Author: bharati

  • महाराष्ट्र में अचानक बदला कैबिनेट मीटिंग का दिन, फडणवीस की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से सियासी अटकलें तेज

    महाराष्ट्र में अचानक बदला कैबिनेट मीटिंग का दिन, फडणवीस की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से सियासी अटकलें तेज


    मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में सोमवार को बैठकों का दौर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नियमित तौर पर मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को इस बार एक दिन पहले सोमवार को बुलाया है। इसके बाद महायुति के प्रमुख नेता वर्षा बंगले पर बैठक करेंगे और फिर गठबंधन के नेताओं के लिए डिनर रखा गया है। बैठकों के इस कार्यक्रम ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को हवा दे दी है।

    हालांकि सरकार की ओर से कैबिनेट बैठक की तारीख बदलने की वजह मुख्यमंत्री फडणवीस का मंगलवार को मुंबई से बाहर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना बताया गया है। लेकिन कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद महायुति के वरिष्ठ नेताओं की बैठक और डिनर के कार्यक्रम को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।

    कैबिनेट के बाद महायुति नेताओं की बैठक
    कैबिनेट की बैठक सोमवार दोपहर सह्याद्री गेस्ट हाउस में होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर महायुति के प्रमुख नेताओं की बैठक प्रस्तावित है।

    बैठक में फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की मौजूदगी रहेगी। इसके बाद बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के प्रमुख नेताओं तथा गठबंधन के मंत्रियों के लिए डिनर रखा गया है।

    सरकारी तौर पर इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल बनाना, आपसी मतभेदों को दूर करना और सरकार के कामकाज को गति देना बताया जा रहा है।

    बदलाव की अटकलें क्यों?
    महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक का अचानक एक दिन पहले होना और उसके तुरंत बाद महायुति के शीर्ष नेताओं का साथ बैठना इन अटकलों को और बढ़ा रहा है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना से इनकार किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री फडणवीस राज्य के कामकाज पर लगातार सक्रियता से नजर बनाए हुए हैं।

    सैनी ने वर्षा बंगले पर की फडणवीस से मुलाकात
    इस बीच रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। सैनी वर्षा बंगले पहुंचे, जहां फडणवीस ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात को फिलहाल शिष्टाचार भेंट बताया गया है।

    अब निगाहें सोमवार को होने वाली कैबिनेट और महायुति नेताओं की बैठकों पर टिकी हैं। इन बैठकों में होने वाली चर्चा और नेताओं के बयानों से ही साफ होगा कि यह महज संगठनात्मक समन्वय की कवायद है या महाराष्ट्र की राजनीति में किसी बड़े फैसले की भूमिका तैयार हो रही है।

  • सोमवार व्रत रखने जा रहे हैं तो जान लें ये जरूरी नियम, शिव पूजा की सही विधि से मिलेगा महादेव का आशीर्वाद

    सोमवार व्रत रखने जा रहे हैं तो जान लें ये जरूरी नियम, शिव पूजा की सही विधि से मिलेगा महादेव का आशीर्वाद


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर महादेव की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। विशेष रूप से सावन के सोमवार और अन्य शुभ अवसरों पर सोमवार व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। हालांकि व्रत रखने के साथ पूजा की सही विधि और नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है। यदि आप सोमवार का व्रत रखने जा रहे हैं तो सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा के स्थान को साफ करके वहां भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद शिवलिंग का विधिपूर्वक अभिषेक करें।

    शिवलिंग पर सबसे पहले स्वच्छ जल अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद दूध और जल से अभिषेक करने की परंपरा है। भगवान शिव को बेलपत्र विशेष प्रिय माना जाता है। पूजा के दौरान साफ और साबुत बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह कटा फटा या गंदा न हो। इसके साथ ही भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं। धतूरा और आक के फूल भी शिव पूजा में अर्पित करने की परंपरा है। इसके बाद चंदन लगाकर धूप और दीप जलाएं तथा भगवान शिव को नैवेद्य अर्पित करें।

    सोमवार व्रत के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त श्रद्धा के साथ ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा शिव चालीसा और शिव स्तुति का पाठ भी किया जा सकता है। पूजा के अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। मान्यता है कि पूजा में सबसे अधिक महत्व भक्त की श्रद्धा और भावना का होता है इसलिए दिखावे के बजाय मन से पूजा करना चाहिए।

    सोमवार व्रत में खानपान के नियम व्यक्ति की परंपरा और व्रत के प्रकार के अनुसार अलग हो सकते हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कई लोग फलाहार करते हैं। फलाहार में फल दूध दही मखाना और व्रत में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री का सेवन किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य संबंधी कारणों से लंबे समय तक भूखा नहीं रह सकता तो उसे अपनी क्षमता के अनुसार ही व्रत रखना चाहिए। व्रत के दौरान अत्यधिक तला भुना भोजन करने से बचना बेहतर माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार व्रत के दिन मन को शांत रखना चाहिए और क्रोध तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। किसी का अपमान करने या गलत आचरण से बचना भी व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। शाम के समय दोबारा भगवान शिव की पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जा सकता है। पारण का समय और विधि अलग-अलग परंपराओं में अलग हो सकती है।

    मान्यता है कि नियमित रूप से सोमवार व्रत करने और भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सुख शांति और सकारात्मकता आती है। हालांकि धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित होती हैं। इसलिए सोमवार व्रत को श्रद्धा और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।

  • सऊदी-पाक-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ में ईरान की एंट्री? न्योता मिलने की खबर से पश्चिम एशिया में हलचल

    सऊदी-पाक-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ में ईरान की एंट्री? न्योता मिलने की खबर से पश्चिम एशिया में हलचल


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आने की खबर है। ईरान को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए ‘मक्का पैक्ट’ में शामिल होने का न्योता मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी तक ईरान, सऊदी अरब, पाकिस्तान या तुर्की में से किसी भी देश ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    यह दावा शनिवार को अल मयादीन ने ईरानी संसद की समाचार एजेंसी ‘खानेह मेल्लत’ के प्रमुख मेहदी रहीमी के हवाले से किया। रहीमी के मुताबिक ईरान को मक्का समझौते में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है और इस पर फिलहाल विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देश अपनी सुरक्षा के लिए साझा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    अगर यह खबर सही साबित होती है तो इसे पश्चिम एशिया की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा, क्योंकि सऊदी अरब और ईरान लंबे समय तक एक-दूसरे के क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।

    क्या है ‘मक्का पैक्ट’?

    सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी तीन देशों पर हमला माना जाएगा।

    समझौते का उद्देश्य आपसी रक्षा सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत सैन्य तालमेल, संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

    तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने समझौते के आपसी रक्षा प्रावधान की तुलना NATO के अनुच्छेद 5 से की थी। हालांकि, तीनों देशों ने स्पष्ट किया था कि यह समझौता किसी विशेष देश को निशाना बनाकर नहीं किया गया है।

    ईरान ने पहले नहीं जताई थी आपत्ति

    मक्का पैक्ट के गठन के बाद ईरान ने इस पर खुलकर विरोध नहीं जताया था। 10 अगस्त को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि तेहरान को समझौते से चिंता की कोई वजह नजर नहीं आती। उन्होंने माना था कि क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत महसूस हो रही है।

    ऐसे में अब ईरान को इसी सुरक्षा समझौते में शामिल होने का न्योता मिलने की खबर सामने आना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, ईरान का इसमें शामिल होना पश्चिम एशिया की रणनीतिक राजनीति में बड़ा बदलाव होगा।

    सऊदी और ईरान की रही है पुरानी प्रतिद्वंद्विता

    सऊदी अरब और ईरान के बीच लंबे समय से क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर खींचतान रही है। इसका असर यमन और खाड़ी क्षेत्र की राजनीति में भी दिखाई देता रहा है। यमन में सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता रहा है, जबकि ईरान के हूती विद्रोहियों से संबंध बताए जाते हैं।

    हालांकि, 2023 में चीन की मध्यस्थता से दोनों देशों ने राजनयिक रिश्ते बहाल किए थे। इसके बाद संबंधों में कुछ नरमी आई, लेकिन क्षेत्र में जारी तनाव के बीच दोनों देशों के रिश्तों में चुनौतियां बनी हुई हैं।

    ऐसे में यदि ईरान के ‘मक्का पैक्ट’ में शामिल होने की खबर की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह पश्चिम एशिया के शक्ति समीकरण में महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है। फिलहाल मामला न्योते की रिपोर्ट तक सीमित है और सभी संबंधित देशों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

  • MP में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच तक गिर सकता है पानी, 3 दिन एक्टिव रहेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    MP में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच तक गिर सकता है पानी, 3 दिन एक्टिव रहेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया से बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। डिंडौरी और बालाघाट में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    भोपाल में तेज बारिश, लटेरी में बाजार में भरा पानी

    इससे पहले रविवार रात भोपाल में तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा जिले के लटेरी में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे मेन बाजार की सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    27 अगस्त तक बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा। 27 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। पूर्वी हिस्से के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक 24.8 इंच बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से अब तक 629.8 मिमी यानी 24.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 707.3 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 3 इंच यानी 11% कम बारिश हुई है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।

  • आज का राशिफल 24 अगस्त 2026: किसी को धन लाभ तो किसी को करियर में सफलता, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज का राशिफल 24 अगस्त 2026: किसी को धन लाभ तो किसी को करियर में सफलता, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली।  24 अगस्त 2026 का दिन कई राशि के जातकों के लिए नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के करियर कारोबार धन परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों को लंबे समय से अटके काम पूरे होने की खुशी मिल सकती है तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आज जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने के बजाय परिस्थितियों को समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा। परिवार के लोगों का सहयोग कई मामलों में आपका आत्मविश्वास बढ़ा सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता अधिकारियों की नजर में आ सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य से चल रही नाराजगी बातचीत से दूर हो सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों को आज किसी पुराने निवेश या रुके हुए भुगतान से राहत मिल सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को पुराने संपर्क से फायदा हो सकता है। हालांकि किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें। निजी जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन व्यस्त रहने वाला है। काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन आपकी समझदारी से मुश्किल काम भी पूरे हो सकते हैं। कारोबार में नई योजना बनाने का अच्छा समय है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। किसी करीबी मित्र से महत्वपूर्ण सलाह मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।

    कर्क राशि के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से राहत देने वाला हो सकता है। अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अपने प्रदर्शन का लाभ मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है। कारोबार में कोई नई डील सामने आ सकती है लेकिन दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़ने के बाद ही फैसला करें। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बन सकता है।

    कन्या राशि के जातकों को आज अटके हुए कामों में गति मिल सकती है। नौकरी में सम्मान और जिम्मेदारी दोनों बढ़ने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में पुराना फंसा पैसा वापस मिल सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित होगी। स्वास्थ्य को लेकर दिनचर्या व्यवस्थित रखना जरूरी रहेगा।

    तुला राशि के लिए आज का दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर आपकी राय को महत्व दिया जाएगा। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर होगा।

    वृश्चिक राशि वालों को कारोबार में फायदा मिलने के संकेत हैं। पुराना संपर्क किसी नई डील का रास्ता खोल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामले में सकारात्मक खबर मिलने की उम्मीद है। हालांकि किसी विवाद में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप करने से बचें।

    धनु राशि के लिए आज का दिन नई योजनाओं पर काम करने वाला रहेगा। करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। धन लाभ के योग हैं लेकिन साथ ही खर्च भी बढ़ सकता है। परिवार के साथ किसी यात्रा की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है। प्रॉपर्टी या पुराने निवेश से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना होगी। कारोबार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। घर परिवार में सुख शांति बनी रहेगी।

    कुंभ राशि के जातकों को आज महत्वपूर्ण निर्णय सोच समझकर लेने चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन धैर्य से काम लेने पर स्थिति संभल जाएगी। धन के मामले में जोखिम लेने से बचें। किसी करीबी व्यक्ति से मन की बात साझा करने से तनाव कम हो सकता है।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ परिणाम देने वाला हो सकता है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में किसी शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है। लंबे समय से जिस काम को लेकर प्रयास कर रहे थे उसमें सफलता की उम्मीद बन सकती है। कुल मिलाकर 24 अगस्त का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने वालों के लिए बेहतर साबित हो सकता है।

  • Stock Market Outlook 24 August: बाजार में दिख सकता है उतार-चढ़ाव, Nifty के इन स्तरों पर रहेगी निवेशकों की नजर

    Stock Market Outlook 24 August: बाजार में दिख सकता है उतार-चढ़ाव, Nifty के इन स्तरों पर रहेगी निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली। 24 अगस्त शेयर बाजार: Nifty-Sensex में बन रहा रिकवरी का संकेत, जानें सपोर्ट-रेजिस्टेंस और आज की बाजार रणनीति
    24 अगस्त 2026 यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत निवेशकों के लिए अहम रहने वाली है। पिछले कारोबारी सप्ताह में बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला और Nifty 50 शुक्रवार को 24252 के स्तर पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में Nifty करीब 0.47 प्रतिशत कमजोर रहा हालांकि अंतिम कारोबारी सत्र में इंडेक्स ने मामूली बढ़त के साथ सप्ताह का अंत किया। बाजार में फिलहाल तेजी और कमजोरी के बीच संतुलन की स्थिति दिखाई दे रही है। ऐसे में सोमवार को निवेशकों की नजर घरेलू संकेतों के साथ वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी।

    तकनीकी नजरिए से देखें तो Nifty के लिए 24000 के आसपास का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके ऊपर बने रहने पर बाजार में रिकवरी की कोशिश जारी रह सकती है। वहीं 24400 के आसपास मजबूत प्रतिरोध देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 24400 के ऊपर टिकाऊ तेजी आने पर बाजार में और मजबूती का संकेत मिल सकता है जबकि 24000 के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। कुछ तकनीकी अनुमानों में 24092 और 23993 को भी नजदीकी सपोर्ट जोन माना गया है जबकि 24412 और 24511 प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर बताए गए हैं।

    बैंकिंग शेयरों की बात करें तो शुक्रवार को Bank Nifty में करीब 0.46 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और इंडेक्स 57761.95 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है। ऐसे में सोमवार को Bank Nifty की चाल भी पूरे बाजार के रुख को प्रभावित कर सकती है। हालांकि तेजी के बीच ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता।

    विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। 21 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नकद बाजार में करीब 542.71 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब 2124.14 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार को सहारा दे रहे हैं लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी बाजार की तेजी के सामने चुनौती बनी हुई है।

    वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और भू राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक हो सकते हैं। हाल की बाजार रिपोर्टों में भी तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव को निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बताया गया है। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती हैं और इससे बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है।

    इस बीच शुरुआती संकेतों में GIFT Nifty 24329 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया जो पिछले स्तर से करीब 0.18 प्रतिशत ऊपर था। इससे सोमवार को भारतीय बाजार की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ होने की संभावना का संकेत मिलता है लेकिन GIFT Nifty का रुख केवल शुरुआती संकेत है और वास्तविक बाजार चाल वैश्विक तथा घरेलू घटनाक्रम के अनुसार बदल सकती है।

    कुल मिलाकर 24 अगस्त को बाजार का रुख फिलहाल साइडवेज से हल्का सकारात्मक नजर आ रहा है लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी में ट्रेड लेने से बचना चाहिए। Nifty में 24000 का स्तर कमजोरी की स्थिति में महत्वपूर्ण रहेगा जबकि 24400 के ऊपर मजबूती बाजार में नई तेजी का रास्ता खोल सकती है। निवेशकों को बाजार की चाल देखकर ही निर्णय लेना चाहिए और केवल अनुमान के आधार पर खरीदारी या बिक्री नहीं करनी चाहिए। यह सामान्य बाजार विश्लेषण है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

  • दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1,777 मामलों से बढ़ी चिंता, सरकार ने अस्पतालों को सतर्क रहने और इलाज की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए

    दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1,777 मामलों से बढ़ी चिंता, सरकार ने अस्पतालों को सतर्क रहने और इलाज की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में इन्फ्लूएंजा ए के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में इन्फ्लूएंजा ए के 2,392 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 1,777 मामले एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के बताए गए हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए डॉक्टर, बेड और जरूरी दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है।

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एच1एन1 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार तक राजधानी में 1,777 से अधिक लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। केवल गुरुवार को ही 114 नए मामले सामने आए। लगातार बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थिति पर निगरानी रखने और अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है और इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। बुखार, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द और शरीर में दर्द इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकते हैं। कुछ लोगों में थकान और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

    स्वास्थ्य संबंधी सावधानी के तौर पर लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना जरूरी है। हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से धोने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। बीमार व्यक्ति के बहुत करीब जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आंख, नाक और मुंह को बार-बार हाथ लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि दूषित हाथों के संपर्क में आने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना और थूकने से बचना भी जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहना शरीर में पानी की कमी से बचाने में मदद करता है।

    जिन लोगों में बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या स्थिति बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा का सेवन करने से बचना चाहिए।

    सरकार की ओर से अस्पतालों को उपचार व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में भी चिकित्सा सेवाओं पर अचानक दबाव न पड़े। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर नजर रख रहा है और अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

    राजधानी में एच1एन1 के बढ़ते मामलों के बीच फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चुनौती संक्रमण की रफ्तार को नियंत्रित करना है। लोगों की सतर्कता, व्यक्तिगत स्वच्छता, भीड़भाड़ में सावधानी और लक्षण सामने आने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह संक्रमण के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है। दिल्ली सरकार ने भी लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को गंभीरता से लेने की अपील की है।

  • सीमा पार अफीम तस्करी और ड्रग्स के बदले हथियार भेजने वाले नेटवर्क के चार कथित सदस्य गिरफ्तार, फंडिंग कनेक्शन की जांच

    सीमा पार अफीम तस्करी और ड्रग्स के बदले हथियार भेजने वाले नेटवर्क के चार कथित सदस्य गिरफ्तार, फंडिंग कनेक्शन की जांच

    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग्स के बदले हथियारों की आपूर्ति से जुड़े एक कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के तार नामित खालिस्तानी आतंकवादी अरशदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला से जुड़े हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में चार कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 5.138 किलोग्राम अफीम बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की भी कोशिश की जा रही थी। जांच में ड्रग्स की तस्करी और हथियारों की आपूर्ति के बीच कथित संबंध सामने आया है। बताया जा रहा है कि नेटवर्क सीमा पार से अफीम की तस्करी करता था और इसके बदले हथियार भेजने की गतिविधियों में भी शामिल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

    क्राइम ब्रांच की द्वारका यूनिट ने यह कार्रवाई की। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए चारों कथित सदस्यों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और नेटवर्क के दूसरे हिस्सों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि बरामद नशीले पदार्थों को कहां से लाया गया था और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा हथियारों की कथित आपूर्ति से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

    नार्को-टेरर नेटवर्क में नशीले पदार्थों की तस्करी से हासिल धन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किए जाने का आरोप है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां तस्करी के रास्तों, आर्थिक लेनदेन, संपर्कों और सीमा पार मौजूद नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। दिल्ली में सामने आया यह मामला भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित कथित नेटवर्क से जोड़कर जांच शुरू की है।

    पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है। जांच एजेंसियों के लिए इस तरह के नेटवर्क का पता लगाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नशीले पदार्थों से मिलने वाले धन का इस्तेमाल हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में किए जाने की आशंका रहती है।

    फिलहाल गिरफ्तार चारों कथित आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकती है, ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना सामने लाई जा सके। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इस मॉड्यूल में कितने लोग सक्रिय थे और इसका संचालन किन स्थानों से किया जा रहा था।

    पुलिस की जांच में यदि सीमा पार संपर्क, हथियारों की आपूर्ति और आतंकी फंडिंग से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल 5.138 किलोग्राम अफीम की बरामदगी और चार कथित सदस्यों की गिरफ्तारी को शुरुआती कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों, तस्करी के रास्तों और कथित आतंकी फंडिंग की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है।

  • मां से विवाद के बाद घर से निकली थी नाबालिग, बारामती में शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की

    मां से विवाद के बाद घर से निकली थी नाबालिग, बारामती में शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट के विधायक रोहित पवार के पर्सनल असिस्टेंट की 12 वर्षीय बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। नाबालिग का शव रविवार सुबह साईनगर इलाके में उसके घर के पास नाले के किनारे मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया।

    पुलिस के अनुसार, शनिवार को बच्ची का अपनी मां से किसी बात को लेकर मामूली विवाद हुआ था। इसके बाद वह नाराज होकर घर से बाहर चली गई थी। काफी समय बीतने के बाद जब बच्ची वापस घर नहीं लौटी तो परिवार ने पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी।

    रविवार सुबह बच्ची का शव घर के पास मिलने की जानकारी पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए बारामती सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    मामले की सूचना मिलने के बाद विधायक रोहित पवार भी बारामती मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बच्ची के परिवार से मुलाकात की। उनके अनुसार अस्पताल में परिवार के सदस्यों के अलावा बच्ची के दोस्त और परिचित भी मौजूद थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की और पुलिस अधिकारियों के साथ करीब आधे घंटे तक मामले को लेकर चर्चा की।

    पुलिस इस मामले को फिलहाल संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के तौर पर देख रही है। जांच में आत्महत्या की संभावना समेत अन्य पहलुओं को भी शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर चैतन्य कदम के अनुसार, बच्ची के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को घर से निकलने से पहले मां के साथ विवाद की जानकारी मिली। हालांकि, इस विवाद और बच्ची की मौत के बीच क्या संबंध था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    पुलिस घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल और दूसरे साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस एक लड़के के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है। इन सभी जानकारियों के आधार पर पुलिस घटना से पहले बच्ची की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और कॉल डिटेल से मिलने वाली जानकारी को भी जांच के दौरान जोड़ा जाएगा।

    नाबालिग की संदिग्ध मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • सपा के साथ आए तो चमकी सहयोगियों की किस्मत? कांग्रेस से बसपा और जयंत-राजभर तक, 4 चुनावों के आंकड़ों से समझिए समीकरण

    सपा के साथ आए तो चमकी सहयोगियों की किस्मत? कांग्रेस से बसपा और जयंत-राजभर तक, 4 चुनावों के आंकड़ों से समझिए समीकरण


    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के चवन्नी को रुपया बनाने वाले बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में गठबंधन की राजनीति को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अखिलेश यादव ने 16 अगस्त को सहयोगी दलों पर तंज कसते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने कई ऐसे गठबंधन किए जिनमें छोटे दलों को साथ लेकर उन्हें राजनीतिक ताकत दी लेकिन बाद में वही सहयोगी उन्हें छोड़कर चले गए। उनके इस बयान पर राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी के समर्थकों और बसपा प्रमुख मायावती की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चुनावी आंकड़े भी अखिलेश के दावे को मजबूती देते हैं और सपा के साथ गठबंधन करने वाले दलों को वास्तव में राजनीतिक फायदा मिला।

    अगर 2024 के लोकसभा चुनाव से शुरुआत करें तो तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आती है। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 62 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और 37 सीटों पर जीत दर्ज की। यह उसके लिए बड़ी वापसी थी क्योंकि इससे पहले लगातार दो लोकसभा चुनाव में पार्टी महज पांच पांच सीटों पर सिमट गई थी। इसी चुनाव में कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन में 17 सीटों पर मैदान में उतरी और छह सीटें जीतने में सफल रही। 2019 में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक सीट मिली थी। इस लिहाज से सपा के साथ गठबंधन के बाद उसके प्रदर्शन में बड़ा सुधार हुआ।

    2024 में जन अधिकार पार्टी को भी सपा के साथ गठबंधन का फायदा मिला। पार्टी के प्रमुख बाबू सिंह कुशवाहा को जौनपुर सीट से सपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारा गया और उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार लोकसभा का रास्ता तय किया। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी ललितेश पति त्रिपाठी भदोही से चुनाव हार गए और पार्टी का खाता नहीं खुल सका।

    अब 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो सपा और बसपा ने लंबे अंतराल के बाद साथ चुनाव लड़ा था। बसपा ने 38 और सपा ने 37 सीटों पर चुनाव लड़ा। बसपा ने 10 सीटें जीतीं जबकि सपा के खाते में सिर्फ पांच सीटें आईं। खास बात यह थी कि 2014 में बसपा एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाई थी। इस लिहाज से 2019 में उसका प्रदर्शन बड़ी वापसी माना गया। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों दलों का गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं चला और बसपा ने सपा से दूरी बना ली।

    2022 के विधानसभा चुनाव में भी सपा ने कई छोटे दलों को अपने साथ जोड़ा। जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल ने 33 सीटों पर चुनाव लड़कर आठ सीटें जीतीं। 2017 में रालोद के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी। इसी तरह ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने 19 सीटों पर चुनाव लड़कर छह सीटें जीतीं। हालांकि अपना दल कमेरावादी की पल्लवी पटेल को सिराथू से बड़ी जीत मिली लेकिन पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा। दूसरी ओर महान दल और जनवादी पार्टी समाजवादी गठबंधन के बावजूद कोई सीट नहीं जीत सके।

    2017 में सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था लेकिन दोनों दलों को बड़ा फायदा नहीं मिला। सपा 298 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 47 सीटें जीत सकी जबकि कांग्रेस 105 सीटों पर लड़कर सात सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 2012 की तुलना में 21 सीटों का नुकसान हुआ था।

    इन आंकड़ों को देखें तो 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव तथा 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करने वाले कई बड़े दलों के प्रदर्शन में सुधार जरूर दिखाई देता है। हालांकि हर सहयोगी को समान सफलता नहीं मिली। कुछ दलों को सीटें मिलीं तो कुछ गठबंधन के बावजूद चुनावी जमीन मजबूत नहीं कर सके। यही वजह है कि अखिलेश के बयान को लेकर राजनीतिक बहस आंकड़ों के साथ साथ गठबंधन की रणनीति और सीट बंटवारे तक पहुंच गई है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा और उसके संभावित सहयोगियों के बीच यह सियासी रिश्ता किस दिशा में जाता है।