Author: bharati

  • सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एम्स जोधपुर में हुई विशेषज्ञ जांच, मेडिकल रिपोर्ट तलब

    सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एम्स जोधपुर में हुई विशेषज्ञ जांच, मेडिकल रिपोर्ट तलब


    नई दिल्ली । जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट के निर्देश पर शनिवार सुबह कड़ी पुलिस सुरक्षा में सोनम वांगचुक को एम्स जोधपुर ले जाया गया, जहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में उनकी करीब डेढ़ घंटे तक विस्तृत चिकित्सकीय जांच की गई। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से पेट दर्द, गैस और गैस्ट्रो से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं और सामान्य इलाज से उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है।

    सोनम वांगचुक 27 सितंबर 2025 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि जेल में उपलब्ध खराब गुणवत्ता वाले पानी के कारण उनके मुवक्किल की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि वांगचुक को लगातार पेट से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं और जेल में दिया जा रहा सामान्य इलाज उनकी बीमारी के लिए पर्याप्त नहीं है।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए थे कि सोनम वांगचुक को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर, विशेष रूप से गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट को दिखाया जाए। इसी आदेश के तहत शनिवार को उन्हें एम्स जोधपुर ले जाया गया। एम्स सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और जरूरी मेडिकल टेस्ट किए। जांच के बाद उन्हें वापस जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

    गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को शुक्रवार को भी मेडिकल जांच के लिए एम्स जोधपुर लाया गया था। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक जांचें की थीं। अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट 2 फरवरी तक अदालत में पेश की जाए, ताकि आगे की कार्रवाई उसी रिपोर्ट के आधार पर तय की जा सके।

    यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि वांगचुक की सेहत लगातार गिरती जा रही है और जेल की मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाएं उनकी बीमारी के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि कैदियों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और जरूरत पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराना जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    इससे पहले हुई सुनवाई में जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने जेल अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया था कि सोनम वांगचुक की जांच गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से कराई जाए। राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कोर्ट को बताया था कि पिछले चार महीनों में जेल के डॉक्टरों द्वारा सोनम वांगचुक की 21 बार जांच की जा चुकी है और 26 जनवरी को भी उनकी मेडिकल जांच हुई थी। हालांकि कपिल सिब्बल ने इस दलील पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि सामान्य जांच पर्याप्त नहीं है क्योंकि समस्या की जड़ जेल का खराब पानी है। अब सभी की निगाहें सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा और जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

  • केंद्रीय बजट 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, प्रक्रिया होगी और आसान

    केंद्रीय बजट 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, प्रक्रिया होगी और आसान

    नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और अपने कार्यकाल का लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026-27 में आम करदाताओं को लेकर सबसे बड़ा ऐलान यही रहा कि इनकम टैक्स की दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष किए गए बड़े टैक्स सुधारों के बाद फिलहाल टैक्स स्ट्रक्चर को स्थिर रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसका मतलब यह है कि करदाता जिस टैक्स सिस्टम के तहत अभी टैक्स चुका रहे हैं, वही व्यवस्था आगे भी लागू रहेगी।

    टैक्स सिस्टम स्थिर, लेकिन राहत पर जोर

    हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बजट में टैक्स भरने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। सरकार का फोकस टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाना और अनावश्यक परेशानियों को कम करना रहा।

    रिटर्न संशोधन की समयसीमा बढ़ी

    वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स रिटर्न में संशोधन (रिवाइज्ड रिटर्न) करने की अंतिम तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए केवल मामूली शुल्क देना होगा। इससे उन करदाताओं को राहत मिलेगी, जिनसे रिटर्न दाखिल करते समय अनजाने में कोई गलती हो जाती है।

    अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग समयसीमा

    बजट में रिटर्न फाइलिंग की तारीखों को भी वर्गों के अनुसार स्पष्ट किया गया है। आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भरने वाले करदाता पहले की तरह 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। वहीं जिन कारोबारों का ऑडिट नहीं होता और ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक का समय दिया गया है।

    ब्याज और एनआरआई को बड़ी राहत

    टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाला ब्याज अब इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रहेगा और इस पर टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा। इसके अलावा भारत की कंपनियों को पूंजीगत सामान देने वाले एनआरआई को पांच साल तक इनकम टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है।

    टीसीएस दरों में कटौती

    बजट में स्रोत पर टैक्स वसूली (TCS) को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। विदेश यात्रा पैकेज पर लगने वाला टीसीएस 5 और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है और अब इसमें न्यूनतम राशि की कोई शर्त नहीं होगी। वहीं लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।

    छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम

    छोटे टैक्सपेयर्स के लिए सरकार एक नया ऑटोमैटिक सिस्टम लाने जा रही है। इसके तहत कम या शून्य टैक्स कटौती का सर्टिफिकेट लेने के लिए अब टैक्स अधिकारी के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही शेयरधारक अब फॉर्म 15G और 15H सीधे डिपॉजिटरी में जमा कर सकेंगे।

    शेयर बाजार लेनदेन महंगे

    हालांकि बजट में शेयर बाजार से जुड़े लेनदेन पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस पर 0.01 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है।

    कुल मिलाकर बजट 2026 में टैक्स स्लैब को स्थिर रखते हुए प्रक्रिया को सरल बनाने और लक्षित राहत देने पर सरकार का खास फोकस देखने को मिला।

  • आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल

    आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल


    नई दिल्ली । फरवरी आते ही मौसम काफी तेजी में बदलने लगता है. दिन में हल्की गर्मी होती है तो रात के वक्त ठंडी हवा चलती है. ऐसे में जो लोग दोपर के वक्त बाहर से आते हैं उन्हें अचानक से गर्मी लगने लगती है. इस बदलते मौसम में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं. इसके कारण सर्द-गर्म जैसा एहसास होता है.

    जिसके चलते आपको बुखार भी महसूस हो सकता है. इसलिए इस मौसम जब भी बाहर जाए या आएं तो गर्मी महसूस हो तो पंखा न चलाएं बल्कि कुछ देर ऐसे ही आराम से बैठे. कुछ देर रिलैक्स होकर बैठने से आपके शरीर का टेंपरेचर खुद नॉर्मल हो जाएगा. दिन में इतनी तेज धूप हो रही है कि जैकेट,स्वेटर पहनना मुश्किल हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फरवरी में सर्द-गर्म शरीर के लिए कितना खतरनाक है. आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

    साफ-सफाई का रखें खास ध्यान

    सर्दी-जुकाम के साथ-साथ फ्लू जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए खुद के साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. जो लोग हमेशा गंदा रहते हैं या जो लोग खांसते या छींकते या पूरे टाइम नाक को हाथों से पोंछते हैं. ऐसे लोग जल्दी बीमारी पड़ते हैं. जो लोग अपने हाथों को साबुन से साफ नहीं करते हैं वो बार-बार बीमार पड़ते हैं. डॉक्टर का मानना है कि हथेली, उंगली और हाथों के पीछे का हिस्सा और नाखून को साबुन से धोएं.

    गर्मी की शुरूआत

    फरवरी महीने की शुरूआत को अभी सिर्फ दो दिन ही बीता है. लेकिन गर्मी जैसे अप्रैल का एहसास दिला रहा है. दिन के वक्त धूप इतनी तेज हो रही है कि आम इंसान धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पी रहा है, जो नुकसान कर जा रहा है. क्या आप जानते हैं कि फरवरी में ठंडी-गर्मी के कारण शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे सर्द-गर्म मौसम में खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.

    जनवरी भी था गर्म महीना?

    बता दें कि इस साल 2025 में जनवरी का महीना भी गर्म था. जी हां, जनवरी का महीना बीते छह सालों में सबसे गर्म रहा है, वहीं फरवरी की शुरुआत भी 15 सालों में सबसे गर्म रही है. हालांकि अभी मौसम बदलने का अनुमान है. लेकिन सुबह के वक्त थोड़ी ठंडी और दिन के वक्त गर्मी का शरीर पर बुरा असर पड़ता है.

    ऐसे रखें सेहत का ख्याल

    ऐसे मौसम में खाना खाने से पहले हाथ अच्छे से धोना चाहिए.
    वहीं दिन में गर्मी और रात में ठंडी में से आकर तुरंत पानी मत पिएं.
    इस मौसम में बाहरी फूड ना खाएं, घर का बना भोजन ही करें.
    गर्मी बढ़ने के साथ खुली चप्पल पहनना चाहिए, जिससे पैरों में संक्रमण नहीं फैलेगा.
    इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए रोज रात हल्दी वाला दूध पीना चाहिए.
    इस मौसम में कफ होने पर गुनगुना पानी पीना चाहिए.
    वहीं सुबह के वक्त एक दम खुली ठंडी हवा में नहीं जाना चाहिए.

    डॉक्टर से संपर्क

    ठंड-गर्म के कारण इस मौसम में कई बार खासकर के बच्चे और बूढ़ें संक्रमित होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इस इस मौसम में अगर दो दिन से अधिक तक बुखार,कफ या अन्य कोई संक्रमण का खतरा महसूस होता है, तो तुरंत अपने निजी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, इस दौरान अपनी सारी समस्याओं के बारे में बताना चाहिए, जिससे उचित समय पर परामर्श मिल सके.

  • क्या सिर्फ 30 दिनों में सिबिल स्कोर बन सकता है बेहतर? यहां जानें कितना सही कितना नहीं

    क्या सिर्फ 30 दिनों में सिबिल स्कोर बन सकता है बेहतर? यहां जानें कितना सही कितना नहीं

    नई दिल्ली। सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर तीन अंकों का एक खास पैमाना होता है, जो आपकी वित्तीय आदतों और लोन चुकाने की क्षमता को दर्शाता है। बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान इसी स्कोर के आधार पर यह तय करते हैं कि आपको लोन या क्रेडिट कार्ड मिलेगा या नहीं, और किन शर्तों पर मिलेगा। कई हार लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या सिबिल स्कोर कम समय में सुधारा जा सकता है। तो जवाब है- हां। कम समय में क्रेडिट स्कोर बढ़ाना चुनौतीपूर्ण लग सकता है, लेकिन थोड़े से अनुशासन और सही रणनीति से यह पूरी तरह संभव है।
    सभी बिल समय पर चुकाएं
    सिबिल स्कोर सुधारने का सबसे जरूरी नियम है-भुगतान में कभी देरी न करें। चाहे क्रेडिट कार्ड का बिल हो, लोन की EMI हो या कोई अन्य भुगतान, हमेशा तय तारीख से पहले भुगतान करना बेहतर रहता है। देरी या डिफॉल्ट आपके स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।

    क्रेडिट कार्ड लेना हो सकता है फायदेमंद
    अगर आपने अब तक कोई क्रेडिट नहीं लिया है, तो आपका क्रेडिट स्कोर भी नहीं बनता। भले ही यह शुरुआत में सही लगे, लेकिन लोन की जरूरत पड़ने पर यह परेशानी बन सकता है। क्रेडिट कार्ड लेने से आपका क्रेडिट हिस्ट्री बनती है, जिससे भविष्य में कम ब्याज दर पर लोन मिलने में मदद मिलती है। पहली बार कार्ड लेने वालों के लिए सिक्योर्ड (कैश-बैक्ड) क्रेडिट कार्ड अच्छा विकल्प है।

    क्रेडिट उपयोग 30% से कम रखें
    सिबिल स्कोर बेहतर रखने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का 30 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल न करें। मान लीजिए आपकी लिमिट ₹1 लाख है, तो कोशिश करें कि खर्च ₹30,000 के अंदर ही रहे। इससे आपका सिबिल स्कोर स्कोर बेहतर होता है।

    क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए करें आवेदन
    अगर आप समय पर भुगतान कर रहे हैं और क्रेडिट उपयोग कम है, तो बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं। बढ़ी हुई लिमिट यह दिखाती है कि आप जिम्मेदार ग्राहक हैं। हालांकि, लिमिट बढ़ने के बाद भी जरूरत से ज्यादा खर्च करने से बचना जरूरी है।

    सिक्योर्ड या कैश-बैक्ड क्रेडिट कार्ड अपनाएं
    सिबिल स्कोर जल्दी सुधारने के लिए कैश-बैक्ड क्रेडिट कार्ड एक आसान विकल्प है। इसमें आपको बैंक के पास एक तय रकम जमा करनी होती है, जो आपकी क्रेडिट लिमिट बनती है। यह बैंक के लिए सुरक्षित होता है और नए यूजर्स को आसानी से क्रेडिट कार्ड मिल जाता है, साथ ही स्कोर भी तेजी से बेहतर होता है।

    एक साथ कई लोन या कार्ड लेने से बचें
    एक समय में बहुत सारे लोन या क्रेडिट कार्ड होना आपकी भुगतान क्षमता पर सवाल खड़े कर सकता है। इससे बैंक आपको ज्यादा जोखिम वाला ग्राहक मान सकते हैं। बेहतर है कि सीमित क्रेडिट लें और अलग-अलग लोन के बीच पर्याप्त अंतर रखें।

    क्रेडिट रिपोर्ट पर नियमित नजर रखें
    भारत में CIBIL, Equifax, Experian और Highmark जैसे चार मान्यता प्राप्त क्रेडिट ब्यूरो हैं। इनकी रिपोर्ट में अगर कोई गलती या गलत एंट्री होती है, तो इसका सीधा असर आपके स्कोर पर पड़ता है। नियमित रूप से क्रेडिट रिपोर्ट चेक करने से आप ऐसी गलतियों को समय रहते ठीक करवा सकते हैं और 30 दिनों में क्रेडिट स्कोर सुधार सकते हैं।

  • Vijaya Ekadashi 2026 Date: फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी? जानें सही डेट, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

    Vijaya Ekadashi 2026 Date: फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी? जानें सही डेट, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । धार्मिक महत्व क्या है, पूजा के लिए कौन से शुभ मुहूर्त हैं और व्रत पारण की टाइमिंग क्या रहेगी विजया एकादशी हिंदू पंचांग की एक विशेष और प्रभावशाली एकादशी मानी जाती है. यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है. इस दिन भगवान विष्णु की उपासना कर जीवन की कठिन परिस्थितियों पर विजय पाने की कामना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत शत्रुओं पर जीत, मानसिक मजबूती और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना गया है. आइए जानते हैं, फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी और इसका महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण टाइमिंग क्या है?

    विजया एकादशी का धार्मिक महत्व

    विजया एकादशी केवल एक उपवास नहीं, बल्कि आत्मबल और संकल्प को मजबूत करने का पर्व है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से पुराने कष्ट दूर होते हैं. व्यक्ति के जीवन में चल रही बाधाएं कम होती हैं. साथ ही यह व्रत जाने अनजाने में हुए दोषों से भी मुक्ति दिलाता है. साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

    भगवान राम से जुड़ी पौराणिक कथा

    पुराणों में वर्णन मिलता है कि लंका विजय से पहले भगवान श्रीराम ने समुद्र तट पर इस एकादशी का व्रत किया था. मुनि वकदालभ्य के निर्देश पर किए गए इस व्रत से श्रीराम को विजय प्राप्त हुई. तभी से यह एकादशी विजय प्रदान करने वाली मानी जाने लगी. यही कारण है कि कठिन समय में इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है.

    कब है विजया एकादशी 2026?

    द्रिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण एकादशी तिथि का आरंभ 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12:22 बजे होगा. तिथि की समाप्ति 13 फरवरी 2026 को दोपहर 02:25 बजे होगी. उदयातिथि के कारण विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा.

    विजया एकादशी 2026 के शुभ मुहूर्त

    इस दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा विशेष रूप से की जाती है. पूजा एकादशी तिथि के भीतर ही करनी चाहिए. उपलब्ध शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:10 बजे तक
    अमृत काल: सुबह 09:08 से 10:54 बजे तक
    अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक
    विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:11 बजे तक

    व्रत पारण का सही समय

    विजया एकादशी का पारण 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा. पारण का समय सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक रहेगा. हरि वासर की समाप्ति उसी दिन सुबह 08:20 बजे होगी. पारण हमेशा हरि वासर के बाद ही करना शुभ माना जाता है. विजया एकादशी के दिन सात्विक आहार लें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें. क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी रखें. यह दिन संयम और श्रद्धा के साथ बिताना ही व्रत का सार माना गया है.

  • February Movie Releases 2026: फरवरी में बॉलीवुड का धमाका, ये फिल्में करेंगी बॉक्स ऑफिस पर तहलका

    February Movie Releases 2026: फरवरी में बॉलीवुड का धमाका, ये फिल्में करेंगी बॉक्स ऑफिस पर तहलका

    नई दिल्ली। फरवरी 2026 बॉलीवुड दर्शकों के लिए धमाकेदार साबित होने वाला है। जनवरी में रिलीज हुई ‘इक्कीस’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘मर्दानी 3’ ने बॉक्स ऑफिस पर हलचल मचा दी थी, और अब फरवरी में भी रोमांस, थ्रिलर और एक्शन की डोज फैंस के लिए तैयार है। इस महीने कई बड़ी फिल्में एक ही हफ्ते में रिलीज होने वाली हैं, जिससे बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त क्लैश देखने को मिलेगा।

    6 फरवरी – थ्रिलर और कॉमेडी का धमाल

    फरवरी के पहले हफ्ते में ही तीन बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं। सबसे पहले है ‘भाभीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन’, जिसमें आसिफ शेख, रोहिताश्व गौर, शुभांगी अत्रे और विदिशा श्रीवास्तव नजर आएंगे। इसके साथ ही रिलीज होगी ‘वध 2’, संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की थ्रिलर फिल्म जसपाल सिंह संधू के निर्देशन में। इसके पहले पार्ट को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसी दिन रिलीज हो रही ‘पारो पिनाकी की कहानी’ में इशिता सिंह और संजय बिश्नोई मुख्य भूमिका में हैं, और यह रोमांस से भरपूर फिल्म है।

    13 फरवरी – बॉक्स ऑफिस क्लैश

    13 फरवरी को बड़े पर्दे पर धमाका करने आ रही है ‘ओ रोमियो’, जिसमें शाहिद कपूर एक गैंगस्टर की भूमिका में नजर आएंगे। अविनाश तिवारी, नाना पाटेकर और तृप्ति डिमरी भी फिल्म का हिस्सा हैं। इसका क्लैश ‘तू या मैं’ से होगा, जिसमें शनाया कपूर और आदर्श गौरव मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। सोशल मीडिया पर दोनों फिल्मों का ट्रेलर पहले ही हाइप बना चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार शाहिद कपूर की फिल्म का कलेक्शन थोड़ा बेहतर रह सकता है।

    20 फरवरी – कोर्टरूम ड्रामा और रोमांस

    20 फरवरी को तापसी पन्नू की कोर्टरूम ड्रामा ‘अस्सी’ रिलीज होगी। इसका क्लैश रोमांटिक फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ से होगा। इस फिल्म में सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में हैं। दर्शकों को फरवरी में रोमांस और कोर्टरूम ड्रामा का जबरदस्त अनुभव मिलने वाला है।

    27 फरवरी – ‘द केरल स्टोरी 2’

    फरवरी के अंत में फिल्म प्रेमियों को मिल रही है ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’। पहली फिल्म की सफलता के बाद इसका सीक्वल दर्शकों के बीच पहले ही चर्चा में है। हाल ही में रिलीज हुआ टीजर पॉजिटिव रिएक्शन हासिल कर चुका है।

    फरवरी 2026 का बॉक्स ऑफिस मेला:

    रोमांस, थ्रिलर और एक्शन की भरपूर डोज।

    कई फिल्मों का एक साथ क्लैश।

    दर्शकों के लिए महीनेभर मनोरंजन की गारंटी।

  • फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    नई दिल्ली। फरवरी का महीना खूबसूरत होने के साथ-साथ त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी माना जाता है। इस समय दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडी हवाएं त्वचा को रूखापन, लाल दाने, पिंपल्स और धब्बों जैसी परेशानियों का सामना करने पर मजबूर कर सकती हैं। बदलते मौसम में त्वचा की नमी और पोषण बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में स्किन ड्राईनेस से बचने के लिए हाइड्रेशन, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

    मॉइस्चराइजिंग – नमी बनाए रखना है जरूरी

    फरवरी में त्वचा को हाइड्रेट रखना सबसे अहम है। सुबह और रात को सोने से पहले मॉइस्चराइजिंग करें। यह रूखापन और खुजली से बचाता है। चेहरे और हाथ-पैर की त्वचा पर खास ध्यान दें। हल्का और त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें, जिससे स्किन हमेशा कोमल और नरम बनी रहे।

    हाइड्रेटेड रहें – पानी पिएं, त्वचा चमकाएं

    सर्दियों में अक्सर हम पानी कम पीते हैं, जिससे त्वचा भी सूखने लगती है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है। इसके साथ ही ताजगी और ग्लो बनाए रखने में मदद मिलती है। हाइड्रेशन से त्वचा के अंदरूनी पोषण भी बना रहता है और चेहरे की बनावट बेहतर होती है।

    सनस्क्रीन – धूप से सुरक्षा

    फरवरी में धूप कम होती है, लेकिन सूरज की UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसलिए बाहर जाते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है, धब्बों और समय से पहले झुर्रियों को रोकता है।

    हल्के गर्म पानी से नहाएं

    बहुत गर्म पानी से नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है। हल्का गर्म पानी त्वचा को मुलायम बनाता है। नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है, जिससे नमी लॉक होकर त्वचा को स्वस्थ और तरोताजा रखता है।

    सही फेसवॉश का चुनाव

    चेहरा धोते समय ऐसा फेसवॉश चुनें जो नरम हो और त्वचा की नमी बनाए। यह स्किन को सूखने से बचाता है और पोषण प्रदान करता है। हल्के हाथों से मसाज करें और दिन में दो बार सफाई करें।

    फरवरी में त्वचा की देखभाल टिप्स:

    बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाएं।

    दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।

    हल्का मॉइस्चराइजर और फेसवॉश इस्तेमाल करें।

    बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें।

  • Union Budget 2026: किस योजना में कितना पैसा खर्च होगा, बजट बनाते समय कैसे होता है तय; क्या होती है पूरी कैलकुलेशन?

    Union Budget 2026: किस योजना में कितना पैसा खर्च होगा, बजट बनाते समय कैसे होता है तय; क्या होती है पूरी कैलकुलेशन?

    नई दिल्ली। Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं. यह उनका लगातार नौंवा बजट होगा. यह ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता का सामना कर रही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर सरकार यह कैसे तय करती है कि किस योजना में कितना पैसा जाएगा.

    बजट की तैयारी 6 महीने पहले शुरू होती है

    बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया जनवरी में शुरू नहीं होती बल्कि यह सितंबर अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाती है. इस पूरी प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों का विभाग सभी मंत्रालयों और विभागों को एक बजट सर्कुलर जारी करता है. हर मंत्रालय चल रही योजनाओं, प्रतिबद्ध देनदारियों और प्रस्तावित नई पहलों को कवर करते हुए विस्तृत व्यय अनुमान प्रस्तुत करता है. यह सभी अनुमान आगे की गणनाओं के लिए आधार डेटा बनाते हैं.

    चार मुख्य स्तंभ आवंटन तय करते हैं

    बजट आवंटन सिर्फ इस वजह से नहीं दिए जाते क्योंकि कोई मंत्रालय ज्यादा पैसे मांगता है. वित्त मंत्रालय चार प्रमुख तकनीकी मानदंडों का इस्तेमाल करके प्रस्तावों का मूल्यांकन करता है.

    पहला है पूंजी और राजस्व व्यय के बीच संतुलन. सरकार पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देती है. ऐसे इसलिए क्योंकि यह केवल वेतन या रखरखाव के लिए धन देने के बजाय लंबे समय की संपत्ति बनता है और विकास को बढ़ावा देता है. दूसरा है आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी अनुमान. सभी बजट संख्याएं जीडीपी के प्रतिशत के रूप में गणना की जाती है. इसमें वास्तविक विकास और इन्फ्लेशन दोनों शामिल है.

    तीसरा आता है राजकोषीय घाटे का लक्ष्य. सरकार कोई यह तय करना होता है कि वह अपनी आय से कितना अतिरिक्त खर्च कर सकती है. यह घाटा आमतौर पर जीडीपी के एक तय प्रतिशत पर सीमित होता है. चौथा कारक पिछला प्रदर्शन है. जिन योजनाओं ने अपने पिछले आवंटन का अच्छी तरह से इस्तेमाल कर लिया है और मापने योग्य परिणाम दिखाएं हैं उन्हें ज्यादा धन मिलने की संभावना ज्यादा होती है.

    असली बजट गणित

    एक बार जब कुल अपेक्षित राजस्व की गणना हो जाती है तो सरकार इसे 100 पैसे की तरह मानती है जिसे वितरित किया जाना चाहिए. एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य एक्सपेंडिचर के रूप में लॉक कर दिया जाता है. अकेले ब्याज भुगतान कुल खर्च का लगभग 20% इस्तेमाल करता है. सेंट्रल टैक्स में राज्यों का हिस्सा लगभग 22% है और डिफेंस एक्सपेंडिचर लगभग 8%. सैलरी और पेंशन भी ज्यादातर नॉन नेगोशिएबल होते हैं. इन तय खर्चों का हिसाब लगाने के बाद ही सरकार तय करती है कि डेवलपमेंट स्कीम के लिए कितना पैसा बचा है.

    स्कीम की फंडिंग कैसे बांटी जाती है

    बचे हुए फंड को सेंट्रल सेक्टर स्कीम और केंद्रीय प्रायोजित स्कीम में बांटा जाता है. यहां खर्च अक्सर 60:40 या 50:50 के अनुपात में राज्यों के साथ शेयर किया जाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर, वेलफेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और हेल्थ जैसे प्रायरिटी सेक्टर इस सीमित फाइनेंशियल दायरे में मुकाबला करते हैं.

    बजट को फाइनल करने से पहले वित्त मंत्रालय हर मंत्रालय के साथ मीटिंग करता है. यह अक्सर फाइनेंशियल लिमिट में रहने के लिए मांगों में कटौती करता है. फाइनल वर्जन को प्रधानमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट मंजूरी देते हैं. इसके बाद बजट को संसद में अनुदान मांगों के रूप में पेश किया जाता है. यह पैसा तभी खर्च किया जा सकता है जब सांसद वोटिंग के जरिए से मंजूरी दे.

  • बैटल ऑफ गलवान का बॉक्स ऑफिस धमाका: एक्सपर्ट बोले- ₹300 करोड़ तो बस शुरुआत है, इन 5 वजहों से हिट होगी फिल्म!

    बैटल ऑफ गलवान का बॉक्स ऑफिस धमाका: एक्सपर्ट बोले- ₹300 करोड़ तो बस शुरुआत है, इन 5 वजहों से हिट होगी फिल्म!


    मुंबई। सलमान खान की मच-अवेटेड फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। टीजर में सलमान के लुक को लेकर हुए ट्रोल्स के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि फिल्म का हाल भी पिछली कुछ फिल्मों जैसा हो सकता है लेकिन ट्रेड विशेषज्ञों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रेड एनालिस्ट सुमित कादेल सहित कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस फिल्म को सिकंदर या किसी का भाई किसी की जान के चश्मे से देखना भारी भूल होगी। जानकारों की मानें तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ₹300 करोड़ का आंकड़ा बेहद आसानी से पार कर सकती है।

    ट्रोल्स को नजरअंदाज कर विशेषज्ञों ने बताए हिट होने के 5 बड़े कारण

    रियल लाइफ हीरोज और देशप्रेम का जज्बा आजकल सिनेमाघरों में भारतीय सशस्त्र सेनाओं और असल जिंदगी के नायकों पर आधारित फिल्मों का जबरदस्त ट्रेंड है। धुरंधर और बॉर्डर-2 की अपार सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दर्शक पर्दे पर देशभक्ति के शौर्य को देखना पसंद कर रहे हैं।  हालिया इतिहास का कनेक्शन यह फिल्म दशकों पुराने इतिहास पर नहीं बल्कि गलवान घाटी में हुए उस हालिया भारत चीन संघर्ष पर आधारित है जिसकी यादें हर भारतीय के जेहन में ताजा हैं। चीनी सैनिकों को धूल चटाने वाली भारतीय जांबाजों की यह कहानी दर्शकों को सीधे तौर पर जोड़ेगी।

    एक्शन और क्लाइमेक्स की ताकत विशेषज्ञों के अनुसार फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका हाई-ऑक्टेन एक्शन और इमोशनल क्लाइमेक्स होगा। अगर फिल्म की कहानी और मेकिंग में दम हुआ तो सलमान का स्टारडम इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। कम बजट ज्यादा मुनाफा बड़े बजट की फिल्मों के मुकाबले बैटल ऑफ गलवान’ का बजट काफी नियंत्रित रखा गया है। ऐसे में यदि फिल्म ₹250-300 करोड़ का कलेक्शन भी करती है तो यह सुपरहिट की श्रेणी में खड़ी होगी।

    सलमान खान का मास अपील भले ही पिछले कुछ प्रोजेक्ट्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न किया हो, लेकिन मास सर्किट सिंगल स्क्रीन्स में सलमान खान का जलवा आज भी बरकरार है। गलवान जैसी विषय वस्तु उनके पुराने रफ एंड टफ अवतार को वापस ला सकती है। ट्रेड एक्सपर्ट सुमित कादेल ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा इसे हल्के में मत लो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फट भी सकती है। यानी अगर कंटेंट क्लिक कर गया तो यह फिल्म उम्मीद से कहीं बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है। अब देखना यह है कि क्या सलमान खान धुरंधर जैसी सफलता को दोहरा पाएंगे?

  • Budget 2026: निर्मला सीतारमण के एक के बाद एक बड़े ऐलान, जानिए किस सेक्टर को मिला क्या?

    Budget 2026: निर्मला सीतारमण के एक के बाद एक बड़े ऐलान, जानिए किस सेक्टर को मिला क्या?


    नई दिल्ली । संसद के भीतर जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया, देश की अर्थव्यवस्था की दिशा पर सबकी नजरें टिक गईं। बजट 2026 में उन्होंने एक के बाद एक ऐसे ऐलान किए, जिनका असर सीधे आम आदमी से लेकर उद्योग, स्टार्टअप, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक दिखने वाला है। कहीं मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने की बात हुई, तो कहीं शहरों को आर्थिक हब बनाने का रोडमैप सामने आया। आइए, बजट 2026 के बड़े ऐलानों पर नजर डालते हैं।
    बायोफॉर्मा शक्ति मिशन की शुरुआत: सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ बायोफॉर्मा शक्ति पहल शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका मकसद देश की बायोफार्मा क्षमताओं को नई मजबूती देना है।
    हाईटेक टूल रूम और माइनिंग कॉरिडोर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि दो अत्याधुनिक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही केरल और तमिलनाडु में नए माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
    इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके तहत तकनीकी क्षमता बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए उद्योग के नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर खास फोकस रहेगा।
    चार राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों में समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि दुर्लभ मृदा खनिजों और स्थायी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
    SME ग्रोथ फंड का ऐलान: छोटे और मझोले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए बजट 2026 में 10,000 करोड़ रुपये का विशेष SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन होगा और चयनित मानदंडों पर खरे उतरने वाले MSME को प्रोत्साहन मिलेगा।