Author: bharati

  • राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नाहरदा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनिवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 105 साल पुराने इस मंदिर में शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे के बाद मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तों से भर गया और दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, चढ़ाया गया तेल और काली उड़द
    पूरे मंदिर परिसर में “जय शनिदेव” के जयकारों और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु अपने हाथों में सरसों का तेल, काली उड़द, नारियल, दीपक और फूल लेकर कतारों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं। मंदिर समिति द्वारा इस विशेष अवसर पर शनिदेव का चांदी के आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

    श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई विशेष पूजा-अर्चना
    इस दुर्लभ संयोग का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे और शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने सुख-शांति, व्यापार में उन्नति और शनि दोष से मुक्ति की कामना की। मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी सुचारू की गईं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    राजगढ़ का यह शनि मंदिर एक बार फिर आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है, जहां दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग ने भक्तों की भारी भीड़ आकर्षित की है।

  • सड़कों पर घूमते कुत्तों ने किया हमला, नगर पालिका पर उठे सवाल

    सड़कों पर घूमते कुत्तों ने किया हमला, नगर पालिका पर उठे सवाल

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में आवारा कुत्तों के आतंक की एक और घटना सामने आई है। जतरापुरा इलाके में सड़क से पैदल गुजर रही एक बुजुर्ग महिला पर तीन आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें घेर लिया। कुत्तों ने महिला के पैर पर काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दर्द से कराहती महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर उनकी जान बचाई।

    घायल महिला अस्पताल में भर्ती, स्थानीय लोगों में आक्रोश
    घटना के बाद महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक था कि महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना से इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया है।

     नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप, बढ़ रहा गुस्सा
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। निवासियों ने आरोप लगाया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई नियमित अभियान नहीं चलाया जा रहा, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

    आंदोलन की चेतावनी, लोग हुए एकजुट
    घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। परिजनों में भी चिंता है क्योंकि अब बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।

    विदिशा की यह घटना शहरी इलाकों में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • प्रयागराज के दशहरी-लंगड़ा आम अब यूएई और ओमान को 50 हजार टन आम निर्यात की तैयारी, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

    प्रयागराज के दशहरी-लंगड़ा आम अब यूएई और ओमान को 50 हजार टन आम निर्यात की तैयारी, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार



    प्रयागराज। प्रयागराज मंडल के मशहूर दशहरी, लंगड़ा और फजली आम की मिठास अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अब विदेशों तक अपनी पहचान बनाएगी। इस बार प्रयागराज मंडल से करीब 50 हजार टन आम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान भेजने की तैयारी की जा रही है, जिससे किसानों और निर्यात कारोबार को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

    प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशांबी जिलों में लगभग 2400 से 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की बागवानी की जाती है। यहां से हर साल करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि प्रयागराज जिले में अकेले ही 600 से 650 हेक्टेयर में आम की खेती होती है और यहां से लगभग 10 हजार टन से अधिक उत्पादन होता है।

    विदेशी बाजारों में यहां के आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। दशहरी, लंगड़ा और फजली किस्मों को उनकी मिठास, सुगंध और गुणवत्ता के कारण खाड़ी देशों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसी कारण हर साल लगभग 50 हजार टन आम यूएई और ओमान जैसे देशों में निर्यात किया जाता है।

    इसके साथ ही किसानों का रुझान अब नई प्रजातियों की ओर भी बढ़ रहा है। उद्यान विभाग के अनुसार अंबिका, अरुणिका, मल्लिका और बॉम्बे ग्रीन जैसी नई किस्में कम समय में तैयार होने और बेहतर उत्पादन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। इन किस्मों की मांग न सिर्फ घरेलू बाजार में बल्कि विदेशों में भी बढ़ रही है।

    निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पैकिंग, ग्रेडिंग और कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षित पैकिंग के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जो खुसरो बाग सहित विभिन्न केंद्रों पर आयोजित किया जाता है।

    कुल मिलाकर, प्रयागराज मंडल के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

  • बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

    बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिचरी अमावस्या के मौके पर बेतवा नदी घाट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्नान के दौरान पानी के तेज बहाव और फिसलन के कारण दो लोग गहरे पानी में डूबने लगे। घटना के बाद घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

    पार्षद भी बचाने उतरे, लेकिन खुद फंस ग
    जानकारी के अनुसार, शमशाबाद कृषि उपज मंडी में कार्यरत सचिन धाकड़ नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। उन्हें तैरना नहीं आता था, जिससे वे घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे।इसी दौरान शमशाबाद नगर परिषद के पार्षद दीपक मेहर ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वे भी पानी में फंस गए और दोनों डूबने लगे।

    होमगार्ड जवान बना फरिश्ता, लगाई छलांग और बचाई जान
    घाट पर तैनात होमगार्ड जवान कपिल परासर ने स्थिति बिगड़ते देख बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और साहस की वहां मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की।

    परिवार के लिए बड़ा सदमा टल
    घटना के बाद सचिन धाकड़ ने बताया कि उनकी एक छोटी बेटी है और वे केवल किनारे पर स्नान कर रहे थे, लेकिन अचानक पैर फिसलने से यह हादसा हो गया। समय रहते बचाव होने से दोनों की जान बच गई, जिससे परिवारों ने राहत की सांस ली।

    विदिशा की यह घटना एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को उजागर करती है। होमगार्ड जवान की बहादुरी से दो जिंदगियां बच गईं।

  • मेरठ में वलीमा फायरिंग कांड के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर, तीन घायल गिरफ्तार पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल भी घायल

    मेरठ में वलीमा फायरिंग कांड के इनामी बदमाशों का एनकाउंटर, तीन घायल गिरफ्तार पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल भी घायल



    मेरठ। मेरठ में वलीमा समारोह के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में फरार चल रहे 25-25 हजार के इनामी बदमाशों का पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ लिया है। यह कार्रवाई शनिवार तड़के लोहिया नगर और परतापुर पुलिस तथा स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई, जिसमें तीनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    घटना मेरठ के स्टार हेरिटेज मंडप में हुई थी, जहां पुरानी रंजिश के चलते बदमाशों ने वलीमा की दावत के दौरान करीब दस राउंड फायरिंग की थी। इस हमले में एक मासूम समेत तीन लोग घायल हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी।

    शनिवार तड़के पुलिस टीम बजौट में अंडरपास के पास चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी जुनैद उर्फ काला और हरीश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनका साथी सुहेल मौके से भाग निकला।

    फरार आरोपी सुहेल को बाद में परतापुर पुलिस ने घेर लिया। खुद को घिरता देख उसने भी पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में उसके पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरी मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल मोहित कुमार भी घायल हो गए।

    पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से अवैध हथियार, कारतूस और बाइक बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने वलीमा समारोह में रंजिश के चलते फायरिंग की थी, जिसमें राजा, इरफान और दो वर्षीय मासूम हम्माद घायल हुए थे।

    फिलहाल तीनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। इस एनकाउंटर के बाद इलाके में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

  • कपड़े बेचने आया युवक निकला चोर, नकदी लेकर हुआ फरार

    कपड़े बेचने आया युवक निकला चोर, नकदी लेकर हुआ फरार

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना शहर में दिनदहाड़े चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के भैंसा खाना इलाके स्थित रामपुर ट्रांसपोर्ट एजेंसी में एक फेरीवाले ने कपड़े बेचने के बहाने 20 हजार रुपये चुरा लिए और मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारी वर्ग में दहशत फैल गई।

    कपड़े दिखाने के बहाने बनाई चाल, मौका देखते ही उड़ाई नकदी
    जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट एजेंसी के संचालक नरेंद्र द्विवेदी शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अपनी गद्दी पर बैठे थे। तभी एक अज्ञात फेरीवाला कपड़े बेचने के लिए वहां पहुंचा और उन्हें अलग-अलग कपड़े दिखाने लगा। कपड़े देखने में व्यस्त हुए संचालक का ध्यान भटकाकर फेरीवाले ने बड़ी सफाई से मेज पर रखे 20 हजार रुपये पार कर दिए और बिना किसी को शक हुए वहां से निकल गया।

    कुछ देर बाद खुला राज, पैसे गायब देखकर उड़े होश
    घटना का पता तब चला जब फेरीवाले के जाने के बाद नरेंद्र द्विवेदी ने अपने रुपये देखे। पैसे गायब देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास पूछताछ शुरू की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, CCTV से हो रही पहचान
    पीड़ित ने देर रात सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांसपोर्ट एजेंसी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश करने की कोशिश की जा रही है।

    सतना की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी चोरी का कारण बन सकती है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

  • सतना वेयरहाउस मामला: सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी गेहूं रखने का आरोप

    सतना वेयरहाउस मामला: सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी गेहूं रखने का आरोप

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति सिजहटा द्वारा करीब 800 बोरी सड़ा और गुणवत्ताहीन गेहूं जबला बाबा वेयरहाउस में भंडारण के लिए भेजा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सर्वेयरों ने इस पूरे गेहूं को अमानक बताते हुए पहले ही रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे वेयरहाउस में उतार लिया गया।

    सर्वेयर ने किया था रिजेक्ट, फिर भी रात में हुआ भंडारण
    जानकारी के अनुसार, आरबी एसोसिएट के सर्वेयरों ने जांच के दौरान पाया कि गेहूं में भारी नमी थी और अधिकांश अनाज सड़कर गुच्छों में बदल चुका था। इसे पूरी तरह अनुपयोगी मानते हुए पूरी खेप को फेल कर दिया गया और भंडारण से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी।

    रात 8 बजे की ‘चाल’: गैरमौजूदगी में उतारा गया सड़ा अनाज
    सर्वेयरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए शुक्रवार रात करीब 8 बजे पूरी सड़ी हुई खेप को वेयरहाउस के अंदर उतार दिया गया। सरकारी दर के अनुसार 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से इस 800 बोरी गेहूं की कीमत करीब 10 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है।

    सीईओ बोले  मुझे जानकारी नहीं, होगी जांच
    मामले पर रामपुर बघेलान सहकारिता सीईओ मनोज गोनकर ने अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह खराब गेहूं के भंडारण की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि बारिश के कारण अनाज खराब हुआ हो सकता है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

    सिस्टम पर सवाल, जांच की मांग तेज
    इस घटना ने समर्थन मूल्य खरीदी प्रणाली और वेयरहाउस प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

  • यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी

    यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून इस बार 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून केरल में 26 मई के करीब पहुंचेगा और वहां से आगे बढ़ते हुए 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे संभावित तारीख बताया है और स्पष्टता मानसून की वास्तविक गति के आधार पर ही आएगी।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब मानसून केरल से आगे बढ़ेगा, तभी इसकी सटीक तारीख तय की जा सकेगी।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी और ललितपुर सहित करीब 8 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है।

    पिछले 24 घंटों में कुछ जिलों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 47 डिग्री तक भी जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। हीटवेव की स्थिति और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियों का प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी को कारण माना जा रहा है, जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है।

    हालांकि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहा था और सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार मौसम पैटर्न बदलने से बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कृषि और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

  • शिवपुरी में सड़क पर हंगामा, बदमाशों ने वाहन को बनाया निशाना

    शिवपुरी में सड़क पर हंगामा, बदमाशों ने वाहन को बनाया निशाना

    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में बीती रात कोतवाली थाना क्षेत्र के शंकर कॉलोनी में एक वाहन पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। अज्ञात बदमाशों ने विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष प्रकाश सोनी की थार रॉक्स कार को निशाना बनाया और उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    पत्थर मारकर तोड़े शीशे, म्यूजिक सिस्टम भी क्षतिग्रस्त
    जानकारी के अनुसार, प्रकाश सोनी की कार मामा टावर के पास खड़ी थी, तभी देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर मारकर पीछे का शीशा पूरी तरह तोड़ दिया। इसके साथ ही आगे का शीशा और कार का म्यूजिक सिस्टम भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार को हुए नुकसान से वाहन मालिक को काफी आर्थिक क्षति हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
    घटना की जानकारी मिलते ही प्रकाश सोनी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    शिवपुरी की यह घटना एक बार फिर रात में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों के पकड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां

    प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां


    प्रयागराज। प्रयागराज में इंसानियत और मां की ममता की एक ऐसी दर्दनाक और साहसिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक मां ने अपने चार बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह घटना 12 मई की रात नैनी बाजार के चैंपियन गली इलाके में हुई, जहां एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई।

    जानकारी के अनुसार, आग घर के फर्स्ट फ्लोर पर बने गोदाम से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे मकान में फैल गई। उस समय घर की महिलाएं और बच्चे ऊपर की मंजिल पर फंस गए थे। नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और सभी लोग जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए। आग की लपटें और धुआं तेजी से बढ़ता जा रहा था, जिससे हालात बेहद भयावह हो गए।

    इसी दौरान मां ने असाधारण साहस दिखाते हुए अपने बच्चों को बचाने का फैसला किया। पहले उसने अपने एक साल के मासूम बच्चे को चादर में लपेटा और पड़ोसी की छत की ओर लगभग 12 फीट दूर उछाल दिया। पड़ोसियों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छत पर रखी सीढ़ी का सहारा लेकर उसने अपनी दो बेटियों को भी पड़ोसी की छत पर सुरक्षित पहुंचा दिया।

    इसके बाद उसने अपने भतीजे को भी सीढ़ी के जरिए दूसरी छत पर भेजकर बचा लिया। इस तरह उसने चार बच्चों को सुरक्षित कर दिया, लेकिन इस दौरान आग और धुएं ने पूरी छत को घेर लिया था। लगातार बढ़ती लपटों और घने धुएं के कारण वह खुद बाहर नहीं निकल सकी और आग की चपेट में आ गई।

    कुछ ही देर में वह बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही गंभीर हालत में पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम बाद में मौके पर पहुंची, लेकिन तंग गली होने के कारण राहत कार्य में काफी देर लगी। किसी तरह महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    बताया गया कि महिला का नाम अर्चना था, जिन्होंने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। उनकी 13 साल की बेटी भी इस हादसे में झुलस गई और आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य परिजन भी घायल हुए हैं।

    फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह हादसा पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना मां के अद्भुत साहस और बलिदान की मिसाल है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।