Author: bharati

  • IPL 2026 अपडेट: शुरुआती मुकाबलों के बाद टॉप-4 में जगह बनाने वाली टीमें

    IPL 2026 अपडेट: शुरुआती मुकाबलों के बाद टॉप-4 में जगह बनाने वाली टीमें


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें सीजन में सभी 10 टीमों ने अपने-अपने पहले मुकाबले खेले हैं। शुरुआती मैचों के बाद अंक तालिका ने दिलचस्प रूप ले लिया है, जहां कुछ टीमें दमदार शुरुआत के साथ टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रही हैं, जबकि कुछ को अभी लंबा सफर तय करना है।

    टॉप पर राजस्थान, शानदार जीत का मिला फायदा

    राजस्थान रॉयल्स ने अपने पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। टीम का नेट रन रेट भी मजबूत है, जो उन्हें अन्य टीमों से आगे रखता है।

    RCB दूसरे नंबर पर, जीत से आत्मविश्वास बढ़ा

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया है। टीम की बैलेंस्ड रैंकिंग उन्हें शुरुआती बढ़त दिला रही है।

    दिल्ली कैपिटल्स तीसरे स्थान पर

    दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाई है। इस जीत में टीम के मिडिल ऑर्डर ने शानदार भूमिका निभाई।

    मुंबई इंडियंस चौथे स्थान पर

    मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर चौथा स्थान हासिल किया है। टीम की बल्लेबाजी ने अच्छा प्रदर्शन किया और जीत सुनिश्चित की।

    मिड टेबल में पंजाब, बाकी टीमों को झटका

    पंजाब किंग्स पांचवें स्थान पर है, जिसने गुजरात टाइटन्स को करीबी मुकाबले में हराया। वहीं हारने वाली टीमों में गुजरात टाइटन्स छठे, कोलकाता नाइट राइडर्स सातवें, लखनऊ सुपर जायंट्स आठवें, सनराइजर्स हैदराबाद नौवें और चेन्नई सुपर किंग्स दसवें स्थान पर हैं।

    सभी के 2-2 अंक, रन रेट से तय रैंकिंग

    अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में जीत दर्ज करने वाली सभी टीमों के 2-2 अंक हैं। ऐसे में अंक तालिका में स्थान का नेट रन रेट के आधार पर किया गया है, जिससे शुरुआती चरण में ही प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी नजर आ रही है।

    अभी लंबा है टूर्नामेंट

    सीजन अभी शुरुआती दौर में है और सभी टीमों के पास वापसी का पूरा मौका है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, अंक तालिका में लगातार बदलाव देखने को मिलेंगे।

  • ट्रंप का तीखा संदेश: ईरान की सैन्य ताकत खत्म, समझौता न हुआ तो और बढ़ेगा तनाव

    ट्रंप का तीखा संदेश: ईरान की सैन्य ताकत खत्म, समझौता न हुआ तो और बढ़ेगा तनाव


    वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर से तीखी चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना कुछ ही हफ्तों में ईरान को पाषाण युग में वापस भेज सकती है। ट्रंप ने बुधवार को टीवी पर अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी अभियान एपिक फ्यूरी ने केवल एक महीने में ईरान की सैन्य क्षमताओं को बुरी तरह से कमजोर कर दिया है।

    ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नेवी अब खत्म हो चुकी है उनकी एयरफोर्स बर्बाद हो गई है और ईरान के नेताओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी हद तक कम कर दी गई है और महत्वपूर्ण हथियार फैसिलिटी ध्वस्त कर दी गई हैं। उन्होंने इस अभियान को ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जरूरी बताया।

    उन्होंने जोर देते हुए कहा मैंने कसम खाई है कि मैं ईरान को कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दूंगा। इसके अलावा ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार को धरती की सबसे हिंसक सरकार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं है लेकिन कई वास्तविक नेताओं की मौत के कारण शासन में बदलाव पहले ही हो चुका है।

    ट्रंप ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और पहले के अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। ईरान कहीं और अपना प्रोग्राम बनाने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसे रोक दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना की प्राथमिकता ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की उसकी काबिलियत को खत्म करना है।

    ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत में असफलता हुई तो तनाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन्हें स्टोन एज में वापस ले जाएंगे। अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकता है।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर में तेल की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए आतंकी हमलों से यह समस्या पैदा हुई। उन्होंने मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर देशों से शिपिंग रूट सुरक्षित करने और क्षेत्र पर निर्भरता कम करने की अपील भी की।

    ट्रंप ने इजरायल सऊदी अरब कतर यूएई कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रीय साथियों की सराहना करते हुए कहा कि ये अभियान में अच्छे साझेदार साबित हुए। उन्होंने अमेरिका की आर्थिक मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि देश दुनिया में तेल और गैस का सबसे बड़ा उत्पादक है और किसी भी लड़ाई से उत्पन्न रुकावटों को झेलने में सक्षम है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने 13 सैनिकों की हताहत होने की बात स्वीकार की और कहा कि उनके परिवारों ने उनसे काम पूरा करने की अपील की थी। ट्रंप ने अपने भाषण में इसे ऐतिहासिक रूप से तेज अभियान बताते हुए कहा कि सिर्फ एक महीने में एक बड़े खतरे को खत्म किया जा चुका है और अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को पूरी तरह समाप्त करने की कगार पर है।

  • “जर्सी पहनते ही लक्ष्य सिर्फ देश की जीत” – एश्ले गार्डनर का जुनून भरा बयान

    “जर्सी पहनते ही लक्ष्य सिर्फ देश की जीत” – एश्ले गार्डनर का जुनून भरा बयान


    नई दिल्ली। एशले गार्डनर ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने के बाद उनका एकमात्र लक्ष्य अपने देश के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना होता है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम इस समय वेस्टइंडीज महिला के दौरे पर है और शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 सीरीज के बाद वनडे सीरीज में भी 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है।

    क्लीन स्वीप पर ऑस्ट्रेलिया की नजर

    तीसरे और अंतिम वनडे से पहले एशले गार्डनर ने कहा कि टीम का पूरा फोकस आखिरी मैच यूएई सीरीज को क्लीन स्वीप करने पर है। उन्होंने साफ किया कि खिलाड़ी आराम करने के बजाय अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर ध्यान दे रहे हैं।

    ‘जर्सी पहनना ही जिम्मेदारी बढ़ जाती है’

    गार्डनर ने कहा, “जब भी हम देश की जर्सी पहनते हैं, तो हमारा लक्ष्य सिर्फ जीतना होता है। हम चाहते हैं कि सीजन का अंत शानदार तरीकों से हो और हम अपनी सफलता का जश्न मनाएं।” उन्होंने यह भी बताया कि सीजन के बाद टीम को लंबा ब्रेक मिलने वाला है, जिससे खिलाड़ी तरोताजा होकर वापसी करेंगे।

    नई कप्तान के साथ शानदार तालमेल

    ऑस्ट्रेलिया की उपकप्तान एशले गार्डनर ने टीम की कप्तान सोफी मोलिनक्स की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोफी के नेतृत्व में टीम का माहौल बेहद पॉजिटिव और ऊर्जावान है। गार्डनर के अनुसार, सोफी मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह टीम में एनर्जी भरती हैं और खिलाड़ियों का खास ख्याल रखती हैं, जिससे टीम का प्रदर्शन बेहतर होता है।

    टीमवर्क और लीडरशिप पर फोकस

    उन्होंने कहा कि टीम और सपोर्ट स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कई समन्वय के बावजूद टीम एकजुट होकर आगे बढ़ रही है और लीडरशिप ग्रुप यह तय करने में सक्षम है कि कैसे पूरी स्क्वॉड पर पॉजिटिव प्रभाव डाला जाए।

    सीजन का शानदार अंत करने की तैयारी

    ऑस्ट्रेलिया महिला टीम का लक्ष्य अब इस दौरे का समापन यादगार तरीके से करना है। टीम चाहती है कि आखिरी मैच में भी क्लिनिकल प्रदर्शन कर जीत हासिल की जाए और पूरे दौरे को सफल बनाया जाए।

  • हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता

    हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता


    नई दिल्ली । आज 2 अप्रैल 2026 को पूरे भारत में हनुमान जयंती का भव्य पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन आता है और इसे भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम के अनन्य भक्त, संकटमोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस पावन अवसर पर भक्तजन बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मंदिरों में हनुमान जी की पूजा करते हैं और प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    हनुमान जयंती का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत बड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में डर, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन ज्योतिषियों और धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। इन गलतियों से बजरंगबली रुष्ट हो सकते हैं और पूजा का फल प्रभावित हो सकता है।

     तामसिक चीजों का सेवन न करें

    हनुमान जयंती के दिन खान-पान में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। केवल सात्विक भोजन ही पूजा और व्रत के लिए उचित माना जाता है।

     काले कपड़े न पहनें

    हिन्दू लोक मान्यता और शास्त्रों के अनुसार पूजा के दौरान काले कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। खासकर हनुमान जयंती के दिन भूलकर भी काले कपड़े पहनने से बचें। सफेद रंग के कपड़े भी कुछ ग्रंथों में अनुकूल नहीं बताए गए हैं। हमेशा लाल, पीला या नारंगी जैसे शुभ रंगों का चयन करें।

    महिलाओं को हनुमान जी की प्रतिमा नहीं छूनी चाहिए

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए महिलाओं को इस दिन हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को छूने से परहेज करना चाहिए। केवल श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा में भाग लें।

    अगर आप हनुमान जयंती के दिन व्रत रख रहे हैं तो भूलकर भी नमक का सेवन न करें। इस दिन व्रत तोड़ने के लिए मीठे व्यंजन का सेवन करना शुभ माना गया है।

    किसी को परेशान न करें
    हनुमान जयंती के दिन किसी भी जानवर या वानर को परेशान करना वर्जित है। ऐसा करने से हनुमान जी की नाराजगी होती है और घर में अशांति आ सकती है।
     
    भगवान राम का अपमान न करें
    हनुमान जी के अनन्य भक्त होने के कारण, हनुमान जयंती पर भगवान राम का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। अगर इस दिन श्रीराम का अपमान या अनदेखी की जाती है, तो माना जाता है कि हनुमान जी रुष्ट हो सकते हैं।

    इस हनुमान जयंती पर श्रद्धा, भक्ति और सावधानी के साथ पूजा-अर्चना करने से न केवल हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता, भय और संकटों से मुक्ति भी मिलती है। इसलिए आज के दिन उपरोक्त गलतियों से बचें और सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करें।

  • एलएसजी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, अभिनव मुकुंद बोले- निरंतरता की कमी

    एलएसजी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, अभिनव मुकुंद बोले- निरंतरता की कमी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपर जाइंट्स ने सबसे पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने एलएसजी की सबसे बड़ी समस्या ‘निरंतरता की कमी’ बताई है।

    टीम की पहचान अभी भी साफ नहीं

    अभिनव मुकुंद ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा कि एलएसजी अभी भी अपनी स्पष्ट पहचान बना रही है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि गुजरात टाइटंस का उदाहरण दिया गया है, जो 2022 में ही बनी टीम है, लेकिन अब उसकी रणनीति और खेल शैली के लिए जाना जाता है। मुकुंद के अनुसार, गुजरात अपनी गेंदबाजी और अनुभवी स्पिनरों पर भरोसा करता है, जबकि लखनऊ में ऐसी स्पष्ट रणनीति पर नजर नहीं पड़ती।

    शीर्ष क्रम मजबूत, लेकिन मध्य क्रम क्रमिक

    उन्होंने कहा कि मिचेल मार्श और एडेन मार्कराम जैसे खिलाड़ी टॉप नंबर में मजबूत हैं, लेकिन इसके बाद टीम में विश्वसनीयता की कमी नजर आ रही है। खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहता, जो टीम के लिए चिंता का विषय है।

    ऑनलाइन भी स्थिरता का अभाव

    मार्क वुड जैसे खिलाड़ी कभी-कभी मैच जिताने वाले प्रदर्शन करते हैं, लेकिन वह लगातार नहीं होते हैं। मुकुंद का मानना ​​है कि येही सुपरमार्केट टीम को पीछे छोड़ रही है।

    टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठे सवाल

    दिल्ली के लॉज में एलएसजी का संतुलन भी बना हुआ है। टीम में सात बल्लेबाज और सिर्फ चार कलाकार शामिल हुए। मुकुंद ने इस फैसले को लॉटरी में शामिल किया था, खासकर तब जब दिगवेश राठी को टीम में शामिल नहीं किया गया था।

    मैच का हाल: 141 पर सेमी एलएसजी

    लखनऊ सुपर जाइंट्स की पूरी तरह से फ्लॉप रही और टीम 18.4 ओवर में 141 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर मुकाबला आसानी से जीत लिया।

    आगे की राह आसान नहीं

    एलएसजी का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 5 अप्रैल को राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। टीम को इस मैच में वापसी के लिए रणनीति और प्रदर्शन दोनों में सुधार करना होगा।

    अब तक का रिकॉर्ड

    2022 लीग में शामिल हुई लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अब तक 58 मैचों में 30 जीत और 28 हार दर्ज की है। टीम दो बार प्लेऑफ़ में पहुंची है, लेकिन पिछले सीज़न में वह जगह पर रही थी।

  • हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय

    हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय


    नई दिल्ली । आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का महासंयोग बन रहा है जिससे पूजा-अर्चना और उपायों का महत्व और बढ़ गया है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने अन्न-धन और अन्य वस्तुओं का दान करने का विशेष विधान है। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती।

    इस पावन अवसर पर कुछ आसान और असरदार उपाय किए जा सकते हैं जो धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ-साथ आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाते हैं।

    घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं

    ज्योतिषियों का मानना है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। दीपक की ज्योति सकारात्मकता का संचार करती है और घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।

     रसोई घर में दीपक जलाना

    सिर्फ मुख्य द्वार पर ही नहीं बल्कि घर की रसोई में भी दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन रसोई में दीपक जलाने से अन्नपूर्णा की असीम कृपा बनी रहती है जिससे घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।

    तुलसी की पूजा करें

    शास्त्रों के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की शाम को तुलसी का पूजन करना अत्यंत शुभ होता है। तुलसी के पौधे में श्री हरि और मां लक्ष्मी का वास माना गया है। तुलसी की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। यह उपाय सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और भक्ति भाव से करने से घर में सुख शांति समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस चैत्र पूर्णिमा पर इन उपायों को अपनाकर न केवल माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद भी बढ़ता है। तो इस पावन दिन दीपक जलाएं तुलसी की पूजा करें और दान-पुण्य में भाग लें। यह न केवल धार्मिक नियमों का पालन है बल्कि आपके घर में आर्थिक और मानसिक समृद्धि भी सुनिश्चित करता है।

  • एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आदित्य की धमाकेदार जीत, मूसा अलहौसौ को 5-0 से हराया

    एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आदित्य की धमाकेदार जीत, मूसा अलहौसौ को 5-0 से हराया


    नई दिल्ली। एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। चौथे दिन भारत के उभरते सितारे आदित्य ने दमदार खेल दिखाया, सऊदी अरब के मौसा अलहौसौ को 5-0 से हराकर अगले राउंड में जगह बना ली।

    आदित्य का दमदार प्रदर्शन, मुकाबला पर रखा पूरा कंट्रोल

    पुरुषों के 65 kg वर्ग में खेले गए इस मुकाबले में आदित्य पूरी तरह हावी नजर आए। उन्होंने शानदार तकनीक और आक्रामक रणनीति के दम पर विरोधी को कोई मौका नहीं दिया। दावेदारों ने रक्षात्मक से 5-0 का फैसला सुनाते हुए भारतीय खिलाड़ी को विजेता घोषित किया। अब अगले राउंड में उनका मुकाबला उज्बेकिस्तान के अब्दुल्ला मदामिनोव से होगा, जो एक कड़ी चुनौती मानी जा रही है।

    पहले दिन से ही भारत की मजबूत शुरुआत

    इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा है। महिला 54 kg वर्ग में प्रीति पवार ने कजाकिस्तान की एलिना बजरोवा को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं पुरुषों के 70 kg वर्ग में दीपक ने उजबेकिस्तान के खवासबेक असदुल्लाव को 3-2 से हराते हुए अपने आत्मविश्वास का परिचय दिया।

    दूसरे दिन भी लगातार जीत का सिलसिला

    महिलाओं के 60 kg वर्ग में प्रिया ने कजाकिस्तान की रिम्मा वोलोसेंको को 5-0 से हराया। हालांकि पुरुषों के 55 kg वर्ग में जदुमणि सिंह को जापान के रुई यामागुची के खिलाफ 2-3 से करीबी हार झेलनी पड़ी।

    तीसरे दिन भी जारी रहा भारतीय मुक्केबाजों का जलवा

    पुरुषों के 50 kg वर्ग में विश्वनाथ सुरेश ने किर्गिस्तान के बेकज़त एर्गेशोव को 5-0 से हराया। वहीं 60 kg वर्ग में सचिन ने मंगोलिया के बुयांदलाई बयारखू को 4-1 से हराकर अगले राउंड में जगह बनाई।

    मेडल की उम्मीदें बढ़ाएं

    भारतीय खिलाड़ियों के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से साफ है कि इस बार एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत मजबूत दावेदार बनकर अकेला है। हर मुकाबले के साथ भारतीय बॉक्सर्स का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और मेडल की उम्मीदें भी मजबूत हो रही हैं।

  • “मुझे अपने कप्तान और टीम पर पूरा भरोसा” -संजीव गोयनका का बड़ा बयान

    “मुझे अपने कप्तान और टीम पर पूरा भरोसा” -संजीव गोयनका का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के अपने पहले ग्रुप में लखनऊ सुपर जाइंट्स के घरेलू मैदान एकाना क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि इस निराशाजनक और अंतिम शुरुआत के टीम के मालिक संजीव गोयनका ने खिलाड़ियों को कैप्टन पर पूरा भरोसा दिलाया है।

    हार के बाद भी टीम के साथ शेयर किए गए गोयनका

    मैच के बाद संजीव गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह जोरदार सीजन है ऐसे रिलीज- उनका हिस्सा हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें अपने कप्तान और पूरी टीम पर पूरा विश्वास है कि वे शानदार वापसी करेंगे। साथ ही उन्होंने इकाना स्टेडियम में मौजूद पर्यटकों के समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।

    विरोधाभासी रूप से फ्लॉप रही लखनऊ

    मैच में लखनऊ सुपर जाइंट्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम 18.4 ओवर में 141 रन बनाकर डेमोक्रेट बनी। मिचेल मार्श ने 35 रन और अब्दुल समद ने 36 रन की पारी खेली, लेकिन बाकी के अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं पाया।

    दिल्ली के इतिहास का शानदार प्रदर्शन

    दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों ने किया बेहतरीन प्रदर्शन। टी नटराजन और लुंगी एनगिडी ने 3-3 विकेट लेकर नॉचल को तहस-नहस कर दिया। वहीं कुलदीप यादव और कप्तान अक्षर पटेल ने भी अहम योगदान दिया।

    26 रन पर 4 विकेट के बाद भी दिल्ली ने पलटा मैच

    142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। केएल राहुल पहली गेंद पर ही आउट हो गए और टीम ने 26 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। लेकिन इसके बाद समीर रिज़वी और ट्रिस्टन स्टब्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच को पूरी तरह पलट दिया। दोनों ने मिलकर 119 रनों की साझेदारी की और टीम को 6 विकेट से जीत हासिल की।

    समीर रज़वी बने मैच के हीरो

    समीर रिज़वी ने 47 बॉल में 70 रन (4 सिक्स, 5 सेल्स) की शानदार पारियां और प्लेयर ऑफ द मैच बनाए। वहीं ट्रिस्टन स्टब्स ने 32 गेंदों में 39 रन बनाकर अपना बेहतरीन साथ दिया।

    सीज़न अभी लंबा, वापसी की उम्मीद

    खैर ही लखनऊ सुपर जाइंट्स को पहले मैच में हार मिली हो, लेकिन टीम का दबदबा कायम है। आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में वापसी के कई मौके हैं और एलएसजी से अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।

  • सोना और चांदी महंगा होने की राह पर? सरकार ने गोल्ड सिल्वर ज्वैलरी आयात पर पाबंदी लगाई

    सोना और चांदी महंगा होने की राह पर? सरकार ने गोल्ड सिल्वर ज्वैलरी आयात पर पाबंदी लगाई


    नई दिल्ली । भारत में सोने और चांदी की ज्वैलरी खरीदने वाले लोगों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है अब गोल्ड-सिल्वर और प्लैटिनम से तैयार की गई ज्वैलरी का आयात बिना मंजूरी के नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय सरकार ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के म‍िसयूज को रोकने के मकसद से DGFT डायरेक्टरेट जर्नल ऑफ फॉरेन ट्रेड के माध्यम से नई पाबंदियां लागू की हैं।

    पिछले एक साल के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली थी। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.92 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ जबकि चांदी 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इस बढ़ती कीमत और FTA के गलत इस्तेमाल को देखते हुए सरकार ने आयात नियमों को कड़ा कर दिया है।

    DGFT की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अब कस्टम्स टैरिफ हेडिंग 7113 के अंतर्गत आने वाले सभी सोने चांदी और प्लैटिनम से तैयार ज्वैलरी को रिस्ट्रीक्टेड कर दिया गया है। इसका मतलब है कि किसी भी तरह के आयात के लिए पहले DGFT से लाइसेंस या मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यह नियम पुराने कॉन्ट्रैक्ट एडवांस पेमेंट या शिपमेंट की स्थिति को देखते हुए भी लागू होगा।

    हालांकि पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। एक्सपोर्ट स्पेशल इकोनॉमिक जोन और फॉरेन ट्रेड पॉलिसी के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्लान के तहत होने वाला आयात इस पाबंदी से बाहर रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कुछ आयातक भारत-आसियान FTA का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और इसी कारण नई नियमावली बनाई गई।

    सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि सही कारोबारियों को कोई नुकसान नहीं होगा। DGFT के लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की जाएगी ताकि व्यवसायिक गतिविधियां बाधित न हों। यह कदम पिछले साल की रोकथामों का विस्तार है सितंबर 2025 में चांदी ज्वैलरी और नवंबर 2025 में कुछ प्रकार की प्लैटिनम ज्वैलरी के आयात पर रोक लागू की गई थी।

    इस नए नियम के बाद देश में ज्वैलरी के दामों में असर पड़ सकता है। बिना लाइसेंस के आयात पर रोक लगने से कारोबारी महंगी ज्वैलरी को सीमित मात्रा में ही ला पाएंगे जिससे कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। आम ग्राहकों के लिए यह समय सोने और चांदी की खरीद में सोच-समझकर कदम रखने का होगा।

    सरकार का यह कदम FTA के म‍िसयूज को रोकने और आयात प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। DGFT लाइसेंस अनिवार्य करने से कारोबारियों को नियमों का पालन करना होगा और अवैध तरीके से ज्वैलरी लाने की छूट नहीं रहेगी।

    इस फैसले का असर न केवल कारोबारी बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आयात पर पाबंदी से कुछ समय के लिए कीमतों में स्थिरता आएगी लेकिन मांग और आपूर्ति के हिसाब से बाजार में हलचल बनी रहेगी।

  • रासी वैन डर डुसेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 146 मैचों का शानदार करियर खत्म

    रासी वैन डर डुसेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 146 मैचों का शानदार करियर खत्म


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद टॉप ऑर्डर बल्लेबाज Rassie van der Dussen ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 37 वर्षीय बल्लेबाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने करियर को अलविदा कहा। उनके इस फैसले से क्रिकेट जगत में एक युग का अंत माना जा रहा है।

    भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान

    Rassie van der Dussen ने अपने पोस्ट में लिखा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने अपने करियर को त्याग, मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने अपने साथियों, कोच और मेंटर्स का आभार जताते हुए कहा कि इस सफर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।

    युवा खिलाड़ियों को दी खास सीख

    डुसेन ने अपने संदेश में युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक देना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को कभी दूसरों से ज्यादा प्रतिभाशाली नहीं माना, लेकिन मेहनत और विश्वास के दम पर अपने सपनों को साकार किया।

    फैंस और परिवार को कहा धन्यवाद

    दक्षिण अफ्रीकी फैंस के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि भरे स्टेडियम में खेलना और दर्शकों की आवाज सुनना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने अपनी पत्नी लारा का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने हर मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया।

    डोमेस्टिक क्रिकेट में जारी रहेगा सफर

    हालांकि Rassie van der Dussen ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनका क्रिकेट करियर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वह आगे भी घरेलू टीम ‘लायंस’ के लिए खेलते रहेंगे और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देंगे।

    शानदार रहा इंटरनेशनल करियर

    अक्टूबर 2018 में टी20 फॉर्मेट से इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले डुसेन ने कुल 146 मैचों में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किया।

    टेस्ट: 18 मैच, 905 रन (6 अर्धशतक)
    वनडे: 71 मैच, 2657 रन (6 शतक, 17 अर्धशतक)
    टी20: 57 मैच, 1406 रन (10 अर्धशतक)

    उन्होंने अपने शांत स्वभाव और लगातार प्रदर्शन से टीम में अहम भूमिका निभाई।

    क्यों याद किए जाएंगे डुसेन

    डुसेन को उनकी स्थिरता, दबाव में शानदार बल्लेबाजी और टीम के लिए जिम्मेदारी निभाने की क्षमता के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।