत (North and Central India) में भीषण सूखा पड़ने की आशंका है। जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश (Monsoon Rains) के भी सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसका प्रमुख कारण प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में बन रहा शक्तिशाली अल नीनो है। इसकी वजह से दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में भीषण बाढ़ का खतरा भी है। कृषि प्रधान भारत के लिए मानसून की यह स्थिति बहुत भयावह है, जो बहुत हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अल नीनो तेजी से आकार ले रहा है। भारत के लिए अल नीनो हमेशा से ही खराब रहा है। इस बार मजबूत अल नीनो बन रहा है, जिसका भयावह परिणाम हो सकता है। मजबूत अल नीनो दक्षिण पश्चिम मानसून की हवाओं को कमजोर कर देता है। इसका नतीजा यह होता है कि देश के अधिकांश हिस्से में बारिश कम होती है और सूखे जैसे हालात पैदा हो जाता हैं। इस बार उत्तर और मध्य भारत में कुछ ऐसी ही स्थिति की आशंका है। दूसरी तरफ, तमिनलाडु, आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में तबाही वाली बढ़ आ सकती है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार सामान्य तिथि से करीब चार दिन पहले, यानी 26 मई के आसपास केरल तट पर दस्तक दे सकता है। शनिवार को यह दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान- निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ा है। इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।


    यूपी, हरियाणा-पंजाब में सबसे ज्यादा असर

    शक्तिशाली अल नीनो का सबसे अधिक उत्तर और मध्य भारत पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। पश्चिम भारत के कुछ हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों पर बुरा असर पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर के लिए गर्मी और सूखे के दोहरे संकट का सामना करना पड़ सकता है।

    मानसूनी बारिश कम होने से प्रमुख फसलों को नुकसान हो सकता है। इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों, बिजली आपूर्ति और ग्रामीण आय पर दबाव बढ़ सकता है। भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 फीसदी मानसून से आता है और लगभग आधी आबादी कृषि पर निर्भर है, ऐसे में कम बारिश वाला वर्ष भी व्यापक आर्थिक प्रभाव डाल सकता है।


    आईओडी कम कर सकता है असर

    इस भयावह आशंका के बीच इंडियन ओशन डिपोल’ (आईओडी) के रूप में एक उम्मीद की किरण भी नजर आ रही है। जलवायु मॉडल के अनुसार मानसून के आखिरी महीनों में आईओडी सकाकात्मक हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है। मानसूनी हवाओं को थोड़ी मजबूती मिल सकती है जिससे कुछ इलाकों में बारिश की वापसी संभव है।


    लू घोषित करने के मापदंडों में बदलाव करेगा आईएमडी

    आईएमडी अपने विशेषज्ञों के साथ मिलकर जल्द ही देश में लू की स्थिति घोषित करने के मानदंडों में संशोधन करेगा। मौजूदा मापदंड भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस गर्मी के मौसम में लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा तथा पहली बार कर्नाटक-महाराष्ट्र तट के पास बने चक्रवाती तंत्र के आधार पर मौसम पूर्वानुमान जारी किए गए। इससे पहले कभी भी दक्षिण के इतने करीब कोई चक्रवाती तंत्र नहीं बना था और इस बार हमें इसी के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाना पड़ा।


    870 मिलीमीटर होनी चाहिए औसत बारिश

    आईएमडी के पूर्वानुमान एक अनुसार, इस साल मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के केवल 92 फीसदी होने की संभावना है। एलपीए का यह स्तर सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में आता है। साल 1971 से 2020 के डाटा के आधार पर भारत में औसत बारिश 870 मिलीमीटर होनी चाहिए, लेकिन इस बार इससे कम बारिश होने की आशंका है। आंकड़ों के मुताबिक इस बार सूखे की स्थिति बनने की संभावना 35% है। यह सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। जून या जुलाई में अल नीनो के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।


    44.8 डिग्री पर तपा बांदा

    उत्तर प्रदेश में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। शनिवार को राज्य में अधिकतम स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही रहा। बांदा में सबसे अधिक तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, झांसी में 44.1 डिग्री, प्रयागराज में 44 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। आगरा में 43 डिग्री सेल्सियस, गाजीपुर में 42 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी हवाई अड्डे पर 41.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया।

  • कोविड और युद्ध ने किए-धरे पर फेरा पानी… गरीबी लौटी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट: PM मोदी

    कोविड और युद्ध ने किए-धरे पर फेरा पानी… गरीबी लौटी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट: PM मोदी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र (Prime Minister Narendra) ने इस समय को तबाही का दशक घोषित करते हुए बड़ी बात कह दी है। शनिवार को नीदरलैंड्स (Netherlands) में भारतीयों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड (Covid) और मध्य एशिया (Central Asia) में छिड़े युद्ध ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया और दुनिया एक बार फिर गरीबी के गड्ढे में जा गिरी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े संकट से जूझ रही है। पीएम मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। यूएई के बाद वह नीदरलैंड्स पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि, विश्व के सामने अब नई चुनौतियां हैं और इनसे निपटना आसान नहीं है।


    पहले कोरोना फिर युद्ध ने मचाई तबाही

    पीएम मोदीने कहा कि यह दशक प्रलयंकारी साबित हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो बीते कई दशकों के काम पर पानी फिर जाएगा और दुनिया का एक बड़ा हिस्सा गरीब हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोगों को पहले ही सावधान कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से पेट्रोल और डीजल के कम इस्तेमाल की सलाह दी है। पीएम मोदी ने सरकारी खर्च पर भी नियंत्रण करने के निर्देश दे दिए हैं।


    पीएम मोदी की लोगों को सलाह

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों हैदराबाद में कहा था कि लोगों को जितना हो सके वर्क फ्रॉम होम करना चाहिए और आना जाना कम कर देना चाहिए। इसके अलावा कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी मुद्रा को बचाना भी एक तरह की देशभक्ति है। इसके अलावा आने-जाने के लिए कार पूल करें और खेतों में उर्वरकों का इस्तेमाल भी कम करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि लोगों को एसी का भी इस्तेमाल कर देना चाहिए जिससे ऊर्जा संकट से निपटा जा सके।


    पेट्रोल डीजल में लगी आग

    देश में पिछले चार साल से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजापा नहीं हुआ था। हालांकि ईरान संकट की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी गई है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये का और डीजल 90.67 रुपये का हो गया है। जानकारों का कहना है कि इस वृद्धि का असर सीधा-सीधा आपकी रसोईऔर रोजमर्रा की जिंदगी पर होने वाला है। अमूल कंपनी ने अपने दूध की कीमत में भी वृद्धि की है।


    ऊर्जा संकट से निपटने का प्रयास

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा उनसे भारत में निवेश करने का आह्वान किया।

  • बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?

    बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (Falta By-Election) से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee.) पर करारा हमला बोला है। शनिवार को भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पोंडा के समर्थन में फाल्टा में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर कई बड़े एलान किए। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र में यह उनकी पहली जनसभा थी।

    शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के फाल्टा उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें घोषित कुख्यात अपराधी करार दिया। उन्होंने कहा, “2019 के चुनाव बाद हुई हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य के 19 सबसे कुख्यात अपराधियों की सूची जारी की थी। भतीजे के संरक्षण में पलने वाला यह जहांगीर खान उसी सूची में शामिल था। अब इस तथाकथित ‘पुष्पा’ को मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, जो अब कहीं दिखाई भी नहीं दे रहा है। वह अब मेरी जिम्मेदारी है और मैं खुद उसका मामला देखूंगा।”


    क्या था ‘पुष्पा’ और ‘सिंघम’ का विवाद?

    चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक 2011 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा (IPS Ajay PAl Sharma) ने मतदाताओं को धमकाने की शिकायत के बाद जहांगीर खान के घर और दफ्तर का दौरा किया था। इस पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने पलटवार करते हुए कहा था कि “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।” मुख्यमंत्री ने इसी बयान पर तंज कसा है।

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब से बंगाल के राजनीतिक पटल पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का उदय हुआ है, तब से पिछले एक दशक में डायमंड हार्बर और फाल्टा के लोग स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए हैं।

    उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “अब बंगाल का परिदृश्य बदल चुका है। फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को होने वाला पुनर्मतदान यहां के लोगों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस दिलाएगा। मैं फाल्टा के मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा उम्मीदवार को 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से विजयी बनाएं।” इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से कानून अपने हाथ में न लेने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की।


    फाल्टा में दोबारा चुनाव क्यों?

    चुनाव आयोग ने फाल्टा में 29 अप्रैल को हुए मतदान को ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया था।

    भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की फाइलें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कोलकाता नगर निगम से फाइलें मांगी थीं। अब मेरे पास दक्षिण 24 परगना जिले के आमताला में एक आलीशान दफ्तर सहित इस कंपनी की 24 संपत्तियों की पूरी सूची और विवरण है। बहुत जल्द इन सभी संपत्तियों के खिलाफ गहन जांच शुरू की जाएगी।”


    5 साल पुराने मामले भी खुलेंगे

    चुनाव के बाद डर के मारे पलायन कर चुके लोगों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी, लेकिन यह सशर्त होगी। उन्होंने कहा, “2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा में भाजपा के 57 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी और 12,500 एफआईआर दर्ज की गई थीं। यदि इन फरार लोगों में से किसी का भी नाम उन एफआईआर में आरोपी के रूप में दर्ज है, तो उन्हें घर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम उन्हें बालों से घसीटकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे।”

    मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भले ही राजनीतिक अपराध 5 साल या उससे अधिक पुराने क्यों न हों, उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कर अपराधियों को तुरंत जेल भेजा जाए।


    धार्मिक भावनाओं का सम्मान

    अक्टूबर 2025 में दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में मां काली की खंडित मूर्ति को पुलिस द्वारा कैदी वैन में रखने के विवाद का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, “जिस पुलिस अधिकारी ने मां काली की मूर्ति को जेल वैन के अंदर रखा, उसके लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है। हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी सभी पुलिस फाइलें दोबारा खोली जाएंगी।”


    विशेष विकास पैकेज का एलान

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा की जनता के लिए भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र के वादों से अलग एक विशेष विकास पैकेज देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सत्ता की कुर्सी सिर्फ बैठने के लिए नहीं बल्कि न्याय के लिए सौंपी है और वे राज्य में न्याय का शासन स्थापित करके रहेंगे।

  • अकेले फिल्म देखने पर मिलते थे 10 हजार रुपये, फिर भी कोई नहीं जुटा पाया हिम्मत

    अकेले फिल्म देखने पर मिलते थे 10 हजार रुपये, फिर भी कोई नहीं जुटा पाया हिम्मत

    नई दिल्ली ।  बॉलीवुड में जब भी हॉरर फिल्मों की बात होती है, रामसे ब्रदर्स का नाम जरूर लिया जाता है। दो भाइयों की जोड़ी ने बॉलीवुड की बहुत सारी हॉरर फिल्में दीं। रामसे ब्रदर्स की पहली फिल्म हॉरर फिल्म थी दो गज जमीन के नीचे। पर आज हम आपको इस फिल्म के बारे में नहीं बता रहे हैं। हम आपको रामसे ब्रदर्स की उस फिल्म के बारे में बता रहे हैं जो इतनी डरावनी थी कि थिएटर्स के बाहर एंबुलेंस खड़ी रहती थी।
    सिनेमाहॉल के बाहर रहती थी एंबुलेंस
    तुलसी रामसे के बेटे दीपक रामसे ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बताया कि ये बात सच है कि जब फिल्म रिलीज हुई थी तो सिनेमाहॉल के बाहर एंबुलेंस रहती थी कि अगर कोई बहुत ज्यादा डर जाए फिल्म देखकर तो उसे अस्पताल ले जाया जा सके।

    अकेले देखने वाले को मिलते 10 हजार रुपये

    हिंदी रश से खास बातचीत में दीपक से सवाल हुआ कि क्या ये बात सच है कि रामसे ब्रदर्स की एक ऐसी फिल्म थी जिसके लिए कहा गया था कि अकेले देखने वाले को 10 हजार रुपये मिलेंगे? इसपर दीपक ने हां में जवाब दिया। फिल्म के बारे में बात करते हुए दीपक ने बताया कि जो फिल्म के ट्रायल शोज हुए थे, उसमें फिल्म देखकर बहुत से लोग घबरा गए थे।
    फिल्म की पब्लिसिटी के लिए तुलसी रामसे ने निकाला था ये तोड़
    दीपक ने बताया फिल्म की पब्लिसिटी के लिए तुलसी रामसे का आइडिया था कि एक चैलेंज रखा जाएगा कि जो भी दीवार को सिनेमाघर में अकेले बैठकर देखेगा, उसे 10 हजार रुपये मिलेंगे। दीपक ने बताया कि उन लोगों ने एक एंबुलेस भी हॉल के बाहर रखी थी कि अगर आप देख रहे हैं फिल्म और आप घबरा जाते हैं, और आपको कुछ हो जाता है तो सुरक्षा के लिए एंबुलेंस बाहर रहे। हालांकि, दीपक ने बताया किसी ने भी दरवाजा को अकेले देखने का प्रयास नहीं किया।
    फिल्म में नजर आए थे ये कलाकार
    दरवाजा आज से 48 साल पहले रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अनिल धवन, श्यामली, इम्तियाज खान, अंजू महेंद्रू, शक्ति कपूर, त्रिलोक कपूर और कृष्ण धवन जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म को श्याम रामसे और तुलसी रामसे ने डायरेक्ट किया था।दरवाजा अपने समय की सबसे डरावनी फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म का बहुत तगड़ा बज बन गया था और फिल्म बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी। दरवाजा एक क्रिएचर हॉरर फिल्म थी।
  • बड़ी रणनीतिक तैयारी में जुटा चीन…. एशिया के विवादित समुद्री इलाकों में तैनात किए बड़े बेड़े

    बड़ी रणनीतिक तैयारी में जुटा चीन…. एशिया के विवादित समुद्री इलाकों में तैनात किए बड़े बेड़े


    बीजिंग।
    नई चाल के तह चीन (China) एशिया (Asia) के विवादित समुद्री इलाकों (Maritime areas) में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। इसके लिए वह मछली पकड़ने वाली नावों, कोस्ट गार्ड जहाजों (Coast Guard vessels.) और समुद्री मिलिशिया यूनिट्स (Maritime Militia Units) के बड़े बेड़े तैनात कर रहा है। यह एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद बिना किसी सीधी सैन्य टकराव के अपना नियंत्रण मजबूत करना है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट और ताइवान न्यूज के हवाले से यह जानकारी दी गई है। हाल ही में चीन की लगभग 200 मछली पकड़ने वाली नावें येलो सी में और अंदर तक चली गईं।

    ये नावें उन समुद्री इलाकों के और करीब पहुंच गईं, जिन पर चीन और दक्षिण कोरिया दोनों अपना दावा करते हैं। जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस कंपनी Ingenispace द्वारा जुटाए गए डेटा से पता चला है कि अहम शिपिंग मार्गों और विवादित समुद्री क्षेत्रों में जहाजों की आवाजाही असामान्य रूप से बहुत ज्यादा बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीजिंग अपनी ‘ग्रे-जोन’ रणनीति के तहत अब ज्यादा से ज्यादा नागरिक मछली पकड़ने वाले बेड़ों पर निर्भर हो रहा है। ये बेड़े दोहरे इस्तेमाल वाले ऑपरेशन्स के लिए तैयार किए गए हैं। इस रणनीति का मकसद धीरे-धीरे अपना प्रभाव बढ़ाना है, लेकिन साथ ही खुले युद्ध की स्थिति से भी बचना है।

    Ingenispace के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जेसन वांग ने कहा कि इन जहाजों की तैनाती से यह जाहिर होता है कि चीन अनियमित समुद्री ऑपरेशन्स के जरिए क्षेत्रीय समुद्री इलाकों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जहाजों की यह बढ़ती संख्या चीन की उस संभावित क्षमता को भी दर्शाती है, जिसके तहत वह तनाव बढ़ने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक शिपिंग मार्गों को बाधित कर सकता है। पूर्वी चीन सागर में भी चीन की समुद्री गतिविधियां तेज हो गई हैं। 3 अप्रैल को 600 से ज्यादा चीनी मछली पकड़ने वाली नावें लगभग 18 घंटों तक एक लंबी कतार बनाकर खड़ी देखी गईं।


    कोस्ट गार्ड की गश्त भी बढ़ी

    इसके साथ ही, बीजिंग ने विवादित डियाओयुताई द्वीपों के आसपास कोस्ट गार्ड की गश्त भी बढ़ा दी। साउथ चाइना सी में, चीन ने पिछले एक साल में स्कारबोरो शोल के पास अपने कोस्ट गार्ड ऑपरेशन्स को कथित तौर पर दोगुना कर दिया है और इस इलाके को ‘नेशनल नेचर रिजर्व’ घोषित करने के बाद ज्यादा सख्त प्रशासनिक उपाय लागू किए हैं। वियतनाम के पास पैरासेल आइलैंड्स में नई कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी देखी गई है।


    क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?

    सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘सीलाइट प्रोजेक्ट’ के रिसर्चर्स ने बताया कि चीन ने पिछले साल समुद्री मिलिशिया और कोस्ट गार्ड जहाजों की सुरक्षा में ‘एंटेलोप रीफ’ का विस्तार करना शुरू कर दिया था। एक्सपर्ट्स ने कहा कि चीन का लंबे समय का मकसद विवादित पानी में अपने दबदबे को धीरे-धीरे सामान्य बनाना है, और साथ ही सीधे टकराव से बचना है। CSIS में जियोपॉलिटिक्स और विदेश नीति विभाग के प्रेसिडेंट विक्टर चा ने कहा कि चीन की कार्रवाइयां बहुत सोच-समझकर की गई हैं, ताकि बिना युद्ध छेड़े क्षेत्रीय नियंत्रण को मजबूत किया जा सके।

  • अपना रक्षा बजट बजट बढ़ाएगा पाकिस्तान…. 100 अरब की कर सकता है बढ़ोतरी

    अपना रक्षा बजट बजट बढ़ाएगा पाकिस्तान…. 100 अरब की कर सकता है बढ़ोतरी


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) अगले वित्त वर्ष में रक्षा बजट (Defense Budget) में करीब 100 अरब पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund – IMF) समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत अपना बजट तैयार कर रही है, जिसमें राजस्व में भारी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

    मालूम हो कि पाकिस्तान ने पिछले साल भारत के खिलाफ बड़ा युद्ध हारा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से पराजित करते हुए कई ठिकानों पर मिसाइलों से हमले किए थे। संघर्ष के दौरान पाकिस्तान भारत से बुरी तरह से ‘पिटा’ था। ऐसे में अब अगले साल से रक्षा बजट के इतना बढ़ाए जाने से आशंका जताई जा रही है कि क्या पाकिस्तानी सेना कोई बड़ी तैयारी तो नहीं कर रही है और भारत के लिए बड़ा खतरा तो नहीं पैदा होने जा रहा? माना जा रहा है कि इसके जरिए वह अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाएगा और हथियारों की खरीद भी बढ़ा सकता है, जिससे मुनीर की सेना की ताकत में इजाफा होगा।

    अखबार ‘डॉन’ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि 2026-27 के लिए रक्षा खर्च 2.66 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष में 2.56 लाख करोड़ रुपये है। रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ ने 2026-27 में पाकिस्तान की कुल संघीय आय 17.14 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक और करीब 13.5 प्रतिशत ज्यादा है।

    रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान ने केंद्र और प्रांतीय सरकारों के कुल खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.2 प्रतिशत तक बढ़ाकर 4.23 लाख करोड़ रुपये करने का वादा किया है। साथ ही जून 2027 तक केंद्र और प्रांतीय सरकारों के सभी भुगतानों को डिजिटल माध्यम से करने की योजना है। आईएमएफ कार्यक्रम से जुड़े व्यापक सुधारों के तहत सरकार इस वर्ष के अंत तक सबसे अधिक भ्रष्टाचार प्रभावित 10 संस्थानों की पहचान कर उनका विस्तृत अध्ययन और लेखा जांच करेगी। प्रांतीय भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों को भी मजबूत किया जाएगा।


    40 फीसदी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जो लोग घोर गरीबी में जी रहे हैं और जिन्हें सामाजिक सहायता मिल रही है, उनके अलावा भी लगभग 40 फीसदी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर बनी हुई है। IMF का एक मिशन इस समय पाकिस्तान में है, जो 2026-27 के बजट से पहले बजट पर होने वाली चर्चाओं को अंतिम रूप देने के लिए आया है। उम्मीद है कि यह बजट अगले महीने की शुरुआत में कैबिनेट और संसद के सामने पेश किया जाएगा।

  • PM मोदी का नीदरलैंड दौरा… यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी ASML से टाटा की डील, खुलेंगे रोजगार के अवसर

    PM मोदी का नीदरलैंड दौरा… यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी ASML से टाटा की डील, खुलेंगे रोजगार के अवसर


    दिल्ली।
    एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (ASML and Tata Electronics) के बीच हुए समझौते से भारत (India) में सेमीकंडक्टर उत्पादन (Semiconductor production) को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) की नीदरलैंड्स यात्रा (Netherlands trip) के दौरान हुए इस करार से तकनीक, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है.नीदरलैंड्स की प्रमुख तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने शनिवार को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्र के निर्माण और विस्तार में सहयोग किया जाएगा.

    यह समझौता प्रधान/मंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान हुआ और इसे उनकी मौजूदगी में अंतिम रूप दिया गया.एएसएमएल सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीनें बनाती है. कंपनी ने कहा कि वह भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में स्थित धोलेरा संयंत्र की स्थापना और उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी. यह संयंत्र प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य में बनाया जा रहा है.

    कंपनी ने बताया कि वह इस परियोजना में अपनी अत्याधुनिक लिथोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल करेगी.ये उपकरण हाई टेक माइक्रोचिप के तेज और बड़े पैमाने पर उत्पादन में काम आते हैं, जो कारों से लेकर मोबाइल फोन तक, कई आधुनिक उपकरणों में उपयोग किए जाते हैं.भारत‑नीदरलैंड्स आर्थिक साझेदारीयह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और नीदरलैंड्स ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक नया समझौता किया है.

    हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ था, जिसे यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला फोन डेर लाएन ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा था.बाजार पूंजीकरण के हिसाब से यूरोप की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने कहा कि उसे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में “कई महत्वपूर्ण अवसर” दिखाई दे रहे हैं.कंपनी के सीईओ क्रिस्टोफ फूके ने एक बयान में कहा कि एएसएमएल इस क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है.टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह संयंत्र लगभग 11 अरब डॉलर के निवेश से विकसित किया जा रहा है.इसमें तैयार होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल उद्योग और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे.

    यूरोपीय संघ को भारत उन्नत तकनीक और निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानता है, जिसका इस्तेमाल वह अपने यहां तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए करना चाहता है.दूसरी ओर, यूरोपीय संघ भारत को एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में एक बड़े बाजार के रूप में देखता है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही है.उन्होंने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम आने वाले समय में और अधिक ऊर्जा जोड़ते रहेंगे”

    नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब येटेन ने कहा कि डच कंपनियां आने वाले वर्षों में भारत में बड़े पैमाने पर निवेश कर सकती हैं और वहां रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.उन्होंने कहा, “यह डच कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने के लिए अवसर देता है और साथ ही भारतीय प्रतिभाओं को नीदरलैंड्स आकर्षित करने के मौका भी पैदा करता है”

  • “सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार ने खुद चुना उत्तराधिकारी”, ललन सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल

    “सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार ने खुद चुना उत्तराधिकारी”, ललन सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल


    पटना। बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने मुख्यमंत्री पद और राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि सम्राट चौधरी केवल बीजेपी की पसंद नहीं हैं, बल्कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं अपना उत्तराधिकारी चुना है।

    ललन सिंह के इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे जदयू-बीजेपी गठबंधन के भीतर सत्ता हस्तांतरण और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर अहम संकेत माना जा रहा है।

    लखीसराय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा, “जब नीतीश कुमार जी ने पद छोड़ने का निर्णय लिया, तब उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में सम्राट चौधरी जी को चुना। सम्राट चौधरी ने यह संकल्प लिया है कि वे नीतीश कुमार द्वारा दिखाए गए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए विकसित बिहार के निर्माण का काम करेंगे।”

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान उन अटकलों का जवाब है, जिनमें कहा जा रहा था कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना बीजेपी का एकतरफा फैसला था। ललन सिंह के बयान ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि इस बदलाव को नीतीश कुमार की सहमति और समर्थन प्राप्त था।

    बिहार की राजनीति में लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है। हालांकि, जदयू के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से पहली बार इतनी स्पष्टता के साथ यह बात सार्वजनिक रूप से कही गई है।

    इससे पहले उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी यह संकेत दे चुके थे कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त है, लेकिन उन्होंने उन्हें सीधे तौर पर राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं बताया था।

    ललन सिंह ने अपने संबोधन में यह भी दोहराया कि सम्राट चौधरी “विकसित बिहार” के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और नीतीश कुमार के शासन मॉडल को जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे सम्राट चौधरी को औपचारिक तौर पर नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत का चेहरा बताने की कोशिश साफ दिखाई देती है।