Author: bharati

  • दिल्ली में शराब खरीदने का बदलेगा तरीका, मोबाइल ऐप से बुकिंग और पिकअप की सुविधा..

    दिल्ली में शराब खरीदने का बदलेगा तरीका, मोबाइल ऐप से बुकिंग और पिकअप की सुविधा..


    नई दिल्ली /दिल्ली में शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राजधानी में अक्सर लोगों को अपनी पसंदीदा शराब ढूंढने के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं। खासकर वीकेंड त्योहारों या शादी के सीजन में यह परेशानी और भी बढ़ जाती है। अब इस समस्या का समाधान निकालते हुए दिल्ली आबकारी विभाग ने एक नया मोबाइल ऐप तैयार किया है जिसका नामई-आबकारी दिल्ली रखा गया है। इस ऐप के जरिए शराब खरीदने की प्रक्रिया को न सिर्फ आसान बनाया जाएगा बल्कि इसे ज्यादा पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल भी बनाया जाएगा। विभाग का कहना है कि ऐप फिलहाल ट्रायल मोड में है और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।

    ऐप से मिलेगी शराब की पूरी जानकारी

    ई-आबकारी दिल्ली ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए उपभोक्ता घर बैठे यह जान सकेंगे कि उनकी पसंदीदा शराब किस दुकान पर उपलब्ध है। ऐप पर ब्रैंड का नाम उपलब्ध स्टॉक और संबंधित दुकान की लोकेशन जैसी जानकारी रियल-टाइम में दिखाई जाएगी।अब ग्राहकों को यह जानने के लिए अलग-अलग दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि किसी खास ब्रैंड की बोतल उपलब्ध है या नहीं। इससे न केवल समय बचेगा बल्कि बेवजह की भागदौड़ भी खत्म होगी।

    प्री-बुकिंग और पिकअप की सुविधा

    इस ऐप में प्री-बुकिंग का विकल्प भी प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत ग्राहक अपनी पसंद की शराब को पहले से बुक कर सकेंगे। बुकिंग के बाद दुकानदार ग्राहक के लिए उस ब्रैंड को एक तय समय तक रिजर्व रखेगा।प्रस्तावित नियमों के अनुसार ग्राहक को बुकिंग के बाद एक घंटे के भीतर दुकान पर पहुंचकर अपना ऑर्डर पिकअप करना होगा। यदि तय समय में ग्राहक नहीं पहुंचता है तो दुकानदार उस शराब को किसी अन्य ग्राहक को बेचने के लिए स्वतंत्र होगा।इस व्यवस्था से दुकानों पर भीड़ कम होगी और स्टॉक मैनेजमेंट भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्री-बुकिंग पर कोई अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा या नहीं। इस पर अंतिम फैसला ऐप लॉन्च के समय लिया जा सकता है।

    मिलावटी शराब और ओवरचार्जिंग पर लगेगी लगाम

    ई-आबकारी ऐप का एक अहम उद्देश्य मिलावटी शराब और अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों पर नियंत्रण करना भी है। ऐप के जरिए उपभोक्ता सीधे आबकारी विभाग तक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।यदि किसी दुकान पर तय कीमत से ज्यादा पैसे लिए जाते हैं या शराब की गुणवत्ता को लेकर संदेह होता है तो ग्राहक ऐप के माध्यम से तुरंत शिकायत कर सकता है। इसके अलावा शराब की प्रमाणिकता से जुड़ी जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध होगी जिससे नकली और मिलावटी शराब पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

    ग्राहकों और दुकानदारों-दोनों को फायदा

    यह ऐप न केवल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगा बल्कि दुकानदारों के लिए भी राहत लेकर आएगा। ग्राहकों को सही जानकारी मिलने से दुकानों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और दुकानदार बेहतर तरीके से अपने स्टॉक का प्रबंधन कर सकेंगे।साथ ही डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर भी नजर रखना आसान होगा।

    कब होगा लॉन्च?

    दिल्ली आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार ई-आबकारी दिल्ली ऐप फिलहाल ट्रायल मोड में है। तकनीकी खामियों को दूर करने और फीडबैक लेने के बाद इसे जल्द ही आम जनता के लिए लॉन्च किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह ऐप दिल्ली में शराब खरीदने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। कुल मिलाकर यह पहल दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकती है। मोबाइल ऐप के जरिए शराब की जानकारी बुकिंग और शिकायत की सुविधा मिलने से खरीदारी आसान तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

  • CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

    CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त


    नई दिल्ली /उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकली, मिलावटी खाद और उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि डीएपी, यूरिया या किसी भी प्रकार की खाद में मिलावट कर किसानों के साथ धोखा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम NSA जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें प्रदेश में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों की मेहनत और फसलों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

    खाद की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और उसका पारदर्शी वितरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सहकारिता और कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी जिलों की सीधी निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीएपी, यूरिया और पोटाश केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। ओवर रेटिंग, जबरन टैगिंग या खाद के साथ अन्य सामान बेचने जैसी शिकायतें बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएंगी।

    औचक निरीक्षण और सख्त जवाबदेही

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खाद की दुकानों, सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों पर नियमित और औचक निरीक्षण करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या कालाबाजारी सामने आती है तो तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर खुले रूप से विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कृत्रिम खाद संकट पैदा करने या किसानों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी।

    प्रदेश में खाद की वर्तमान स्थिति

    बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में खाद की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।यूरिया की बात करें तो सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन का भंडार मौजूद है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र के पास 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र के पास 2.30 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं एनपीके उर्वरक में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक है।

    किसानों को न हो कोई परेशानी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और इस समय गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा रहा है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और समय पर उन्हें जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

  • प्रदूषण पर चीन की भारत को नसीहत, बीजिंग–दिल्ली की तुलना कर बोला-अनुभव साझा करने को तैयार

    प्रदूषण पर चीन की भारत को नसीहत, बीजिंग–दिल्ली की तुलना कर बोला-अनुभव साझा करने को तैयार

    नई दिल्ली/दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की सांसें मुश्किल कर दी हैं। घना स्मॉगजहरीली हवा और बेहद खराब एयर क्वालिटी के बीच अब चीन ने भी इस मुद्दे पर भारत को सलाह दी है। चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए न सिर्फ चिंता जताईबल्कि बीजिंग और नई दिल्ली की तुलना करते हुए चीन को एक उदाहरण के तौर पर पेश किया।

    यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि चीन और भारत दोनों ही तेजी से शहरीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और इसी कारण प्रदूषण एक साझा चुनौती बन चुका है। उन्होंने बीजिंग और दिल्ली की हवा की गुणवत्ता की तुलना करते हुए तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में बीजिंग का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 68 दिखाया गयाजो संतोषजनक श्रेणी में आता हैजबकि दिल्ली का AQI 447 दर्ज किया गयाजिसे गंभीर स्तर माना जाता है।अपने पोस्ट में यू जिंग ने लिखाचीन भी कभी गंभीर स्मॉग से जूझता था। लेकिन पिछले एक दशक में लगातार और सख्त प्रयासों से हमने स्थिति में बड़ा सुधार किया है। आने वाले दिनों में हम अपने अनुभवों को छोटी-छोटी सीरीज के जरिए साझा करेंगे। इस बयान के बाद भारत और चीन के बीच प्रदूषण को लेकर तुलना और चर्चा तेज हो गई है।

    दिल्ली में हालात बेहद गंभीर

    दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति इस समय चिंताजनक बनी हुई है। हवा में PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक कण कई गुना ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट-CAQM ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-GRAP का स्टेज-4 लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोकडीजल वाहनों पर पाबंदीट्रकों की एंट्री पर नियंत्रण और अन्य आपातकालीन कदम उठाए गए हैं। इसके बावजूद लोगों को साफ हवा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

    चीन ने प्रदूषण से निपटने के लिए क्या किया?
    चीन की प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत 2008 के बीजिंग ओलंपिक के दौरान अस्थायी उपायों से हुई थी। इसके बाद 2013 में प्रदूषण को राष्ट्रीय संकट मानते हुए एक व्यापक एक्शन प्लान लागू किया गया।चीन ने कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर निर्भरता कम कीफैक्ट्रियों के लिए सख्त उत्सर्जन मानक लागू किए और पुराने उद्योगों को बंद या अपग्रेड किया। नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर दिया गया और इलेक्ट्रिक वाहनों तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही बीजिंगतियानजिन और हेबेई जैसे पड़ोसी इलाकों के साथ मिलकर साझा लक्ष्य तय किए गएताकि क्षेत्रीय स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण पर भारी निवेश भी किया। 2013 से 2017 के बीच इस क्षेत्र में खर्च कई गुना बढ़ाजिससे नीतियों को जमीन पर उतारने में मदद मिली।

    चीन को क्या नतीजे मिले?

    इन सख्त कदमों का असर साफ दिखाई दिया। 2013 से 2017 के बीच बीजिंग में PM2.5 का स्तर करीब 35% तक कम हुआ। हालिया आंकड़ों के अनुसारपिछले साल बीजिंग में करीब 290 दिन अच्छी हवा वाले दर्ज किए गएजो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिकचीन ने दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषण कम करने वाले देशों में अहम स्थान बनाया है।

    दिल्ली के लिए क्या सबक?

    चीन का अनुभव बताता है कि प्रदूषण से लड़ने के लिए सख्त नीतियांक्षेत्रीय सहयोगपारदर्शी डेटालगातार फंडिंग और मजबूत अमल जरूरी है। भारत में भी नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम-NCAP चल रहा हैलेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और तेज कार्रवाई की जरूरत है।चीन का यह बयान ऐसे समय में आया हैजब दिल्ली के लोग साफ हवा के लिए जूझ रहे हैं। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पर्यावरण सहयोग की संभावनाओं को भी दिखाता हैहालांकि भारत में इस नसीहत को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक बहस भी तेज हो सकती है।

  • गुरुवार को पीले कपड़े पहनने के फायदे: जानें क्यों यह रंग लाता है खुशहाली और सफलता

    गुरुवार को पीले कपड़े पहनने के फायदे: जानें क्यों यह रंग लाता है खुशहाली और सफलता


    नई दिल्ली ।
    गुरुवार को पीले कपड़े पहनने से जुड़े धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को भारतीय संस्कृति में बहुत अहमियत दी जाती है। यह परंपरा न केवल शुभता और आस्था से जुड़ी हुई है बल्कि इसका मानसिक और शारीरिक लाभ भी होता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित होता है और पीला रंग इस दिन विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं कि क्यों गुरुवार को पीले कपड़े पहनना हमारे जीवन में खुशहाली सफलता और मानसिक शांति लाता है।

    पीला रंग क्यों होता है शुभ

    पीला रंग सदैव से ऊर्जा ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। यह रंग मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि धार्मिक कार्यों में हल्दी का उपयोग किया जाता है क्योंकि हल्दी का रंग भी पीला होता है और इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि गुरुवार के दिन पीला रंग पहनने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

    गुरुवार को पीले कपड़े पहनने के लाभ 

    गुरुवार को पीले कपड़े पहनने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। भगवान विष्णु घर में सुख-शांति बनाए रखने वाले देवता माने जाते हैं और उनका आशीर्वाद मिलते ही घर की समस्याएं हल होने लगती हैं। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण उनकी पूजा और पीले वस्त्र पहनने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है जो जीवन में खुशहाली और शांति लेकर आता है।

    कार्यों में सफलता मिलती है

    गुरुवार को किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को इंटरव्यू परीक्षा या किसी बड़े व्यापारिक सौदे में सफलता की कामना है तो पीले रंग के कपड़े पहनना विशेष लाभकारी होता है। पीला रंग मन को शांत और सकारात्मक बनाए रखता है जिससे मनोबल बढ़ता है और कार्यों में सफलता प्राप्त करने के अवसर अधिक होते हैं।

    मानसिक तनाव से मुक्ति

    पीला रंग मानसिक तनाव को कम करने और चिंता को दूर करने में सहायक होता है। विशेषकर उन लोगों के लिए जिनका मानसिक स्वास्थ्य कमजोर होता है या जो तनाव चिंता और अवसाद से जूझ रहे हैं उन्हें गुरुवार को पीले कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। इससे मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।

    विवाह संबंधों में सुधार

    यदि किसी लड़की के विवाह में बार-बार अड़चनें आ रही हों या विवाह के मामलों में कोई समस्या हो तो गुरुवार को पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करना एक प्रभावी उपाय माना जाता है। इस उपाय से अच्छे रिश्ते आने लगते हैं और विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान होता है। पीला रंग खासतौर पर रिश्तों में संतुलन और सामंजस्य बनाए रखने में मदद करता है।

    पीले कपड़े न पहनने पर क्या करें

    कभी कभी ऐसी स्थिति आती है जब हम किसी कारणवश पीले कपड़े नहीं पहन पाते हैं। ऐसे में एक सरल और प्रभावी उपाय है हल्दी का उपयोग। हल्दी जो कि पीले रंग की होती है उसे अपने कपड़ों पर लगाकर भी गुरुवार के दिन शुभता प्राप्त की जा सकती है। हल्दी लगाने से भी पीले रंग का प्रभाव पाया जाता है और इसके समान ही मानसिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    गुरुवार को पीले कपड़े पहनने की परंपरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह मानसिक और शारीरिक लाभ भी प्रदान करती है। पीला रंग ज्ञान खुशी और ऊर्जा का प्रतीक है और इस दिन इसे पहनने से न केवल आंतरिक शांति मिलती है बल्कि कार्यों में सफलता तनाव से मुक्ति और सुख-शांति का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। अगर आप गुरुवार को पीले कपड़े पहनने की परंपरा को अपनाते हैं तो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं और आपका मनोबल बढ़ सकता है।

  • Billionaires list में टेक दिग्गजों का जलवा.. कई देशों की GDP एलन मस्क के नेटवर्थ से कम

    Billionaires list में टेक दिग्गजों का जलवा.. कई देशों की GDP एलन मस्क के नेटवर्थ से कम


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची (World’s Richest People list) में एक बार फिर टेक्नोलॉजी के दिग्गजों (Technology Giants) का जलवा बरकरार है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने $638 बिलियन की कुल संपत्ति के साथ टॉप पोजीशन पर बरकरार रखा है।

    यह आंकड़ा न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ है, बल्कि एक ही दिन में 167 बिलियन की जबरदस्त बढ़ोतरी और YTD (ईयर-टू-डेट) में +$205 बिलियन का उछाल दर्शाता है। मस्क की संपत्ति में यह उछाल टेस्ला के शेयरों की तेजी और स्पेसएक्स के वैल्यूएशन से जुड़ा है।

    130 से अधिक देशों की जीडीपी एलन मस्क की दौलत से कम
    IMF डेटा के अनुसार, 2025 के लिए लगभग 130 से अधिक देशों की नाममात्र GDP 600 अरब डॉलर से कम अनुमानित है। दुनिया में कुल 195 संप्रभु देश हैं, जिनमें से शीर्ष 60-65 अर्थव्यवस्थाओं (जैसे अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी आदि) की GDP इससे ऊपर है, जबकि बाकी छोटे द्वीप राष्ट्र, अफ्रीकी और कुछ एशियाई देश इससे नीचे आते हैं। IMF की 2025 अपडेटेड अनुमानों के मुताबिक कई विकासशील देशों की GDP $100B से भी कम है।

    टॉप-10 में अमेरिकी टेक मैग्नेट्स का कब्जा
    टॉप 10 में अमेरिकी टेक मैग्नेट्स का कब्जा साफ दिख रहा है। गूगल के सह-संस्थापकों लैरी पेज ($265B) और सर्गेई ब्रिन ($246B) ने दूसरे और तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया, हालांकि हालिया बदलाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

    जेफ बेजोस (246 अरब डॉलर), लैरी एलिसन (238 अरब डॉलर), मार्क जुकरबर्ग (229 अरब डॉलर), स्टीव बाल्मर (166 अरब डॉलर) और एनवीडिया के जेंसन हुआंग (153 अरब डॉलर) भी टेक सेक्टर से ही हैं। हुआंग की संपत्ति में इस साल अबतक 39 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी हुई, जो AI चिप डिमांड का असर दिखाती है।

    फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट ($202B) लक्जरी कंज्यूमर सेक्टर से अकेले गैर-अमेरिकी नाम हैं, जबकि वॉरेन बफे ($152B) डाइवर्सिफाइड निवेश से 10वें स्थान पर हैं। वॉल्टन फैमिली के जिम वॉल्टन (141 अरब डॉलर) रिटेल से हैं, लेकिन कुल मिलाकर टॉप 11 में 9 अमेरिकी और ज्यादातर टेक से जुड़े हैं।

    क्या कहते हैं आंकड़े?
    टेक स्टॉक्स की रैली ने इन बिलियनेयर्स को आसमान छू लिया है, खासकर AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बूम से, लेकिन हालिया घाटे (जैसे बेजोस के -$3.47B) बाजार की अस्थिरता की ओर इशारा करते हैं। भारतीय निवेशकों के लिए यह सबक है कि टेक पर दांव लगाना फायदेमंद तो है, मगर जोखिम भरा भी।

  • देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS ने हासिल किया 1 अरब डॉलर का बड़ा ऑर्डर

    देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS ने हासिल किया 1 अरब डॉलर का बड़ा ऑर्डर


    नई दिल्ली।
    भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी (India’s Largest Software Services Company), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) (Tata Consultancy Services -TCS) ने स्पेनिश दूरसंचार दिग्गज टेलीफोनिका (Spanish Telecommunications Giant Telefónica) की ब्रिटिश शाखा, टेलीफोनिका यूके से 10 साल में 1 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। इस सौदे के साथ, कंपनी को लगभग दो साल बाद इतने बड़े कांट्रैक्ट की प्राप्ति हुई है। टेलीफोनिका यूके ब्रिटेन में O2 मोबाइल सेवा ब्रांड चलाती है।


    क्या है कांट्रैक्ट में

    मुंबई स्थित टीसीएस इस कान्ट्रैक्ट के तहत एप्लिकेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कार्य करेगी। इस सौदे का अधिकतर हिस्सा कंपनी के लिए नया काम है। दो अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त रखी। आने वाले हफ्तों में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।


    यूके में चौथी बड़ी डील

    यह टीसीएस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. कृतिवासन के कार्यकाल में यूनाइटेड किंगडम से मिला चौथा 1 अरब डॉलर का अनुबंध है। कृतिवासन ने जून 2023 में पदभार संभाला था। उसी महीने, कंपनी ने यूके की सबसे बड़ी वर्कप्लेस पेंशन योजना, यूके नेशनल एम्प्लॉयमेंट सेविंग्स ट्रस्ट के साथ 1.1 अरब डॉलर का अनुबंध किया था।

    तीन महीने बाद, उसे जगुआर लैंड रोवर के साथ 1 अरब डॉलर का डिजिटल परिवर्तन अनुबंध मिला। पिछले साल जनवरी में, कंपनी को ब्रिटिश बीमा कंपनी एविवा के साथ 2.5 अरब डॉलर का, 15 साल का प्रशासनिक अनुबंध मिला था, जो अब तक का सबसे बड़ा सौदा है।

    यूके है अहम बाजार
    टीसीएस के लिए अमेरिका के बाद यूनाइटेड किंगडम दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है, जो उसके 30.18 अरब डॉलर के वार्षिक राजस्व में लगभग 17% का योगदान करता है। इस खबर के प्रकाशन के समय तक, टीसीएस और टेलीफोनिका की ओर से भेजे गए सवालों का जवाब नहीं मिला था।


    मुनाफे पर असर का डर

    पहले जिक्र किए गए दोनों अधिकारियों ने टेलीफोनिका यूके सौदे में मुनाफे की दर कम होने की ओर इशारा किया है। उन्होंने दावा किया कि यह दर टीसीएस के 24.2% के परिचालन मार्जिन से कम है, हालांकि उन्होंने अधिक विवरण नहीं दिए।

    यह रणनीति में बदलाव का संकेत है, क्योंकि आईटी आउटसोर्सिंग कंपनी पारंपरिक रूप से कंपनी के समग्र मुनाफे से कम दर वाले अनुबंध करने से बचती रही है। यह दूसरा ऐसा सौदा है जो एक दूरसंचार कंपनी के साथ है और कंपनी के समग्र मार्जिन को नुकसान पहुंचा रहा है।


    बीएसएनल सौदे जैसी स्थिति

    सार्वजनिक दूरसंचार ऑपरेटर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ कंपनी का 1.83 अरब डॉलर का अनुबंध भी एक ऐसा ही सौदा था जिसने कंपनी की लाभप्रदता को नुकसान पहुंचाया। उस सौदे के तहत टीसीएस ने बीएसएनएल के लिए 4जी नेटवर्क तैनात किया था। हालांकि, एक अधिकारी के अनुसार, टेलीफोनिका यूके सौदे का परिचालन मार्जिन बीएसएनएल के साथ किए गए सौदे से अधिक होने की उम्मीद है।


    राजस्व पर प्रभाव

    फिलहाल, 10 साल में 1 अरब डॉलर के अनुबंध का मतलब है आईटी सेवा कंपनी के लिए सालाना 100 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त आय। सीधे शब्दों में कहें तो, अगर टीसीएस इस साल कोई व्यवसाय नहीं खोती है, तो अगले वित्तीय वर्ष में उसका राजस्व 0.3% बढ़ने की उम्मीद है।

  • US: ट्रंप ने BBC पर ठोका मानहानि का केस… 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग

    US: ट्रंप ने BBC पर ठोका मानहानि का केस… 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग


    वाशिंगटन।
    एक भाषण को एडिट करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने मीडिया हाउस बीबीसी (BBC) पर मुकदमा ठोक दिया है। उन्होंने बीबीसी से 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग भी की है। उन्होंने ब्रिटिश प्रसारक पर मानहानि के साथ-साथ भ्रामक और अनुचित तरीके से व्यापार करने का आरोप लगाया। दरअसल 6 जनवरी 2021 को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित किया था। इसके बाद उनके समर्थक कैपिटल हिल पर पहुंच गए और हिंसक हो गए।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक बीबीसी ने ट्रंप के भाषण के वीडियो में ‘फाइट लाइक हेल’ दिखाया लेकिन उनके दूसरे पार्ट को काट दिया जिसमें वह शांतिपूर्ण प्रदर्श की बात कर रहे थे। बीबीसी पर 33 पन्नों के इस मुकदमे में ट्रंप का ‘‘झूठा, मानहानिकारक, भ्रामक, अपमानजनक, भड़काऊ और दुर्भावनापूर्ण चित्रण’’ करने का आरोप लगाया गया है और इसे 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ‘‘हस्तक्षेप करने तथा उसे प्रभावित करने की निर्लज्ज कोशिश’’ बताया गया है।

    इसमें बीसीसी पर ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के छह जनवरी, 2021 के भाषण के दो पूरी तरह से अलग-अलग अंशों को एक साथ जोड़ने’’ का आरोप लगाया गया ताकि ‘‘ट्रंप द्वारा कही गई बातों के अर्थ को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।’’ बता दें कि बीबीसी की फंडिंग उसके दर्शकों से होती है। डोनाल्ड ट्रंप की लीगल टीम का कहना है कि बीबीसी लेफ्ट अजेंडा चलाता है और इसलिए डोनाल्ड ट्रंप को बदनाम करने की कोशिश में लगा रहता है।

    बीबीसी की तरफ इस मुकदमे को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले डॉक्युमेंट्री प्रकाशित करने को लेकर बीबीसी पहले से ही संकट का सामना कर रहा है। कई सीनियर अधिकारी इस्तीा दे चुके हैं। इससे बीबीसी की छवि भी खराब हुई है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। इस डॉक्युमेंट्री को अमेरिका में नहीं प्रसारित किया गया था। अब अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी वाले कानून से अपने मुद्दे को अलग करने के लिए ट्रंप को साबित करना होगा कि बीबीसी ने जो कुछ भी एडिट किया वह अपमानजनक था और दर्शकों में भ्रम फैलाने के लिए ही ऐसा किया गया था।

    बीबीसी कोर्ट में दावा कर सकता है कि उसने जो कुछ दिखाया वह सच था और जो कुछ भी ए़डिट किया गया है उससे जनता में कोई गलत संदेश नहीं गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल के खिलाफ भी केस किया था। हालांकि दोनों ने किसी भी गलती से इनकार किया है।

  • Rajasthan: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर भिड़ंत के बाद पिकअप में लगी आग, 3 लोग जिंदा जले

    Rajasthan: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर भिड़ंत के बाद पिकअप में लगी आग, 3 लोग जिंदा जले


    अलवर।
    राजस्थान (Rajasthan) के अलवर (Alwar) में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर बुधवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे (Terrible Road Accident) में 3 लोग जिंदा जलकर मर गए, जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। मृतकों की अभी पहचान नहीं सकी है। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा बेहद दर्दनाक था।

    जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के दिल्ली से जयपुर की और जा रही एक पिकअप गाड़ी दूसरे वाहन से जा टकराई। इसके बाद देखते ही देखते पिकअप में आग लग गई। गाड़ी में बैठे लोगों को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन सब बेकार गया। पिकअप गाड़ी में सवार तीनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसे में पिकअप ड्राइवर भी गम्भीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया है।

    रैणी पुलिस ने तीनों शवों को रैणी अस्पताल की मोर्चरी मे रखवाया दिया है। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। पिकअप गाड़ी दिल्ली से जयपुर जा रही थी। यह हादसा रैणी थाना क्षेत्र के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 131 पर हुआ।

    धू-धू कर जली पिकअप गाड़ी
    दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर हुई जबर्दस्त टक्कर के बाद पिकअप गाड़ी धू-धू कर जलती रही। उसमें सवार तीनों लोगों अपनी जान बचाने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर के बाद पिकअप गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण गाड़ी में सवार तीनों लोग बुरी तरह से फंस गए थे और बाहर नहीं निकल पाए। वहीं पुलिस मृतकों के बारे के जानकारी जुटा रही है कि वो कहां के रहने वाले थे ओर कहां जा रहे थे।

  • Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Box Office Day 5: धीमी रफ्तार के बावजूद 10 करोड़ के करीब पहुंची कपिल शर्मा की फिल्म

    Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Box Office Day 5: धीमी रफ्तार के बावजूद 10 करोड़ के करीब पहुंची कपिल शर्मा की फिल्म

    नई दिल्ली।मुंबई/ कॉमेडी की दुनिया में अपनी खास पहचान बना चुके कपिल शर्मा एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों को हंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी फिल्म किस किसको प्यार करूं 2 12 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को रिलीज हुए पांच दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं कहा जा सकता। इसके बावजूद, फिल्म धीरे-धीरे 10 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब पहुंचती नजर आ रही है।फिल्म का शुरुआती उत्साह सीमित रहा। पहले दिन किस किसको प्यार करूं 2 ने करीब 1.85 करोड़ रुपये की ओपनिंग की। दूसरे दिन कलेक्शन में हल्का उछाल देखने को मिला और फिल्म ने 2.5 करोड़ रुपये कमाए। वीकेंड का फायदा तीसरे दिन मिला, जब फिल्म का कलेक्शन 2.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, सोमवार को फिल्म की कमाई में गिरावट आई और चौथे दिन यह सिर्फ 90 लाख रुपये ही जुटा पाई।

    अब पांचवें दिन यानी मंगलवार की बात करें तो फिल्म ने लगभग 1 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। इस तरह कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीब 9.15 करोड़ रुपये हो गया है। मंगलवार को सोमवार के मुकाबले हल्की बढ़त जरूर देखने को मिली, लेकिन यह बढ़त इतनी नहीं है कि फिल्म को हिट की दौड़ में शामिल किया जा सके।बताया जा रहा है कि किस किसको प्यार करूं 2 को बॉक्स ऑफिस पर दूसरी बड़ी फिल्मों की कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्मों के तूफान में यह फिल्म थोड़ी दबती हुई नजर आ रही है। इसके अलावा वीकडेज़ में दर्शकों की संख्या कम होना भी इसकी कमाई पर असर डाल रहा है।

    फिल्म की कहानी एक बार फिर कॉमेडी और कन्फ्यूजन से भरपूर है, जिसमें कपिल शर्मा कई रिश्तों और मजेदार परिस्थितियों में फंसे हुए दिखाई देते हैं। यह एक फैमिली एंटरटेनमेंट फिल्म है, जिसे बिना किसी झिझक के पूरे परिवार के साथ देखा जा सकता है। फिल्म में कपिल शर्मा के साथ मंजोत सिंह, आयशा खान, पारूल गुलाटी, वरीना हुसैन और त्रिधा चौधरी अहम भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। सभी एक्ट्रेसेस ने अपने-अपने किरदारों में अच्छी छाप छोड़ी है।फिल्म का क्लाइमैक्स दर्शकों के लिए सरप्राइज से भरा हुआ है। कहा जा रहा है कि अंत ऐसा है जिसकी किसी ने पहले से उम्मीद नहीं की थी। खास बात यह है कि फिल्म के आखिरी हिस्से में कपिल शर्मा की असली पत्नी गिन्नी चतरथ की एंट्री होती है। गिन्नी की मौजूदगी को दर्शकों ने काफी पसंद किया है और सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है।

    अगर मौजूदा ट्रेंड की बात करें तो ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए 15 करोड़ रुपये तक का लाइफटाइम कलेक्शन कर सकती है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि आने वाले दिनों में वर्ड ऑफ माउथ मजबूत हो और वीकेंड पर दर्शकों की संख्या बढ़े।फिल्म के बाद अब कपिल शर्मा के फैंस उनके लोकप्रिय कॉमेडी शो के चौथे सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। टीवी पर कपिल की वापसी को लेकर दर्शकों में ज्यादा उत्साह दिखाई दे रहा है, जबकि फिल्मों के मामले में उन्हें अभी और संघर्ष करना पड़ सकता है।

  • ब्राजील में भीषण तूफान का कहर…. गुआइबा में धराशायी हुई 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी'

    ब्राजील में भीषण तूफान का कहर…. गुआइबा में धराशायी हुई 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी'


    गुआइबा।
    ब्राजील (Brazil) के गुआइबा शहर (Guaíba city) में भीषण तूफान (Severe Storm) ने हवन मेगास्टोर (Havan Megastore) के बाहर खड़ी 24 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (Statue of Liberty) को गिरा दिया। इसे 2020 में स्थापित किया गया था। यह मूर्ति 11 मीटर ऊंचे कंक्रीट के आधार पर खड़ी थी, जो तूफान के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित रहा। ब्राजील की सिविल डिफेंस अथॉरिटी के अनुसार, तूफान में हवा की गति 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे यह विशाल संरचना धीरे-धीरे झुकती हुई पार्किंग लॉट में गिर जाती है। गनीमत रही कि स्टोर कर्मचारियों ने तूफान बढ़ने पर तुरंत पार्क की गई गाड़ियों को हटा लिया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

    गुआइबा के मेयर मार्सेलो मारानाता ने घटना के बाद कहा कि सोमवार दोपहर को शहर में 80 मील प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के झोंके आए। उन्होंने बताया कि शुरू से ही सिविल डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर विभाग की टीमें सड़कों पर तैनात रहीं और स्थिति पर नजर रख जा रही थी। इमरजेंसी में लोगों को डिफेंस सिविल नंबर 199 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। तूफान से पहले ही अधिकारियों ने दक्षिणी क्षेत्र में गंभीर मौसम चेतावनी जारी की थी, जिसमें तेज हवाओं और जोखिमों से सतर्क रहने को कहा गया था।

    स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की कॉपी बनाने वाली कंपनी का बयान
    इस बीच, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की कॉपी बनाने वाली कंपनी ने कहा कि इसे सभी तकनीकी मानकों के तहत बनाया गया था। घटना को लेकर तकनीकी जांच की जा रही है। यह गिर चुकी मूर्ति हवन स्टोर का एक प्रमुख लैंडमार्क थी, जो दूर से ही दिखाई देती थी। तूफान के बाद कंपनी की टीमों ने तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया, जबकि स्टोर का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। स्थानीय अधिकारियों ने सार्वजनिक क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की और आपदा प्रबंधन में प्रयासों की सराहना की गई। हालांकि, मूर्ति गिरने को लेकर सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाए जा रहे हैं। जांच की मांग हो रही है और जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है।