Author: bharati

  • दिल्ली में हर जमीन को मिलेगा आधार नंबर, रेखा गुप्ता सरकार ने लॉन्च किया ULPIN सिस्टम

    दिल्ली में हर जमीन को मिलेगा आधार नंबर, रेखा गुप्ता सरकार ने लॉन्च किया ULPIN सिस्टम


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में अब हर जमीन की अपनी एक विशिष्ट डिजिटल पहचान होगी। दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रत्येक भूखंड को 14 अंकों का यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर देने की महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है ताकि भविष्य में जमीन से जुड़े लेन-देन स्वामित्व की पहचान और विवादों के निपटारे में आसानी हो सके।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को भूमि विवाद और गड़बड़ियों के खिलाफ एक मजबूत डिजिटल हथियार बताते हुए कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास है। उनके अनुसार लंबे समय से दिल्ली में एक सुव्यवस्थित भू-प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी जिसे अब मिशन मोड में लागू किया जा रहा है।

    यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और भूमि संसाधन विभाग की पहल का हिस्सा है जिसे वर्ष 2016 में तैयार किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे लागू नहीं किया लेकिन अब दिल्ली सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू कर रही है। भू आधार के रूप में जानी जा रही इस प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की आईटी शाखा को सौंपी गई है जिसे भारतीय सर्वेक्षण विभाग का तकनीकी सहयोग मिलेगा।

    सरकार के मुताबिक प्रणाली लागू होने के बाद भूमि स्वामित्व में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और जमीन की सीमाओं को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच भूमि डेटा का समन्वय भी आसान होगा। इससे धोखाधड़ी वाले लेन-देन एक ही जमीन के बहु-पंजीकरण और रिकॉर्ड में हेरफेर जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी। आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें जमीन की पहचान और सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे बल्कि एक ही यूनिक नंबर से पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

    इस योजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग से लगभग 2 टेराबाइट उच्च गुणवत्ता वाले भू-स्थानिक डेटा का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ड्रोन के जरिए ली गई ऑर्थो-रेक्टिफाइड इमेजेज़ की मदद से जमीन की सटीक मैपिंग की जा रही है। इन आंकड़ों के आधार पर दिल्ली के ग्रामीण इलाकों समेत उन 48 गांवों के लिए सटीक तैयार किए जाएंगे जो पहले से स्वामित्व योजना में शामिल हैं। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल राजधानी में भू-प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा देगी और भूमि विवादों के समाधान को अधिक सरल पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी।

  • दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

    दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

    दतिया । दतिया में गोराघाट थाना अंतर्गत रविवार देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नेशनल हाईवे 44 पर सिंध नदी पुल के पास में हुआ। अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया।
    घटना में बाइक सवार अमित बंशकर पुत्र किशनलाल निवासी डबरा और वीरचंद्र वंशकार (21) पिता मथुरा वंशकार निवासी भदौरिया खिड़की, दतिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरा युवक अभिषेक बॉथम (19), निवासी डबरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार तीनों युवक बाइक से दतिया से डबरा की ओर जा रहे थे। मृतक आपस में जीजा-साले बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सड़क से दूर जा गिरी और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही गोराघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। जहां पर सोमवार सुबह 11 बजे मृतकों का पोस्टमार्टम  किया गया। वहीं अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 
  • सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर फिर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ 7 अप्रैल से करेगी विचार

    सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर फिर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ 7 अप्रैल से करेगी विचार


    नई दिल्ली । देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर केरल स्थित भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े बहुचर्चित मामले पर सुनवाई शुरू करने जा रही है। सितंबर 2018 के ऐतिहासिक फैसले के खिलाफ दायर कई समीक्षा और पुनर्विचार याचिकाओं पर अब नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ 7 अप्रैल से सुनवाई करेगी। यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता समानता के अधिकार और परंपराओं की संवैधानिक वैधता जैसे अहम सवालों से जुड़ा हुआ है।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार नौ जजों की पीठ धार्मिक अधिकारों और स्वतंत्रता से जुड़े सात महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों की जांच करेगी। इन सवालों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि क्या सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए या परंपरागत प्रतिबंध को बरकरार रखा जाए।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने सोमवार को सभी पक्षों को 14 मार्च तक अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सुनवाई की विस्तृत समय-सारिणी भी तय कर दी है। कोर्ट के अनुसार नौ न्यायाधीशों की पीठ 7 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे से कार्यवाही शुरू करेगी। पुनर्विचार याचिकाकर्ताओं को 7 से 9 अप्रैल तक सुना जाएगा जबकि पुनर्विचार के विरोधियों को 14 से 16 अप्रैल तक अपनी दलीलें रखने का अवसर मिलेगा। 21 अप्रैल को प्रतिवाद सुना जाएगा और 22 अप्रैल तक एमिकस क्यूरी द्वारा अंतिम और समापन दलीलें पेश की जाएंगी।

    गौरतलब है कि सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी। उस फैसले में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ बहुमत में थे जबकि पीठ की एकमात्र महिला न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा ने असहमति जताई थी। उन्होंने अपने मत में कहा था कि धार्मिक परंपराओं में न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए।

    2018 के फैसले के बाद केरल में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे और दर्जनों पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई थीं। नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मामले को बड़ी पीठ के समक्ष विचारार्थ रखने का निर्णय लिया था लेकिन अंतिम निर्णय नहीं दिया गया था।

    अब नौ जजों की संविधान पीठ इस जटिल संवैधानिक विवाद पर व्यापक सुनवाई कर कानूनी प्रश्नों का निर्धारण करेगी। देशभर की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हैं क्योंकि इसका असर न केवल सबरीमाला मंदिर की परंपराओं पर पड़ेगा बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और लैंगिक समानता से जुड़े अन्य मामलों पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

  • मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत

    मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। नूराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत विचोला और मालनपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार एसयूवी और विशालकाय कंटेनर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एसयूवी के परखच्चे उड़ गए और उसके चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    वेडा गांव के पास मची चीख पुकार

    पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना वेडा गांव के समीप कल देर रात घटित हुई। बताया जा रहा है कि एसयूवी और कंटेनर दोनों ही विपरीत दिशाओं से तेज गति में आ रहे थे। वेडा गांव के मोड़ के पास दोनों वाहनों के बीच आमने सामने की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

    मशक्कत के बाद निकाला गया शव
    हादसे के बाद एसयूवी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण चालक बुरी तरह मलबे में फंस गया था। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    फरार चालक की तलाश जारी

    हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके का फाय दा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। देर रात होने और सुनसान इलाका होने के कारण प्राथमिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • मुरैना में रिश्तों की त्रासदी: शादी से नाखुश युवती ने पति और ससुर के सामने नहर में लगाई छलांग, 12 घंटे से रेस्क्यू जारी

    मुरैना में रिश्तों की त्रासदी: शादी से नाखुश युवती ने पति और ससुर के सामने नहर में लगाई छलांग, 12 घंटे से रेस्क्यू जारी

    मुरैना । मुरैना मध्य प्रदेश चंबल अंचल के मुरैना जिले में एक विवाहिता द्वारा अपनी जीवनलीला समाप्त करने के प्रयास का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवती अपनी शादी से खुश नहीं थी और इसी मानसिक तनाव के चलते उसने खौफनाक कदम उठा लिया। हृदयविदारक बात यह है कि जिस वक्त युवती ने नहर में छलांग लगाई, उस समय उसके पति और ससुर भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब तक वे कुछ समझ पाते या उसे रोक पाते, युवती गहरे पानी में ओझल हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम को बुलाया गया। पिछले 12 घंटों से भी अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन नहर का बहाव तेज होने के कारण अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गोताखोर लगातार पानी की गहराई में उसकी तलाश कर रहे हैं, वहीं किनारे पर खड़े परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    शादी के फैसले से थी असंतुष्ट
    प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, युवती अपनी इस शादी को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद से ही वह गुमसुम रहती थी और अक्सर अपनी नाखुशी जाहिर करती थी। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या उस पर शादी के लिए किसी प्रकार का दबाव था या ससुराल पक्ष में कोई अन्य विवाद चल रहा था। पति और ससुर से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के समय की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध लिए गए जीवन के बड़े फैसले किस कदर आत्मघाती साबित हो सकते हैं। फिलहाल, पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही युवती को ढूंढ लिया जाएगा। घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और लोग इस दुखद अंत से स्तब्ध हैं।

  • बैतूल में भीषण सड़क हादसा: शिवरात्रि मेले जा रहे युवक की मौत, 5 दिन बाद घर में बजने वाली थी शहनाई

    बैतूल में भीषण सड़क हादसा: शिवरात्रि मेले जा रहे युवक की मौत, 5 दिन बाद घर में बजने वाली थी शहनाई


    बैतूल । मध्य प्रदेश शिवरात्रि का पावन पर्व बैतूल के एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला जख्म दे गया। जिले के ग्राम बोथिया निवासी 22 वर्षीय अजय कवडे की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु हो गई। अजय रविवार दोपहर अपने घर से उत्साह के साथ सोनाघाटी शिवरात्रि मेले में शामिल होने के लिए निकला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    कैसे हुई वारदात?

    साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झीटापाटी जोड़ के पास दोपहर लगभग डेढ़ बजे यह हादसा हुआ। अजय अपनी दोपहिया वाहन से जा रहा था, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि अजय सड़क पर काफी दूर तक घिसटता चला गया और उसे सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

    खुशियाँ बदलीं मातम में

    अजय की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि अजय का विवाह तय हो चुका था और ठीक पाँच दिन बाद उसका टीका सगाई/तिलक कार्यक्रम होना था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, मेहमानों को आमंत्रण भेजे जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने एक झटके में सब कुछ खत्म कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टक्कर मारकर भागने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों के आधार पर वाहन की पहचान करने की कोशिश जारी है।

  • : ईसीआई के वार्षिक खेल सप्ताह 2026 की शुरुआत, ‘लोकतंत्र के लिए दौड़ो’ के साथ खेल और चुनावी मूल्यों का संगम

    : ईसीआई के वार्षिक खेल सप्ताह 2026 की शुरुआत, ‘लोकतंत्र के लिए दौड़ो’ के साथ खेल और चुनावी मूल्यों का संगम


    नई दिल्ली । निर्वाचन आयोग ईसीआई ने सोमवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रमंडल खेल परिसर में अपने वार्षिक खेल सप्ताह 2026 का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए की और सुबह औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर खेल सप्ताह का उद्घाटन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला, जहां आयोग के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ने खेल और चुनाव प्रक्रिया के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, निष्पक्षता, तटस्थता और नियमों के प्रति सम्मान जैसे मूल्य खेल जगत की पहचान हैं और यही सिद्धांत भारतीय चुनाव प्रणाली की आधारशिला भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस प्रकार खेल में नियमों का पालन और खेलभावना सर्वोपरि होती है, उसी प्रकार चुनावों में आचार संहिता, समान अवसर और निष्पक्ष संचालन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे पूरे उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक भावना के साथ सप्ताह भर चलने वाले आयोजनों में भाग लें।

    संबोधन के बाद ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र के लिए दौड़ो थीम के अंतर्गत 100 मीटर महिला दौड़ को हरी झंडी दिखाई। इस प्रतीकात्मक शुरुआत के साथ खेल सप्ताह का विधिवत आगाज हुआ। इस वर्ष के वार्षिक खेल सप्ताह का विषय मैदान में सद्भाव, लोकतंत्र में शक्ति रखा गया है, जो खेलों के माध्यम से टीम भावना, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देता है।

    निर्वाचन आयोग के रिक्रिएशन क्लब की ओर से आयोजित इस खेल सप्ताह में कुल 383 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 72 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। आयोजन का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना है, बल्कि आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को भी मजबूत करना है।

    खेल सप्ताह के दौरान 7 विभिन्न खेलों की 43 श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स ट्रैक स्पर्धाएं शामिल हैं। एथलेटिक्स में विभिन्न आयु वर्गों के पुरुषों और महिलाओं के लिए 100, 200, 400 और 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन विविध स्पर्धाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

    ईसीआई का यह वार्षिक खेल सप्ताह न केवल खेल कौशल को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठनात्मक एकजुटता को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। खेल और लोकतंत्र के साझा आदर्शों को एक साथ प्रस्तुत करता यह आयोजन पूरे सप्ताह उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहने की उम्मीद है।

  • मुंबई में मोदी मैक्रों शिखर वार्ता: रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी, ‘नवाचार वर्ष 2026’ का होगा शुभारंभ

    मुंबई में मोदी मैक्रों शिखर वार्ता: रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी, ‘नवाचार वर्ष 2026’ का होगा शुभारंभ


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 फरवरी 2026 को मुंबई के दौरे पर रहेंगे जहां वे फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की औपचारिक यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा भारत फ्रांस संबंधों के लिए विशेष महत्व रखती है और इसे रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा होगा जिससे इस मुलाकात की प्रतीकात्मक और कूटनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

    मुंबई प्रवास के दौरान लगभग दोपहर 3:15 बजे दोनों नेता लोक भवन में द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे। इन बैठकों में भारत फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न आयामों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। रक्षा समुद्री सुरक्षा अंतरिक्ष परमाणु ऊर्जा जलवायु परिवर्तन शिक्षा प्रौद्योगिकी और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। दोनों नेता साझेदारी को नए और उभरते क्षेत्रों विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता साइबर सुरक्षा हरित ऊर्जा और डिजिटल नवाचार तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे। साथ ही वे क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण साझा करेंगे जिनमें बदलता भू राजनीतिक परिदृश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने जैसे विषय शामिल रह सकते हैं।

    राष्ट्रपति मैक्रों अपनी यात्रा के दौरान भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लेंगे जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण मंच है। इस संदर्भ में दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और अनुसंधान साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने पर बल दिए जाने की संभावना है।

    शाम लगभग 5:15 बजे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से भारत फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर दोनों देश व्यवसायिक नेताओं स्टार्ट अप प्रतिनिधियों वैज्ञानिकों शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों के एक विशेष सम्मेलन को संबोधित करेंगे। नवाचार वर्ष का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों स्टार्ट अप पारिस्थितिकी तंत्र अनुसंधान एवं विकास तथा युवा उद्यमिता के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देना है। इससे दोनों देशों के उद्योग जगत और अकादमिक संस्थानों के बीच साझेदारी को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह शिखर वार्ता न केवल पारंपरिक रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करेगी बल्कि भविष्य की प्रौद्योगिकियों और सतत विकास के क्षेत्रों में भी साझा दृष्टि को आगे बढ़ाएगी। मुंबई में होने वाली यह उच्चस्तरीय मुलाकात भारत फ्रांस संबंधों को नई ऊर्जा देने और वैश्विक मंच पर दोनों देशों की साझी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हो सकती है।

  • मुरैना में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर-स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत

    मुरैना में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर-स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।

    मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।

    मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।

    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।

    आज विपक्षी विधायक दल की बैठक

    विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।

    विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।


  • वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट

    वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट

    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।


    मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।


    मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।


    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।


    आज विपक्षी विधायक दल की बैठक
    विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।


    विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।