Author: bharati

  • काशी में फिर दिखा अद्भुत नजारा… 64 दिन बाद दशाश्वमेध घाट पर मूल स्वरूप में हुई गंगा आरती

    काशी में फिर दिखा अद्भुत नजारा… 64 दिन बाद दशाश्वमेध घाट पर मूल स्वरूप में हुई गंगा आरती


    वाराणसी।
    वाराणसी (Varanasi) में मां गंगा (Mother Ganga) की विश्वप्रसिद्ध आरती का भव्य नजारा एक बार फिर दशाश्वमेध घाट (Dashashwamedh Ghat) पर देखने को मिला. बाढ़ के पानी के कारण 64 दिनों से अपने पारंपरिक स्थान (Traditional location) से दूर हो रही गंगा आरती मंगलवार, 20 अक्टूबर को अपने मूल स्थान पर लौट आई. घाट के निर्धारित प्लेटफॉर्म पर आरती शुरू होते ही हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने पहुंचे. दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और मां गंगा की आराधना से पूरा घाट भक्तिमय हो उठा।


    64 दिन तक छत पर हुई गंगा आरती

    दरअसल, गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण दशाश्वमेध घाट पर आरती के आयोजन में बदलाव करना पड़ा था. 17 अगस्त से गंगा सेवा निधि की ओर से विश्वप्रसिद्ध आरती संस्था के कार्यालय की छत पर कराई जा रही थी. बाढ़ के पानी के चलते श्रद्धालु घाट के पारंपरिक प्लेटफॉर्म पर आरती का नजारा नहीं देख पा रहे थे. अब जलस्तर में कमी आने के बाद आरती को फिर से उसके मूल स्थान पर शुरू कर दिया गया है।

    मंगलवार को जैसे ही दशाश्वमेध घाट पर पारंपरिक तरीके से आरती संपन्न हुई, वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उत्साह देखने को मिला. बड़ी संख्या में लोग मां गंगा की आरती में शामिल हुए. काशी की पहचान मानी जाने वाली इस आरती के अपने पुराने स्थान पर लौटने से घाट पर एक बार फिर रौनक दिखाई दी।


    अभी सामान्य नहीं हुआ गंगा का जलस्तर

    गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि मां गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण 64 दिनों तक कार्यालय की छत पर आरती आयोजित की गई. मंगलवार को दशाश्वमेध घाट के पारंपरिक स्थान पर आरती संपन्न हुई. हालांकि, गंगा का जलस्तर अभी भी सामान्य से करीब 10 से 15 फीट अधिक बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पक्के घाटों का संपर्क एक बार फिर जुड़ गया है. आगामी पर्वों को देखते हुए घाटों की सफाई भी कराई जा रही है. बाढ़ के कारण बदली व्यवस्था के बाद गंगा आरती का अपने मूल स्थान पर लौटना काशी के श्रद्धालुओं के लिए राहत और आस्था से जुड़ा खास अवसर है।

  • Ind W vs ZIM W: तीसरे T-20 में भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से हराया…. सीरीज 3-0 से जीती

    Ind W vs ZIM W: तीसरे T-20 में भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से हराया…. सीरीज 3-0 से जीती


    रायपुर।
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket Team) ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले (Third and Final T20 Match) में जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 92 रनों के बड़े अंतर से मात दे दी है. इस शानदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमाते हुए शानदार अंदाज में क्लीन स्वीप कर लिया है।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज रही. सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई. अनुष्का ने 20 गेंदों में 28 रनों की पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने महज 37 गेंदों पर 69 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 5 छक्के शामिल रहे।

    शेफाली और हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) के बीच हुई 84 रनों की शानदार साझेदारी ने पारी को मजबूत रफ्तार दी. इसके बाद पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात कर दी. हरमनप्रीत ने महज 41 गेंदों में नाबाद 91 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 शानदार चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।

    उन्होंने अपनी इस नाबाद पारी के दम पर भारत को निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 216 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया. जिम्बाब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों को रोकने में नाकामयाब रहीं.


    जिम्बाब्वे की टीम 124 रनों पर सिमटी

    217 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाती चली गई. जिम्बाब्वे की ओर से शार्ने मायर्स ने संघर्ष करते हुए 49 गेंदों में 60 रन बनाए, जबकि बिलव्ड बीजा ने 44 रनों का योगदान दिया. इनके अलावा टीम की कोई भी अन्य बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी. निर्धारित 20 ओवरों में जिम्बाब्वे की टीम 7 विकेट के नुकसान पर 124 रन ही बना पाई. भारतीय गेंदबाजों ने दमदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया.

    नंदिनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में मात्र 18 रन देकर सबसे ज्यादा 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके. इसके अलावा क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद को 1-1 सफलता हाथ लगी. इस तरह भारतीय टीम ने मुकाबले को 92 रनों से अपने नाम कर सीरीज का शानदार अंत किया.

  • टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां

    टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां


    नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया है। करीब 17 घंटे के लंबे सफर के बाद मुंबई पहुंचे आरोपियों का सबसे पहले जीटी अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद तीनों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रखा गया है। यहां उनसे फायरिंग की घटना और कथित साजिश को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात को किसके निर्देश पर अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार फूल सिंह और रेहान अंसारी के रूप में बताई गई है। पुलिस तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लेकर पहुंची। कोटा से आरोपियों को दो इनोवा कारों के जरिए लाया गया जबकि वलसाड से एक अन्य इनोवा कार भी पुलिस के काफिले में शामिल हुई थी। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों को जीटी अस्पताल ले जाया गया जहां जरूरी मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    पुलिस की जांच में रेहान अंसारी का नाम कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में होने के संबंध में सामने आया है। बताया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर रेहान और अनिल पंडित के बीच बातचीत हुई थी। अब मुंबई पुलिस आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके बीच किस तरह संपर्क स्थापित हुआ था और फायरिंग की घटना में उनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसियां कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में कई जगह कार्रवाई की। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना हो सकता है। हालांकि इस मामले में हमले के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इससे पहले पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा था। अब उन्हें मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा है और हथियारों की व्यवस्था से लेकर उन्हें मुंबई पहुंचाने तक की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए फायरिंग के पीछे की कथित साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • चारधाम यात्रा: अंतिम चरण में भी उमड़ रही भीड़.. रिकॉर्ड 60 लाख के पार पहुंची दर्शनार्थियों की संख्या

    चारधाम यात्रा: अंतिम चरण में भी उमड़ रही भीड़.. रिकॉर्ड 60 लाख के पार पहुंची दर्शनार्थियों की संख्या


    देहरादून।
    चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) अंतिम चरण में है। केदारनाथ व बदरीनाथ धाम (Kedarnath and Badrinath Dhams) में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ है। अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 लाख पार हो गया है। 16 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद यात्रा शीतकाल के लिए स्थगित होगी। चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थल से शीतकालीन यात्रा का संचालन किया जाएगा।

    19 अप्रैल को चारधाम यात्रा का आगाज हुआ था। बीते वर्ष की तुलना में इस बार मानसून सीजन में चारधाम यात्रा का संचालन निर्बाध रूप से जारी रही। पहली बार केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के अलावा हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है।

    बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया, केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी के दिशानिर्देश पर यात्रा सुचारू रूप से संचालित है। पहली बार श्रद्धालुओं के दर्शन करने का नया रिकॉर्ड बना है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 60 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।


    धाम – दर्शनार्थियों की संख्या

    केदारनाथ – 17,65,520
    बदरीनाथ – 20,70,500
    गंगोत्री – 8,38,422
    यमुनोत्री – 9,45,572
    हेमकुंड साहिब – 3,90,696

  • अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

    अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा


    नई दिल्ली। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो युवकों और दो महिलाओं को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाएं कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए कुरियर का काम करती थीं और ट्रेन से पिस्तौल लेकर मुंबई पहुंची थीं। इस मामले में पहले ही तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किसके निर्देश पर जुटाए गए और फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों से इनका संपर्क कैसे हुआ।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल सुमित राधा और बबिता के रूप में हुई है। कुणाल की उम्र 21 साल और सुमित की उम्र 19 साल बताई गई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। वहीं 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर और 23 वर्षीय बबिता आजमगढ़ की निवासी है। पुलिस के अनुसार हथियारों की व्यवस्था करने में कुणाल की अहम भूमिका थी। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। एक दोस्त के माध्यम से उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे। जांच में सामने आया कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर गया और वहां से एक पिस्तौल तथा 20 कारतूस जुटाए।

    पुलिस के मुताबिक हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए कुणाल ने राधा को तैयार किया। करीब दो महीने पहले दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद कुणाल ने उसे अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और पिस्तौल लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर 2026 को कुणाल राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हुईं। पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी और सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए उनके संपर्क में रहा।

    जांच के अनुसार 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास आया और राधा से बैग लेकर चला गया। उस बैग में पिस्तौल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैग लेने वाला नाबालिग किसके संपर्क में था और हथियार आगे किसे सौंपा गया। फिलहाल वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद नहीं हुई है।

    इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की गई। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। इस दौरान उनकी कार को निशाना बनाया गया। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक पोस्ट भी सामने आई थी लेकिन उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस के मुताबिक फायरिंग के बाद हमलावरों को मुंबई से बाहर निकालने की कोशिश भी की गई थी। इसी मामले में राजस्थान के कोटा से पहले तीन संदिग्धों रेहान उर्फ सुक्का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग को पकड़ा गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना था। हालांकि मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। चार नई गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस हथियार जुटाने से लेकर मुंबई पहुंचाने फायरिंग और आरोपियों को बाहर निकालने की कथित योजना तक सभी कड़ियों को जोड़ रही है। 

  • दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर, बोले दो-तीन साल से ठीक नहीं चल रही तबीयत, मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा बड़ा सवाल

    दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर, बोले दो-तीन साल से ठीक नहीं चल रही तबीयत, मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा बड़ा सवाल


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर गायक दलेर मेहंदी के बीच एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने अब मनोरंजन जगत में चर्चा तेज कर दी है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मंच पर जिस तरह से गायक से बात की गई उससे उन्हें काफी दुख हुआ। अनुपम खेर ने मनोरंजन जगत के दूसरे कलाकारों से भी अपील की कि वे इस मामले पर अपनी आवाज उठाएं और दलेर मेहंदी का साथ दें।

    अनुपम खेर ने देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने साफ किया कि उन्होंने खुद उस घटना को नहीं देखा है इसलिए वह पूरे मामले के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते। हालांकि दलेर मेहंदी के साथ पिछले दो से तीन दशकों के अपने परिचय के आधार पर उन्होंने गायक के व्यक्तित्व और व्यवहार का बचाव किया। खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 20 से 30 सालों से जानते हैं और उनकी जानकारी में दलेर शराब नहीं पीते हैं। उन्होंने गायक को अच्छे इंसानों में से एक बताया।

    अनुपम खेर ने यह भी कहा कि उन्हें अपने और दलेर मेहंदी के एक मित्र डॉ. जूल के माध्यम से पता चला था कि गायक पिछले दो से तीन वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहे हैं। ऐसे में संभव है कि खराब तबीयत के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम में आने का अपना वादा निभाया हो। खेर के मुताबिक यह उनके पेशेवर रवैये को दिखाता है। उन्होंने यह भी माना कि कार्यक्रम में लिप-सिंक किए जाने की संभावना हो सकती है लेकिन किसी प्रदर्शन को लेकर शिकायत होने का मतलब यह नहीं है कि कलाकार को सबके सामने अपमानित किया जाए।

    अनुपम खेर ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति से इस तरह सार्वजनिक मंच पर बात करना उचित नहीं है। उन्होंने दलेर मेहंदी से सहानुभूति जताते हुए कहा कि मनोरंजन जगत के लोगों को इस मामले पर चर्चा करनी चाहिए। खेर ने यह भी सवाल उठाया कि किसी कलाकार का बचाव करने की जिम्मेदारी सिर्फ उसके भाई या परिवार की नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार इंडस्ट्री के दूसरे लोगों को भी ऐसे मामलों में अपनी राय रखनी चाहिए और कलाकारों के सम्मान के लिए आगे आना चाहिए।

    अपने पोस्ट के कैप्शन में अनुपम खेर ने सीधे उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को दलेर मेहंदी के प्रदर्शन से कोई शिकायत थी तो उस पर निजी तौर पर और सम्मानजनक तरीके से बात की जा सकती थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या गायक को मंच पर सबके सामने अपमानित करना जरूरी था। खेर ने दलेर मेहंदी को असाधारण कलाकार और अच्छा इंसान बताते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना भी की।

    यह विवाद टिहरी जिले के नरेंद्र नगर में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी के प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इन वीडियो में मंत्री सुबोध उनियाल गायक के प्रदर्शन पर सवाल उठाते और उन्हें रुकने के लिए कहते नजर आए। रिपोर्टों के अनुसार मंत्री ने नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा को समर्पित कार्यक्रम में शराब के नशे में प्रस्तुति देने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद घटना नहीं देखी है।

    इस मामले में अनुपम खेर से पहले भी मनोरंजन जगत के कुछ कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं। रैपर बादशाह और कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी गायक के प्रति समर्थन जताया है। वहीं मीका सिंह ने अपने भाई दलेर मेहंदी की हालिया सर्जरी और स्वास्थ्य की स्थिति का जिक्र करते हुए उनका बचाव किया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर शिकायत दर्ज कराने के तरीके को लेकर बहस छेड़ दी है।

  • CJP आंदोलन की कमान किसके हाथ में थी, अभिजीत दिपके ने बताई अंदर की बात, बोले मैं तो सिर्फ दोनों के निर्देश मानता था

    CJP आंदोलन की कमान किसके हाथ में थी, अभिजीत दिपके ने बताई अंदर की बात, बोले मैं तो सिर्फ दोनों के निर्देश मानता था


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके ने अपने आंदोलन और पार्टी के नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले सौरव दास और आशुतोष रांका लेते थे जबकि वह खुद उनके निर्देशों का पालन करते थे। दिपके के इस बयान ने आंदोलन के नेतृत्व को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने दोनों नेताओं को अपना भाई और परिवार बताते हुए उनकी गिरफ्तारी पर भावनात्मक प्रतिक्रिया भी दी। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि दिवाली तक पार्टी की ओर से कोई प्रदर्शन आयोजित करने की योजना नहीं है।

    अभिजीत दिपके ने दशहरा के मौके पर करीब 16 मिनट का वीडियो संदेश जारी किया था। यह वीडियो उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने आंदोलन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और समर्थकों से कुछ समय के लिए विराम लेने की अपील की। दिपके ने कहा कि बाहर से लोगों को भले ही ऐसा लगता रहा हो कि आंदोलन का नेतृत्व वह कर रहे हैं लेकिन वास्तव में कई बड़े फैसले सौरव दास और आशुतोष रांका ही लेते थे। उनके मुताबिक दोनों उन्हें बताते थे कि अगले दिन कहां जाना है और क्या करना है।

    दिपके ने कहा कि सौरव और आशुतोष की निर्णय लेने की क्षमता उनसे बेहतर है। उन्होंने दोनों को केवल राजनीतिक सहयोगी नहीं बल्कि अपना भाई और परिवार बताया। दोनों की गिरफ्तारी से उन्हें गहरा भावनात्मक झटका लगा है। अपनी बात रखते हुए उन्होंने तीनों के बीच के निजी संबंधों का भी जिक्र किया। दिपके ने बताया कि उनका एक अलग व्हाट्सऐप ग्रुप था जिसमें वे एक दूसरे के साथ मीम्स साझा करते थे। उन्होंने कहा कि वह आज भी उस ग्रुप को खोलते हैं तो उन्हें ऐसा महसूस होता है कि दोनों अब भी उनके साथ मौजूद हैं।

    CJP संस्थापक ने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताएं और आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर फिलहाल आराम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिवाली तक पार्टी की ओर से किसी प्रदर्शन की योजना नहीं है। उनके इस ऐलान को मौजूदा परिस्थितियों के बीच आंदोलन की गतिविधियों में अस्थायी विराम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि आगे आंदोलन की रणनीति क्या होगी इस पर उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

    गौरतलब है कि सौरव दास और आशुतोष रांका 13 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई घटना के बाद न्यायिक हिरासत में हैं। आरोप है कि दोनों ने बंद गेट पार कर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया और पहले से हस्ताक्षरित पीस बॉन्ड का उल्लंघन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए जाने की भी बात सामने आई थी। दोनों नेताओं की हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।

    दिपके ने फ्रांस में हुए दंगों से CJP के प्रदर्शन की तुलना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने जेल जाने के बावजूद शांतिपूर्ण रास्ता चुना। उनके अनुसार दोनों ने गुस्से और नफरत के बजाय शांति और करुणा का रास्ता अपनाया। दिपके ने उनके इस रुख की तुलना महात्मा गांधी के सत्याग्रह से की और कहा कि जेल जाने के बाद भी उन्होंने अहिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा।

    अभिजीत दिपके के बयान से साफ है कि वह सौरव दास और आशुतोष रांका को आंदोलन की रणनीति और फैसलों में अहम भूमिका निभाने वाला मानते हैं। फिलहाल दिवाली तक प्रदर्शन स्थगित रखने के ऐलान के बाद सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि त्योहार के बाद CJP अपनी अगली रणनीति किस तरह तय करती है।

  • 21 अक्टूबर को खत्म हुआ तुलसी का सफर, वीरानी परिवार ने दुश्मनों से लिया बदला, फिनाले में लौट आईं पहले सीजन की यादें

    21 अक्टूबर को खत्म हुआ तुलसी का सफर, वीरानी परिवार ने दुश्मनों से लिया बदला, फिनाले में लौट आईं पहले सीजन की यादें


    नई दिल्ली। टीवी के चर्चित धारावाहिक क्योंकि सास भी कभी बहू थी के दूसरे सीजन का सफर 21 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गया। एकता कपूर के इस लोकप्रिय शो के आखिरी एपिसोड में दर्शकों को जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला। इसके साथ ही कहानी को ऐसा अंत दिया गया जिसमें पुराने रिश्तों की यादें भी थीं और नए घटनाक्रम का रोमांच भी। तुलसी और मिहिर की जोड़ी एक बार फिर साथ आई और वीरानी परिवार ने अपने दुश्मनों को सबक सिखाकर कहानी को खूबसूरत मोड़ पर समाप्त किया।

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 की शुरुआत 29 जुलाई 2025 को हुई थी। दूसरे सीजन की वापसी को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह था। इसकी सबसे बड़ी वजह स्मृति ईरानी का तुलसी के रूप में दोबारा टीवी पर नजर आना था। तुलसी का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है। हालांकि दूसरे सीजन को पहले सीजन जैसी लोकप्रियता नहीं मिल सकी लेकिन इसके किरदारों और कहानी को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी रही।

    सीजन 2 के आखिरी एपिसोड में कहानी का सबसे अहम मोड़ मिहिर की वापसी और तुलसी के साथ उसके दोबारा आने से जुड़ा रहा। अमर उपाध्याय के निभाए मिहिर के किरदार को कुछ समय के लिए कहानी से दूर रखा गया था लेकिन बाद के एपिसोड में उसकी वापसी ने घटनाओं को नया मोड़ दिया। मिहिर के साथ ही पहले सीजन की चर्चित विलेन मंदिरा भी फिर से सामने आई। उसकी वापसी ने दर्शकों को पुराने सीजन की याद दिलाई और कहानी में तनाव बढ़ा दिया।

    करीब एक घंटे के फिनाले में दिखाया गया कि मिहिर परिवार से अलग होने का केवल नाटक कर रहा था। उसका मकसद अपने परिवार के साथ मिलकर दुश्मनों की साजिश का पर्दाफाश करना था। तुलसी और मिहिर साथ आते हैं और तृप्ति तथा मंदिरा की चालों को सबके सामने उजागर करते हैं। इसके बाद कहानी में ऐसा घटनाक्रम आता है जो दर्शकों को चौंका देता है। मंदिरा को उसका अपना भाई अनुपम गोली मार देता है। मंदिरा और तृप्ति के रास्ते से हटने के बाद वीरानी परिवार एक बार फिर साथ आता है और खुशियां मनाता है।

    शो के निर्माताओं ने इसके अंत को सिर्फ ड्रामे तक सीमित नहीं रखा बल्कि पुरानी यादों को भी इसमें खास जगह दी। फिनाले के आखिरी हिस्से में पहले सीजन की तस्वीरें और वीडियो दिखाए गए। दर्शकों को पुराने तुलसी और मिहिर की झलक देखने को मिली। इसके अलावा बा और मिहिर की मां सहित कई पुराने किरदारों की यादें भी ताजा की गईं। इस तरह कहानी को भावनात्मक अंदाज में विदाई दी गई।

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी का पहला सीजन साल 2000 से 2008 तक प्रसारित हुआ था। यह उस दौर के सबसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में शामिल रहा। इसके किरदार घर-घर में पहचाने जाते थे। मिहिर की मौत और फिर उसकी वापसी वाले घटनाक्रम ने उस समय दर्शकों के बीच जबरदस्त भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा की थी। यही वजह है कि इस शो की पुरानी यादें आज भी लोगों के लिए खास हैं।

    साल 2025 में दूसरे सीजन की घोषणा के साथ एक बार फिर दर्शकों को तुलसी और मिहिर की कहानी से जुड़ने का मौका मिला। अब 21 अक्टूबर 2026 को इसका समापन हो गया है। तुलसी और मिहिर के मिलन तथा पहले सीजन की झलकियों के साथ खत्म हुआ यह सफर पुराने प्रशंसकों के लिए यादगार विदाई बन गया।

  • दशहरे पर सलमान खान का देशभक्ति वाला तोहफा, ‘जय हिंद’ गाने से मचाई धूम, मजेदार कैप्शन ने खींचा सबका ध्यान

    दशहरे पर सलमान खान का देशभक्ति वाला तोहफा, ‘जय हिंद’ गाने से मचाई धूम, मजेदार कैप्शन ने खींचा सबका ध्यान


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपनी आने वाली फिल्म मातृभूमि को लेकर लगातार चर्चा में हैं। दशहरे के मौके पर अभिनेता ने फिल्म का देशभक्ति से भरपूर गाना जय हिंद रिलीज कर दिया है। गाने के साथ सलमान ने सोशल मीडिया पर ऐसा मजेदार कैप्शन भी लिखा जिसने प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया। उन्होंने देश के प्रति प्यार और सम्मान को केवल खास दिनों तक सीमित रखने के बजाय पूरे साल बनाए रखने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने गाने को पसंद नहीं करने वालों के लिए भी हल्के-फुल्के अंदाज में एक टिप्पणी की। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है और इस गाने ने फिल्म को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है।

    सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जय हिंद का लिरिकल वीडियो साझा करते हुए लिखा कि अपनी मातृभूमि के प्रति प्यार सम्मान और देशभक्ति दिखाने के लिए साल के केवल दो दिन पर्याप्त नहीं हैं। देश के प्रति यह भावना पूरे साल रहनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उम्मीद है लोगों को गाना पसंद आएगा और अगर पसंद नहीं आया तो हिमेश रेशमिया और स्टेबिन बेन के इंस्टाग्राम या एक्स हैंडल तो मौजूद हैं। सलमान के इस अंदाज को उनकी चुटीली सोशल मीडिया शैली से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिल्म के गाने में सलमान खान सैन्य वर्दी में नजर आ रहे हैं। बर्फ से ढकी खूबसूरत लोकेशन और देशभक्ति के भाव गीत को खास बनाते हैं। वीडियो में सलमान और अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह के बीच भी शानदार केमिस्ट्री दिखाई गई है। गाने की झलक से यह संकेत मिलता है कि फिल्म में देश की रक्षा करने वाले एक सैनिक की जिम्मेदारियों के साथ उसके पारिवारिक जीवन को भी अहमियत दी गई है। सलमान के किरदार के परिवार और बच्चों से जुड़े दृश्य कहानी में भावनात्मक पहलू जोड़ते नजर आते हैं।

    जय हिंद गाने को हिमेश रेशमिया ने कंपोज किया है जबकि इसे स्टेबिन बेन ने अपनी आवाज दी है। देशभक्ति के जज्बे और भावनात्मक दृश्यों से सजे इस गीत के जरिए फिल्म की कहानी को लेकर भी दर्शकों के बीच दिलचस्पी बढ़ी है। सलमान खान के प्रशंसक लंबे समय से उन्हें एक अलग और गंभीर भूमिका में देखने का इंतजार कर रहे हैं। सैन्य वर्दी में उनका अंदाज इस उत्सुकता को और बढ़ाता है।

    मातृभूमि का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। फिल्म वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प से प्रेरित बताई जा रही है। उस घटना में दोनों पक्षों के सैनिकों की जान गई थी। सीमा पर उस समय हुई झड़प में आग्नेयास्त्रों के बजाय हाथापाई और पारंपरिक हथियारों के इस्तेमाल की खबरें सामने आई थीं। इसी वास्तविक घटना की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म में सैन्य साहस और देश के लिए समर्पण जैसे विषय देखने को मिल सकते हैं।

    फिल्म की शूटिंग पूरी होने की खबरें पहले सामने आ चुकी हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी संभावित रिलीज तारीख 13 नवंबर बताई गई है लेकिन निर्माताओं की ओर से आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में दर्शकों को फिल्म की रिलीज से जुड़ी अंतिम घोषणा का इंतजार है। फिलहाल जय हिंद गाने के जरिए सलमान खान ने अपनी फिल्म को चर्चा में ला दिया है।

  • OTT पर मनोरंजन की पूरी डोज तैयार, JioHotstar पर आएंगी 7 नई फिल्में और सीरीज, क्राइम थ्रिलर से भक्ति तक मिलेगा सबकुछ

    OTT पर मनोरंजन की पूरी डोज तैयार, JioHotstar पर आएंगी 7 नई फिल्में और सीरीज, क्राइम थ्रिलर से भक्ति तक मिलेगा सबकुछ


    नई दिल्ली। ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखने वालों के लिए यह हफ्ता काफी खास रहने वाला है। जियोहॉटस्टार पर 20 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच मनोरंजन के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। इस सप्ताह प्लेटफॉर्म पर एनिमेशन और सुपरनैचुरल फैंटेसी से लेकर क्राइम थ्रिलर और धार्मिक कहानियों पर आधारित फिल्में व सीरीज रिलीज होने वाली हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए खास कंटेंट मौजूद रहेगा तो वहीं पौराणिक कथाओं में दिलचस्पी रखने वाले दर्शकों को भी नई पेशकश देखने को मिलेगी। इस लिस्ट में मोआना और द लेजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन खास आकर्षण हैं। अगर आप त्योहारों के इस मौसम में घर बैठे मनोरंजन करना चाहते हैं तो इन सात फिल्मों और सीरीज को अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

    1. बिट्टू बहानेबाज एक का तीन

    इस सप्ताह की शुरुआत बिट्टू बहानेबाज एक का तीन नाम की हिंदी मिनी एनिमेटेड फिल्म से हो चुकी है। यह 20 अक्टूबर को जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई है। इसकी कहानी बिट्टू नाम के एक लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी तीन अलग-अलग पहचान बनाता है। बच्चों और हल्की-फुल्की मनोरंजक कहानियां पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक दिलचस्प विकल्प हो सकती है।

    2. महिषासुर वध

    धार्मिक कहानियों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए महिषासुर वध रिलीज हुई है। 20 अक्टूबर से उपलब्ध इस हिंदी फिल्म में देवी दुर्गा और महिषासुर से जुड़ी पौराणिक कथा दिखाई जाएगी। देवी शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत की कहानी पसंद करने वालों को यह फिल्म आकर्षित कर सकती है।

    3. मोआना

    21 अक्टूबर को मोआना रिलीज होगी। यह कहानी एक साहसी लड़की की है जिसका समुद्र से गहरा संबंध है। अपने साहस और दृढ़ संकल्प के दम पर वह कई चुनौतियों का सामना करती है और अपने लोगों की मदद करने के लिए आगे बढ़ती है। फिल्म अंग्रेजी में उपलब्ध होगी और डब भाषा का विकल्प भी दिया जाएगा। एनिमेशन और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यह खास पेशकश है।

    4. अप्सरा

    21 अक्टूबर से अप्सरा नाम का सुपरनैचुरल फैंटेसी शो भी शुरू होने वाला है। इसकी कहानी दो बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है जिनके पास अलग-अलग शक्तियां हैं। समुद्र मंथन और अमृत कलश से प्रेरित इस कहानी में रहस्य और कल्पना का मेल देखने को मिलेगा। यह शो स्टार प्लस पर रात 10 बजे प्रसारित होगा।

    5. वरम

    तेलुगू फिल्म वरम 22 अक्टूबर को जियोहॉटस्टार पर आएगी। यह क्राइम थ्रिलर कहानी राजू नाम के एक गरीब लड़के की जिंदगी पर आधारित है। उसे एक वरदान मिलता है जिसके बाद उसकी जिंदगी में बड़े बदलाव आने लगते हैं। कहानी में आगे क्या होता है और यह वरदान उसके लिए किस तरह की परिस्थितियां पैदा करता है यह देखना दिलचस्प होगा।

    6. द लेजेंड ऑफ हनुमान सीजन 7

    23 अक्टूबर को लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज द लेजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन रिलीज होने वाला है। भगवान हनुमान की वीरता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत करने वाली इस सीरीज को पहले भी दर्शकों का प्यार मिला है। इसमें शरद केलकर ने अपनी आवाज दी है। नए सीजन को लेकर धार्मिक और एनिमेशन कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों में उत्सुकता है।

    7. हैपीज प्लेस सीजन 3

    23 अक्टूबर को अंग्रेजी कॉमेडी सीरीज हैपीज प्लेस का तीसरा सीजन भी आएगा। पिछले सीजन में बॉबी और एम्मेट के रिश्ते से जुड़ा दिलचस्प मोड़ देखने को मिला था। अब नए सीजन में कहानी किस दिशा में आगे बढ़ेगी यह दर्शकों के लिए उत्सुकता का विषय है।

    कुल मिलाकर जियोहॉटस्टार पर इस सप्ताह हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। धार्मिक कहानियों से लेकर एडवेंचर और क्राइम थ्रिलर तक की यह सूची ओटीटी प्रेमियों के लिए मनोरंजन के कई विकल्प लेकर आई है।