Author: bharati

  • अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत

    अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत


    गांधीनगर। भारत के कैब सेक्टर में एक नई शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों और यात्रियों दोनों को शोषण से मुक्त कर एक ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि कंपनी के मालिक और भागीदार भी हों।

    अमित शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मालिकाना हक सीधे तौर पर इसे संचालित करने वाले ड्राइवरों के पास होगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के साथ करीब 7 लाख ड्राइवर साझेदार इस व्यवस्था का हिस्सा बने हैं और यही इसके वास्तविक मालिक एवं शेयरधारक भी होंगे।

    सहकारी मॉडल पर आधारित नई सोच

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य सेवा देने वाले ‘सारथी’ और ग्राहकों, दोनों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी ढांचे के माध्यम से ड्राइवरों को आर्थिक भागीदारी के साथ सम्मान, सुरक्षा और मालिकाना हक भी मिलेगा। उनका कहना था कि ‘भारत टैक्सी’ का पूरा कॉन्सेप्ट इसी सोच पर आधारित है कि मेहनत करने वाला व्यक्ति ही अपने काम का असली मालिक बने।

    कई शहरों में सफल रहा ट्रायल
    गृह मंत्री ने बताया कि इस सेवा का कई शहरों में सफल परीक्षण किया जा चुका है। ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे गुजरात में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है। फिलहाल राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू कर दी गई है।

    कई संस्थाओं के साथ हुआ समझौता
    इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, राज्य ट्रैफिक पुलिस तथा प्रमुख एयरपोर्ट और रेलवे प्राधिकरणों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) भी किए गए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और एकीकृत परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

    ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को मिलेगा लाभ

    सरकार का मानना है कि ‘भारत टैक्सी’ से ड्राइवरों की आय बढ़ेगी, उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम के वास्तविक हिस्सेदार बनेंगे। वहीं यात्रियों को पारदर्शी किराया, विश्वसनीय सेवा और बेहतर अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञ इसे भारत के सहकारी आंदोलन और डिजिटल मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों में भी विस्तार दिया जा सकता है, जिससे देश के कैब सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और सेवा गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

  • LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, जानिए आपके शहर में क्या है आज का रेट

    LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, जानिए आपके शहर में क्या है आज का रेट


    नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है कि 27 जून 2026 को गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बावजूद घरेलू बाजार में फिलहाल कीमतों में कटौती नहीं की गई है।

    इससे पहले 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, 1 जून को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये का इजाफा हुआ था। इसके बाद से अब तक किसी नई कीमत की घोषणा नहीं की गई है।

    प्रमुख शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर के ताजा रेट

    देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग हैं।

    नई दिल्ली: ₹942

    मुंबई: ₹941.50

    कोलकाता: ₹968

    चेन्नई: ₹957.50

    नोएडा: ₹939.50

    गुरुग्राम: ₹950.50

    चंडीगढ़: ₹951.50

    जयपुर: ₹945.50

    बेंगलुरु: ₹944.50

    भुवनेश्वर: ₹968

    लखनऊ: ₹979.50

    तिरुवनंतपुरम: ₹951

    पटना: ₹1,031.50

    इनमें नोएडा सबसे सस्ते शहरों में शामिल है, जबकि पटना में घरेलू गैस सिलेंडर सबसे महंगा बिक रहा है।

    कमर्शियल उपभोक्ताओं को मिली राहत

    केंद्र सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पर पिछले दो महीनों से लागू सभी प्रतिबंध समाप्त कर दिए हैं। साथ ही बल्क एलपीजी की आपूर्ति पर लगी रोक भी हटा दी गई है। सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एलपीजी की आपूर्ति अब पहले की तरह सुचारु हो गई है। इससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

    कब सस्ता होगा घरेलू गैस सिलेंडर? 

    विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में आई गिरावट का असर भारतीय बाजार में दिखने में आमतौर पर 3 से 6 महीने का समय लग सकता है।

    फिलहाल एक 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक लागत करीब 1,600 रुपये बताई जा रही है, जबकि दिल्ली में उपभोक्ताओं को यह 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। वास्तविक लागत और उपभोक्ता मूल्य के बीच का अंतर तेल विपणन कंपनियां वहन कर रही हैं।

    इसी वजह से चालू वित्त वर्ष में सरकारी तेल विपणन कंपनियों को लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक के घाटे का अनुमान है। ऐसे में जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लगातार नीचे नहीं रहतीं और कंपनियों की लागत कम नहीं होती, तब तक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम मानी जा रही है।

  • सेशेल्स में दिखी 'कार डिप्लोमेसी', राष्ट्रपति हर्मिनी संग पीएम मोदी की शानदार केमिस्ट्री

    सेशेल्स में दिखी 'कार डिप्लोमेसी', राष्ट्रपति हर्मिनी संग पीएम मोदी की शानदार केमिस्ट्री


    नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स पहुंचे, जहां उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दिखाई दी सहज आत्मीयता और साथ की गई ‘कार यात्रा’ ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के अहम पलों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ कार में सफर करते हुए दोनों नेता मुस्कुराते हुए बातचीत करते नजर आए। प्रधानमंत्री ने बताया कि वे राष्ट्रपति के साथ सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन की ओर जा रहे थे। दोनों नेताओं की यह सहज मुलाकात भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है।

    एयरपोर्ट पर दिखा भारतीय संस्कृति का रंग

    सेशेल्स एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के दौरान भारतीय संस्कृति की भी शानदार झलक देखने को मिली। गुजराती पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने कच्छ का लोकनृत्य प्रस्तुत कर माहौल को रंगारंग बना दिया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय जिस तरह भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को विदेशों में भी जीवंत बनाए हुए हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है।

    उन्होंने कलाकारों के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि विदेश में भारतीय संस्कृति का ऐसा जीवंत प्रदर्शन दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करता है।


    भारतीय समुदाय से भी मिले प्रधानमंत्री
    दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे आत्मीय बातचीत की। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के सदस्य एयरपोर्ट पहुंचे थे और उनमें खासा उत्साह देखने को मिला।

    साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर रहेगा फोकस

    प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार और करीबी मित्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग, समुद्री सुरक्षा, विकास साझेदारी और लोगों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।

    प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की यात्रा पर हैं। वह राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरे को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ तथा ‘सागर’ नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • तेल सस्ता तो बाजार मजबूत: निफ्टी-सेंसेक्स ने तीसरे सप्ताह भी दिखाई तेजी, आगे इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

    तेल सस्ता तो बाजार मजबूत: निफ्टी-सेंसेक्स ने तीसरे सप्ताह भी दिखाई तेजी, आगे इन आंकड़ों पर रहेगी नजर


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे सप्ताह मजबूती का प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा कायम रखा। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में भू राजनीतिक तनाव कम होने से बाजार को मजबूत समर्थन मिला। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन निफ्टी और सेंसेक्स दोनों बढ़त के साथ बंद हुए और पूरे सप्ताह बाजार सकारात्मक दायरे में बना रहा।

    साप्ताहिक कारोबार के दौरान निफ्टी में 0.18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई जबकि अंतिम कारोबारी सत्र में यह 24 हजार 56 अंक पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77 हजार 100 अंक पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह सेंसेक्स में करीब 0.39 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि प्रमुख सूचकांकों की मजबूती के बीच व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सामान्य होते हालात से कच्चे तेल की कीमतें फिर से युद्ध पूर्व स्तर के करीब पहुंच गई हैं। इसका सीधा फायदा भारत जैसे तेल आयातक देशों को मिल रहा है। सस्ता कच्चा तेल महंगाई पर दबाव कम करता है और चालू खाते के घाटे तथा राजकोषीय स्थिति को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति में लचीलापन बनाए रखने की संभावना मजबूत होती है।

    इस सप्ताह सेक्टर आधारित प्रदर्शन की बात करें तो फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। निजी बैंकों के शेयरों को भी आरबीआई की एफसीएनआर जमा स्वैप योजना से जुड़ी स्पष्टता का लाभ मिला। दूसरी ओर धातु क्षेत्र के शेयरों पर कमोडिटी कीमतों में गिरावट का असर दिखाई दिया जबकि उपभोक्ता मांग को लेकर बनी चिंताओं के कारण कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी दबाव में रहा।

    हालांकि बाजार के लिए कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में मानसून का असमान वितरण कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकता है जिससे महंगाई बढ़ने का जोखिम बना रहेगा। इसके बावजूद निवेशकों का रुझान फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है।

    तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निकट भविष्य में निफ्टी के लिए 24 हजार 400 और 24 हजार 500 अंक प्रमुख प्रतिरोध स्तर रहेंगे जबकि 23 हजार 900 और 23 हजार 800 अंक मजबूत समर्थन माने जा रहे हैं। बैंक निफ्टी के लिए 57 हजार 500 से 57 हजार 400 का दायरा सपोर्ट और 58 हजार 900 से 59 हजार का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

    आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर रहेगी। इसके साथ ही अमेरिका के पीसीई महंगाई आंकड़े नॉन फार्म पेरोल बेरोजगारी दर तथा भारत के औद्योगिक उत्पादन और जून महीने के पीएमआई आंकड़े भी बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में लंबी अवधि के निवेश के अवसर अभी भी बने हुए हैं।

  • केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'

    केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'


    लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या में दर्शन व्यवस्था को लेकर सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब भगवान राम सबके हैं, तो फिर अलग-अलग नेताओं और श्रद्धालुओं के लिए अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं।

    अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अयोध्या में अरविंद केजरीवाल को कैमरों और विशेष सुविधाओं के साथ दर्शन की अनुमति दी गई, जबकि कांग्रेस नेताओं और आम श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम लागू किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जब वह स्वयं रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे, तब वहां की व्यवस्था अलग थी।

    उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि आखिर राजनीतिक सुविधा के अनुसार नियम बदलने का क्या औचित्य है। उन्होंने इसे आस्था के केंद्र पर वीआईपी संस्कृति और दोहरी राजनीति करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह निंदनीय है।

    दरअसल, अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा गबन मामले पर भी सवाल उठाए थे। उनके इस दौरे और बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।

    इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिना नाम लिए केजरीवाल पर तीखा हमला बोला था। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्षों तक मौका दिया, लेकिन बदले में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास डबल इंजन सरकार की देन है और दिल्ली के नेताओं को यहां आकर विकास मॉडल देखना चाहिए।

    सीएम योगी ने कहा कि यदि दिल्ली में भी इसी तरह विकास कार्य किए गए होते, तो राजधानी की तस्वीर भी आज अलग होती। उन्होंने अयोध्या के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा सरकार की उपलब्धि बताया।

    केजरीवाल के अयोध्या दौरे के बाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार पर वीआईपी संस्कृति और भेदभाव का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्षी नेताओं के शासनकाल और कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। ऐसे में अयोध्या एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।

  • सीहोर में किसान की फसल पर चढ़ा दिए ट्रैक्टर: रोकने पर दबंग बोले- कोई पटवारी नहीं आएगा, यहीं से निकलेगी गाड़ी

    सीहोर में किसान की फसल पर चढ़ा दिए ट्रैक्टर: रोकने पर दबंग बोले- कोई पटवारी नहीं आएगा, यहीं से निकलेगी गाड़ी


    सीहोर सीहोर जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र के पीपलखेड़ा गांव में एक किसान की मेहनत पर दबंगों ने ट्रैक्टर चलाकर पानी फेर दिया। आपसी रंजिश के चलते गांव के कुछ लोगों ने खेत में जबरन ट्रैक्टर और खेती के उपकरण उतार दिए तथा बोई हुई फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। जब किसान और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने खुलेआम दादागिरी दिखाते हुए गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ही खेत में कई ट्रैक्टर कल्टीवेटर और बोनी मशीन के साथ लोग जबरन जुताई कर रहे हैं। किसान पक्ष के लोग ट्रैक्टर रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन आरोपी उन्हें धक्का देकर हटाने का प्रयास करते हैं। विरोध के दौरान एक युवक ट्रैक्टर के सामने जमीन पर बैठ जाता है ताकि फसल को बचाया जा सके लेकिन दबंग बेखौफ होकर कहते हैं कि ट्रैक्टर इसी रास्ते से जाएगा और जो होना है हो जाने दो। जब पीड़ित पक्ष पटवारी की मौजूदगी में फैसला कराने की बात करता है तो आरोपी साफ शब्दों में कहते हैं कि कोई पटवारी नहीं आएगा और ट्रैक्टर यहीं चलेगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस धक्का मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति बन जाती है।

    पीड़ित किसान मानसिंह ने अहमदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गांव के राजू महेंद्र चंदरसिंह अरविंद और योगेंद्र ने पुरानी रंजिश के चलते उनकी कृषि भूमि में घुसकर जानबूझकर ट्रैक्टर चलाया जिससे बोई हुई फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसान का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और भविष्य में भी खेत को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

    घटना के बाद किसान ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद और आपसी रंजिश के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर ओपी राजभर का हमला, बोले- भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना, 'सैफई परिवार को मिलेगी सजा

    लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर ओपी राजभर का हमला, बोले- भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना, 'सैफई परिवार को मिलेगी सजा


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना” करार दिया।

    ओपी राजभर ने कहा कि यदि किसी को अखिलेश यादव सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार के उदाहरण देखने हों तो लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा उदाहरण है। उनका आरोप है कि निजी लाभ और धन कमाने की लालसा में एक्सप्रेसवे के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह सड़क हादसों का केंद्र बन गई। उन्होंने दावा किया कि कई लोग इसे “मौत का एक्सप्रेसवे” भी कहने लगे हैं क्योंकि यहां बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं हुई हैं।

    राजभर ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सैफई परिवार और उनके करीबी लोगों ने जनता के धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद से लेकर इटावा तक जमीन खरीद और मुआवजे में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। उनके मुताबिक पहले औने-पौने दाम पर जमीनें खरीदी गईं, फिर एक्सप्रेसवे का रूट बदला गया और रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीनों को आवासीय श्रेणी में दिखाया गया, जिससे भारी मुआवजा हासिल किया जा सके।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद भी कई जमीनों की रजिस्ट्रियां कराई गईं और बाद में उन जमीनों का मुआवजा लिया गया। राजभर का दावा है कि एक्सप्रेसवे का मार्ग इस तरह बदला गया कि सैफई परिवार और उनसे जुड़े लोगों की जमीनों का मूल्य कई गुना बढ़ गया।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मूल रूप से करीब 270 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे निजी हितों के चलते 300 किलोमीटर से अधिक लंबा कर दिया गया। उनका कहना था कि इसका खामियाजा आज भी आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय करने के कारण यात्रियों का समय, ईंधन और पैसा तीनों अधिक खर्च हो रहे हैं।

    ओपी राजभर ने कहा कि इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार की परतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और समय आने पर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों को सजा मिलेगी और कानून अपना काम करेगा।

    राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

  • कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान

    कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान


    देवास । देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें ट्रक चालक की जान बाल बाल बच गई। कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे से आ रहा ट्रक उससे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर स्टेयरिंग और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों तथा राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार अनीश पाल नामक चालक ट्रक लेकर देवास से मक्सी की ओर जा रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आ गए। मवेशियों को बचाने के प्रयास में कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रहा ट्रक समय पर नहीं रुक सका और तेज रफ्तार में कंटेनर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक अंदर ही फंस गया।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को बाहर निकालने के कई प्रयास किए गए लेकिन केबिन पूरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से केबिन और उसके गेट को बांधकर खींचने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गेट खुल सका और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में चालक के पैर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए देवास जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसका उपचार जारी है। समय पर राहत कार्य शुरू होने और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण चालक की जान बचाई जा सकी।

    टोंककला चौकी प्रभारी मलखान सिंह भाटी ने बताया कि कंटेनर और ट्रक दोनों देवास से मक्सी की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आने के कारण ब्रेक लगाए गए जिससे पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • विंबलडन का दिल है सेंटर कोर्ट: 104 साल का गौरवशाली इतिहास, यहीं लिखी गई टेनिस की सबसे बड़ी दास्तानें

    विंबलडन का दिल है सेंटर कोर्ट: 104 साल का गौरवशाली इतिहास, यहीं लिखी गई टेनिस की सबसे बड़ी दास्तानें


    नई दिल्ली । टेनिस की दुनिया में विंबलडन सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट नहीं बल्कि परंपरा प्रतिष्ठा और इतिहास का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। वर्ष 1877 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट ने दुनिया को अनगिनत यादगार मुकाबले और महान खिलाड़ी दिए हैं लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान सेंटर कोर्ट है जिसे विंबलडन का दिल कहा जाता है। यही वह मंच है जहां हर टेनिस खिलाड़ी खेलने और जीत दर्ज करने का सपना देखता है।

    सेंटर कोर्ट का इतिहास भी उतना ही दिलचस्प है जितना यहां खेले गए मुकाबलों का। शुरुआती दौर में विंबलडन के कोर्ट अलग-अलग बनाए गए थे लेकिन वर्ष 1881 में दो कोर्ट को मिलाकर एक मुख्य कोर्ट तैयार किया गया जो परिसर के बिल्कुल मध्य में स्थित था। इसी वजह से इसका नाम सेंटर कोर्ट रखा गया। बाद में वर्ष 1922 में जब ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोके क्लब नए परिसर में स्थानांतरित हुआ तब आधुनिक सेंटर कोर्ट का निर्माण हुआ और तभी से यह विंबलडन की सबसे बड़ी पहचान बन गया।

    दिलचस्प बात यह है कि इस कोर्ट का उपयोग पूरे वर्ष में केवल दो सप्ताह के लिए किया जाता है। बाकी समय इसकी घास और सतह की विशेष देखभाल की जाती है ताकि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को सर्वोत्तम गुणवत्ता का कोर्ट मिल सके। यहां केवल बारहमासी राई घास का इस्तेमाल किया जाता है और उसकी लंबाई करीब 8 मिलीमीटर रखी जाती है जिससे खेल की गति और गुणवत्ता बनी रहती है।

    सेंटर कोर्ट की एक और खास पहचान इसका रॉयल बॉक्स है जहां ब्रिटिश शाही परिवार और विशेष अतिथि बैठकर मुकाबलों का आनंद लेते हैं। वर्ष 2009 में यहां आधुनिक रिट्रैक्टेबल रूफ लगाया गया जिससे बारिश के दौरान भी मुकाबले बिना ज्यादा बाधा के जारी रखे जा सकते हैं। महज कुछ मिनटों में छत बंद कर खेल दोबारा शुरू कर दिया जाता है।

    इस कोर्ट पर खेलने के लिए खिलाड़ियों को पूरी तरह सफेद पोशाक पहनना अनिवार्य होता है। इसके अलावा कोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार के व्यावसायिक विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति नहीं दी जाती ताकि विंबलडन की पारंपरिक गरिमा और ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे।

    सेंटर कोर्ट ने टेनिस इतिहास के कई स्वर्णिम पल देखे हैं। रोजर फेडरर ने अपने आठ विंबलडन खिताब इसी कोर्ट पर जीते। वर्ष 2008 में फेडरर और राफेल नडाल के बीच खेला गया ऐतिहासिक फाइनल आज भी टेनिस इतिहास के सबसे महान मुकाबलों में गिना जाता है। वहीं वर्ष 2019 में नोवाक जोकोविच और फेडरर के बीच खेला गया विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा पुरुष एकल फाइनल भी इसी कोर्ट का हिस्सा बना।

    आज सेंटर कोर्ट केवल एक खेल मैदान नहीं बल्कि उत्कृष्टता परंपरा और गौरव का प्रतीक बन चुका है। यहां जीत हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जाता है। यही वजह है कि जब भी विंबलडन का नाम लिया जाता है तो सबसे पहले सेंटर कोर्ट की भव्यता और उससे जुड़ी ऐतिहासिक यादें लोगों के सामने उभर आती हैं।

  • मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई

    मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई


    मुंबई। मुहर्रम जुलूस के दौरान मुंबई पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके पास से जहर मिले चूहे मारने वाले 14,900 कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बिना किसी अनुमति के लोगों में कैप्सूल बांटता हुआ मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और इसे संभावित बड़ी साजिश के रूप में भी देख रही है।

    डीसीपी जयंत मीणा ने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पर पुलिस की नजर पड़ी। पूछताछ में पता चला कि वह बिना अनुमति कैप्सूल वितरित कर रहा था। इसी बीच सुबह करीब चार बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई है। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसका उद्देश्य मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाना था।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो पुणे का निवासी है और पेंट के कारोबार से जुड़ा बताया गया है। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगाया था और अपने ठिकाने पर कैप्सूल में करीब एक-एक ग्राम जहर भरने का काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2025 में ईरान और इराक भी गया था।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक 14,900 कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं, जबकि आरोपी का लक्ष्य करीब 30,000 कैप्सूल तैयार करने का था। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने के कारण ये कैप्सूल लोगों तक नहीं पहुंच पाए।

    डीसीपी जयंत मीणा ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने बताया कि आरोपी के मकसद, उसके संपर्कों और इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की संभावना की गहन जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।