Author: bharati

  • बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने

    बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने


    नई दिल्ली। बालों को खूबसूरत और मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। बालों की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतों पर ध्यान देना भी काफी महत्वपूर्ण है। बदलते मौसम खासकर बारिश के दिनों में बालों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नमी और पसीने के कारण स्कैल्प चिपचिपा हो सकता है और डैंड्रफ जैसी समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा तनाव खराब खानपान नींद की कमी और बालों पर ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करने से भी बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। ऐसे में बालों की जड़ों से लेकर उनकी लंबाई तक सही देखभाल करना जरूरी है।

    बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। पसीना और गंदगी लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहने से बालों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अपनी स्कैल्प की जरूरत के अनुसार किसी हल्के शैंपू से बालों को साफ करें। बहुत ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। अगर स्कैल्प बहुत तैलीय है या डैंड्रफ की समस्या लगातार बनी हुई है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

    बालों में तेल लगाने की परंपरा काफी पुरानी है और सही तरीके से किया जाए तो इससे स्कैल्प की मालिश करने में मदद मिल सकती है। नारियल या अन्य उपयुक्त हेयर ऑयल से हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश की जा सकती है। हालांकि तेल लगाने के बाद उसे बहुत लंबे समय तक छोड़ना जरूरी नहीं है। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार तेल लगाने की आदत बनाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तेल लगाने या जोर से मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं और उन्हें जोर से रगड़ने या खींचने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बालों को मुलायम तौलिए से धीरे से सुखाना चाहिए। गीले बालों में बहुत जोर से कंघी करने के बजाय उन्हें थोड़ा सूखने देना बेहतर माना जाता है। बाल सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों की मजबूती के लिए खानपान भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स शामिल होने चाहिए। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण को समझना जरूरी है।

    हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर कर्लर और बहुत ज्यादा गर्मी वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल बालों को रूखा और कमजोर कर सकता है। इसी तरह बार बार हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराने से भी बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को अत्यधिक गर्मी और अनावश्यक केमिकल ट्रीटमेंट से बचाना चाहिए।

    अगर बाल लगातार झड़ रहे हों स्कैल्प में खुजली या घाव हो डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो या बालों में अचानक असामान्य बदलाव दिखाई दे तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। सही खानपान नियमित सफाई पर्याप्त नींद और बालों के प्रति थोड़ी सावधानी अपनाकर उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

  • 32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट

    32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट


    नई दिल्ली । 
    सलमान खान बॉलीवुड के उन सितारों में गिने जाते हैं जिनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। सलमान की फिल्मों में कहानी के साथ उनके गाने भी लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय उनकी एक बेहद लोकप्रिय फिल्म से उनके ऊपर फिल्माए गए दो गाने हटा दिए गए थे। खास बात यह रही कि फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों ने इसे इतना पसंद किया कि मेकर्स को अपना फैसला बदलना पड़ा और दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल करना पड़ा। यह फिल्म थी साल 1994 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या की ब्लॉकबस्टर फिल्म हम आपके हैं कौन।

    इस फिल्म में सलमान खान के साथ माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म की कहानी पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं के इर्द गिर्द बुनी गई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। हालांकि सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले फिल्म को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई थी। फिल्म की लंबाई काफी ज्यादा थी और इसमें कई गाने भी शामिल थे। ऐसे में इंडस्ट्री और क्रिटिक्स की ओर से यह सुझाव दिया गया कि फिल्म को थोड़ा छोटा किया जाना चाहिए, ताकि दर्शकों को यह लंबी न लगे।

    बताया जाता है कि इसी फीडबैक को ध्यान में रखते हुए निर्देशक सूरज बड़जात्या ने फिल्म से दो गाने हटा दिए थे। दोनों गाने सलमान खान के किरदार से जुड़े हुए थे। उस समय मेकर्स को लगा कि गानों को हटाने से फिल्म की लंबाई कम होगी और इसकी गति बेहतर हो जाएगी। लेकिन फिल्म जब 5 अगस्त 1994 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो कहानी ही बदल गई।

    दर्शकों ने फिल्म को इतना पसंद किया कि इसकी लोकप्रियता ने मेकर्स को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया। फिल्म के गानों को लेकर भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। इसके बाद हटाए गए दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों गानों को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी।

    पहला गाना था चॉकलेट लाइम जूस। यह गाना फिल्म के सबसे यादगार गीतों में शामिल हो गया। इसे देव कोहली ने लिखा था और लता मंगेशकर की आवाज ने इस गाने को खास पहचान दी। बच्चों और परिवार के बीच लोकप्रिय इस गीत ने फिल्म के हल्के फुल्के और पारिवारिक माहौल को और खूबसूरत बना दिया।

    दूसरा गाना था मुझसे जुदा होकर। इस गीत को भी लता मंगेशकर ने गाया था जबकि पुरुष आवाज एसपी बालासुब्रह्मण्यम की थी। फिल्म की भावनात्मक कहानी के साथ इस गीत ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। यही वजह रही कि दोनों गानों को हटाने का फैसला ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका।

    हम आपके हैं कौन की सफलता ने यह भी साबित किया कि कई बार दर्शकों की पसंद किसी फिल्म के अंतिम रूप को बदलने की ताकत रखती है। फिल्म के गाने इसकी पहचान का अहम हिस्सा बन चुके थे और उन्हें हटाना मेकर्स के लिए भारी पड़ सकता था। रिलीज के बाद मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इस बात को साबित कर दिया।

    आज भी हम आपके हैं कौन को सलमान खान और माधुरी दीक्षित के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म के संवाद, किरदार और खास तौर पर इसके गाने कई दशक बाद भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। चॉकलेट लाइम जूस और मुझसे जुदा होकर भी ऐसे ही गीत हैं जिन्हें सुनते ही लोगों को 90 के दशक की इस सुपरहिट फिल्म की याद आ जाती है।

  • गोविंदा-सुनीता के विवाद में परिवार भी खुलकर सामने आया, कश्मीरा बोलीं- मैं अपनी फैमिली की महिलाओं के साथ हूं

    गोविंदा-सुनीता के विवाद में परिवार भी खुलकर सामने आया, कश्मीरा बोलीं- मैं अपनी फैमिली की महिलाओं के साथ हूं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाएं हो रही हैं। दोनों की निजी जिंदगी से जुड़ी खबरों ने सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक खूब सुर्खियां बटोरी हैं। परिवार के कई सदस्य इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए हैं लेकिन अब गोविंदा की बहू कश्मीरा शाह ने इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। कश्मीरा ने साफ कहा कि वह अपनी फैमिली की महिलाओं के साथ खड़ी हैं और सुनीता के साथ हैं। कश्मीरा का यह बयान ऐसे समय आया है जब गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं।

    हाल ही में एक इवेंट के दौरान कश्मीरा शाह से गोविंदा और सुनीता के बीच चल रहे विवाद को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह अपनी फैमिली को प्रोटेक्ट करेंगी और परिवार की महिलाओं के साथ रहेंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस मामले को समझना है तो इतना समझ लें कि वह सुनीता के साथ हैं। कश्मीरा के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले परिवार के दूसरे सदस्य इस विवाद को निजी मामला बताते हुए टिप्पणी करने से बचते रहे हैं।

    कश्मीरा ने आगे कहा कि सुनीता ने आज तक कब किसी बात पर आवाज उठाई है या किसी को गलत कहा है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर सुनीता ने इस बार कोई बात कही है तो जरूर कुछ गलत हुआ होगा। कश्मीरा के इस बयान ने एक बार फिर गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं को हवा दे दी है।

    दरअसल इस विवाद के बीच सुनीता की ओर से तलाक की अर्जी वापस लेने की खबर भी सामने आई थी। इसके बाद सुनीता ने राखी सावंत से बातचीत के दौरान कथित तौर पर कहा था कि उन्हें गोविंदा की दूसरी शादी से जुड़ी जानकारी मिली थी और इसी वजह से उन्होंने तलाक की अर्जी वापस ली। हालांकि गोविंदा के मैनेजर ने इन दावों को गलत बताया था। इस पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आती रही हैं।

    कुछ समय पहले गोविंदा और कोमल को एक साथ एयरपोर्ट पर देखे जाने के बाद भी विवाद बढ़ गया था। रिपोर्ट के मुताबिक इस पर सुनीता ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद गोविंदा का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें उन्होंने सुनीता को किसी के बारे में गलत टिप्पणी नहीं करने की नसीहत दी थी। उन्होंने उन्हें आगे ऐसी बात दोबारा नहीं कहने की चेतावनी भी दी थी।

    इस बीच परिवार के दूसरे सदस्य भी इस मामले से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गोविंदा की भांजी आरती सिंह और भांजे कृष्णा अभिषेक पहले ही इसे परिवार का निजी मामला बता चुके हैं। ऐसे में कश्मीरा शाह का सुनीता के पक्ष में खुलकर सामने आना चर्चा का विषय बन गया है।

    वहीं गोविंदा की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो अभिनेता लंबे समय बाद फिल्मों में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। वह रूपा और दुनियादारी जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। गोविंदा आखिरी बार 2019 में रिलीज हुई फिल्म रंगीला राजा में दिखाई दिए थे। दूसरी ओर उनके बेटे यशवर्धन भी बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं। फिल्म हीरो की हिरोइन से यशवर्धन बतौर अभिनेता डेब्यू करेंगे। इस फिल्म में सुनीता आहूजा और जैमी लीवर भी नजर आएंगी और फिल्म का निर्देशन साजिद खान कर रहे हैं। 

  • हवा-सूरज के बाद अब समुद्र की लहरों से बिजली बनाने की तैयारी, बनाई खास डिवाइस

    हवा-सूरज के बाद अब समुद्र की लहरों से बिजली बनाने की तैयारी, बनाई खास डिवाइस


    नई दिल्ली।
    बिजली (Electricity) बनाने के लिए आपने सोलर पैनल (Solar panel) और विंड टर्बाइन (Wind turbine) के बारे में तो सुना ही होगा. लेकिन अब समुद्र की लहरों (Ocean Waves) से भी बिजली बनाने की कोशिश हो रही है. इसके लिए खास तरह की डिवाइस बनाई गई है, जिसे Wave Energy Converter यानी WEC कहा जाता है. ये डिवाइस समुद्र की लहरों की मूवमेंट को बिजली में बदलने का काम करती है. चीन में इस टेक्नोलॉजी पर काम हो रहा है।


    जानिए समुद्र की लहरों से कैसे बनती है बिजली?

    आसान भाषा में समझें तो समुद्र की लहरें जब ऊपर-नीचे होती हैं तो उनमें काफी एनर्जी होती है. WEC इसी एनर्जी को पकड़ने का काम करता है. डिवाइस का कुछ हिस्सा लहरों के साथ मूव करता है और इस मूवमेंट को मैकेनिकल या हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए बिजली बनाने वाले जनरेटर तक पहुंचाया जाता है।

    कुछ डिवाइस में लहरों से टर्बाइन घूमती है. वहीं कुछ डिवाइस पानी की लहरों के साथ ऊपर-नीचे या आगे-पीछे होने वाली बॉडी का इस्तेमाल करती हैं. यानी WEC का डिजाइन अलग हो सकता है, लेकिन मकसद एक ही है समुद्र की लहरों की एनर्जी को बिजली में बदलना.


    चीन ने बनाया बड़ा वेव एनर्जी कन्वर्टर

    चीन में WEC को लेकर काफी काम हुआ है. इनमें नानकुन नाम का बड़ा डिवाइस भी शामिल है. इसका वजन करीब 6,000 टन बताया गया है और यह एक दिन में 24,000 kWh तक बिजली पैदा करने की कैपिसिटी रखता है. इसे करीब 3,500 घरों की रोजाना बिजली खपत के बराबर बताया गया है. यही वजह है कि वेव एनर्जी को लेकर एक बार फिर चर्चा बढ़ी है. अब तक सोलर और विंड एनर्जी पर ज्यादा फोकस रहा है, लेकिन समुद्र की लहरों में भी काफी एनर्जी मौजूद है।


    सोलर और विंड से कैसे अलग?

    सोलर पैनल को बिजली बनाने के लिए सूरज की रोशनी चाहिए, जबकि विंड टर्बाइन हवा पर निर्भर करती है. WEC समुद्र की लहरों की मूवमेंट का इस्तेमाल करता है. समुद्र का पानी हवा से ज्यादा भारी होता है, इसलिए लहरों में काफी एनर्जी मौजूद हो सकती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वेव एनर्जी को आसानी से बिजली में बदला जा सकता है. इसके लिए सही जगह, सही डिजाइन और मजबूत सिस्टम की जरूरत होती है।

    चीन में बनी वेव एनर्जी कन्वर्टर टेक्नोलॉजी में लगातार एडवांस बनाया जा रहा है, अगर ये टेक्नोलॉजी बड़े लेवल पर सक्सेस होती है तो आने वाले समय में समुद्र भी क्लीन एनर्जी का एक बड़ा सोर्स बन सकता है. यानी सक्सेस में बिजली के लिए सिर्फ सूरज और हवा ही नहीं, समुद्र की लहरों पर भी नजर होगी।

  • भारतीय IT प्रोफेशनल्स को एक और झटका देने की तैयारी में ट्रंप…. H-1B वीजा पर बढ़ेगी फीस

    भारतीय IT प्रोफेशनल्स को एक और झटका देने की तैयारी में ट्रंप…. H-1B वीजा पर बढ़ेगी फीस


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में काम करने का सपना देख रहे भारतीय IT प्रोफेशनल्स (Indian IT Professionals) के लिए H-1B वीजा (H-1B Visa) को लेकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ट्रंप प्रशासन ने नए H-1B वर्कर वीजा पर 1 लाख डॉलर से ज्यादा की फीस लगाने का प्रस्ताव पेश किया है. प्रस्ताव के तहत यह फीस 1,03,265 डॉलर तय की जा सकती है. खास बात यह है कि नई फीस सिर्फ विदेश से आवेदन करने वालों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि ज्यादातर नए H-1B आवेदकों पर लागू हो सकती है>

    अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (U.S. Department of Homeland Security) ने इस प्रस्ताव को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया है. अगर इसे अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो यह फीस स्थायी तौर पर लागू हो सकती है. प्रशासन इसे साल के अंत तक अंतिम रूप देने की तैयारी में है।


    पहले भी लगाई गई थी भारी फीस

    ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल H-1B वीजा पर अस्थायी तौर पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाई थी. हालांकि, जून में एक फेडरल जज ने इस फीस को गैरकानूनी बताते हुए प्रशासन को इसे वसूलने से रोक दिया था. अब अमेरिकी प्रशासन उस फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है. एक अपीलीय अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है, जबकि एक दूसरी अदालत में भी फीस को चुनौती देने से जुड़ा मामला चल रहा है।


    H-1B वीजा क्या है?

    H-1B वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां खास तकनीकी और विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं. टेक्नोलॉजी, शिक्षा और रिसर्च जैसे सेक्टर में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. हर साल 65 हजार सामान्य H-1B वीजा जारी किए जाते हैं. एडवांस डिग्री वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए 20 हजार अतिरिक्त वीजा का प्रावधान है. आम तौर पर ये वीजा 3 से 6 साल तक के लिए मंजूर किए जाते हैं. ट्रंप के प्रस्ताव से पहले H-1B वीजा से जुड़ी फीस आमतौर पर करीब 2 हजार से 5 हजार डॉलर के बीच होती थी. ऐसे में 1,03,265 डॉलर की प्रस्तावित फीस कई गुना ज्यादा है।


    सभी पर नहीं पड़ेगा असर

    हालांकि, प्रस्तावित फीस हर H-1B वीजा पर लागू नहीं होगी. अमेरिका में पहले से स्टूडेंट वीजा पर मौजूद विदेशी नागरिकों को मिलने वाले नए H-1B वीजा इससे बाहर रखे जाएंगे. मौजूदा H-1B वीजा के रिन्यूअल पर भी यह फीस लागू नहीं होगी। फिर भी अगर यह नियम स्थायी होता है तो अमेरिकी कंपनियों के लिए विदेश से नए हाई-स्किल्ड कर्मचारियों को हायर करना काफी महंगा हो सकता है. इसका असर भारत जैसे देशों के IT प्रोफेशनल्स पर पड़ने की आशंका है, जिनकी बड़ी संख्या H-1B वीजा के जरिए अमेरिका में काम करती है।

  • इस साल 2009 के बाद होगी सबसे कम बारिश… मॉनसून की जल्द हो सकती है वापसी !

    इस साल 2009 के बाद होगी सबसे कम बारिश… मॉनसून की जल्द हो सकती है वापसी !


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में इस साल का मानसून (Monsoon) करीब दो दशक में सबसे कमजोर रहने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में मौसम विभाग (IMD) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने मानसून के अंतिम माह सितंबर (September) में भी कम बारिश (Rain) होने की आशंका जताई है। इस दौरान देश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो 2009 के बाद यह सबसे कमजोर मानसून होगा।

    भारत की करीब 70 प्रतिशत वार्षिक बारिश मानसून से होती है। बारिश में बड़ी कमी का असर खरीफ फसलों के उत्पादन, खाद्य कीमतों और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है। खासकर सितंबर में पर्याप्त बारिश नहीं होने पर कपास, सोयाबीन, मक्का और दलहन जैसी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। इससे गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए जरूरी मिट्टी की नमी पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल सितंबर की बारिश मानसून और कृषि दोनों के लिए निर्णायक मानी जा रही है।


    सितंबर में बारिश पर सबसे नजर

    रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में एल नीनो का असर और मजबूत होने की आशंका है। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सितंबर में बारिश की कमी दो अंकों में पहुंच सकती है। कुछ पूर्वी राज्यों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। फिलहाल इस साल के पूरे मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम है। जुलाई में एक प्रतिशत अधिक बारिश ने कुछ राहत दी। अगस्त में मानसून फिर कमजोर पड़ा।


    मानसून की वापसी भी जल्दी संभव

    मौसम विभाग के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, अगर कोई नई मौसम प्रणाली विकसित नहीं हुई तो मानसून अगले महीने उत्तर-पश्चिम भारत से सामान्य समय से कुछ दिन पहले लौटना शुरू कर सकता है। आमतौर पर मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से करीब 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है और अक्टूबर के मध्य तक पूरे देश से इसकी वापसी हो जाती है।


    तमिलनाडु में जलभराव से आमजन परेशान

    चेन्नई और आसपास के तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ। चेन्नई में सोमवार सुबह तक कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई।


    पश्चिम बंगाल के कई जिलों में चलेगी तेज हवा

    पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, कोलकाता और हावड़ा में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भारी बारिश की संभावना है।


    छत्तीसगढ़ में अगले सात दिन भारी बारिश के आसार

    छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है। कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

  • महंगी चीनी के सवाल पर शिवराज बोले- सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…

    महंगी चीनी के सवाल पर शिवराज बोले- सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…


    रायसेन।
    केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) अपने एक दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) पहुंचे. इस दौरान वह छात्राओं के कार्यक्रम में शामिल हुए, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और केंद्र सरकार (Central government) की योजनाओं की समीक्षा की. हालांकि, जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति यानी दिशा की मीटिंग के दौरान चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर पूछे गए सवाल ने भी ध्यान खींचा.

    मीटिंग से कुर्सी छोड़ते समय जब महंगी चीनी को लेकर सवाल किया गया तो शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…”

    शासकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक कारणों से किसी भी होनहार बेटी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। छात्राओं की सहूलियत के लिए स्थापित हेल्प डेस्क के जरिए अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना की पात्रता नियम, आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध कराई गई है।

    केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी शासकीय महाविद्यालयों की छात्राओं से संवाद किया और समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया.

    छात्रों को लैपटॉप वितरण और कंप्यूटर लैब का लोकार्पण
    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. इसके बाद उन्होंने परिसर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब का फीता काटकर लोकार्पण किया और लैब का जायजा लेते हुए छात्राओं से बातचीत की. पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कॉलेज परिसर में पौधारोपण किया।


    दिशा बैठक में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा

    दौरे के अंतिम चरण में शिवराज सिंह चौहान कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने दिशा समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


    चीनी की देश में कोई कमी नहीं: ISMA

    उधर, चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल के बीच इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने कहा कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने तथा कारोबारियों एवं थोक उपभोक्ताओं पर भंडारण सीमा लगाने से आने वाले दिनों में खुदरा कीमतें घटने की उम्मीद है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलो रही, जो एक महीने पहले के 48.73 रुपये से 29 प्रतिशत अधिक है. अधिकतम खुदरा कीमत 75 रुपये और मॉडल कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो रही.

  • शादी की बधाइयों से परेशान हुईं जेमी लीवर, बोलीं- यशवर्धन मेरे छोटे भाई जैसा, अभी शादी में लगेगा वक्त

    शादी की बधाइयों से परेशान हुईं जेमी लीवर, बोलीं- यशवर्धन मेरे छोटे भाई जैसा, अभी शादी में लगेगा वक्त


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड में सितारों की निजी जिंदगी से जुड़ी खबरें अक्सर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं लेकिन कई बार इन खबरों की सच्चाई कुछ और ही होती है। ऐसा ही मामला अभिनेता गोविंदा के बेटे यशवर्धन और मशहूर कॉमेडियन जॉनी लीवर की बेटी जेमी लीवर को लेकर सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि यशवर्धन और जेमी लीवर जल्द शादी करने वाले हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने दोनों को शादी की बधाइयां देना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि आखिरकार जेमी लीवर को खुद सामने आकर इस वायरल खबर की सच्चाई बतानी पड़ी।

    जेमी लीवर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए साफ किया कि यशवर्धन के साथ उनकी शादी की खबर पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी जब यह AI वीडियो पहली बार मिला तो वह इसे देखकर खूब हंसी थीं। उनके कजिन भी वीडियो देखकर मजाक कर रहे थे और दोनों एक दूसरे को ऐसे वीडियो भेजकर एंजॉय कर रहे थे। उस समय जेमी को लगा कि यह महज एक मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट है लेकिन कुछ समय बाद स्थिति बदलने लगी।

    जेमी ने बताया कि उनके पास लोगों के फोन आने लगे। कई लोग उन्हें शादी की बधाई देने लगे और शादी को लेकर सवाल पूछने लगे। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वायरल वीडियो ने लोगों के बीच गलतफहमी पैदा कर दी है। जेमी ने कहा कि उन्हें पता है कि कई लोग उनकी शादी को लेकर उत्सुक रहते हैं और इस वजह से भी लोगों ने वायरल वीडियो को सच मान लिया।

    एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि इस फर्जी खबर की वजह से उन्हें एक अलग तरह की परेशानी हो रही है। जेमी के मुताबिक कुछ लोग उन्हें शादी के प्रपोजल भेजना चाहते थे लेकिन अब वह यह सोचकर पीछे हट रहे हैं कि शायद उनकी शादी हो चुकी है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है और लोगों को इस फर्जी खबर की वजह से गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए।

    जेमी ने AI वीडियो बनाने वालों की रचनात्मकता पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने वाले काफी क्रिएटिव हैं लेकिन अब जब उन्हें इतने व्यूज मिल चुके हैं तो वीडियो को हटा देना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस वीडियो को सच न मानें और इसे आगे शेयर न करें।

    जेमी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति के साथ उनकी फेक शादी की अफवाह फैलाई जा रही है वह उनके लिए छोटे भाई जैसा है। उन्होंने बताया कि यशवर्धन उनसे कई साल छोटे हैं और दोनों साथ में काम भी कर रहे हैं। इस बयान के बाद शादी की अफवाह पर पूरी तरह विराम लग गया।

    दरअसल यशवर्धन गोविंदा के बेटे हैं और जल्द ही फिल्मी दुनिया में बतौर अभिनेता अपनी पारी शुरू करने वाले हैं। उनकी डेब्यू फिल्म हीरो की हिरोइन बताई जा रही है। फिल्म में उनके साथ नितांशी गोयल जेमी लीवर सुनीता आहूजा और चंकी पांडे जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन साजिद खान कर रहे हैं। जेमी और यशवर्धन का साथ काम करना ही शायद सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो के पीछे की वजह बना।

    जेमी ने आखिर में साफ शब्दों में कहा कि उनकी शादी की खबर पर लोगों को अभी इंतजार करना होगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में शादी की बधाई देने वालों से कहा कि अभी शादी में समय लगेगा। इस तरह एक AI से बनाए गए फर्जी वीडियो ने कुछ समय के लिए बॉलीवुड में शादी की खबर को लेकर हलचल जरूर मचा दी लेकिन जेमी लीवर के बयान ने साफ कर दिया कि यशवर्धन और उनकी शादी की खबर में कोई सच्चाई नहीं है।

  • दिल्ली में छोटे सैलेलाइट बनाएगी फिनलैंड की दिग्गज स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी

    दिल्ली में छोटे सैलेलाइट बनाएगी फिनलैंड की दिग्गज स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी


    नई दिल्ली।
    फिनलैंड (Finland) की अंतरिक्ष-आधारित खुफिया तकनीक (Space-based Intelligence Technology) की वैश्विक कंपनी आईसीईवाईई (ICEYE) ने भारत (India) में अपना कामकाज शुरू करने का एलान किया है। यह कंपनी देश में छोटे उपग्रहों के निर्माण के लिए एक स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है। ये उपग्रह रक्षा, चौकसी और पर्यावरणीय निगरानी में इस्तेमाल किए जाएंगे।

    आईसीईवाईई इंडिया नई दिल्ली से संचालित होगी। यह कंपनी की भारत जैसे अहम रक्षा और अंतरिक्ष बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी के सैटेलाइट का समूह का इस्तेमाल पहले से ही रक्षा, खुफिया, बीमा और आपातकालीन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में हो रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध समेत दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कंपनी की तकनीक की मांग भी बढ़ी है।


    कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

    कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक राफल मोड्रजेव्स्की ने कहा कि कंपनी भारत में वास्तविक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि आईसीईवाईई भारत सरकार और स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर देश की संप्रभु खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उत्साहित है। आईसीईवाईई की प्राथमिकता भारतीय रक्षा व खुफिया ग्राहकों को उन्नत खुफिया हल मुहैया कराना होगी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूती बढ़ेगी। कंपनी भारतीय अंतरिक्ष और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।

    इसमें लॉन्च प्रदाता, इलेक्ट्रॉनिक्स व कंपोनेंट निर्माता और तकनीकी साझेदार शामिल हैं। कंपनी का स्थानीय औद्योगिक क्षमता विकसित करने का मॉडल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से मेल खाता है। इसके पास दुनिया का सबसे उन्नत सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) सैटेलाइट समूह है। दुनिया भर में कंपनी के 1,000 से अधिक कर्मचारी हैं इस साल कंपनी का राजस्व लगभग 280 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 2,680 करोड़ रुपये) को पार कर गया है।

  • पायल और बिछिया का कालापन हटाने के आसान घरेलू उपाय, गर्म पानी और बेकिंग सोडा से करें चांदी की सफाई

    पायल और बिछिया का कालापन हटाने के आसान घरेलू उपाय, गर्म पानी और बेकिंग सोडा से करें चांदी की सफाई

    नई दिल्ली ।चांदी के गहने जैसे पायल, बिछिया, अंगूठी और अन्य आभूषण लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद अक्सर काले या फीके दिखाई देने लगते हैं। कई बार गहनों की चमक इतनी कम हो जाती है कि वे पुराने नजर आने लगते हैं। खासकर रोजाना पहने जाने वाले चांदी के आभूषणों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। हालांकि, चांदी का काला होना हमेशा गंदगी की वजह से नहीं होता।

    चांदी के काले पड़ने की मुख्य वजह एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसे टार्निशिंग कहा जाता है। हवा में मौजूद सल्फर या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों के संपर्क में आने पर चांदी की सतह पर सिल्वर सल्फाइड की परत बन सकती है। यही परत गहनों को काला या मटमैला दिखाती है। नमी, पसीना और रोजमर्रा के इस्तेमाल से भी इस प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है।

    चांदी के गहनों को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए थोड़े गुनगुने पानी में करीब एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को मुलायम कपड़े या बहुत नरम ब्रश की मदद से गहने की सतह पर हल्के हाथों से लगाएं। कुछ देर बाद इसे बिना ज्यादा दबाव के साफ करें और पानी से धोकर मुलायम कपड़े से सुखा लें।

    अगर गहने पर ज्यादा कालापन जमा है तो एल्युमिनियम फॉयल वाला तरीका भी अपनाया जा सकता है। एक बर्तन में गर्म पानी लें और उसमें एल्युमिनियम फॉयल का टुकड़ा रखें। इसमें थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा और नमक डालकर घोल तैयार किया जा सकता है। इसके बाद चांदी के गहनों को कुछ मिनट के लिए इसमें रखें और फिर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।

    इस तरीके में एल्युमिनियम और चांदी के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया के जरिए टार्निश की परत को हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर तरह के चांदी के गहने इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। खासतौर पर नाजुक डिजाइन, ऑक्सीडाइज्ड चांदी, मोती, कीमती पत्थरों या चिपकाए गए सजावटी हिस्सों वाले गहनों पर यह तरीका सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।

    हल्के दाग और सामान्य गंदगी के लिए साबुन और गुनगुना पानी अपेक्षाकृत सरल तरीका है। गहने को कुछ समय के लिए गुनगुने पानी में रखने के बाद हल्के साबुन से धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है। इसके बाद साफ पानी से धोकर सूती या मुलायम कपड़े से पूरी तरह सुखाना जरूरी है।

    चांदी की सफाई करते समय बहुत कठोर ब्रश या ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए। इससे गहने की सतह पर खरोंच आ सकती है। इसी तरह तेज रसायनों या ऐसे क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिनके बारे में यह स्पष्ट न हो कि वे चांदी के लिए सुरक्षित हैं।

    सफाई के बाद चांदी के गहनों को नमी से दूर, सूखी और बंद जगह पर रखना बेहतर होता है। उन्हें परफ्यूम, कॉस्मेटिक, पसीने और घरेलू रसायनों के सीधे संपर्क से बचाने पर कालापन अपेक्षाकृत देर से आ सकता है। यदि गहना बहुत महंगा, बेहद नाजुक या कीमती पत्थरों से जड़ा हुआ है, तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय विशेषज्ञ से सफाई कराना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।