Author: bharati

  • सरला भट मर्डर केस में 36 साल बाद चार्जशीट दाखिल, पांच आरोपी नामजद, गवाहों और फोरेंसिक साक्ष्यों पर टिका पूरा मामला

    सरला भट मर्डर केस में 36 साल बाद चार्जशीट दाखिल, पांच आरोपी नामजद, गवाहों और फोरेंसिक साक्ष्यों पर टिका पूरा मामला

    नई दिल्ली। वर्ष 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में 36 साल बाद महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति हुई है। जम्मू-कश्मीर की जांच एजेंसी ने विशेष अदालत में 737 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल करते हुए अलगाववादी नेता यासीन मलिक को इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। एजेंसी का दावा है कि यह हत्या घाटी में भय का माहौल बनाने और कश्मीरी पंडित समुदाय को पलायन के लिए मजबूर करने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा थी।

    चार्जशीट के अनुसार, सरला भट श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नर्स के रूप में कार्यरत थीं। उन्हें लगातार नौकरी छोड़ने और घाटी से बाहर जाने की धमकियां मिल रही थीं, लेकिन उन्होंने अपना कार्य जारी रखा। आरोप है कि 14 अप्रैल 1990 को उनका अपहरण किया गया और कुछ दिनों बाद उनका शव गोलियों से छलनी अवस्था में बरामद हुआ। जांच एजेंसी का कहना है कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं बल्कि पूर्व नियोजित आतंकी वारदात थी।

    मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें यासीन मलिक, अब्दुल हमीद शेख, मोहम्मद यूसुफ सोफी उर्फ इदरीस, गुलाम मोहम्मद टपलू और खुर्शीद अहमद चाल्कू के नाम शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि खुर्शीद अहमद चाल्कू को फरार बताया गया है। यासीन मलिक फिलहाल एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

    जांच एजेंसी का दावा है कि सरला भट को पहले झूठा पुलिस मुखबिर बताकर निशाना बनाया गया। चार्जशीट के अनुसार उनका अपहरण अस्पताल के पास से किया गया, जिसके बाद उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित किया गया और अंत में गोली मारकर हत्या कर दी गई। एजेंसी का कहना है कि पूरी वारदात एक संगठित आतंकी नेटवर्क के निर्देश पर अंजाम दी गई थी।

    चार्जशीट में कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल किए गए हैं। जांच के अनुसार, गवाहों ने अपहरण से पहले सरला भट को आरोपियों के साथ देखा था और बाद की घटनाओं का भी विस्तृत विवरण दिया है। कई स्वतंत्र गवाहों ने भी कथित आरोपियों की पहचान की है। इसके अलावा घटनास्थल और अपहरण के रास्ते से जुड़े दस्तावेज तथा पहचान संबंधी रिकॉर्ड भी अदालत में पेश किए गए हैं।

    मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट को भी अभियोजन पक्ष का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। जांच में सरला भट के शरीर पर कई गोली लगने के निशान, गंभीर चोटें और यातना के संकेत मिलने का उल्लेख किया गया है। बैलिस्टिक जांच में घटनास्थल से बरामद कारतूसों के एक ही हथियार से चलाए जाने की पुष्टि होने का दावा किया गया है, जिसे प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से भी जोड़ा गया है।

    चार्जशीट में घटनास्थल से बरामद कथित संगठनात्मक दावा-पत्र, अस्पताल कर्मचारियों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन सभी साक्ष्यों से यह मामला एक सुनियोजित आतंकी साजिश की ओर संकेत करता है। अब विशेष अदालत चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। साथ ही एजेंसी का मानना है कि इस जांच से उस दौर में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर की गई अन्य घटनाओं की जांच में भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • लॉर्ड्स में टूटा भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत के साथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुई टीम इंडिया

    लॉर्ड्स में टूटा भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत के साथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुई टीम इंडिया


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना आखिरकार टूट गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए ग्रुप चरण के निर्णायक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया। इस हार के साथ भारतीय टीम का अभियान समाप्त हो गया जबकि ग्रुप ए से ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। वहीं ग्रुप बी से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने अगले दौर के लिए क्वालीफाई किया।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए। भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों पर 34 रन बनाए जिसमें दो छक्के और तीन चौके शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद स्मृति मंधाना ने पारी को आगे बढ़ाया और 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारत ने 83 रन तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने जेमिमा रोड्रिगेज के साथ तीसरे विकेट के लिए 64 रन की अहम साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जेमिमा ने 34 रन बनाकर रिटायर्ड आउट होने से पहले महत्वपूर्ण योगदान दिया जबकि हरमनप्रीत कौर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों पर 56 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली तीसरी बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने दो विकेट हासिल किए।

    171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने केवल चार रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद फीबी लिचफील्ड और बेथ मूनी ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी की। लिचफील्ड ने 24 रन बनाए जबकि बेथ मूनी ने 22 रन का योगदान दिया।

    भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता जरूर हासिल की लेकिन इसके बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर की शानदार बल्लेबाजी के सामने टीम बेबस नजर आई। दोनों खिलाड़ियों ने चौथे विकेट के लिए 100 रन की मैच जिताऊ साझेदारी कर मुकाबला पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की बेहतरीन पारी खेली जबकि एश्ले गार्डनर ने 29 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाकर टीम को 19वें ओवर में जीत दिला दी।

    भारत की ओर से श्री चरणी ने दो विकेट हासिल किए जबकि दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर को एक एक सफलता मिली। हालांकि गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन निर्णायक मुकाबले में गेंदबाजी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और इसी के साथ टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।

  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी सिया के वकील ने कोर्ट से जताई उम्मीद, परिवार ने दूसरे वकील से किया किनारा

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी सिया के वकील ने कोर्ट से जताई उम्मीद, परिवार ने दूसरे वकील से किया किनारा

    नई दिल्ली। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और अब मामले का कानूनी पक्ष भी स्पष्ट होने लगा है। आरोपी सिया गोयल की ओर से अदालत में पेश होने वाले अधिवक्ता ने कहा है कि मामला अभी शुरुआती चरण में है और जांच की दिशा को देखते हुए अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस रिमांड से जुड़े मुद्दों पर अदालत में आवश्यक दलीलें प्रस्तुत की जाएंगी।

    मामले में उस समय नया मोड़ आया जब सिया गोयल के परिवार की ओर से एक अन्य अधिवक्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। सिया के भाई साहिल ने कहा कि जिस वकील के नाम की चर्चा की जा रही है, उन्हें परिवार ने नियुक्त नहीं किया है। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से अधिकृत कानूनी प्रतिनिधित्व अलग अधिवक्ता कर रहे हैं और दूसरे व्यक्ति के दावों से उनका कोई संबंध नहीं है।

    इस बीच सिया गोयल के भाई और उनके अधिवक्ता को पुलिस स्टेशन पहुंचते हुए भी देखा गया, जहां जांच से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों की जांच कर रही है तथा आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

    जांच के दौरान दर्ज एफआईआर से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। शिकायत के अनुसार, घटना से पहले के दिनों में सिया गोयल का व्यवहार बदला हुआ बताया गया है। परिवार का दावा है कि केतन अग्रवाल ने अपने परिजनों से बातचीत के दौरान बताया था कि दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होने लगे थे और व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई दे रहा था।

    एफआईआर के अनुसार, घटना से एक दिन पहले सिया गोयल ने अपने जन्मदिन का हवाला देते हुए केतन अग्रवाल को यात्रा के लिए राजी किया था। अगले दिन दोनों निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लोहागढ़ किले की ओर रवाना हुए। आरोप है कि वहीं पर कथित रूप से एक सुनियोजित साजिश के तहत केतन अग्रवाल को ऊंची चट्टान से धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

    दस्तावेजों के मुताबिक, घटना के बाद सिया गोयल ने केतन अग्रवाल के परिवार को फोन कर उनके खाई में गिरने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस अब घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर तथ्य का गहन परीक्षण कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

  • टीम इंडिया का बड़ा उलटफेर आयरलैंड ने 2-0 से किया क्लीन स्वीप इतिहास में पहली बार भारत हारा टी20 सीरीज

    टीम इंडिया का बड़ा उलटफेर आयरलैंड ने 2-0 से किया क्लीन स्वीप इतिहास में पहली बार भारत हारा टी20 सीरीज


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को बेलफास्ट में ऐसा झटका लगा जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी। सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने रोमांचक मुकाबले में भारत को महज 1 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। यह पहला मौका है जब भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले पहला मुकाबला भी आयरलैंड ने 34 रन से जीतकर भारत पर दबाव बना दिया था और दूसरे मैच में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 17 रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद रॉस अडायर और कप्तान लोर्कन टकर भी जल्दी पवेलियन लौट गए जिससे मेजबान टीम दबाव में नजर आई। हालांकि हैरी टेक्टर और बेंजामिन कैलिट्ज ने चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़कर पारी को संभाल लिया। टेक्टर ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों में 53 रन बनाए जबकि कैलिट्ज ने सिर्फ 23 गेंदों पर 37 रन की तेजतर्रार पारी खेली। जॉर्ज डॉकरेल ने भी उपयोगी 19 रन जोड़े और आयरलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 154 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों में प्रिंस यादव सबसे सफल रहे जिन्होंने 3 विकेट हासिल किए। अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट लिए जबकि हर्षित राणा को एक सफलता मिली। गेंदबाजों ने वापसी जरूर कराई लेकिन बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी आ गई।

    155 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर भी केवल 10 रन बनाकर चलते बने जबकि ईशान किशन भी 12 रन से आगे नहीं बढ़ सके। शुरुआती चार विकेट जल्दी गिरने से भारत पूरी तरह दबाव में आ गया।

    इसके बाद अक्षर पटेल और तिलक वर्मा ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए अहम साझेदारी निभाई लेकिन अक्षर 14 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा और 46 गेंदों में 55 रन की संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली। शिवम दुबे ने 20 रन और हर्षित राणा ने 21 रन बनाकर मैच को रोमांचक बनाया लेकिन आखिरी क्षणों में भारतीय टीम जीत से सिर्फ एक रन दूर रह गई। निर्धारित 20 ओवर में भारत 9 विकेट पर 153 रन ही बना सका।

    आयरलैंड की ओर से जय मूंदड़ा और मैथ्यू हॉलार्ड ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैथ्यू हम्फ्रीज और हैरी टेक्टर ने भी एक-एक विकेट हासिल कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    इस ऐतिहासिक जीत के साथ आयरलैंड ने न केवल पहली बार भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीती बल्कि 2-0 से क्लीन स्वीप कर अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया। दूसरी ओर भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है खासकर शीर्ष क्रम की नाकामी और बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी को लेकर। अब टीम इंडिया की नजर इंग्लैंड दौरे पर होगी जहां उसे पांच टी20 और तीन वनडे मैचों की चुनौती का सामना करना है।

  • इतिहास के शिखर पर दीप्ति शर्मा झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ बनीं महिला क्रिकेट की नंबर-1 विकेट टेकर

    इतिहास के शिखर पर दीप्ति शर्मा झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ बनीं महिला क्रिकेट की नंबर-1 विकेट टेकर


    नई दिल्ली । भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने महिला क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए अहम मुकाबले के दौरान दीप्ति ने वह उपलब्धि हासिल की जिसका इंतजार भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से था। उन्होंने दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का वर्षों पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का गौरव अपने नाम कर लिया।

    लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले से पहले दीप्ति शर्मा को रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी बल्लेबाज बेथ मूनी को आउट करते ही इतिहास रच दिया। बेथ मूनी ने ऑफ स्पिनर दीप्ति की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद सही तरह बल्ले पर नहीं आई और लॉन्ग ऑन पर राधा यादव ने आसान कैच लपक लिया। इस विकेट के साथ ही दीप्ति के इंटरनेशनल करियर में विकेटों की संख्या 356 पहुंच गई और उन्होंने झूलन गोस्वामी के 355 विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

    दीप्ति शर्मा का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि महज 278 इंटरनेशनल मुकाबलों में हासिल की है। आगरा में जन्मी इस ऑलराउंडर ने तीनों प्रारूपों में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान दिया है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 6 मैचों में 22 विकेट वनडे में 124 मुकाबलों में 166 विकेट और टी20 इंटरनेशनल में 148 मैचों में 168 विकेट हासिल किए हैं। उनकी निरंतरता और ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

    दीप्ति का शानदार फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में देखने को मिला। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पांच विकेट लेकर विरोधी टीम की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उन्होंने चार ओवर में 31 रन देकर एक अहम विकेट हासिल किया और इसी के साथ भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया इतिहास लिख दिया।

    दीप्ति शर्मा ने जिस रिकॉर्ड को अपने नाम किया वह लंबे समय तक झूलन गोस्वामी के नाम दर्ज था। झूलन ने अपने शानदार करियर में 284 इंटरनेशनल मैच खेलते हुए 355 विकेट हासिल किए थे। उन्होंने टेस्ट में 44 वनडे में 255 और टी20 इंटरनेशनल में 56 विकेट लेकर भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाई थी। अब दीप्ति ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

    महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में अब दीप्ति शर्मा शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उनके बाद झूलन गोस्वामी दूसरे स्थान पर हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी 336 विकेटों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। इंग्लैंड की कैथरीन साइवर ब्रंट 335 विकेट सोफी एक्लेस्टोन 333 विकेट और दक्षिण अफ्रीका की शबनीम इस्माइल 323 विकेट के साथ इस सूची में शामिल हैं।

    हालांकि भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सकी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने चार विकेट पर 170 रन बनाए लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 19 ओवर में चार विकेट रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की हार के बावजूद दीप्ति शर्मा की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बन गई और उनका यह रिकॉर्ड आने वाले वर्षों तक प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • सहकारी समितियों और किसान समूहों के लिए डिजिटल बाजार का नया रास्ता, डिजीहाट ने शुरू किया 'सहकार से समृद्धि' अभियान

    सहकारी समितियों और किसान समूहों के लिए डिजिटल बाजार का नया रास्ता, डिजीहाट ने शुरू किया 'सहकार से समृद्धि' अभियान

    नई दिल्ली। देश के सहकारी क्षेत्र को डिजिटल बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए डिजीहाट ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) प्लेटफॉर्म पर ‘सहकार से समृद्धि’ स्टोर की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमों के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों तक पहुंचाना और डिजिटल कॉमर्स के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है।

    यह विशेष अभियान 29 जून से 6 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया है। अभियान के माध्यम से देशभर के उत्पादकों को एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराया गया है, जहां वे अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने के साथ छोटे उत्पादकों की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी भी मजबूत होगी।

    ‘सहकार से समृद्धि’ स्टोर के जरिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों के उत्पाद एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राहक अब देश के अलग-अलग राज्यों में तैयार किए गए उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य बिचौलियों पर निर्भरता कम करना और उत्पादकों को सीधे बाजार से जोड़ना भी है।

    देश में वर्तमान समय में 8.5 लाख से अधिक पंजीकृत सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 29 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। ये संस्थाएं कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, हथकरघा, हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योग और वित्तीय सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सहकारी संस्थाओं और किसान समूहों को राष्ट्रीय ई-कॉमर्स बाजार तक पहुंच बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नया डिजिटल मंच इस अंतर को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    डिजीहाट का कहना है कि ओएनडीसी आधारित यह व्यवस्था सहकारी समितियों, एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर देगी। इससे उनकी डिजिटल पहचान मजबूत होगी और उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। साथ ही छोटे और स्थानीय उत्पादकों को प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का बेहतर मंच मिलेगा।

    अभियान के दौरान ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, किराना सामग्री, हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं और घरेलू जरूरत का सामान प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ऑफर, चयनित उत्पाद संग्रह और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र के योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कॉमर्स के विस्तार के साथ सहकारी संस्थाओं को नए बाजार मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस तरह की पहल किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी गति प्रदान कर सकती है।

  • एफआईएच प्रो लीग का शानदार अंत भारत ने शूटआउट में इंग्लैंड को हराया वर्ल्ड कप से पहले बढ़ाया आत्मविश्वास

    एफआईएच प्रो लीग का शानदार अंत भारत ने शूटआउट में इंग्लैंड को हराया वर्ल्ड कप से पहले बढ़ाया आत्मविश्वास


    नई दिल्ली । एफआईएच प्रो लीग के अपने अंतिम मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार जुझारूपन और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हरा दिया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस मुकाबले के निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकीं और स्कोर 0-0 रहा। इसके बाद मैच का फैसला शूटआउट से हुआ जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि हॉकी विश्व कप से पहले भारत का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था और टीम ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपना आत्मविश्वास बढ़ाया।

    पूरे मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले क्वार्टर में कई बार भारतीय गोल पर दबाव बनाया। शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर पर इंग्लैंड के पास बढ़त लेने का अच्छा मौका था लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका नहीं लगने दिया। उन्होंने पूरे मुकाबले में कई महत्वपूर्ण सेव किए और विपक्षी खिलाड़ियों को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। भारत की ओर से भी अभिषेक को पहले क्वार्टर में बेहतरीन अवसर मिला लेकिन वह उसे गोल में नहीं बदल सके।

    दूसरे क्वार्टर में भी मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहा। इंग्लैंड ने लगातार भारतीय डी में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस चट्टान की तरह खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमले किए। जरमनप्रीत सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए गोल का प्रयास किया लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव कर स्कोर बराबर बनाए रखा। पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं।

    तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रमण की रफ्तार बढ़ा दी। कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से शानदार दौड़ लगाकर कई मौके बनाए और टीम को पेनल्टी कॉर्नर भी दिलाया लेकिन अमनदीप लाकड़ा इस अवसर का फायदा नहीं उठा सके। इसी क्वार्टर में इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक मिला लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में साफ हुआ कि भारतीय खिलाड़ी का टैकल पूरी तरह सही था जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया। यह पल मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ क्योंकि भारत ने संभावित गोल से खुद को बचा लिया।

    चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दम लगा दिया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने भी कई शानदार बचाव किए और इंग्लैंड को बढ़त लेने का मौका नहीं दिया। भारत को भी लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन मेजबान टीम का डिफेंस मजबूत रहा। आखिरकार निर्धारित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और मुकाबला शूटआउट तक पहुंच गया।

    शूटआउट में भारत की ओर से अभिषेक शिलानंद लाकड़ा और कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार गोल किए जबकि भारतीय गोलकीपरों ने विपक्षी खिलाड़ियों को रोकते हुए टीम को 3-2 से जीत दिलाई। पूरे मुकाबले में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करने वाले संजय को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी सूझबूझ भरी डिफेंडिंग और दबाव के क्षणों में शांत प्रदर्शन ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप से पहले मिली यह जीत भारतीय टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी। मजबूत डिफेंस शानदार गोलकीपिंग और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता ने यह संकेत दिया है कि टीम बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • 2029 तक भारत के एयरपोर्ट सेक्टर में 4.2 लाख करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद, हवाई यात्रा को मिलेगा बड़ा विस्तार

    2029 तक भारत के एयरपोर्ट सेक्टर में 4.2 लाख करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद, हवाई यात्रा को मिलेगा बड़ा विस्तार

    नई दिल्ली। भारत का विमानन क्षेत्र आने वाले वर्षों में बड़े विस्तार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2029 तक देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश होने की संभावना है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा पहले से घोषित परियोजनाओं और आगामी वर्षों में शुरू होने वाली नई योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती घरेलू हवाई यात्रा और सरकार की बुनियादी ढांचा विकास नीति इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश पहले से जारी है, जबकि आने वाले वर्षों में नई ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं और विस्तार योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त पूंजी निवेश की उम्मीद है। इससे देश के विमानन नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    घरेलू हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी एयरपोर्ट सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है। रिकॉर्ड यात्री संख्या और एयरपोर्ट सेवाओं से होने वाली आय में वृद्धि के कारण ऑपरेटरों की आय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी वित्त वर्ष में भी घरेलू यात्री यातायात में लगातार वृद्धि बनी रहेगी, जिससे एयरपोर्ट कंपनियों के राजस्व और परिचालन क्षमता में और सुधार होगा।

    देशभर में कई मौजूदा एयरपोर्टों के विस्तार के साथ-साथ नए टर्मिनलों का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है। इसके अलावा टियर-2 और टियर-3 शहरों में हवाई सेवाओं का विस्तार भी प्राथमिकता पर है। नवी मुंबई और जेवर जैसे नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शुरू होने के बाद देश की विमानन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

    हालांकि अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र अभी कुछ चुनौतियों का सामना कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईंधन की बढ़ती कीमतें और कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर परिचालन संबंधी प्रतिबंधों के कारण विदेशी हवाई यात्रा की रफ्तार धीमी हुई है। चूंकि भारत की बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पश्चिम एशिया से जुड़ी हैं, इसलिए इस क्षेत्र की स्थिति का सीधा प्रभाव विमानन उद्योग पर पड़ रहा है। इसके बावजूद घरेलू बाजार की मजबूत मांग इन चुनौतियों की भरपाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में नए एयरपोर्ट पूरी क्षमता से संचालित होने और शीतकालीन उड़ानों के विस्तार के साथ यात्री संख्या में और तेजी आ सकती है। इससे एयरपोर्ट ऑपरेटरों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। नए टर्मिनलों के शुरू होने से रिटेल स्टोर, व्यावसायिक सेवाओं और एयरपोर्ट शुल्क से होने वाली कमाई में भी इजाफा होने की संभावना है।

    रिपोर्ट में एयरपोर्ट सेक्टर का दीर्घकालिक परिदृश्य सकारात्मक बताया गया है। सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना, एयरपोर्ट विकास कार्यक्रमों और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति से इस क्षेत्र को अतिरिक्त गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत निवेश, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बढ़ती यात्री मांग के कारण भारत का एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।

  • इंजरी टाइम में कप्तान का गोल बना इतिहास कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराकर राउंड ऑफ 16 का टिकट कटाया

    इंजरी टाइम में कप्तान का गोल बना इतिहास कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराकर राउंड ऑफ 16 का टिकट कटाया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह मेजबान कनाडा ने अपने फुटबॉल इतिहास का सबसे यादगार अध्याय लिखते हुए पहली बार विश्व कप के अंतिम 16 में जगह बना ली है। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में कनाडा ने साउथ अफ्रीका को 1 0 से हराकर न केवल ऐतिहासिक जीत दर्ज की बल्कि अपने घरेलू प्रशंसकों को भी जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया। इस हार के साथ साउथ अफ्रीका का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।

    मुकाबले की शुरुआत में साउथ अफ्रीका ने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार कनाडा के डिफेंस पर दबाव बनाया। शुरुआती मिनटों में अफ्रीकी टीम ने कई अच्छे मूव तैयार किए लेकिन अंतिम क्षणों में फिनिशिंग की कमी के कारण गोल नहीं कर सकी। कनाडा की रक्षापंक्ति ने धैर्य के साथ खेलते हुए सभी हमलों को नाकाम कर दिया।

    पहले हाफ के अंतिम चरण में कनाडा ने भी जवाबी हमला बोला और गोल करने के दो शानदार मौके बनाए। मोइज बॉम्बिटो का दमदार हेडर लगभग गोल में तब्दील होने ही वाला था लेकिन साउथ अफ्रीका के डिफेंडर ऑब्रे मॉडिबा ने गोललाइन से शानदार क्लियरेंस कर अपनी टीम को बचा लिया। इसके बाद ताजोन बुकानन ने जोरदार शॉट लगाया लेकिन गोलकीपर रोनवेन विलियम्स ने बेहतरीन बचाव करते हुए स्कोर बराबर बनाए रखा। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं।

    दूसरे हाफ में कनाडा ने अपने खेल की रफ्तार बढ़ा दी और लगातार साउथ अफ्रीका के गोल पर हमले किए। हालांकि मजबूत डिफेंस और शानदार गोलकीपिंग की बदौलत साउथ अफ्रीका लंबे समय तक मुकाबले में बना रहा। मैच के 75वें मिनट में कनाडा ने बड़ा दांव खेलते हुए अपने स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस को मैदान पर उतारा। डेविस के आने के बाद कनाडा के आक्रमण में नई जान आ गई। उनकी तेज रफ्तार और शानदार ड्रिब्लिंग ने विरोधी टीम की रक्षापंक्ति को लगातार दबाव में रखा।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था तब इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में कनाडा को वह पल मिला जिसका पूरे देश को इंतजार था। कप्तान स्टीफन यूस्टाक्वियो ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाया जो सीधे गोलपोस्ट में जाकर समा गया। इस शानदार गोल ने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया और कनाडा ने 1 0 की यादगार जीत अपने नाम कर ली।

    यह जीत कनाडा के फुटबॉल इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। इससे पहले टीम 1986 और 2022 के फीफा विश्व कप में हिस्सा ले चुकी थी लेकिन दोनों बार ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी थी। इस बार टीम ने इतिहास बदलते हुए पहली बार अंतिम 16 में प्रवेश किया और विश्व फुटबॉल में अपनी नई पहचान दर्ज कराई।

    अब कनाडा की नजर अगले मुकाबले में जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने पर होगी जबकि साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट से बाहर होने की निराशा के साथ घर लौटना पड़ेगा। इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया कि कनाडा अब विश्व फुटबॉल में उभरती हुई ताकत बन चुका है।

  • रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

    रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को एक पारी और 217 रन के विशाल अंतर से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1 0 की बढ़त बना ली। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कैरेबियाई टीम पूरी तरह हावी रही। खास तौर पर केमार रोच और जेयडन सील्स की धारदार गेंदबाजी ने श्रीलंका की दूसरी पारी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया।

    पहली पारी में 318 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी बार बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए और किसी भी बल्लेबाज को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं मिला। पथुम निसांका केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए जबकि निशान मदुष्का भी सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कसुन राजिथा और कामिंदु मेंडिस भी सस्ते में आउट हो गए जिससे टीम गहरे संकट में पहुंच गई।

    पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले धनंजय डी सिल्वा दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके। उनके जल्दी आउट होने से श्रीलंका की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मध्यक्रम भी पूरी तरह विफल रहा और विकेट लगातार गिरते रहे।

    ऐसे मुश्किल समय में दिनेश चांदीमल ने अकेले संघर्ष करने की कोशिश की। उन्होंने 60 गेंदों में 43 रन की जुझारू पारी खेली और कुछ आकर्षक चौके भी लगाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। कुशल मेंडिस केवल 8 रन बनाकर आउट हुए जबकि मिलन प्रियनाथ रत्नायके और असिथा फर्नांडो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। सोनल दिनुशा 12 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन पूरी टीम केवल 101 रन पर सिमट गई।

    वेस्टइंडीज की ओर से अनुभवी तेज गेंदबाज केमार रोच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके। जेयडन सील्स ने भी अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से 3 विकेट हासिल किए। शेमार जोसेफ ने 2 जबकि अल्जारी जोसेफ ने 1 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले श्रीलंका ने पहली पारी में 308 रन बनाए थे। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 120 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी जबकि दिनेश चांदीमल ने 54 रन का अहम योगदान दिया था। हालांकि बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे।

    जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया और 9 विकेट पर 626 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। आमिर जांगू ने 233 रन की यादगार पारी खेली जबकि कप्तान रोस्टन चेज 194 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में सफल रहे। इन दोनों बल्लेबाजों की दमदार पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 318 रन की बड़ी बढ़त हासिल की जो अंततः मैच का निर्णायक अंतर साबित हुई।

    इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बना ली बल्कि अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बेहतरीन संतुलन का भी शानदार प्रदर्शन किया। अब कैरेबियाई टीम की नजर दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी जबकि श्रीलंका वापसी के इरादे से अगले मुकाबले में उतरेगा।