Author: bharati

  • तलाक के दर्द के बाद टूटा भरोसा: सुजैन खान ने क्यों बना लिया था ‘नो लव’ नियम?

    तलाक के दर्द के बाद टूटा भरोसा: सुजैन खान ने क्यों बना लिया था ‘नो लव’ नियम?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित एक्स कपल ऋतिक रोशन और सुजैन खान भले ही अब अलग हो चुके हों, लेकिन दोनों की निजी जिंदगी आज भी सुर्खियों में बनी रहती है। हाल ही में सुजैन खान ने अपने रिश्तों, तलाक और दोबारा प्यार को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ऋतिक से अलग होने के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि अब वह जिंदगी में दोबारा प्यार को जगह नहीं देंगी और पूरी तरह अपने बच्चों और काम पर ध्यान देंगी।

    एक समय बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा कपल माने जाने वाले ऋतिक और सुजैन ने साल 2000 में शादी की थी। दोनों की जोड़ी को फैंस काफी पसंद करते थे, लेकिन करीब 14 साल बाद 2014 में दोनों ने अलग होने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया। तलाक के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते में सम्मान और दोस्ती बनाए रखी। उनके दो बेटे हैं, जिनकी परवरिश दोनों मिलकर कर रहे हैं।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुजैन खान ने बताया कि तलाक के बाद वह भावनात्मक रूप से काफी टूट चुकी थीं। उन्होंने अपने मन में यह ठान लिया था कि अब उन्हें किसी नए रिश्ते में नहीं पड़ना है। सुजैन ने कहा कि उन्होंने खुद को “नो इमोशनल ड्रामा जोन” में रखने का फैसला किया था। उनका पूरा ध्यान अपने बेटों और प्रोफेशनल लाइफ पर था।

    सुजैन के मुताबिक, जिंदगी उस समय बदली जब उनकी मुलाकात अभिनेता अर्सलान गोनी से हुई। शुरुआत में उन्होंने रिश्ते को लेकर कोई उम्मीद नहीं रखी थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच गहरा जुड़ाव बन गया। सुजैन ने कहा कि अर्सलान से मिलते ही उन्हें एक अलग तरह का सुकून महसूस हुआ। उन्हें लगा जैसे दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हों।

    उन्होंने यह भी बताया कि अतीत में उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को संभालने के लिए थेरेपिस्ट की मदद ली थी, लेकिन अब अर्सलान के साथ रहना उनके लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। दोनों पिछले कई वर्षों से साथ हैं और अक्सर सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि तलाक के बाद भी ऋतिक और सुजैन के बीच रिश्ते सौहार्दपूर्ण बने हुए हैं। दोनों अपने बच्चों के लिए अक्सर साथ दिखाई देते हैं। सुजैन के पिता संजय खान भी पहले कह चुके हैं कि ऋतिक और सुजैन का अलगाव कभी कड़वाहट भरा नहीं रहा।

    आज भले ही दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन फैंस अब भी उन्हें बॉलीवुड के सबसे परिपक्व और सम्मानजनक एक्स कपल्स में गिनते हैं। जहां ऋतिक अभिनेत्री सबा आजाद के साथ रिश्ते में हैं, वहीं सुजैन अर्सलान गोनी के साथ अपनी नई जिंदगी में खुश नजर आ रही हैं।

  • बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल महेश भट्ट की पहली शादी की कहानी

    बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल महेश भट्ट की पहली शादी की कहानी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी फिल्मों से ज्यादा कई बार अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में उनकी बेटी पूजा भट्ट ने अपने पिता की पर्सनल लाइफ और रिश्तों को लेकर खुलकर बातचीत की, जिसके बाद एक बार फिर महेश भट्ट की पहली पत्नी लॉरेन ब्राइट उर्फ किरण भट्ट चर्चा में आ गई हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि महेश भट्ट की जिंदगी का पहला प्यार किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। इस रिश्ते में बेपनाह मोहब्बत, खून से लिखे खत, शादी और फिर दर्दनाक बिछड़ाव सब कुछ शामिल था।

    महेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट की मुलाकात उस समय हुई थी जब दोनों बेहद कम उम्र के थे। बताया जाता है कि महेश महज 16 साल के थे और लॉरेन 14 साल की थीं। लॉरेन उस समय एक अनाथालय में रहती थीं, क्योंकि उनकी मां आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अच्छे स्कूल में नहीं भेज पाई थीं। महेश भट्ट ने पहली बार उन्हें स्कूल के बाहर देखा था और पहली नजर में ही दिल हार बैठे थे। हालांकि शुरुआती दौर में वे खुद को लॉरेन के लायक नहीं मानते थे, लेकिन वक्त के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

    उनकी प्रेम कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह था कि दोनों एक-दूसरे को खत लिखकर अपने जज्बात जाहिर करते थे। कहा जाता है कि महेश भट्ट लॉरेन को अपने खून से खत लिखा करते थे। एक दर्जी उनके बीच डाकिए का काम करता था और खत पहुंचाता था। यह रिश्ता धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि महेश भट्ट ने महज 20 साल की उम्र में लॉरेन से शादी कर ली। शादी के बाद लॉरेन का नाम किरण भट्ट हो गया। इस रिश्ते से उनके दो बच्चे हुए- पूजा भट्ट और राहुल भट्ट।

    शादी के शुरुआती साल बेहद खूबसूरत रहे, लेकिन बाद में रिश्ते में दूरियां आने लगीं। इसी दौरान महेश भट्ट की जिंदगी में मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी की एंट्री हुई। परवीन बाबी के साथ बढ़ती नजदीकियों ने उनकी शादीशुदा जिंदगी में हलचल मचा दी। धीरे-धीरे महेश भट्ट अपनी पत्नी और परिवार से दूर होते चले गए।

    परवीन बाबी से रिश्ता खत्म होने के बाद कुछ समय के लिए वे फिर परिवार के करीब आए, लेकिन तब तक बहुत कुछ बदल चुका था। इसी बीच उनकी मुलाकात अभिनेत्री सोनी राजदान से हुई। महेश भट्ट सोनी राजदान से शादी करना चाहते थे, लेकिन वे पहली पत्नी को तलाक नहीं देना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम अशरफ रखा और साल 1986 में सोनी राजदान से शादी कर ली।

    समय के साथ महेश भट्ट की जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन लॉरेन ब्राइट गुमनामी में चली गईं। साल 2003 में 66 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनकी मौत की असली वजह कभी सामने नहीं आ सकी। हालांकि बॉलीवुड में जब भी महेश भट्ट की जिंदगी के सबसे गहरे और शिद्दत भरे प्यार का जिक्र होता है, तो लॉरेन ब्राइट यानी किरण भट्ट का नाम जरूर लिया जाता है।

  • बारिश ने बिगाड़ा खेल तो कौन पहुंचेगा फाइनल? GT vs RR मैच का पूरा गणित

    बारिश ने बिगाड़ा खेल तो कौन पहुंचेगा फाइनल? GT vs RR मैच का पूरा गणित


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और अब सभी की नजरें गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले जाने वाले क्वालिफायर-2 मुकाबले पर टिकी हैं। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को होने वाला यह मुकाबला तय करेगा कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ फाइनल में कौन सी टीम उतरेगी। हालांकि मैच से पहले मौसम सबसे बड़ा चिंता का विषय बन गया है। बारिश की आशंका ने फैंस की धड़कनें बढ़ा दी हैं और हर किसी के मन में यही सवाल है कि अगर मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया तो किस टीम की किस्मत खुलेगी।

    आईपीएल प्लेऑफ मुकाबलों में इस बार रिजर्व डे की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में अगर बारिश के कारण मैच प्रभावित होता है, तो सबसे पहले अंपायर और मैच रेफरी सीमित ओवरों का मुकाबला कराने की कोशिश करेंगे। यदि मौसम लगातार खराब बना रहता है और पूरा मैच संभव नहीं हो पाता, तो सुपर ओवर कराने का विकल्प मौजूद रहेगा। लेकिन अगर हालात इतने खराब हो जाएं कि सुपर ओवर भी नहीं कराया जा सके, तब आईपीएल के नियम के अनुसार लीग स्टेज की अंक तालिका के आधार पर विजेता टीम तय की जाएगी।

    यहीं पर गुजरात टाइटंस को बड़ा फायदा मिलता दिखाई दे रहा है। लीग चरण में गुजरात ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया था। टीम ने 18 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई थी और उसका नेट रनरेट भी मजबूत रहा। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स चौथे स्थान पर रही थी और उसके खाते में 16 अंक थे। ऐसे में यदि मुकाबला पूरी तरह धुल जाता है और कोई परिणाम नहीं निकलता, तो गुजरात टाइटंस सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी।

    राजस्थान रॉयल्स के लिए यह स्थिति किसी बड़े झटके से कम नहीं होगी, क्योंकि टीम शानदार लय में नजर आ रही है। एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर क्वालिफायर-2 में जगह बनाई थी। उस मैच में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उन्होंने मात्र 29 गेंदों में 97 रन ठोककर राजस्थान को यादगार जीत दिलाई थी। टीम का आत्मविश्वास फिलहाल सातवें आसमान पर है।

    दूसरी ओर गुजरात टाइटंस की टीम भी संतुलित और मजबूत दिखाई दे रही है। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम ने पूरे सीजन लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में गुजरात मजबूत नजर आई है। ऐसे में अगर मैच पूरा खेला जाता है, तो फैंस को एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं। अगर बारिश बीच में नहीं आती, तो दोनों टीमों के बीच फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए जबरदस्त जंग देखने को मिलेगी। लेकिन अगर मौसम ने साथ नहीं दिया, तो अंक तालिका का नियम राजस्थान के सपनों को तोड़ सकता है और गुजरात की राह सीधे फाइनल तक खोल सकता है।

  • Summer Skin Care Tips: गर्मी में टैनिंग, पिंपल्स और डलनेस से ऐसे बचाएं अपनी स्किन

    Summer Skin Care Tips: गर्मी में टैनिंग, पिंपल्स और डलनेस से ऐसे बचाएं अपनी स्किन


    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगता है। तेज धूप, पसीना, धूल और बढ़ता प्रदूषण स्किन को बेजान और रूखा बना देता है। कई लोगों को टैनिंग, पिंपल्स, ऑयली स्किन और रैशेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर सही तरीके से स्किन की देखभाल की जाए, तो गर्मी के मौसम में भी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में त्वचा को सबसे ज्यादा जरूरत सफाई, हाइड्रेशन और सन प्रोटेक्शन की होती है। दिन में कम से कम दो बार चेहरे को हल्के फेसवॉश से साफ करना चाहिए ताकि त्वचा पर जमा धूल, पसीना और अतिरिक्त तेल हट सके। ऑयली स्किन वाले लोगों को जेल बेस्ड फेसवॉश का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि ड्राई स्किन वालों के लिए मॉइश्चराइजिंग फेसवॉश बेहतर माना जाता है।

    गर्मियों में सनस्क्रीन का इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है। धूप में निकलने से पहले SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाने से त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाया जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर जाने से करीब 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए और लंबे समय तक बाहर रहने पर हर तीन से चार घंटे में दोबारा लगाना चाहिए।

    त्वचा को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। गर्मियों में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिसका असर चेहरे की चमक पर साफ दिखाई देता है। दिनभर में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीना चाहिए। नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन भी त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।

    गर्मियों में भारी और ऑयली क्रीम की जगह हल्के जेल या वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइजर का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। इससे त्वचा को जरूरी नमी मिलती है और चिपचिपाहट भी महसूस नहीं होती। इसके अलावा घरेलू उपाय भी स्किन को प्राकृतिक निखार देने में मददगार साबित होते हैं। दही, बेसन और हल्दी का फेस पैक टैनिंग कम करने में मदद करता है, जबकि मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल ऑयली स्किन को फ्रेश बनाए रखते हैं। एलोवेरा और खीरे का रस त्वचा को ठंडक देने के साथ ग्लो भी बढ़ाते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि खानपान का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। गर्मियों में तले-भुने और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। तरबूज, खीरा, पपीता और संतरे जैसे फल स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    रात में सोने से पहले चेहरा साफ करना और हल्की नाइट क्रीम या एलोवेरा जेल लगाना त्वचा की मरम्मत में मदद करता है। वहीं ज्यादा मेकअप और बार-बार स्क्रबिंग से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।

    अगर गर्मियों में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच भी त्वचा को लंबे समय तक हेल्दी, मुलायम और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

  • 29 मई का राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत और किसे बरतनी होगी सावधानी

    29 मई का राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत और किसे बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली। 29 मई 2026 शुक्रवार का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं और सकारात्मक बदलाव लेकर आने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति जहां कुछ राशियों को आर्थिक लाभ और करियर में सफलता दिलाएगी, वहीं कुछ लोगों को लेनदेन और रिश्तों में सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन व्यापार और साझेदारी के मामलों में लाभकारी रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और भूमि-भवन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

    वृष राशि वालों को आज अपने बजट पर विशेष ध्यान देना होगा। खर्चों में संतुलन बनाए रखना जरूरी रहेगा। किसी भी प्रकार के उधार लेनदेन से दूरी बनाकर रखें। कार्यक्षेत्र में कला और कौशल के दम पर पहचान मजबूत होगी।

    मिथुन राशि के लोगों के लिए दिन उत्साह से भरा रहेगा। मित्रों और करीबियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के नए अवसर बनेंगे और कार्यक्षेत्र में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। सीखने और सिखाने की दिशा में भी प्रगति होगी।

    कर्क राशि वालों का ध्यान घर-परिवार और निजी सुख-सुविधाओं पर रहेगा। पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी। कार्यक्षेत्र में संयम और सम्मानजनक व्यवहार आपको लाभ दिलाएगा।

    सिंह राशि के जातकों को पद और प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और प्रभावशाली लोगों से संपर्क मजबूत होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी दूरदर्शिता लाभ दिलाएगी।

    कन्या राशि वालों के लिए दिन रिश्तों को मजबूत करने वाला रहेगा। पुराने मतभेद दूर होंगे और प्रियजनों से मुलाकात संभव है। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और लोग आपकी बातों को महत्व देंगे।

    तुला राशि के जातक अपने काम और व्यापार में नया प्रयोग कर सकते हैं। साझेदारी के व्यवसाय में सफलता मिलेगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। रचनात्मकता से लाभ होगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आर्थिक मामलों में बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। लेनदेन में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और बजट बनाकर आगे बढ़ें।

    धनु राशि वालों के लिए दिन सबसे ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता है। आर्थिक लाभ उम्मीद से बेहतर रहेगा। पढ़ाई और करियर से जुड़ी योजनाओं को गति मिलेगी। आत्मविश्वास के दम पर आप नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

    मकर राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में अनुशासन और बेहतर प्रबंधन का फायदा मिलेगा। वाहन और सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत हैं। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि वालों का भाग्य पक्ष मजबूत रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्रा के योग बन सकते हैं। करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अवसर मिलेंगे।

    मीन राशि के जातकों को अपनी वाणी और व्यवहार में संतुलन बनाए रखना होगा। आर्थिक मामलों में अचानक बदलाव संभव हैं। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचें और अपनों की सलाह को नजरअंदाज न करें।

    सभी राशियों के लिए आज मां दुर्गा की पूजा और ‘ओम् शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप शुभ फल देने वाला माना गया है। मीठा बांटने और विनम्र व्यवहार रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।

  • टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा

    टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा


    टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले के देहात थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब कई दिनों से लापता एक बुजुर्ग का शव जंगल में बरामद हुआ। मृतक की पहचान 65 वर्षीय हरचरण रैकवार के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शरीर पर गोली जैसे निशान होने का दावा किया है। वहीं पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार हरचरण रैकवार मंगलवार से लापता थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को श्रीनगर गांव के पास स्थित मुड़ापार जंगल में ग्रामीणों ने एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान हरचरण रैकवार के रूप में की।

    मृतक के बेटे रमेश रैकवार ने आरोप लगाया कि उनके पिता की कनपटी और कमर के पास गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। बेटे के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करना शुरू किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गोली मारकर हत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

    जंगल में शव मिलने और गोली जैसे निशानों की चर्चा के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। वहीं परिजन लगातार हत्या की आशंका जता रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

  • कटनी हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसे घायलों को ग्रामीणों ने निकाला, क्लीनर ने तोड़ा दम

    कटनी हाईवे पर दर्दनाक हादसा: केबिन में फंसे घायलों को ग्रामीणों ने निकाला, क्लीनर ने तोड़ा दम


    कटनीकटनी जिले में गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। नैगवा ग्राम के पास दो भारी ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में एक ट्रक क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों ट्रकों के केबिन बुरी तरह चकनाचूर हो गए और उनमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार को उमरिया से कटनी की ओर आ रहा एक लोडर ट्रक और कटनी से दूसरी दिशा में जा रहा हाइवा ट्रक नैगवा गांव के पास आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दूर तक धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। ट्रकों के क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे घायलों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल पुलिस वाहन और एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल कटनी रेफर कर दिया। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।

    पुलिस प्रशासन ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान राजेंद्र कोल के रूप में हुई है, जो विजयराघवगढ़ क्षेत्र का निवासी था और ट्रक में क्लीनर के रूप में काम करता था। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।

    प्राथमिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण बिगड़ना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार भारी वाहनों के खतरे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।

  • अंडरब्रिज से टपक रहा गंदा पानी, रेलवे पर लापरवाही के आरोप: राहगीरों की बढ़ी परेशानी

    अंडरब्रिज से टपक रहा गंदा पानी, रेलवे पर लापरवाही के आरोप: राहगीरों की बढ़ी परेशानी


    बीना  बीना के सागर गेट अंडरब्रिज में फैली गंदगी और ऊपर से लगातार टपक रहे गंदे पानी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से अंडरब्रिज से गिर रहे बदबूदार पानी के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और स्थानीय रहवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन लगातार शिकायतों के बावजूद इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहा है।

    अंडरब्रिज के ऊपर जमा गंदगी और जलभराव के कारण गंदा पानी नीचे सड़क पर टपक रहा है। इससे न केवल वहां से गुजरने वाले लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि रेलवे ट्रैक पर भी गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और मरम्मत का काम नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

    कांग्रेस सेवादल शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो आम नागरिकों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल गंदगी का मामला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

    चेतन धाम कॉलोनी निवासी सुदर्शन जैन ने बताया कि रोज सुबह अंडरब्रिज से गुजरना किसी सजा से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि स्नान कर घर से निकलने के बाद जब इस गंदे पानी और बदबू से गुजरना पड़ता है, तो पूरा दिन खराब हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि इस रास्ते से बचना हो तो ओवरब्रिज से करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।

    गांधी वार्ड निवासी शिवकुमार अहिरवार ने कहा कि यह समस्या नई नहीं है। लंबे समय से गंदा पानी टपक रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन ने कभी स्थायी समाधान निकालने की कोशिश नहीं की। वहीं सिंधी कॉलोनी निवासी जन्नू लाल राय ने बताया कि अंडरब्रिज बनने के समय से ही यह दिक्कत बनी हुई है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण ऊपर गंदगी जमा हो जाती है और फिर वही पानी नीचे रिसने लगता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरब्रिज से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है। सड़क पर फैली गंदगी के कारण फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन तत्काल सफाई कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करे, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

  • सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार

    सागर में बेकाबू टैंकर का कहर: दुकानों और घरों में घुसा, तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहा युवक चपेट में आया; ड्राइवर फरार


    सागर सागर जिले के खुरई रोड स्थित ग्राम जरुआखेड़ा में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार बेकाबू टैंकर सड़क किनारे बनी दुकानों और घरों में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दहशत में बाहर निकल आए। दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार घटना सागर-खुरई रोड पर झंडापुरा मुहाल इलाके में हुई। गुरुवार सुबह सड़क पर तेज गति से दौड़ रहा एक कैप्सूल टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते टैंकर सड़क किनारे बनी दो दुकानों और घरों को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों में रखा सामान भी बिखर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

    इसी दौरान अशोक अहिरवार नाम का युवक तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल की ओर जा रहा था। वह सड़क किनारे से गुजर ही रहा था कि अचानक बेकाबू टैंकर की चपेट में आ गया। टक्कर लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंकर काफी तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। लोगों ने चालक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही जरुआखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त इलाके का निरीक्षण करने के बाद टैंकर को जब्त कर लिया है। मामले में प्रकरण दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि सागर-खुरई रोड पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार हादसों का कारण बन रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज

    सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज


    सागर  सागर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी श्रद्धा, सादगी और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने विशेष नमाज अदा कर देश की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी। ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी, जिससे पूरे शहर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला।

    मोतीनगर चौराहे के पास लेहदरा नाका स्थित ईदगाह मैदान में सुबह से हजारों की संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि ईदगाह परिसर में जगह कम पड़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में नमाजियों ने भोपाल रोड पर बैठकर नमाज अदा की। सड़क पर एक साथ हजारों लोगों के सजदे में झुकने का दृश्य बेहद भावुक और आकर्षक नजर आया। नमाज के दौरान पूरा इलाका अल्लाहु अकबर की सदाओं से गूंज उठा।

    कटरा बाजार स्थित जामा मस्जिद सहित शहर की अन्य मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। मस्जिदों के अंदर जगह भरने के बाद लोग बाहर सड़कों और गलियों में कतारबद्ध होकर नमाज पढ़ते नजर आए। नमाज के बाद बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाकर और गले लगकर ईद की शुभकामनाएं देते रहे।

    त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों, ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने।

    ईद-उल-अजहा को इस्लाम धर्म में कुर्बानी और त्याग के पर्व के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को अल्लाह के हुक्म पर कुर्बान करने जा रहे थे, लेकिन अल्लाह ने उनकी आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर हजरत इस्माइल को जीवनदान दे दिया। इसी घटना की याद में हर साल बकरीद मनाई जाती है।

    सागर में इस बार भी ईद का त्योहार भाईचारे, आपसी सौहार्द और शांति का संदेश देकर गया। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, समाज में प्रेम और आपसी एकता बनाए रखने की दुआ की।