Author: bharati

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • हाईकोर्ट में बहस से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, सीजेआई बोले आंख दिखाओगे तो जवाब भी मिलेगा

    हाईकोर्ट में बहस से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, सीजेआई बोले आंख दिखाओगे तो जवाब भी मिलेगा


    नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने उस वकील को कड़ी चेतावनी दी है जो हाईकोर्ट में जज से कहासुनी के चलते आपराधिक अवमानना के नोटिस का सामना कर रहे हैं। यह मामला झारखंड हाईकोर्ट से जुड़ा है जहां सुनवाई के दौरान वकील और न्यायाधीश के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत की गरिमा से ऊपर कोई नहीं है और यदि कोई आंख दिखाने की कोशिश करेगा तो न्यायपालिका भी उसी दृढ़ता से जवाब देगी।

    यह पूरा विवाद पिछले साल सोलह अक्तूबर को झारखंड हाईकोर्ट में हुई एक सुनवाई से शुरू हुआ। एडवोकेट महेश तिवारी एक विधवा महिला का पक्ष रख रहे थे जिनका बिजली कनेक्शन एक लाख तीस हजार रुपये से अधिक बकाया होने के कारण काट दिया गया था। सुनवाई के दौरान बहस के तरीके को लेकर न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने टिप्पणी की और बाद में राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष से वकील के आचरण पर संज्ञान लेने को कहा।इसी दौरान वकील तिवारी ने न्यायाधीश के प्रति असंतोष जताया और उंगली दिखाते हुए कहा कि वह अपनी शैली में बहस करेंगे और किसी प्रकार के अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम को न्यायालय की अवमानना मानते हुए झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी कर दिया।

    इस नोटिस को चुनौती देने के लिए वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जहां सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अदालत से आदेश केवल यह साबित करने के लिए नहीं मांगे जा सकते कि कोई किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यदि कोई माफी मांगना चाहता है तो उसे साफ शब्दों में माफी मांगनी चाहिए और यदि कोई जजों को चुनौती देना चाहता है तो न्यायपालिका भी पूरी ताकत से स्थिति को संभालना जानती है।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए झारखंड हाईकोर्ट से यह भी कहा कि यदि संबंधित वकील माफी मांग लेते हैं तो उनके प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है। अदालत ने यह संकेत दिया कि न्यायपालिका का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना है।यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि अदालत में असहमति व्यक्त करने का भी एक मर्यादित तरीका होता है। न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है लेकिन न्यायालय की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी न केवल संबंधित वकील के लिए बल्कि पूरे कानूनी समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है।

  • RJD में अंदरूनी बगावत: भाई वीरेंद्र ने टिकट कटने पर उठाए तीखे सवाल, कहा- यादव उम्मीदवार ही देना था तो विजय मंडल क्यों हटाए?

    RJD में अंदरूनी बगावत: भाई वीरेंद्र ने टिकट कटने पर उठाए तीखे सवाल, कहा- यादव उम्मीदवार ही देना था तो विजय मंडल क्यों हटाए?



    नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अंदर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने टिकट वितरण को लेकर पार्टी नेतृत्व पर सीधे सवाल उठाए हैं। पटना से सामने आए एक वीडियो में वे साफ तौर पर नाराज दिखे और पार्टी के फैसलों पर आपत्ति जताई।

    भाई वीरेंद्र ने दिनारा विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वे और विजय मंडल एक साथ विधायक रहे हैं।

    उन्होंने पूछा कि जब यादव समाज के उम्मीदवार को ही टिकट देना था, तो फिर सिटिंग विधायक विजय मंडल का टिकट क्यों काटा गया? उन्होंने यह भी पूछा कि विजय मंडल में ऐसी क्या कमी थी, जिसके कारण उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला।

    उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के अंदर विजय मंडल का टिकट बचाने के लिए संघर्ष किया था और उनका मानना है कि टिकट कटना गलत फैसला था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने स्थानीय और मजबूत नेताओं को नजरअंदाज कर दूसरे जिलों से आए नेताओं को टिकट दिया, जिससे जमीनी पकड़ कमजोर हुई।

    भाई वीरेंद्र ने कुछ नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा,
    “पार्टी में कुछ लोग सिर्फ नाम के समाजवादी हैं।

    ये एक साथ दो–तीन जिलों की राजनीति करते हैं। जब तक ऐसे लोग टिकट तय करते रहेंगे, तब तक पार्टी को नुकसान होता रहेगा।”

    उनके बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि RJD में अंदरूनी तनाव और असंतोष बढ़ रहा है। पार्टी नेतृत्व ने पहले ही हार के लिए वोट चोरी का आरोप लगाया था, लेकिन अब टिकट वितरण को लेकर उठ रहे सवालों से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

    गौरतलब है कि दिनारा सीट से विजय मंडल 2020 में RJD के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उन्होंने LJP के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को 8,228 वोटों से हराया था। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD ने उनका टिकट काटकर शशि शंकर कुमार उर्फ राजेश यादव को उम्मीदवार बनाया, जिन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

  • ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में सोनू भिड़े की वापसी की अफवाहों पर झील मेहता ने दिया बड़ा बयान

    ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में सोनू भिड़े की वापसी की अफवाहों पर झील मेहता ने दिया बड़ा बयान



    नई दिल्ली। तारक मेहता का उल्टा चश्मा लंबे समय से दर्शकों का पसंदीदा शो बना हुआ है, लेकिन पिछले कुछ समय में यह विवादों में भी रहा है। कई कलाकारों के शो छोड़ने और मेकर्स पर आरोपों के बाद अब एक नई अपडेट सामने आई है। चर्चा थी कि शो में सोनू भिड़े का रोल निभाने वाली झील मेहता फिर से वापसी कर सकती हैं।

    लेकिन हाल ही में झील मेहता ने अपने फैंस के साथ बातचीत के दौरान इस बात को साफ कर दिया कि उनकी वापसी का कोई सवाल ही नहीं।

    उन्होंने एक फैन के सवाल पर जो “क्या आप शो में वापसी करेंगी?” पूछा था, उसका जवाब देते हुए झील भावुक हो गईं और कहा कि “मैं कभी वापसी नहीं करूंगी”। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उस समय को बहुत संजो कर रखा है और वह उसे दोबारा नहीं दोहराना चाहतीं। इसके साथ उन्होंने हार्ट इमोजी भी शेयर किया।

    झील मेहता की जिंदगी में अब क्या चल रहा है?
    झील ने बताया कि अब उनकी जिंदगी काफी बदल चुकी है। उन्होंने स्टूडेंट हाउसिंग बिजनेस में कदम रखा है और साल 2024 में अपने बॉयफ्रेंड से शादी कर ली है। वे अब अपनी नई जिंदगी का आनंद ले रही हैं और अक्सर अपने पति के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर करती रहती हैं।

  • रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 18वें रोजगार मेले के दौरान देशभर के 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन इन सभी युवाओं के जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने नियुक्ति पत्रों को “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प है। नियुक्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में की गई हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आप सभी सरकारी सेवा में प्रवेश कर रहे हैं। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी का अवसर है।” उन्होंने यह भी कहा कि साल 2026 की शुरुआत युवाओं के जीवन में नई उम्मीदें और नई खुशियां लेकर आई है। बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के संयोग का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह समय संविधान के प्रति कर्तव्यों को याद करने और राष्ट्र सेवा के लिए खुद को समर्पित करने का है।

    तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी में खुद को अपडेट रखना जरूरी

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बदलते तकनीकी दौर की चुनौतियों और जरूरतों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं और ऐसे में सरकारी सेवाओं में आने वाले युवाओं को खुद को लगातार अपग्रेड करना होगा। पीएम मोदी ने बताया कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी खुद को नए कौशलों में प्रशिक्षित कर चुके हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भव:” को सभी कर्मचारियों के लिए मूल मंत्र बताया।

    रिफॉर्म एक्सप्रेस पर भारत, महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, जिसका उद्देश्य जीवन और कारोबार-दोनों को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 8 हजार से अधिक बेटियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुल रहे हैं। डिजिटल मीडिया, क्रिएटर इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से ग्लोबल हब बनता जा रहा है।

  • वायरल वीडियो: हार्दिक पांड्या-मुरली कार्तिक की बहस, क्या सच में हुआ ‘भयंकर झगड़ा’?

    वायरल वीडियो: हार्दिक पांड्या-मुरली कार्तिक की बहस, क्या सच में हुआ ‘भयंकर झगड़ा’?


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और पूर्व गेंदबाज मुरली कार्तिक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। वीडियो में दोनों के बीच बातचीत धीरे-धीरे गहमागहमी की स्थिति तक पहुंचती दिख रही है, जिससे यह अंदेशा बढ़ रहा है कि दोनों के बीच झगड़ा हो गया है।
    वीडियो में हार्दिक पांड्या अभ्यास के लिए मैदान पर आते नजर आते हैं। जैसे ही वे मैदान पर प्रवेश करते हैं, मुरली कार्तिक से उनकी बातचीत शुरू होती है। शुरुआत में बातचीत सामान्य दिखती है, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों के बीच टोन तेज और गंभीर हो जाता है। वीडियो के कुछ हिस्सों में ऐसा भी दिखाई देता है कि हार्दिक बातचीत के दौरान कुछ दूरी पर चले जाते हैं, फिर वापस आकर मुरली कार्तिक के साथ फिर से बात करते हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं यह ‘कड़वी बहस’ किसी बड़ी लड़ाई की शुरुआत तो नहीं।
    https://twitter.com/CricketCentrl/status/2014699202862055795

    वीडियो को शेयर करने वालों ने दावा किया कि यह रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मैच से पहले का है और हार्दिक पांड्या मुरली कार्तिक पर नाराज दिखे। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि दोनों के बीच सच में झगड़ा हुआ या यह केवल बातचीत थी। टीम इंडिया के भीतर अभ्यास और रणनीति पर चर्चा अक्सर तीखी दिख सकती है, इसलिए केवल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जा रहा है।

    जहां तक हार्दिक पांड्या के प्रदर्शन की बात है, उन्होंने इस सीरीज में अब तक बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया है। पहले टी20 (नागपुर) में हार्दिक ने 25 रन बनाए और 1 विकेट लिया। दूसरे टी20 में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने 1 विकेट अपने नाम किया।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो की असलियत क्या है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस बहस ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का नया विषय बना दिया है।

  • खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा

    खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा


    खरगोन । क्रांतिकारी आदिवासी नायक जननायक टंट्या मामा भील की मूर्ति स्थापना को लेकर उपजा विवाद अब शासन की कड़ी कार्रवाई और राजनीतिक घमासान में तब्दील हो चुका है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए खरगोन नगरपालिका में पदस्थ दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिस्टान नाका चौराहे पर स्थापित की गई मूर्ति में बरती गई भारी अनियमितताओं और लापरवाही के चलते की गई है।

    शासन की सख्त कार्रवाई

    नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के तहत सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेन्द्र मेढ़ा को निलंबित किया गया है। विभाग ने माना है कि मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया में इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर चूक की और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया।

    क्या है पूरा विवाद करोड़ों की मंजूरी, कौड़ियों की मूर्ति

    विवाद की जड़ मूर्ति के निर्माण में हुआ कथित भ्रष्टाचार है। नगरपालिका की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल PIC ने टंट्या मामा की भव्य कांस्य या पत्थर की मूर्ति के लिए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने अधिकारियों की मिलीभगत से महज 75 हजार से 1 लाख रुपये की सस्ती की मूर्ति स्थापित कर दी। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, आदिवासी समाज और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश फैल गया।

    भाजपा पार्षदों का सद्बुद्धि यज्ञ और मोर्चा

    हैरान करने वाली बात यह है कि खरगोन नगरपालिका में भाजपा का ही परिषद अध्यक्ष छाया जोशी है, लेकिन अब भाजपा पार्षदों ने ही अपनी ही परिषद के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रोलिंग का डर भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है। विरोध का तरीका: पार्षद भागीरथ बड़ोले के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने गांधी प्रतिमा पर ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की।

    कांग्रेस का अल्टीमेटम और चक्का जाम की चेतावनी

    कांग्रेस इस मुद्दे पर और अधिक हमलावर हो गई है। जिला अध्यक्ष रवि नायक ने इसे आदिवासी अस्मिता का अपमान बताते हुए प्रशासन के 45 दिनों के आश्वासन को ठुकरा दिया है। उन्होंने 26 जनवरी 2026 से 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में भव्य धातु की मूर्ति स्थापित नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।

    अब आगे क्या

    नगरपालिका ने अपनी गलती सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए हैं नया टेंडर 19 जनवरी 2026 को धातु की नई मूर्ति के लिए ई-टेंडर जारी किया गया है। समय सीमा 2 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 45 दिनों के भीतर नई मूर्ति स्थापित करने का दावा किया गया है।

  • Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी

    Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी

    नई दिल्ली। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बाद सियासत तेज हो गई है। इस मामले में अब कांग्रेस पार्टी खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में आ गई है। लखनऊ स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय के बाहर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें मौनी अमावस्या के दिन उनके बटुकों के साथ हुई कथित मारपीट को दर्शाया गया है। पोस्टर में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है- “जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करेगा, वह भयानक नरक में गिरेगा।”

    युवा कांग्रेस नेता ने लगाया होर्डिंग, पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल

    कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए इस होर्डिंग को भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगवाया है। पोस्टर में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए जाते समय शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ हुए कथित विवाद को दर्शाया गया है। एक ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है, तो दूसरी ओर बटुकों की शिखा खींचे जाने और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दृश्य को दिखाया गया है।

    पोस्टर में श्रीरामचरितमानस की चौपाई- “जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही”- का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसके माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि धार्मिक गुरुओं और परंपराओं के अपमान से समाज में गलत संदेश जाता है।

    धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, विपक्ष का सरकार पर निशाना

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य और उनके बटुकों के साथ हुआ व्यवहार धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर भी इसी तरह के पोस्टर लगाए जा चुके हैं।

    राजनीतिक गलियारों में यह साफ माना जा रहा है कि सपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस विवाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खुलकर सामने आ चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

  • रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: नागदा-कोटा और रामगंज मंडी के बीच चलेगी मेला स्पेशल ट्रेन

    रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: नागदा-कोटा और रामगंज मंडी के बीच चलेगी मेला स्पेशल ट्रेन


    रतलाम । आगामी त्योहारों और मेलों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे द्वारा नागदा-कोटा और रामगंज मंडी-नागदा के बीच विशेष मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित रहेंगी, जिससे आम यात्रियों को टिकट बुकिंग की लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और यात्रा सुगम होगी। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों का विवरण और समय-सारणी इस प्रकार है:

    ट्रेन संख्या 09801: नागदा – कोटा मेला स्पेशल
    यह ट्रेन 24 और 25 जनवरी 2026 को संचालित की जाएगी। प्रस्थान नागदा रात 23:35 बजे। आगमन कोटा अगले दिन सुबह 03:00 बजे प्रमुख ठहराव शामगढ़ और रामगंज मंडी। ट्रेन संख्या 09804: रामगंज मंडी नागदा मेला स्पेशल यह ट्रेन भी 24 और 25 जनवरी 2026 को अपनी सेवाएँ देगी। प्रस्थान रामगंज मंडी शाम 19:30 बजे। आगमन नागदा रात 22:30 बजे। प्रमुख ठहराव झालावाड़ रोड, धुआंखेड़ी, भवानी मंडी, कुर्लासी, गरोठ, शामगढ़, सुवासरा, चौमहला, विक्रमगढ़ आलोट और महिदपुर रोड।

    यात्रा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

    किराया इन ट्रेनों में यात्रियों को मेल एक्सप्रेस श्रेणी का सामान्य किराया देना होगा आरक्षण की स्थिति यह ट्रेनें पूरी तरह अनारक्षित General हैं, अत यात्री सीधे स्टेशन से टिकट लेकर यात्रा कर सकेंगे। उद्देश्य: मेलों के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और छोटे स्टेशनों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना। रेलवे के इस कदम से मालवा और हाड़ौती क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों को काफी सुविधा होगी। यात्री विस्तृत समय-सारणी के लिए रेलवे के पूछताछ पोर्टल या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम की मदद ले सकते हैं।

  • मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में

    मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में



    नई दिल्ली। मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में इमरान और लकी अली खान शामिल हैं, जिनके देश छोड़कर भागने की तैयारी की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कुल पांच टीमों को अलग-अलग दिशाओं में तैनात किया गया है ताकि आरोपियों की धरपकड़ हो सके।

    पुलिस को जानकारी मिली है कि इमरान और लकी के पास दुबई जाने का पासपोर्ट मौजूद है। इमरान पहले भी दुबई जा चुका है, इसलिए पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भागने की कोशिश कर सकता है। आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग से जुड़े अहम संकेत फोन कॉल्स और सर्विलांस के दौरान मिले हैं।

    कैसे हुआ मामला खुलासा?
    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत की।

    शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन जब उसका मोबाइल जांचा गया तो पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला।

    फोल्डर खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। इसी फोल्डर के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई जिमों पर छापेमारी की।

    अमीर महिलाओं को बनाते थे निशाना
    पुलिस के अनुसार यह रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए चलाया जा रहा था।

    आरोपियों का निशाना अमीर घरों की महिलाएं थीं। गैंग के सदस्य पहले महिला को जिम ट्रेनिंग का लालच देते, फिर नंबर एक्सचेंज करके दोस्ती बढ़ाते और घूमने-फिरने के बहाने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाते थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महिलाओं को फ्री जिम ट्रेनिंग का ऑफर दिया जाता था और ट्रेनिंग के दौरान उनकी तस्वीरें ली जाती थीं। इसके बाद उन्हें बुर्का पहनाकर मिर्जापुर के बाजार, मंदिर, मजार और अन्य जगहों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे धर्मांतरण की तरफ प्रभावित किया जाता था।

    यौन शोषण और ब्लैकमेल
    पुलिस का दावा है कि यौन शोषण के बाद महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे और फिर उनसे पैसे की मांग की जाती थी। पैसे न देने पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। डर के कारण कुछ महिलाओं ने पैसे दिए, जबकि कई का धर्मांतरण कर दिया गया।

    गैंग की संरचना और गिरफ्तारी
    पुलिस ने बताया कि गैंग एक समय में एक ही महिला पर काम करता था। यदि वह महिला एक जिम में फंसती नहीं थी तो उसे दूसरे और फिर तीसरे जिम में भेजा जाता था। जिम संचालक आपस में महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उन्हें “टारगेट” बताते थे।

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं। शादाब जीआरपी में सिपाही था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

    एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि शुरुआती शिकायत के बाद ठोस सबूत नहीं मिले थे, लेकिन मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरा रैकेट उजागर हो गया। जांच में महिलाओं से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक सबूत भी बरामद हुए हैं, जिनमें महिलाओं को घुमाने-फिरने में इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी शामिल हैं।