Author: bharati

  • टी20 वर्ल्ड कप: 10 टीमें टूर्नामेंट से बाहर, पाकिस्तान की किस्मत का फैसला आज, नामीबिया से होगी टक्‍कर

    टी20 वर्ल्ड कप: 10 टीमें टूर्नामेंट से बाहर, पाकिस्तान की किस्मत का फैसला आज, नामीबिया से होगी टक्‍कर


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप सुपर-8 की तस्वीर आज पूरी तरह साफ हो जाएगी। इस बार टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 10 टीमें पहले ही बाहर हो चुकी हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम ऑस्ट्रेलिया का है। आज दो और टीमों का टूर्नामेंट से पत्ता कट सकता है और इस लिस्ट में पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान का लीग स्टेज का आखिरी मैच नामीबिया के खिलाफ है। अगर पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा तो टीम टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो सकती है और सुपर-8 का टिकट यूएसए के पास चला जाएगा, क्योंकि उसका नेट रन रेट बेहतर है।

    सुपर-8 के लिए 7 टीमें पहले ही क्वालीफाई

    टी20 वर्ल्ड कप सुपर-8 के लिए भारत, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीमें पहले ही क्वालीफाई कर चुकी हैं। आखिरी पायदान के लिए रेस में पाकिस्तान, यूएसए और नीदरलैंड्स की टीमें हैं।

    अब तक कौन सी 10 टीमें बाहर हो चुकी हैं
    ऑस्ट्रेलिया, नामीबिया, आयरलैंड, ओमान, स्कॉटलैंड, इटली, नेपाल, अफगानिस्तान, यूएई और कनाडा की टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुकी हैं। आज ही बची दो टीमों का नाम तय होगा।

    आज के मुकाबले

    18 फरवरी को भारत का मुकाबला नीदरलैंड्स से है, पाकिस्तान नामीबिया से भिड़ेगा और दिन का तीसरा मैच साउथ अफ्रीका और यूएई के बीच खेला जाएगा। सभी की नजरें पाकिस्तान और नामीबिया मैच पर रहेंगी, क्योंकि यही मैच सुपर-8 की 8वीं और आखिरी टीम तय करेगा।

    पाकिस्तान के सुपर-8 में क्वालीफाई करने का रास्ता

    पाकिस्तान, यूएसए और नीदरलैंड्स तीनों टीमों के बराबर 4-4 अंक हैं। पाकिस्तान को सुपर-8 में जगह बनाने के लिए हर हाल में नामीबिया को हराना होगा। जीत के साथ पाकिस्तान 6 अंकों तक पहुंच जाएगा और सुपर-8 का टिकट सुनिश्चित करेगा। हार की स्थिति में मामला नेट रन रेट पर जाएगा, जहां पाकिस्तान का नेट रन रेट यूएसए से काफी कमजोर है।

  • बिहार में पकड़ा जाली नोटों का सरगना 'लादेन', हथियार तस्करों से कनेक्शन का संदेह

    बिहार में पकड़ा जाली नोटों का सरगना 'लादेन', हथियार तस्करों से कनेक्शन का संदेह


    मधुबनी । नेपाल के रास्ते पाकिस्तान में छपी नकली भारतीय मुद्रा भारत में लाकर बाजार में खपाने वाले गिरोह के सरगना अबुल इनाम उर्फ लादेन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार देर रात बासोपट्टी और नगर थाने की संयुक्त कार्रवाई में उसे कोतवाली चौक स्थित आवास से दबोचा गया।गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लादेन से कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान गिरोह के नेटवर्क और विदेशी संपर्कों से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस अब पाकिस्तानी नागरिक अंसारी उर्फ मो. मस्तान की तलाश कर रही है। जयनगर डीएसपी राघव दयाल ने बताया कि यह कार्रवाई पाकिस्तान में छपी जाली भारतीय मुद्रा की बरामदगी के मामले में हुई है।

    गिरोह का खुलासा मार्च 2025 में
    पुलिस के अनुसार, 2 मार्च 2025 को जाली नोट खपाने वाले गिरोह के तीन सदस्य रशीद जमाल, हाजी मोहम्मद ओवैस और ताहिर को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से 13,800 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा, 8,000 रुपये के नकली नेपाली नोट और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले थे। रशीद जमाल को कोतवाली चौक से, हाजी मोहम्मद ओवैस को पंडौल के बिठुआर से और ताहिर को जयनगर के बलडीहा से पकड़ा गया था। इनकी पूछताछ के दौरान अबुल इनाम का नाम सामने आया।

    हथियार तस्करों और सोना व्यापारी से कनेक्शन

    पुलिस को संदेह है कि अबुल इनाम का गिरोह अवैध हथियार तस्करों और सोना व्यापारियों से भी जुड़े हुए हैं। डीएसपी राघव दयाल ने बताया कि बरामद मोबाइल में अवैध हथियार और सोने के व्यापार से जुड़े कई सबूत मिले हैं। पूर्व में गिरफ्तार ताहिर के मोबाइल में देशी-विदेशी पिस्टल और सोने के बिस्किट की तस्वीरें भी मिली हैं। गिरफ्तारी के बाद लादेन को मंगलवार शाम मधुबनी व्यवहार न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    पुलिस जांच और आपराधिक इतिहास

    मधुबनी के एसपी योगेद्र कुमार ने बताया कि अबुल इनाम के खिलाफ बासोपट्टी थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस के पास उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि गिरोह की अन्य कड़ियों को भी जोड़ा जा सके।

  • MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा।

    बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले

    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    गुरुवार को भी असर

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी।

    रात और सुबह ठंड
    वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में रात का तापमान

    भोपाल: 14 डिग्री
    इंदौर: 16.8 डिग्री
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन: 16.2 डिग्री
    जबलपुर: 13.1 डिग्री
    दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ।
  • ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मन्त्रि-परिषद की बैठक विधानसभा समिति कक्ष में वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले, विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026- 27 का बजट ऐतिहासिक है। यह बजट सभी को साथ लेकर कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने के संकल्प का प्रमाण है। यह बजट प्रदेश में केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अंतर्गत  गरीब-युवा-अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समर्पित है।


  • एनजीटी में याचिका हुई दायर, जबलपुर में सप्लाय हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने के योग्य नहीं,

    एनजीटी में याचिका हुई दायर, जबलपुर में सप्लाय हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने के योग्य नहीं,

    जबलपुर । एनजीटी नें मंगलवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जबलपुर के घरों में सप्लाई हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने लायक नहीं है।

    याचिका में बताया गया है कि जल जीवन मिशन द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पानी अत्यंत दूषित पाया गया है। ऐसी गंभीर स्थिति की जांच उच्च स्तरीय समिति गठित कर तत्काल कराया जाना चाहिए।

    याचिकाकर्ता के एड. प्रभात यादव तथा एड. तरूण रावत ने बताया कि चिन्ता का विषय है कि पेयजल सप्लाय की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली-नालों से गुजरने बावजूद भी उन्हें हटाया या बदलने हेतु न तो ऐसी लाईनों को अभी तक चिन्हित किया गया न ही इस पूरे कार्य हेतु डी.पी.आर. बनाया गया है। अतः तत्काल इस संबंध में आदेश दिया जाये, जिससे पाईप लाईनों को लिकेजेस दुरूस्त होकर 100 प्रतिशत शुद्ध पानी नागरिकों को मिल सके।

    यह याचिका डॉ. पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव द्वारा मंगलवार को दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि जबलपुर में पीने के पानी की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली, नालों से गुजरती है। डिस्ट्रीब्यूशन लाईन की उम्र औसतन 20 वर्ष की होती है, लेकिन पिछले 50 वर्षों से यह पाईप लाईनें बदली नहीं गई है। जबकि इन्हीं पुरानी पाईप लाइनों में बारंबार लिकेज होने से पेयजल दूषित हो रहा है।

  • महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर को शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख रुपये की आय

    महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर को शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख रुपये की आय

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष शीघ्र दर्शन व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत दो दिनों में कुल 25,000 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शन का लाभ प्राप्त किया।

    महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने मंगलवार को बताया कि 15 फरवरी को 20,700 श्रद्धालुओं द्वारा शीघ्र दर्शन टिकट प्राप्त किए गए, जिससे मंदिर प्रबंध समिति को 51,75,000 की आय हुई। वहीं 16 फरवरी को 4,300 टिकटों के माध्यम से 10,75,000 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार दो दिनों में कुल 25,000 टिकटों के माध्यम से बासठ लाख पचास हजार रुपये की आय मंदिर प्रबंध समिति को प्राप्त हुई।

    1 करोड़ 95 लाख की लड्डू प्रसाद बिकीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शिव नवरात्रि में 6 से 16 फरवरी तक श्रद्धालुओं हेतु रागी एवं बेसन के लड्डुओं प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस अवधि में मंदिर समिति द्वारा 1.95 करोड़ लागत का कुल 410.6 क्विंटल रागी एवं बेसन के लड्डुओं का विक्रय किया गया।

  • नागदा : शिवरात्रि मेले के झूले पर मधुमक्खियों का हमला, तीन बच्चे घायल

    नागदा : शिवरात्रि मेले के झूले पर मधुमक्खियों का हमला, तीन बच्चे घायल

    नागदा
    । मध्‍य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा में चंबल तट पर चल रहे सात दिवसीय शिवरात्रि मेले में मंगलवार दोपहर अचानक मधुमक्खियों के हमले से अफरा-तफरी मच गई। झूले पर बैठे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए।

    घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल नागदा के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुराग के अनुसार मधुमक्खियों के डंक से प्रभावित तीन बच्‍चें जिनमें उमेश (13 वर्ष) पिता करणसिंह, शिवनारायण (15 वर्ष) और नैतिक (10 वर्ष)—को उपचार के लिए लाया गया। शिवनारायण और नैतिक आपस में सगे भाई बताए गए हैं।

    मेला प्रभारी बबीता रघुवंशी ने बताया कि झूले के पास किसी पेड़ पर संभवतः मधुमक्खियों का छत्ता था, जिसके कारण यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि हमला केवल झूले के आसपास हुआ।

    उल्लेखनीय है कि नागदा में शिवरात्रि मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ है, जो 21 फरवरी तक चलेगा। मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं। घटना के बाद मेला स्थल पर सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

  • मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में बुधवार को मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विशेष सत्र की अध्यक्षता

    मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में बुधवार को मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विशेष सत्र की अध्यक्षता

    भोपाल। मध्य प्रदेश शासन द्वारा 17 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में बुधवार, 18 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान राज्य की सतत, स्केलेबल एवं निवेश-अनुकूल नवकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा भंडारण संबंधी नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया जाएगा।

    जनसम्पर्क अधिकारी क्रांतिदीप अलूने ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सायं 6:30 बजे से 8:10 बजे तक मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित होटल सोफिटेल में विशेष आयोजन में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण रोडमैप पर केंद्रित प्रेजेंटेशंस का नेतृत्व करेंगे। मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में म.प्र. सरकार के प्रेजेंटेशन से यह प्रदर्शित किया जायेगा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी की सुलभता, विश्वसनीयता और निवेश प्रतिस्पर्धा के साथ सतत विकास की दिशा में अग्रसर है।

    जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, मुंबई क्लाइमेट वीक 2026’ का आयोजन भारत में जलवायु संबंधी कार्यवाहियों को गति देने के लिये एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय मंच के रूप किया जा रहा है। इस मंच पर राज्यों की जलवायु संबंधी नवाचारों के प्रस्तुतिकरण के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जलवायु संबंधी बेसिक इको सिस्टम पर हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया जायेगा। देश-विदेश के नीति-निर्माता, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, निवेशक एवं क्लाइमेट क्षेत्र से जुड़े प्रैक्टिशनर भाग लेंगे। यह आयोजन राज्य को हरित ऊर्जा निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

  • राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'

    राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'


    नई दिल्ली । राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बार फिर सियासी और सांस्कृतिक विवाद उभर गया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन में एक विवादित बयान देते हुए बजट की तुलना ‘बेटे’ और ‘बेटी’ से कर दी। बहादुर सिंह कोली जो भरतपुर जिले से विधायक और पूर्व लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं ने कहा कि भजनलाल शर्मा की बीजेपी सरकार का बजट छोरा था जबकि अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार का बजट ‘छोरी’ था और इसी वजह से कांग्रेस चुनाव में हार गई।

    बीजेपी विधायक ने बजट सत्र के दौरान रात करीब 8 बजे सदन में कहा हमारी सरकार ने पहले बजट में छोरा पैदा किया फिर दूसरे और तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे उन्होंने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं लेकिन छोरा नहीं पैदा हुआ छोरी पैदा हुई और इसी वजह से आप विपक्ष में बैठे हैं। इस बयान ने सदन में मौजूद सदस्यों को झकझोर दिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।

    कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के अनुसार यह बयान लड़कों और लड़कियों में भेदभाव को दर्शाता है और सदन में इस तरह की संवेदनहीन टिप्पणी देना महिलाओं के प्रति पक्षपात को उजागर करता है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी विधायक के इस बयान ने उनकी पार्टी की सोच को सार्वजनिक कर दिया है। बीजेपी के लोग महिलाओं को लेकर क्या सोच रखते हैं यह अब साफ हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के प्रति नजरिए को हल्के में दिखाने वाले हैं।

    वहीं बीजेपी की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने बहादुर सिंह कोली के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि विधायक बजट पर चर्चा कर रहे थे और कांग्रेस केवल हंगामा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और हमारी सरकार बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें देवी स्वरूप में पूजती है। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम किया है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान न केवल बजट सत्र में विवाद पैदा करने वाला है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। महिलाओं और लड़कियों के प्रति राजनीतिक दलों की सोच पर भी बहस छिड़ा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह केवल बजट पर व्यंग्य था जबकि विपक्ष इसे महिलाओं के प्रति पक्षपातपूर्ण टिप्पणी मान रहा है। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर सकती है।

    कुल मिलाकर बहादुर सिंह कोली के बयान ने विधानसभा में बहस का नया मुद्दा खड़ा किया है जहां बजट पर चर्चा के दौरान संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को भी राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रही और राज्य की सियासत में यह विवाद केंद्र में बन गया।

  • तेलंगाना सरकार ने रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष छुट्टी देने का फैसला लिया

    तेलंगाना सरकार ने रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष छुट्टी देने का फैसला लिया


    नई दिल्ली । तेलंगाना सरकार ने रमजान के पवित्र महीने में राज्य के मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राज्य में कार्यरत सभी मुस्लिम कर्मचारी शिक्षक अनुबंधित और आउटसोर्सिंग स्टाफ बोर्डों निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत लोग रमजान के दौरान अपने कार्यालय या स्कूल से शाम 4 बजे छुट्टी ले सकते हैं। यह समय सामान्य कार्य अवधि से एक घंटा पहले है ताकि उपवास तोड़ने और नमाज अदा करने जैसी धार्मिक प्रथाओं को आसानी से पूरा किया जा सके। यह आदेश 19 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा हालांकि सेवा की आवश्यकताओं या आपातकालीन परिस्थितियों में कर्मचारियों को निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी करनी पड़ सकती है।

    सरकार का यह कदम धार्मिक संवेदनशीलता और समावेशी नीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फैसले का दायरा व्यापक है और इसमें केवल सरकारी कार्यालय ही नहीं बल्कि शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक ने रमजान के दौरान विशेष समय-सारिणी को मंजूरी दी है। 19 फरवरी से 20 मार्च तक सभी उर्दू माध्यम के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल समानांतर माध्यम स्कूलों के उर्दू खंड और डाइट कॉलेज सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे। कम हुए शिक्षण घंटों की भरपाई के लिए उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को एक अतिरिक्त कार्य दिवस चलाना होगा जबकि प्राथमिक स्कूलों में दैनिक समय को 30 मिनट बढ़ाया जाएगा।

    नोटिफिकेशन के अनुसार क्षेत्रीय और जिला शिक्षा अधिकारी इस संशोधित समय-सारिणी और मुआवजा व्यवस्था के सख्त क्रियान्वयन के जिम्मेदार होंगे। यह व्यवस्था पिछले वर्षों की प्रथाओं के अनुरूप है और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करती है। आदेश का मुख्य उद्देश्य रमजान के दौरान उपवास रखने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को उनकी धार्मिक जिम्मेदारियों को निर्वहन करने में मदद करना है। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यह छूट एकसमान रूप से लागू हो और केवल आपात स्थिति में ही अपवाद बनाया जाए।

    यह फैसला मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य में सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देता है। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी समान व्यवस्था लागू है जहां 18 फरवरी से 19 मार्च तक यह सुविधा दी जा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने इसे धार्मिक प्रथाओं के पालन में सहायक बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का कदम न केवल धार्मिक स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करता है बल्कि कार्य-जीवन संतुलन में भी मददगार है।

    कुल मिलाकर तेलंगाना सरकार का यह निर्णय मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान की रौनक में भाग लेने का अवसर देता है बिना कार्यालय या स्कूल की कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर डाले। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह विशेष छूट केवल रमजान तक सीमित है और अन्य समुदायों की परंपराओं के लिए आवश्यकतानुसार विचार किया जा सकता है। यह कदम राज्य की बहुलतावादी संस्कृति को मजबूत करने और सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।