Author: bharati

  • इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर की जबरदस्त भागीदारी, भारत बन रहा जिम्मेदार एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र

    इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर की जबरदस्त भागीदारी, भारत बन रहा जिम्मेदार एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र

    नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर से मिली जबरदस्त भागीदारी यह साबित कर रही है कि भारत जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नवाचार का एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्र बन रहा है। यह पहल ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ यानी लोगों, पर्यावरण और प्रगति की सोच से प्रेरित है। समिट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

    इसी समिट से पहले तीन प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के फाइनलिस्टों की घोषणा की गई है। ये चुनौतियां हैं- एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवाआई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार इन चुनौतियों का उद्देश्य ऐसे एआई समाधान तैयार करना था, जो समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालें और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप हों।

    इन तीनों प्रतियोगिताओं में 60 से अधिक देशों से 4,650 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। कड़े चयन और कई चरणों की समीक्षा प्रक्रिया के बाद कुल 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया। ये टीमें 16 और 17 फरवरी को भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह में अपने समाधान पेश करेंगी।

    एआई फॉर ऑल ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज में अकेले ही 60 देशों से 1,350 से अधिक आवेदन आए। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु, शासन, शिक्षा और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर उपयोगी एआई समाधान तैयार करना था। इसमें चुनी गई 20 शीर्ष टीमों ने कई अभिनव तकनीकें विकसित की हैं, जैसे एआई आधारित संक्रमण जांच उपकरण, मिट्टी की गुणवत्ता बताने वाली प्रणाली, जलवायु जोखिम विश्लेषण प्लेटफॉर्म, डिजिटल स्वास्थ्य जांच, साइबर सुरक्षा समाधान, उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने वाले टूल और शिक्षा को आसान बनाने वाली तकनीकें।

    मंत्रालय ने कहा कि ये नवाचार दर्शाते हैं कि एआई कैसे समान विकास को बढ़ावा दे सकता है और खासकर ग्लोबल साउथ देशों में सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बना सकता है।

    एआई बाय हर ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज में 50 से अधिक देशों से 800 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। इसका लक्ष्य महिलाओं के नेतृत्व में एआई नवाचार को बढ़ावा देना है। इसमें चुनी गई 30 शीर्ष महिला उद्यमी स्वास्थ्य, टिकाऊ विकास, वित्तीय समावेशन, रोजगार, कृषि, शिक्षा और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान पर काम कर रही हैं। इन परियोजनाओं में कैंसर और आंखों की जांच के लिए एआई, बहुभाषी मेडिकल निर्णय सहायता प्रणाली, वॉयस-टू-ईएमआर प्लेटफॉर्म, पोषण तकनीक, क्रेडिट इंटेलिजेंस सिस्टम और ईएसजी ऑटोमेशन शामिल हैं।

    सरकार ने कहा कि यह पहल समावेशी डिजिटल विकास की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और महिलाओं को वैश्विक एआई इकोसिस्टम में अग्रणी भूमिका देने का प्रयास है। समिट 2026 केवल नवाचार के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक सहयोग और समान अवसर के महत्व को भी रेखांकित करता है।

  • महाकाल उज्जैन की तर्ज पर थांवला में मना महाशिवरात्रि महोत्सव, शिव बारात में शामिल हुए 'भूत-प्रेत'

    महाकाल उज्जैन की तर्ज पर थांवला में मना महाशिवरात्रि महोत्सव, शिव बारात में शामिल हुए 'भूत-प्रेत'

    नई दिल्ली। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस पावन दिन पर शिव भक्त व्रत रखते हैं, और विधि-विधान से भोलेनाथ की आराधना करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसी कड़ी में राजस्थान के अजमेर जिले में महाशिवरात्रि का पर्व पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया।

    थांवला का महाशिवरात्रि महोत्सव आस्था, संस्कृति और उत्सव का शानदार उदाहरण बना। इसमें लोग भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ लोक परंपराओं की रंगत में भी डूबे नजर आए।

    तीर्थराज पुष्कर के समीपवर्ती ग्राम थांवला में थानेश्वर महादेव सेवा समिति की ओर से महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन को उज्जैन के महाकाल मंदिर की परंपराओं की तर्ज पर किया गया। महोत्सव के दौरान मेहंदी, हल्दी, शिव बारात, महाआरती, शृंगार दर्शन और भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    इस आयोजन का सबसे आकर्षक दृश्य भूत-प्रेतों की अनोखी शिव बारात रही, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    इस मौके पर थानेश्वर महादेव सेवा समिति के सदस्य पंडित मांगीलाल शर्मा ने बताया कि शिव बारात में पुणे से आए ढोल-ताशे वालों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। करीब 101 ढोलों की गूंज और ताशा-डमरुओं की आवाज ने पूरे गांव के लोगों का मन मोह लिया। मराठी परिधान में सजे युवक और युवतियों ने जब एक साथ ढोल-ताशा बजाए, तो उनकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इससे माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।

    शिव बारात में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

    महोत्सव के तहत कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। इस कड़ी में भव्य महाआरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस सांस्कृतिक संध्या में आध्यात्मिक और संगीत जगत की नामचीन हस्तियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी।

  • सेंसेक्स-निफ्टी में मचेगा घमासान: अगले हफ्ते आईटी सेक्टर और विदेशी निवेशकों की चाल पर टिकी हैं बाजार की निगाहें, जानें अहम लेवल्स!

    सेंसेक्स-निफ्टी में मचेगा घमासान: अगले हफ्ते आईटी सेक्टर और विदेशी निवेशकों की चाल पर टिकी हैं बाजार की निगाहें, जानें अहम लेवल्स!


    नई दिल्‍ली । भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। शुक्रवार13 फरवरी को जब बाजार बंद हुआ, तो चारों तरफ लाल निशान का बोलबाला था। सेंसेक्स1,048 अंक की भारी गिरावट के साथ82,626.76 पर सिमट गया, वहीं निफ्टी ने भी336 अंकों की डुबकी लगाई। इस बिकवाली के पीछे सबसे बड़ा कारणआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर पैदा हुई वैश्विक चिंताएं और कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेत रहे। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या अगले हफ्ते बाजार इस सदमे से उबर पाएगा? बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला सप्ताह16 से 22 फरवरी भारतीय निवेशकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इसमें घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर कई बड़े घटनाक्रम होने जा रहे हैं।

    अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिकाअमेरिकी फेडरल रिजर्व की होगी।18 फरवरी को फेडरल रिजर्व की हालिया नीति बैठक के मिनट्स जारी होने वाले हैं। दुनिया भर के निवेशक यह जानने को बेताब हैं कि महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी रुख क्या रहने वाला है। इसके साथ ही अमेरिका कीजीडीपी के आंकड़े भी सामने आएंगे, जिसका सीधा असर डॉलर की मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों यानीएफआईआई की गतिविधियों पर पड़ेगा। भारतीय संदर्भ में बात करें तो20 फरवरी का दिन काफी अहम है, जबभारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स साझा करेगा। ये मिनट्स यह संकेत देंगे कि भारत में ब्याज दरों की भविष्य की दिशा क्या होगी और क्या आरबीआई ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए कोई नया कदम उठा सकता है।

    बाजार में इस समय सबसे ज्यादा दबावआईटी सेक्टर पर देखा जा रहा है। पिछले सप्ताह निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब8 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह बाजार का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया।टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS,इंफोसिस औरविप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के निवेशकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। इसकी मुख्य वजहजनरेटिव और एजेंटिक एआई तकनीक का तेजी से बढ़ता प्रभाव है। बाजार को डर है कि यह नई तकनीक पारंपरिक आउटसोर्सिंग सेवाओं की मांग को कम कर सकती है, जिससे इन कंपनियों की भविष्य की कमाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अगले सप्ताह भी निवेशकों की नजर इसी बात पर रहेगी कि क्या आईटी शेयरों में कोई सुधार आता है या बिकवाली और गहरी होती है।

    तकनीकी मोर्चे पर देखें तो निफ्टी के लिए25,300 का स्तर एक बेहद मजबूत सहारा यानी सपोर्ट का काम कर रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट की संभावना बढ़ जाएगी। दूसरी ओर,25,700 का स्तर एक बड़ी बाधा यानी रेजिस्टेंस के रूप में सामने खड़ा है। अगर बाजार इस आंकड़े को पार करने में सफल रहता है, तभी हम कह सकते हैं कि तेजी के दिन वापस लौट आए हैं। ब्रोकरेज कंपनियों की सलाह है कि निवेशकों को इस समयस्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस के साथ बहुत ही संभलकर कदम उठाना चाहिए और एक सीमित दायरे में रहकर ही ट्रेडिंग की रणनीति बनानी चाहिए।

    इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की चाल भी बहुत मायने रखेगी। हालांकि फरवरी में अब तकएफआईआई ज्यादातर दिनों में शुद्ध खरीदार रहे हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने उनके भरोसे को मजबूत किया है, लेकिन एआई से जुड़ी वैश्विक चिंताओं ने उन्हें फिर से सतर्क कर दिया है। साथ ही, सोना और चांदी की कीमतों में आई स्थिरता भी कमोडिटी बाजार के माध्यम से इक्विटी बाजार को प्रभावित कर सकती है। कुल मिलाकर, अगला हफ्ता डेटा, तकनीक और वैश्विक संकेतों का एक मिला-जुला पैकेज लेकर आ रहा है, जो तय करेगा कि क्या भारतीय बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा या गिरावट का यह सिलसिला अभी जारी रहेगा।

  • बाजार में बिकवाली का असर: टीसीएस का मार्केट कैप घटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज कायम शीर्ष पर

    बाजार में बिकवाली का असर: टीसीएस का मार्केट कैप घटा, रिलायंस इंडस्ट्रीज कायम शीर्ष पर


    नई दिल्‍ली ।
    मुंबई में इस हफ्ते शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली और देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इस गिरावट का सबसे बड़ा शिकार बनी। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 90,198.92 करोड़ रुपए घटकर 9,74,043.43 करोड़ रुपए पर आ गया। इस गिरावट के साथ ही टीसीएस देश की टॉप कंपनियों में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनी बनकर उभरी।

    विस्तृत बिकवाली के माहौल में टॉप-10 कंपनियों में शामिल छह कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक घट गया। बीएसई का प्रमुख सूचकांक 953.64 अंक यानी 1.14 प्रतिशत गिरा, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर नजर आया। आईटी सेक्टर में टीसीएस और इंफोसिस सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 70,780.23 करोड़ रुपए घटकर 5,55,287.72 करोड़ रुपए पर आ गया। आईटी शेयरों में आई यह गिरावट पूरे बाजार पर असर डाल रही है।

    निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप भी प्रभावित हुआ और इसमें 54,627.71 करोड़ रुपए की कमी आई, जिससे इसका कुल मार्केट कैप 13,93,621.92 करोड़ रुपए रह गया। वहीं देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप भी घटकर 19,21,475.79 करोड़ रुपए रह गया, हालांकि यह अब भी शीर्ष पर कायम है।

    बीमा क्षेत्र में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैप 23,971.74 करोड़ रुपए घटकर 5,46,226.80 करोड़ और भारती एयरटेल का मार्केट कैप 19,244.61 करोड़ रुपए घटकर 11,43,044.03 करोड़ रुपए रह गया।

    हालांकि सभी कंपनियों के लिए यह हफ्ता नुकसान भरा नहीं रहा। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसबीआई का मार्केट कैप 1,22,213.38 करोड़ रुपए बढ़कर 11,06,566.44 करोड़ रुपए पर पहुंच गया और यह इस हफ्ते सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी बनी। इसके साथ ही बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 26,414.44 करोड़ रुपए बढ़कर 6,37,244.64 करोड़ और इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुर्बो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 14,483.9 करोड़ रुपए बढ़कर 5,74,028.93 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

    निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप भी 5,719.95 करोड़ रुपए बढ़कर 10,11,978.77 करोड़ रुपए पर पहुंचा। इस गिरावट के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही और टॉप-10 कंपनियों की रैंकिंग में एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, इंफोसिस और एलआईसी का स्थान रहा।

    कुल मिलाकर यह हफ्ता बाजार के लिए मिलाजुला रहा। आईटी कंपनियों के मार्केट कैप में भारी गिरावट हुई, लेकिन बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कुछ कंपनियों ने लाभ दिखाया। निवेशकों के लिए यह हफ्ता सीख और सतर्कता का संकेत भी लेकर आया।

  • राजपाल यादव और सलमान खान का वीडियो वायरल, क्या अभिनेता को मिल गई बेल? यहाँ जानें वायरल दावे की हकीकत।

    राजपाल यादव और सलमान खान का वीडियो वायरल, क्या अभिनेता को मिल गई बेल? यहाँ जानें वायरल दावे की हकीकत।


    नई दिल्‍ली । सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता राजपाल यादव का एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो को देख फैंस के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राजपाल यादव जेल से रिहा हो गए हैं? वायरल क्लिप में राजपाल यादव, बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान की जमकर तारीफ कर रहे हैं और उन्हें धन्यवाद कह रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सलमान खान की मदद से राजपाल जेल से बाहर आ गए हैं। लेकिन, क्या वाकई इस दावे में कोई दम है? आइए, इस वायरल वीडियो की परतें खोलते हैं और सच जानते हैं।

    पुराना वीडियो, नया भ्रम
    वायरल हो रहे वीडियो की जब बारीकी से जांच की गई, तो पता चला कि यह वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है। दरअसल, यह वीडियो साल 2018 का है। उस समय भी राजपाल यादव एक कानूनी मामले में करीब तीन महीने तक जेल में रहे थे। रिहा होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में सलमान खान को अपना ‘बड़ा भाई’ बताया था और मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया था। आज इसी पुराने वीडियो को काट-छाँट कर सोशल मीडिया पर इस तरह पेश किया जा रहा है जैसे राजपाल यादव हाल ही में जेल से बाहर आए हों।

    जेल में हैं या बाहर?
    सच्चाई यह है कि राजपाल यादव वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं। यह मामला उनके सालों पुराने ‘चेक बाउंस’ केस से जुड़ा हुआ है, जिसमें सरेंडर करने के बाद से वे न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में 12 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की थी, जिसे फिलहाल 16 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया है। ऐसे में उनकी रिहाई का दावा पूरी तरह से निराधार और ‘फेक न्यूज’ है।

    सोशल मीडिया पर बंटी राय
    वीडियो वायरल होते ही नेटिज़न्स के बीच बहस छिड़ गई है। जहाँ कुछ फैंस बिना सोचे-समझे सलमान खान को मसीहा बताकर धन्यवाद दे रहे हैं, वहीं जागरूक यूजर्स इस खबर की पोल खोल रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “वीडियो शेयर करने से पहले खबर की पुष्टि कर लेनी चाहिए, राजपाल अभी जेल में ही हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने इसे ‘फेक न्यूज’ करार देते हुए लोगों से भ्रमित न होने की अपील की है।

    अतः यह स्पष्ट है कि राजपाल यादव की रिहाई और सलमान खान द्वारा बेल दिलाने वाला यह वीडियो पूरी तरह से गुमराह करने वाला है। अभिनेता की किस्मत का फैसला अब 16 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में होगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. शंभूदयाल गुरु के निधन पर जताया दुःख

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. शंभूदयाल गुरु के निधन पर जताया दुःख

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. शंभूदयाल गुरु के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. गुरु ने संचालक गजेटियर सहित अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. गुरु ने मध्यप्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों के संरक्षण और पुराने ग्रंथों के पुनर्प्रकाशन में विशेष योगदान दिया। उनके कार्य ने इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    डॉ. यादव ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वाले महादेव मंदिर में मनाई महाशिवरात्रि, शिव बारात में लिया भाग

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वाले महादेव मंदिर में मनाई महाशिवरात्रि, शिव बारात में लिया भाग


    भोपाल। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में पहुंचकर शिवभक्तों के साथ पूजा-अर्चना की और महापर्व को उत्साहपूर्वक मनाया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित नागरिकों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी और सभी के साथ इस पर्व की महत्ता को साझा किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया। पूजा के दौरान स्थानीय शिवभक्तों और युवाओं ने पारंपरिक ढंग से डमरू दल की प्रस्तुति दी, जबकि पुलिस बैंड ने भव्य संगीत के माध्यम से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। मंदिर परिसर भक्तों की उपस्थिति से गुलजार रहा और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण मंत्रमुग्ध कर देने वाला था।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिव बारात का रथ रवाना किया और स्वयं रथ खींचकर बारात की अगुवाई की। स्थानीय नागरिकों ने उत्साह और उमंग के साथ इस बारात में भाग लिया। हर-हर महादेव और जय महाकाल के सामूहिक उद्घोष ने मंदिर परिसर को भक्तिमय माहौल में बदल दिया।

    महाशिवरात्रि कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और शिव भक्त भी शामिल हुए। इनमें सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविंद्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित महाशिवरात्रि पर्व आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। सभी ने मिलकर इस धार्मिक महोत्सव में भाग लिया और भक्तों के साथ त्योहार का आनंद साझा किया।

    कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने न केवल भगवान शिव की पूजा अर्चना की, बल्कि पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक उत्सव के महत्व को भी महसूस किया। बड़वाले महादेव मंदिर की भव्य सजावट और आयोजन ने इसे और भी खास बना दिया। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और भागीदारी ने इस पर्व को और भी प्रभावशाली और यादगार बना दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारा, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पर्व का आनंद ले और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इसे मनाएं।

    इस तरह भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उमंग के साथ मनाया गया। शिवभक्तों की भीड़, पारंपरिक बारात और मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।

  • राज्यपाल श्री पटेल से केरल के पार्षदों की शिष्टाचार भेंट, भोपाल की स्वच्छता प्रबंधन की सराहना

    राज्यपाल श्री पटेल से केरल के पार्षदों की शिष्टाचार भेंट, भोपाल की स्वच्छता प्रबंधन की सराहना


    भोपाल। राजधानी भोपाल में रविवार को राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। लोकभवन में आयोजित इस मुलाकात में राज्यपाल ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनका परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

    भेंट के दौरान राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए गए नवाचारों और जनकल्याणकारी कार्यों के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में लागू करें। उन्होंने स्थानीय शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की सेवा में आपके प्रयास महत्वपूर्ण हैं, और योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना आपके लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।

    केरल के पार्षदों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से भोपाल को देश की स्वच्छतम राजधानी बनाने के लिए किए गए सफाई प्रबंधन कार्यों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने जल प्रबंधन, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, कचरा निस्तारण और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।

    राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि स्थानीय निकायों का सशक्त होना राष्ट्र की आधारशिला मजबूत करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अनुभव साझा करने और नवीन तकनीकों को अपनाने से पार्षद अपने क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण को अधिक प्रभावी रूप से लागू कर सकते हैं।

    भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस अवसर ने मध्यप्रदेश और केरल के स्थानीय नेतृत्व के बीच आपसी संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान किया। पारदर्शिता, नवाचार और जनसहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए राज्यपाल ने सभी को अपने क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के अंत में सभी पार्षदों ने राज्यपाल की सलाह और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। यह भेंट कार्यक्रम न केवल औपचारिकता का अवसर था, बल्कि राज्यों के स्थानीय प्रशासन और जनता कल्याण के प्रयासों में अनुभव साझा करने और सीखने का भी महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

  • ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि: ब्रह्म मुहूर्त में साधु-संतों ने किए दर्शन, फूलों से सजा परिसर

    ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि: ब्रह्म मुहूर्त में साधु-संतों ने किए दर्शन, फूलों से सजा परिसर


    खंडवा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में अद्भुत दृश्य देखने को मिला। रविवार की ब्रह्म मुहूर्त में रात तीन बजे से ही मंदिर परिसर भक्तों और साधु-संतों की उपस्थिति से गुलजार रहा। फूलों से सजे भव्य मंदिर में साधु-संतों ने विशेष दर्शन और पूजा की, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए रात 3:30 बजे मंदिर के पट खुले।भक्तों ने मां नर्मदा में स्नान कर ज्योतिर्लिंग पर जल अर्पित किया। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुराने पुल से श्रद्धालुओं को मंदिर की ओर प्रवेश कराया, जबकि नए झूला पुल के माध्यम से बाहर निकाला गया। इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

    रात के समय मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। बैंड बाजो की ध्वनि और बम भोले की गूंज के साथ सन्यासी और साधु-संतों ने शोभायात्रा निकाली और सबसे पहले भगवान शिव के दर्शन किए। मंदिर में फूलों की भव्य सजावट ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फूलों से सजा परिसर रात और दिन दोनों समय आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से दोपहर में भोग आरती का आयोजन भी किया गया। इस दौरान भगवान शिव को 151 किलो मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। इसके साथ ही तीर्थ नगरी के आश्रमों और नगर के विभिन्न हिस्सों में खिचड़ी और प्रसादी का वितरण किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में आनंद और धार्मिक उमंग का माहौल बना रहा।

    मंदिर में यह विश्वास है कि भगवान शिव साक्षात् रूप में ओंकारेश्वर में निवास करते हैं। दिनभर सृष्टि का संचालन करने के बाद वे रात में नर्मदा किनारे विश्राम करते हैं। इसलिए आज मंदिर में चौपड़-पांसे और झूला नहीं सजाया गया और रात में आरती का आयोजन नहीं होगा। महाशिवरात्रि के अवसर पर ओंकारेश्वर में मंदिर प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी तत्परता दिखाई। भारी भीड़ के बावजूद सुव्यवस्थित व्यवस्था और श्रद्धालुओं का सहयोग इसे सफल आयोजन बनाने में सहायक रहा।

    भक्तों ने कहा कि ओंकारेश्वर में ब्रह्म मुहूर्त में दर्शन करने का अनुभव अलौकिक और अद्वितीय रहा। फूलों से सजे मंदिर परिसर, भव्य शोभायात्रा, और नर्मदा स्नान के साथ जल अर्पण ने इस महापर्व की महिमा को और बढ़ा दिया। यह महाशिवरात्रि न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव और उमंग का केंद्र भी बनी। मंदिर में पवित्र माहौल, सुरक्षा और सुव्यवस्था ने इसे श्रद्धालुओं के लिए यादगार अवसर बना दिया।

  • पानी आया, लेकिन बिल आ रहे 3 साल से: इंदौर महापौर की जनता चौपाल में फूटा गुस्सा

    पानी आया, लेकिन बिल आ रहे 3 साल से: इंदौर महापौर की जनता चौपाल में फूटा गुस्सा


    इंदौर। नर्मदा लाइन के पानी के आगमन के बाद भी नगर निगम के पुराने बिलों की उलझन और जल व्यवस्था की समस्याएं जनता के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। शनिवार को वार्ड 41 में महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा आयोजित जनता चौपाल में नागरिकों ने अपनी नाराजगी और समस्याएं खुलेआम रखीं। चौपाल में शहरवासियों ने बताया कि नर्मदा लाइन के पानी के बावजूद नगर निगम लगातार तीन साल से पेयजल बिल भेज रहा है, जिससे आम लोगों पर वित्तीय बोझ पड़ा है। कुछ निवासियों ने कहा कि उन्होंने समय पर बिल भरे, लेकिन निगम की लापरवाही और पुराने रिकॉर्डों की गलतियों के कारण परेशानी अभी भी बनी हुई है।

    इस अवसर पर जनता ने महापौर के सामने ड्रेनेज और सड़कों की समस्याओं को भी उठाया। कई इलाकों में सड़कें टूटी हुई हैं और बारिश या पानी के रिसाव से वहां की स्थिति और खराब हो गई है। लोगों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी निगम ने ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से भागीरथपुरा कांड के डेढ़ महीने बाद भी शहर में पेयजल की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। गणराज नगर के एक स्कूली छात्र ने महापौर से सीधे कहा कि नर्मदा लाइन के पानी में अब भी गंदगी मिल रही है। इस पर महापौर ने सुधार के निर्देश देने का आश्वासन दिया।

    जनता चौपाल के दौरान महापौर ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द समाधान के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, लोगों का गुस्सा निगम की लगातार लापरवाही और पुराने बिलों के कारण बढ़ा हुआ था। कई निवासी इस बात पर असंतोष व्यक्त कर रहे थे कि पानी तो अब उपलब्ध है, लेकिन पिछले तीन साल के बिल अभी भी लोगों के घरों में आ रहे है विशेषज्ञों का मानना है कि नगर निगम को तकनीकी सुधार और डेटा अपडेट पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही जल गुणवत्ता की निगरानी और शिकायत निवारण प्रणाली को तेज करने की आवश्यकता है।

    इस चौपाल ने यह भी दिखा दिया कि शहर में सुधार की दिशा में कदम उठाने के बावजूद नागरिकों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आश्वासन दिया कि जल आपूर्ति, बिल प्रणाली और सड़क-ड्रेनेज जैसी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। शहरवासियों की चिंता और नाराजगी यह संकेत देती है कि इंदौर निगम को अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तेजी और जवाबदेही लाने की आवश्यकता है। जनता चौपाल ने नागरिकों को अपनी बात सीधे महापौर तक पहुँचाने का अवसर दिया और उम्मीद जताई कि जल्द ही इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।