Author: bharati

  • क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला, मैक्सवेल और कोंस्टास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला, मैक्सवेल और कोंस्टास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर


    नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट सत्र 2026-27 के लिए बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने सेंट्रल ब्रेंच की घोषणा कर दी है। इस लिस्ट में कई जज वाले जजमेंट सामने आये हैं। बेहतरीन ग्लेन मैक्सवेल और युवा बल्लेबाज सैम कोनस्टास को बाहर कर दिया गया है, जबकि कुछ नए और उभरते खिलाड़ियों को मौका देकर टीम के भविष्य की दिशा तय करने का संकेत दिया गया है।

    नेसर, मर्फी और डॉगेट को मिला योगदान

    हाल ही में एशेज में शानदार प्रदर्शन करने वाले माइकल नेसर सेंट्रल बेंच में शामिल हुए हैं। उनके साथ ब्रेंडन डोगेट और ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को भी जगह मिली है। यह चयन साँचा निर्दिष्ट है कि चयनकर्ता घरेलू और परीक्षण प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    वेदराल्ड पर भरोसेमंद, ओपनर के रूप में मिलेंगे और मौक़े पर

    जेक वेदरल्ड ने अपनी जगह बरकरार रखते हुए सेलेक्शन का विश्वास जीत लिया। एशेज में ट्रैविस हेड के साथ राज करते हुए उन्होंने अहम पारियां फिल्माईं। तस्मानिया के लिए घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि वे भी ओपनर के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।

    मैक्सवेल का आउट होना तय है, कॉन्स्टास को झटका

    ग्लेन मैक्सवेल का क्लैंसिल काफी हद तक सामने आ चुका है, क्योंकि वह अब मुख्य रूप से सीमित ओवरों के एक ही कच्चे दल में शामिल हैं। वहीं बल्लेबाज युवा सैम कोनस्टास के लिए यह बड़ा झटका है, जिसमें वेस्टइंडीज दौरे के बाद टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद अब बैलेन्स भी नहीं मिला। इसके अलावा इस सूची में झाय रिचर्डसन, लांस मॉरिस और मैट शॉर्ट भी शामिल हैं।

    इंजरी और फॉर्म बनने का कारण

    जे रिचर्डसन का प्रदर्शन दिलचस्प रहा, क्योंकि उन्होंने कंधे की सर्जरी के बाद वापसी करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट खेला था। वहीं लांस मॉरिस लंबे समय से पीरिन की चोट से बच रहे हैं। सेलेक्शन पुर्तगाल ने साफ संकेत दिया है कि फिटनेस और कंटीन्यूअस प्रदर्शन ही जगह का आधार होगा।

    चयनकर्ता जॉर्ज बेली का बयान

    मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा कि टीम के आगामी चयन में इंटरनैशनल प्लानिंग पर ध्यान दिया गया है। अगले 12 महीनों में दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के खिलाफ अलग-अलग रेनॉल्ड्स सीरीज में शामिल हैं, जिनके लिए टीम और बहुराष्ट्रीय टीम की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि क्लैंच में खिलाड़ियों के अलावा अन्य खिलाड़ियों को भी शामिल किया जाएगा।

    टेस्ट क्रिकेट पर फोकस, कमाए गए तरंग

    इस बार कुल 24 में से सिर्फ 21 खिलाड़ियों को चित्रित किया गया है, जो पिछले साल 23 से कम है। इसका मतलब है कि बोर्ड टेस्ट क्रिकेट पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहता है और खिलाड़ियों को क्रिकेट से दूर रखने की चुनौती भी सामने है।

    सेंट्रल ग्रैंडस्लैम 2026-27 में शामिल खिलाड़ी

    इस लिस्ट में पैट कमिंस, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मिचेल मार्श, एडम जाम्पा समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

  • IPL 2026: श्रेयस अय्यर की इंजरी पर बड़ा अपडेट, खुद बताई हालत

    IPL 2026: श्रेयस अय्यर की इंजरी पर बड़ा अपडेट, खुद बताई हालत


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इस जीत के बीच टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की चोट ने फैंस की चिंता जरूर बढ़ा दी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में बल्लेबाजी के दौरान अय्यर चोटिल हो गए थे, हालांकि मैच के बाद उन्होंने खुद अपनी फिटनेस को लेकर राहत भरी खबर दी। उनके बयान से साफ हो गया है कि यह चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह जल्द ही पूरी तरह फिट नजर आ सकते हैं।

    मैदान पर कैसे लगी चोट, पल भर में बढ़ी चिंता

    पंजाब की पारी के दौरान अय्यर नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद थे, तभी युवा बल्लेबाज कूपर कोनोली के एक जोरदार शॉट की गेंद सीधे उनके हाथ पर जा लगी। गेंद की रफ्तार इतनी तेज थी कि अय्यर दर्द से कराहते हुए क्रीज पर ही गिर पड़े। कुछ देर के लिए मैदान पर सन्नाटा छा गया और तुरंत मेडिकल टीम को बुलाना पड़ा। प्राथमिक उपचार के बाद अय्यर ने हिम्मत दिखाई फिर से बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन चोट के असर के चलते ज्यादा देर टिक नहीं सके और जल्द ही बाहर हो गए।

    अय्यर का बयान: ‘सब ठीक है, ज्यादा चिंता की बात नहीं’

    मैच खत्म होने के बाद अय्यर ने अपनी इंजरी पर खुद अपडेट देते हुए कहा, “मैं बस इतना कह सकता हूं कि यह अच्छा है और पहले जैसा ही है। मैं इसे जटिल नहीं बनाना चाहता। मैं पॉजिटिव रहना चाहता हूं और उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।” उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि चोट गंभीर नहीं है और वह टीम के अगले मुकाबलों में खेलने के लिए तैयार रहेंगे।

    छोटी लेकिन असरदार पारी, आक्रामक अंदाज दिखाएं

    चोटिल होने के बावजूद अय्यर ने अपनी पारी में आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 11 गेंदों पर 18 रन बनाए, जिसमें लगातार दो मौके शामिल थे। यह पारी भले ही छोटी रही, लेकिन उनका आत्मविश्वास और टीम के प्रति बढ़कर है।

    कोनोली का जलवा, पंजाब की जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज

    इस मुकाबले में जीत के असली हीरो रहे कूपर कोनोली, जिन्होंने 44 गेंद पर नाबाद 72 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 5 चौके और 5 विकेट शामिल थे। इसके अलावा प्रभसिमरन सिंह ने भी 37 रन की अहम पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    गुजरात की पारी और पंजाब की गेंदबाजी

    इससे पहले गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 162 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने 39 और जोस बटलर ने 38 रन की पारी खेली। वहीं ग्लेन फिलिप्स ने 25 रन जोड़े। पंजाब की ओर से विजय कुमार वैशाख ने 3 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 2 और मार्को जानसेन ने 1 विकेट लिया।

    रोमांचक जीत के साथ मजबूत शुरुआत

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स ने 19.1 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 165 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। गुजरात के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लिए, जबकि कगिसो रबाडा, राशिद खान और वाशिंगटन सुंदर को 1-1 सफलता मिली।

  • IPL 2026: कूपर कोनोली के शॉट्स पर फिदा हुए श्रेयस अय्यर, जमकर की तारीफ

    IPL 2026: कूपर कोनोली के शॉट्स पर फिदा हुए श्रेयस अय्यर, जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों का सिलसिला जारी है और मंगलवार को खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर सीजन की दमदार शुरुआत की। महाराजा यदविंदर सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जीत के हीरो बने युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कूपर कोनोली, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही मैच विनिंग पारी खेलकर सभी का दिल जीत लिया। पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी अपनी जोरदार बल्लेबाजी की और उनकी शॉट्स को ‘अविश्वसनीय’ बताया।

    कोनोली की बल्लेबाजी ने बदला मैच का रुख

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की शुरुआत कुछ खास नहीं रही, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कोनोली ने परिस्थितियों को भांपते हुए संयम और ऊंचाइयों का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने 44 गेंद पर नाबाद 72 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 शानदार कारनामे शामिल थे। अफसरों पर राशिद खान की गेंद पर लगाया गया उनका बैकफुट छक्का दर्शकों के लिए रोमांच का केंद्र बन गया। कोनोली अंत तक क्रीज पर टिके रहे और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाएगा।

    अय्यर ने की जोरदार टक्कर, बताया ‘मैच अवेयर खिलाड़ी’

    मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि कोनोली की बल्लेबाजी देखने लायक थी। उन्होंने कहा, “उसने जो शॉट खेले, वे सच में कमाल के थे। खासकर राशिद खान की गेंद पर बैकफुट से छक्का लगाना उसकी क्लास को दिखाता है।” अय्यर ने आगे कहा कि कोनोली में सबसे अच्छा गेम अवेयरनेस है और उन्होंने पहले भी उसे ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते देखा है। उनकी गिनती है कि यह युवा खिलाड़ी आगे भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    गुजरात की पारी: गिल और बटलर ने संभाली कमान

    इससे पहले टॉस पहले गेंदबाजी करने उतरी पंजाब की टीम ने गुजरात टाइटंस को 20 ओवर में 6 विकेट पर 162 रन पर रोक दिया। गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन गिल ने 27 गेंद पर 39 रन बनाए, जबकि जोस बटलर ने 33 गेंद पर 38 रन की पारी खेली। इसके अलावा ग्लेन फिलिप्स ने 25 रन बनाकर टीम को स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया।

    पंजाब के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन

    पंजाब की ओर से गेंदबाजी में विजय कुमार वैशाख ने 3 विकेट लेकर मैच का रुख पलटने में अहम भूमिका निभाई। वहीं युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट झटके, जबकि मार्को जानसेन को 1 सफलता मिली। इन गेंदबाजों की सही हुई गेंदबाजी ने गुजरात को बड़े स्कोर से दूर रखा।

    अंतिम ओवरों में रोमांच, पंजाब ने मारी बाजी

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 19.1 ओवर में 7 विकेट खोकर 165 रन बनाते हुए मैच अपने नाम किया। हालांकि बीच में टीम ने कुछ जल्दी विकेट गंवाए, लेकिन कोनोली की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने टीम को संभाला रखा। गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लिए, जबकि कगिसो रबाडा, वाशिंगटन सुंदर और राशिद खान को एक-एक सफलता मिली।

    प्लेयर ऑफ द मैच बने कोनोली

    अपने शानदार प्रदर्शन के लिए कोनोली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनका कॉन्फिडेंस, शॉट सिलेक्शन और प्रेशर में खेलने की कैपेसिटी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।

  • बोस्निया से हारकर इटली विश्व कप 2026 से बाहर, लगातार तीसरी बार चूकी

    बोस्निया से हारकर इटली विश्व कप 2026 से बाहर, लगातार तीसरी बार चूकी


    नई दिल्ली। चार बार की चैंपियन इटली की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए बड़ा झटका सामने आया है। FIFA World Cup 2026 के प्लेऑफ़ फ़ाइट में बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से हारकर इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप में जगह बनाने से चूक गई। यह हार इटली फ़ुटबॉल इतिहास के लिए बेहद निराशाजनक मानी जा रही है।

    पेनल्टी शूटआउट में टूटा सपना

    जेनिका में खेले गए इस रोमांचक फ़ाइट में दोनों टीमें तय समय और अतिरिक्त समय के बाद 1-1 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मैच का फ़ैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहाँ बोस्निया ने 4-1 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ बोस्निया ने 2014 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में अपनी जगह बनाई।

    रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख़

    मैच की शुरुआत में इटली ने बढ़त बना ली थी। मोइस कीन ने 15वें मिनट में गोल कर टीम को आगे कर दिया। लेकिन हाफ़टाइम से पहले एलेसेंड्रो बस्तोनी को रेड कार्ड मिलने के बाद इटली 10 खिलाड़ियों तक सिमट गई। दब से मैच का रुख पलट गया।

    बोस्निया की शानदार वापसी

    संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाते हुए बोस्निया ने लगातार दबाव बनाया और 79वें मिनट में हारिस तबाकोविक ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला शूटआउट में पहुंच गया।

    शूटआउट में इटली की नाकामी

    पेनल्टी शूटआउट में इटली पूरी तरह दबाव में नजर आई। सिर्फ सैंड्रो टोनाली ही गोल कर सके, जबकि बाकी खिलाड़ी चूक गए। दूसरी ओर बोस्निया ने अपने सभी चार शॉट गोल में बदले और एस्मिर बजरकतारेविक ने दावेदार किक लगाकर टीम को जीत दिलाई।

    कोच और खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

    इटली के हेड कोच गेनारो गट्टूसो ने हार के बाद माफी मांगते हुए कहा कि टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर। वहीं डिफेंडर लियोनार्डो स्पिनाज़ोला ने इसे बेहद दर्दनाक हार बताया।

    यूरोप से बाकी टीमों ने किया क्वालिफिकेशन

    इसी प्लेऑफ में चेक रिपब्लिक नेशनल फुटबॉल टीम, स्वीडन नेशनल फुटबॉल टीम और टर्की नेशनल फुटबॉल टीम ने भी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफिकेशन दर्ज कर जीत दर्ज की। अब यूरोप की सभी 16 टीमें तय हो चुकी हैं।

    कब और कहां होगा वर्ल्ड कप

    FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच यूनाइटेड स्टेट्स, कनाडा और मैक्सिको में होगा, जिसमें कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी।

  • अमेरिका का चंद्र मिशन: 54 साल बाद चांद के करीब जाएंगे अंतरिक्ष यात्री, जानें पूरी तैयारी और उद्देश्य

    अमेरिका का चंद्र मिशन: 54 साल बाद चांद के करीब जाएंगे अंतरिक्ष यात्री, जानें पूरी तैयारी और उद्देश्य


    नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अगले कुछ वर्षों में चांद पर स्थायी बेस बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसी कड़ी में हाल ही में एजेंसी ने अगले दशक के चांद से जुड़े मिशनों का रोडमैप जारी किया। आर्टेमिस-2 मिशन इस योजना का हिस्सा है और इसे अप्रैल 2026 में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन के साथ लगभग 54 साल बाद अमेरिका एक बार फिर मानव को चांद के करीब भेजने जा रहा है।

    आर्टेमिस-2 मिशन क्या है?

    आर्टेमिस-2 नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम की दूसरी उड़ान है और यह लगभग 10 दिन का मानव मिशन होगा। इसके लिए स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरायन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल किया जाएगा। आर्टेमिस-1 मिशन 2022 में मानव रहित था, जो चांद के करीब स्थितियों का परीक्षण करने के लिए था। आर्टेमिस-2 में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा का चक्कर लगाएंगे और यह उड़ान फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर होगी। इसका मतलब है कि चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण की मदद से यान स्वाभाविक रूप से पृथ्वी की ओर लौट आएगा। इस मिशन के दौरान चालक दल चंद्रमा के उस दूरस्थ हिस्से से गुजरेगा जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता और संभव है कि नए दूरी के रिकॉर्ड भी बनेंगे।

    कौन हैं अंतरिक्ष यात्री?

    नासा ने 3 अप्रैल 2023 को आर्टेमिस-2 के चार अंतरिक्ष यात्रियों का एलान किया था। इनमें कमांडर रीड वाइसमैन होंगे, जो नासा के अंतरिक्ष यात्री और अमेरिकी नौसेना के एविएटर तथा टेस्ट पायलट हैं। पायलट की भूमिका विक्टर ग्लोवर निभाएंगे, जो चंद्रमा का चक्कर लगाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। मिशन विशेषज्ञ के रूप में क्रिस्टीना कॉश शामिल हैं, जो सबसे लंबी महिला एकल अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड रखती हैं और पहली महिला स्पेस वॉक में भी शामिल रही हैं। चौथे सदस्य जेरेमी हैनसेन कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी का प्रतिनिधित्व करेंगे और यह उनकी पहली अंतरिक्ष उड़ान होगी। इस मिशन में पहली बार कोई महिला, कोई अश्वेत और कोई कनाडाई नागरिक पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर जाएंगे।

    लॉन्चिंग में देरी और तैयारी

    मूल रूप से फरवरी 2026 में लॉन्चिंग की योजना थी, लेकिन रॉकेट परीक्षणों में समस्याओं के कारण इसे कई बार टालना पड़ा। अब नासा 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जो भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह होगा। यदि मौसम या तकनीकी कारण से लॉन्च संभव नहीं होता है, तो बैकअप तारीखें 3 से 6 अप्रैल और 30 अप्रैल रखी गई हैं।

    मिशन की रूपरेखा

    आर्टेमिस-2 मिशन के दौरान यान पहले पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित होगा और यहां जीवन रक्षक प्रणालियों और अन्य तकनीकी उपकरणों की जांच की जाएगी। लगभग 26 घंटे बाद यान को बड़े इंजन बर्न के जरिए चंद्रमा की दिशा में भेजा जाएगा। इस यात्रा में चार दिन का समय लगेगा। यान चंद्रमा की सतह से लगभग 8,889 किमी ऊपर से गुजरेगा, जहां अंतरिक्ष यात्री लगभग तीन घंटे तक भूवैज्ञानिक और वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे, तस्वीरें लेंगे और अंतरिक्ष के मौसम, सौर ज्वालाओं और विकिरण की निगरानी करेंगे। यह उड़ान फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर आधारित होगी, जिससे यान स्वाभाविक रूप से पृथ्वी की ओर लौट आएगा। अंत में प्रशांत महासागर में ओरायन कैप्सूल सुरक्षित रूप से उतर जाएगा।

    मिशन के लक्ष्य

    आर्टेमिस-2 के प्रमुख लक्ष्य में चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ओरायन यान और SLS रॉकेट के प्रदर्शन का परीक्षण करना, भविष्य के चंद्र और मंगल अभियानों की तैयारी करना और चंद्रमा की भूवैज्ञानिक संरचनाओं का अध्ययन करना शामिल है। इसके अलावा गहरे अंतरिक्ष के विकिरण और सौर ज्वालाओं के प्रभावों का भी अध्ययन किया जाएगा। इस मिशन की सफलता के बाद नासा चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित करने और भविष्य में इसे अंतरिक्ष स्टेशन की तरह निरंतर संचालन योग्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।

    क्यों नहीं उतरेगा आर्टेमिस-2 चांद पर?

    हालांकि आर्टेमिस-2 मानव मिशन है, फिर भी यह चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा। इसका कारण यह है कि ओरायन यान लूनर लैंडर नहीं है और चांद पर उतरने की क्षमता नहीं रखता। चांद पर इंसानों की लैंडिंग आर्टेमिस-3 मिशन में होगी, जिसमें स्टारशिप एचएलएस लूनर लैंडर का इस्तेमाल किया जाएगा। आर्टेमिस-2 का उद्देश्य चंद्रमा के करीब मानव उड़ान और ओरायन यान की प्रणालियों का परीक्षण करना है, ताकि भविष्य में चांद पर स्थायी मानव मिशन और मंगल अभियान के लिए तैयारियां पूरी की जा सकें।

  • IPL रिकॉर्ड: एक टीम के साथ सबसे लंबा सफर तय करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट

    IPL रिकॉर्ड: एक टीम के साथ सबसे लंबा सफर तय करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2008 से शुरू होकर आज दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग बन गई है। इस लीग में कई खिलाड़ी अलग-अलग टीमों की प्रतियोगिताओं में नजर आए, लेकिन कुछ ऐसे दिग्गज भी हैं जो अपने करियर का बड़ा हिस्सा सिर्फ एक ही फ्रेंचाइजी के साथ हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 खिलाड़ियों के बारे में जिनमें एक ही टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने की चाहत है।

    1. विराट कोहली (आरसीबी)

    इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर हैं। वह 2008 से ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का हिस्सा हैं और टीम के सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। आईपीएल 2026 तक कोहली आरसीबी के लिए 268 मैच खेल चुके हैं, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा एक टीम के लिए सबसे ज्यादा हैं।

    2. एमएस धोनी (क्रिकेटर)

    महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ मिलकर एक अलग ही पहचान बनाई है। 2016-17 में टीम के बैन के दौरान वह राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए खेले, लेकिन बाकी सभी सीज़न में सीएसके के साथ रहे। आईपीएल 2025 तक धोनी सीएसके के लिए 248 मैच खेले हैं।

    3. रोहित शर्मा (मुंबई इंडियंस)

    रोहित शर्मा ने 2011 से मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व किया है। वह अपनी टीम को कई बार चैंपियन बना चुके हैं और अब तक 228 मैचों में एक ही टीम के लिए खेल चुके हैं, जिससे वह इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

    4. सुनील नरेन (केकेआर)

    वेस्टइंडीज के स्टार स्पिनर सुनील नरेन 2012 से कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपनी दमदार गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को कई मैच जिताए हैं। नरेन अब तक केकेआर के लिए 190 मैच खेल चुके हैं।

    5. कीरोन पोलार्ड (मुंबई इंडियंस)

    किरण पोलार्ड 2010 से 2022 तक मुंबई इंडियंस के अहम खिलाड़ी रहे। उन्होंने 189 मैच खेले और टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। अब वह टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा हैं।

    इनप्लेस को क्या खास बनाता है?

    इन प्लेयर्स की सबसे बड़ी खासियत उनकी लॉयल्टी (निष्ठा) और कंसिस्टेंसी (लगातार परफॉर्मेंस) है। आईपीएल जैसी बड़ी लीग में लंबे समय तक किसी एक टीम के लिए खेलना आसान नहीं होता, लेकिन इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और टीम के प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई।

  • अमेलिया केर के शतक से न्यूजीलैंड का इतिहास, वनडे में सबसे बड़ा लक्ष्य किया हासिल

    अमेलिया केर के शतक से न्यूजीलैंड का इतिहास, वनडे में सबसे बड़ा लक्ष्य किया हासिल


    नई दिल्ली। महिला वनडे क्रिकेट में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो पहले कभी नहीं हुआ था। कप्तान अमेलिया केर की धमाकेदार नाबाद पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 347 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इतिहास रच दिया और सबसे बड़े रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने भारत महिला क्रिकेट टीम का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    दक्षिण अफ्रीका ने पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था

    वेलिंगटन में खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 346 रन बनाए। कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 69 रन, एनेके बॉश ने 91 रन और क्लो ट्रायोन ने 25 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    अमेलिया केर की ऐतिहासिक पारी

    इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेलिया केर ने कप्तानी पारी खेली। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरी केर ने 139 गेंद पर 179* रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। यह पारी न सिर्फ मैच जिताऊ रही, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास में यादगार बन गई।

    टीमों ने बदला मैच

    केर को इज़ी गेज़ का शानदार साथ मिला, जिसने 48 गेंद में 68 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 120 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख न्यूजीलैंड की ओर मोड़ दिया।

    आखिरी ओवरों में भी केर ने जिम्मेदारी संभाले रखी और छोटे-छोटे लेकिन अहम योगदान के साथ टीम को जीत दिलाई।

    आखिरी ओवरों में बना रोमांच

    एक समय न्यूजीलैंड को 72 गेंद में 97 रन चाहिए थे और 5 विकेट बचे थे, जिससे मैच फिसलता हुआ नजर आ रहा था। लेकिन केर ने धैर्य और रनों का बेहतरीन बैलेंस दिखाया और टीम को 49.4 ओवर में 350/8 तक पहुंचाकर 2 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई।

    भारत का रिकॉर्ड तोड़

    इससे पहले महिला वनडे में सबसे बड़ा रन बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नाम था, जिसने 2025 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 339 रन का लक्ष्य हासिल किया था। अब न्यूजीलैंड ने इसे पीछे छोड़कर नया इतिहास बना दिया।

  • IPL 2026: श्रेयस अय्यर पर लगा 12 लाख का जुर्माना, पंजाब किंग्स को झटका

    IPL 2026: श्रेयस अय्यर पर लगा 12 लाख का जुर्माना, पंजाब किंग्स को झटका


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने भले ही शानदार जीत दर्ज की हो, लेकिन टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर को बड़ा झटका लगा है। गुजरात के कलेक्टोरेट के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में 12 लाख रुपये की कटौती का अनुमान लगाया गया है। यह कार्रवाई ओवर रेटिंग के कारण की गई है, जिसे आईपीएल के प्रदर्शन का उल्लंघन माना जाता है।

    पूरा मामला क्या है?

    आईपीएल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस सीजन में पंजाब किंग्स का पहला ओवर-रेट उल्लंघन था। इंडियन प्रीमियर लीग के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के तहत कैप्टन पर 12 लाख रुपये की कटौती की गई है। अगर यह ग़लती से दोगुना हो जाता है, तो आगे और कड़ी सज़ा भी मिल सकती है।

    मैच के दौरान लगी चोट ने चिंता जताई

    इस कॉलेज में श्रेयस अय्यर को चोट का भी सामना करना पड़ा। स्ट्राइकर-स्ट्राइकर और शेयरहोल्डर अयर्ड नॉन के हाथ पर कूपर कोनोली का तेज शॉट लगाया गया, जिससे वह कुछ समय के लिए मैदान पर ही लेट गए। हालांकि मेडिकल टीम की मदद के बाद उन्होंने नाटकीय रिलीज जारी की, लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं सके।

    पंजाब की शानदार जीत

    मैच की बात करें तो पंजाब किंग्स ने सबसे पहले गुजरात टाइटंस को 162/6 पर रोका। गुजरात की ओर से शुबमन गिल (39) और जोस बटलर (38) ने अच्छी पारियां खेलीं।

    पंजाब की ओर से विजयकुमार वैश्य ने 3 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट और मार्को जानसन ने 1 विकेट लिया।

    कोनोली बने जीत के हीरो

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 19.1 ओवर में 165/7 रन बनाकर 3 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के हीरो रहे कूपर कोनोली, मैच 72 रन की शानदार पारी और प्लेयर ऑफ द मैच बने।

    गुजरात के गणतंत्र की कोशिश नाकाम

    गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लेकर मैच को झटका दिया, लेकिन टीम जीत से दूर रह गई।

    आगे की चेतावनी

    यह अपूरणीय श्रेयस अय्यर और उनकी टीम के लिए चेतावनी है। अगर आगे भी ओवर-रेट की समस्या जारी हो रही है, तो टीम और कप्तान को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

  • देवेंद्र फडणवीस और रवि शास्त्री की मुलाकात, पूर्व क्रिकेटर ने भेंट की किताब

    देवेंद्र फडणवीस और रवि शास्त्री की मुलाकात, पूर्व क्रिकेटर ने भेंट की किताब


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी खुद सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की, जहां उन्होंने इस खास मुलाकात को सुखद अनुभव के बारे में बताया।

    किताब बिश्ते की खास याद

    इस मुलाक़ात को और ख़ास बातें बताई गईं रवि शास्त्री ने मुख्यमंत्री को एक किताब के बारे में बताया। यह किताब “इंडियाज़ 71-ईयर टेस्ट: द जर्नी टू ट्राइंफ इन ऑस्ट्रेलिया” है, जिसे आर कौशिक ने लिखा है। इस पुस्तक में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे सफर और विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत की कहानी का विस्तार बताया गया है। इस उपहार के लिए ईसाई ने भी खरीदा सामान।

    सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीर

    देवेन्द्र फड़णवीस ने अपने पोस्ट में लिखा कि अनुभवी खिलाड़ियों और पूर्व कोच से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। साथ ही उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर कीं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

    शानदार क्रिकेट के धनी हैं शास्त्री

    रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रत्नों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1981 से 1992 के बीच भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 लाॅरी कंपनी खेली। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3,830 रन और 151 विकेट दर्ज हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3,108 रन और 129 विकेट दर्ज हैं। वह 1983 की विश्व कप टीम के विजेताओं का भी हिस्सा हैं।

    कोचिंग और कमेंट्री में भी दमदार पहचान

    संत के बाद शास्त्री ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने 2017 से 2021 तक भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में भी शानदार काम किया। उनकी टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष स्थान हासिल किया और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की।

    खेल और राजनीति का संगम

    यह मुलाकात खेल और राजनीति के बीच एक सकारात्मक संवाद का उदाहरण बन रही है। जहां एक ओर देवेन्द्र फड़णवीस राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं, वहीं रवि शास्त्री खेल जगत की बड़ी हस्तियां हैं। दोनों की यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है।