Author: bharati

  • बॉलीवुड किस्सा: माधुरी दीक्षित के लिए मुश्किल रही ये फिल्म, शूटिंग के दौरान जोशीली हो गई थीं एक्ट्रेस

    बॉलीवुड किस्सा: माधुरी दीक्षित के लिए मुश्किल रही ये फिल्म, शूटिंग के दौरान जोशीली हो गई थीं एक्ट्रेस


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में सितारों की चमक-दमक और शानदार कॉस्ट्यूम्स अक्सर फिल्मों की पहचान बन जाते हैं, लेकिन एक फिल्म ऐसी भी रही, जहां लीड एक्ट्रेस को पूरी कहानी सिर्फ दो जोड़ी कपड़ों में निभानी पड़ी। यह किस्सा जुड़ा है सुपरहिट फिल्म Khalnayak और इसके निर्देशक Subhash Ghai से, जिन्होंने अपनी परफेक्शन के लिए Madhuri Dixit को एक कठिन स्थिति में डाल दिया था।
    जब डायरेक्टर की सोच बन गई चुनौती
    फिल्म ‘खलनायक’ की कहानी में माधुरी दीक्षित का किरदार एक किडनैप्ड लड़की का था। इस किरदार को वास्तविक बनाने के लिए सुभाष घई ने एक सख्त फैसला लिया पूरी फिल्म में माधुरी सिर्फ दो ही आउटफिट्स पहनेंगी। उनका तर्क साफ था कि एक अपहृत लड़की के पास कपड़े बदलने का विकल्प नहीं होता, इसलिए किरदार की सच्चाई बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। यह फैसला भले ही कहानी के लिहाज से मजबूत था, लेकिन माधुरी के लिए काफी मुश्किल भरा साबित हुआ।
    बार-बार बदली ड्रेस की इच्छा, लेकिन नहीं मिली इजाजत
    शूटिंग के दौरान माधुरी कई बार नई ड्रेस पहनने की इच्छा जाहिर करती थीं, लेकिन सुभाष घई अपने फैसले पर अड़े रहे। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म की डिमांड यही है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि उन्होंने एक वादा जरूर किया कि गानों में उन्हें शानदार और आकर्षक लुक दिया जाएगा। इस सख्ती के कारण कई बार माधुरी भावुक भी हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने प्रोफेशनलिज्म के चलते काम जारी रखा।
    संजय दत्त का दमदार किरदार और फिल्म की सफलता
    फिल्म में Sanjay Dutt ने खलनायक का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। सुभाष घई ने उनके लुक और डायलॉग डिलीवरी पर खास मेहनत की थी, जो फिल्म की सफलता का बड़ा कारण बना। यह फिल्म अपने समय की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही और बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त हिट साबित हुई।
    ‘चोली के पीछे’ गाने ने मचाया था बवाल
    फिल्म का मशहूर गाना Choli Ke Peeche Kya Hai रिलीज के साथ ही विवादों में आ गया था। इसके बोलों को लेकर काफी विरोध हुआ और शुरुआती दौर में इसे बैन भी कर दिया गया था। हालांकि बाद में इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि इसे वापस शामिल करना पड़ा। इस गाने के लिए Alka Yagnik और Ila Arun को फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
    शूटिंग के दौरान मुश्किलें और अनोखे किस्से
    फिल्म की शूटिंग के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आए। Sanjay Dutt को उस समय जेल जाना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने बाहर आकर फिल्म की डबिंग पूरी की। इसके अलावा, उसी समय एक और फिल्म ‘खलनायिका’ को लेकर भी विवाद सामने आया, जिससे इस प्रोजेक्ट की चर्चा और बढ़ गई।
    आज भी यादगार है यह किस्सा
    ‘खलनायक’ सिर्फ अपनी कहानी और गानों के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे दिलचस्प किस्सों के लिए भी याद की जाती है। माधुरी दीक्षित का यह अनुभव बताता है कि एक कलाकार अपने किरदार को जीवंत बनाने के लिए किस हद तक समर्पण दिखाता है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो में पारा 43.4 डिग्री पहुंचा, आज 19 जिलों में लू चलने की चेतावनी

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो में पारा 43.4 डिग्री पहुंचा, आज 19 जिलों में लू चलने की चेतावनी

    भोपाल । मध्यप्रदेश में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल खजुराहो सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद नर्मदापुरम और नौगांव में भी पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी तेज गर्मी और लू का असर बने रहने की चेतावनी दी है। ग्वालियर सहित 19 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी गर्म हवाएं परेशान करेंगी।

    इन जिलों में लू का अलर्ट जारी
    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर में लू चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    प्रदेश के कई शहरों में पारा 40°C से ऊपर
    बुधवार को कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो के बाद नर्मदापुरम (43.2°C) और नौगांव (43°C) सबसे गर्म रहे। रायसेन, दतिया, टीकमगढ़, सागर, रीवा, मंडला और अन्य कई जिलों में भी पारा 40 से 42 डिग्री के बीच दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर 41.6°C, ग्वालियर 41.2°C, भोपाल 40.6°C, इंदौर 40°C और उज्जैन 40.2°C पर रहा।

    रातें भी नहीं दे रहीं राहत, वॉर्म नाइट की स्थिति
    प्रदेश में अब रात का तापमान भी राहत नहीं दे रहा है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति ‘वॉर्म नाइट’ कहलाती है, जब रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहता है। हालांकि फिलहाल ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ की स्थिति दर्ज नहीं की गई है।

    मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
    लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन में पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और हल्के सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है, ताकि हीटवेव के असर से बचा जा सके।

  • फारस की खाड़ी और होर्मुज में तेल रिसाव का संकट गहराया, उपग्रह तस्वीरों में मिले गंभीर संकेत

    फारस की खाड़ी और होर्मुज में तेल रिसाव का संकट गहराया, उपग्रह तस्वीरों में मिले गंभीर संकेत

    दुबई । अमेरिका और ईरान से जुड़े सैन्य तनाव के बाद फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में कई स्थानों पर तेल रिसाव के गंभीर संकेत सामने आए हैं। उपग्रह तस्वीरों में ईरान के केश्म द्वीप, लावान द्वीप और कुवैत तट के पास समुद्र में फैला हुआ तेल स्पष्ट रूप से देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस स्थिति पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह क्षेत्र एक बड़े पर्यावरणीय संकट में बदल सकता है, जिससे समुद्री जीवन, तटीय आबादी और जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

    उपग्रह निगरानी में सामने आया समुद्री प्रदूषण
    एक रिपोर्ट के अनुसार उपग्रह चित्रों ने न केवल तेल ढांचे और जहाजों पर हुए नुकसान को उजागर किया है, बल्कि फारस की खाड़ी के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर मंडरा रहे खतरे को भी सामने रखा है। कई तस्वीरों में समुद्र की सतह पर फैला तेल स्पष्ट दिखाई देता है, जो तटीय समुदायों की आजीविका और मछली पालन पर सीधा असर डाल सकता है। केश्म द्वीप के पास लगभग पांच मील तक फैले तेल के निशान दर्ज किए गए हैं।

    शिदवर द्वीप के पारिस्थितिकी तंत्र पर संकट
    फारस की खाड़ी में स्थित शिदवर द्वीप को एक महत्वपूर्ण कोरल क्षेत्र माना जाता है, जहां कछुए, समुद्री पक्षी और अन्य जीव रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का तेल रिसाव यदि इन क्षेत्रों तक पहुंचता है तो यह समुद्री प्रजातियों के प्रजनन, भोजन श्रृंखला और पूरे पारिस्थितिक संतुलन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है।

    कुवैत तट तक फैला असर
    छह अप्रैल को प्राप्त उपग्रह तस्वीरों में कुवैत के तटीय क्षेत्र के पास भी तेल फैलाव देखा गया। इसी दिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने खाड़ी क्षेत्र की ईंधन और पेट्रोकेमिकल सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की बात कही थी, जिसके बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई।

    लाखों लोगों और समुद्री जीवन पर खतरा
    पर्यावरण विशेषज्ञ विम ज्वाइनेनबर्ग के अनुसार, इस तरह का तेल रिसाव लाखों लोगों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है, खासकर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को। प्रदूषित समुद्र मछली पालन को नुकसान पहुंचा सकता है और खाद्य सुरक्षा पर असर डाल  है। समुद्री जीव जैसे कछुए, डॉल्फिन और व्हेल भी इससे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि वे तेल के संपर्क में आ सकते हैं या उसे निगल सकते हैं। साथ ही, समुद्री जल को शुद्ध करने वाले संयंत्रों (डिसैलिनेशन प्लांट्स) पर भी खतरा मंडरा रहा है।

  • PM मोदी अगले माह जाएंगे एक सप्ताह के विदेश दौरे पर…. इन देशों की करेंगे यात्रा

    PM मोदी अगले माह जाएंगे एक सप्ताह के विदेश दौरे पर…. इन देशों की करेंगे यात्रा


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अगले महीने यानी मई (May) के मध्य में यूरोप की एक सप्ताह की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ (European Union-EU) के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना तथा महाद्वीप के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी को नई दिशा देना है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ताबड़तोड़ विदेश दौरा करेंगे। वे नॉर्वे, नीदरलैंड और इटली जाएंगे।


    नॉर्वे का दौरा: तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और EFTA पर जोर

    WION की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव नॉर्वे की राजधानी ओस्लो होगा, जहां वे तीसरे ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता भी शामिल होंगे। इससे पहले यह सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित हो चुका है।

    नॉर्वे ‘यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ’ (EFTA) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। अक्टूबर 2025 में लागू हुए ‘भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते’ के बाद इस दौरे की अहमियत काफी बढ़ गई है।


    भारत को क्या मिलेगा?

    इस समझौते के तहत EFTA देशों ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है, जिससे देश में लगभग 10 लाख नए रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है। साथ ही, इससे कपड़ा, चमड़ा और खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खुलेंगे।

    ओस्लो में होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी), जलवायु परिवर्तन, ‘ब्लू इकॉनमी’, इनोवेशन, डिजिटलीकरण और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग पर विस्तार से चर्चा होगी।


    नीदरलैंड दौरा: कृषि और तकनीक पर फोकस

    ओस्लो के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड जाएंगे। यहां उनकी पिछली यात्रा 2017 में हुई थी। द हेग (नीदरलैंड) जल प्रबंधन, कृषि, तकनीक और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में भारत का एक प्रमुख भागीदार रहा है। पिछले साल कुछ कारणों से टल गए कार्यक्रमों और बैठकों की तारीखों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सके।


    इटली और वेटिकन सिटी: पहली द्विपक्षीय यात्रा

    प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में इटली भी शामिल है। यह उनकी इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। हालांकि वे 2021 में G20 शिखर सम्मेलन और 2024 में G7 आउटरीच के लिए रोम जा चुके हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी चर्चा का मुख्य केंद्र रक्षा, ऊर्जा और निवेश से जुड़े मुद्दे होंगे।


    पोप से मुलाकात संभव

    इस बात की भी प्रबल संभावना है कि पीएम मोदी वेटिकन सिटी का दौरा करें और ईसाई धर्मगुरु पोप से मुलाकात करें।


    ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन

    मई का यह यूरोप दौरा 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुए 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के ठीक बाद हो रहा है। उस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता पीएम मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की थी।

    उसमें ‘भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA)’ पर बातचीत पूरी होने की ऐतिहासिक घोषणा की गई थी। साथ ही, एक नई ‘सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी’ और ‘टुवर्ड्स 2030’ संयुक्त रणनीतिक एजेंडा भी तय किया गया था।


    मई यात्रा का लक्ष्य

    इस दौरे से FTA को तेजी से लागू करने, सप्लाई चेन को विविधतापूर्ण बनाने और स्वच्छ तकनीक (क्लीन टेक) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।


    आगामी कार्यक्रम: फ्रांस में G7 सम्मेलन

    यूरोप के साथ इस सघन कूटनीति के क्रम में, प्रधानमंत्री मोदी जून के महीने में फ्रांस भी जाएंगे, जहां वे G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत को 2019 से लगातार इस प्रभावशाली समूह के आउटरीच कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता रहा है, जो वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है।

  • MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत

    MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के माधौगंज में बीड़ी सुलगाने के दौरान लाइटर जलाना (Lighting lighter) एक बुजुर्ग (Elderly.) की जान ले गया। पान पत्ते गोठ में रहने वाले 70 साल के काशीराम कुशवाह की आग से झुलसने के कारण मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक काशीराम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    दअरसल माधौगंज थाना क्षेत्र के पान पत्ते की गोठ में रहने वाले गोविंद कुशवाह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता काशीराम कुशवाह की उम्र 70 साल थी। वह घर के पास मेवाती बाबा के मंदिर के चबूतरे पर बैठे थे। काशीराम की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। इसी दौरान उन्होंने बीड़ी सुलगाने के लिए लाइटर जलाया।

    लाइटर की लौ से अचानक उनकी शर्ट ने आग पकड़ ली। काशीराम खुद आग बुझाने की कोशिश करते रहे लेकिन बुझा नहीं सके। वह मदद के लिए चिल्लाए। चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह आग बुझाई गई। लेकिन तब तक काशीराम बुरी तरह झुलस चुके थे।

    परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन मंगलवार की रात को काशीराम ने दम तोड़ दिया। घटना का पता चलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। जहां पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।फिलहाल पुलिस इस घटना को लेकर जांच कर कार्रवाई में जुट गई है।

  • JioHotstar की ये क्राइम सीरीज देख उड़ जाएंगे होश, पहले एपिसोड से ही शुरू होता है सस्पेंस

    JioHotstar की ये क्राइम सीरीज देख उड़ जाएंगे होश, पहले एपिसोड से ही शुरू होता है सस्पेंस


    नई दिल्ली । क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म The Raikar Case एक ऐसी सीरीज है, जो शुरुआत से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है। अगर आप सस्पेंस, मिस्ट्री और फैमिली ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण देखना चाहते हैं, तो यह सीरीज आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकती है। 7 एपिसोड्स में सिमटी इस कहानी का हर हिस्सा एक नया ट्विस्ट लेकर आता है और क्लाइमेक्स ऐसा है, जो देखने वालों को हैरान कर देता है।

    सुसाइड या मर्डर? यहीं से शुरू होता है खेल
    सीरीज की कहानी गोवा के एक प्रतिष्ठित रायकर परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक 16 साल के लड़के की रहस्यमयी मौत हो जाती है। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या जैसा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ती है, यह साफ हो जाता है कि मामला कुछ और ही है। यहीं से कहानी में सस्पेंस का असली खेल शुरू होता है। परिवार के लोग, जो बाहर से एकजुट दिखते हैं, धीरे-धीरे अपने-अपने राज खोलने लगते हैं।

    हर एपिसोड में नया खुलासा, हर चेहरा संदिग्ध
    सीरीज का सबसे मजबूत पहलू यह है कि हर एपिसोड में एक नया सस्पेक्ट सामने आता है। दूसरे एपिसोड में परिवार के ही एक अहम सदस्य पर शक गहराता है, जबकि तीसरे एपिसोड में एक ऐसा सबूत मिलता है जो पूरी कहानी को पलट देता है। चौथे और पांचवें एपिसोड तक आते-आते यह साफ हो जाता है कि इस परिवार में हर कोई कुछ न कुछ छिपा रहा है। बेटी इताशा का किरदार खास तौर पर कहानी को आगे बढ़ाता है, जो सच तक पहुंचने के लिए हर जोखिम उठाती है।

    सच सामने आने पर उड़ जाएंगे होश
    छठे एपिसोड में आखिरकार किलर का चेहरा सामने आता है और यही वह मोड़ है, जहां दर्शक सबसे ज्यादा चौंकते हैं। जिस शख्स पर किसी को शक नहीं होता, वही असली गुनहगार निकलता है। सातवें एपिसोड में कहानी और भी उलझती है और इताशा खुद एक बड़े संकट में फंस जाती है। अंत ऐसा रखा गया है कि दर्शक अगले सीजन का इंतजार करने को मजबूर हो जाते हैं।

    दमदार कास्ट ने बढ़ाई कहानी की ताकत
    इस सीरीज की सफलता में इसकी कास्ट का भी बड़ा योगदान है। Atul Kulkarni, Ashwini Bhave, Parul Gulati, Rina Wadhwa, Lalit Prabhakar, Rushad Rana और Kunal Karan Kapoor जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से हर किरदार को जीवंत बना दिया है। सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस कहानी को और प्रभावी बनाती है।

    क्यों देखें ये सीरीज?
    अगर आप ऐसी कहानी देखना चाहते हैं, जिसमें हर मोड़ पर सस्पेंस हो, हर किरदार में रहस्य छिपा हो और अंत तक सच्चाई का अंदाजा न लगे, तो ‘द रायकर केस’ जरूर देखनी चाहिए। यह सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और छिपे हुए सच की कहानी है।

  • आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?

    आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?


    पिथौरागढ़।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) की प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा (Famous Adi Kailash and Om Parvat Yatra) इस साल 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 28 अप्रैल से ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने रास्ते में स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, पेयजल, संचार और सड़कों की मरम्मत के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यात्रियों को कोई असुविधा ना हो।


    पहली मई से यात्रा, इसी दिन खुलेंगे कपाट

    पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि आदि कैलाश और ओम् पर्वत यात्रा पहली मई से शुरू होगी। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित पवित्र शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


    28 अप्रैल से जारी होंगे परमिट

    जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट की ऑनलाइन प्रक्रिया 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।


    कैसे करें आवेदन?

    प्रशासन की ओर से बताया गया है कि श्रद्धालु पोर्टल के जरिए यात्रा परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि परमिट धारचूला से जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी का मानना था कि इस साल की आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


    पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

    यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों को यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। यही नहीं यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, दूरसंचार, खाद्यान्न, शौचालय, सुरक्षा और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।


    पीएम के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी

    हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा शुरू करते हैं। हल्द्वानी से आदि कैलाश यात्रा 8 दिन की जबकि टनकपुर से 6 दिन और धारचूला से यात्रा 5 दिन में संपन्न होती है।साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के भ्रमण से इस यात्रा को बहुत बढ़ावा मिला था। पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश आते थे जबकि 2023 में पीएम मोदी के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28 हजार तक पहुंच गई। पिछले साल आंकड़ा 36 हजार को पार कर गया।


    23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

    बता दें कि इस साल 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बद्रीनाथ धाम के पवित्र कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। मंदिर को इस साल खास तौर पर विदेश से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है।

  • Indonesia: होटल से डोरमैट, बर्तन, हेयर ड्रायर चुराते पकड़े गए भारतीय पर्यटक, कटाई देश की नाक

    Indonesia: होटल से डोरमैट, बर्तन, हेयर ड्रायर चुराते पकड़े गए भारतीय पर्यटक, कटाई देश की नाक


    उबुद (बाली)।
    इंडोनेशिया (Indonesia) के बाली में भारतीय पर्यटकों (Indian tourists) के एक समूह द्वारा होटल का सामान (Hotel stuff) चोरी करने का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यह घटना 19 अप्रैल को उबुद के असवारा रिसॉर्ट (Asvara Resort) में हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चेक-आउट के दौरान पकड़ी गई चोरी रिपोर्टों के अनुसार, यह समूह 16 अप्रैल से रिसॉर्ट में रुका हुआ था और 19 अप्रैल को चेक-आउट कर रहा था। चेक-आउट की प्रक्रिया के दौरान, होटल के कर्मचारियों को कुछ सामान कम होने का संदेह हुआ। जब पर्यटकों को रोककर उनके सामान की तलाशी ली गई, तो उनके बैग से होटल की कई चीजें बरामद हुईं।


    बैग से निकला हेयर ड्रायर और डोरमैट

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि होटल स्टाफ पर्यटकों के बैग खोलकर उनमें से चोरी किया गया सामान निकाल रहा है। बरामद की गई वस्तुओं में पूल टॉवल, बाथ टॉवल, एक डोरमैट, किमोनो रोब्स, हेयर ड्रायर, बर्तन और टीवी रिमोट का बॉक्स शामिल थे। वीडियो में एक कर्मचारी को यह कहते सुना जा सकता है कि ये पर्यटक भारत से हैं, जिस पर समूह के ही एक सदस्य ने सफाई देते हुए कहा, “सभी भारतीय ऐसे नहीं होते”।


    सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

    इस घटना के वीडियो ने इंटरनेट पर भारतीयों के बीच काफी नाराजगी पैदा कर दी है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे “शर्मनाक” और “घटिया कृत्य” बताया है। एक यूजर ने टिप्पणी की, “वे विदेश यात्रा का खर्च तो उठा सकते हैं, लेकिन अपने लिए चम्मच और तौलिए नहीं खरीद सकते?” वहीं अन्य लोगों ने इसे देश की छवि खराब करने वाला व्यवहार बताया।


    पुलिस की कार्रवाई और मामला सुलझा

    इस बीच, गियान्यार पुलिस (Gianyar Police) के प्रवक्ता इप्तु आई गुस्ती नगुरह सुआर्डिता ने बताया कि इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार, होटल प्रबंधन और पर्यटकों के बीच मामले को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। पर्यटकों द्वारा सारा सामान वापस कर दिए जाने के बाद उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई।

  • चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति

    चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति


    देहरादून।
    केदारनाथ यात्रा मार्ग (Kedarnath Route) पर एक मुस्लिम व्यक्ति (Muslim person) के मिलने पर विवाद हो गया। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के इस व्यक्ति को कुछ यात्रियों ने रोककर आपत्ति जताई। यात्रियों का कहना था कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) में मुस्लिम समुदाय के लोगों के आने पर प्रतिबंध है।

    यात्रियों ने व्यक्ति को घेरकर यात्रा मार्ग पर होने का कारण पूछा। व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उसे यहां काम करने के लिए बुलाया गया है। इस घटना से यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

    बता दें कि इस वर्ष बदरी केदार मंदिर समिति ने चारधाम के मंदिर परिसर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, यात्रा मार्ग पर इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

  • पाकिस्तानी गेंदबाज का कमाल: 3 गेंदों में 4 विकेट, हैट्रिक के साथ रचा अनोखा रिकॉर्ड

    पाकिस्तानी गेंदबाज का कमाल: 3 गेंदों में 4 विकेट, हैट्रिक के साथ रचा अनोखा रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। Ali Raza नाम के युवा तेज गेंदबाज ने न सिर्फ हैट्रिक लेकर तहलका मचाया, बल्कि पारी की आखिरी 3 गेंदों में 4 विकेट गिरने का अनोखा रिकॉर्ड भी बना दिया।

    18 साल के गेंदबाज ने मचाई सनसनी

    Peshawar Zalmi के लिए खेलते हुए 18 वर्षीय अली रजा ने Karachi Kings के खिलाफ घातक गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में 41 रन देकर 4 विकेट झटके। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी हैट्रिक पारी के आखिरी ओवर में पूरी की और PSL इतिहास के सबसे कम उम्र में हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज बन गए।

    ऐसे पूरी हुई हैट्रिक

    20वें ओवर में अली रजा ने लगातार तीन बल्लेबाजों को आउट किया-

    चौथी गेंद पर खुशदिल शाह हिट विकेट आउट
    पांचवीं गेंद पर शाहिद अजीज बोल्ड
    छठी गेंद पर हसन अली बोल्ड
    इस तरह उन्होंने शानदार हैट्रिक पूरी की।

    3 गेंदों में 4 विकेट कैसे गिरे?

    यह सबसे दिलचस्प सवाल है। दरअसल, मामला “लीगल गेंदों” का है-
    20वें ओवर की चौथी गेंद वाइड थी
    उसी वाइड गेंद पर रन लेने के प्रयास में एक बल्लेबाज रन आउट हो गया
    इसके बाद दोबारा चौथी गेंद (लीगल) पर हिट विकेट
    फिर अगली दो गेंदों पर लगातार बोल्ड
    इस तरह 3 वैध गेंदों (legal deliveries) में कुल 4 विकेट गिर गए। क्रिकेट में ऐसा कम ही देखने को मिलता है।

    मैच का हाल

    इस मुकाबले में David Warner की कप्तानी वाली कराची किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 182 रन बनाए। Jason Roy ने 85 रनों की शानदार पारी खेली।

    जवाब में पेशावर जाल्मी ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। Babar Azam की टीम ने 18.5 ओवर में मैच जीत लिया, जिसमें कुसल मेंडिस ने 80 रन की अहम पारी खेली।

    क्यों खास है यह उपलब्धि?

    अली रजा का यह प्रदर्शन कई वजहों से ऐतिहासिक है-
    सबसे कम उम्र में PSL हैट्रिक
    डेथ ओवर में दबाव में शानदार गेंदबाजी
    3 गेंदों में 4 विकेट जैसा दुर्लभ कारनामा

    क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और अली रजा ने इसे फिर साबित कर दिया। एक ही ओवर में मैच का रुख बदल देना और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा देना-यह बताता है कि आने वाले समय में यह युवा गेंदबाज इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकता है।