Author: bharati

  • कमर्शियल LPG महंगी: 993 रुपये की बढ़ोतरी, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत जारी

    कमर्शियल LPG महंगी: 993 रुपये की बढ़ोतरी, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत जारी


    नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद कारोबारियों और व्यावसायिक संस्थानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार राहत दी गई है और उनके सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    राजधानी New Delhi में अब 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 3,071.5 रुपये में उपलब्ध होगा। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में आई तेजी के कारण की गई है।

    तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं, जिनकी संख्या देश में करीब 33 करोड़ है, उनके लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। इसका सीधा फायदा आम परिवारों को मिलेगा, जिन पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

    यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर सीधे गैस और ईंधन बाजार पर पड़ रहा है। इससे पहले भी कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की लागत लगातार बढ़ रही है।

    सरकारी तेल कंपनियों ने यह भी बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। इसके अलावा एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें भी स्थिर रखी गई हैं ताकि हवाई यात्रा की लागत में अचानक बढ़ोतरी न हो।

    वहीं सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए गए शुल्कों में भी संशोधन किया है, ताकि घरेलू आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके। डीजल और एविएशन फ्यूल पर अलग-अलग दरों पर शुल्क लागू किया गया है, जबकि पेट्रोल पर निर्यात शुल्क शून्य रखा गया है।

    कुल मिलाकर, यह बदलाव एक तरफ व्यापारिक क्षेत्र के लिए चिंता बढ़ाने वाला है, तो दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में स्थिरता आने तक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: हार के बाद भी RCB नंबर-2, भुवनेश्वर के सिर सजी पर्पल कैप

    आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: हार के बाद भी RCB नंबर-2, भुवनेश्वर के सिर सजी पर्पल कैप


    नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 में गुरुवार को खेले गए मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। Gujarat Titans से 4 विकेट की हार झेलने के बावजूद Royal Challengers Bengaluru दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जो टीम की लगातार अच्छी परफॉर्मेंस को दर्शाता है।
    अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में हुए इस मुकाबले में गुजरात ने जीत दर्ज कर अंकतालिका में पांचवें स्थान पर छलांग लगाई है। वहीं RCB 9 मैचों में 12 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर कायम है।
    अगर टॉप-4 की बात करें तो Punjab Kings 13 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। तीसरे स्थान पर Sunrisers Hyderabad और चौथे पर Rajasthan Royals काबिज हैं दोनों के 12-12 अंक हैं। नेट रन रेट के आधार पर उनकी रैंकिंग तय हो रही है।
    मिड-टेबल में Gujarat Titans पांचवें, Chennai Super Kings छठे और Delhi Capitals सातवें स्थान पर हैं। वहीं निचले पायदान पर Kolkata Knight Riders, Mumbai Indians और Lucknow Super Giants क्रमशः आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर मौजूद हैं।
    इस मैच के बाद पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Bhuvneshwar Kumar ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट झटके और एक बार फिर पर्पल कैप अपने नाम कर ली। उनके अब 9 मैचों में 17 विकेट हो गए हैं। दूसरे स्थान पर Eshan Malinga हैं, जिन्होंने 15 विकेट लिए हैं।
    वहीं ऑरेंज कैप की बात करें तो Abhishek Sharma 425 रनों के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Heinrich Klaasen (414 रन) दूसरे और Vaibhav Suryavanshi (400 रन) तीसरे स्थान पर हैं।
    कुल मिलाकर, टूर्नामेंट अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मैच के साथ पॉइंट्स टेबल में बदलाव हो रहा है। प्लेऑफ की दौड़ तेज हो गई है और आने वाले मुकाबले टीमों की किस्मत तय करेंगे।
  • बुद्ध पूर्णिमा से शुरू हुआ पावन महीना: मई 2026 के सभी व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

    बुद्ध पूर्णिमा से शुरू हुआ पावन महीना: मई 2026 के सभी व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट


    नई दिल्ली।  मई 2026 की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था के साथ हो चुकी है। आज यानी Buddha Purnima का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जो हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन Gautama Buddha का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाओं को स्मरण किया जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा को आने वाला यह पर्व श्रद्धा, ध्यान और दान का प्रतीक है।

    मई का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। महीने की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद 3 मई को नारद जयंती मनाई जाएगी। इस दिन देवर्षि नारद के प्राकट्य का उत्सव मनाया जाता है, जिन्हें ब्रह्मा जी का मानस पुत्र माना जाता है।

    इसके बाद 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

    14 मई को गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अगले ही दिन 16 मई को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत एक साथ पड़ रहे हैं। शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है, वहीं वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।

    महीने के उत्तरार्ध में 25 मई को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।

    इसके बाद 26 मई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पुरुषोत्तम (अधिक) मास में पड़ता है और इसका धार्मिक महत्व काफी अधिक माना जाता है।

    मई महीने के अंत में 28 मई को एक बार फिर गुरु प्रदोष व्रत आएगा, जो भगवान शिव की आराधना के लिए शुभ अवसर माना जाता है।

    कुल मिलाकर, मई 2026 आस्था, पूजा-पाठ और व्रत-त्योहारों से भरा हुआ महीना है। ऐसे में श्रद्धालु पूरे महीने धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे और इन पर्वों के माध्यम से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करेंगे।

  • अमेरिका में 76 दिन बाद खत्म हुआ सरकारी शटडाउन, DHS फंडिंग बिल सर्वसम्मति से पारित

    अमेरिका में 76 दिन बाद खत्म हुआ सरकारी शटडाउन, DHS फंडिंग बिल सर्वसम्मति से पारित

    वॉशिंगटन। अमेरिका में 76 दिनों से जारी सरकारी शटडाउन आखिरकार समाप्त हो गया है, जिसे अब तक का सबसे लंबा आंशिक सरकारी ठहराव बताया जा रहा है। अमेरिकी संसद के निचले सदन ने गुरुवार को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अधिकांश हिस्सों के लिए फंडिंग से जुड़े विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके साथ ही विभिन्न संघीय एजेंसियों पर पड़े लंबे गतिरोध का औपचारिक रूप से अंत हो गया।

    DHS के सुरक्षा सचिव मार्कवेने मुलिन ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए बताया कि विभाग फिर से कामकाज शुरू कर चुका है। उन्होंने कहा कि आव्रजन और सीमा प्रवर्तन (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) और सीमा सुरक्षा (यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन) जैसी एजेंसियों के लिए फंडिंग सुलह प्रक्रिया के जरिए सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें डेमोक्रेटिक समर्थन की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    मुलिन ने इस शटडाउन के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया और उन संघीय कर्मचारियों की सराहना की जिन्होंने बिना वेतन गारंटी के भी काम जारी रखा। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और DHS नेतृत्व का भी धन्यवाद किया।

    यह विधेयक अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। शटडाउन 14 फरवरी को शुरू हुआ था और कई हफ्तों तक संघीय सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि ICE और बॉर्डर गश्ती जैसी कुछ एजेंसियां पहले से मौजूद फंडिंग के कारण अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुईं, लेकिन फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA), ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) और तटरक्षक बल जैसी संस्थाओं को गंभीर संचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

    हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि रणनीति के तहत पहले DHS की फंडिंग सुरक्षित की गई ताकि अहम एजेंसियां प्रभावित न हों, और उसके बाद आगे के विधायी कदम उठाए गए। अमेरिकी तटरक्षक बल के अधिकारी केविन लुंडे ने लंबे समय तक फंडिंग की कमी को कर्मचारियों के मनोबल के लिए बेहद कठिन बताया। यह समाधान हफ्तों चले राजनीतिक गतिरोध के बाद सामने आया, जिसमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच आव्रजन प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों के बजट को लेकर गहरी असहमति बनी हुई थी। अब आने वाले समय में अतिरिक्त वित्तीय उपायों पर भी काम होने की उम्मीद है।

  • मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव

    मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव


    नई दिल्ली। मई 2026 की शुरुआत आम जनता और कारोबारियों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आई है। जहां एक ओर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी ने झटका दिया है। साथ ही, सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट और चांदी में लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखने को मिली है।
    देश की राजधानी New Delhi में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत देते हुए ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। Mumbai, Kolkata और Chennai जैसे प्रमुख महानगरों में भी दाम जस के तस बने हुए हैं।
    हालांकि, कमर्शियल उपयोग करने वालों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹3,071.50 तक पहुंच गई है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। राहत की बात यह है कि घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है।
    सर्राफा बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,50,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,38,260 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। वहीं चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है और यह ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर Iran और United States के बीच हालात, बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। इसका असर कच्चे तेल से लेकर सोना-चांदी तक सभी कमोडिटी पर देखने को मिल रहा है।
    वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs का अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के चलते साल के अंत तक सोना ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।
    कुल मिलाकर, जहां ईंधन की स्थिर कीमतों ने आम जनता को राहत दी है, वहीं कमर्शियल एलपीजी की बढ़ी कीमतों से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। सोना-चांदी में जारी उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।

  • ओजोन परत की रिकवरी में आ रही बाधा, फीडस्टॉक रसायनों के रिसाव से सुधार में आ सकती है देरी

    ओजोन परत की रिकवरी में आ रही बाधा, फीडस्टॉक रसायनों के रिसाव से सुधार में आ सकती है देरी

    नई दिल्ली। ओजोन परत की सुधार प्रक्रिया को लेकर अब तक मिल रहे सकारात्मक संकेतों के बीच एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। Nature Communications में प्रकाशित शोध के अनुसार, औद्योगिक फीडस्टॉक रसायनों का छिपा हुआ रिसाव ओजोन परत की रिकवरी को धीमा कर सकता है। यह रिसाव पहले के अनुमान से कई गुना अधिक पाया गया है, जिससे 1980 के स्तर तक वापसी में अतिरिक्त समय लग सकता है।

    ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल की एक अहम सुरक्षा परत है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है। 1980 के दशक में वैज्ञानिकों ने पाया था कि अंटार्कटिका के ऊपर यह परत तेजी से पतली हो रही है, जिसे ओजोन छिद्र के रूप में जाना गया। इसका मुख्य कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसे रसायन थे, जिनका उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एयरोसोल उत्पादों में होता था।

    इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल लागू किया गया, जिसके तहत 197 देशों ने ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का संकल्प लिया। वैज्ञानिकों के अनुसार इन प्रयासों का असर दिख रहा है और ओजोन परत धीरे-धीरे सुधर रही है। अनुमान है कि यह 2040 से 2060 के बीच 1980 के स्तर के करीब पहुंच सकती है, जिससे त्वचा कैंसर और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों में कमी आने की संभावना है।

    हालांकि, नए अध्ययन में एक अहम खामी सामने आई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि फीडस्टॉक रसायन जिनका उपयोग प्लास्टिक, नॉन-स्टिक कोटिंग्स और अन्य उत्पादों के निर्माण में होता है वास्तव में अपेक्षा से अधिक मात्रा में वातावरण में रिस रहे हैं। पहले जहां इनसे लगभग 0.5 प्रतिशत उत्सर्जन का अनुमान था, वहीं अब यह तीन से चार प्रतिशत तक पाया गया है। यह अतिरिक्त रिसाव ओजोन परत के सुधार की गति को प्रभावित कर रहा है।

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इस स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो ओजोन परत को 1980 के स्तर तक पहुंचने में करीब सात साल की अतिरिक्त देरी हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि औद्योगिक रसायनों के उपयोग और उनके उत्सर्जन पर सख्त निगरानी जरूरी है। साथ ही, रासायनिक उद्योग के पास मौजूद कम हानिकारक विकल्पों को अपनाकर इस जोखिम को कम किया जा सकता है।

  • आईपीएल 2026: जयपुर में भिड़ंत-क्या डीसी तोड़ पाएगी आरआर का किला

    आईपीएल 2026: जयपुर में भिड़ंत-क्या डीसी तोड़ पाएगी आरआर का किला


    नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 के 43वें मुकाबले में आज जयपुर का Sawai Mansingh Stadium हाई-वोल्टेज टक्कर का गवाह बनेगा, जहां Rajasthan Royals और Delhi Capitals आमने-सामने होंगी। एक तरफ शानदार फॉर्म में चल रही राजस्थान है, तो दूसरी ओर लगातार हार से जूझती दिल्ली की टीम, जो वापसी के इरादे से उतरेगी।
    राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में जबरदस्त लय में नजर आई है। 9 मैचों में 6 जीत के साथ टीम अंकतालिका में मजबूती से बनी हुई है और आज की जीत उसे सीधे शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकती है। कप्तान Riyan Parag की अगुवाई में टीम संतुलित और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। ओपनिंग जोड़ी Yashasvi Jaiswal और वैभव सूर्यवंशी ने लगातार टीम को मजबूत शुरुआत दी है, जबकि मध्यक्रम में डोनोवन फरेरा और शुभम दुबे ने आक्रामक अंदाज से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया है।
    गेंदबाजी में Jofra Archer और Ravindra Jadeja जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत हैं, जबकि Ravi Bishnoi स्पिन विभाग को धार दे रहे हैं। घरेलू मैदान पर खेलना राजस्थान के लिए बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो सकता है।
    वहीं Delhi Capitals के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। टीम को लगातार तीन हार झेलनी पड़ी है और अब प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी हो गई है। कप्तान Axar Patel को ऑलराउंड प्रदर्शन करना होगा, जबकि बल्लेबाजी में KL Rahul, Prithvi Shaw और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।
    गेंदबाजी में Mitchell Starc की संभावित वापसी टीम के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है, जबकि Kuldeep Yadav स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
    अगर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की बात करें, तो दोनों टीमों के बीच अब तक 30 मुकाबले खेले गए हैं और आंकड़े पूरी तरह बराबरी पर हैं-15-15 जीत। यानी इतिहास किसी एक टीम का पक्ष नहीं लेता, लेकिन मौजूदा फॉर्म जरूर राजस्थान के पक्ष में झुकती नजर आती है।
    पिच की बात करें तो सवाई मानसिंह स्टेडियम की सतह संतुलित मानी जाती है, लेकिन इस सीजन यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले भी देखने को मिले हैं। मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे पूरे 40 ओवर का खेल देखने को मिल सकता है।
    कुल मिलाकर, यह मुकाबला रोमांच, दबाव और रणनीति का बेहतरीन मिश्रण होने वाला है। जहां राजस्थान अपनी जीत की लय कायम रखना चाहेगी, वहीं दिल्ली के लिए यह मैच ‘करो या मरो’ से कम नहीं है।
  • आईपीएल 2026: जेसन होल्डर का दमदार ऑलराउंड शो, बोले-नई गेंद से विकेट ने बदला मैच

    आईपीएल 2026: जेसन होल्डर का दमदार ऑलराउंड शो, बोले-नई गेंद से विकेट ने बदला मैच


    नई दिल्ली। Indian Premier League 2026 में गुरुवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में Gujarat Titans ने Royal Challengers Bengaluru को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मैच के हीरो रहे ऑलराउंडर Jason Holder, जिन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
    मैच के बाद होल्डर ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि नई गेंद से शुरुआती ओवरों में विकेट लेना टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि मैच के दौरान सब कुछ टीम के पक्ष में गया और शुरुआत से ही खिलाड़ियों की ऊर्जा शानदार रही। होल्डर के मुताबिक, पावरप्ले में तेज गेंदबाजों द्वारा लिए गए विकेटों ने मुकाबले का रुख गुजरात की ओर मोड़ दिया।
    होल्डर ने खास तौर पर Kagiso Rabada और Mohammed Siraj की तारीफ की, जिन्होंने शुरुआती ओवरों में सटीक गेंदबाजी कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। इस मजबूत शुरुआत ने गुजरात को पूरे मैच में बढ़त बनाए रखने में मदद की।
    मैच के दौरान एक अहम कैच को लेकर होल्डर ने दिलचस्प प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि कैच लेते वक्त उनका फोकस सिर्फ गेंद पर था और वह टकराव से बचना चाहते थे। उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए कैच को सुरक्षित तरीके से पूरा किया, जो टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
    टीम के माहौल पर बात करते हुए होल्डर ने कहा कि ड्रेसिंग रूम में स्पष्टता और अनुशासन है। उन्होंने कोच Ashish Nehra की रणनीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी योजनाएं खिलाड़ियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रखती हैं। यही कारण है कि टीम दबाव के क्षणों में भी संतुलन बनाए रखती है।
    अगर मैच की बात करें तो गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आरसीबी को 19.2 ओवर में 155 रन पर समेट दिया। इसके जवाब में गुजरात ने 15.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।
    होल्डर ने गेंदबाजी में 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि बल्लेबाजी में 10 गेंदों पर 12 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन टीम के लिए जीत का आधार बना।
    कुल मिलाकर, यह मुकाबला गुजरात टाइटंस के संतुलित प्रदर्शन और रणनीतिक बढ़त का उदाहरण रहा, जहां जेसन होल्डर ने अपने अनुभव और कौशल से मैच को टीम के पक्ष में मोड़ दिया।
  • थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर

    थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर


    नई दिल्ली। डेनमार्क में खेले जा रहे प्रतिष्ठित Thomas Cup के नॉकआउट चरण में आज भारत के सामने बड़ी चुनौती है। क्वार्टर-फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मजबूत चीनी ताइपे से होने जा रहा है। चार साल पहले इतिहास रचते हुए खिताब जीतने वाली टीम इंडिया इस बार भी सेमीफाइनल में जगह बनाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेगी।

    भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे Lakshya Sen पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। पहले सिंगल्स मुकाबले में उनका सामना दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी Chou Tien-chen से होगा। यह मैच बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखते हैं।

    भारत ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को 4-1 और ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। हालांकि, डिफेंडिंग चैंपियन चीन के खिलाफ टीम को 2-3 से करीबी हार झेलनी पड़ी। वहीं, चीनी ताइपे ने भी उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बावजूद ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और डेनमार्क के खिलाफ शानदार वापसी कर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई।

    डबल्स में भारत की सबसे बड़ी ताकत स्टार जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty पर टिकी होगी, जो विश्व रैंकिंग में शीर्ष जोड़ों में शामिल हैं। उनका मुकाबला चिउ सियांग चीह और वांग ची-लिन की जोड़ी से होगा, जहां भारतीय जोड़ी से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।

    दूसरे सिंगल्स में आयुष शेट्टी के सामने कठिन चुनौती होगी, जहां उनका सामना लिन चुन-यी से होगा। वहीं तीसरे सिंगल्स में अनुभवी Kidambi Srikanth पर जिम्मेदारी होगी कि वे निर्णायक बढ़त दिला सकें। टीम प्रबंधन ने इस मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, खासकर तब जब एचएस प्रणय जैसे खिलाड़ी को इस बार लाइन-अप में शामिल नहीं किया गया है।

    भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि लक्ष्य सेन का सामना इस बार लिन चुन-यी से नहीं होगा, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब तक कमजोर रहा है। इसके अलावा, लक्ष्य सेन ने चाउ टिएन-चेन के खिलाफ हालिया मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।

    यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे से पहले शुरू नहीं होगा और इसे लाइव JioHotstar और Star Sports पर देखा जा सकता है।

    कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है, जहां जीत उन्हें सेमीफाइनल के करीब ले जाएगी, जबकि हार टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। ऐसे में हर मैच, हर अंक और हर रैली निर्णायक साबित होने वाली है।

  • ट्रंप का बड़ा फैसला, ब्रिटेन के शाही दौरे के सम्मान में स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ हटाने का किया ऐलान

    ट्रंप का बड़ा फैसला, ब्रिटेन के शाही दौरे के सम्मान में स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ हटाने का किया ऐलान

    वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के शाही परिवार के सम्मान में एक बड़ा व्यापारिक फैसला लिया है। उन्होंने ब्रिटिश स्कॉच और व्हिस्की पर लगाए गए टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंध हटाने की घोषणा की है।

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह फैसला किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला के हालिया अमेरिका दौरे के सम्मान में लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह कदम स्कॉटलैंड और केंटकी के बीच व्हिस्की और बॉर्बन के व्यापार को बढ़ावा देगा, जो दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण उद्योग हैं।

    ट्रंप ने अपने संदेश में यह भी लिखा कि लंबे समय से इस फैसले की मांग की जा रही थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि राजा और रानी ने उनसे वह काम करवा दिया, जो अब तक कोई नहीं कर सका—वह भी बिना सीधे आग्रह किए। साथ ही उन्होंने अमेरिका में शाही मेहमानों की मौजूदगी को अपने लिए सम्मान बताया।

    राष्ट्रपति ने इस फैसले से जुड़े कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इस दौरान किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला ने बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित 9/11 Memorial जाकर आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग से भी मुलाकात की।