Author: bharati

  • सर्विस सेक्टर में कीमतों का मिला-जुला रुख, टेलीकॉम महंगाई 0.72 प्रतिशत रही, बैंकिंग सेवाओं के सूचकांक में गिरावट आई

    सर्विस सेक्टर में कीमतों का मिला-जुला रुख, टेलीकॉम महंगाई 0.72 प्रतिशत रही, बैंकिंग सेवाओं के सूचकांक में गिरावट आई

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून की अवधि के लिए सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स का प्रोविजनल डेटा जारी किया है। आंकड़ों में अलग-अलग सेवा क्षेत्रों में कीमतों के रुझान में अंतर देखने को मिला। इंश्योरेंस और टेलीकॉम सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बैंकिंग और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सेवाओं के मूल्य सूचकांक में गिरावट आई। हवाई यात्री सेवाओं में सबसे तेज वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही में इंश्योरेंस सर्विस प्राइस इंडेक्स 102.9 रहा। इसमें सालाना आधार पर 0.98 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसका मतलब है कि बीमा सेवाओं की कीमतों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली बढ़ोतरी हुई। टेलीकॉम सर्विसेज प्राइस इंडेक्स 112.2 रहा और इसमें सालाना आधार पर 0.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन सर्विस प्राइस इंडेक्स में इसके विपरीत गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में यह सूचकांक 89.9 रहा, जो सालाना आधार पर 1.32 प्रतिशत कम है। बैंकिंग सर्विस प्राइस इंडेक्स भी 100.9 पर रहा और इसमें सालाना आधार पर 3.35 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। हालांकि, बैंकिंग सर्विस कॉन्ट्रिब्यूशन इंडेक्स 134.8 रहा और इसमें सालाना आधार पर 6.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

    पेंशन क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज हुई। मैनेजमेंट ऑफ पेंशन फंड्स सर्विस प्राइस इंडेक्स 113.3 रहा और इसमें सालाना आधार पर 5.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं की कीमतों में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले वृद्धि हुई है।

    हवाई यात्री सेवाओं में सबसे उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून तिमाही में एयर पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स 126.4 रहा, जो सालाना आधार पर 31.94 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि अन्य प्रमुख सेवा क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रही। इससे हवाई यात्री सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर तेज बदलाव का पता चलता है।

    रेलवे सेवाओं के सूचकांक में भी सीमित बढ़ोतरी दर्ज हुई। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में रेलवे सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.4 रहा और इसमें सालाना आधार पर 1.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेलवे फ्रेट सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.3 रहा, जो सालाना आधार पर 0.10 प्रतिशत बढ़ा। वहीं रेलवे पैसेंजर सर्विस प्राइस इंडेक्स 103.5 रहा और इसमें 3.50 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।

    सरकार के अनुसार सर्विस पीपीआई में सात प्रकार की सेवाओं को शामिल किया जाता है और इसका बेस ईयर 2022-23 निर्धारित है। हालांकि, इन सूचकांकों में सेवाओं के भारांक को शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि यह पूरे सर्विस सेक्टर को कवर नहीं करते हैं। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के लिए सर्विस पीपीआई का अगला प्रोविजनल डेटा 25 नवंबर 2026 को जारी किया जाएगा।

  • पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में ईरान को शामिल होने का आधिकारिक प्रस्ताव मिला है।

    पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में ईरान को शामिल होने का आधिकारिक प्रस्ताव मिला है।

    नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया में मुस्लिम देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मक्का एग्रीमेंट में ईरान को शामिल करने की संभावना ने क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। तेहरान को इस समझौते में शामिल होने के लिए आधिकारिक न्योता दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि ईरान ने अभी इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है और बताया जा रहा है कि इस पर विचार किया जा रहा है।

    मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं। समझौते का प्रमुख प्रावधान यह है कि तीनों में से किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में इसे सभी संबंधित देशों पर हमला माना जाएगा। ऐसे में यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा और सामूहिक रक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान के संभावित जुड़ाव से इस व्यवस्था का दायरा और राजनीतिक महत्व दोनों बढ़ सकते हैं।

    ईरानी मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार, ईरान को मक्का एग्रीमेंट में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है। ईरानी संसद से जुड़ी समाचार एजेंसी के प्रमुख मेहदी रहीमी के हवाले से बताया गया कि तेहरान के सामने रखे गए प्रस्ताव पर फिलहाल विचार-विमर्श चल रहा है। अभी तक ईरानी पक्ष की ओर से समझौते में शामिल होने को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के तेहरान दौरे को लेकर भी क्षेत्रीय स्तर पर नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनका ईरान दौरा क्षेत्र में शांति स्थापित करने और मौजूदा तनाव को कम करने की कोशिशों से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे समय में यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

    मक्का समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के समझौते में शामिल होने का स्वागत करते हुए इसे साहसिक और ऐतिहासिक कदम बताया। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उनके दावों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

    ईरान के संभावित जुड़ाव का असर केवल रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। यदि तेहरान इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो पश्चिम एशिया में सुरक्षा समीकरणों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के साथ ईरान का एक साझा रक्षा ढांचे में आना क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है।

    वहीं बांग्लादेश ने भी इस घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश के नवनियुक्त विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने समझौते को लेकर बयान दिया है। साथ ही बांग्लादेशी पक्ष ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बातचीत के माध्यम से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। ऐसे में मक्का एग्रीमेंट अब केवल तीन देशों के बीच रक्षा सहयोग का विषय नहीं रह गया है, बल्कि पश्चिम एशिया और मुस्लिम देशों की व्यापक रणनीतिक राजनीति से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।

  • ग्रहों का उग्र खेल शुरू! शनि-मंगल के केंद्र योग से 3 राशियों पर संकट, धन और कामकाज में बढ़ सकती है परेशानी

    ग्रहों का उग्र खेल शुरू! शनि-मंगल के केंद्र योग से 3 राशियों पर संकट, धन और कामकाज में बढ़ सकती है परेशानी


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि और मंगल दोनों को प्रभावशाली ग्रह माना जाता है लेकिन दोनों की प्रकृति एक दूसरे से काफी अलग बताई जाती है। मंगल जहां ऊर्जा साहस और आक्रामकता का प्रतीक माने जाते हैं वहीं शनि कर्म न्याय धैर्य और देरी से जुड़े ग्रह माने जाते हैं। अब सितंबर की शुरुआत में इन दोनों ग्रहों की ऐसी स्थिति बनने जा रही है जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार 1 सितंबर 2026 से शनि और मंगल एक दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर होंगे और इससे केंद्र योग बनने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस स्थिति का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं होगा लेकिन वृषभ कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रह स्थिति कार्यस्थल और पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ाने वाली हो सकती है। मेहनत करने के बावजूद परिणाम मिलने में देरी का अनुभव हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने अधिकारियों और सहकर्मियों से बातचीत करते समय संयम रखना होगा क्योंकि छोटी सी बहस भी बड़ा विवाद पैदा कर सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में भी जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि वालों के लिए शनि मंगल का केंद्र योग मानसिक तनाव और कामकाज में रुकावट की स्थिति पैदा कर सकता है। कोई ऐसा काम जो लगभग पूरा हो चुका हो वह अंतिम समय में अटक सकता है। कारोबार करने वाले जातकों को इस अवधि में बिना पूरी जांच पड़ताल के बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। किसी नए प्रोजेक्ट या बड़े वित्तीय समझौते को लेकर जल्दबाजी नुकसानदायक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य और खानपान को लेकर भी लापरवाही न करने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए यह समय कारोबार और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी वाला हो सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमी या मतभेद पैदा होने की आशंका जताई गई है। संपत्ति खरीदने बेचने या किसी बड़े लेनदेन से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी होगा। छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है इसलिए किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा।

    क्या करें सावधानी
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि मंगल के इस उग्र प्रभाव को शांत करने के लिए मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की आराधना तथा हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी गई है। रोज सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना भी उपाय के तौर पर बताया गया है। इसके अलावा वाहन चलाते समय सावधानी बरतना क्रोध पर नियंत्रण रखना और कानूनी या जमीन से जुड़े विवादों से दूर रहना लाभकारी माना गया है।

  • सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सीतापुर की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री के सामने गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की निवासी पूनम देवी ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्होंने बताया कि अन्य गोवंश रखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके।

    पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने महिला की गोपालन के प्रति रुचि और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

    जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक करके उनकी समस्याएं पूछीं और प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पूनम देवी से बातचीत के दौरान उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने अपनी मांग पर तत्काल संज्ञान लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

    इसी दौरान जनता दर्शन में पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की जांच कराने और नियमानुसार समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन में सामने आए मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ, भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल रहीं।

    इस दौरान मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतों का समाधान संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जाए। महिला की गोपालन संबंधी मांग और दिव्यांग की भूमि से जुड़े मामले में तत्काल निर्देश दिए जाने से जनता दर्शन में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया।

  • CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा

    CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा


    नई दिल्ली। जोधपुर में रविवार को CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब ABVP और बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ता गांधी शांति प्रतिष्ठान परिसर में दीवार फांदकर अंदर पहुंच गए। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर किया गया था। आशुतोष रांका कार्यक्रम में संविधान की किताब लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान परिसर के बाहर अचानक विरोध और नारेबाजी का माहौल बन गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल एक व्यक्ति ने कार्यक्रम स्थल के बाहर मौजूद युवक को थप्पड़ मार दिया और इसके बाद हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रातानाडा थाने ले गए।

    पुलिस के मुताबिक दो लोग दीवार फांदकर कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचे थे। DCP ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया कि दोनों को डिटेन किया गया है और उनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने और हंगामा करने के पीछे क्या वजह थी तथा क्या किसी तरह की पूर्व योजना के तहत वहां पहुंचा गया था।

    घटना के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया गया कि ABVP के संयोजक ललित दाधीच और बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राजवीर बांता को पुलिस मौके से बाहर लेकर गई। हालांकि घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

    यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब CJP की ओर से हाल के दिनों में ‘लीगल कॉकरोचेज’ जैसे विरोध प्रदर्शनों और विभिन्न मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आशुतोष रांका का जोधपुर कार्यक्रम भी इसी सिलसिले का हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी थी लेकिन विरोध और हंगामे के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आशुतोष रांका को पुलिस सुरक्षा में जोधपुर से जयपुर रवाना किया गया। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें शहर से बाहर ले जाया गया ताकि रास्ते में किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    बताया गया है कि CJP के कार्यकर्ताओं का जोधपुर में आगे भी कार्यक्रम प्रस्तावित था। ऐसे में रविवार की घटना के बाद पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की कोशिश है कि आगामी कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह का विवाद या टकराव न हो। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

  • अमृतसर के संवेदनशील सैन्य इलाकों को लेकर खुफिया अलर्ट, पाकिस्तानी नेटवर्क की गतिविधियों पर एजेंसियों की पैनी नजर

    अमृतसर के संवेदनशील सैन्य इलाकों को लेकर खुफिया अलर्ट, पाकिस्तानी नेटवर्क की गतिविधियों पर एजेंसियों की पैनी नजर

    नई दिल्ली ।पंजाब में संभावित आतंकी साजिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया इनपुट में आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान से जुड़े कुछ ऑपरेटिव्स राज्य में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इनपुट के सामने आने के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

    बताया जा रहा है कि अमृतसर जिले में सैन्य ठिकानों से जुड़े दो स्थानों की कथित तौर पर रेकी की गई है। खुफिया जानकारी में इन ऑपरेटिव्स की पहचान राणा भाई और मलिक के नाम से किए जाने की बात सामने आई है। जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है, उनमें खासा छावनी और उसके आसपास का बूढ़ा ठेह इलाका शामिल है।

    खासा छावनी का नाम सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। कुछ समय पहले छावनी की बाहरी दीवार के पास विस्फोट की घटना हुई थी। उस घटना में बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन अब नए खुफिया इनपुट के बाद पुराने घटनाक्रम की भी नए सिरे से समीक्षा किए जाने की संभावना है।

    हालांकि, मौजूदा खुफिया इनपुट और पहले हुए विस्फोट के बीच किसी सीधी कड़ी की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों घटनाओं का कोई आपसी संबंध है या नहीं। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के सामने फिलहाल प्राथमिकता संभावित खतरे का आकलन करने और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।

    इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान में सक्रिय बताए जा रहे गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क भी जांच के दायरे में है। भारतीय एजेंसियां पहले से उसके कथित नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। आरोप है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल भारत में हिंसक गतिविधियों और युवाओं की भर्ती के लिए किया जा रहा था।

    शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई भी की गई है। जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से कथित संपर्क और सीमा पार से संचालित गतिविधियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, हथियारों की तस्करी और स्थानीय संपर्कों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल करती हैं।

    पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर भी कार्रवाई जारी है। हाल में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अत्याधुनिक पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस बरामद किए जाने की जानकारी दी थी। प्रारंभिक जांच में उनके विदेशी संपर्कों और सीमा क्षेत्र के जरिए हथियारों की खेप हासिल करने की आशंका जताई गई।

    जांच में ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार पहुंचाने की आशंका भी सामने आई है। इससे पंजाब में सीमा से जुड़े क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौती और गंभीर हो जाती है। एजेंसियां अब हथियारों की आपूर्ति, विदेशी संचालकों और स्थानीय नेटवर्क के बीच संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

    पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैन्य प्रतिष्ठानों के अलावा सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। हालांकि, सामने आए इनपुट को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही हैं।

  • रिटायरमेंट के लिए EPF या शेयर बाजार? EPFO के मुताबिक ये 6 फायदे देते हैं PF को बढ़त

    रिटायरमेंट के लिए EPF या शेयर बाजार? EPFO के मुताबिक ये 6 फायदे देते हैं PF को बढ़त


    नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट की तैयारी सबसे अहम वित्तीय लक्ष्यों में से एक होती है। हर महीने सैलरी से कटने वाली रकम कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF के खाते में जमा होती है और लंबे समय में यही रकम एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद करती है। दूसरी ओर कई लोग बेहतर रिटर्न की उम्मीद में शेयर बाजार का रुख करते हैं। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि EPF में पैसा रखना बेहतर है या शेयर बाजार में निवेश करना। इसी सवाल को लेकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने एक वीडियो के जरिए दोनों विकल्पों के बीच अंतर बताया है और EPF के छह ऐसे फायदे गिनाए हैं जो इसे रिटायरमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बनाते हैं।

    सबसे बड़ा अंतर निवेश की प्रकृति को लेकर है। EPF मुख्य रूप से नौकरीपेशा लोगों के लिए लंबी अवधि की बचत व्यवस्था है जिसमें नियमित योगदान किया जाता है। वहीं शेयर बाजार में निवेश व्यक्ति की इच्छा और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है। शेयर बाजार में पैसा कभी भी लगाया या निकाला जा सकता है लेकिन बाजार में उतार चढ़ाव के कारण रिटर्न निश्चित नहीं होता। लंबे समय में शेयर बाजार ज्यादा रिटर्न दे सकता है लेकिन इसके साथ बाजार जोखिम भी जुड़ा रहता है।

    EPFO के मुताबिक EPF की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें कर्मचारी के साथ नियोक्ता यानी कंपनी की ओर से भी योगदान किया जाता है। इसका मतलब कर्मचारी को अपनी बचत के साथ नियोक्ता की ओर से मिलने वाले योगदान का भी फायदा मिलता है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले व्यक्ति को ऐसा कोई अनिवार्य नियोक्ता योगदान नहीं मिलता। यही वजह है कि नियमित नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए EPF एक व्यवस्थित बचत का माध्यम बन जाता है।

    दूसरी बड़ी विशेषता इसकी नियमितता है। EPF में हर महीने योगदान होने के कारण बचत की आदत अपने आप बनी रहती है। कर्मचारी को अलग से हर महीने निवेश करने का फैसला नहीं करना पड़ता। दूसरी ओर शेयर बाजार में निवेश पूरी तरह व्यक्ति के फैसले पर निर्भर करता है। बाजार में तेजी के दौरान निवेश बढ़ सकता है जबकि गिरावट के समय कई निवेशक पीछे हट सकते हैं।

    EPF का एक और महत्वपूर्ण पहलू ब्याज और टैक्स से जुड़े लाभ हैं। EPFO के अनुसार पात्र परिस्थितियों में EPF से जुड़ा योगदान ब्याज और निकासी कर लाभ प्रदान कर सकते हैं। हालांकि टैक्स नियमों और कुछ शर्तों को ध्यान में रखना जरूरी है। शेयर बाजार में निवेश से होने वाले मुनाफे पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स लग सकता है। इसलिए निवेश का फैसला लेते समय केवल रिटर्न ही नहीं बल्कि टैक्स प्रभाव को भी समझना जरूरी है।

    EPF की खासियत सिर्फ बचत और ब्याज तक सीमित नहीं है। इससे जुड़े प्रावधानों में पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल हैं। पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS के तहत लाभ मिल सकता है। वहीं कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना यानी EDLI के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार बीमा लाभ की व्यवस्था भी होती है। शेयर बाजार में इस तरह की सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं सीधे तौर पर शामिल नहीं होतीं।

    रिटायरमेंट के नजरिए से EPF का सबसे बड़ा फायदा इसकी लंबी अवधि और अपेक्षाकृत स्थिर प्रकृति है। शेयर बाजार में निवेश का मूल्य बाजार की चाल के साथ बढ़ या घट सकता है। ऐसे में रिटायरमेंट के करीब बाजार में बड़ी गिरावट होने पर निवेशक को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। EPF का उद्देश्य ही लंबे समय में कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित फंड तैयार करना है।

    हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर बाजार हमेशा EPF से खराब विकल्प है। शेयर बाजार में जोखिम अधिक होने के साथ लंबे समय में ज्यादा रिटर्न की संभावना भी रहती है। इसलिए दोनों की तुलना करते समय निवेशक की उम्र जोखिम उठाने की क्षमता वित्तीय लक्ष्य और रिटायरमेंट तक बचा समय महत्वपूर्ण होता है। EPF को सुरक्षित और नियमित रिटायरमेंट बचत के तौर पर देखा जा सकता है जबकि शेयर बाजार को अधिक जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न की संभावना वाले निवेश विकल्प के रूप में समझना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी निवेश का फैसला अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को समझकर ही लिया जाए।

  • जयपुर में सजा मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज, केरल की केजिया लिज मेजो बनीं विजेता; जीत के बाद भावुक हुईं

    जयपुर में सजा मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज, केरल की केजिया लिज मेजो बनीं विजेता; जीत के बाद भावुक हुईं


    नई दिल्ली। जयपुर में रविवार को आयोजित Miss Universe India 2026 के ग्रैंड फिनाले में केरल की केजिया लिज मेजो ने शानदार जीत दर्ज करते हुए प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया। देशभर से पहुंची प्रतिभागियों के बीच केजिया ने अपनी खूबसूरती के साथ आत्मविश्वास इंटेलिजेंस पर्सनालिटी और शानदार प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया। खिताब जीतने के बाद केजिया भावुक नजर आईं और उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी बताया। अब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने वाली Miss Universe प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    जयपुर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में देश के अलग अलग हिस्सों से आई प्रतिभागियों ने कई चरणों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में केवल बाहरी खूबसूरती को ही महत्व नहीं दिया गया बल्कि प्रतिभागियों की सोच बातचीत करने का तरीका आत्मविश्वास नेतृत्व क्षमता और भारतीय संस्कृति को लेकर उनकी समझ को भी परखा गया। इन सभी मानकों पर केजिया लिज मेजो ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया और अंत में विजेता का ताज हासिल किया।

    केजिया की जीत के साथ ही तमिलनाडु की वैष्णवी गणेश पहली रनर अप रहीं जबकि गुजरात की अनुश्री सातवलेकर ने दूसरी रनर अप का स्थान हासिल किया। दोनों प्रतिभागियों ने भी प्रतियोगिता के अलग अलग दौर में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि अंतिम मुकाबले में केजिया ने अपनी प्रभावशाली मौजूदगी से बाजी मार ली।

    खिताब जीतने के बाद केजिया लिज मेजो ने कहा कि यह ताज उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। वह इस अवसर के जरिए भारत की विविधता संस्कृति प्रतिभा और नई पीढ़ी की ताकत को दुनिया के सामने पेश करना चाहती हैं। उनकी इस बात से साफ है कि अब उनका लक्ष्य सिर्फ प्रतियोगिता जीतना नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर देश की पहचान को मजबूती से प्रस्तुत करना है।

    जयपुर में आयोजित इस समारोह में फैशन और मनोरंजन जगत से जुड़ी कई चर्चित हस्तियां भी मौजूद रहीं। पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन दो बार मिस यूनिवर्स इंडिया रह चुकीं उर्वशी रौतेला और पूर्व मिस यूनिवर्स की फर्स्ट रनर अप सेलिना जेटली ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 रिया सिंघा और 2025 की विजेता मणिका विश्वकर्मा भी इस खास आयोजन में मौजूद रहीं।

    इस प्रतियोगिता के आयोजकों के मुताबिक Miss Universe India का उद्देश्य देश की प्रतिभावान युवतियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है जहां वे अपनी प्रतिभा आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को दुनिया के सामने रख सकें। इस बार भी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को कई स्तरों पर परखा गया और उनकी व्यक्तिगत सोच से लेकर मंच पर प्रदर्शन तक हर पहलू को महत्व दिया गया।

    केजिया लिज मेजो की जीत के साथ अब भारत की नजर अंतरराष्ट्रीय Miss Universe प्रतियोगिता पर होगी। देश का प्रतिनिधित्व करने वाली केजिया के सामने दुनिया के अलग अलग देशों से आने वाली प्रतिभागियों के बीच अपनी पहचान बनाने की चुनौती होगी। फिलहाल उनकी जीत ने केरल से लेकर पूरे देश में खुशी का माहौल बना दिया है और अब लोगों को उम्मीद है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करेंगी।

  • डिफेंस ने रोका ऑस्ट्रेलिया लेकिन गोल करने में चूकी टीम इंडिया, सलीमा टेटे ने बताई हार की सबसे बड़ी वजह

    डिफेंस ने रोका ऑस्ट्रेलिया लेकिन गोल करने में चूकी टीम इंडिया, सलीमा टेटे ने बताई हार की सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम का विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार सफर सेमीफाइनल से ठीक पहले थम गया। एम्स्टेलवीन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया बेहद अहम मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा और इस नतीजे ने भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म कर दीं। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत डिफेंस दिखाया और विपक्षी टीम को गोल करने से रोके रखा लेकिन दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ी अपने बनाए मौकों को गोल में नहीं बदल सकीं। आखिरकार यही चूक टीम पर भारी पड़ी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के अंक और गोल अंतर बराबर रहे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे चरण में भारत से ज्यादा गोल किए थे इसलिए वह सेमीफाइनल में पहुंच गया।

    मैच के बाद भारतीय कप्तान सलीमा टेटे की निराशा साफ नजर आई। उन्होंने माना कि टीम से सबसे बड़ी गलती गोल करने के मिले अवसरों को फिनिश नहीं कर पाने की रही। सलीमा ने कहा कि टीम काफी करीब पहुंच गई थी लेकिन मुकाबला उसके हाथ से निकल गया। उन्होंने यह भी माना कि यह बेहद मुश्किल मैच था और खिलाड़ियों को इस अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। कप्तान के मुताबिक टीम के पास मौके आए लेकिन निर्णायक क्षणों में फाइनल टच नहीं मिल सका।

    भारत के लिए यह मुकाबला जीतना जरूरी था। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के लिए ड्रॉ भी सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त था। इसी वजह से भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और कई बार ऑस्ट्रेलियाई सर्कल में दबाव बनाया। पहले हाफ के आखिरी हिस्से में भारत को पेनल्टी कॉर्नर से बड़ा मौका मिला। वैरिएशन के जरिए गेंद निक्की तक पहुंची और उनके पास गोल करने का अवसर था लेकिन भारतीय टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर और बलजीत की शानदार मूव के बाद दीपिका को मौका मिला लेकिन वह गेंद से सही संपर्क नहीं कर पाईं। अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में सलीमा ने सर्कल के अंदर शानदार लो क्रॉस भी दिया लेकिन भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ी उस मौके को गोल में नहीं बदल सकीं।

    ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया और दो बार गेंद को गोल में पहुंचाया लेकिन भारत के सफल रेफरल के बाद दोनों गोल रद्द कर दिए गए। इससे भारतीय टीम के पास मुकाबले में वापसी और जीत हासिल करने का मौका बना रहा। आखिरी पांच मिनट में भारत ने बड़ा जोखिम उठाया और गोलकीपर बिचू देवी को मैदान से बाहर कर अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतारा। टीम ने पूरी ताकत से निर्णायक गोल की तलाश की लेकिन ऑस्ट्रेलिया की रक्षापंक्ति को भेदने में कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार सीटी बजने के साथ स्कोर 0-0 रहा और भारत का सेमीफाइनल का सपना टूट गया।

    इस नतीजे में सबसे ज्यादा चर्चा उस मामूली अंतर की रही जिसने दोनों टीमों की किस्मत बदल दी। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के दो-दो अंक रहे और दोनों का गोल अंतर माइनस दो था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने तीन गोल किए थे जबकि भारत केवल दो गोल कर पाया था। इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में जगह मिल गई। यानी भारत का सफर सिर्फ एक गोल के अंतर से थम गया।

    भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 के ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से बराबर रहा। नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला निर्णायक बन गया था। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को गोल करने से तो रोक दिया लेकिन खुद जीत के लिए जरूरी गोल नहीं कर सकी।

    सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बावजूद सलीमा टेटे ने टीम का हौसला बनाए रखा। उन्होंने साफ कहा कि भारत का वर्ल्ड कप अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और टीम अब पांचवें स्थान के लिए पूरी ताकत से खेलेगी। भारत के लिए यह परिणाम निराशाजनक जरूर है लेकिन टीम का मजबूत डिफेंस और टूर्नामेंट में दिखाया गया जुझारूपन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत भी है। भारत अब अपना अभियान पांचवें स्थान के मुकाबले के साथ खत्म करने की कोशिश करेगा।

  • पहले पार्ट से भी कई गुना भव्य होगी Brahmastra 2, 550 करोड़ के बजट की चर्चा; देव-शिव की टक्कर में दीपिका का क्या होगा रोल?

    पहले पार्ट से भी कई गुना भव्य होगी Brahmastra 2, 550 करोड़ के बजट की चर्चा; देव-शिव की टक्कर में दीपिका का क्या होगा रोल?


    नई दिल्ली। अयान मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ब्रह्मास्त्र 2 को लेकर फैंस की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2022 में रिलीज हुई ब्रह्मास्त्र पार्ट वन शिवा ने भारतीय सिनेमा में अस्त्रों की एक अलग फैंटेसी दुनिया पेश की थी और फिल्म की कहानी के अंत ने दर्शकों के सामने कई सवाल छोड़ दिए थे। अब इसके सीक्वल को लेकर सामने आ रही खबरों ने फिल्म की चर्चा और तेज कर दी है। सबसे ज्यादा ध्यान इसके संभावित बजट पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रह्मास्त्र 2 पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं। हालांकि यह आंकड़ा अभी आधिकारिक तौर पर कन्फर्म नहीं हुआ है और इसे फिलहाल रिपोर्ट्स के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    ब्रह्मास्त्र के पहले पार्ट का बजट करीब 375 से 410 करोड़ रुपये के बीच बताया गया था। ऐसे में अगर दूसरे पार्ट के लिए 550 करोड़ रुपये का निवेश होता है तो यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल हो सकती है। इतने बड़े बजट के पीछे सबसे बड़ी वजह फिल्म का बढ़ता स्केल और विजुअल इफेक्ट्स बताए जा रहे हैं। मेकर्स एस्ट्रावर्स को पहले पार्ट से कहीं ज्यादा विस्तृत और भव्य रूप में पेश करने की तैयारी में हैं। कहानी के साथ शानदार विजुअल्स और बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्म की खासियत बन सकते हैं।

    रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि फिल्म को लेकर जियो स्टूडियोज और मेकर्स के बीच बड़े निवेश को लेकर बातचीत चल रही है। अगर यह डील फाइनल होती है तो ब्रह्मास्त्र 2 का बजट चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है। फिल्म की कहानी को लेकर भी माना जा रहा है कि इस बार देव का किरदार केंद्र में होगा। पहले पार्ट के अंत में देव की झलक ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी थी और अब इसी रहस्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

    रणबीर कपूर की भूमिका भी सीक्वल की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रणबीर कपूर फिल्म में शिवा और देव दोनों किरदारों में नजर आ सकते हैं। अगर यह जानकारी सही साबित होती है तो दर्शकों को पहली बार दोनों किरदारों के बीच सीधा टकराव देखने को मिल सकता है। हालांकि रणबीर के डबल रोल को लेकर भी अभी मेकर्स की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    आलिया भट्ट की वापसी को लेकर भी फैंस के बीच काफी उत्साह है। माना जा रहा है कि वह एक बार फिर ईशा के किरदार में दिखाई देंगी। वहीं दीपिका पादुकोण को लेकर भी लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दीपिका फिल्म में अमृता का किरदार निभा सकती हैं जो देव की कहानी से जुड़ा हुआ है। पहली फिल्म में दीपिका की एक छोटी झलक दिखाई गई थी लेकिन सीक्वल में उनकी भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    फिल्म की शूटिंग को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक रणबीर कपूर नितेश तिवारी की रामायण पार्ट 2 का काम पूरा करने के बाद अप्रैल 2027 के आसपास ब्रह्मास्त्र 2 की शूटिंग शुरू कर सकते हैं। फिलहाल फिल्म की स्क्रिप्ट और प्री-प्रोडक्शन से जुड़ा काम आगे बढ़ने की खबरें हैं।

    ब्रह्मास्त्र पार्ट वन शिवा ने दुनियाभर में करीब 410 से 429 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हालांकि इसके बड़े बजट को देखते हुए फिल्म को उम्मीद के मुताबिक बड़ा मुनाफा देने वाली फिल्म नहीं माना गया। ऐसे में अगर ब्रह्मास्त्र 2 पर वास्तव में 550 करोड़ रुपये खर्च होते हैं तो बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के सामने उम्मीदों का दबाव भी काफी बढ़ जाएगा। इतनी बड़ी लागत की भरपाई के लिए फिल्म को मजबूत कहानी शानदार विजुअल्स और दमदार किरदारों के साथ दर्शकों को बड़े स्तर पर आकर्षित करना होगा। फिलहाल फैंस की नजरें देव की कहानी रणबीर के संभावित डबल रोल और दीपिका की एंट्री की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं।