Author: bharati

  • करवा चौथ पर MP में बिगड़ेगा मौसम, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    करवा चौथ पर MP में बिगड़ेगा मौसम, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करवा चौथ के दिन बारिश और बादलों के कारण चांद के दीदार में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में बदलाव का असर मंगलवार से ही दिखाई देने लगेगा, जबकि अन्य जिलों में भी बादल छाने और बारिश होने की संभावना है।

    11 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है।

    इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब ढाई से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ होने के कारण बादलों की मौजूदगी और बारिश से व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार करना पड़ सकता है।

    बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली सक्रिय

    मौसम में इस बदलाव की वजह बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसम प्रणाली है। पूर्व-मध्य और उससे लगे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब यानी डिप्रेशन सक्रिय हुआ है। इसके आने वाले दिनों में और मजबूत होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है।

    इसके अलावा 26 अक्टूबर को चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम प्रणाली के और तीव्र होने तथा चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान जताया गया है। 27 और 28 अक्टूबर तक इसके भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना बताई गई है। इस प्रणाली का असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल सकता है।

    मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश की स्थिति बनने की आशंका है। इसी वजह से मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।

    रात में बढ़ी ठंडक, करौंदी में पारा 13.7 डिग्री

    बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश में रात के तापमान में ठंडक महसूस की जा रही है। बीती रात कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

    छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री, इंदौर और मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री तथा शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिन के तापमान में दो डिग्री तक बढ़ोतरी

    रात में ठंडक बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान करीब दो डिग्री तक बढ़ा है। खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में अधिकतम तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    वहीं, अमरकंटक में दिन के समय भी अपेक्षाकृत ठंडक बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग की बारिश संबंधी चेतावनी के बीच अब प्रदेश के लोगों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पर रहेगी।

  • मुंबई में बीच में रोका गया शिल्पा राव का परफॉर्मेंस, माइक बंद होने पर भावुक हुईं सिंगर….

    मुंबई में बीच में रोका गया शिल्पा राव का परफॉर्मेंस, माइक बंद होने पर भावुक हुईं सिंगर….

    नई दिल्ली । मुंबई में 24 अक्टूबर को आयोजित एक बॉलीवुड म्यूजिक प्रोजेक्ट की 10वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में सिंगर शिल्पा राव की परफॉर्मेंस बीच में रोक दिए जाने का मामला चर्चा में है। कार्यक्रम के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया और स्टेज की लाइटें भी बुझा दी गईं। बताया गया कि इस घटनाक्रम के कारण शिल्पा को अपनी प्रस्तुति पूरी करने और दर्शकों से ठीक से विदा लेने का मौका नहीं मिला। करीब 15 मिनट तक चले इस घटनाक्रम से सिंगर के साथ वहां मौजूद दर्शक भी हैरान रह गए।

    कार्यक्रम में कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। हालांकि, शिल्पा राव की परफॉर्मेंस बीच में रोके जाने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इवेंट का निर्धारित शेड्यूल देरी से चल रहा था। इसी वजह से उनकी प्रस्तुति को बीच में रोकने का फैसला लिया गया। उस समय दर्शक शिल्पा को सुनने के लिए उत्साहित थे और लगातार उनका नाम लेकर आवाज लगा रहे थे।

    बताया गया कि माइक बंद होने के बाद शिल्पा को अपने प्रशंसकों से ठीक से विदा लेने का अवसर भी नहीं मिला। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, कार्यक्रम में परफॉर्मेंस रोकने के फैसले को लेकर आयोजकों की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस घटनाक्रम के बाद शिल्पा राव ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि मुंबई में उस रात उनके दिल का एक हिस्सा टूट गया। सिंगर ने कहा कि जब किसी खूबसूरत मंच पर चल रही प्रस्तुति को इस तरह बीच में रोक दिया जाता है, तो दुख होता है। उनकी पोस्ट से कार्यक्रम के दौरान हुए अनुभव और दर्शकों के साथ उनके जुड़ाव का पता चला।

    शिल्पा ने अपनी पोस्ट में उन प्रशंसकों का भी आभार जताया, जो संगीत बंद होने के बाद भी उनका समर्थन करते रहे। उन्होंने बताया कि परफॉर्मेंस रुकने के बावजूद दर्शक उनका नाम पुकारते रहे। उनके मुताबिक, प्रशंसकों की आवाज में मौजूद प्यार ने उन्हें भावनात्मक रूप से सहारा दिया। इस घटना के दौरान संगीत भले ही रुक गया, लेकिन दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

    सिंगर ने अपनी पोस्ट में कहा कि उस रात उनकी और दर्शकों की कहानी अधूरी रह गई। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई लौटकर दोबारा परफॉर्म करने का वादा भी किया। शिल्पा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मुंबई से बहुत प्यार करती हैं और आगे भी करती रहेंगी। उनकी इस बात से संकेत मिला कि कार्यक्रम में हुए अनुभव के बावजूद शहर और वहां के प्रशंसकों के प्रति उनका लगाव बना हुआ है।

    शिल्पा राव की पोस्ट सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों का समर्थन भी चर्चा का हिस्सा बन गया। कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति रोके जाने की वजह से जहां निराशा की बात सामने आई, वहीं संगीत बंद होने के बाद भी दर्शकों द्वारा उनका नाम पुकारते रहने को उन्होंने खास महत्व दिया। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में कार्यक्रम के शेड्यूल में देरी को परफॉर्मेंस रोकने की वजह बताया गया है। आयोजकों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने की जानकारी नहीं है।

  • भोपाल मास्टर प्लान 2047 पर कांग्रेस की आपत्ति, 21 साल से नई विकास योजना नहीं होने और कानूनी खामियों का उठाया मुद्दा

    भोपाल मास्टर प्लान 2047 पर कांग्रेस की आपत्ति, 21 साल से नई विकास योजना नहीं होने और कानूनी खामियों का उठाया मुद्दा


    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के प्रस्तावित मास्टर प्लान 2047 को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी का कहना है कि शहर की पिछली विकास योजना वर्ष 2005 में समाप्त हो गई थी और इसके बाद से भोपाल में नई विकास योजना लागू नहीं हो सकी है। कांग्रेस ने प्रस्तावित प्रारूप में कानूनी प्रक्रियाओं, भूमि उपयोग, सार्वजनिक परिवहन, सस्ते आवास, हरित क्षेत्रों और जल प्रबंधन से जुड़ी कई कमियां होने का दावा किया है।
    कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे के मुताबिक, कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल के दौरान भोपाल विकास योजना 2031 का प्रारूप प्रकाशित किया गया था। उनके अनुसार, उस प्रक्रिया में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई थी और 3,000 से अधिक आपत्तियों पर सुनवाई भी हो चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि केवल अंतिम अधिसूचना जारी होना बाकी था, लेकिन बाद में भाजपा सरकार ने उस योजना को निरस्त कर दिया। कांग्रेस ने इस फैसले की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं।

    कांग्रेस ने प्रस्तावित मास्टर प्लान 2047 में पांच प्रमुख कानूनी खामियां होने का आरोप लगाया है। पार्टी के अनुसार, प्रारूप में वर्ष 2024 के मौजूदा भूमि उपयोग मानचित्र का राजपत्र में उल्लेख तो किया गया, लेकिन उसका विधिवत प्रकाशन और उस पर आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। कांग्रेस ने नगर विकास योजनाओं की अनंतिम सीमाएं दिखाने से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं होने का भी दावा किया है।

    पार्टी ने आरक्षित भूमि के मालिकों के लिए मुआवजे या क्षतिपूर्ति की व्यवस्था, शहर के जल निकायों के जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण और वर्ष 2005 की योजना के हरित क्षेत्रों में किए गए बदलावों का तुलनात्मक विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस के मुताबिक, भोपाल के 18 जल निकायों में से केवल बड़े तालाब के जलग्रहण क्षेत्र को शामिल किया गया है, जबकि सभी जल निकायों के लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।

    प्रस्तावित योजना की परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि विकास का प्रारूप लोगों की जरूरतों के बजाय वाहनों की आवाजाही पर अधिक केंद्रित है। अभय दुबे के अनुसार, शहर में लगभग 54 प्रतिशत यात्राएं पैदल, साइकिल या ऑटो से होती हैं, लेकिन मास्टर प्लान में सार्वजनिक परिवहन के लिए स्पष्ट लक्ष्य, बस नेटवर्क, साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए निर्धारित क्षेत्रों का पर्याप्त प्रावधान नहीं है।

    कांग्रेस ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट यानी टीओडी के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी के अनुसार, मेट्रो के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में करीब 9,500 हेक्टेयर क्षेत्र को विकास के लिए प्रस्तावित किया गया है, लेकिन घनत्व, फ्लोर एरिया रेशियो और किफायती आवास जैसे जरूरी प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं। इसी तरह, 51 किलोमीटर लंबे बायपास के दोनों ओर 300-300 मीटर क्षेत्र में 2,449 हेक्टेयर भूमि पर सघन विकास प्रस्तावित होने पर भी आपत्ति जताई गई है। कांग्रेस का कहना है कि इस क्षेत्र में मेट्रो या बस लेन जैसी परिवहन सुविधाएं नहीं हैं।

    भूमि उपयोग और आवास के संबंध में भी पार्टी ने प्रारूप की आलोचना की है। कांग्रेस के दावे के अनुसार, आवासीय भूमि का हिस्सा निर्धारित मानकों से 5 से 7 प्रतिशत अधिक है, जबकि घनत्व 28 से 48 प्रतिशत कम है। इसी वजह से योजना का क्षेत्रफल 601 वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 1,017 वर्ग किलोमीटर किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने करीब 4.8 लाख झुग्गीवासियों वाले शहर में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए पर्याप्त भूमि आरक्षित नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।

    हरित क्षेत्र और जल आपूर्ति को लेकर कांग्रेस ने कहा कि प्रति व्यक्ति हरित क्षेत्र के लिए 10 से 12 वर्ग मीटर के मानक के मुकाबले प्रस्तावित योजना में लगभग 7 वर्ग मीटर का प्रावधान है। पार्टी ने पानी की उपलब्धता के अनुमान पर भी सवाल उठाए हैं। उसके अनुसार, योजना में जल जरूरतों का आकलन वर्ष 2031 तक किया गया है और 45 लाख की अनुमानित आबादी के लिए 209 एमएलडी पानी की कमी बताई गई है, लेकिन इसके स्रोत स्पष्ट नहीं हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भूमि चिन्हित नहीं होने का आरोप भी लगाया गया है।

    कांग्रेस ने शहर के विस्तार पर अनुमानित 59 हजार करोड़ रुपये के खर्च के लिए स्पष्ट वित्तीय योजना की मांग की है। पार्टी ने भूमि उपयोग मानचित्र की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने, संशोधित प्रारूप दोबारा प्रकाशित करने और सार्वजनिक परिवहन, किफायती आवास, हरित क्षेत्रों तथा जल प्रबंधन को लेकर ठोस प्रावधान शामिल करने की मांग की है। ये सभी आपत्तियां कांग्रेस की ओर से उठाई गई हैं; प्रस्तावित मास्टर प्लान पर अंतिम निर्णय और संबंधित विभागों का पक्ष इस विवरण में शामिल नहीं है।

  • केबीसी के दीपावली स्पेशल में आएंगे रामायण के सितारे, अमिताभ बच्चन ने पटाखों को लेकर सुनाया मजेदार किस्सा

    केबीसी के दीपावली स्पेशल में आएंगे रामायण के सितारे, अमिताभ बच्चन ने पटाखों को लेकर सुनाया मजेदार किस्सा

    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति में इस बार दीपावली का उत्सव खास अंदाज में देखने को मिलेगा। फिल्म रामायण के सितारे रणबीर कपूर, साई पल्लवी और रवि दुबे शो के दीपावली स्पेशल एपिसोड में शामिल होंगे। इस दौरान त्योहार की खुशियों के साथ हंसी-मजाक और रामायण से जुड़ी भक्ति की झलक भी देखने को मिलेगी। शो के दौरान अमिताभ बच्चन ने दीपावली से जुड़ा एक मजेदार किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर सेट पर मौजूद कलाकार हंस पड़े।

    अमिताभ बच्चन ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए पटाखों से जुड़ी एक बात साझा की। उन्होंने कहा कि दीपावली पर पड़ोस में अगर किसी के यहां बम फूटता था, तो उनका पटाखा उससे ज्यादा तेज होना चाहिए। उनकी इस बात पर रणबीर कपूर, रवि दुबे और साई पल्लवी सहित वहां मौजूद लोगों की हंसी छूट गई। त्योहार के दौरान पटाखों को लेकर बच्चों में होने वाली होड़ का यह किस्सा कार्यक्रम के हल्के-फुल्के माहौल का हिस्सा बना।

    दीपावली स्पेशल एपिसोड का प्रोमो भी दर्शकों के बीच चर्चा में है। इसमें रणबीर कपूर दीपावली, रामायण की कहानी और परिवार के साथ त्योहार मनाने के महत्व का जिक्र करते दिखाई देते हैं। उन्होंने दर्शकों को शो के इस विशेष आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण देते हुए कहा कि दीपावली का त्योहार, रामायण की कहानी और अपनों के साथ जश्न से बढ़कर खास क्या हो सकता है।

    प्रोमो में धार्मिक आस्था से जुड़े दृश्य भी शामिल हैं। अमिताभ बच्चन पवनपुत्र हनुमान के सामने झुककर आशीर्वाद लेते दिखाई देते हैं। इसके अलावा वह दर्शकों के साथ मिलकर ‘बोलिए सिया पति रामचंद्र की जय’ का जयकारा लगाते नजर आते हैं। इस तरह कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ रामायण से जुड़ी आस्था और भक्ति को भी जगह दी गई है।

    कौन बनेगा करोड़पति का यह दीपावली स्पेशल एपिसोड 29 और 30 अक्टूबर 2026 को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित होगा। दर्शकों को इन दोनों एपिसोड में रामायण के कलाकारों के साथ अमिताभ बच्चन की बातचीत और त्योहार से जुड़े खास पल देखने को मिलेंगे।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म रामायण में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने किया है। इसकी कहानी रामायण पर आधारित है और फिल्म को दो भागों में बनाया जा रहा है।

    फिल्म की अन्य प्रमुख भूमिकाओं में काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर, आदिनाथ कोठारे, अरुण गोविल, इंदिरा कृष्णन और लारा दत्ता भी नजर आएंगे। फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाला है, जबकि दूसरे भाग को दीपावली 2027 के दौरान रिलीज किए जाने की उम्मीद है।

    केबीसी के दीपावली स्पेशल में रामायण के कलाकारों की मौजूदगी ऐसे समय में हो रही है, जब फिल्म का पहला भाग रिलीज होने की तैयारी में है। अमिताभ बच्चन का पटाखों से जुड़ा किस्सा और प्रोमो में दिखाई गई भक्ति की झलक इस विशेष कार्यक्रम को मनोरंजन और त्योहार के माहौल से जोड़ती है।

  • यूपी में विद्युत सखियों ने जमा कराए 3,720 करोड़ रुपये के बिजली बिल, कमीशन से कमाए 47 करोड़ रुपये

    यूपी में विद्युत सखियों ने जमा कराए 3,720 करोड़ रुपये के बिजली बिल, कमीशन से कमाए 47 करोड़ रुपये

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में विद्युत सखी योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अब तक 3,720 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं। इसके बदले उन्हें 47 करोड़ रुपये से ज्यादा कमीशन मिला है। इन महिलाओं ने करीब 1.80 करोड़ उपभोक्ताओं के बिजली बिलों के भुगतान में भूमिका निभाई है।

    उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के समन्वय से संचालित इस योजना में अब तक 31 हजार से अधिक महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें 16 हजार से ज्यादा महिलाएं सक्रिय रूप से बिजली बिल जमा कराने का काम कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आय अर्जित करने का अवसर उपलब्ध कराने के साथ उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल भुगतान की सुविधा बढ़ाना है।

    योजना के माध्यम से महिलाएं अपने गांव और आसपास के इलाकों में रहकर ही काम कर सकती हैं। उन्हें रोजगार के लिए शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होती। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलने से महिलाएं परिवार की आमदनी में योगदान दे पा रही हैं। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

    विद्युत सखियों के काम से बिजली उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों को बिल जमा कराने के लिए दूर स्थित बिजली कार्यालयों या भुगतान केंद्रों तक जाने की जरूरत कम होती है। गांव में ही भुगतान की सुविधा मिलने से उनके समय और आने-जाने के खर्च की बचत हो सकती है। इस तरह योजना महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सेवा को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास करती है।

    विद्युत सखियों को काम शुरू करने से पहले प्रशिक्षण दिया जाता है और डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाता है। वे ई-वॉलेट के माध्यम से उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा करती हैं। इस काम के बदले उन्हें निर्धारित दर के अनुसार कमीशन मिलता है। योजना के तहत 2,000 रुपये तक का बिजली बिल जमा कराने पर 20 रुपये तक कमीशन दिया जाता है।

    डिजिटल भुगतान व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल रही है। विद्युत सखियां उपभोक्ताओं और बिजली विभाग के बीच एक संपर्क माध्यम के रूप में काम करती हैं। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बिल भुगतान की सुविधा मिलती है, जबकि बिजली विभाग को राजस्व संग्रह के लिए अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होता है।

    राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, प्रदेश में 16 हजार से अधिक सक्रिय विद्युत सखियां ग्रामीण उपभोक्ताओं तक बिजली बिल भुगतान की सुविधा पहुंचा रही हैं। इस पहल से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    विद्युत सखी योजना महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण रोजगार और जनसेवा को एक साथ जोड़ती है। अब तक 3,720 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल जमा कराने और 47 करोड़ रुपये से ज्यादा कमीशन अर्जित करने के आंकड़े इस योजना के दायरे को दर्शाते हैं। पंजीकृत महिलाओं में से 16 हजार से अधिक के सक्रिय होने के साथ यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बिल भुगतान की सुविधा और महिलाओं के लिए आय के अवसर उपलब्ध करा रही है।

  • शिवपुरी में नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेचने का आरोप, विधवा ने वीडियो जारी कर मांगा न्याय

    शिवपुरी में नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेचने का आरोप, विधवा ने वीडियो जारी कर मांगा न्याय

    शिवपुरी जिले: के सिरसौद थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की कथित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अमरखौआ गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विधवा महिला ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी 14 वर्षीय बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया। महिला ने मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने राजस्थान के सिरसा गांव गई थी। वहां उसकी मुलाकात जसराज गुर्जर नामक व्यक्ति से हुई। महिला का आरोप है कि जसराज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और उसके साथ रहने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि जसराज की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी।

    पीड़िता का दावा है कि जसराज गुर्जर ने उसकी बेटी को राजस्थान में रहने वाले 40 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेच दिया। जब उसे बेटी के लापता होने का पता चला, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। महिला के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद वह अपनी बेटी को खोजने में सफल रही और उसे वापस अपने गांव अमरखौआ ले आई।

    महिला ने आरोप लगाया कि बेटी के गांव लौटने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसके अनुसार, जिस व्यक्ति को कथित तौर पर लड़की बेचा गया था, वह अमरखौआ गांव पहुंच गया। महिला का कहना है कि वह व्यक्ति अब लड़की को अपने साथ भेजने का दबाव बना रहा है और छह लाख रुपये देकर उसे खरीदने का दावा कर रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने जसराज गुर्जर और उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उसकी बेटी को खरीदने का आरोप लगाया गया है। महिला के आरोपों ने नाबालिग की सुरक्षा और कथित मानव तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कथित तौर पर उसे खरीदने-बेचने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

    संक्षिप्त सार:
    शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र की एक विधवा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया।

    Keywords:
    Shivpuri, Trafficking, Minor, Exploitation, Rajasthan

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की कथित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अमरखौआ गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विधवा महिला ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी 14 वर्षीय बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया। महिला ने मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने राजस्थान के सिरसा गांव गई थी। वहां उसकी मुलाकात जसराज गुर्जर नामक व्यक्ति से हुई। महिला का आरोप है कि जसराज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और उसके साथ रहने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि जसराज की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी।

    पीड़िता का दावा है कि जसराज गुर्जर ने उसकी बेटी को राजस्थान में रहने वाले 40 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेच दिया। जब उसे बेटी के लापता होने का पता चला, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। महिला के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद वह अपनी बेटी को खोजने में सफल रही और उसे वापस अपने गांव अमरखौआ ले आई।

    महिला ने आरोप लगाया कि बेटी के गांव लौटने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसके अनुसार, जिस व्यक्ति को कथित तौर पर लड़की बेचा गया था, वह अमरखौआ गांव पहुंच गया। महिला का कहना है कि वह व्यक्ति अब लड़की को अपने साथ भेजने का दबाव बना रहा है और छह लाख रुपये देकर उसे खरीदने का दावा कर रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने जसराज गुर्जर और उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उसकी बेटी को खरीदने का आरोप लगाया गया है। महिला के आरोपों ने नाबालिग की सुरक्षा और कथित मानव तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कथित तौर पर उसे खरीदने-बेचने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

  • शिवपुरी में तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति ब्लास्टिंग और अवैध उत्खनन का मामला

    शिवपुरी में तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति ब्लास्टिंग और अवैध उत्खनन का मामला


    शिवपुरी जिले: के परिच्छा गांव में सड़क निर्माण से जुड़ी कंपनी तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर खनन नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई संयुक्त जांच में बिना अनुमति ब्लास्टिंग, स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर करीब 7 हजार वर्गफीट जमीन पर उत्खनन और धूल नियंत्रण सहित सुरक्षा व्यवस्था में कमियां मिलने की बात सामने आई है। जांच दल अब अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा। इसके आधार पर कंपनी की लीज को लेकर कार्रवाई पर फैसला हो सकता है।

    गोरस-शिवपुरी सड़क का निर्माण कर रही तोमर बिल्डर्स को परिच्छा गांव के पास दो क्रेशर लीज पर दिए गए हैं। 18 अक्टूबर को यहां एक हादसा हुआ था। डंपर चालक हाइड्रोलिक डाला उठाकर वाहन ले जा रहा था, इसी दौरान बिजली के तार और तीन खंभे टूटकर गिर गए। करंट की चपेट में आने से आदिवासी बस्ती के 10 लोग झुलस गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया था। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई।

    शुक्रवार शाम पोहरी के एसडीएम जेपी गुप्ता के नेतृत्व में तहसीलदार कल्पना शर्मा तथा खनिज, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम क्रेशर पर पहुंची। जांच के दौरान टीम को खनन संबंधी अनुमति और सुरक्षा नियमों के पालन में कमियां मिलीं। जांच में सामने आया कि क्रेशर पर प्रशासनिक और खनिज विभाग की अनुमति के बिना ब्लास्टिंग की जा रही थी। इसके अलावा स्वीकृत लीज की सीमा से बाहर करीब 7 हजार वर्गफीट क्षेत्र में उत्खनन किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

    जांच दल को क्रेशर परिसर में सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम भी अपर्याप्त मिले। लीज क्षेत्र की सीमाएं स्पष्ट करने के लिए जरूरी मुनारे नहीं लगाए गए थे। परिसर की सीमा के आसपास तार फेंसिंग की व्यवस्था भी नहीं मिली, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। क्रेशर से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों को परेशानी होने की आशंका जताई गई है।

    एसडीएम ने कंपनी के प्रतिनिधि को सुरक्षा और नियमों से जुड़ी कमियों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जांच दल विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को भेज रहा है। रिपोर्ट के आधार पर लीज की शर्तों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं को लेकर प्रशासन आगे का निर्णय ले सकता है। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माना, खनन गतिविधियों पर रोक या लीज निलंबित करने जैसी कार्रवाई संभव है। हालांकि, फिलहाल लीज निरस्त करने का कोई आदेश जारी होने की जानकारी नहीं है।

    दूसरी ओर, तोमर बिल्डर्स के महाप्रबंधक संतोष सिन्हा ने प्रशासनिक जांच को नियमित जांच बताया है। उनका कहना है कि कंपनी सभी काम आवश्यक अनुमति लेकर कर रही है। कंपनी के दावे और जांच दल को मिली अनियमितताओं के बीच अब प्रशासन की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। कलेक्टर अर्पित वर्मा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं।

  • मध्य प्रदेश में वित्तीय गड़बड़ियों पर बड़ी कार्रवाई, 392 अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में, सात बर्खास्त

    मध्य प्रदेश में वित्तीय गड़बड़ियों पर बड़ी कार्रवाई, 392 अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई के दायरे में, सात बर्खास्त


    मध्य प्रदेश: में नगरीय निकायों के भीतर वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के मुताबिक, अब तक विभिन्न स्तरों के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इनमें करीब 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी यानी सीएमओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। कार्रवाई के तहत सात अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। संबंधित मामलों में लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई है।

    विभाग के अनुसार, नगरीय निकायों में सामने आई वित्तीय गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कदम उठाए गए हैं। जांच में अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से वसूली के साथ वेतन वृद्धि रोकने, पदावनति और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई का स्वरूप मामले की गंभीरता और जिम्मेदारी के स्तर के आधार पर तय किया गया।

    अधिकारियों के अलावा गलत दरों पर सामान उपलब्ध कराने वाले 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कदम उठाए गए हैं। विभाग का कहना है कि सरकारी खरीद और खर्च में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अनियमितताओं पर निगरानी की जा रही है। वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय करने और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने पर जोर दिया जा रहा है।

    नगरीय प्रशासन विभाग निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का भी इस्तेमाल कर रहा है। इसका उद्देश्य वित्तीय अनियमितताओं की पहचान करना, सरकारी खर्च पर नजर रखना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ाना है। तकनीक की मदद से विभाग सरकारी संसाधनों के उपयोग की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    विभाग के मुताबिक, सरकारी धन का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से होना और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना प्राथमिकता है। नगरीय निकाय नागरिकों को स्थानीय स्तर पर कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में वित्तीय प्रबंधन में अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही का असर सरकारी कामकाज तथा नागरिक सुविधाओं पर पड़ सकता है। इसी कारण विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही है।

    मध्य प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है। विभाग का कहना है कि नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने, जनसमस्याओं का समय पर समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

    संजय दुबे के अनुसार, नगरीय निकायों में वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही के मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग का लक्ष्य सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अब तक की कार्रवाई में 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं, सात लोगों को बर्खास्त किया गया है और संबंधित मामलों में करोड़ों रुपये की वसूली की गई है।

  • एलन मस्क ने एक्स मनी के नए फीचर का किया ऐलान, लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे एक डॉलर…

    एलन मस्क ने एक्स मनी के नए फीचर का किया ऐलान, लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे एक डॉलर…

    नई दिल्ली । एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्स मनी के एक नए प्रस्तावित फीचर की घोषणा की है। इस सुविधा के तहत यूजर किसी दूसरे यूजर को केवल लाइक बटन को कुछ देर तक दबाकर एक डॉलर भेज सकेंगे। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाना और कंटेंट क्रिएटर्स को सीधे आर्थिक समर्थन देने का विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस फीचर को शुरू करने की तारीख और इसके इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

    मस्क ने रविवार को इस नए फीचर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यूजर एक्स पर लाइक बटन को लॉन्ग प्रेस करके किसी अन्य व्यक्ति को एक्स मनी के जरिए एक डॉलर भेज पाएंगे। इस सुविधा के लागू होने पर किसी पोस्ट को पसंद करने वाले लोग उसके लेखक को सीधे छोटी रकम भेज सकेंगे। इसके लिए उन्हें अलग से किसी भुगतान विकल्प या दूसरे ऐप पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

    प्रस्तावित फीचर को कंटेंट क्रिएटर्स के लिए उपयोगी माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर नियमित रूप से सामग्री साझा करने वाले यूजर को उनके दर्शक छोटी राशि देकर प्रोत्साहित कर सकेंगे। इसके अलावा, लोग अपनी पसंद की पोस्ट बनाने वाले यूजर को आर्थिक सहयोग भी दे पाएंगे। लाइक बटन के साथ भुगतान का विकल्प जोड़ने से सामान्य सोशल मीडिया गतिविधि के दौरान ही पैसे भेजना संभव हो सकता है।

    यह पहल एक्स को एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदलने की एलन मस्क की व्यापक योजना का हिस्सा है, जहां सोशल नेटवर्किंग, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हों। मस्क एक्स को ‘एवरीथिंग ऐप’ के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसका मतलब ऐसा ऐप है, जिसका इस्तेमाल लोग संवाद करने, कंटेंट देखने और भुगतान जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए कर सकें। एक्स मनी को इसी रणनीति के तहत विकसित की जा रही वित्तीय सेवा के रूप में देखा जा रहा है।

    एक्स मनी को हाल ही में अमेरिका में लॉन्च किया गया है। यह सेवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने की सुविधा देती है। इसके साथ एक्स वीजा डेबिट कार्ड भी उपलब्ध कराया गया है, जिसका इस्तेमाल भौतिक दुकानों और डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। इस कार्ड को एप्पल पे से भी जोड़ा जा सकता है। इसके जरिए उन स्थानों पर संपर्क रहित भुगतान किया जा सकता है, जहां यह सुविधा उपलब्ध है।

    कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को आसान बनाने से जुड़े विकल्पों पर भी ध्यान दिया है। हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ और इस्तेमाल की शर्तें यूजर की पात्रता तथा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। नए लाइक-टू-पेमेंट फीचर के मामले में भी फिलहाल उपलब्ध जानकारी सीमित है। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भुगतान की प्रक्रिया किस तरह काम करेगी, किन यूजर को इसका लाभ मिलेगा और क्या इसके इस्तेमाल पर कोई अतिरिक्त शर्त लागू होगी।

    फिलहाल एक्स मनी का मुख्य फोकस अमेरिकी बाजार पर है। कंपनी ने यह भी नहीं बताया है कि एक्स मनी या लाइक बटन के जरिए एक डॉलर भेजने वाला प्रस्तावित फीचर भारत समेत दूसरे देशों में कब उपलब्ध कराया जाएगा। भारत डिजिटल भुगतान के बड़े बाजारों में शामिल है, ऐसे में यहां इस सेवा की संभावित शुरुआत को लेकर आगे की घोषणाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल यह सुविधा प्रस्तावित है और इसकी वैश्विक उपलब्धता को लेकर कोई निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई है।

  • शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    शरद पूर्णिमा पर गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से की मुलाकात, शिक्षा की ताकत पर दिया संदेश

    नई दिल्ली । शरद पूर्णिमा के अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अदाणी विद्या मंदिर के 14 पूर्व छात्रों से मुलाकात की। इन पूर्व छात्रों ने शिक्षा के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। इनमें डॉक्टर, वकील, आईआईटी इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वैज्ञानिक, पुलिसकर्मी और मर्चेंट नेवी अधिकारी शामिल हैं। इस मुलाकात के दौरान अदाणी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर युवा अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ सकते हैं।

    गौतम अदाणी ने इस मुलाकात को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियां दिखाती हैं कि शिक्षा किस तरह जीवन में बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रतिभाशाली बच्चों को अवसर मिलता है और शिक्षक उनके सपनों पर भरोसा करते हैं, तो वे अपने लिए नए रास्ते बना सकते हैं। उनके मुताबिक, इन पूर्व छात्रों की जीवन यात्राएं शिक्षा की ताकत और सही मार्गदर्शन के महत्व को सामने लाती हैं।

    अदाणी ने अपने संदेश में 14 युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानियों की शुरुआत अदाणी विद्या मंदिर से हुई थी। अलग-अलग पेशों में काम कर रहे ये युवा इस बात का उदाहरण हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलने पर विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों पर गर्व जताया और उन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

    अदाणी विद्या मंदिर की स्थापना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। संस्थान का लक्ष्य बच्चों को सीखने, अपने सपने पूरे करने और अपनी क्षमताओं का विकास करने का अवसर देना है। यहां ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है, जिनके परिवारों में कई बच्चे पहली बार स्कूल तक पहुंचते हैं।

    यह सह-शिक्षा संस्थान वंचित वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक जागरूकता और भारतीय मूल्यों के प्रति समझ भी विकसित करना है। संस्थान बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देता है।

    गौतम अदाणी की पूर्व छात्रों से हुई मुलाकात ने शिक्षा के जरिए हासिल की गई उपलब्धियों को सामने रखा। डॉक्टरों, इंजीनियरों, वकीलों, वैज्ञानिकों और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में पहुंचे इन युवाओं की यात्रा इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल सकती है। साथ ही, शिक्षकों का विश्वास और उचित मार्गदर्शन बच्चों को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    अदाणी विद्या मंदिर का उद्देश्य वंचित बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से आगे बढ़ने का अवसर देना है। संस्थान की पृष्ठभूमि और पूर्व छात्रों की उपलब्धियां इसी लक्ष्य से जुड़ी हैं। शरद पूर्णिमा पर आयोजित यह मुलाकात इन युवाओं की सफलता और शिक्षा के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करने का अवसर बनी।