Author: bharati

  • भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह

    भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह


    बुलावायो।
    अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) के एक बेहद रोमांचक लेकिन रणनीतिक रूप से हैरान करने वाले मुकाबले में भारत (India) ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। पाकिस्तान (Pakistan) के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 253 रनों के लक्ष्य के साथ-साथ एक कठिन डेडलाइन भी थी, लेकिन पाकिस्तानी टीम ने सेमीफाइनल के गणित को सुलझाने के बजाय केवल मैच जीतने पर ध्यान दिया, जिसके चलते वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। और आखिर में मैच भी नहीं जीत सके।

    सेमीफाइनल के समीकरण के अनुसार, पाकिस्तान को न केवल भारत को हराना था, बल्कि अपने नेट रन-रेट को बेहतर करने के लिए इस लक्ष्य को 33.3 ओवरों के भीतर हासिल करना था। यदि पाकिस्तान ऐसा कर लेता, तो वह भारत को पीछे छोड़कर अंतिम चार में पहुंच जाता। हालांकि, मैदान पर नजारा इसके बिल्कुल विपरीत रहा। पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही बेहद धीमी बल्लेबाजी की, जिससे ऐसा लगा कि उनका मिशन सेमीफाइनल में पहुंचना नहीं, बल्कि किसी भी तरह केवल भारत को हराना है।

    भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए या तो यह मैच जीतना था, या फिर पाकिस्तान को 33.3 ओवरों तक लक्ष्य हासिल करने से रोकना था। पाकिस्तान की धीमी शुरुआत ने भारत का काम आसान कर दिया। जैसे ही मैच 34वें ओवर में प्रवेश कर गया, भारत की सेमीफाइनल में जगह तकनीकी रूप से पक्की हो गई। पाकिस्तानी टीम की इस रणनीति पर क्रिकेट विशेषज्ञों ने हैरानी जताई है, क्योंकि उन्होंने टूर्नामेंट में बने रहने के मौके को खुद ही हाथ से जाने दिया।

    भारत ने पाकिस्तान को 58 रनों से हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश पा लिया है। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेदबाजी चुनी थी। पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 252 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में पाकिस्तान टीम 194 रन ही बना पाई।

    इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान, पहले ही वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश पा चुके थे। ऐसे में भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि इसी मुकाबले का परिणाम तय करता कि सेमीफाइनल में जाने वाली चौथी टीम कौन सी होगी।

    भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 252 रनों का लक्ष्य दिया था। चूंकि नेट रन-रेट में पाकिस्तान बहुत पीछे था, इसलिए उसे 33.3 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना था। उस्मान खान, कप्तान फरहान यूसुफ और सलामी बल्लेबाज हमजा जहूर ने एक समय टीम इंडिया की धड़कनें बढ़ा दी थीं, लेकिन पाकिस्तान का लोवर मिडिल ऑर्डर और पुछल्ले बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप हो गए।

    पाकिस्तान टीम एक समय 30वें ओवर में केवल 2 विकेट के नुकसान पर 151 रन बना चुकी थी। पाकिस्तान का स्कोरबोर्ड 5 से ज्यादा रन रेट से आगे बढ़ रहा था। पाक टीम आसान जीत की ओर अग्रसर थी, लेकिन तभी आरएस अंबरिस ने कप्तान फरहान यूसुफ को 38 के स्कोर पर आउट कर दिया. मैच का रुख यहीं से पलट चुका था।

    इसी बीच कप्तान आयुष म्हात्रे का भी खतरनाक स्पेल शुरू हुआ, जिन्होंने थोड़ी देर बाद ही अहमद हुसैन को आउट करके पाकिस्तान टीम को संभलने का मौका नहीं दिया. इसके बाद भी उस्मान खान बचे हुए थे, लेकिन म्हात्रे ने उन्हें 66 के स्कोर पर आउट करके पवेलियन भेज दिया. म्हात्रे द्वारा लगातार 2 सेट बल्लेबाजों को आउट करना, मतलब मैच भारत की झोली में आता दिख रहा था. पाकिस्तान के अंतिम 6 विकेट महज 43 रनों के भीतर गिर गए।

  • अल्कराज ने रचा इतिहास… जोकोविच को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

    अल्कराज ने रचा इतिहास… जोकोविच को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब


    मेलबर्न।
    स्पेन के युवा टेनिस सनसनी (Spain’s Young Tennis sensation) कार्लोस अल्कराज (Carlos Alcaraz) ने ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष एकल फाइनल (Australian Open Men’s Singles Final) में दिग्गज नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) को चार सेटों में हराकर इतिहास रच दिया। 22 वर्षीय अल्कराज ने 2-6, 6-2, 6-3, 7-5 से शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया और ऐसा करने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन गए।

    इस जीत के साथ अल्कराज के नाम अब कुल सात ग्रैंड स्लैम खिताब हो गए हैं—विंबलडन, फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन में दो-दो खिताब, जबकि मेलबर्न पार्क में यह उनका पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब है। वह पुरुष टेनिस में चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाले नौवें खिलाड़ी बन गए हैं।

    अल्कराज और इटली के जैनिक सिनर का मौजूदा दौर में दबदबा लगातार जारी है। पुरुष एकल के पिछले नौ ग्रैंड स्लैम खिताब इन्हीं दोनों खिलाड़ियों में से किसी एक ने जीते हैं। इनके अलावा आखिरी बार ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ी नोवाक जोकोविच थे, जिन्होंने सितंबर 2023 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत से विश्व नंबर एक अल्कराज ने एटीपी रैंकिंग में अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है, जबकि सिनर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    38 वर्षीय जोकोविच इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरे थे। वह ओपन युग में सबसे उम्रदराज ग्रैंड स्लैम विजेता बनने के साथ-साथ 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर मार्गरेट कोर्ट (24) से आगे निकलना चाहते थे। हालांकि, यह सपना अधूरा रह गया और 1972 में 37 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले केन रोज़वॉल का रिकॉर्ड अब भी कायम है।

    फाइनल मुकाबले की शुरुआत जोकोविच ने बेहद आक्रामक अंदाज में की। शानदार सर्विस और बेसलाइन से दबाव बनाते हुए उन्होंने पहला सेट 6-2 से अपने नाम किया। पहले सेट में अल्कराज को रिटर्न पर सिर्फ दो अंक मिले और जोकोविच की जीत की संभावना मजबूत नजर आने लगी थी। दूसरे सेट से मैच की तस्वीर बदल गई। अल्कराज ने अपनी बेहतरीन मूवमेंट, सटीक ड्रॉप शॉट्स और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर वापसी की और दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसे अल्कराज ने जोकोविच की सर्विस पर लंबी ड्यूस लड़ाई के बाद 6-3 से जीत लिया।

    चौथे सेट में जोकोविच ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया और शुरुआती गेम में सर्विस बचाने के बाद भावुक जश्न मनाया। मुकाबला बराबरी का चलता रहा, लेकिन 12वें गेम में अल्कराज ने निर्णायक दबाव बनाते हुए दो चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किए। पहले ही मौके पर जोकोविच का शॉट बाहर चला गया और अल्कराज ने खिताब अपने नाम कर लिया।

    टूर्नामेंट के दौरान जोकोविच को कुछ मौकों पर किस्मत का साथ भी मिला। चौथे दौर में याकुब मेंसिक के हटने से उन्हें वॉकओवर मिला, जबकि क्वार्टरफाइनल में लोरेंजो मुसेत्ती चोट के कारण दो सेट आगे रहते हुए मुकाबले से बाहर हो गए। इसके बावजूद जोकोविच ने सेमीफाइनल में जैनिक सिनर को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

    अल्कराज ने 2022 में यूएस ओपन जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। वह भविष्य में कई और मेजर खिताब जीतने के प्रबल दावेदार नजर आ रहे हैं। इस टूर्नामेंट में फाइनल तक का शानदार सफर तय करने वाले जोकोविच को देखते हुए यह कहना भी गलत नहीं होगा कि उनके खाते में एक और ग्रैंड स्लैम खिताब जुड़ सकता है।

  • यूपीआई लेन-देन जनवरी महीने में 28.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर

    यूपीआई लेन-देन जनवरी महीने में 28.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर


    नई दिल्‍ली।
    देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) (Unified Payments Interface – UPI) के जरिए होने वाला लेन-देन (Translations) जनवरी में 28.33 लाख करोड़ रुपये के मूल्य और 21.70 अरब की संख्या के साथ रिकॉर्ड स्तर (Record level.) पर पहुंच गया है।

    भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से रविवार को जारी की गई आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। एनपीसीआई के मुताबिक दिसंबर 2025 में यूपीआई के जरिए लेन-देन का मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये रहा था। मासिक आधार पर लेन-देन के मूल्य में 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में औसत दैनिक लेनदेन 70 करोड़ रहा जिसका औसत मूल्य 91,403 करोड़ रुपये था।

    वर्ल्डलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रमेश नरसिम्हन ने में कहा कि यूपीआई की वृद्धि की गति लगातार मजबूत हो रही है। केवल जनवरी में भारतीयों ने 28.33 लाख करोड़ रुपये के 21.7 अरब यूपीआई लेनदेन किए, जो दिसंबर की तुलना में ज्‍यादा है, जो सालाना आधार पर 28 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

  • सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये

    सकल जीएसटी संग्रह जनवरी में 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये


    नई दिल्‍ली।
    अर्थव्‍यस्‍था (Economy) के मोर्चे पर अच्‍छी खबर है। सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्‍व संग्रह (Gross Goods and Services Tax (GST) Revenue Collection) जनवरी महीने में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर 6.2 फीसदी बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

    जीएसटी महानिदेशालय ने रविवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जनवरी में शुद्ध माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह में 7.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, कुल ‘रिफंड’ में 3.1 फीसदी की गिरावट आई, यह 22,665 करोड़ रुपये रहा।

    आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में घरेलू लेन-देन से सकल कर संग्रह 4.8 फीसदी बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात राजस्व 10.1 फीसदी बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा। वहीं, इस दौरान तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी, 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था, जब कार तथा तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था।

    उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं, जिससे सामान सस्ता हो गया। साथ ही, पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व संग्रह पर असर पड़ा है।

  • आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां सीमा शुल्क मुक्त, 3 आयुर्वेदिक एम्स, बनेंगे सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर

    आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, कैंसर की 17 दवाइयां सीमा शुल्क मुक्त, 3 आयुर्वेदिक एम्स, बनेंगे सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने रविवार को लोकसभा (Lok Sabha) में केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) पेश किया। नौवीं बार बजट पेश करते हुए वह संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि, आयकर दाखिल करने में सहूलियत, 7 रेलवे प्रोजेक्ट और तीन नए आयुर्वेदिक एम्स का प्रस्‍ताव बजट भाषण में किया है।

    वित्त मंत्री लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन साल 2026 होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। इसके साथ ही बजट भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं हुआ है।ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इस तरह रक्षा बजट में कुल 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रक्षा बजट की खास बात ये है कि हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये पूंजीगत खर्च में सीधे 22 फीसदी की बढ़ोतरी है।

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए मैं 17 दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। सीतारमण ने कहा कि मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के व्यक्तिगत आयात पर आयात शुल्क से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने कहा, “मैं एक खास वन-टाइम उपाय के तौर पर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में योग्य विनिर्माण इकाइयां को घरेलू टैरिफ एरिया में रियायती ड्यूटी दरों पर बिक्री करने की सुविधा देने का प्रस्ताव करती हूं। वित्‍त मंत्री ने कहा कि ऐसी बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक तय अनुपात तक सीमित होगी।”

    वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लोकसभा में पेश करते हुए अपने बजट भाषण में कहा, “रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।” सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा, “मैं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, जिसे एलआरएस के नाम से जाना जाता है, के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, “…सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है।”

    सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। उन्‍होंने कहा क‍ि मैं सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।”

    सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, “केंद्रीय बजट 2026-27 में मैं सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे, जिसमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी शमिल है।”

    सीतारमण ने कहा, “भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं, ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है।

    उन्‍होंने कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है, ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा, “…मैं भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “…2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं।”

    आधारभूत संरचना पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “…हम 5 लाख से ज्‍यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।” सीतारमण ने कहा, “…हाई-वैल्यू, टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड सीआईई की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बेहतर बनाने की एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोरिंग मशीन तक शामिल हो सकते हैं।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री कहा, “…मैं चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।” सीतारमण ने कहा, “पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए, मैं पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव करती हूं, अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा…।”

    केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। उन्‍होंने कहा कि ये उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है, जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।”

    सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। इसके साथ ही हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो। रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं। इन उपायों से लगभग 7 फीसदी की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है।”

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “…हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगे।” सीतारमण ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है।

    उन्‍होंने कहा कि कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले। केंद्रीय बजट 2026-27 की फिजिकल कॉपी संसद में लाई गईं।

    सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री सीतारमण को दही-चीनी खिलाई। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। निर्मला सीतारमण ने 2019 में स्थापित की गई अपनी परंपरा को जारी रखते हुए बजट भाषण को ‘बही-खाते’ में ले जाना जारी रखा। ‘ब्रीफकेस’ की परंपरा को छोड़ने के बाद इसकी शुरुआत की गई थी।

  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू


    मुंबई।
    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport) से यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब यह हवाई अड्डा 12 घंटे के बजाय पूरे 24 घंटे संचालित (Operated 24 hours) होगा। आज यानी 01 फरवरी से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे विमान सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे पहले यह एयरपोर्ट केवल सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक ही कार्यरत था।

    बता दें कि यात्रियों के लिए इसकी शुरुआत 25 दिसंबर से की गई थी। शुरुआत में सीमित समय और सीमित उड़ानों के साथ परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन अब परिचालन समय बढ़ाए जाने से उड़ानों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र पर हवाई यातायात का दबाव भी कम होगा।


    प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही

    हालांकि फिलहाल देर रात और आधी रात की उड़ानों का आधिकारिक शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मध्यरात्रि की सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। वर्तमान समय में नवी मुंबई एयरपोर्ट से आखिरी उड़ान रात 9 बजकर 50 मिनट पर रवाना होती है, जबकि पहली उड़ान सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर संचालित की जाती है। 24 घंटे की अनुमति मिलने के बाद एयरलाइंस कंपनियां अपने स्लॉट्स धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

    विमानन उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मार्च के अंत में जब एयरलाइंस का समर शेड्यूल लागू होगा, तब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। फिलहाल जहां प्रति घंटे लगभग 10 विमानों की आवाजाही हो रही है, वहीं अप्रैल महीने तक यह संख्या बढ़कर 20 प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।


    सिर्फ 19 दिनोंमें एक लाख यात्रियों ने किया सफर

    अभी तक एयरपोर्ट पर केवल दो अतिरिक्त विमानों को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों और हफ्तों में कई विमानन कंपनियां नवी मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ा सकती हैं। इससे घरेलू के साथ-साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रास्ते भी खुलेंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट ने 12 जनवरी को एक अहम परिचालन उपलब्धि भी हासिल की थी। एयरपोर्ट के शुरू होने के महज 19 दिनों के भीतर ही एक लाख यात्रियों ने यहां से सफर किया था, जो इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।

    देश के विमानन ढांचे को करेगा मजबूत
    वैश्विक स्तर पर अगर देखा जाए तो यूरोप और अमेरिका में कई हवाई अड्डों पर रात के समय उड़ानों पर प्रतिबंध होता है। आमतौर पर शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वहां रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक एयरपोर्ट बंद रहते हैं। इस दौरान यदि कोई यात्री फंस जाता है तो उसे टर्मिनल छोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत भारत के प्रमुख हवाई अड्डे 24 घंटे खुले रहते हैं, जिससे यात्रियों को रात के समय भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का 24×7 संचालन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यात्रियों की सुविधा, एयरलाइंस की क्षमता और देश के विमानन ढांचे को मजबूत करेगा।

  • अमिताभ बच्चन की शादी पर पापाराजी का बैन: क्यों नहीं ली जाती थी फोटो?

    अमिताभ बच्चन की शादी पर पापाराजी का बैन: क्यों नहीं ली जाती थी फोटो?


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की शख्सियत और रुतबा ऐसा है कि आज भी उनकी एक झलक पाने के लिए मीडिया और फैंस बेताब रहते हैं। दशकों से इंडस्ट्री पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन हमेशा मीडिया के साथ सम्मानजनक रिश्तों के लिए जाने जाते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब पूरे बच्चन परिवार को पापाराजी ने बायकॉट कर दिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि अमिताभ बच्चन सामने आते ही फोटोग्राफर अपने कैमरों का रुख आसमान की ओर कर लेते थे।

    यह पूरा मामला अभिषेक बच्चन की शादी से जुड़ा हुआ है। जब अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की शादी हुई थी उस दौरान मीडिया कवरेज को लेकर काफी तनाव देखने को मिला। पापाराजी कई दिनों तक बच्चन परिवार के घर के बाहर खड़े रहे थे ताकि शादी की एक झलक मिल सके लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। एक सीनियर फोटोग्राफर ने एक इंटरव्यू में इस घटना को याद करते हुए बताया कि बारात के वक्त बसों को इस तरह खड़ा कर दिया गया था कि किसी भी कैमरे को विजुअल न मिल सके।

    फोटोग्राफर के मुताबिक हालात यहीं नहीं रुके। उन्होंने दावा किया कि सिक्योरिटी के साथ धक्का मुक्की हुई और कुछ फोटोग्राफरों के साथ मारपीट तक की गई। एक फोटोग्राफर के साथ हुई घटना ने हालात और बिगाड़ दिए जब कथित तौर पर अमर सिंह की सिक्योरिटी ने उसके साथ बदसलूकी की। इस घटना के बाद मीडिया में गुस्सा फैल गया और सभी पापाराजी ने मिलकर बच्चन परिवार को कवर न करने का फैसला किया।

    इसके बाद जब भी कोई अवॉर्ड फंक्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम होता और बच्चन परिवार वहां मौजूद रहता तो फोटोग्राफर जानबूझकर कैमरे ऊपर की तरफ कर लेते थे। यह एक तरह का साइलेंट प्रोटेस्ट था जिससे इंडस्ट्री में काफी चर्चा हुई। उस दौर में यह साफ नजर आने लगा था कि मीडिया और बच्चन परिवार के रिश्ते बेहद खराब हो चुके हैं।

    हालांकि यह बायकॉट ज्यादा समय तक नहीं चला। रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चन परिवार ने बाद में पापाराजी को शादी के बाद एक मुलाकात के लिए बुलाया और पूरे मामले पर बातचीत की। इस दौरान यह माना गया कि सिक्योरिटी के स्तर पर गलती हुई थी और फोटोग्राफरों के साथ जो हुआ वह सही नहीं था। इसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच रिश्ते सुधरे और पापाराजी ने दोबारा बच्चन परिवार की तस्वीरें लेना शुरू किया।

    यह पहली बार नहीं था जब किसी बड़े स्टार और मीडिया के बीच ऐसा टकराव देखने को मिला हो। शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के दौरान भी मीडिया कवरेज को लेकर विवाद हुआ था। उस वक्त शाहरुख खान ने नाराज होकर मीडिया से दूरी बना ली थी और पापाराजी को पूरी तरह बैन कर दिया था। बाद में जब मीडिया ने माफी मांगी तब जाकर शाहरुख खान ने फिर से कैमरों के सामने आना शुरू किया। इन घटनाओं से साफ होता है कि सितारों और मीडिया के रिश्ते सम्मान और समझ पर टिके होते हैं। जब यह संतुलन बिगड़ता है तो विवाद पैदा हो जाते हैं लेकिन बातचीत और स्वीकार्यता से हालात फिर सामान्य भी हो सकते हैं।

  • अब बॉलीवुड में वैसी अच्छी फिल्में नहीं बन रहीं, रोमियो से पहले शाहिद कपूर का बेबाक बयान

    अब बॉलीवुड में वैसी अच्छी फिल्में नहीं बन रहीं, रोमियो से पहले शाहिद कपूर का बेबाक बयान


    नई दिल्ली । शाहिद कपूर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ओ रोमियो लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म की रिलीज से पहले शाहिद ने बॉलीवुड इंडस्ट्री मौजूदा स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है। एक पॉडकास्ट तचीत के दौरान उन्होंने न सिर्फ बनावटी मार्केटिंग और नकली पीआर पर सवाल उठाए बल्कि यह भी स्वीकार किया कि बॉलीवुड में आज के समय में उतनी अच्छी फिल्में नहीं बन रही हैं जितनी बननी चाहिए। शाहिद का यह बयान सोशल मीडिया र तेजी से वायरल हो रहा है और फिल्म इंडस्ट्री को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ रहा है।

    प्रखर गुप्ता के साथ पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए शाहिद कपूर ने कहा कि उन्हें कभी भी फेक पीआर या बनावटी छवि गढ़ने में भरोसा नहीं रहा। उनके मुताबिक मार्केटिंग जरूरी है लेकिन यह समझना उससे भी ज्यादा जरूरी है कि कहां सच्चाई खत्म होती है और कहां बनावट शुरू हो जाती है। शाहिद ने माना कि जब कला में मिलावट आ जाती है तो उसका असर कलाकार और दर्शक दोनों पर पड़ता है।

    शाहिद कपूर ने कला के महत्व को समझाते हुए कहा कि लोगों से भरे एक कमरे में तालियां और सीटियां सुनना किसी जादू से कम नहीं होता। जब लोग आपको पहचानते हैं और एक खास दर्जा देते हैं तो वह एहसास बेहद खूबसूरत होता है। यही वजह है कि आर्ट और सिनेमा समाज के लिए जरूरी हैं। लेकिन जब इस शुद्धता में बनावट घुसने लगती है तो वह एहसास खत्म होने लगता है और सिनेमा अपनी आत्मा खो देता है।

    बातचीत के दौरान शाहिद कपूर ने दर्शकों के घटते अटेंशन स्पैन पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज की ऑडियंस का धैर्य पहले जैसा नहीं रहा। लोगों का दिमाग लंबे समय तक फोकस नहीं कर पाता और उन्हें बार बार उत्तेजना और ब्रेक की जरूरत महसूस होती है। इसके पीछे उन्होंने डोपामाइन के प्रभाव का जिक्र किया और कहा कि यह आदत दर्शकों के साथ साथ क्रिएटर्स को भी प्रभावित कर रही है।

    शाहिद के मुताबिक यह एक दोतरफा प्रक्रिया है। एक तरफ दर्शकों का धैर्य कम हो रहा है और दूसरी तरफ क्रिएटर्स भी उसी तरह के कंटेंट में फंसते जा रहे हैं। जब फिल्ममेकर्स गहराई से सोचकर और ध्यान लगाकर काम करना चाहते हैं तो उनकी रचनात्मक क्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा नहीं है कि दर्शक फिल्में देखना नहीं चाहते बल्कि सच्चाई यह भी है कि हम उतनी अच्छी फिल्में बना ही नहीं पा रहे हैं जितनी बनानी चाहिए।

    शाहिद कपूर की अपकमिंग फिल्म ओ रोमियो की बात करें तो यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है जिनके साथ शाहिद की जोड़ी पहले भी कई यादगार फिल्में दे चुकी है। ओ रोमियो में शाहिद के साथ तृप्ति डिमरी नजर आएंगी। शाहिद के इस बेबाक बयान के बाद फैंस को अब न सिर्फ फिल्म का बल्कि उनके किरदार और कहानी का भी बेसब्री से इंतजार है।

  • धुरंधर 2 में बड़ा ट्विस्ट: मेजर इकबाल लीड विलेन, चौधरी के साथ आएंगे स्क्रीन पर

    धुरंधर 2 में बड़ा ट्विस्ट: मेजर इकबाल लीड विलेन, चौधरी के साथ आएंगे स्क्रीन पर


    दिल्ली । रणवीर सिंह स्टाररफिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होते ही तहलका मचा दिया था। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल के अंत की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। दमदार कहानी शानदार एक्शन और जबरदस्त परफॉर्मेंस के चलते फिल्म ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अब जब फैंस धुरंधर 2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं उसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ अनदेखी तस्वीरें वायरल हो गई हैं जिन्होंने उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    वायरल हो रही इन तस्वीरों को धुरंधर 2 की शूटिंग के दौरान की बताया जा रहा है। इन फोटोज में संजय दत्त और अर्जुन रामपाल एक साथ नजर आ रहे हैं। संजय दत्त जहां फिल्म में एसपी चौधरी के किरदार में दिखाई दिए थे वहीं अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल का रोल निभाया था। दिलचस्प बात यह है कि धुरंधर के पहले पार्ट में ये दोनों किरदार कभी आमने सामने नहीं आए थे। ऐसे में पार्ट 2 में दोनों का साथ नजर आना कहानी में बड़े ट्विस्ट की ओर इशारा कर रहा है।

    इन लीक तस्वीरों के सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि धुरंधर 2 में मेजर इकबाल का किरदार इस बार लीड विलेन के तौर पर उभरेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार दूसरे पार्ट की कहानी रहमान डकैत की मौत के बाद से शुरू होगी। बताया जा रहा है कि बड़े साहब की ओर से हमजा को एक नई और खतरनाक चुनौती मिलेगी जिसका जिक्र पहले पार्ट में नहीं किया गया था। वायरल तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि एसपी चौधरी और मेजर इकबाल के बीच कुछ गंभीर डील्स या साजिशें दिखाई जाएंगी जो कहानी को और गहरा बना देंगी।

    बताया जा रहा है कि आदित्य धर शुरुआत में धुरंधर को एक ही फिल्म में खत्म करना चाहते थे। हालांकि प्रोडक्शन टीम की सलाह पर इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यह फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ क्योंकि पहला पार्ट जबरदस्त हिट रहा। दिलचस्प बात यह भी है कि धुरंधर 2 की ज्यादातर शूटिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब सिर्फ कुछ अतिरिक्त सीन जोड़े जा रहे हैं जिसके बाद फिल्म को 19 मार्च को रिलीज करने की तैयारी है। पहले पार्ट के पोस्ट क्रेडिट सीन में भी इसके संकेत दिए गए थे।

    धुरंधर हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है और वहां भी इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। रिलीज के 24 घंटे के भीतर यह प्लेटफॉर्म की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बन गई। हालांकि कुछ दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स और कलर ग्रेडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं जिस पर मेकर्स का कहना है कि थिएटर और ओटीटी फॉर्मेट के तकनीकी अंतर की वजह से ऐसा महसूस हो रहा है। कुल मिलाकर धुरंधर 2 को लेकर लीक तस्वीरों ने फैंस की एक्साइटमेंट को दोगुना कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह संजय दत्त और अर्जुन रामपाल की यह तिकड़ी पर्दे पर कितना बड़ा धमाका करती है।

  • धुरंधर 2 से पहले रणवीर सिंह की बड़ी छलांग, शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपारी’ में एंट्री की चर्चा

    धुरंधर 2 से पहले रणवीर सिंह की बड़ी छलांग, शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपारी’ में एंट्री की चर्चा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर के सबसे मजबूत और सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर में उनके दमदार अभिनय ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि समीक्षकों से भी जमकर तारीफ बटोरी। फिल्म की जबरदस्त बॉक्स ऑफिस सफलता ने यह साबित कर दिया कि रणवीर सिंह आज भी बड़े पर्दे पर दर्शकों को खींचने की पूरी ताकत रखते हैं। इसी कामयाबी के साथ रणवीर के खाते में एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट्स जुड़ते नजर आ रहे हैं।

    जहां एक ओर धुरंधर 2 को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं, वहीं अब रणवीर सिंह के हाथ एक और बेहद खास और महत्वाकांक्षी फिल्म लगने की खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर शंकर अपनी ऐतिहासिक फिल्म वेलपारी के लिए रणवीर सिंह को कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। शंकर, जिन्हें नायक और अन्नियन जैसी आइकॉनिक फिल्मों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को बड़े पर्दे पर लाने का सपना देख रहे हैं। वेलपारी को उनका ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है जिसे वह बेहद भव्य स्तर पर बनाने की तैयारी में हैं।

    बताया जा रहा है कि यह फिल्म मशहूर लेखक एस. वेंकटेशन के चर्चित नॉवेल पर आधारित होगी। कहानी प्राचीन तमिल शासक वेल पारी के जीवन, संघर्ष और उनके साहसिक फैसलों को दर्शाएगी। यह एक ऐसी ऐतिहासिक गाथा होगी, जिसमें सत्ता, युद्ध, त्याग और नेतृत्व की कहानी बड़े पैमाने पर दिखाई जाएगी। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस फिल्म में रणवीर सिंह के साथ तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विक्रम भी अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं। अगर यह कास्टिंग फाइनल होती है, तो यह फिल्म नॉर्थ और साउथ सिनेमा के बीच एक मजबूत सिनेमैटिक पुल बन सकती है।

    मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार धुरंधर की शूटिंग पूरी करने के बाद रणवीर सिंह अपने अगले बड़े किरदार की तैयारी में जुट चुके हैं। वह अपने रोल को लेकर बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं और स्क्रिप्ट से लेकर अपने लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन तक पर खास ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर शंकर भी अपनी पिछली फिल्म गेम चेंजर के बाद अब पूरी तरह वेलपारी पर फोकस करने के मूड में हैं और जल्द ही इस फिल्म का प्री-प्रोडक्शन शुरू किया जा सकता है।

    गौरतलब है कि इससे पहले भी रणवीर सिंह और शंकर के साथ काम करने की चर्चाएं सामने आ चुकी हैं। साल 2021 में अन्नियन के हिंदी रीमेक को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी लेकिन वह प्रोजेक्ट किसी कारणवश आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में अगर वेलपारी के जरिए यह सहयोग साकार होता है, तो यह फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा।

    फिलहाल इस फिल्म को लेकर न तो रणवीर सिंह और न ही निर्देशक शंकर की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। हालांकि जिस तरह से इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चाएं तेज हैं और इसके बड़े बजट की बातें सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि वेलपारी आने वाले समय की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बन सकती है। रणवीर सिंह के फैंस भी उन्हें एक ऐतिहासिक किरदार में देखने के लिए पहले से ही उत्साहित नजर आ रहे हैं।