Author: bharati

  • मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    toxic cough syrup

    भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के परासिया क्षेत्र में हुए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड (Toxic Coldrif Cough Syrup Scandal) के शिकार एक और बच्चे की मौत हो गई। बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी की रविवार रात करीब नागपुर एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले चार महीने से आईसीयू में भर्ती था और एम्स नागपुर में कोमा में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। इस मौत के बाद प्रदेश में जहरीले कफ सीरप के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या 25 हो गई है।

    जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के टीकाबर्री निवासी गोकुल यदुवंशी के पुत्र हर्ष को सर्दी खांसी की शिकायत पर एक अक्टूबर 2025 को छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एसएस ठाकुर को दिखाया था। ठाकुर की क्लीनिक पर हर्ष को कोल्ड्रिफ सीरप दिया गया था। उसको पीने के बाद हर्ष की हालत बिगड़ गई। बच्चे को गंभीर हालत में परिजन ने नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में जब छिंदवाड़ा और बैतूल में कई बच्चों की मौत हो गई तो प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हर्ष को भी निजी अस्पताल से निकालकर नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया। तबसे वह एम्स में ही भर्ती था।

    डॉक्टरों ने हर्ष की स्थिति शुरुआत से ही नाजुक बताई थी, लेकिन वे धीरे-धीरे रिकवरी होने की बात कह रहे थे। बच्चे के दादा देवा यदुवंशी ने बताया कि उसे भर्ती कराने के बाद से होश नहीं आया। डॉक्टर रोज कहते थे कि अब थोड़ा बेहतर है, लेकिन कल रात वह हमें छोड़ गया।

    हर्ष के पिता गोकुल पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें हर्ष बड़ा था। बच्चे के इलाज के लिए परिवार के सदस्य पिछले चार महीनों से नागपुर में ही डेरा जमाए हुए थे। एम्स में हर्ष का इलाज तो मुफ्त हुआ, लेकिन परिजनों के नागपुर में रहने और खाने-पीने पर इन चार महीनों में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बच्चे की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बीमार हुए बच्चों में बैतूल जिले का हर्ष भी शामिल था, जिसे गंभीर हालत में नागपुर एम्स रेफर किया गया था।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर महीने में जहरीले कफ सीरप कोल्ड्रिफ का सेवन करने वाले बच्चों की किडनी खराब होने की जानकारी सामने आई थी। लगातार मौतों के बाद कफ सीरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी और कफ सीरप लिखने वाले चिकित्सकों और दवा दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। अब हर्ष की मौत के साथ ही यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन शव लेकर गांव पहुंचे और देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया।

  • भारत से मैच बॉयकाट पर अड़ा पाकिस्तान, आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से भी परहेज

    भारत से मैच बॉयकाट पर अड़ा पाकिस्तान, आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से भी परहेज


    नई दिल्ली)।
    टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मैच नहीं खेलने के फैसले को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) अपने सख्त रुख पर कायम दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) (Pakistan Cricket Board -PCB) फिलहाल इस निर्णय की औपचारिक जानकारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council -ICC) को लिखित रूप में देने के पक्ष में नहीं है।

    रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चूंकि यह फैसला पाकिस्तान सरकार स्तर पर लिया गया और आधिकारिक मंच के जरिए सार्वजनिक किया गया है, इसलिए अलग से आईसीसी को पत्र लिखने की जरूरत नहीं समझी जा रही। पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की मंजूरी दी थी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच से दूर रहने की बात कही थी।

    बताया जा रहा है कि पीसीबी इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहता और आगे की रणनीति के लिए विकल्प खुले रखे हुए हैं। दूसरी ओर, आईसीसी पहले ही संकेत दे चुका है कि चयनात्मक भागीदारी टूर्नामेंट के नियमों और खेल भावना के खिलाफ है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत-पाकिस्तान मुकाबला नहीं होता है तो प्रसारण और प्रायोजन से जुड़े पक्षों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह मैच आम तौर पर आईसीसी टूर्नामेंट्स का सबसे ज्यादा दर्शक जुटाने वाला मुकाबला माना जाता है।

    इसी बीच पाकिस्तानी टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है, जहां वह अपने अन्य मुकाबले खेलेगी। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने संभावित कानूनी पहलुओं पर भी सलाह ली है और किसी भी आईसीसी कार्रवाई की स्थिति में अपने पक्ष का बचाव करने की तैयारी कर रहा।

  • मारुति सुजुकी ने कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से कारों के दाम में बढ़ोतरी के दिए संकेत

    मारुति सुजुकी ने कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से कारों के दाम में बढ़ोतरी के दिए संकेत


    नई दिल्‍ली।
    देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी (Country’s Largest Car Manufacturer) मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) (Maruti Suzuki India Limited – MSIL) के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने सोमवार को बढ़ती जिंस (कमोडिटी) की लागत को देखते हुए अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

    पार्थो बनर्जी ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती के बाद बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। इसके बावजूद उत्पादन संबंधी बाधाओं के कारण कंपनी के पास फिलहाल 1.75 लाख वाहनों के लंबित ऑर्डर हैं। उन्‍होंने बताया कि केवल जनवरी में ही 2.78 लाख बुकिंग मिली है। कच्चे माल की लागत बढ़ने से निकट भविष्य में कीमतें बढ़ाने की संभावना से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जिंस के मोर्चे पर कीमतें बढ़ रही हैं। कीमती धातुओं में वृद्धि काफी ज्यादा है। भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए हम इस पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में कीमतों की समीक्षा जरूर करेंगे।

    बनर्जी ने कहा कि हमारा प्रयास हमेशा ग्राहकों पर लागत बढ़ोतरी का बोझ कम से कम रखने का रहा है। हमारी आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन दल इस बात पर गौर कर रहे हैं कि जिंस की वजह से बढ़ी लागत को हम कितनी हद तक खुद वहन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक सीमा के बाद अगर हम लागत बढ़ोतरी को समायोजित नहीं कर पाए, तो हमें इसका बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ेगा। संभावित कीमत बढ़ोतरी के लिए कोई समय-सीमा बताए बिना बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने जनवरी में उन ग्राहकों के लिए ‘प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम’ (कीमत सुरक्षाा योजना) शुरू की है, जिनकी बुकिंग के बावजूद आपूर्ति नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधारों से मोटर वाहन उद्योग को जो बढ़ावा मिला है। वह केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे में पूंजीगत व्यय बढ़ाने की घोषणा “मोटर वाहन उद्योग के लिए काफी सहायक साबित होगी।

    जनवरी की बिक्री पर बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक मासिक कुल बिक्री 2,36,963 इकाई दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हमें 2.78 लाख से अधिक बुकिंग मिली, जो सालाना आधार पर 25 फीसदी की वृद्धि है। हमें रोजाना करीब 9 से 10 हजार बुकिंग मिल रही है। उन्होंने बताया कि जनवरी में कंपनी का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए 51,020 इकाई रहा। बनर्जी ने कहा कि कंपनी की नई एसयूवी ‘विक्टोरिस’ ने पांच महीने में 50,000 इकाई की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।

    उत्पादन संबंधी बाधाओं पर उन्होंने कहा कि नई क्षमताएं उपलब्ध होने तक कंपनी को कुछ और महीनों तक इससे निपटना होगा। हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी इंडिया का दूसरा संयंत्र अप्रैल 2026 तक परिचालन में आने वाला है। इसके बाद गुजरात स्थित मौजूदा संयंत्र में चौथी उत्पादन ‘लाइन’ शुरू की जाएगी, जिससे सालाना कुल 5 लाख इकाई की अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। घरेलू बाजार में ‘ई-विटारा’ के पेश होने को लेकर उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक एसयूवी इस महीने बाजार में उतरेगी।

    यात्री वाहन उद्योग के परिदृश्य पर पूछे गए सवाल पर बनर्जी ने कहा कि मोटर वाहन उद्योग फिर से छह से सात प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) पर लौट सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में जिंस कीमतें काफी तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए इंतजार करना होगा, तभी बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा।

    कंपनी ने पिछले साल सितंबर में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद एस-प्रेसो की कीमत में 1,29,600 रुपये तक, ऑल्टो के-10 में 1,07,600 रुपये तक, सेलेरियो में 94,100 रुपये और वैगन-आर में 79,600 रुपये तक की कटौती की थी।

  • T20 World Cup : वॉर्म-अप मैच में इंडिया ए ने अमेरिका को 38 रन से हराया, जगदीशन का शतक

    T20 World Cup : वॉर्म-अप मैच में इंडिया ए ने अमेरिका को 38 रन से हराया, जगदीशन का शतक


    नवी मुंबई।
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के वार्म-अप मुकाबले (Warm-up Matches) में इंडिया ए ने डीवाई पाटिल क्रिकेट स्टेडियम में यूएसए (USA) को 38 रन से हराकर दमदार जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 238 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में यूएसए की टीम 19.4 ओवर में 200 रन पर ऑलआउट हो गई।

    इंडिया ए की जीत के हीरो एन जगदीशन रहे, जिन्होंने 55 गेंदों में 104 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 4 छक्के लगाए तथा 49 गेंदों में शतक पूरा किया। कप्तान आयुष बदोनी ने भी विस्फोटक अंदाज में नाबाद 60 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 26 गेंदों का सामना किया। तिलक वर्मा ने चोट के बाद वापसी करते हुए 38 रन जोड़े, जबकि प्रियांश आर्या ने 13 गेंदों पर 28 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई।

    239 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएसए की टीम ने संघर्ष किया, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। गेंदबाजी में रवि बिश्नोई ने 3 विकेट लेकर मैच भारत की ओर मोड़ दिया। खलील अहमद और नमन धीर ने 2-2 विकेट लिए, जबकि बदोनी, तिलक वर्मा और अशोक शर्मा को 1-1 सफलता मिली।

    मैच में कुल 438 रन बने और दोनों टीमों की ओर से 21 छक्के लगे, जिससे दर्शकों को हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिला। अब भारतीय सीनियर टीम 4 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना वार्म-अप मैच खेलेगी।

  • ITC शेयर का भविष्य: 300 रुपये के स्तर पर आया भाव, तेजी या मंदी?

    ITC शेयर का भविष्य: 300 रुपये के स्तर पर आया भाव, तेजी या मंदी?


    नई दिल्ली। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी के शेयरों में जनवरी महीने में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और यह 20 फीसदी तक टूट गया। 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू पर लागू हुए नए टैक्स के चलते शेयरों में कमजोरी आई और 2 फरवरी को यह ₹302 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय बन गया कि अब ITC के शेयरों में और गिरावट आएगी या तेजी का दौर शुरू होगा।

    ब्रोकरेज और एक्सपर्ट का नजरिया
    घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI Direct ने ITC के शेयरों पर एक साल के नजरिये से ₹350 का टारगेट प्राइस दिया है और ₹285 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की राय दी है। फर्म का कहना है कि बजट में ऐसा कोई एलान नहीं हुआ जो आईटीसी के बिजनेस को प्रभावित करे। सिगरेट और तंबाकू पर 55% टैक्स की घोषणा बजट से पहले की जा चुकी थी और अब इसका असर बाजार में पहले ही समाहित हो चुका है।

    इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा ने माना कि ITC के शेयरों ने निचला स्तर बना लिया है और अब तेजी की संभावना है। उनका कहना है कि लंबे समय में शेयर ₹400+ तक जा सकता है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निकट अवधि में शेयर ₹325 तक जा सकता है और ₹306 रुपये पर मजबूत सपोर्ट नजर आता है।

    ITC शेयरों के लिए अहम स्तर
    टेक्निकल विश्लेषक जिगर एस पटेल के अनुसार ITC के शेयरों में निकट भविष्य में ₹325 तक तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निचला स्तर यानी सपोर्ट ₹306 रुपये है। इस स्तर से नीचे गिरावट जोखिम भरा हो सकता है और निवेशकों को स्टॉप लॉस का ध्यान रखना चाहिए। ICICI Direct का मानना है कि 1 साल के नजरिये से ₹350 टारगेट तक पहुंचना संभव है और अंबरीश बलिगा का दीर्घकालिक टारगेट ₹400+ है।

    निवेशकों के लिए संकेत
    विशेषज्ञों के अनुसार ITC ने हाल ही में बॉटम बना लिया है। कम अवधि के निवेशक सपोर्ट और रेसिस्टेंस के स्तर पर निगरानी रखकर कदम उठा सकते हैं। लंबे समय के निवेशक बजट और टेक्स प्रावधानों के स्थिर होने की वजह से शेयर में मजबूती देख सकते हैं। बाजार में मंदी का डर कम हुआ है और तकनीकी संकेत तेजी की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं। ITC का बिजनेस मॉडल एफएमसीजी सेक्टर में स्थिर है और टैक्स पहले ही शेयर मूल्य में समाहित हो चुका है। निवेशकों को चाहिए कि स्टॉप लॉस और टारगेट प्राइस के हिसाब से पोर्टफोलियो मैनेजमेंट करें और भावुक होकर फैसले न लें।

  • अनंत सिंह कल लेंगे विधायक पद की शपथ, एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली अनुमति

    अनंत सिंह कल लेंगे विधायक पद की शपथ, एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली अनुमति


    नई दिल्ली । 2025 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से जीत दर्ज करने वाले विधायक अनंत सिंह कल मंगलवार, 03 फरवरी, 2026 11 बजे विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेंगे. इसके लिए उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट से अनुमति मिल गई है. वर्तमान में वह दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बेउर जेल में बंद हैं. शपथ के लिए उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा लाया जाएगा.

    खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

    बता दें कि जिस दुलारचंद यादव के केस में अनंत सिंह जेल में हैं जिनकी हत्या विधानसभा चुनाव के दौरान 30 अक्टूबर को हुई थी. इस कांड में उनकी गिरफ्तारी हुई और तब से वे जेल में हैं. हालांकि जमानत के लिए सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी लेकिन वह खारिज हो गई.

    चुनाव में प्रचार भी नहीं कर सके थे अनंत सिंह
    मोकामा सीट से अनंत सिंह की जीत होगी ये पार्टी और समर्थक जान रहे थे. वे जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे. जब दुलारचंद यादव की हत्या हुई तो आरोप लगने के बाद अनंत सिंह जेल चले गए थे और ऐसे में वे प्रचार नहीं कर पाए थे. उनके लिए ललन सिंह जैसे नेताओं ने क्षेत्र में जनसभा की थी. नतीजा आया तो बंपर अंतर से अनंत सिंह की जीत हुई.

    अनंत सिंह से पहले उनकी पत्नी मोकामा से विधायक थीं. उपचुनाव में उन्हें जीत मिली थी. 2025 के चुनाव के दौरान जब अनंत सिंह जेल से बाहर थे तो उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया. जेडीयू से टिकट मिला तो उनके सामने आरजेडी की ओर से वीणा देवी को पार्टी ने उतार दिया. हालांकि वह जीत नहीं पाईं. अब अनंत सिंह को शपथ के लिए मौका मिल गया है. नतीजे आने के बाद जेल में रहने के चलते वे शपथ नहीं ले पाए थे. अनंत सिंह हमेशा चर्चा में रहते हैं. अभी कुछ दिनों पहले सिगरेट पीते हुए उनका एक वीडियो सामने आया था जिसके बाद विपक्ष ने घेरा भी था.

  • रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..


    नई दिल्ली।मिट्टी प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी स्किन की नेचुरल चमक छीन लेती है। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोइंग स्किन के लिए हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स जरूरी नहीं होते। आपकी किचन और ड्रेसिंग टेबल पर मौजूद कुछ नेचुरल चीजें भी कमाल का असर दिखा सकती हैं।एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे बेहतर होता है। दिनभर धूप और प्रदूषण से डैमेज हुई स्किन रात में खुद को रिपेयर करती है। अगर इस दौरान सही चीजें स्किन पर लगाई जाएं तो उनका असर ज्यादा जल्दी और बेहतर दिखाई देता है।

    रात को सोने से पहले क्यों जरूरी है स्किन केयर
    दिनभर स्किन बाहरी नुकसान झेलती है। रात के समय ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्किन सेल्स तेजी से रिपेयर होते हैं। यही वजह है कि नाइट स्किनकेयर रूटीन को सबसे अहम माना जाता है।

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें

    1. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल स्किन को गहराई से हाइड्रेट करता है और दाग धब्बों को हल्का करने में मदद करता है। सोने से पहले चेहरे को साफ करके हल्की मात्रा में एलोवेरा जेल लगाएं और रातभर छोड़ दें। सुबह चेहरा फ्रेश और सॉफ्ट नजर आएगा।

    2. गुलाब जल
    गुलाब जल नेचुरल टोनर की तरह काम करता है। यह स्किन के पोर्स को टाइट करता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाता है। कॉटन की मदद से सोने से पहले चेहरे पर गुलाब जल लगाएं। यह स्किन को शांत करता है और रेडनेस भी कम करता है।

    3. नारियल तेल या बादाम तेल
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो सोने से पहले कुछ बूंदें नारियल तेल या बादाम तेल की मसाज करें। यह स्किन को पोषण देता है और रातभर नमी बनाए रखता है। सुबह स्किन सॉफ्ट और चमकदार दिखती है।

    बेहतर रिजल्ट के लिए रखें इन बातों का ध्यान
    सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं। हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें और पर्याप्त नींद लें। पानी ज्यादा पिएं और जंक फूड से दूरी बनाएं।नियमित रूप से इन नेचुरल उपायों को अपनाने से कुछ ही दिनों में स्किन की रंगत में सुधार और नेचुरल ग्लो साफ नजर आने लगेगा।

  • UP SIR के इन आंकड़ों ने बढ़ाई अखिलेश यादव की टेंशन! इस वजह से अब कर रहे फॉर्म 7 का जिक्र

    UP SIR के इन आंकड़ों ने बढ़ाई अखिलेश यादव की टेंशन! इस वजह से अब कर रहे फॉर्म 7 का जिक्र


    नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR के दौरान फॉर्म-7 के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की है कि उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे गैर-कानूनी तरीके से वोटरों के नाम हटाने के लिए आवेदन कर रहे हैं.

    1 फरवरी और 2 फरवरी को जारी बयानों में कन्नौज सांसद ने आरोप लगाया कि PDA और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम हटाने के लिए नकली दस्तखत के साथ फॉर्म-7 के आवेदन जमा किए जा रहे हैं. उन्होंने इस मुद्दे को एक बड़ा धोखा बताया, न्यायिक संज्ञान लेने की मांग की और वोटर्स से मतदाता लिस्ट में अपने नाम वेरिफाई करने को कहा. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी संदिग्ध मामलों में कानूनी कार्रवाई करने की अपील की.अखिलेश ने कहा कि नामों को गलत तरीके से हटाने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए. लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी को इस मुद्दे पर मिला अखिलेश यादव का साथ, जमकर हुआ हंगामा

    किस ओर इशारा कर रहे यूपी एसआईआर के आंकड़े?

    इन आरोपों के बीच, 6 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच फॉर्म-7 जमा करने का दिन-वार डेटा दिखाता है कि पूरे महीने में नाम हटाने और आपत्ति के आवेदनों में कैसे बढ़ोतरी हुई. 6, 7, और 8 जनवरी को कोई फॉर्म दर्ज नहीं किया गया. 9 जनवरी को 175 आवेदनों के साथ शुरू हुई, जबकि 10 जनवरी को कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं हुई. 11 जनवरी को 2,236 नए आवेदनों के साथ इसमें अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके बाद 12 जनवरी (677), 13 जनवरी (734), 14 जनवरी (736), 15 जनवरी (889), और 16 जनवरी (906) फॉर्म जमा हुए.

    महीने के दूसरे आधे हिस्से में यह गति और तेज हो गई. 17 जनवरी को 1,970 नए आवेदन दाखिल किए गए, इसके बाद 18 जनवरी को 3,865 आवेदन आए. 19 जनवरी से रोज़ाना के आंकड़े ज़्यादा रहे: 19 जनवरी (2,674), 20 जनवरी (2,670), 21 जनवरी (2,848), 22 जनवरी (2,787), 23 जनवरी (2,318), 24 जनवरी (2,861), 25 जनवरी (2,797), और 26 जनवरी (2,947). आखिरी दिनों में और बढ़ोतरी देखी गई-27 जनवरी (3,317), 28 जनवरी (3,424), 29 जनवरी (3,551), 30 जनवरी (4,288), और 31 जनवरी (8,503), जो एक दिन में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी थी. 31 जनवरी तक कुल मिलाकर 57,173 फॉर्म-7 एप्लीकेशन जमा हो चुके थे.

    क्या है फॉर्म 7?

    फॉर्म 7 भारत के चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराया गया आवेदन पत्र है जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट से किसी का नाम हटाने या वोटर लिस्ट में किसी का नाम शामिल करने पर आपत्ति जताने के लिए किया जाता है. इसे तब भरा जाता है जब अमुक लगता है कि किसी मतदाता का नाम लिस्ट में नहीं होना चाहिए. ऐसा तब हो सकता है जब मतदाता की मौत हो गई हो, वह हमेशा के लिए दूसरी जगह चला गया हो, उसका नाम दो बार दर्ज हो, या वह किसी और वजह से बतौर मतदाता पंजीकृत होने के योग्य न हो. कोई मतदाता, सूची से अपना नाम हटवाने के लिए भी फॉर्म 7 का इस्तेमाल कर सकता है.

  • असली या नकली? महंगी पश्मीना शॉल खरीदने से पहले जान लें पहचान के आसान तरीके..

    असली या नकली? महंगी पश्मीना शॉल खरीदने से पहले जान लें पहचान के आसान तरीके..


    नई दिल्ली । पश्मीना शॉल सिर्फ सर्दियों से बचाने वाला कपड़ा नहीं, बल्कि कश्मीर और लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसकी बारीक बनावट, हल्कापन और जबरदस्त गर्माहट इसे दुनिया की सबसे महंगी और खास ऊन में शामिल करती है। यही वजह है कि शुद्ध पश्मीना शॉल की कीमत 30 से 40 हजार रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है। लेकिन ऊंची कीमत के कारण बाजार में नकली और सेमी सिंथेटिक पश्मीना की भरमार है, जिसमें ग्राहक अक्सर धोखा खा जाते हैं।

    नकली पश्मीना देखने में बिल्कुल असली जैसा लग सकता है, लेकिन कुछ आसान जांच के जरिए इसकी सच्चाई पहचानी जा सकती है। अगर आप भी महंगी पश्मीना शॉल खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    ऊन का स्रोत पहचानें
    असली पश्मीना लद्दाख की ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाने वाली चांगथांगी बकरियों के अंडरकोट से बनाया जाता है। अत्यधिक ठंड के कारण इनके रेशे बेहद महीन, मुलायम और गर्म होते हैं। यही खासियत पश्मीना को दूसरी ऊन से अलग बनाती है।

    वजन से करें जांच
    शुद्ध पश्मीना बेहद हल्का होता है। आमतौर पर पूरा पश्मीना शॉल लगभग 180 ग्राम के आसपास होता है, जबकि स्टोल का वजन करीब 90 से 100 ग्राम तक रहता है। अगर शॉल हाथ में भारी महसूस हो, तो वह नकली या मिश्रित हो सकता है।

    बर्न टेस्ट से पहचान
    पश्मीना की असलियत जांचने का एक पुराना तरीका बर्न टेस्ट है। शॉल के किनारे से निकाले गए धागे को जलाने पर असली पश्मीना बालों की तरह धीरे जलता है और राख बन जाता है। वहीं नकली या सिंथेटिक धागा प्लास्टिक की तरह पिघलता है और तेज बदबू देता है।

    बुनावट और फिनिशिंग पर नजर डालें
    असली पश्मीना पूरी तरह हाथ से बुना जाता है। इसलिए उसकी बुनावट में हल्की असमानता हो सकती है। अगर शॉल मशीन से बनी तरह बहुत ज्यादा परफेक्ट और एकसमान दिखे, तो वह नकली होने का संकेत हो सकता है।

    जीआई टैग जरूर देखें
    खरीदारी के समय पश्मीना शॉल पर जीआई टैग की मांग जरूर करें। यह टैग उसकी प्रामाणिकता और मूल स्थान की पुष्टि करता है और बताता है कि शॉल वास्तव में कश्मीर या लद्दाख क्षेत्र की पारंपरिक पश्मीना है।विशेषज्ञों के अनुसार, पश्मीना शॉल खरीदते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए। सही जानकारी और थोड़ी सतर्कता आपको नकली से बचा सकती है और आपकी महंगी खरीद को सही निवेश बना सकती है।

  • महाराष्ट्र: NCP के अध्यक्ष पद को लेकर मतभेद! 'पटेल' का विरोध, इस नाम की चर्चा तेज

    महाराष्ट्र: NCP के अध्यक्ष पद को लेकर मतभेद! 'पटेल' का विरोध, इस नाम की चर्चा तेज


    नई दिल्ली । उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से घटनाक्रम बदल रहे हैं. उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुना गया. इसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रवादी कांग्रेस के दिवंगत नेता अजित पवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे. अब उनके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इस पर चर्चा शुरू हो गई है. पिछले दो दिनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रफुल्ल पटेल का नाम सामने आ रहा था. कुछ खबरों में दावा किया गया कि उनकी नियुक्ति हो चुकी है. लेकिन इसके बाद पार्टी में विवाद खड़ा हो गया और प्रफुल्ल पटेल को खुद इन खबरों का खंडन करना पड़ा.

    प्रफुल्ल पटेल के नाम की थी चर्चा

    प्रफुल्ल पटेल राष्ट्रवादी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं. अजित पवार के बाद उनके अध्यक्ष बनने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी के अंदर विरोध के बाद पटेल ने इस पर विराम लगाने की कोशिश की. इसके बावजूद पार्टी की कमान किसके हाथ जाएगी, इस पर नेताओं में मतभेद साफ नजर आ रहे हैं.

    राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ सुनेत्रा पवार होंगी- कोकाटे

    राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे ने इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाया. उन्होंने कहा, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ और सिर्फ सुनेत्रा पवार ही होंगी. दूसरा-तीसरा कोई नहीं. दोनों राष्ट्रवादी एक साथ आ जाएं, तब भी अध्यक्ष पद सुनेत्रा वहिनी के पास ही रहेगाजब उनसे पूछा गया कि क्या उनके समर्थन में विधायकों और पदाधिकारियों के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, हस्ताक्षर हों या न हों, अध्यक्ष पद पर सुनेत्रा पवार ही आएंगी. कोकाटे ने यह भी कहा कि सुनेत्रा पवार अजित पवार की राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगी और पार्टी की सर्वेसर्वा बनेंगी.

    पदाधिकारियों ने भी पत्र लिखकर मांग की

    अब केवल विधायक ही नहीं, बल्कि पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने भी सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई है. एनसीपी के सांस्कृतिक सेल के अध्यक्ष बाबासाहेब पाटील के नेतृत्व में 30 से अधिक पदाधिकारियों ने पत्र लिखकर सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की. यह पत्र वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को भेजा गया है. पत्र में कहा गया, अजित पवार के निधन से पार्टी पर दुख का साया है. ऐसे कठिन समय में पार्टी को मजबूत, संयमी और सभी को साथ रखने वाला नेतृत्व चाहिए. सुनेत्रा पवार ने प्रतिकूल परिस्थितियों में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालकर अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है. उनके अनुभव, निष्ठा और कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन को देखते हुए वे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त हैं. इसलिए पार्टी के विभिन्न सेल के पदाधिकारी एकमत से मांग करते हैं कि सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया जाए.

    पटेल के नाम पर विरोध?

    वहीं प्रफुल्ल पटेल ने अध्यक्ष पद की खबरों का खंडन करते हुए कहा, मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं. एनसीपी एक लोकतांत्रिक संस्था है. इतना बड़ा निर्णय वरिष्ठ नेतृत्व, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही लिया जाएगा. पार्टी की स्थापित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा

    प्रफुल्ल पटेल को करना चाहिए सुनेत्रा पवार का समर्थन

    इसके बाद सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष बनाने की मांग और तेज हो गई. पार्टी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद अजित दादा का था. उनके बाद यह जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को ही स्वीकार करनी चाहिए. प्रफुल्ल पटेल का विरोध नहीं है, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सुनेत्रा पवार का समर्थन करते हुए काम करना चाहिए.

    एनसीपी अध्यक्ष को लेकर विपक्ष ने क्या कहा?
    वहीं इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी टिप्पणी की.मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा, राष्ट्रवादी कांग्रेस मराठी मिट्टी से उभरा हुआ संघर्षशील कार्यकर्ताओं का पक्ष है. ऐसे पक्ष का अध्यक्ष मराठी चेहरा होना चाहिए. वहपाटील हो सकता है, लेकिनपटेल नहीं. उनके अलावा शिवसेना उद्धव गुट सांसद संजय राउत ने भी कहा कि पार्टी की कमान प्रफुल्ल पटेल के हाथ में नहीं जानी चाहिए.