Author: bharati

  • जुलाई 2026 का धार्मिक कैलेंडर जारी, देवशयनी एकादशी, रथयात्रा, गुरु पूर्णिमा समेत जानिए किस दिन कौन-सा व्रत और त्योहार

    जुलाई 2026 का धार्मिक कैलेंडर जारी, देवशयनी एकादशी, रथयात्रा, गुरु पूर्णिमा समेत जानिए किस दिन कौन-सा व्रत और त्योहार

    नई दिल्ली। जुलाई 2026 का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस महीने आषाढ़ और श्रावण मास से जुड़े अनेक प्रमुख व्रत एवं त्योहार मनाए जाएंगे। भगवान विष्णु, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और गुरु परंपरा से जुड़े कई पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाए जाएंगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखकर धार्मिक परंपराओं का पालन करेंगे।

    महीने की शुरुआत 3 जुलाई को कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी से होगी। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक गणेश पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इसके बाद 10 जुलाई को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। वैष्णव परंपरा के अनुसार 11 जुलाई को वैष्णव योगिनी एकादशी का पालन किया जाएगा।

    12 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा, जो भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद 14 जुलाई को आषाढ़ अमावस्या और दर्श अमावस्या का पर्व आएगा। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।

    15 जुलाई से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ होगा। यह पर्व देवी साधना और शक्ति उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन चंद्र दर्शन का भी संयोग रहेगा। 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसे देशभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी दिन सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करने पर कर्क संक्रांति भी मनाई जाएगी, जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है।

    महीने के उत्तरार्ध में 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का पर्व आएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास का शुभारंभ होता है। इसके अगले दिन 26 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत रहेगा, जिसमें भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। 27 जुलाई से जयापार्वती व्रत प्रारंभ होगा, जिसे विशेष रूप से वैवाहिक सुख और परिवार की मंगलकामना के लिए किया जाता है। 28 जुलाई को कोकिला व्रत मनाया जाएगा, जिसमें माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना गया है।

    29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा और आषाढ़ पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा। भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा को ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्मिक परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपने गुरुजनों का सम्मान करते हैं और महर्षि वेदव्यास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि गुरु के प्रति श्रद्धा और सेवा से ज्ञान, सफलता और जीवन में सही मार्गदर्शन प्राप्त होता है।

    महीने का समापन 30 जुलाई को इष्टि अनुष्ठान के साथ होगा। पूरे जुलाई माह में विभिन्न धार्मिक पर्वों के कारण मंदिरों में विशेष आयोजन, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों की रौनक देखने को मिलेगी। श्रद्धालु इस दौरान व्रत, दान, जप और पूजा के माध्यम से आध्यात्मिक साधना करते हुए सुख, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना करेंगे।

  • मॉनसून में 15 अगस्त तक समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक, महाराष्ट्र सरकार दे सकती है ₹50 हजार की सहायता

    मॉनसून में 15 अगस्त तक समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक, महाराष्ट्र सरकार दे सकती है ₹50 हजार की सहायता


    मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मॉनसून के दौरान समुद्र में मछली पकड़ने पर लगने वाले वार्षिक प्रतिबंध की अवधि बढ़ाकर 15 अगस्त तक कर दी है। प्रतिबंध से प्रभावित मछुआरों को आर्थिक राहत देने के लिए सरकार प्रति मछुआरे 50 हजार रुपये तक की सहायता देने पर विचार कर रही है।

    विधानसभा में मछली पालन मंत्री नितेश राणे ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देर से सक्रिय होने के कारण केंद्र सरकार ने पहले पश्चिमी तट पर 1 जून से 31 जुलाई तक मछली पकड़ने पर रोक लगाई थी। अब राज्य सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर 15 अगस्त तक कर दिया है।

    क्यों बढ़ाया गया प्रतिबंध?
    मंत्री के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य समुद्री जैव विविधता और मछलियों के प्रजनन चक्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रतिबंध के दौरान समुद्री प्रजातियों को अंडे देने और प्राकृतिक रूप से विकसित होने का पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे भविष्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा मॉनसून के दौरान तेज हवाएं, ऊंची लहरें, चक्रवात और खराब समुद्री मौसम के कारण मछुआरों की सुरक्षा भी इस निर्णय की प्रमुख वजह है।

    मछुआरों को मिलेगी आर्थिक राहत
    नितेश राणे ने कहा कि प्रतिबंध बढ़ने से मछुआरों की आजीविका प्रभावित होगी। इसे देखते हुए सरकार ने प्रत्येक मछुआरे को 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल जाएगी।

    मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए कई नई पहल
    मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा प्रदान किया है, जिससे मछुआरों को किसानों की तरह विभिन्न सब्सिडी और सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

    इसके अलावा मछली बीज (सीड) उत्पादन बढ़ाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। जिला नियोजन समितियों को अपनी 5 प्रतिशत राशि मत्स्य पालन विकास पर खर्च करने की सलाह दी गई है। पहली बार आंतरिक (इनलैंड) मत्स्य पालकों को प्राकृतिक आपदाओं और अनियमित बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। तालाब आवंटन, समितियों के पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल प्रणाली विकसित की जा रही है।

    मत्स्य बाजारों का होगा आधुनिकीकरण
    मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 1,240 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस धनराशि से आधुनिक मछली बाजार विकसित किए जाएंगे, जिससे मछुआरों को सीधे बाजार तक पहुंच मिलेगी और उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध कराई जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाना है।

  • दोहा वार्ता पर बढ़ी अनिश्चितता: ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- अमेरिका से फिलहाल कोई बैठक तय नहीं

    दोहा वार्ता पर बढ़ी अनिश्चितता: ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- अमेरिका से फिलहाल कोई बैठक तय नहीं


    तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में प्रस्तावित बातचीत को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मंगलवार को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की बैठक का दावा किए जाने के कुछ ही घंटे बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता निर्धारित नहीं है।

    ईरान के इस बयान से दोनों देशों के बीच हालिया कूटनीतिक प्रयासों पर सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद भी एक बार फिर सामने आ गए हैं।

    ईरान बोला- अमेरिका से कोई बातचीत तय नहीं
    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि इस सप्ताह ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल कतर जाएगा, लेकिन इस यात्रा का अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी बैठक या वार्ता से कोई संबंध नहीं है।

    उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी स्तर की बातचीत तय नहीं है। बघाई के मुताबिक, तेहरान की प्राथमिकता फिलहाल दोनों देशों के बीच हुए समझौते से जुड़े प्रावधानों को लागू करना है और अंतिम समझौते पर चर्चा अभी शुरू नहीं हुई है।

    ट्रंप ने किया था बैठक का दावा
    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया था कि दोहा में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बातचीत की पहल ईरान की ओर से की गई है। बाद में व्हाइट हाउस ने पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर उच्चस्तरीय वार्ता के लिए दोहा जाने वाले हैं।

    हालिया समझौते पर भी मंडराने लगे सवाल
    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल करने को लेकर एक बहु-बिंदु समझौते पर सहमति बनने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि अब दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों से यह संकेत मिल रहा है कि कूटनीतिक प्रक्रिया अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिशों को नया झटका लग सकता है।

  • एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिन 15 जिलों में मानसून पहुंच चुका है, उनमें से बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    2 जुलाई से और तेज होगा बारिश का दौर

    मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र (वेदर सिस्टम) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

    इन 50 जिलों में बारिश की चेतावनी

    मौसम केंद्र, भोपाल ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अन्य जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

    इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    सोमवार को कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

    सोमवार को इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक वर्षा हुई, जबकि शिवपुरी में करीब पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से कई जिलों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में तापमान अब भी ऊंचा बना हुआ है।

    कुछ शहरों में अब भी गर्मी का असर

    खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव में 40.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, इंदौर में 33.2 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर खंडवा, सिवनी, बैतूल, खरगोन, पचमढ़ी, धार, छिंदवाड़ा और गुना में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।

  • 30 जून 2026 का दैनिक राशिफल: करियर धन प्रेम और सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    30 जून 2026 का दैनिक राशिफल: करियर धन प्रेम और सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 30 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है जबकि कुछ लोगों को अपने फैसलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता रहेगी। ग्रहों की बदलती चाल का प्रभाव नौकरी व्यापार आर्थिक स्थिति पारिवारिक रिश्तों और स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। यदि आप पूरे दिन की सही योजना बनाना चाहते हैं तो अपनी राशि के अनुसार संकेतों को समझना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नई योजनाएं लाभ दिला सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना होगा। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए बजट पर ध्यान दें। कार्यस्थल पर मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मिथुन राशि के लोगों के लिए दिन नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दिला सकती है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत मिल रहे हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।

    कर्क राशि वालों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन धैर्य से सभी समस्याओं का समाधान निकल जाएगा। निवेश करने से पहले सलाह लेना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि के लिए दिन शुभ रहेगा। करियर में तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

    कन्या राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का फल जरूर मिलेगा लेकिन जल्दबाजी से बचना होगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

    वृश्चिक राशि वालों को विवादों से दूर रहना चाहिए। कार्यस्थल पर संयम बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और खानपान संतुलित रखें।

    धनु राशि के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नए संपर्क लाभ देंगे। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    मकर राशि वालों के लिए दिन मेहनत और सफलता का रहेगा। पुराने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों और युवा वर्ग के लिए दिन उत्साहवर्धक रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।

    मीन राशि वालों को आज धैर्य और संयम बनाए रखना होगा। पारिवारिक मामलों में समझदारी से निर्णय लें। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलेगा और शाम तक कोई अच्छी खबर मन प्रसन्न कर सकती है।

    कुल मिलाकर 30 जून 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए अवसरों और नई उम्मीदों से भरा रहने वाला है। सफलता उन्हीं लोगों को मिलेगी जो सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करेंगे और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचेंगे। ग्रहों के संकेत बताते हैं कि धैर्य आत्मविश्वास और संतुलित व्यवहार आज आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे।

  • तपिश से मिली बड़ी राहत, दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं संग हुई बारिश; मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

    तपिश से मिली बड़ी राहत, दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं संग हुई बारिश; मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

    नई दिल्ली । कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सोमवार शाम मौसम ने बड़ी राहत दी। अचानक तेज हवाएं चलने के बाद राजधानी और आसपास के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई और वातावरण सुहावना हो गया। लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की और शाम के समय मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया।

    दिनभर तेज धूप और उमस के बाद शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए। इसके बाद तेज हवा चलने लगी और कई स्थानों पर बारिश शुरू हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से गर्मी का असर काफी कम हो गया। बारिश के चलते सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ी और कई इलाकों में लोगों ने खुले मौसम का आनंद लिया। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के कारण यातायात की रफ्तार भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी राजधानी में राहत का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पूरे दिन आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दोपहर या रात के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

    मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह पश्चिमी दिशा से हवाएं लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी, जो दोपहर के समय बढ़ सकती हैं। शाम और रात के दौरान हवा की रफ्तार कुछ कम होने का अनुमान है, लेकिन मौसम में नमी बनी रहेगी।

    बुधवार, 1 जुलाई को भी मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह रहने की संभावना जताई गई है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। तेज हवाओं का दौर भी जारी रह सकता है और हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं, जिससे मौसम और अधिक सुहावना बना रहेगा।

    एक जुलाई को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जबकि दोपहर और शाम के दौरान पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग का मानना है कि बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा के कारण तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं की वजह से लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों तथा कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां और सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राजधानी और एनसीआर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे न केवल तापमान नियंत्रित रहेगा बल्कि लंबे समय से पड़ रही गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

  • तलाक से लेकर विवादित बयानों तक, Akansha Chamola के 5 बड़े विवाद जिन्होंने बार-बार उन्हें सुर्खियों और ट्रोलिंग के केंद्र में ला खड़ा किया

    तलाक से लेकर विवादित बयानों तक, Akansha Chamola के 5 बड़े विवाद जिन्होंने बार-बार उन्हें सुर्खियों और ट्रोलिंग के केंद्र में ला खड़ा किया

    नई दिल्ली । टेलीविजन अभिनेत्री आकांक्षा चमोला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अभिनेता गौरव खन्ना से अलग होने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब आकांक्षा विवादों के कारण चर्चा में आई हों। पिछले कुछ वर्षों में उनके कई बयान, सोशल मीडिया गतिविधियां और पेशेवर फैसले उन्हें लगातार ट्रोलिंग और आलोचनाओं के घेरे में लाते रहे हैं।

    आकांक्षा चमोला का पहला बड़ा विवाद उस समय सामने आया था जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह मां नहीं बनना चाहतीं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह बच्चों की जिम्मेदारी उठाने के लिए स्वयं को तैयार नहीं मानतीं और उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि जीवन में संतान होना आवश्यक है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स ने उनकी आलोचना भी की। यह बयान लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।

    इसके बाद एक समारोह के दौरान उनका डांस वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। यह कार्यक्रम गौरव खन्ना की सफलता का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था। वायरल वीडियो में आकांक्षा उत्साह के साथ डांस करती दिखाई दीं, जबकि गौरव उन्हें संभालते नजर आए। इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं और अभिनेत्री को एक बार फिर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

    आकांक्षा अपने डिजिटल प्रोजेक्ट्स को लेकर भी विवादों में रह चुकी हैं। एक वेब सीरीज में उनके कुछ रोमांटिक दृश्यों और प्रमोशनल इवेंट्स के दौरान सह-कलाकारों के साथ उनकी मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई। इन दृश्यों को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की टिप्पणियां की गईं, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि पर भी असर पड़ा। हालांकि अभिनेत्री ने इस पर कभी विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी और अपने पेशेवर काम को प्राथमिकता देती रहीं।

    कुछ समय पहले आकांक्षा द्वारा साझा की गई एक क्रिप्टिक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी काफी हलचल मचा दी थी। पोस्ट में रिश्तों और भावनात्मक दूरी का जिक्र किया गया था, जिसके बाद लोगों ने उनके वैवाहिक जीवन को लेकर अटकलें लगानी शुरू कर दीं। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पोस्ट किसी निजी विवाद से जुड़ी नहीं थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। इसके बावजूद यह मामला कई दिनों तक सोशल मीडिया पर चर्चा में बना रहा।

    हालिया विवाद उनके तलाक के ऐलान से जुड़ा है। अभिनेत्री के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे उनका निजी निर्णय बताते हुए सम्मान किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे प्रचार का हिस्सा बताया। कुछ का मानना है कि यह कदम उनके नए रियलिटी शो में चर्चा का केंद्र बनने की रणनीति हो सकता है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    लगातार विवादों के बावजूद आकांक्षा चमोला मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं और सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत मौजूदगी बनी हुई है। उनके हर बयान और गतिविधि पर लोगों की नजर रहती है, जिसके कारण वह अक्सर चर्चा का विषय बन जाती हैं। आने वाले समय में उनके पेशेवर फैसले और निजी जीवन से जुड़े घटनाक्रम पर भी दर्शकों की नजर बनी रहने की संभावना है।

  • 'न नाम बदला, न धर्म अपनाया'… Urfi Javed ने वायरल दावों की खोली पोल, फेक खबर फैलाने वालों को सुनाई खरी-खरी

    'न नाम बदला, न धर्म अपनाया'… Urfi Javed ने वायरल दावों की खोली पोल, फेक खबर फैलाने वालों को सुनाई खरी-खरी

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर अभिनेत्री उर्फी जावेद के नाम और धर्म परिवर्तन को लेकर वायरल हो रहे दावों पर अब खुद अभिनेत्री ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। एक महिला द्वारा साझा किए गए वीडियो में दावा किया गया था कि उर्फी जावेद ने अपना नाम बदलकर ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है और उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगा, जिसके बाद अभिनेत्री ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया।

    उर्फी जावेद ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से वायरल वीडियो का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने न तो अपना नाम बदला है और न ही किसी धर्म को अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह झूठी है और लोगों को बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी बातें साझा नहीं करनी चाहिए। अभिनेत्री ने कहा कि उनके बारे में गलत सूचनाएं फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

    अभिनेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी दोहराया कि वह पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि वह किसी विशेष धर्म में विश्वास नहीं रखती हैं। उनके अनुसार उनकी निजी सोच और जीवनशैली को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं, लेकिन इस बार नाम और धर्म परिवर्तन जैसा दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल किसी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज में भ्रम भी पैदा करती हैं।

    उर्फी जावेद ने वीडियो बनाने वाली महिला की पत्रकारिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक होता है। बिना पुष्टि के किसी व्यक्ति के बारे में गलत जानकारी प्रसारित करना जिम्मेदार पत्रकारिता नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन झूठी बातें फैलाना उचित नहीं है।

    अभिनेत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि इंटरनेट पर उनके बारे में पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति आसानी से यह पता लगा सकता है कि उनके नाम या पहचान में किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सच मानने के बजाय उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

    उर्फी जावेद अपने अलग फैशन सेंस और बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। यही वजह है कि उनके नाम से जुड़ी छोटी-बड़ी खबरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। हालांकि, इस बार अभिनेत्री ने खुद सामने आकर यह साफ कर दिया कि उनके नाम और धर्म परिवर्तन से जुड़ी सभी बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो उर्फी जावेद हाल के समय में रियलिटी शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक लोकप्रिय रियलिटी शो में विशेष भूमिका निभाई थी और कई मनोरंजन कार्यक्रमों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत उपस्थिति के कारण वह अक्सर ट्रेंडिंग विषयों का हिस्सा बनी रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पहचान और निजी जीवन को लेकर फैलाए जा रहे दावे वास्तविकता से बिल्कुल अलग हैं।

  • July Bank Holiday 2026: जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखकर ही करें जरूरी काम की प्लानिंग

    July Bank Holiday 2026: जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखकर ही करें जरूरी काम की प्लानिंग

    नई दिल्ली। जुलाई 2026 की शुरुआत के साथ ही बैंक ग्राहकों के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जानना जरूरी हो गया है। यदि आपको बैंक शाखा में जाकर नकदी जमा करनी है, चेक क्लियर कराना है, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना है या किसी अन्य बैंकिंग सेवा का लाभ लेना है, तो पहले अपने शहर की अवकाश सूची जरूर देख लें। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी बैंक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, जुलाई महीने में विभिन्न राज्यों में स्थानीय पर्व, सांस्कृतिक आयोजनों और नियमित साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर कुल 12 दिन बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहेगा।

    हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि सभी छुट्टियां पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होंगी। बैंक अवकाश की व्यवस्था राज्यवार और स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय होती है। इसका मतलब है कि जिस दिन किसी राज्य में बैंक बंद रहेंगे, उसी दिन दूसरे राज्यों में बैंक सामान्य रूप से खुले भी रह सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को अपने शहर और राज्य के अनुसार बैंक अवकाश की जानकारी पहले से प्राप्त कर लेनी चाहिए।

    महीने की शुरुआत में 5 जुलाई को रविवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 6 जुलाई को मिजोरम की राजधानी आइजोल में एमएचआईपी डे के अवसर पर स्थानीय बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। 9 जुलाई को मेघालय के शिलॉन्ग में बेह देइंखलाम पर्व के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं 11 जुलाई को दूसरे शनिवार और 12 जुलाई को रविवार के कारण देशभर के सभी सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में नियमित अवकाश रहेगा।

    जुलाई के मध्य में भी कई राज्यों में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। 16 जुलाई को रथ यात्रा, कांग रथयात्रा और हरेला पर्व के अवसर पर भुवनेश्वर, देहरादून, इम्फाल और शिलॉन्ग में बैंक बंद रहेंगे। इसके अगले दिन 17 जुलाई को शिलॉन्ग में यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि पर स्थानीय अवकाश रहेगा। 18 जुलाई को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में द्रुकपा त्शे-जी पर्व के अवसर पर बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। 19 जुलाई को रविवार होने से पूरे देश में बैंकिंग अवकाश रहेगा।

    महीने के अंतिम सप्ताह में भी कुछ स्थानों पर बैंक बंद रहेंगे। 22 जुलाई को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में खर्ची पूजा के अवसर पर बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। इसके अलावा 25 जुलाई को चौथा शनिवार और 26 जुलाई को रविवार होने के कारण पूरे देश में सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी बैंकिंग कार्य इन तिथियों को ध्यान में रखकर पहले ही पूरे कर लेने चाहिए।

    बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों की डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसी सभी ऑनलाइन सुविधाएं पहले की तरह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक धन हस्तांतरण, बिल भुगतान, ऑनलाइन खरीदारी और नकदी निकासी जैसे अधिकांश कार्य बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक शाखा में जाकर किए जाने वाले कार्यों की योजना पहले से बना लेने पर अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है। खासतौर पर व्यापारियों, वेतनभोगी कर्मचारियों और ऐसे ग्राहकों के लिए, जिन्हें शाखा आधारित सेवाओं की आवश्यकता होती है, बैंक अवकाश की जानकारी पहले से होना बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

  • Gold Price Today: सोने की कीमतों में फिर आई बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक टूटे भाव; शहरवार देखें नए रेट

    Gold Price Today: सोने की कीमतों में फिर आई बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक टूटे भाव; शहरवार देखें नए रेट

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव और निवेशकों की बदली रणनीति का असर सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई, जिससे लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कीमती धातु दबाव में रही। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और सुरक्षित निवेश की मांग में आई कमी के कारण सोने के भाव नरम बने हुए हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है, जहां 24 कैरेट से लेकर 10 कैरेट तक लगभग सभी श्रेणियों के सोने की कीमतों में कमी दर्ज की गई।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने के वायदा भाव में लगभग 0.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान प्रति 10 ग्राम कीमत में 1,300 रुपये से अधिक की कमी देखने को मिली। वहीं सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतें दबाव में रहीं। दिनभर के कारोबार में भावों में उतार-चढ़ाव देखने के बाद शाम तक कीमतें सुबह के मुकाबले नीचे रहीं। इससे स्पष्ट है कि बाजार में फिलहाल खरीदारी की गति कमजोर बनी हुई है।

    शुद्धता के आधार पर देखें तो 24 कैरेट सोना करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता रहा, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.31 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रही। 18 कैरेट सोने के दाम भी एक लाख रुपये से ऊपर बने रहे। इसके अलावा 20, 16, 14, 12 और 10 कैरेट श्रेणियों में भी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसका लाभ उन उपभोक्ताओं को मिल सकता है जो निकट भविष्य में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।

    देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में समान रुख देखने को मिला। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर, पटना, इंदौर, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु सहित अधिकांश शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव में नरमी रही। हालांकि विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और बाजार की परिस्थितियों के कारण कीमतों में मामूली अंतर बना रहा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर फिलहाल सोने की चाल पर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की बदलती धारणा और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में नरमी के कारण सोने में सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कम हुई है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में भी सोना दबाव में बना हुआ है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर लगातार पड़ रहा है।

    इंडियन बुलियन बाजार में दिनभर के दौरान भी कीमतों में कई बार बदलाव दर्ज किया गया। सुबह के मुकाबले दोपहर में कुछ तेजी दिखाई दी, लेकिन कारोबार समाप्त होने तक फिर गिरावट दर्ज हो गई। इससे साफ है कि बाजार अभी भी अस्थिर बना हुआ है और निवेशक नई आर्थिक परिस्थितियों का इंतजार कर रहे हैं।

    पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में भी सोने के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे घरेलू बाजार पर दबाव और बढ़ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर की चाल, वैश्विक ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के आधार पर सोने की दिशा तय होगी। ऐसे में निवेशकों और आभूषण खरीदारों को बाजार की चाल पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।