Author: bharati

  • एमपी सरकार ने 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी अब खुलेंगे चार मेडिकल कॉलेज 2027 से एमबीबीएस प्रवेश

    एमपी सरकार ने 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी अब खुलेंगे चार मेडिकल कॉलेज 2027 से एमबीबीएस प्रवेश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में अब देश में पहली बार सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल पर चार नए मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं। इन कॉलेजों में 2027-28 से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश शुरू होगा। यह योजना राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी क्योंकि इन कॉलेजों के जरिए 2035 तक डॉक्टरों की बड़ी संख्या तैयार हो सकेगी।इन मेडिकल कॉलेजों में हर कॉलेज में कम से कम 100 सीटें होंगी हालांकि सरकार ने प्रवेश 150 सीटों से शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। भविष्य में कॉलेजों की सीटों की संख्या बढ़कर 250 तक हो सकती है। इस प्रकार इन कॉलेजों से हर साल बड़ी संख्या में डॉक्टर निकलकर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में योगदान देंगे।

    सरकार की शर्त

    इस योजना में सरकार ने खास शर्त रखी थी कि निवेशक को खुद कॉलेज बनाना होगा। हालांकि पीपीपी मॉडल को लेकर पहले कई बार निविदाएं आमंत्रित की गईं लेकिन पहले चार फिर दस और बाद में बारह जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कोई निवेशक सामने नहीं आया। यह परियोजना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण थी लेकिन अंततः सरकार ने फैसला किया कि वह निवेशकों को 1 रुपये में 25 एकड़ ज़मीन देगी। इस निर्णय के बाद ही निवेशक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए सामने आए। इस निर्णय के बाद राज्य सरकार ने चार मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों से प्रस्ताव स्वीकार किए और इस परियोजना की शुरुआत की। इन कॉलेजों के खुलने से मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का एक नया अवसर मिलेगा।

    राज्य में चिकित्सा शिक्षा का सुधार

    पीपीपी मॉडल के तहत इन कॉलेजों के खुलने से न केवल स्वास्थ्यसेवाओं में सुधार होगा बल्कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मोड़ आएगा। यह कदम राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और भविष्य में अधिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा इन कॉलेजों में स्नातक एमबीबीएस के अलावा पोस्ट ग्रेजुएट और सुपर स्पेशलिटी कोर्स भी शुरू किए जा सकते हैं।

  • नए साल में एमपी के 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना 10 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा

    नए साल में एमपी के 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना 10 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के 15 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार की है जो नए साल 2026 से लागू होगी। इस योजना को मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से प्रस्तावित किया गया है और इसमें कर्मचारियों को आयुष्मान भारत की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।इस योजना में कर्मचारियों को हरियाणा और राजस्थान की तरह कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।
    इसमें सामान्य इलाज के लिए ₹5 लाख तक और गंभीर बीमारियों के लिए ₹10 लाख तक निशुल्क इलाज मिलेगा। इसके तहत कर्मचारी सेवानिवृत्त कर्मी और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।कर्मचारी संगठनों के सुझाव पर तैयार की गई इस योजना में सरकार का योगदान भी महत्वपूर्ण होगा। कर्मचारियों के वेतन से एक निश्चित राशि का अंशदान लिया जाएगा जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इस तरह से कर्मचारियों को आर्थिक बोझ से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को कवर किया जाएगा।

    राज्य सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से चल रहे स्वास्थ्य बीमा के मुद्दे पर सकारात्मक उत्तर है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से ऐसे लाभ की मांग कर रहे थे और इस योजना से उनकी उम्मीदें पूरी होती दिख रही हैं।राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल करना है बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना भी है। इसके लिए प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों से अनुबंध किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

    इस योजना का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी इस योजना का पूरा फायदा मिलेगा। यह कदम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण पहलू साबित हो सकता है।
    यह स्वास्थ्य योजना कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य संकटों में उन्हें राहत देने के लिए बनाई गई है। योजना के लागू होने से कर्मचारियों को अस्पतालों में भर्ती इलाज और ऑपेडी जैसी सभी सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।

  • कर्नाटक में भीषण हादसा… ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर कोच बस में लगी आग… 10 लोगों की मौत

    कर्नाटक में भीषण हादसा… ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर कोच बस में लगी आग… 10 लोगों की मौत


    चित्रदुर्ग ।
    कर्नाटक (Karnataka) में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे (Road Accident ) में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga district) में एक ट्रक से टक्कर (Collision with a truck) के बाद निजी स्लीपर कोच बस (Sleeper coach bus) में आग लगने से कम से कम 10 लोगों की जलकर मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही निजी स्लीपर कोच बस को एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी और उसमें तुरंत आग लग गई। पुलिस ने बताया कि चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक में गोरलाथु क्रॉस के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर यह सड़क दुर्घटना हुई।


    डिवाइडर पार कर बस से टकराया ट्रक

    पुलिस ने बताया कि हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रहा एक ट्रक डिवाइडर को पार कर गया और बेंगलुरु से शिवमोगा जा रही एक बस से टकरा गया। पुलिस का कहना है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका पास के ही अस्पताल में इलाज जारी है।


    शुरुआती जांच में सामने आई ट्रक चालक की लापरवाही

    पुलिस की शुरुआती जांच में ट्रक चालक की लापरवाही की बात सामने आई है। ट्रक से हुई भीषण टक्कर के चलते बस में तुरंत ही आग लग गई थी और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसकी वजह से पुलिस को बचाव कार्य करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हादसे में स्लीपर कोच में आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर फंस गए थे।


    पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में हुए सड़क हादसे पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से गहरा दुःख हुआ है। अपनों को खोने वालों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’

    एक रिपोर्ट के मुताबिक चित्रदुर्ग के पुलिस अधीक्षक रंजीत ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच की निगरानी कर रहे हैं। हिरियूर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस ने शक जताया है कि ट्रक चालक गाड़ी चलाते समय सो गया होगा।

  • UP: शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आया परिवार, 5 लोगों की मौत

    UP: शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आया परिवार, 5 लोगों की मौत


    शाहजहांपुर।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. यहां रोजा रेलवे स्टेशन (Roza Railway Station) के आउटर इलाके में रेलवे ट्रैक पार करते समय गरीब रथ ट्रेन (Garib Rath Train) की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्य और उनका एक रिश्तेदार शामिल है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के बारे में पता चलते ही स्टेशन पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    हादसा उस समय हुआ, जब हरिओम नाम का युवक अपने रिश्तेदार सेठपाल, उसकी पत्नी पूजा और उनके दो बच्चों को रेलवे स्टेशन छोड़ने आया था. दोनों परिवार एक ही बाइक पर सवार होकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे. यह रास्ता आमतौर पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ट्रैक पार करते समय बाइक सवार ट्रेन की दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा सके. इसी दौरान तेज रफ्तार में गरीब रथ ट्रेन आ गई और पांचों लोग चपेट में आ गए.

    हादसा इतना भीषण था कि दो पुरुष, एक महिला और दो बच्चों की मौके पर ही ट्रेन से कटकर मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में जीआरपी पुलिस और रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। जीआरपी ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मृतकों के परिजन लालाराम ने कहा कि हमारा लड़का हरिओम अपनी मां को छोड़ने शहर आया था. उसके बाद वह अपने साढू के परिवार के साथ लौट रहा था. रास्ते में हादसा हो गया. वहीं जीआरपी एसओ मदनपाल ने कहा कि यहां एक रास्ता है, जिस पर रेलवे कर्मचारी निकलते हैं, वहां से यह परिवार बाइक से निकल रहा था. यह जज नहीं कर पाया कि किधर से ट्रेन आ रही है, तभी यह हादसा हो गया।

    एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि शाहजहांपुर के रोजा स्टेशन के आउटर पर एक बाइक से पति-पत्नी उनके दो बच्चे और उनका एक साढू रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जीआरपी आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश

    केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश


    नई दिल्ली।
    अरावली पहाड़ियों (Aravalli Hills) को लेकर केंद्र सरकार (Central government) ने बुधवार को बड़ा फैसला (Big Decision) लिया। केंद्र ने राज्यों को अरावली में नए खनन पट्टे (New Mining Leases) देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि वह अरावली की पहाड़ियों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जैव विविधता के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है। अरावली रेंज दिल्ली से गुजरात तक फैली हुई है, जिसको लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। सोशल मीडिया पर भी लोग अरावली को लेकर सरकार का विरोध कर रहे थे। अब अवैध खनन से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्यों को अरावली में किसी भी तरह की नई माइनिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए।

    पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, ”यह रोक पूरी अरावली रेंज पर समान रूप से लागू होगी और इसका मकसद इस रेंज की अखंडता को बनाए रखना है। इन निर्देशों का मकसद अरावली को गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली एक लगातार भूवैज्ञानिक पहाड़ी के रूप में सुरक्षित रखना और सभी अनियमित माइनिंग गतिविधियों को रोकना है।” इसके अलावा, मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे और इलाकों/जोन की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये इलाके केंद्र द्वारा पहले से प्रतिबंधित खनन क्षेत्रों के अलावा होंगे, और इनकी पहचान पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और लैंडस्केप-स्तर के विचारों के आधार पर की जाएगी।

    सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जो खदानें पहले से चल रही हैं, उनके लिए संबंधित राज्य सरकारें सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करें। पर्यावरण की सुरक्षा और टिकाऊ खनन तरीकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, चल रही खनन गतिविधियों को अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा।

    नवंबर 2025 में, शीर्ष अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय के नेतृत्व वाली एक समिति की सिफारिश पर अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की एक समान कानूनी परिभाषा को स्वीकार कर लिया। इस परिभाषा के तहत, ‘अरावली पहाड़ी’ अपने आसपास के इलाके से कम से कम 100 मीटर की ऊंचाई वाली एक भू-आकृति है और ‘अरावली रेंज’ एक दूसरे के 500 मीटर के भीतर दो या दो से अधिक ऐसी पहाड़ियों का समूह है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना शुरू हो गई थी।

    वहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने कांग्रेस पर अरावली की नई परिभाषा के मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ और ‘झूठ’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पर्वत श्रृंखला के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन किया जा सकता है। यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार अरावली की सुरक्षा और पुनर्स्थापन के लिए ‘पूरी तरह से प्रतिबद्ध’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने अपने शासनकाल में राजस्थान में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की अनुमति दी, लेकिन वह अब इस मुद्दे पर भ्रम, गलत सूचना और झूठ फैला रही है।’’ उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुमोदित नई परिभाषा का उद्देश्य ‘अवैध खनन पर अंकुश लगाना’ और ‘कानूनी रूप से टिकाऊ खनन’ की अनुमति देना है तथा वह भी तब होगा जब भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) संपोषणीय खनन के लिए प्रबंधन योजना (एमपीएसएम) तैयार कर लेती है।

  • PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) में बसंतकुंज योजना (Basant Kunj Scheme) में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल (National Inspiration Site) का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। पीएम यहां पर लगी तीन विभूतियों अटल बिहारी वापजेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण भी करेंगे। इन विभूतियों के संस्मरणों को संजोने के लिए बने म्यूजियम का लोकार्पण भी होगा।

    इस आयोजन में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री करीब दो बजे आयोजन स्थल पर हेलीकाॅप्टर से पहुंचेंगे। लोकार्पण के लिए आयोजन स्थल के साथ पूरे शहर को सजाया व संवारा गया है। आयोजन स्थल को भव्य बनाने के लिए कई प्रदेशों से बेहतरीन फूल वाले पौधे मंगाए गए हैं।

    पूरे शहर में डिवाइडरों को साफ कर रंगा गया है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर स्ट्रीट लाइट के पोल पर रंगीन लाइट वाली झालरें लगाई गई हैं। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कराई गई है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में आसपास के कई जिलों से करीब 2000 बसें आ रही हैं। इनकी पार्किंग के खास इंतजाम किए गए हैं। कुल 13 पार्किंग बनाई गई हैं। इनमें 2600 बसें और 2000 कारें खड़ी हो सकेंगी। व्यवस्था बनी रहे इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।


    आकर्षित करती हैं भव्य प्रतिमाएं

    – प्रेरणा स्थल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं।
    – राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
    – पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
    – डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने पूरा किया है।
    – तीनों विभूतियों की प्रतिमाओं के निर्माण पर 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।


    पहले प्रतिमाओं को होगा अनावरण

    बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगा गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम को लोकार्पण करेंगे। वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों को देखेंगे। पहली गैलरी में डिजिटल सिस्टम के जरिये राष्ट्र नायकों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बनाए गए भारत माता, जनसंघ के प्रतीक चिह्न दीपक और सुदर्शन चक्र गैलरी में जाएंगे। राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं को देखने के लिए प्रथम तल पर बनी गैलरी में भी जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करेंगे।


    बदला रहेगा शहर का यातायात

    25 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने राजधानी आ रहे हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन जारी किया है। 24 दिसंबर की रात 12 बजे से बृहस्पतिवार को कार्यक्रम की समाप्ति तक यातायात बदला रहेगा। इमरजेंसी की स्थिति में प्रतिबंधित मार्ग पर एंबुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन को रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।


    आंतरिक डायवर्जन

    – मलीहाबाद चौराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर भारी या अन्य वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जाना होगा।
    – मुंजासा तिराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जा सकेंगे।
    – बाजनगर किसान पथ अंडरपास से छंदोईया बाईपास तिराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ होकर जाएंगे।
    – कसमंडी (हमसफर लॉन) अंडरपास से अंधे की चौकी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें किसानपथ होकर जाना होगा।
    – छंदोईया बाईपास तिराहे से कार्यक्रम स्थल, भिठौली तिराहे की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन अंधे की चौकी तिराहे, बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ या दुबग्गा तिराहे होकर जाएंगे।
    – तिकोनिया तिराहे से दुबग्गा तिराहे, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ भारी वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन नहर तिराहे मोहान रोड, खुशहालगंज बाजार होते हुए खुशहालगंज किसान पथ अंडरपास से किसानपथ होकर जाएंगे।
    – भिठौली तिराहे से कार्यक्रम स्थल, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें सैरपुर तिराहे, अस्ति क्राॅसिंग, बख्शी का तालाब होकर इंदौराबाग अंडरपास से किसान पथ या इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से होकर जाना होगा।
    – नया पक्कापुल तिराहे, कुड़ियाघाट तिराहे से कार्यक्रम स्थल, घैला तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें रूमी गेट, कोनेश्वर चौराहे, बालागंज चौराहे, दुबग्गा तिराहे से होकर जाना होगा।
    – दुबग्गा तिराहे से वाहन छंदोईया या सीतापुर बाईपास की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें तिकोनिया तिराहे से होकर जाना होगा।
    – नहरपुल तिराहे से वाहन बुद्धेश्वर की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें जीरो पॉइंट या किसान पथ के ऊपर से होकर जाना होगा।


    कुछ ऐसा रहेगा बाहर से आने वाले वाहनों का डायवर्जन

    – कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन अंबेडकरनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ समेत अन्य जिलों की ओर जाने के लिए कानपुर, फतेहपुर, लालगंज, बछरांवा, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – उन्नाव की तरफ से आने वाले भारी वाहन उन्नाव के दही चौकी से पुरवा, मौरावां, बछरावां, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे। इसके अलावा उन्नाव (ललऊखेड़ा) से बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरावां से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर भी जा सकेंगे।
    – सीतापुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन चाहलारी होते हुए बहराईच से गोंडा व बलरामपुर होकर जा सकेंगे।
    – हरदोई की तरफ से आने वाले भारी वाहन बघौली, बांगरमऊ, उन्नाव (ललऊखेड़ा), बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरांवा से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे।
    – सुल्तानुपर रोड / हैदरगढ़ (जनपद बाराबंकी) की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – रायबरेली रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन बछरावां से हैदरगढ़ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाएंगे।
    – बाराबंकी रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ, बछरावां, लालगंज, फतेहपुर, चौडगरा होकर जा सकेंगे। इसके अलावा बाराबंकी रोड से बहराईच के चहलारी घाट से सीतापुर होकर भी जा सकते हैं।


    चप्पे-चप्पे पर रहेगी की पुलिस की नजर

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल व उसके आसपास के पूरे इलाके पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। हर जगह चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा के लिए 18 पुलिस उपायुक्त, 26 अपर पुलिस उपायुक्त, 80 सहायक पुलिस आयुक्त, 189 इंस्पेक्टर, 1367 दरोगा, 214 महिला दरोगा, 4312 सिपाही, 997 महिला सिपाही, 18 कंपनी पीएसी, 4 कंपनी आरएएफ, 8 बम निरोधक दस्ता, एनएसजी की दो टीमें, एटीएस की एक टीम, एंटी ड्रोन की दो टीमें, एक एंटी माइन टीम, 14 एंटी सबोटाज टीम तैनात की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की जा रही है। क्विक रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। पुलिस की चार टीमों को रिजर्व में रखा गया है।


    अलर्ट पर लखनऊ के सरकारी अस्पताल

    शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केजीएमयू, पीजीआई और लोकबंधु अस्पताल को सेफ हाउस बनाया गया है। लोकबंधु की टीम एयरपोर्ट पर मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा एंबुलेंस, प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के लाइव डोनर की भी पुख्ता व्यवस्था कर रखी गई है।

    सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पीजीआई, केजीएमयू को सेफ हाउस बनाया गया है। वहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टर और स्टाफ की ड्यूटी लगाई है। ऐसे ही लोकबंधु अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ की ड्यूटी तीसरे सेफ हाउस के तौर पर एयरपोर्ट पर रहेगी।

    प्रधानमंत्री के शहर में आगमन से लेकर जाने तक 20 बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और चार एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस अलर्ट रहेंगी। प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के दो लाइव डोनर उनकी फ्लीट में रहेंगे। सभी ब्लड बैंकों में प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप वाले रक्त को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल की पार्किंग में डॉक्टर व स्टॉफ की 20 टीमें रहेंगी। पीएम की फ्लीट के साथ चार टीमें रहेंगी।

  • Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,

    Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,


    नई दिल्‍ली । कई बार ऐसा होता है कि हम महंगी से महंगी क्रीम, सीरम और फेस पैक इस्तेमाल करते हैं, फिर भी चेहरे पर वो निखार नहीं आता जिसकी उम्मीद होती है। तब मन में सवाल उठता है कि आखिर कमी कहां रह गई। असल में स्किन की सेहत सिर्फ बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों पर टिकी होती है। सही दिनचर्या अपनाकर, बिना ज्यादा खर्च किए भी चेहरे पर नैचुरल पिंक ग्लो लाया जा सकता है।अगर नींद पूरी नहीं होती, तो उसका असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है। डलनेस, डार्क सर्कल और पिंपल्स की बड़ी वजह खराब स्लीप साइकल मानी जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद स्किन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करती है। अच्छी नींद से चेहरा फ्रेश दिखता है और नेचुरल ग्लो अपने आप नजर आने लगता है।

    पानी की कमी छीन लेती है चेहरे की चमक

    दिनभर कम पानी पीने से शरीर ही नहीं, स्किन भी डिहाइड्रेट हो जाती है। जब स्किन में नमी की कमी होती है, तो चेहरा बेजान और रूखा लगने लगता है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और स्किन अंदर से हाइड्रेट रहती है। यही आदत चेहरे पर पिंक और हेल्दी ग्लो लाने में मदद करती है।
    संतुलित डाइट है नेचुरल ब्यूटी का राज
    स्किन की सेहत का सीधा कनेक्शन हमारे खाने से होता है। ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। वहीं फल, सब्जियां, नट्स और प्रोटीन से भरपूर डाइट स्किन को जरूरी पोषण देती है। विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाना स्किन को अंदर से मजबूत बनाता है।

    चेहरे की सही सफाई भी है जरूरी

    दिनभर धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन चेहरे पर जम जाता है। अगर स्किन को ठीक से साफ न किया जाए, तो पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। दिन में दो बार हल्के क्लींजर से फेस वॉश करना स्किन को साफ रखता है और नेचुरल ग्लो बनाए रखने में मदद करता है।

    धूप से बचाव भी है स्किन के लिए जरूरी

    बिना धूप से बचाव के बाहर निकलना स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। सूरज की तेज किरणें स्किन एजिंग और पिगमेंटेशन बढ़ा सकती हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाहर जाते समय सन प्रोटेक्शन अपनाना स्किन को लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखता है।

    तनाव कम करेंगे तो चेहरा खुद बोलेगा
    ज्यादा तनाव सिर्फ दिमाग ही नहीं, स्किन को भी प्रभावित करता है। स्ट्रेस हार्मोनल बदलाव लाकर स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। रोज थोड़ा वक्त खुद के लिए निकालना, रिलैक्स करना और पॉजिटिव रहना चेहरे पर साफ नजर आता है।

  • माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा

    माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा


    नई दिल्‍ली । माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नए आदेश जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं। नए नियमों के अनुसार, हर श्रद्धालु को यात्रा पंजीकरण के साथ आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यात्रा शुरू करने और पूरी करने के लिए अब स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। नए नियम के अनुसार, श्रद्धालुओं को आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करने के 12 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे के भीतर यात्रा पूरी कर कटड़ा आधार शिविर लौटना अनिवार्य होगा। बता दें कि पहले केवल यात्रा आरंभ करने के लिए 12 घंटे की सीमा थी, लेकिन यात्रा पूरी करने की कोई निर्धारित समय सीमा नहीं थी। अब पहली बार यात्रा पूरी करने के लिए भी समय सीमा लागू कर दी गई है।

    क्‍यों लिया गया ये फैसला?

    श्राइन बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि नव वर्ष के करीब आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। विशेष रूप से नव वर्ष से कुछ दिन पहले माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस संभावित भीड़ और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नए आदेश लागू किए गए हैं। बोर्ड ने यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे श्रद्धालुओं को इन आदेशों के बारे में लगातार जानकारी देते रहें। नए नियम सभी प्रकार की यात्रा पर लागू होंगे, चाहे श्रद्धालु पैदल, हेलीकॉप्टर या बैटरी कार से यात्रा कर रहे हों।

    RFID कार्ड मिलने का समय बढ़ाया गया

    कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित यात्रा पंजीकरण केंद्र पर RFID यात्रा कार्ड प्राप्‍त करने का समय बढ़ाया गया है। अब श्रद्धालु रात 12 बजे तक अपने RFID यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह सेवा केवल रात 10 बजे तक उपलब्ध थी। जो यात्री ट्रेन से देर रात कटड़ा पहुंचते हैं, वे दर्शन डियोड़ी प्रवेश द्वार पर 24 घंटे RFID कार्ड ले सकते हैं। इससे रात में भी श्रद्धालुओं को यात्रा आरंभ करने में सुविधा होगी और भीड़ नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

    SMVDSB ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

    माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड SMVDSB ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सहज यात्रा सुनिश्चित करने के इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में बोर्ड के CEO ने अधिकारियों को यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से RFID-आधारित एक्सेस कंट्रोल के जरिए यात्रा के कड़े नियमों पर जोर दिया गया, ताकि केवल वैध RFID कार्ड वाले श्रद्धालु ही आगे बढ़ सकें।सुरक्षा एजेंसियों ने मीटिंग में मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड की जानकारी साझा की, जिसमें पुलिस, CRPF और श्राइन बोर्ड सुरक्षा टीम शामिल हैं। इन टीमों के साथ क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात हैं, जो तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक समय में संभावित खतरों का तुरंत अंदाजा लगाया जा सके।

    कितनी है कटरा से वैष्णो देवी यात्रा की दूरी?

    कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। श्रद्धालु इसे पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर के माध्यम से तय कर सकते हैं। पैदल यात्रा में सामान्य तौर पर लगभग 8 घंटे का समय लगता है। जबकि सामान्य दिनों में यात्रा पूरी करने में कुल 24 से 36 घंटे लग सकते हैं, जिसमें चढ़ाई और लौटने का समय शामिल है।

  • 'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video

    'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video


    नई दिल्‍ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस मामले में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी है. इसके विरोध में रेप पीड़िता और उसकी मां ने इंडिया गेट पर धरना दिया. इसे लेकर जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो वे खिलखिलाकर हंस दिए.सेंगर को जमानत दिए जाने के विरोध में उन्नाव रेप पीड़िता और उनके परिवार ने आज इंडिया गेट पर धरना दिया. लेकिन यह प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चल सका. दिल्ली पुलिस ने पीड़िता और उनकी मां को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया.

    इसे लेकर जब यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर दूर तक नहीं जाने को कहा है तो कोई असुरक्षित कहां हैं? पीड़ित पक्ष अभी दिल्ली में क्या कर रहा है? दिल्ली में प्रदर्शन की क्या जरूरत है? बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में कुलदीप सिंह को सशर्त जमानत दी है. कोर्ट ने 15 लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत की शर्त रखी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि सेंगर पीड़िता के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहेगा. उसे हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा.

    अदालत का साफतौर पर कहना है कि कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की धमकी नहीं देगा. उसे अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा और किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में उसकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है. हालांकि, इसके बावजूद सेंगर की तत्काल रिहाई संभव नहीं लग रही क्योंकि उसे पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया है और इस मामले में वह दस साल की सजा काट रहा है. ऐसे में वह फिलहाल जेल में ही रहेगा.

    उन्नाव रेप केस की नाबालिग पीड़िता को 11 से 20 जून 2017 के बीच कुलदीप सेंगर ने अगवा कर रेप किया. इसके बाद उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया. बाद में पीड़िता को माखी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया. आरोप यह भी है कि पीड़िता को पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार धमकाया गया और सेंगर के निर्देश पर चुप रहने का दबाव बनाया गया. इसके बाद रेप, अपहरण और आपराधिक धमकी सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था.

  • उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'

    उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आखिरकार उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सियासी गठबंधन हो ही गया. बुधवार 24 दिसंबर को दोनों भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव से पहले गठबंधन की घोषणा कर दी. उससे शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनाके कार्यकर्ताओं में उत्साह है. उद्धव ठाकरे विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का भी हिस्सा हैं जिसमें कांग्रेस भी शामिल है. दोनों भाइयों के गठबंधन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    हमारे पास नाराज होने का कोई कारण नहीं- वड्डेटीवार

    कांग्रेस नेता विजय वड्डेटीवार ने अगर मुंबई में दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम बिल्कुल खुश है. जब कोई एक परिवार एकजुट होकर चुनाव लड़ता है तो हमें नाराज़ होने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने साथ ही कहालेकिन याद रखें कांग्रेस कभी भी MNS के साथ गठबंधन करने को तैयार नहीं रही है.

    हमें निकाय चुनाव में ज्यादा सफलता मिली- वड्डेटीवार

    नागपुर में मीडिया से बातचीत में विजय वड्डेटीवार ने कहा हाल ही में संपन्न हुए म्यूनसिपल काउंसिल के चुनावों के नतीजों में महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. ये बात अब सबभी को साफ तौर पर दिखाई दे रही है. कांग्रेस ने बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा. चाहे वह कुल वोट हों मेयर के उम्मीदवार हों या कॉर्पोरेटर की सीटें हों हमें बाकी दोनों पार्टियों शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे गुट से ज़्यादा सफलता मिली.

    कांग्रेस कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं
    इसके आगे उन्होंने कहा ये नतीजे पूरी तरह से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मनोदशा को दर्शाते हैं कि वे स्थानीय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं. अगर दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम वाकई में खुश हैं. हम उन्हें बधाई देते हैं और आने वाले चुनावों में उनकी सफलता की सच्ची कामना करते हैं। हमारा रुख हमेशा शिवसेना यूबीटी और शरद पवार के साथ खड़े रहने का रहा है और आज भी वही है.

    महाराष्ट्र पर कब्जा करने की साजिश- वड्डेटीवार

    वड्डेटीवार ने ये भी कहा महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला लेते हैं यह उन पर निर्भर करता है. लेकिन यह सच है कि राज्य में मराठी भाषा और मराठी पहचान पर खतरा मंडरा रहा है। भले ही मैं कांग्रेसी हूं लेकिन सच तो सच ही रहता है. मुंबई पर कब्ज़ा करने और उसे गुजरात के कंट्रोल में लाने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है.