Author: bharati

  • हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता

    हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता


    नई दिल्ली । आज 2 अप्रैल 2026 को पूरे भारत में हनुमान जयंती का भव्य पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन आता है और इसे भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम के अनन्य भक्त, संकटमोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस पावन अवसर पर भक्तजन बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मंदिरों में हनुमान जी की पूजा करते हैं और प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    हनुमान जयंती का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत बड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में डर, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन ज्योतिषियों और धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। इन गलतियों से बजरंगबली रुष्ट हो सकते हैं और पूजा का फल प्रभावित हो सकता है।

     तामसिक चीजों का सेवन न करें

    हनुमान जयंती के दिन खान-पान में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। केवल सात्विक भोजन ही पूजा और व्रत के लिए उचित माना जाता है।

     काले कपड़े न पहनें

    हिन्दू लोक मान्यता और शास्त्रों के अनुसार पूजा के दौरान काले कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। खासकर हनुमान जयंती के दिन भूलकर भी काले कपड़े पहनने से बचें। सफेद रंग के कपड़े भी कुछ ग्रंथों में अनुकूल नहीं बताए गए हैं। हमेशा लाल, पीला या नारंगी जैसे शुभ रंगों का चयन करें।

    महिलाओं को हनुमान जी की प्रतिमा नहीं छूनी चाहिए

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए महिलाओं को इस दिन हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को छूने से परहेज करना चाहिए। केवल श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा में भाग लें।

    अगर आप हनुमान जयंती के दिन व्रत रख रहे हैं तो भूलकर भी नमक का सेवन न करें। इस दिन व्रत तोड़ने के लिए मीठे व्यंजन का सेवन करना शुभ माना गया है।

    किसी को परेशान न करें
    हनुमान जयंती के दिन किसी भी जानवर या वानर को परेशान करना वर्जित है। ऐसा करने से हनुमान जी की नाराजगी होती है और घर में अशांति आ सकती है।
     
    भगवान राम का अपमान न करें
    हनुमान जी के अनन्य भक्त होने के कारण, हनुमान जयंती पर भगवान राम का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। अगर इस दिन श्रीराम का अपमान या अनदेखी की जाती है, तो माना जाता है कि हनुमान जी रुष्ट हो सकते हैं।

    इस हनुमान जयंती पर श्रद्धा, भक्ति और सावधानी के साथ पूजा-अर्चना करने से न केवल हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता, भय और संकटों से मुक्ति भी मिलती है। इसलिए आज के दिन उपरोक्त गलतियों से बचें और सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करें।

  • एलएसजी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, अभिनव मुकुंद बोले- निरंतरता की कमी

    एलएसजी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, अभिनव मुकुंद बोले- निरंतरता की कमी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपर जाइंट्स ने सबसे पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने एलएसजी की सबसे बड़ी समस्या ‘निरंतरता की कमी’ बताई है।

    टीम की पहचान अभी भी साफ नहीं

    अभिनव मुकुंद ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा कि एलएसजी अभी भी अपनी स्पष्ट पहचान बना रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि गुजरात टाइटंस का उदाहरण दिया गया है, जो 2022 में ही बनी टीम है, लेकिन अब उसकी रणनीति और खेल शैली के लिए जाना जाता है। मुकुंद के अनुसार, गुजरात अपनी गेंदबाजी और अनुभवी स्पिनरों पर भरोसा करता है, जबकि लखनऊ में ऐसी स्पष्ट रणनीति पर नजर नहीं पड़ती।

    शीर्ष क्रम मजबूत, लेकिन मध्य क्रम क्रमिक

    उन्होंने कहा कि मिचेल मार्श और एडेन मार्कराम जैसे खिलाड़ी टॉप नंबर में मजबूत हैं, लेकिन इसके बाद टीम में विश्वसनीयता की कमी नजर आ रही है। खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहता, जो टीम के लिए चिंता का विषय है।

    ऑनलाइन भी स्थिरता का अभाव

    मार्क वुड जैसे खिलाड़ी कभी-कभी मैच जिताने वाले प्रदर्शन करते हैं, लेकिन वह लगातार नहीं होते हैं। मुकुंद का मानना ​​है कि येही सुपरमार्केट टीम को पीछे छोड़ रही है।

    टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठे सवाल

    दिल्ली के लॉज में एलएसजी का संतुलन भी बना हुआ है। टीम में सात बल्लेबाज और सिर्फ चार कलाकार शामिल हुए। मुकुंद ने इस फैसले को लॉटरी में शामिल किया था, खासकर तब जब दिगवेश राठी को टीम में शामिल नहीं किया गया था।

    मैच का हाल: 141 पर सेमी एलएसजी

    लखनऊ सुपर जाइंट्स की पूरी तरह से फ्लॉप रही और टीम 18.4 ओवर में 141 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर मुकाबला आसानी से जीत लिया।

    आगे की राह आसान नहीं

    एलएसजी का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 5 अप्रैल को राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। टीम को इस मैच में वापसी के लिए रणनीति और प्रदर्शन दोनों में सुधार करना होगा।

    अब तक का रिकॉर्ड

    2022 लीग में शामिल हुई लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अब तक 58 मैचों में 30 जीत और 28 हार दर्ज की है। टीम दो बार प्लेऑफ़ में पहुंची है, लेकिन पिछले सीज़न में वह जगह पर रही थी।

  • हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय

    हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय


    नई दिल्ली । आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का महासंयोग बन रहा है जिससे पूजा-अर्चना और उपायों का महत्व और बढ़ गया है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने अन्न-धन और अन्य वस्तुओं का दान करने का विशेष विधान है। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती।

    इस पावन अवसर पर कुछ आसान और असरदार उपाय किए जा सकते हैं जो धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ-साथ आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाते हैं।

    घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं

    ज्योतिषियों का मानना है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। दीपक की ज्योति सकारात्मकता का संचार करती है और घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।

     रसोई घर में दीपक जलाना

    सिर्फ मुख्य द्वार पर ही नहीं बल्कि घर की रसोई में भी दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन रसोई में दीपक जलाने से अन्नपूर्णा की असीम कृपा बनी रहती है जिससे घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।

    तुलसी की पूजा करें

    शास्त्रों के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की शाम को तुलसी का पूजन करना अत्यंत शुभ होता है। तुलसी के पौधे में श्री हरि और मां लक्ष्मी का वास माना गया है। तुलसी की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। यह उपाय सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और भक्ति भाव से करने से घर में सुख शांति समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस चैत्र पूर्णिमा पर इन उपायों को अपनाकर न केवल माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद भी बढ़ता है। तो इस पावन दिन दीपक जलाएं तुलसी की पूजा करें और दान-पुण्य में भाग लें। यह न केवल धार्मिक नियमों का पालन है बल्कि आपके घर में आर्थिक और मानसिक समृद्धि भी सुनिश्चित करता है।

  • एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आदित्य की धमाकेदार जीत, मूसा अलहौसौ को 5-0 से हराया

    एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आदित्य की धमाकेदार जीत, मूसा अलहौसौ को 5-0 से हराया


    नई दिल्ली। एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। चौथे दिन भारत के उभरते सितारे आदित्य ने दमदार खेल दिखाया, सऊदी अरब के मौसा अलहौसौ को 5-0 से हराकर अगले राउंड में जगह बना ली।

    आदित्य का दमदार प्रदर्शन, मुकाबला पर रखा पूरा कंट्रोल

    पुरुषों के 65 kg वर्ग में खेले गए इस मुकाबले में आदित्य पूरी तरह हावी नजर आए। उन्होंने शानदार तकनीक और आक्रामक रणनीति के दम पर विरोधी को कोई मौका नहीं दिया। दावेदारों ने रक्षात्मक से 5-0 का फैसला सुनाते हुए भारतीय खिलाड़ी को विजेता घोषित किया। अब अगले राउंड में उनका मुकाबला उज्बेकिस्तान के अब्दुल्ला मदामिनोव से होगा, जो एक कड़ी चुनौती मानी जा रही है।

    पहले दिन से ही भारत की मजबूत शुरुआत

    इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा है। महिला 54 kg वर्ग में प्रीति पवार ने कजाकिस्तान की एलिना बजरोवा को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं पुरुषों के 70 kg वर्ग में दीपक ने उजबेकिस्तान के खवासबेक असदुल्लाव को 3-2 से हराते हुए अपने आत्मविश्वास का परिचय दिया।

    दूसरे दिन भी लगातार जीत का सिलसिला

    महिलाओं के 60 kg वर्ग में प्रिया ने कजाकिस्तान की रिम्मा वोलोसेंको को 5-0 से हराया। हालांकि पुरुषों के 55 kg वर्ग में जदुमणि सिंह को जापान के रुई यामागुची के खिलाफ 2-3 से करीबी हार झेलनी पड़ी।

    तीसरे दिन भी जारी रहा भारतीय मुक्केबाजों का जलवा

    पुरुषों के 50 kg वर्ग में विश्वनाथ सुरेश ने किर्गिस्तान के बेकज़त एर्गेशोव को 5-0 से हराया। वहीं 60 kg वर्ग में सचिन ने मंगोलिया के बुयांदलाई बयारखू को 4-1 से हराकर अगले राउंड में जगह बनाई।

    मेडल की उम्मीदें बढ़ाएं

    भारतीय खिलाड़ियों के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से साफ है कि इस बार एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत मजबूत दावेदार बनकर अकेला है। हर मुकाबले के साथ भारतीय बॉक्सर्स का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और मेडल की उम्मीदें भी मजबूत हो रही हैं।

  • “मुझे अपने कप्तान और टीम पर पूरा भरोसा” -संजीव गोयनका का बड़ा बयान

    “मुझे अपने कप्तान और टीम पर पूरा भरोसा” -संजीव गोयनका का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के अपने पहले ग्रुप में लखनऊ सुपर जाइंट्स के घरेलू मैदान एकाना क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि इस निराशाजनक और अंतिम शुरुआत के टीम के मालिक संजीव गोयनका ने खिलाड़ियों को कैप्टन पर पूरा भरोसा दिलाया है।

    हार के बाद भी टीम के साथ शेयर किए गए गोयनका

    मैच के बाद संजीव गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह जोरदार सीजन है ऐसे रिलीज- उनका हिस्सा हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें अपने कप्तान और पूरी टीम पर पूरा विश्वास है कि वे शानदार वापसी करेंगे। साथ ही उन्होंने इकाना स्टेडियम में मौजूद पर्यटकों के समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।

    विरोधाभासी रूप से फ्लॉप रही लखनऊ

    मैच में लखनऊ सुपर जाइंट्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम 18.4 ओवर में 141 रन बनाकर डेमोक्रेट बनी। मिचेल मार्श ने 35 रन और अब्दुल समद ने 36 रन की पारी खेली, लेकिन बाकी के अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं पाया।

    दिल्ली के इतिहास का शानदार प्रदर्शन

    दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों ने किया बेहतरीन प्रदर्शन। टी नटराजन और लुंगी एनगिडी ने 3-3 विकेट लेकर नॉचल को तहस-नहस कर दिया। वहीं कुलदीप यादव और कप्तान अक्षर पटेल ने भी अहम योगदान दिया।

    26 रन पर 4 विकेट के बाद भी दिल्ली ने पलटा मैच

    142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। केएल राहुल पहली गेंद पर ही आउट हो गए और टीम ने 26 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। लेकिन इसके बाद समीर रिज़वी और ट्रिस्टन स्टब्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच को पूरी तरह पलट दिया। दोनों ने मिलकर 119 रनों की साझेदारी की और टीम को 6 विकेट से जीत हासिल की।

    समीर रज़वी बने मैच के हीरो

    समीर रिज़वी ने 47 बॉल में 70 रन (4 सिक्स, 5 सेल्स) की शानदार पारियां और प्लेयर ऑफ द मैच बनाए। वहीं ट्रिस्टन स्टब्स ने 32 गेंदों में 39 रन बनाकर अपना बेहतरीन साथ दिया।

    सीज़न अभी लंबा, वापसी की उम्मीद

    खैर ही लखनऊ सुपर जाइंट्स को पहले मैच में हार मिली हो, लेकिन टीम का दबदबा कायम है। आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में वापसी के कई मौके हैं और एलएसजी से अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।

  • सोना और चांदी महंगा होने की राह पर? सरकार ने गोल्ड सिल्वर ज्वैलरी आयात पर पाबंदी लगाई

    सोना और चांदी महंगा होने की राह पर? सरकार ने गोल्ड सिल्वर ज्वैलरी आयात पर पाबंदी लगाई


    नई दिल्ली । भारत में सोने और चांदी की ज्वैलरी खरीदने वाले लोगों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है अब गोल्ड-सिल्वर और प्लैटिनम से तैयार की गई ज्वैलरी का आयात बिना मंजूरी के नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय सरकार ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के म‍िसयूज को रोकने के मकसद से DGFT डायरेक्टरेट जर्नल ऑफ फॉरेन ट्रेड के माध्यम से नई पाबंदियां लागू की हैं।

    पिछले एक साल के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली थी। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.92 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ जबकि चांदी 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इस बढ़ती कीमत और FTA के गलत इस्तेमाल को देखते हुए सरकार ने आयात नियमों को कड़ा कर दिया है।

    DGFT की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अब कस्टम्स टैरिफ हेडिंग 7113 के अंतर्गत आने वाले सभी सोने चांदी और प्लैटिनम से तैयार ज्वैलरी को रिस्ट्रीक्टेड कर दिया गया है। इसका मतलब है कि किसी भी तरह के आयात के लिए पहले DGFT से लाइसेंस या मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यह नियम पुराने कॉन्ट्रैक्ट एडवांस पेमेंट या शिपमेंट की स्थिति को देखते हुए भी लागू होगा।

    हालांकि पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। एक्सपोर्ट स्पेशल इकोनॉमिक जोन और फॉरेन ट्रेड पॉलिसी के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्लान के तहत होने वाला आयात इस पाबंदी से बाहर रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कुछ आयातक भारत-आसियान FTA का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और इसी कारण नई नियमावली बनाई गई।

    सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि सही कारोबारियों को कोई नुकसान नहीं होगा। DGFT के लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की जाएगी ताकि व्यवसायिक गतिविधियां बाधित न हों। यह कदम पिछले साल की रोकथामों का विस्तार है सितंबर 2025 में चांदी ज्वैलरी और नवंबर 2025 में कुछ प्रकार की प्लैटिनम ज्वैलरी के आयात पर रोक लागू की गई थी।

    इस नए नियम के बाद देश में ज्वैलरी के दामों में असर पड़ सकता है। बिना लाइसेंस के आयात पर रोक लगने से कारोबारी महंगी ज्वैलरी को सीमित मात्रा में ही ला पाएंगे जिससे कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। आम ग्राहकों के लिए यह समय सोने और चांदी की खरीद में सोच-समझकर कदम रखने का होगा।

    सरकार का यह कदम FTA के म‍िसयूज को रोकने और आयात प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। DGFT लाइसेंस अनिवार्य करने से कारोबारियों को नियमों का पालन करना होगा और अवैध तरीके से ज्वैलरी लाने की छूट नहीं रहेगी।

    इस फैसले का असर न केवल कारोबारी बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आयात पर पाबंदी से कुछ समय के लिए कीमतों में स्थिरता आएगी लेकिन मांग और आपूर्ति के हिसाब से बाजार में हलचल बनी रहेगी।

  • रासी वैन डर डुसेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 146 मैचों का शानदार करियर खत्म

    रासी वैन डर डुसेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 146 मैचों का शानदार करियर खत्म


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद टॉप ऑर्डर बल्लेबाज Rassie van der Dussen ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 37 वर्षीय बल्लेबाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने करियर को अलविदा कहा। उनके इस फैसले से क्रिकेट जगत में एक युग का अंत माना जा रहा है।

    भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान

    Rassie van der Dussen ने अपने पोस्ट में लिखा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने अपने करियर को त्याग, मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने अपने साथियों, कोच और मेंटर्स का आभार जताते हुए कहा कि इस सफर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।

    युवा खिलाड़ियों को दी खास सीख

    डुसेन ने अपने संदेश में युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक देना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को कभी दूसरों से ज्यादा प्रतिभाशाली नहीं माना, लेकिन मेहनत और विश्वास के दम पर अपने सपनों को साकार किया।

    फैंस और परिवार को कहा धन्यवाद

    दक्षिण अफ्रीकी फैंस के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि भरे स्टेडियम में खेलना और दर्शकों की आवाज सुनना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने अपनी पत्नी लारा का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने हर मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया।

    डोमेस्टिक क्रिकेट में जारी रहेगा सफर

    हालांकि Rassie van der Dussen ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनका क्रिकेट करियर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वह आगे भी घरेलू टीम ‘लायंस’ के लिए खेलते रहेंगे और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देंगे।

    शानदार रहा इंटरनेशनल करियर

    अक्टूबर 2018 में टी20 फॉर्मेट से इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले डुसेन ने कुल 146 मैचों में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किया।

    टेस्ट: 18 मैच, 905 रन (6 अर्धशतक)
    वनडे: 71 मैच, 2657 रन (6 शतक, 17 अर्धशतक)
    टी20: 57 मैच, 1406 रन (10 अर्धशतक)

    उन्होंने अपने शांत स्वभाव और लगातार प्रदर्शन से टीम में अहम भूमिका निभाई।

    क्यों याद किए जाएंगे डुसेन

    डुसेन को उनकी स्थिरता, दबाव में शानदार बल्लेबाजी और टीम के लिए जिम्मेदारी निभाने की क्षमता के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।

  • काम के दौरान काल बन गई लकड़ी मंडला में मजदूर की दर्दनाक मौत

    काम के दौरान काल बन गई लकड़ी मंडला में मजदूर की दर्दनाक मौत


    मंडला । मध्यप्रदेश के मंडला जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है जिसने एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिले के मोहगांव प्रोजेक्ट अंतर्गत देवरी दादर डिपो में बुधवार दोपहर एक श्रमिक की जान उस समय चली गई जब वह लकड़ी लोडिंग का काम कर रहा था

    जानकारी के अनुसार डिपो में भारी लकड़ियों को वाहन में लोड किया जा रहा था इसी दौरान अचानक लकड़ी का एक बड़ा छठ्ठा असंतुलित होकर एक मजदूर के ऊपर गिर गया हादसा इतना भयावह था कि श्रमिक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे उठाकर इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया

    घायल श्रमिक को Anjaniya Primary Health Centre लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए इलाज शुरू किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसे मृत घोषित कर दिया गया इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है

    मृतक की पहचान मोहगांव रैयत निवासी 55 वर्षीय छत्तर सिंह तेकाम के रूप में हुई है जो लंबे समय से डिपो में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है वहीं अस्पताल में जैसे ही यह खबर पहुंची मृतक के परिजन भी वहां पहुंचे जहां उनका रो रोकर बुरा हाल हो गया

    इस हादसे के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि उन्हें शुरुआत में फोन पर केवल हल्की चोट लगने की जानकारी दी गई थी जबकि वास्तविक स्थिति बेहद गंभीर थी परिजनों का आरोप है कि हादसा मोहगांव प्रोजेक्ट के रसईया दोन डिपो में हुआ था लेकिन घायल को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जिससे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका

    परिजनों ने यह भी मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो शायद मजदूर की जान बचाई जा सकती थी

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है खासकर ऐसे स्थानों पर जहां भारी मशीनरी और वजनदार सामग्री के साथ काम किया जाता है थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह इस मामले की गंभीरता को समझते हुए न केवल जांच को निष्पक्ष रूप से पूरा करे बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाए ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अजिंक्य नाइक ने की मुलाकात, 1 लाख दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम के निर्माण पर चर्चा

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अजिंक्य नाइक ने की मुलाकात, 1 लाख दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम के निर्माण पर चर्चा


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में खेल अभिलेखागार को नई ऊंचाई तक की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में एक विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य के खेलों के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

    1 लाख दर्शकों की क्षमता वाला मेगा स्टेडियम होगा

    प्रस्तावित स्टेडियम को 1,00,000 दर्शकों की क्षमता के साथ तैयार करने की योजना है, जिसमें इसमें दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम शामिल होंगे। यह प्रोजेक्ट सिर्फ मुंबई नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक शानदार स्पोर्ट्स पिक्चर के रूप में उभर सकता है।

    खेल इकोसिस्टम को जल्द ही बड़ा बढ़ावा मिलेगा

    अजिंक्य नाइक ने स्पोर्टिंग इकोसिस्टम के लिए यह पहला कदम ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक क्रिकेट के विकास को स्थापित करेगा।

    उनका कहना है, यह प्रोजेक्ट युवा प्रतिभाओं को निखारने, प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने और महाराष्ट्र को वैश्विक क्रिकेट नतीजों में मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

    खेल पर्यटन और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं पर नजर

    इस स्टेडियम के निर्माण से खेल पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बड़े अंतर्राष्ट्रीय खेलों और खेलों की टीमों से न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि मुंबई की वैश्विक खेल की पहचान भी और मजबूत होगी।

    सिडको के साथ तैयार हो रहा रोडमैप

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अजिंक्य नाइक ने विजय सिंघल (सीआईडीसीओ के प्रबंध निदेशक) के साथ विस्तृत चर्चा की। इसमें स्टेडियम के निर्माण, बुनियादी ढांचे और आर्किटेक्चर से जुड़े विभिन्न मानकों पर काम किया गया।

    2025 में हुआ था बड़ा लॉन्च

    मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने 2025 में वानखेड़े स्टेडियम में एक कार्यक्रम के आयोजन के दौरान इस मेगा प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने एमसीए को स्टेडियम निर्माण के लिए उपलब्ध जमीन का वादा किया था।

    प्रेमी को नया अनुभव

    स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम के कमरों को आधुनिक और बेहतर अनुभव प्रदान करता है। इसमें सीटिंग, डिजिटल उपकरण, बेहतर सुविधाएँ और अंतर्राष्ट्रीय मानक की व्यवस्थाएँ शामिल हैं।

    यह प्रोजेक्ट इतना खास क्यों है?

    यह प्रोजेक्ट केवल एक स्टेडियम नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है, जो भविष्य के खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर पहुंचने का मौका देगा और भारत को क्रिकेट के क्षेत्र में और मजबूत बनाएगा।

  • सिंगरौली ने रचा इतिहास खनिज राजस्व में 4681 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली

    सिंगरौली ने रचा इतिहास खनिज राजस्व में 4681 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश का सिंगरौली जिला एक बार फिर अपनी पहचान को मजबूत करते हुए सुर्खियों में आ गया है इस बार वजह है खनिज राजस्व वसूली में बनाया गया ऐतिहासिक रिकॉर्ड वित्तीय वर्ष 2025 26 में जिले ने 4681.05 करोड़ रुपये की शानदार वसूली कर न केवल अपने तय लक्ष्य का 96.86 प्रतिशत हासिल किया बल्कि पूरे प्रदेश में पहला स्थान भी कायम रखा है

    सिंगरौली को देश के प्रमुख खनन क्षेत्रों में गिना जाता है यहां कोयला और अन्य खनिज संसाधनों की प्रचुरता है यही कारण है कि जिले की अर्थव्यवस्था में खनन का अहम योगदान रहता है इस बार प्रशासन ने योजनाबद्ध रणनीति और कड़ी निगरानी के साथ राजस्व वसूली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है

    केवल खनिज राजस्व ही नहीं बल्कि कर वसूली के क्षेत्र में भी जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है प्रशासन ने निर्धारित लक्ष्य का 97.61 प्रतिशत हासिल करते हुए 946.80 करोड़ रुपये की वसूली की है यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था बेहद मजबूत हुई है

    इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन की सख्ती और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मुख्य कारण माना जा रहा है खासतौर पर अवैध खनन के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति ने बड़ा असर दिखाया है पूरे साल में 289 मामलों में कार्रवाई करते हुए 2.20 करोड़ रुपये की वसूली की गई है इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हुई है

    जिला प्रशासन का कहना है कि यह सफलता किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है खनिज विभाग अधिकारियों और मैदानी अमले की लगातार निगरानी और समन्वय के कारण यह संभव हो सका है साथ ही तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था ने भी इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है

    सिंगरौली का यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गया है यह दिखाता है कि यदि सही रणनीति और कड़ाई से नियमों का पालन किया जाए तो राजस्व वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है आने वाले समय में भी प्रशासन इस गति को बनाए रखने और नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में काम करता रहेगा

    इस उपलब्धि ने न केवल जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है बल्कि प्रदेश स्तर पर उसकी पहचान को भी और सशक्त किया है सिंगरौली का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है जहां खनन और राजस्व प्रबंधन को लेकर सुधार की आवश्यकता है