Author: bharati

  • शाहपुर कंडी बांध लगभग तैयार, रावी का पानी अब भारत की जमीन करेगा हरी-भरी, पाकिस्तान तरसेगा

    शाहपुर कंडी बांध लगभग तैयार, रावी का पानी अब भारत की जमीन करेगा हरी-भरी, पाकिस्तान तरसेगा


    नई दिल्‍ली। दशकों से बहते पानी की सियासत अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर बन रहे शाहपुर कंडी बांध का काम अंतिम चरण में है। इस परियोजना के शुरू होते ही रावी नदी का वह पानी, जो अब तक पाकिस्तान जाता था, अब जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सूखी जमीन को सींचने में इस्तेमाल होगा। जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने बताया कि बांध का काम 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। यह विशेष रूप से कठुआ और सांबा जिलों के लिए जीवनरेखा साबित होगा।

    सिंचाई और आर्थिक लाभ
    बांध से जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों की 32,173 हेक्टेयर से अधिक भूमि और पंजाब की लगभग 5,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 485.38 करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। बांध केवल पानी संचयन ही नहीं करेगा, बल्कि बिजली उत्पादन और कृषि विकास को भी नई दिशा देगा।

    सिंधु जल संधि और भारत की नई नीति
    1960 की सिंधु जल संधि के तहत रावी, ब्यास और सतलज जैसी पूर्वी नदियों पर भारत का पूर्ण अधिकार है। तकनीकी बाधाओं और बांध न होने के कारण अब तक रावी का काफी पानी पाकिस्तान चला जाता था।

    जम्मू-कश्मीर के विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि बांध के काम पूरा होने के बाद, पानी अब पाकिस्तान नहीं जाएगा और कठुआ क्षेत्र की विशाल भूमि को हरा-भरा करेगा।

    अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया और डेटा शेयर करना बंद कर दिया है। अब भारत पश्चिमी नदियों के पानी के अधिकतम उपयोग की संभावनाएं तलाश रहा है।

    दशकों का इंतजार
    2001: परियोजना को पहली बार मंजूरी मिली, लेकिन अंतर्राज्यीय विवादों के कारण काम रुका।

    2018: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच समझौता हुआ।

    वर्तमान: परियोजना मिशन मोड में है ताकि पाकिस्तान को जाने वाला पानी रोका जा सके।

    अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रणनीतिक दबाव का भी हिस्सा है। पाकिस्तान पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है। भारत द्वारा अपने हिस्से का पूरा पानी इस्तेमाल करने से पाकिस्तान के निचले इलाकों में पानी की भारी कमी होने की संभावना है।

  • बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान की शपथ से नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत

    बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान की शपथ से नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत



    नई दिल्ली। बांग्लादेश की सियासत में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान आज देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान की यह ताजपोशी सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा बदलने का संकेत मानी जा रही है। इस बार शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक बांगभवन के बजाय ढाका स्थित जाटिया सांग्सद भवन के साउथ प्लाज़ा में आयोजित किया जा रहा है, जो व्यवस्था में पारदर्शिता और संसदीय प्राथमिकता का प्रतीक बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मोहम্মद शाहबुद्दीन नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

    हाल ही में हुए 13वें आम चुनाव में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब छात्र आंदोलनों और राजनीतिक अस्थिरता के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लंबे समय से चली आ रही सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान आंतरिक और कूटनीतिक चुनौतियां चर्चा में रहीं, खासकर भारत के साथ संबंधों को लेकर। ऐसे में नई सरकार की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

    शपथ समारोह में क्षेत्रीय कूटनीति की झलक भी दिखाई देगी। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला प्रतिनिधित्व करेंगे, जो दोनों देशों के रिश्तों में निरंतरता का संकेत है। राजनीतिक जीत के बाद तारिक रहमान ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर संवाद और सहमति की राजनीति का संदेश दिया है। 1991 के बाद पहली बार कोई पुरुष नेता बांग्लादेश की कमान संभालने जा रहा है, जिससे देश की राजनीति नए दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है। अब चुनौती होगी—आर्थिक स्थिरता, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत दिशा देना।

  • MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर

    MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर


    भोपाल। नए मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के चलते मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी है। मौसम की दृष्टि से मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाए रहेंगे, जबकि 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होगी।

    अलर्ट वाले जिले
    ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा असर 18 फरवरी को रहेगा। 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, लेकिन तेज बारिश नहीं होगी।

    फरवरी में तीसरी बार बारिश
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी पड़ी थी, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे किया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश होगी, और इस दिन मौसम प्रणाली का असर सबसे अधिक रहेगा। इसके बाद प्रणाली कमजोर पड़ जाएगी।

    तापमान में गिरावट के संकेत
    पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है।

    अगले दो दिनों का मौसम
    17 फरवरी: कुछ जिलों में बादल छाए रहेंगे। भोपाल और इंदौर में दिन के समय गर्मी का असर रहेगा।
    18 फरवरी: 15 जिलों में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी चलने की संभावना है।

    ठंडी रातें जारी
    प्रदेश में दिन गर्म हैं, लेकिन रातें ठंडी बनी हुई हैं। रविवार-सोमवार की रात कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल्याणपुर-पचमढ़ी में 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रही। प्रदेश के बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान भोपाल: 12.6 डिग्री, इंदौर और जबलपुर: 13 डिग्री, ग्वालियर: 13.1 डिग्री, उज्जैन: 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में हल्की ठंड का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी, ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा।

  • T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई

    T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई


    नई दिल्ली । भारत ने टी20 वर्ल्डकप में रविवार को पाकिस्तान को 61 रन से हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की। मैच में ईशान किशन ने सिर्फ 40 गेंदों पर 77 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम की मजबूत शुरुआत दिलाई और प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने गए। इस पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया को दबदबे में रखा बल्कि फैंस को भी रोमांचित कर दिया।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मैच के बाद मजाकिया अंदाज में इसे फुल कंबल कुटाई बताया। सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस ने भी हल्के फुल्के अंदाज में लिखा गलत जगह यू टर्न लोगे तो यूं ही मुंह की खाओगे।

    भारत की जीत पर क्रिकेट जगत और सेलिब्रिटी भी रिएक्ट हुए। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया कि पावरप्ले से भारत ने मुकाबला अपने कब्जे में ले लिया। ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन लेंथ ने पाकिस्तान को दबाव में रखा और अंत तक टीम इंडिया ने मैच पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा।

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि टीम ने दबाव के मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया और जीत अपने नाम की। उन्होंने लिखा कि फॉर्मेट बदलते हैं मैदान बदलते हैं तारीखें बदलती हैं लेकिन भारत पाकिस्तान मुकाबलों में जीत का पैटर्न अक्सर वही रहता है। इस जीत के साथ भारत की टीम न केवल ग्रुप स्टेज में अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएगी बल्कि टी20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के खिलाफ परंपरा के अनुसार दबदबे को कायम रखेगी।

  • बांग्लादेश की नई BNP सरकार में हिंदू नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्री बनाए जाने का अनुमान

    बांग्लादेश की नई BNP सरकार में हिंदू नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्री बनाए जाने का अनुमान


    नई दिल्ली । बांग्लादेश में हाल ही में हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है और नई सरकार गठन की तैयारी में है। पार्टी ने निर्वाचित सांसदों की आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार पार्टी के 4 अल्पसंख्यक सांसद चुने गए, जिनमें दो हिंदू और दो बौद्ध समुदाय के नेता शामिल हैं।

    ढाका-3 सीट से जीतने वाले गोयेश्वर चंद्र रॉय को नई कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना है। 1951 में जन्मे रॉय BNP के स्थायी समिति सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वह खालिदा जिया की BNP सरकार में 1991-1996 के बीच राज्य मंत्री रह चुके हैं और पर्यावरण, वन, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालयों का प्रभार संभाल चुके हैं। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, गोयेश्वर चंद्र रॉय और उनके समधी निताई रॉय चौधरी ने हाल ही में चुनाव में जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवारों को हराया।

    BNP के प्रधान तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय और अन्य पांच मंत्रालय अपने पास रखने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत निर्वाचित सांसद तीन दिन के भीतर शपथ लेंगे और उसी दिन कैबिनेट गठन की प्रक्रिया पूरी होगी।

    कैबिनेट में कुल 30 से 40 सदस्य शामिल होने की संभावना है। चर्चा के अनुसार, विदेश मंत्री पद के लिए हुमायूं कबीर, वित्त मंत्री के लिए डॉ. रेजा किब्रिया, वाणिज्य मंत्रालय के लिए आमिर खुसरो महमूद चौधरी और कानून मंत्रालय के लिए पूर्व अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमान पर विचार चल रहा है। अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी जैसे गृह, स्थानीय सरकार, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य और सूचना मंत्रालयों के लिए वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा जारी है।

    गोयेश्वर चंद्र रॉय का BNP और जिया परिवार के साथ गहरा संबंध है और वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपने भाषणों में बार-बार यह जताया है कि बांग्लादेश में हिंदू या अन्य अल्पसंख्यक नागरिक समान अधिकारों के हकदार हैं।

    इस चुनावी सफलता और कैबिनेट गठन के संकेतों के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत होने की संभावना है। BNP की नई सरकार के गठन के बाद गोयेश्वर चंद्र रॉय की भूमिका पर सभी की नजर रहेगी।

  • कुंभ राशि में 17 फरवरी को ग्रहों का लगेगा जमवाड़ा, देश-दुनिया को करेगा प्रभावित, इन राशियों पर भी पड़ेगा प्रभाव

    कुंभ राशि में 17 फरवरी को ग्रहों का लगेगा जमवाड़ा, देश-दुनिया को करेगा प्रभावित, इन राशियों पर भी पड़ेगा प्रभाव


    भोपाल । एक ही राशि में पांच ग्रह इकट्ठे हो रहे हैं। यह पूर्व से चला आ रहा चतुरग्रह योग अब पंचग्रही योग में परिवर्तन हो रहा है। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के प्रमुख आचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया कि आगामी 17 फरवरी मंगलवार को चंद्रमा के कुंभ राशि में पहुंचने के पश्चात सूर्य, बुध, शुक्र, राहु, चंद्रमा का पंचग्रही योग बनेगा, यह योग देश दुनिया को प्रभावित करेगा, कई देशों में तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती जाएगी। इस योग के प्रभाव से कुंभ राशि वाले देशों के अतिरिक्त मेष, तुला वृश्चिक, वृष राशि वाले देश प्रभावित होंगे। इन देशों को सावधानी की आवश्यकता है । क्योंकि आगामी मार्च में धीरे-धीरे यह योग शक्तिशाली होगा, जिसके परिणाम भयंकर हो सकते हैं। ऐसे योग संयोग का निर्माण 1962 ईस्वी में एवं 1971 ई में बना था जब देश ,दुनिया को संकट का सामना करना पड़ा था।
    23 फरवरी को मंगल के राशि परिवर्तन से यह पंचग्रही योग और भी शक्तिशाली हो जाएगा । पंडित गौतम के अनुसार यह योग भारत सहित दुनिया के लिए अशुभ है इसके प्रभाव से युद्ध आदि के प्रभाव में बढ़ोतरी होगी, टकराव की स्थिति के साथ प्राकृतिक प्रकोप भूकंप आदि के योग भी निर्मित हो रहे हैं ।

    भारत की प्रभाव राशि कुंभ पर बनने वाला यह पंचर्ग्रही योग भारत को भी प्रभावित कर सकता है। अतः सावधानी की आवश्यकता है। कुंभ राशि शनि प्रधान राशि है। यह न्याय के देवता शनि के आधिपत्य में आती है। अन्याय से संबंधित युद्ध आदि धर्म युद्ध की ओर संकेत करती है। ग्रह स्थिति के अनुसार इस योग के प्रभाव से 12 राशियों में प्रभाव पड़ेगा। मंगलवारी अमावस्या के दिन परिधि योग एवं पंचक की स्थिति भी प्रारंभ हो रही है यह भी। अशुभ कारक है। ज्योतिष संहिता शास्त्र में पंचग्रही योग को अशुभ माना गया है।

    पंचग्रही योग में 12 राशियों पर प्रभाव इस प्रकार से होंगे-


    मेष- स्थानांतरण, शरीर कष्ट, तनाव
    वृष- रोग, प्रॉपर्टी से लाभ, पुत्र सुख
    मिथुन -शुभप्रसंग, यात्रा, परेशानी, कष्ट
    कर्क- पुत्र सुख, भूमि लाभ, यात्रा,
    सिंह- शुभ समाचार, धन लाभ, मतभेद
    कन्या- व्यर्थ की चिंता, सहयोग
    तुला- भूमि लाभ, प्रतिष्ठा में वृद्धि
    वृश्चिक- स्वास्थ्य चिंता, धोखा
    धनु- मेहमान से मतभेद बढ़ेगा
    मकर -चिंता निवारण वृद्धि
    कुंभ- लाभ, श्रम अधिक, तनाव
    मीन -सफलता, धन लाभ, विवाद
  • चांदी में गिरावट ₹1,486, सोना बढ़ा ₹1,333; निवेशकों में खरीदारी का रुझान

    चांदी में गिरावट ₹1,486, सोना बढ़ा ₹1,333; निवेशकों में खरीदारी का रुझान


    नई दिल्ली। 16 फरवरी 2026 को चांदी की कीमत में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी 1,486 रुपए सस्ती होकर ₹2,40,947 पर आ गई है। शुक्रवार को यह ₹2,42,433 प्रति किलो था। 18 दिनों में चांदी की कीमत में कुल ₹1,44,986 की गिरावट हो चुकी है।

    वहीं, सोने में बढ़त देखी गई है। आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,333 महंगा होकर ₹1,54,098 पर पहुंच गया। शुक्रवार को सोने का भाव ₹1,52,765 प्रति 10 ग्राम था। पिछले तीन कारोबारी दिनों में सोना ₹3,224 और चांदी ₹25,502 सस्ता हुआ था। 29 जनवरी को सर्राफा बाजार में सोने ने ₹1,76,121 और चांदी ने ₹3,85,933 का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक सोने की कीमत में ₹22,023 और चांदी में ₹1,44,986 की गिरावट आई है।

    शहरों में अलग-अलग रेट क्यों?

    IBJA के रेट्स में 3% GST, ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज और मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए विभिन्न शहरों में कीमतें अलग हो सकती हैं। RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने में इन रेट्स का उपयोग करते हैं।

    निवेशक खरीदारी में सक्रिय

    सोने-चांदी में हालिया गिरावट के बाद निवेशक निचले स्तर पर खरीदारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी एकमुश्त निवेश की बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर होगा।

    सोना खरीदते समय ध्यान रखें:

    सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड लें, जो अल्फान्यूमेरिक नंबर जैसे AZ4524 के साथ आता है। कीमत क्रॉस चेक करें खरीद के दिन सही वजन और 24, 22 या 18 कैरेट के हिसाब से कीमत की पुष्टि करें। चांदी और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए अवसर और सावधानी दोनों का संकेत है।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से हुआ भव्य श्रृंगार

    उज्जैन में महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से हुआ भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार दोपहर भगवान महाकाल की विशेष भस्मारती संपन्न हुई। साल में केवल एक बार होने वाली यह भस्म आरती दोपहर 12 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। इससे पहले सुबह से ही चार प्रहर पूजन, अभिषेक और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया।

    रविवार रात 10:30 बजे से प्रारंभ हुए चार प्रहर पूजन में 11 ब्राह्मणों ने एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रों के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया। पंचामृत, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और केसर मिश्रित दूध से पूजा के बाद भगवान को नवीन वस्त्र और सप्तधान्य अर्पित किए गए। इसके बाद मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्पों से तैयार 3 क्विंटल का भव्य सेहरा बांधा गया और रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष माला सहित अन्य आभूषणों से अलंकरण किया गया।

    सेहरा आरती के बाद भस्म आरती के लिए भगवान का सेहरा उतारा गया और आभूषण, वस्त्र हटाकर भस्म अर्पित किया गया। इस भस्मारती में प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 2:30 बजे भोग आरती संपन्न हुई, जिसके बाद नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में ब्राह्मणों का भोजन कराते हुए दक्षिणा प्रदान की गई।

    भस्मारती के बाद संध्या पूजन, संध्या आरती और शयन आरती के साथ भगवान के पट बंद किए गए। महाशिवरात्रि पर्व का समापन 18 फरवरी को पंचमुखारविंद दर्शन के साथ होगा, जिसमें भगवान के पांच स्वरूपों का दर्शन किया जाएगा।

    महाशिवरात्रि पर मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब रहा। रविवार तक करीब 4 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। शहर के होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल हो चुके हैं, जिससे महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।

  • अचानक बाल झड़ने लगे? हो सकता है एलोपेशिया जानें लक्षण और इलाज

    अचानक बाल झड़ने लगे? हो सकता है एलोपेशिया जानें लक्षण और इलाज


    नई दिल्ली । क्या आपके सिर या दाढ़ी में अचानक गोल पैच बन रहे हैं और बाल झड़ रहे हैं? यह सिर्फ सामान्य हेयर फॉल नहीं बल्कि एलोपेशिया एरियाटा हो सकता है जो एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही बालों की जड़ों पर हमला करता है और बाल अचानक झड़ने लगते हैं। एलोपेशिया सिर के साथ साथ दाढ़ी आइब्रो और शरीर के अन्य हिस्सों के बालों को भी प्रभावित कर सकता है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि एलोपेशिया और सामान्य गंजापन अलग हैं। सामान्य गंजापन धीरे धीरे होता है हॉर्मोन और जेनेटिक कारणों से बाल पतले होने लगते हैं और हेयरलाइन पीछे खिसकती है। वहीं एलोपेशिया में बाल अचानक सिक्के के आकार के पैच में झड़ते हैं लेकिन जड़ें जीवित रहती हैं। इसका मतलब है कि सही समय पर पहचान और इलाज से बाल दोबारा उग सकते हैं।

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार पूरी दुनिया में लगभग 2% लोग जीवन में कभी न कभी एलोपेशिया का सामना कर चुके हैं। अमेरिका में करीब 68 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। शुरुआती लक्षणों में अचानक बाल झड़ना नहाते या कंघी करते समय बाल गुच्छों में गिरना शामिल है। कुछ लोगों को स्कैल्प पर खुजली हल्की जलन या झुनझुनी महसूस हो सकती है। इसके अलावा नाखूनों पर छोटे गड्ढे या सफेद धब्बे भी दिखाई दे सकते हैं। शुरुआत में दर्द नहीं होता इसलिए लोग इसे सामान्य हेयर फॉल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

    एलोपेशिया का इलाज समय पर पहचान और चिकित्सकीय देखभाल से संभव है। स्टेरॉयड क्रीम हेयर टॉनिक और चिकित्सक द्वारा सुझाई गई दवाइयाँ बालों को फिर से उगाने में मदद कर सकती हैं। साथ ही तनाव कम करना संतुलित आहार और स्कैल्प की सही देखभाल भी लाभकारी होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शुरुआती पहचान और उचित उपचार से बालों की रिकवरी की संभावना अधिक रहती है।

    हालांकि यह बीमारी कॉस्मेटिक रूप से परेशान कर सकती है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सही समय पर डॉक्टर से संपर्क और उपचार से बाल दोबारा उग सकते हैं और एलोपेशिया को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए अगर अचानक बाल झड़ना शुरू हो जाए तो इसे नजरअंदाज न करें।

  • राजपाल यादव को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत, 1.5 करोड़ रुपए डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के बाद मिली राहत

    राजपाल यादव को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत, 1.5 करोड़ रुपए डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के बाद मिली राहत


    नई दिल्ली । हाईकोर्ट में सोमवार को अभिनेता राजपाल यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जमानत राशि के भुगतान के तरीके को लेकर महत्वपूर्ण बहस हुई। उनके वकील ने अदालत को बताया कि वे 1.5 करोड़ रुपए की राशि एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) के जरिए जमा करने को तैयार हैं, लेकिन जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि यह राशि केवल डिमांड ड्राफ्ट डीडी के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी।

    अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया कि पहले ही 25 लाख रुपए का एक डीडी जमा हो चुका है और 75 लाख रुपए का दूसरा डीडी भी कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय ने निर्देश दिया कि शेष 1.5 करोड़ रुपए की राशि भी निर्धारित समय, यानी दोपहर 3 बजे तक डीडी के रूप में जमा कराई जाए। जस्टिस शर्मा ने दोहराया कि न्यायालय के आदेशों का पालन तय प्रारूप में ही किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

    निर्धारित समयसीमा के भीतर शेष राशि जमा होने के बाद अदालत ने राजपाल यादव को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस तरह अदालत की सख्ती के बावजूद शर्तों का पालन करने पर उन्हें राहत मिल गई। मामले में आगे की सुनवाई नियत तिथि पर होगी, लेकिन फिलहाल भुगतान की शर्त पूरी होने से अभिनेता जमानत पर बाहर आ गए हैं।