Author: bharati

  • मॉनसून की जोरदार बारिश से पानी-पानी हुई मुम्बई….. सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक हुआ ठप

    मॉनसून की जोरदार बारिश से पानी-पानी हुई मुम्बई….. सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक हुआ ठप


    मुंबई।
    मुंबई (Mumbai) में मॉनसून (Monsoon) की जोरदार बारिश (Heavy Rain) ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. सड़कें तालाब बन गई हैं, ट्रैफिक ठप हो गया है. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे (अंडरपास) में इतना पानी भर गया है कि उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

    रातभर की बारिश से अंधेरी, बांद्रा, खार, मालाड, गोरेगांव, जुहू, वर्सोवा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, अंधेरी सबवे में पानी भर गया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा।

    बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं. मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में जलजमाव होना पुरानी समस्या है।

    शहर के निचले इलाकों में कई जगहों पर भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जलजमाव को देखते हुए एहतियातन अंधेरी सबवे को देर रात 1:45 बजे से यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हादसे को रोकने के लिए सबवे के बाहर पुलिस बंदोबस्त किया गया है।

    एक तरफ जोरदार बारिश से मुंबईवासियों को उमस और गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, तो वहीं सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है.

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. बता दें कि मॉनसून इस बार 13 दिन देरी से मुंबई पहुंचा था।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़.. CCTV में पुलिस के साथ काला बैग ले जाते दिखा अविनाश शुक्ला

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़.. CCTV में पुलिस के साथ काला बैग ले जाते दिखा अविनाश शुक्ला

    अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir Offering Theft Case) की जांच अब हर दिन नए मोड़ ले रही है. 24 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें अविनाश शुक्ला (Avinash Shukla) पुलिस और बैंक कर्मियों के साथ एक सफेद रंग की कार की ओर जाता दिखाई दे रहा है. जिसमें उसके हाथ में मौजूद काले रंग के बैग है. सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में वह नकदी थी, जिसे पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बरामद किया था. इधर, पुलिस ने मामले में गिरफ्तार सभी सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान कुछ घरों से जेवरात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है. अब पुलिस इन दस्तावेजों का सत्यापन कर यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं चोरी के पैसों से कोई संपत्ति तो नहीं खरीदी गई।

    सामने आया CCTV फुटेज 5 जून 2026 की रात 8 बजकर 13 मिनट का बताया जा रहा है. वीडियो में पुलिस टीम, बैंक कर्मियों के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला को एक सफेद कार तक ले जाती दिखाई देती है. फुटेज में अविनाश के हाथ में एक काला बैग भी साफ नजर आता है. सूत्रों के मुताबिक, जब ट्रस्ट को मंदिर से चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी, तब पुलिस ने अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुंचकर कार्रवाई की थी. इसी दौरान उसके पास से लगभग पांच लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे. हालांकि पुलिस ने इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच से जुड़े सूत्र लगातार इस ओर इशारा कर रहे हैं.


    क्या ट्रस्ट को पहले से थी चोरी की जानकारी?

    जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की सूचना ट्रस्ट को पहले ही मिल गई थी. बताया जा रहा है कि 5 जून को ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर प्रतिनिधियों ने पुलिस के साथ आरोपी के ठिकाने पर पहुंचकर प्रारंभिक कार्रवाई की थी. बताया जा रहा है कि पुलिस के संज्ञान में मामला 7 जून को सार्वजनिक होने से पहले ही आ चुका था. हालांकि उस समय पुलिस को ट्रस्ट की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी गई थी>


    रविवार सुबह सभी आरोपियों के घर पहुंची पुलिस

    मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए अयोध्या पुलिस ने रविवार सुबह एक साथ सभी गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें करीब डेढ़ घंटे से ढाई घंटे तक आरोपियों के घरों में मौजूद रहीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, उसके भतीजे मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, रमा शंकर मिश्रा सहित सभी सात आरोपियों के घरों की बारीकी से तलाशी ली. इस कार्रवाई की अगुवाई डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी ने की. तलाशी के दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, जरूरी दस्तावेजों की जांच हुई और कई बिंदुओं पर लिखापढ़ी भी की गई.


    जिला प्रशासन की टीम भी रही साथ

    इस पूरी कार्रवाई की खास बात यह रही कि केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी तलाशी प्रक्रिया कराई गई. सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक टीम का उद्देश्य कार्रवाई की पारदर्शिता सुनिश्चित करना था. छापेमारी पूरी होने के बाद पुलिस दलों के बाहर निकलने की प्रक्रिया भी प्रशासन की निगरानी में हुई.


    घर-घर हुई बारीकी से तलाशी

    स्वर्गद्वार मोहल्ले में स्थित मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के घर पुलिस ने कोना-कोना खंगाला. परिजनों की मौजूदगी में अलमारियां खोली गईं, बक्से देखे गए, पर्सों की जांच हुई और घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली गई. करीब ढाई घंटे तक चली इस कार्रवाई के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई. तलाशी के दौरान गवाह के रूप में मौजूद एक पड़ोसी ने बताया कि पुलिस ने घर का कोई हिस्सा नहीं छोड़ा. उसके अनुसार पुलिस ने अलमारियों से लेकर बक्सों और अन्य सामान तक की जांच की, लेकिन तलाशी के दौरान कोई बड़ी नकदी या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई. पुलिस आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जुटाकर वापस चली गई. हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.


    जेवरात और प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले

    जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ आरोपियों के घरों से जेवरात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. अब पुलिस इन दस्तावेजों का सत्यापन कराएगी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि जिन संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, वे कब खरीदी गईं, उनकी कीमत क्या है और खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था. यदि जांच में यह सामने आता है कि चोरी की रकम से कोई संपत्ति खरीदी गई है तो आगे की कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।


    आर्थिक लेनदेन की भी होगी जांच

    पुलिस अब केवल बरामद नकदी या दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहती. जांच का अगला चरण आरोपियों के बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और हाल के वर्षों में हुई संपत्ति खरीद की जांच पर केंद्रित रहेगा. सूत्रों का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो आय के स्रोत, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं. इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि कथित चोरी की रकम का उपयोग आखिर कहां और किस रूप में किया गया. हालांकि कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और लगातार छापेमारी भी चल रही है, लेकिन इस मामले में अभी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं. जैसे:
    – यदि 5 जून को ही पुलिस को जानकारी मिल गई थी तो औपचारिक शिकायत बाद में क्यों दर्ज हुई?
    – CCTV में दिखाई देने वाला काला बैग क्या वास्तव में बरामद नकदी से जुड़ा था?
    – पांच लाख रुपये की बरामदगी का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है?
    – जिन संपत्ति दस्तावेजों की जांच हो रही है, उनका इस मामले से क्या संबंध निकलता है?
    – क्या जांच में और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है?

  • PM मोदी की अपील का असर…. लगातार गिरता जा रहा सोने-चांदी के दाम… जानें आज के रेट

    PM मोदी की अपील का असर…. लगातार गिरता जा रहा सोने-चांदी के दाम… जानें आज के रेट


    नई दिल्ली।
    सोने की कीमत (Gold Rate) बीते लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है. जो सोना कभी महंगाई के नए रिकॉर्ड (New records inflation) बना रहा था, आज वो गिरता ही जा रहा है. 29 जून को फिर से सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सोमवार को ग्लोबल मार्केट (Global Market) में कॉमेक्स गोल्ड (COMEX Gold) की कीमत में 27 डॉलर से अधिक की गिरावट लौटी है. इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स (COMEX) गोल्ड सोमवार, 29 जून को 27.75 डॉलर की गिरावट के साथ 4,059.26 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।

    सिर्फ अंतरर्राष्ट्रीय बाजार ही नहीं, घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 29 जनवरी 2026 को 1.79 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई पर बिकने वाला सोना आज 1.36 लाख रुपये पर गिर चुका है. अगर चांदी की बात करें, तो इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 29 जनवरी को 1 किलो चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच चुकी थी. आज वो गिरते-गिरते 2.15 लाख पर आ चुकी है. यानी चांदी की कीमत अपने ऑल टाइम हाई से 1.69 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है. मई से जून के बीच सोने की कीमत में 13 हजार से अधिक की गिरावट आई है. वहीं चांदी 46000 रुपये तक गिर गई।


    24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट तक सोने की कीमत

    24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,39,461 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,28,260 रुपये प्रति 10 ग्राम.
    18 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,05,017 रुपये प्रति 10 ग्राम.

    PM ने सोना-चांदी नहीं खरीदने की अपील की.
    10 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देशवासियों से अपील की कि वो अगले 1 साल तक सोना ना खरीदें. दरअसर भारत भारी मात्रा में सोने का आयात करता है. सोने के आयात पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है. जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव आता है. कच्चे तेल की खरीद की वजह से पहले से ही भारतीय का फॉरैक्स रिजर्व प्रेशर में है. ऐसे में बढ़ते पश्चिम एशिया के तनाव, तेल की कच्ची कीमत, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने सोना ना खरीदने की अपील की. विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना ना खरीदने की पीएम मोदी की अपील काम आ गई. जिसके बाद से सोने की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।


    क्यों लगातार गिर रहा है सोना?

    पीएम मोदी की अपील के साथ-साथ सरकार ने सोने के आयात पर शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया. सोने का आयात कम करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए गए. जिसका असर सोने की मांग पर दिखा. मांग में कमी के अलावा सोने में मुनाफावसूली , पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बातचीत की उम्मीद, फेरडल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका, डॉलर इंडेक्स में तेजी से सोने पर दबाव बना रखा है।

  • MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे

    MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे


    भोपाल।
    कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Senior leader Digvijaya Singh) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें दर्जनभर विभाग अपने पास नहीं रखने चाहिए, नहीं तो किसी दिन फंस जाएंगे।

    उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री यादव एक मिल मजदूर के बेटे हैं लेकिन वह अगर गड़बड़ी करेंगे तो उन्हें बख्शा भी नहीं जाएगा। कांग्रेस ने एक खबर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री यादव पर उज्जैन में कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे ‘महाकाल’ की जमीन की लूट’ करार दिया था और मुख्यमंत्री यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है।

    इसी मुद्दे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मोहन यादव जी, आपने 12-12 विभाग अपने पास रख रखे हैं। बहुत गलती कर रहे हो। फंस जाओगे। गलती करेगा अधिकारी, पैसा खाएगा अधिकारी और फंसोगे आप। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, एवं ऐसे अन्य समस्त विभाग हैं जो किसी अन्य मंत्री को न सौंपा गया है।

    सिंह ने कहा कि वह भी 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन कभी उन पर कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री) ने एक-एक फाइल ढूंढी लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, मोहन यादव जी आप भी उसकी जांच कर लें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि मेरे पास कोई विभाग ही नहीं था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इसमें इनकी कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन-कौन लोग इनके इस कथित भूमि घोटाले में शामिल हैं।


    दिग्विजय सिंह बोले- हम बख्शेंगे नहीं

    उन्होंने आगे कहा,मैं तो मोहन यादव जी को राय-मशविरा देने के लिए आया हूं। ऐसा मत करो! आप एक मिल मजदूर के बेटे हो। मुख्यमंत्री बने हो, नाम कमाओ! पैसा जो कमा रहे हो न, जिसका हिसाब पता नहीं किस-किस को देना पड़ रहा है आपको। हमारी सहानुभूति है इस मामले में। दिग्विजय सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री पर यदि आरोप लगते हैं तो हम लोग आपको बख्शेंगे नहीं।

    उन्होंने कहा, यह मत समझना कि हमको आप खरीद लोगे। हम कोई बिकाऊ माल नहीं हैं, हम टिकाऊ माल हैं। बिकाऊ माल जो था, गया भाजपा में। ये सब कांग्रेसी जो यहां बैठे हैं, सब टिकाऊ माल हैं। लड़ाई लड़ने के लिए हम तैयार हैं और लड़ाई लड़ेंगे।

  • Snan Yatra 2026: भगवान जगन्नाथ आज 108 कलशों से स्‍नान के बाद होंगे बीमार… फिर 15 दिन का आराम

    Snan Yatra 2026: भगवान जगन्नाथ आज 108 कलशों से स्‍नान के बाद होंगे बीमार… फिर 15 दिन का आराम


    पुरी।
    भगवान जगन्‍नाथ (Lord Jagannath) की रथ यात्रा (Rath Yatra) से पहले एक महत्‍वपूर्ण अनुष्‍ठान किया जाता है, जिसे स्‍नान यात्रा कहा जाता है. ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा (Jagannath Snana Purnima) के दिन महाप्रभु जगन्‍नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा का विशेष स्‍नान होता है, जिस कारण इस दिन को स्‍नान पूर्णिमा और इस परंपरा को स्‍नान यात्रा कहा जाता है।

    साल 2026 में स्‍नान यात्रा आज 29 जून 2026, सोमवार को है. वहीं रथ यात्रा 16 जुलाई 2026 को निकाली जाएगी. रथ यात्रा से पहले भगवान का सुन कुएं के पवित्र जल से स्‍नान होता है. इसके बाद वे 15 दिनों के बीमार पड़ते हैं और आराम के लिए एकांतवास में चले जाते हैं।


    108 स्‍वर्ण कलशों से भगवान का स्‍नान

    स्‍नान यात्रा उत्‍सव मशहूर रथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत होता है. इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी को 108 कलशों के पवित्र जल से स्नान कराया जाता है. यह जल एक खास पवित्र कुएं का होता है, जिसे साल में एक बार ही खोला जाता है. इस जल में खास जड़ी-बूटियां, इत्र आदि मिलाकर 3 देवी-देवताओं का स्‍नान कराया जाता है।

    भगवान का विशेष श्रृंगार होता है. भगवान जगन्‍नाथ गजवेश धारण करते हैं. यानी कि उनका मुख गजानन के रूप में सजाया जाता है. इससे जुड़ी एक कथा है कि भगवान गणेश के एक भक्‍त ने जब जगन्‍नाथ भगवान के दर्शन करने की इच्‍छा की तो उसे भगवान जगन्‍नाथ ने गजानन रूप में दर्शन दिए थे. आज भी उसी परंपरा का पालन करते हुए हर साल स्‍नान यात्रा के दिन भगवान गज वेश धारण करते हैं।


    15 दिन नहीं होंगे दर्शन

    इस महास्‍नान के बाद महाप्रभु जगन्‍नाथ 15 दिन के लिए प्रतीकात्‍मक रूप से बीमार होते हैं और एकांतवास में रहते हैं. इस दौरान श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन नहीं होते हैं. पुजारी भगवान को तरह-तरह के काढ़े का भोग लगाते हैं।

    यह परंपरा बताती है कि भगवान भी इंसान की तरह बीमार होते हैं. उन्‍हें औषधियां दी जाती हैं. 15 दिन के अनवसर काल में के बाद भगवान स्‍वस्‍थ होकर नवयौवन रूप में भक्‍तों को दर्शन देते हैं।

    …फिर निकलती है रथ यात्रा
    इसके बाद कई धार्मिक अनुष्‍ठान प्रारंभ होते हैं और फिर भगवान जगन्‍नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा 3 दिव्‍य और भव्‍य रथों में सवार होकर गुंडिचा मंदिर के लिए निकलते हैं. इन रथों की रस्सियां खींचने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचते हैं. (संबंधित खबर: कौन थीं गुंडिचा, जिनके मंदिर में हर साल जाते हैं भगवान जगन्नाथ?)

    मान्‍यता है कि जो भक्‍त रथ की रस्सियों को छू भी ले उसे जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है और वह मोक्ष प्राप्‍त करता है. वहीं इस रथ यात्रा के दर्शन करने से पाप नष्‍ट होते हैं और सारे तीर्थ करने का पुण्‍य प्राप्‍त होता है।

  • US: ट्रंप फेमिली को 1.6 अरब डालर की डील में हुआ बंपर मुनाफा…. वित्त मंत्री का नाम भी शामिल

    US: ट्रंप फेमिली को 1.6 अरब डालर की डील में हुआ बंपर मुनाफा…. वित्त मंत्री का नाम भी शामिल


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) को लेकर एक नया बवाल शुरू हो गया है। हाल ही में हुए एक बड़े खुलासे के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने हाल ही में एक ऐसी डील (Deel) की है जिससे ट्रंप के बेटे को अरबों का फायदा होने जा रहा है। वहीं इस प्रॉफिट वाली डील में ट्रंप के परिवार के साथ साथ अमेरिका के वित्त मंत्री हावर्ड लुटनिक (Finance Minister Howard Lutnick) का नाम भी है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट की नीति को लेकर सवाल उठने शुरू हो हुए हैं।

    दरअसल यह खुलासा द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में हुआ है। इसके मुताबिक कजाकिस्तान (Kazakhstan) के साथ दुनिया के सबसे बड़े दुर्लभ खनिज ‘टंगस्टन’ के भंडार को विकसित करने के लिए अमेरिका ने हाल ही में 1.6 अरब डॉलर यानी करीब 13,500 करोड़ रुपये की सरकारी डील की है। इस डील से सीधे राष्ट्रपति ट्रंप के बेटों और उनके वाणिज्य मंत्री के परिवार को तगड़ा वित्तीय मुनाफा होने जा रहा है।

    बेहद अहम है ये डील
    कजाकिस्तान के साथ हुआ यह सौदा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। फिलहाल वैश्विक टंगस्टन बाजार पर पूरी तरह चीन का कब्जा है। चीन लगातार इस दुर्लभ खनिज के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध बढ़ा रहा है। बता दें कि टंगस्टन का इस्तेमाल मिसाइल वॉरहेड्स, फाइटर जेट्स, सेमीकंडक्टर्स और कई एडवांस सैन्य तकनीकों में होता है। अमेरिका इस डील के जरिए चीन पर अपनी निर्भरता खत्म करना चाहता है। हालांकि अब टंगस्टन से ज्यादा अब चर्चा उन चेहरों की हो रही है, जिनकी तिजोरियां इस सरकारी सौदे से भरने वाली हैं।

    तय हुई डील, पीछे-पीछे बेटों ने लगा दिए पैसे
    दस्तावेजों के मुताबिक, जैसे-जैसे सरकारी स्तर पर इस डील की बातचीत आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी समय ट्रंप और उनके करीबी मंत्रियों के परिवारों की कंपनियां इस सौदे में अपनी हिस्सेदारी खरीद रही थीं। सितंबर 2025 में न्यूयॉर्क के सेंट रेजिस होटल में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के बीच बैठक हुई। इसी बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद फोन कॉल के जरिए कजाकिस्तान के राष्ट्रपति को इस प्रोजेक्ट के लिए राजी किया।

    इस बैठक के ठीक कुछ हफ्तों बाद, ‘डोमिनारी सिक्योरिटीज’ नाम की एक इन्वेस्टमेंट फर्म ने इस कजाकिस्तान माइनिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य कंपनी में शेयर खरीद लिए। यह कंपनी ट्रंप टावर से चलती है और इसमें डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप की 20% हिस्सेदारी है। दूसरी तरफ, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बेटों ब्रैंडन और काइल की एक कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंक ‘कैंटर फिट्जगेराल्ड’ ने इस प्रोजेक्ट में निवेश के लिए 210 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया।

    सरकारी तिजोरी से $8.9 अरब पाने की होड़
    यह कोई इकलौता मामला नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और लुटनिक परिवारों से जुड़ी कंपनियां कम से कम 14 ऐसी माइनिंग प्रोजेक्ट्स में हित रखती हैं, जिन्हें अमेरिकी सरकार का समर्थन प्राप्त है। ये कंपनियां अमेरिकी सरकार से लगभग 8.9 अरब डॉलर की फेडरल फंडिंग, लोन या रेगुलेटरी मंजूरी पाने की रेस में सबसे आगे हैं।

    संसद में उठे सवाल, वाइट हाउस ने खारिज किए आरोप
    अमेरिकी सांसद मैक्सिन डेक्सटर ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, “संसद को यह सुनिश्चित करना होगा कि टैक्सपेयर्स के पैसों का इस्तेमाल देश के हित में हो, न कि ट्रंप प्रशासन के करीबी लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की जेबें भरने के लिए।” वहीं हितों के टकराव के आरोपों पर अब वाइट हाउस ने अपनी सफाई जारी की है। वाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “ट्रंप प्रशासन के फैसलों के पीछे सिर्फ और सिर्फ अमेरिकी जनता का हित है। अमेरिका की क्रिटिकल सप्लाई चेन को सुरक्षित करना राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता है।” इधर वाणिज्य विभाग ने कहा है कि मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने अपनी पुरानी कंपनी ‘कैंटर फिट्जगेराल्ड’ में अपनी हिस्सेदारी पहले ही बेच दी है और उनका इस लोन या फंडिंग फैसलों से कोई लेना-देना नहीं है।

  • Earthquake : पड़ोसी देश चीन के सिचुआन प्रांत में आया भूकंप… 5.5 रही तीव्रता

    Earthquake : पड़ोसी देश चीन के सिचुआन प्रांत में आया भूकंप… 5.5 रही तीव्रता


    बीजिंग।
    वेनेजुएला (Venezuela) में भूकंप (Earthquake) की तबाही से दुनिया अब तक गमगीन है. वेनेजुएला के बाद जापान और अमेरिका में भूकंप आया. भारत और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस हुए. अब भूकंप की आहट भारत के पड़ोस में सुनाई दी है. जी हां, भारत के पड़ोस यानी चीन (China) में भूकंप आया है. दक्षिण-पश्चिम चीन (Southwest China) के सिचुआन प्रांत (Sichuan Province) में 5.5 तीव्रता का तेज भूकंप आया है. स्थानीय समयानुसार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

    दरअसल, दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के यिबिन शहर में देर रात 5.5 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया. इस भूकंप के झटके चेंगदू और चोंगकिंग जैसे बड़े क्षेत्रीय केंद्रों तक महसूस किए गए. इस भूकंप से लोगों में खौफ का माहौल है. आधी रात को लोग अपने घरों से बाहर की ओर भागते दिखे. भूकंप का केंद्र गाओक्सियन काउंटी में जमीन से महज 6 किलोमीटर की गहराई पर था।

    अभी तक की जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप से केंद्र के पास की कुछ इमारतों की दीवारों को मामूली नुकसान पहुंचा है और आपातकालीन टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं. अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. बता दें इससे दो दिन पहले यानी शनिवार को अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था. इस भूकंप के कारण दिल्ली-एनसीआर के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए थे।


    संडे को जापान में भूकंप

    इसके बाद रविवार को जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इवाते प्रांत के तट के पास रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजकर 25 मिनट पर भूकंप आया. इसका केंद्र करीब 40 किलोमीटर (25 मील) की गहराई में था. भूकंप के झटके आओमोरी प्रांत और आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी महसूस किए गए. राहत की बात यह थी कि इसमें किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई।


    वेनेजुएला में भूकंप की तबाही

    वहीं, वेनेज़ुएला में आए भूकंप के झटकों से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. वेनेजुएला में अब तक 1500 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. अधिकारियों के अनुसार, परिवारों ने कम से कम 68,900 लोगों के लापता होने की जानकारी दी. इस सबके बीच लोगों में हताशा बढ़ती जा रही है. वेनेज़ुएला के सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में से एक, ला ग्वायरा में, अपने प्रियजनों और पड़ोसियों की तलाश कर रहे लोग फावड़ों, भारी मशीनों, रस्सियों और अपने हाथों का इस्तेमाल करके कंक्रीट के ढेर को हटाने की कोशिश करते दिखे।

  • यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस में तेल संकट गहराया, दो रिफाइनरियों पर हमला, पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन की कमी

    यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस में तेल संकट गहराया, दो रिफाइनरियों पर हमला, पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन की कमी


    कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमलों ने हालात और तनावपूर्ण कर दिए हैं। यूक्रेन ने रूस की दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है, जिसके बाद वहां आग लगने और नुकसान की खबरें सामने आई हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार स्वीकार किया है कि देश में ईंधन की कमी की स्थिति बन रही है।

    रिफाइनरी पर हमला, आग और नुकसान

    रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को यूक्रेन ने रूस के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्लाव्यांस्क-ना-कुबानी स्थित इस रिफाइनरी में हमले के बाद एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।

    यह रिफाइनरी हर साल लगभग 40 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और काला सागर के बंदरगाहों के जरिए पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी करती है।

    यूक्रेन का दावा- दो रिफाइनरियां निशाने पर

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि उनके देश के ड्रोन हमलों में रूस की दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया है। उनका कहना है कि हर सफल हमला रूस की सैन्य और आर्थिक क्षमता को कमजोर कर रहा है और शांति की दिशा में एक कदम है। हालांकि रूसी अधिकारियों ने यारोस्लाव क्षेत्र की दूसरी रिफाइनरी पर हमले की पुष्टि नहीं की है।

    रूस में ईंधन संकट के संकेत

    यूक्रेन द्वारा लगातार ऊर्जा ठिकानों पर किए जा रहे हमलों का असर अब रूस के भीतर दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति बन गई है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और कुछ इलाकों में ईंधन की बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है।

    साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में एक सरकारी तेल कंपनी के पंप पर एक वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर ईंधन देने का नियम लागू किया गया है। वहीं रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा है कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन निर्यात समझौतों की समीक्षा की जा रही है।

    पुतिन का बयान और सैन्य स्थिति

    राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया कि देश में ईंधन की कमी की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार तेल संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाएगी, उत्पादन तेज करेगी और जरूरत पड़ने पर आयात पर भी विचार किया जाएगा।

    हालांकि पुतिन ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन के हमलों का मोर्चे पर चल रही लड़ाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन का उद्देश्य रूस के भीतर अस्थिरता पैदा करना है।

    दोनों ओर से हमले जारी

    युद्ध के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हवाई हमले जारी रखे हैं। रूस ने यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर पर बमबारी की, जिसमें दो लोगों की मौत और 16 लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।

    रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने एक रात में 213 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। वहीं यूक्रेन की वायुसेना का कहना है कि रूस ने 142 ड्रोन और 8 मिसाइलें दागीं, जिनमें से अधिकांश को नष्ट कर दिया गया।

  • कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, जानें क्यों नहीं मिल रही राहत

    कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, जानें क्यों नहीं मिल रही राहत


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत जहां युद्ध के दौरान करीब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। इसके बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ी कटौती देखने को नहीं मिल रही है, जबकि पाकिस्तान, भूटान, म्यांमार और नेपाल जैसे देशों में हाल ही में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ है।

    पड़ोसी देशों में घटे दाम, भारत में स्थिरता

    रिपोर्ट्स के अनुसार, भूटान में पेट्रोल की कीमत लगभग 109.73 रुपये से घटकर 99.94 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पाकिस्तान में पेट्रोल 130.82 रुपये से घटकर 101.91 रुपये प्रति लीटर तक आ गया है। वहीं म्यांमार, चीन, नेपाल और श्रीलंका में भी पेट्रोल की कीमतों में कमी दर्ज की गई है।

    डीजल के मामले में भी यही रुझान देखा गया है। पाकिस्तान और चीन में डीजल के दामों में बड़ी गिरावट आई है, जबकि भारत में औसत डीजल कीमत लगभग 98 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।

    भारत में क्यों नहीं घट रहे दाम?

    विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुसार नहीं बदलते। इसका एक बड़ा कारण यह है कि जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा हुआ था, तब सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक कीमतों में वृद्धि नहीं की थी। इस दौरान कंपनियों को भारी नुकसान हुआ, जिसका अनुमान लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक लगाया जा रहा है।

    अब जब कच्चे तेल की कीमतें नीचे आई हैं, तो तेल कंपनियां पहले अपने पुराने घाटे की भरपाई कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद ही कीमतों में कटौती की संभावना बन सकती है।

    सरकारी नीति और टैक्स का असर

    जानकारों के मुताबिक, कीमतें स्थिर रहने की एक वजह सरकार की कर नीति भी है। चुनावी अवधि के दौरान केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर 10 रुपये की कटौती की थी, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली थी।

    हालांकि, इससे सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ा और अनुमान के मुताबिक करीब एक लाख करोड़ रुपये तक की आय में कमी आई। इसी कारण फिलहाल कीमतों में बड़ी कटौती की संभावना सीमित मानी जा रही है।

    तुरंत राहत की उम्मीद कम

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तेल कंपनियों का पिछला नुकसान पूरी तरह से कवर नहीं हो जाता और वैश्विक बाजार में कीमतें स्थिर नहीं रहतीं, तब तक पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों में राहत के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

  • विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि, गगन तकनीक से जेट विमान की हुई सफल लैंडिंग

    विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि, गगन तकनीक से जेट विमान की हुई सफल लैंडिंग


    नई दिल्ली। भारत ने विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की निगरानी में पहली बार जेट इंजन वाले विमान की सैटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली के जरिए सफल लैंडिंग कराई गई। उदयपुर हवाई अड्डे पर इंडिगो के एयरबस A320 विमान ने इसरो और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा विकसित गगन (GPS Aided GEO Augmented Navigation) प्रणाली का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक लैंडिंग की।

    छोटे हवाई अड्डों के लिए साबित होगी वरदान

    इससे पहले टर्बोप्रॉप एटीआर विमान इस तकनीक का उपयोग कर चुके हैं, लेकिन जेट विमान में पहली बार इसका सफल इस्तेमाल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सैटेलाइट आधारित लैंडिंग प्रणाली उन छोटे हवाई अड्डों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जहां पारंपरिक और महंगे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) उपलब्ध नहीं हैं। इससे खराब मौसम में भी सुरक्षित लैंडिंग की क्षमता बढ़ेगी।

    भारत बना चुनिंदा देशों में शामिल

    गगन प्रणाली का विकास इसरो और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से किया है। यह प्रणाली विमान संचालन के लिए लोकलाइजर परफॉर्मेंस विद वर्टिकल गाइडेंस (LPV) जैसी उन्नत लैंडिंग प्रक्रियाओं को आवश्यक सटीकता और कवरेज उपलब्ध कराती है। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी स्वदेशी सैटेलाइट आधारित ऑगमेंटेशन प्रणाली मौजूद है।

    सैटेलाइट नेविगेशन में नई उड़ान

    उदयपुर के लिए संचालित इंडिगो की उड़ान ने वर्टिकल गाइडेंस के साथ लोकलाइजर परफॉर्मेंस अप्रोच (LPV) को सफलतापूर्वक पूरा किया। इसे भारत में सैटेलाइट आधारित विमानन नेविगेशन प्रणाली के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    इंडिगो कर रही तकनीक का विस्तार

    इंडिगो ने वर्ष 2022 में अपने एटीआर विमानों में एलपीवी आधारित संचालन की शुरुआत की थी। अब एयरलाइन अपने जेट विमानों सहित पूरे बेड़े में इस स्वदेशी सैटेलाइट आधारित ऑगमेंटेशन सिस्टम की सुविधा का विस्तार कर रही है। इससे भविष्य में देश के अधिक हवाई अड्डों पर सुरक्षित और आधुनिक लैंडिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।