Author: bharati

  • मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना 943 किसानों की जमीन अधिग्रहण लेकिन धार जिले में काम बाकी

    मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना 943 किसानों की जमीन अधिग्रहण लेकिन धार जिले में काम बाकी



    इंदौर ।
    मध्य प्रदेश में मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इस परियोजना के तहत इंदौर जिले के महू तहसील में 18 गांवों के कुल 943 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। यह रेल मार्ग महाराष्ट्र से सीधे आंबेडकर नगर स्टेशन को जोड़ेगा जो क्षेत्रीय परिवहन और विकास को एक नई दिशा देने की उम्मीदें जगाता है। परियोजना के तहत खेड़ी इस्तमुरार गांव से भूमि अधिग्रहण की औपचारिक शुरुआत भी हो चुकी है जो इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम है।

    मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना को लेकर अब तक इंदौर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई बड़ी अड़चन नहीं आई है लेकिन धार जिले में यह कार्य अभी अधूरा है जिससे परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है। धार जिले में भूमि अधिग्रहण की गति धीमी होने के कारण इस परियोजना की समय-सीमा पर असर पड़ सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सेंधवा की भूमि अधिग्रहण संबंधी फाइल कसरावद प्रशासन को ड्राफ्ट तैयार करने के लिए भेज दी गई है और ड्राफ्ट के अनुमोदन के बाद सेंधवा की अंतिम अधिग्रहण सूची जारी कर दी जाएगी।

    मनोज मराठे जो रेलवे संघर्ष समिति के प्रमुख हैं ने धार जिले में चल रही देरी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इंदौर में रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य नागेश नामजोशी के साथ बैठक की और विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाने की मांग की। मराठे ने कहा कि यदि धार जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई और देरी हुई तो इससे परियोजना की शुरुआत में अनावश्यक विलंब हो सकता है जो जनहित में नुकसानदायक हो सकता है।

    मराठे का कहना है कि समिति का प्रयास है कि सभी प्रभावित जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के शीघ्र पूरी हो ताकि मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना समय पर धरातल पर उतर सके और व्यापक जनहित को लाभ पहुंचा सके।

    मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना का महत्व

    यह रेल परियोजना न केवल महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आंबेडकर नगर स्टेशन से रेल मार्ग जुड़ने से न केवल परिवहन की गति बढ़ेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना की सफलता इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी उम्मीद बन सकती है और यह भारतीय रेल नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

    हालांकि इस परियोजना की प्रगति में कुछ चुनौतियां भी आ रही हैं विशेषकर धार जिले में भूमि अधिग्रहण को लेकर लेकिन उम्मीद की जाती है कि जल्द ही प्रशासन और रेलवे विभाग के प्रयासों से ये समस्याएं हल हो जाएंगी और परियोजना समय पर पूरी होगी। इस तरह मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना ना केवल क्षेत्रीय परिवहन को एक नया आयाम देगी बल्कि प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान करेगी।

  • अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 विमानों के अपग्रेड के लिए 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को दी मंजूरी

    अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 विमानों के अपग्रेड के लिए 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को दी मंजूरी


    नई दिल्ली । अमेरिकी(American) विदेश विभाग ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए 686 मिलियन डॉलर (68.6 करोड़ डॉलर) के पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह पैकेज पाकिस्तान वायु सेना (Pakistan Air Force)की क्षमताओं को बढ़ाने, अंतरसंचालन(Interoperability) को मजबूत करने और विमानों की सर्विस लाइफ को 2040 तक विस्तारित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ट्रंप प्रशासन(Trump administration) ने इस प्रस्ताव को संसद के पास भेज दिया है, जहां इसे 30 दिनों की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।

    इस सौदे में लिंक-16 डेटा लिंक सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक उपकरण, एवियोनिक्स अपग्रेड, प्रशिक्षण मॉड्यूल और व्यापक रखरखाव समर्थन शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार, यह अपग्रेड पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े की विश्वसनीयता और रखरखाव क्षमता को बढ़ाएगा, साथ ही अमेरिकी और पाकिस्तानी वायु सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा। डीएससीए ने एक बयान में कहा- यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करती है। पाकिस्तान एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश है।

    पाकिस्तान के पास वर्तमान में लगभग 75 एफ-16 विमान हैं, जो 1980 के दशक से उसकी वायु सेना का मुख्य आधार हैं। यह अपग्रेड विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए अपग्रेडेड कम्युनिकेशन और सेंसर सिस्टम की आवश्यकता है।

    अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग का इतिहास लंबा रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यह उतार-चढ़ाव से गुजरा है। 2018 में ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को सैन्य सहायता निलंबित कर दी थी, लेकिन अब इस अपग्रेड पैकेज से संबंधों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मंजूरी का स्वागत किया है, इसे अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के रूप में देखते हुए। दूसरी ओर, अमेरिकी कांग्रेस में कुछ सदस्यों ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं पर सवाल उठाए हैं, लेकिन डीएससीए ने स्पष्ट किया कि यह पैकेज केवल मौजूदा बेड़े के रखरखाव और अपग्रेड के लिए है, न कि नए विमानों की बिक्री के लिए।

    यह विकास ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी वायु सेना को आधुनिक बनाने के लिए चीन से जे-10सी विमान भी प्राप्त किए हैं, लेकिन एफ-16 अमेरिकी तकनीक पर निर्भर उसकी मुख्य ताकत बनी हुई है। यदि कांग्रेस इस सौदे को मंजूरी देती है, तो यह पाकिस्तान की सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

  • जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार

    जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार


    नई दिल्ली । TVK यानी तमिलगा वेत्री (tamilga vetri)कषगम प्रमुख विजय ने मंगलवार को पुडुचेरी (Puducherry)में अपनी पहली जनसभा की। इस दौरान उनकी पार्टी के नेताओं और एक महिला आईपीएस(IPS) के बीच बहस का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि अधिकारी करूर रैली(Karur Rally) में हुई मौतों का जिक्र कर नेताओं पर निशाना साध रही हैं। मामले का वीडियो वायरल हो रहा है।

    क्या था मामला
    मामला टीवीके की उप्पालम पोर्ट ग्राउंड में हुई जनसभा का है। एक वायरल वीडियो में पुडुचेरी पुलिस अधीक्षक ईशा सिंह को नाराज होते हुए देखा जा सकता है। वह कह रही हैं, ‘तुम पर इतने लोगों का खून है। तुम मुझे पूछ रहे हो कि मैं क्या कर रही हूं। तुम क्या कर रहे हो। 40 लोग मर गए थे। तुम क्या कर रहे।’ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें टीवीके महासचिव बस्सी आनंद के हाथों से माइक छीनते हुए भी देखा गया।

    खबर है कि एसपी ईशा सिंह ने अपने विजय के रोड शो को अनुमति देने के पहले ही अपने सीनियर्स को चेताया था। इसके बाद उन्हें रैली की देखरेख का काम सौंपा गया। खास बात है कि करूर में हुए कांड के बाद विजय की यह पहली बड़ी रैली थी। उस रैली में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

    कौन हैं आईपीएस ईशा सिंह
    साल 1998 में मुंबई में जन्मीं ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह भी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। कहा जाता है कि भ्रष्टाचार उजागर करने के चलते बार-बार सजा के तौर पर मिल रही पोस्टिंग के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सिंह की मां आभा सिंह भारतीय डाक सेवा में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में उन्होंने कानून का रास्ता चुना और वकालत की और जनहित के मामलों में रहीं। इनमें सलमान खान हिट एंड रन केस भी शामिल है।

    इंडिया टुडे के अनुसार, ईशा सिंह भी पुलिस अधिकारी बनने से पहले वकालत में समय गुजार चुकी हैं। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। साल 2010 में उन्होंने सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों की विधवाओं को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया था।

  • जगदीशपुर किला गोंड काल से मुगल दौर तक की ऐतिहासिक यात्रा और जीर्णोद्धार की नई शुरुआत

    जगदीशपुर किला गोंड काल से मुगल दौर तक की ऐतिहासिक यात्रा और जीर्णोद्धार की नई शुरुआत


    भोपाल ।
    मध्य प्रदेश का जगदीशपुर किला एक ऐतिहासिक धरोहर है जिसकी कहानी कई सदियों पुरानी है। 15वीं शताब्दी में गोंड साम्राज्य के 52 किलों में से एक महत्वपूर्ण किला आज भी अपने ऐतिहासिक महत्व को संजोए हुए है। गोंड साम्राज्य के दौरान यह किला विशेष स्थान रखता था और उसकी स्थापत्य कला की अनूठी शैली को यहां देखा जा सकता है। समय के साथ किले का रूप और नाम बदलते रहे लेकिन इसके ऐतिहासिक महत्व में कोई कमी नहीं आई।

    किले की कहानी गोंड साम्राज्य से शुरू होती है जब यहां के वन क्षेत्रों में गोंड शासकों ने स्थानीय सत्ता संभाली थी। संग्रामशाह ने कई किलों का निर्माण कराया था जिनमें से यह किला भी शामिल था। रानी दुर्गावती की पराजय के बाद किला अकबर के अधीन आ गया था। मुगल काल में यह किला देवड़ा राजपूतों का ठिकाना बना और इसे ‘जगदीशपुर’ नाम मिला। बाद में 18वीं शताब्दी में दोस्त मोहम्मद खान ने इसका नाम बदलकर ‘इस्लामनगर’ कर दिया लेकिन आज यह किला जगदीशपुर के नाम से ही प्रसिद्ध है।

    किले की संरचना और स्थापत्य की खासियत

    जगदीशपुर किले की संरचना और सुरक्षा प्राचीर आज भी अपनी भव्यता बनाए हुए हैं। किले के चारों ओर मजबूत बुर्ज बनाए गए हैं जिनका अलंकरण गोंड स्थापत्य कला को दर्शाता है। बुर्जों से दुश्मनों पर सटीक निशाना साधने की व्यवस्था थी। किले के परिसर में तीन मुख्य प्रवेश द्वार हैं जबकि चौथा द्वार शाही परिसर का हिस्सा बन चुका है। किले में गोंड महल और शाही परिसर दो महत्वपूर्ण निर्माण हैं जिन्हें आंतरिक प्राचीर से सुरक्षित किया गया था।

    गोंड महल – 15वीं शताब्दी का प्रतीक

    गोंड महल किले का सबसे पुराना महल है जो 15वीं से 16वीं शताब्दी के बीच बना था। यह महल उस समय की शाही भव्यता का प्रतीक था। महल में तीन मंजिलें हैं जिनमें विशाल आंगन मेहराबदार दालान आवासीय कक्ष दीवाने-आम फव्वारा स्नानगृह अश्वशाला और बाग हैं। लताबल्लरी युक्त मेहराबें और नक्काशीदार झरोखे महल की भव्यता को आज भी जीवंत रखते हैं।

    रानी महल – गोंड और मुगल स्थापत्य का संगम

    रानी महल किले की एक और प्रमुख संरचना है। इसकी मूल संरचना 16वीं शताब्दी की गोंड शैली में बनी है जबकि 17वीं शताब्दी में इसमें मुगल शैली की बहुकोणीय मेहराबें जोड़ी गईं। यह महल कभी देवड़ा राजपूत जमींदारों और बाद में दोस्त मोहम्मद खान का निवास भी रहा। रानी महल की मरम्मत तो हुई है लेकिन इसकी मूल संरचना को पूरी तरह से बरकरार रखा गया है।

    चमन महल – शाही परिसर का एक अनमोल रत्न

    रानी महल के उत्तर में स्थित चमन महल शाही परिसर की शोभा है। यह महल राजपूत-मुगल शैली का बेहतरीन उदाहरण है जिसमें सुंदर उद्यान गुंबद नुकीली आमेर शैली की अर्ध-मेहराबें और मुगल शैली का हमाम विशेष आकर्षण हैं। यहां स्थित चारबाग शैली का उद्यान और फव्वारे कश्मीर के मुगल बागों की याद दिलाते हैं।

    जीर्णोद्धार की प्रक्रिया

    1977 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किले को अधिगृहीत किया गया था और तब से इसे संरक्षित करने के प्रयास जारी हैं। हाल ही में पुरातत्व विभाग ने रानी महल और चमन महल का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण पूरा किया है। डॉ. मनीषा शर्मा के अनुसार इस वर्ष जून में रानी महल और चमन महल का पुनरुद्धार पूरा हुआ है। अगले चरण में किले के मुख्य प्रवेश द्वार परकोटा दीवार और बुर्जों को उनके मूल स्वरूप में लाने का कार्य शुरू होगा।

    हृदय दृश्यम संगीत समारोह

    किले के जीर्णोद्धार के बाद 6 दिसंबर को किले में पहली बार भव्य हृदय दृश्यम संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह समारोह किले की ऐतिहासिक धरोहर को और भी खास बनाएगा। इसके साथ ही हस्तशिल्प और व्यंजन मेले का आयोजन भी किया जाएगा जो पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होगा। जगदीशपुर किला न केवल गोंड साम्राज्य की शान है बल्कि मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहर का अहम हिस्सा भी है। इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार के प्रयास किले की भव्यता को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

  • Ukraine War: धमाकों से दहला रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग, सबसे बड़ा बाजार जलकर तबाह

    Ukraine War: धमाकों से दहला रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग, सबसे बड़ा बाजार जलकर तबाह


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) में दोनों ही देश एक-दूसरे के ऊपर लगातार हमले कर रहे हैं। बुधवार रात को रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग (Russian city Saint Petersburg) के सबसे बड़े बाजार में भी एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए। यह धमाके इतने भयानक थे कि कई किलोमीटर दूर तक इनकी आवाज सुनाई दी। इन धमाकों और उसके बाद फैली आग में कई लोग घायल हो गए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

    रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक धमाके से पूरा शॉपिंग कॉम्पलेक्स जलकर तबाह हो गया। हालांकि, इस आग और धमाकों के पीछे क्या वजह थी। इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, एक महिला को कार्बन मोनो ऑक्साइड की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा है, वहीं एक व्यक्ति आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूद गया, जिसकी वजह से उसे गंभीर चोट आई है। सोशल मीडिया पर इस घटना की कुछ वीडियो भी सामने आई हैं, जिनमें भयानक धुआं उठता हुआ नजर आ रहा है।

    मॉस्को की तरफ जा रहे ड्रोन्स इंटरसेप्ट
    सेंट पीटर्सबर्ग में हुई इस घटना के बाद मॉस्को के मेयर ने भी जानकारी देते हुए बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार रात को मॉस्को की तरफ आ रहे ड्रोन्स को मार गिराया है। सर्गेई सोब्यानिन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि लगभग साढ़े तीन घंटों के समय में इन 31 ड्रोन्स को मार गिराया गया है। इसके अलावा दोपहर में भी एक ड्रोन गिराया गया था।

    इन ड्रोन्स को नेस्तनाबूद करने के बाद इमरजेंसी टीम को इनका मलबा एकत्र करने के लिए भेजा गया। इन ड्रोन्स की वजह से आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस हमले के बाद रूस के एविएशन मिनिस्ट्री ने मॉस्को में सभी एयरपोर्ट्स पर आवागमन रद्द कर दिया है। इन हवाई जहाजों का डायवर्ट कर सेंट पीटर्सबर्ग के पुलकोवो एयरपोर्ट की तरह भेज दिया गया है।

    गौरतलब है कि यह हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब रूस की राजधानी मॉस्को में नाजी जर्मनी पर जीत की 80 वी सालगिरह के उपलक्ष्य में एक परेड का आयोजन किया जा रहा है। मॉस्को के मेयर इस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

  • तिरुपति मंदिर में नकली घी के बाद एक और घोटाला… पॉलिस्टर शॉल को बना दिया 100% सिल्क

    तिरुपति मंदिर में नकली घी के बाद एक और घोटाला… पॉलिस्टर शॉल को बना दिया 100% सिल्क


    तिरुपति।
    आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मशहूर तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) में नकली घी घोटाले के बाद अब एक नया घोटाला सामने आया है। तिरुमाला मंदिर (Tirumala Temple) को मैनेज करने वाले ट्रस्ट, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की अंदरूनी जांच में यह घोटाला सामने आया है, जिसमें पाया गया कि एक कॉन्ट्रैक्टर लगातार दस सालों तक 100% पॉलिस्टर शॉल (Polyester Shawl) को शुद्ध शहतूत सिल्क शॉल बताकर बिल का भुगतान करवा रहा था। 2015 से 2025 तक यानी पूरे एक दशक तक TTD में चले 54 करोड़ रुपये के सिल्क शॉल घोटाले के खुलासे से हड़कंप मच गया है।

    TTD की आंतरिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एक कॉन्ट्रैक्टर 100% पॉलिएस्टर शॉल को 100 फीसदी शुद्ध मलबरी सिल्क शॉल बताकर लगातार एक दशक से सप्लाई कर रहा था, और सिल्क के दाम वसूल रहा था। चेयरमैन बीआर नायडू के नेतृत्व वाले TTD बोर्ड द्वारा शॉल की क्वालिटी पर चिंता जताने के बाद शुरू की गई इस जांच से कथित धोखाधड़ी का पता चला। मंदिर प्रबंधन द्वारा ये शॉल बड़े दानदाताओं या वीआईपीज को दिए जाते हैं और वेदासिरवचनम जैसे मंदिर के रीति-रिवाजों में भी इनका इस्तेमाल होता है।


    10 साल से चल रहा था गोरखधंधा

    एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये गड़बड़ियां पिछले दस सालों के दौरान हुईं, जिससे मंदिर ट्रस्ट को लगभग 54 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है। TTD बोर्ड के चेयरमैन बीआर नायडू ने कहा, “एक शॉल जिसकी कीमत लगभग 350 रुपये है, उसका बिल 1,300 रुपये दिया गया और उसका भुगतान किया गया। कुल सप्लाई 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की होगी। हमने ACB (एंटी-करप्शन ब्यूरो) से जांच कराने को कहा है।”


    दो लैब में भेजे गए थे शॉल के सैंपल्स

    उन्होंने बाया कि शॉल के सैंपल्स साइंटिफिक एनालिसिस के लिए दो लैब में भेजे गए थे, जिनमें से एक सेंट्रल सिल्क बोर्ड (CSB) के तहत थी। दोनों टेस्ट से पता चला कि मैटेरियल पॉलिएस्टर था, जो टेंडर स्पेसिफिकेशन्स का साफ उल्लंघन है। विजिलेंस अधिकारियों ने यह भी देखा कि असली सिल्क प्रोडक्ट्स को ऑथेंटिकेट करने के लिए ज़रूरी सिल्क होलोग्राम, सप्लाई किए गए सैंपल्स में नहीं था। कहा जाता है कि इस दौरान TTD को कपड़े की ज्यादातर सप्लाई के लिए एक ही फर्म और उसकी सिस्टर कंपनियां जिम्मेदार थीं।


    सभी मौजूदा टेंडर कैंसल

    विजिलेंस रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लेते हुए, TTD ट्रस्ट बोर्ड ने फर्म के साथ सभी मौजूदा टेंडर कैंसल कर दिए हैं और पूरे मामले को पूरी क्रिमिनल जांच के लिए स्टेट एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को भेज दिया है। बता दें कि पिछले साल इसी मंदिर में नकली घी की सप्लाई करने और उससे प्रसादम (लड्डू) बनाने का मामला उजागर हुआ था। पांच साल को दौरान TTD को करीब 250 करोड़ रुपये मूल्य का 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की गई थी।

  • Ind vs SA: दूसरा T20I आज, जानें कैसा रहेगा चंडीगढ़ की पिच का मिजाज ?

    Ind vs SA: दूसरा T20I आज, जानें कैसा रहेगा चंडीगढ़ की पिच का मिजाज ?


    चंडीगढ़।
    इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) 5 मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला (Second match T20 series) आज यानी गुरुवार, 11 दिसंबर को चंडीगढ़ के महाराजा यादविन्द्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुल्लांपुर मैदान पर खेला जाना है। कटक में खेले गए पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। आज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई वाली टीम की नजरें दूसरे मुकाबले में भी मेजबानों को धूल चटाकर सीरीज में बढ़त को दोगुना करने पर होगी। वहीं साउथ अफ्रीका इस मैच को अपने नाम कर सीरीज में बराबरी करना चाहेगा। आईए एक नजर भारत बनाम साउथ अफ्रीका दूसरे टी20 की पिच रिपोर्ट पर डालते हैं।

    मुल्लांपुर अपना पहला मेन्स इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होस्ट करने के लिए तैयार है। दिसंबर के महीने में यहां ठंड का कहर रहेगा और ओस अहम भूमिका निभा सकती है। चेज करना इस मैदान पर होनों टीमों की पहली पसंद होगी। इस वेन्यू ने इस साल के IPL में कुछ रोमांचक मुकाबलों की मेजबानी की, लेकिन इसने कई तरह के नतीजे दिए: एक जहां टीमों ने 200 से ज्यादा का टोटल बनाया और साथ ही कम स्कोर वाले रोमांचक मैच भी खेले, जिनमें कुछ औसत स्कोर भी शामिल थे। कटक की सतह पर एक सरप्राइज टेस्ट का सामना करने के बाद इस मुकाबले में उतरते हुए, गुरुवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के लिए भी उतना ही रहस्य इंतजार कर रहा होगा। टॉस जीतकर यहां टीमें पहले फील्डिंग करना पसंद करेगी।

    मुल्लांपुर स्टेडियम रिकॉर्ड्स और आंकड़े (IPL)
    मैच- 11
    पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 6 (54.55%)
    दूसरे बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 5 (45.45%)
    टॉस जीतकर जीते गए मैच- 7 (63.64%)
    टॉस हारकर जीते गए मैच- 4 (36.36%)
    हाईएस्ट स्कोर- 228/5
    लोएस्ट स्कोर- 95
    हर विकेट पर औसत रन- 23.35
    हर ओवर पर औसत रन- 8.80
    पहले बैटिंग करते हुए औसत स्कोर- 168.91

    IND vs SA हेड टू हेड
    भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अभी तक 32 टी20 मैच खेले जा चुके हैं, जिसमें 19 मैच जीतकर टीम इंडिया ने अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं साउथ अफ्रीका को भारत के खिलाफ इस फॉर्मेट में 12 जीत मिली है। दोनों के बीच इस दौरान 1 मुकाबले का नतीजा नहीं निकल पाया था। आज टीम इंडिया की नजरें इस आंकड़े को 20 पर पहुंचाने पर होगी।

  • पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार को आंख मारी… भड़के लोग

    पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार को आंख मारी… भड़के लोग


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की सेना के जनरल का एक वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। दरअसल इस वीडियो में पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (Inter-Services Public Relations of Pakistan) के डायरेक्टर जनरल (Director General) और सैन्य प्रवक्ता (Military spokesman) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी (Lieutenant General Ahmed Sharif Chaudhry) एक महिला पत्रकार को आंख मारते नाराज आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो कथित तौर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार अबसा कोमल जनरल चौधरी से पाक के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सवाल पूछ रही थीं। पत्रकार ने कहा, “आपने आज कहा कि वह (इमरान खान) राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, देश विरोधी हैं और दिल्ली के इशारों पर काम कर रहे हैं। यह पहले से कैसे अलग है या क्या हम आगे इस पर कोई डेवलपमेंट की उम्मीद करें?”

    इस गंभीर सवाल का मजाकिया जवाब देते हुए जनरल ने कहा, “और एक चौथा पॉइंट जोड़ लें वह एक ‘जेहनी मरीज’ (मानसिक रोगी) भी हैं।” इसके बाद वह मुस्कुराए और पत्रकार को देख कर आंख मारी, जिसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

    भड़के लोग
    पाकिस्तानी जनरल का वीडियो वायरल होते ही यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने इस पर आश्चर्य जताया है कि कोई वर्दी पहना हुआ शख्स, सार्वजनिक रूप से इस तरह की हरकत कैसे कर सकता है। एक यूजर ने लिखा, “ये कूल बनने की कोशिश कर रहे हैं। इनको ये नहीं पता कि इनको कोई सीरियसली नहीं लेता।”

    एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह दिखाता है कि उनकी सेना कितनी गैर-पेशेवर है। वर्दी में कोई इस तरह सार्वजनिक रूप से किसी को आंख कैसे मार सकता है?” वहीं एक अन्य ने लिखा कि इस तरह के लोग पाकिस्तान सेना के जनरल हैं तो कोई आश्चर्य नहीं है कि उनका देश किस स्थिति में हैं।

  • Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल

    Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की संसद में बैठे सांसद कितने ईमानदार (Honest MPs) हैं? इसकी जब परीक्षा हुई तो करीब एक दर्जन से ज्यादा सांसद उसमें फेल हो गए। यह सब हुआ ऑन कैमरा। अब उसका वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, हुआ यूं कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (Pakistan National Assembly) के स्पीकर सरदार अयाज सादिक (Speaker Sardar Ayaz Sadiq) ने सांसदों की ईमानदारी का इम्तिहान लेने के लिए एक मजेदार तरकीब निकाला। उन्होंने कुछ कड़क-कड़क नोट लहराकर संसद में पूछा कि ये किसके हैं?

    वीडियो में दिख रहा है कि वह हाथों में नोट लहराते हुए पूछ रहे हैं कि ये किसी के पैसे गिर गए हैं, जिनके हैं हाथ खड़े करें। इसी बीच संसद में बैठे 12-13 सांसदों ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर मुस्कुराते हुए स्पीकर ने कहा, “ये तो 10-12 हाथ खड़े हो गए हैं, पैसे उतने नहीं हैं, जितने लोगों के हाथ खड़े हुए हैं। ये तो सारे हाउस के हाथ खड़े हो गए हैं।” उसके बाद उन्होंने थैंक यू कहकर मामला समाप्त कर दिया। अब ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


    रूपये असली मालिक को मिल गए

    पाकिस्तान के टीवी के मुताबिक, नेशनल असेंबली की ये घटना सोमवार की है। स्पीकर अयाज सादिक के हाथ में उस वक्त 5000 रुपये के कुल 10 नोट थे, जिन्हें वह लहरा रहे थे। यानी उनके हाथ में कुल 50,000 रुपये थे, जो किसी सांसद के संसद भवन में गिर गए थे। आखिरकार कैश अपने असली मालिक PTI के सांसद मुहम्मद इकबाल अफरीदी के पास पहुंच गया लेकिन पाक सोशल मीडिया पर इसको लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई है।


    पाकिस्तानी सांसदों की हो रही खिंचाई

    जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर पॉपुलर हुआ, पाकिस्तानियों ने अपने सांसदों की खिंचाई शुरू कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि जिन 12 MPs ने हाथ उठाए थे, उन्हें संसद का अपमान करने का दोषी मानकर सदन से निकाल देना चाहिए। एक मज़ाकिया यूज़र, महनूर आसिफ ने ट्वीट किया, “स्पीकर ने शरीफ भाइयों के 25 कॉल मिस कर दिए।” हालांकि, कुछ लोग इस घटना से हैरान नहीं हैं। एक और ने ट्वीट किया, “वे लाखों में सैलरी और भत्ते लेते हैं, फिर भी यह उनका हाल है।”

  • भारी कर्ज और कुप्रबंधन में डूबा पाकिस्तान… IMF-ADB ने खोली अर्थव्यवस्था की पोल

    भारी कर्ज और कुप्रबंधन में डूबा पाकिस्तान… IMF-ADB ने खोली अर्थव्यवस्था की पोल


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के लिए बुधवार को आई दो रिपोर्टें बेहद चौंकाने वाली और उसकी अर्थव्यवस्था (Economy) की कलई खोलने वाली हैं। पहली रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund – IMF) की है जिसके नवीनतम अनुमानों से पता चलता है कि यह देश अब भी भारी कर्ज, कमजोर निवेश और धीमी रोजगार वृद्धि से जूझ रहा है। दूसरी रिपोर्ट एशियाई विकास बैंक (एडीबी) (Asian Development Bank -ADB) की है जिसमें चेताया गया है कि पाकिस्तान कुप्रबंधन में डूबा है और जल संकट गंभीरतम हालत में है।

    आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की नई राशि देने के बीच चेताया कि देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025 में 2.6% से बढ़कर 2026 तक 3.2% हो जाएगी, जो 24 करोड़ की आबादी वृद्धि की दर से लगभग मेल नहीं खाती। मुद्रास्फीति भी घटकर 4.5% रह गई है जो अस्थिरता का संकेत देती है। उधर, एडीबी ने कहा- पाकिस्तान में 80% से अधिक आबादी स्वच्छ पेयजल से वंचित है। देश अनियंत्रित आबादी व कुप्रबंधन से भारी दबाव में है।

    कमजोर रोजगार सृजन क्षमता का शिकार
    आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की जनसंख्या मध्य 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2.55% है, जबकि विश्व बैंक के आंकड़े 1.8-1.9% दर्शाते हैं। बेरोजगारी दर वित्त वर्ष 2026 में मामूली रूप से 7.5% रहने का अनुमान है, जो वर्तमान विकास पथ की कमजोर रोजगार सृजन क्षमता को दर्शाता है। राजकोषीय मोर्चे पर, सरकारी राजस्व और अनुदान 2026 तक 16.3% होने का अनुमान है, जबकि व्यय जीडीपी के करीब 20% के आसपास ही रह सकेगा।

    सार्वजनिक ऋण के बोझ तले दबा है पाकिस्तान
    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के मुताबिक, पाकिस्तान सार्वजनिक ऋण के बोझ तले बुरी तरह से दबा हुआ है। आईएमएफ दायित्वों सहित कुल सामान्य सरकारी ऋण जीडीपी के लगभग 72-73% तक रहने का अनुमान है, जबकि सरकारी व गारंटीकृत ऋण करीब 76% रहने की उम्मीद है। घरेलू ऋण जीडीपी का लगभग आधा हिस्सा है, जिससे घरेलू उधार दरों में वृद्धि के कारण ब्याज लागत अधिक बनी हुई है। ये हालात अर्थव्यवस्था के बेहद संकट में रहने का संकेत देते हैं।

    पाकिस्तानी नीतियों पर चेतावनी
    पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1972 में 3,500 घन मीटर से गिरकर 2020 में मात्र 1,100 घन मीटर रह गई है, जिससे यह पूर्ण कमी की दहलीज के खतरनाक रूप से करीब पहुंच गया है। एडीबी ने कहा कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय जल नीति योजना और कार्यान्वयन के बीच गंभीर अंतर से ग्रस्त है। इसे लेकर एडीबी ने पाकिस्तानी नीतियों पर चेतावनी भी जारी की।

    जल प्रबंधन अक्षमता और संस्थागत विखंडन से ग्रस्त
    एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अपनी नवीनतम एशियाई जल विकास आउटलुक (एडब्ल्यूडीओ) रिपोर्ट में चेतया है कि पाकिस्तान में जल संकट गंभीर बना हुआ है। इसके पीछे देश में कुप्रबंधन की सबसे बड़ी भूमिका है। इस कारण पाकिस्तान के जल संसाधन अत्यधिक दबाव में हैं। रिपोर्ट में असुरक्षित पानी और कृषि में भूजल के अत्यधिक उपयोग से होने वाली व्यापक जलजनित बीमारियों का भी जिक्र है। इसी के चलते भूजल का क्षरण व आर्सेनिक प्रदूषण हुआ है। एडीबी ने कहा, पाकिस्तानी जल प्रबंधन अभी भी अक्षमता, संस्थागत विखंडन और अपर्याप्त निधि से ग्रस्त है।