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पाकिस्तान के सुपर-8 में क्वालीफाई करने का रास्ता

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हथियार तस्करों और सोना व्यापारी से कनेक्शन
पुलिस जांच और आपराधिक इतिहास

बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले
गुरुवार को भी असर
बड़े शहरों में रात का तापमान

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मन्त्रि-परिषद की बैठक विधानसभा समिति कक्ष में वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले, विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026- 27 का बजट ऐतिहासिक है। यह बजट सभी को साथ लेकर कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने के संकल्प का प्रमाण है। यह बजट प्रदेश में केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अंतर्गत गरीब-युवा-अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समर्पित है।

जबलपुर । एनजीटी नें मंगलवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जबलपुर के घरों में सप्लाई हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने लायक नहीं है।
याचिका में बताया गया है कि जल जीवन मिशन द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पानी अत्यंत दूषित पाया गया है। ऐसी गंभीर स्थिति की जांच उच्च स्तरीय समिति गठित कर तत्काल कराया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता के एड. प्रभात यादव तथा एड. तरूण रावत ने बताया कि चिन्ता का विषय है कि पेयजल सप्लाय की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली-नालों से गुजरने बावजूद भी उन्हें हटाया या बदलने हेतु न तो ऐसी लाईनों को अभी तक चिन्हित किया गया न ही इस पूरे कार्य हेतु डी.पी.आर. बनाया गया है। अतः तत्काल इस संबंध में आदेश दिया जाये, जिससे पाईप लाईनों को लिकेजेस दुरूस्त होकर 100 प्रतिशत शुद्ध पानी नागरिकों को मिल सके।
यह याचिका डॉ. पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव द्वारा मंगलवार को दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि जबलपुर में पीने के पानी की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली, नालों से गुजरती है। डिस्ट्रीब्यूशन लाईन की उम्र औसतन 20 वर्ष की होती है, लेकिन पिछले 50 वर्षों से यह पाईप लाईनें बदली नहीं गई है। जबकि इन्हीं पुरानी पाईप लाइनों में बारंबार लिकेज होने से पेयजल दूषित हो रहा है।

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष शीघ्र दर्शन व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत दो दिनों में कुल 25,000 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शन का लाभ प्राप्त किया।
महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने मंगलवार को बताया कि 15 फरवरी को 20,700 श्रद्धालुओं द्वारा शीघ्र दर्शन टिकट प्राप्त किए गए, जिससे मंदिर प्रबंध समिति को 51,75,000 की आय हुई। वहीं 16 फरवरी को 4,300 टिकटों के माध्यम से 10,75,000 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार दो दिनों में कुल 25,000 टिकटों के माध्यम से बासठ लाख पचास हजार रुपये की आय मंदिर प्रबंध समिति को प्राप्त हुई।
1 करोड़ 95 लाख की लड्डू प्रसाद बिकीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शिव नवरात्रि में 6 से 16 फरवरी तक श्रद्धालुओं हेतु रागी एवं बेसन के लड्डुओं प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस अवधि में मंदिर समिति द्वारा 1.95 करोड़ लागत का कुल 410.6 क्विंटल रागी एवं बेसन के लड्डुओं का विक्रय किया गया।

नागदा
। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा में चंबल तट पर चल रहे सात दिवसीय शिवरात्रि मेले में मंगलवार दोपहर अचानक मधुमक्खियों के हमले से अफरा-तफरी मच गई। झूले पर बैठे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए।
घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल नागदा के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुराग के अनुसार मधुमक्खियों के डंक से प्रभावित तीन बच्चें जिनमें उमेश (13 वर्ष) पिता करणसिंह, शिवनारायण (15 वर्ष) और नैतिक (10 वर्ष)—को उपचार के लिए लाया गया। शिवनारायण और नैतिक आपस में सगे भाई बताए गए हैं।
मेला प्रभारी बबीता रघुवंशी ने बताया कि झूले के पास किसी पेड़ पर संभवतः मधुमक्खियों का छत्ता था, जिसके कारण यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि हमला केवल झूले के आसपास हुआ।
उल्लेखनीय है कि नागदा में शिवरात्रि मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ है, जो 21 फरवरी तक चलेगा। मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं। घटना के बाद मेला स्थल पर सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश शासन द्वारा 17 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में बुधवार, 18 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान राज्य की सतत, स्केलेबल एवं निवेश-अनुकूल नवकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा भंडारण संबंधी नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया जाएगा।
जनसम्पर्क अधिकारी क्रांतिदीप अलूने ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सायं 6:30 बजे से 8:10 बजे तक मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित होटल सोफिटेल में विशेष आयोजन में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण रोडमैप पर केंद्रित प्रेजेंटेशंस का नेतृत्व करेंगे। मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में म.प्र. सरकार के प्रेजेंटेशन से यह प्रदर्शित किया जायेगा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी की सुलभता, विश्वसनीयता और निवेश प्रतिस्पर्धा के साथ सतत विकास की दिशा में अग्रसर है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, मुंबई क्लाइमेट वीक 2026’ का आयोजन भारत में जलवायु संबंधी कार्यवाहियों को गति देने के लिये एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय मंच के रूप किया जा रहा है। इस मंच पर राज्यों की जलवायु संबंधी नवाचारों के प्रस्तुतिकरण के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जलवायु संबंधी बेसिक इको सिस्टम पर हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया जायेगा। देश-विदेश के नीति-निर्माता, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, निवेशक एवं क्लाइमेट क्षेत्र से जुड़े प्रैक्टिशनर भाग लेंगे। यह आयोजन राज्य को हरित ऊर्जा निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

बीजेपी विधायक ने बजट सत्र के दौरान रात करीब 8 बजे सदन में कहा हमारी सरकार ने पहले बजट में छोरा पैदा किया फिर दूसरे और तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे उन्होंने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं लेकिन छोरा नहीं पैदा हुआ छोरी पैदा हुई और इसी वजह से आप विपक्ष में बैठे हैं। इस बयान ने सदन में मौजूद सदस्यों को झकझोर दिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के अनुसार यह बयान लड़कों और लड़कियों में भेदभाव को दर्शाता है और सदन में इस तरह की संवेदनहीन टिप्पणी देना महिलाओं के प्रति पक्षपात को उजागर करता है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी विधायक के इस बयान ने उनकी पार्टी की सोच को सार्वजनिक कर दिया है। बीजेपी के लोग महिलाओं को लेकर क्या सोच रखते हैं यह अब साफ हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के प्रति नजरिए को हल्के में दिखाने वाले हैं।
वहीं बीजेपी की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने बहादुर सिंह कोली के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि विधायक बजट पर चर्चा कर रहे थे और कांग्रेस केवल हंगामा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और हमारी सरकार बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें देवी स्वरूप में पूजती है। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम किया है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान न केवल बजट सत्र में विवाद पैदा करने वाला है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। महिलाओं और लड़कियों के प्रति राजनीतिक दलों की सोच पर भी बहस छिड़ा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह केवल बजट पर व्यंग्य था जबकि विपक्ष इसे महिलाओं के प्रति पक्षपातपूर्ण टिप्पणी मान रहा है। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर सकती है।
कुल मिलाकर बहादुर सिंह कोली के बयान ने विधानसभा में बहस का नया मुद्दा खड़ा किया है जहां बजट पर चर्चा के दौरान संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को भी राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रही और राज्य की सियासत में यह विवाद केंद्र में बन गया।