Author: bharati

  • निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में कांग्रेस को झटका, विधायकी रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की..

    निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में कांग्रेस को झटका, विधायकी रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की..

    मध्य प्रदेश: की राजनीति में चर्चित विधायक निर्मला सप्रे के कथित दल-बदल मामले में कांग्रेस को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड में ऐसे पर्याप्त और आधिकारिक साक्ष्य नहीं हैं, जिनके आधार पर यह माना जा सके कि विधायक ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है या उन्हें कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

    यह मामला कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग की थी कि बीना विधानसभा क्षेत्र की विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता दल-बदल कानून के तहत समाप्त की जाए। उनका तर्क था कि विधायक ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया और पार्टी से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया, जिससे उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।

    मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह प्रमाणित हो कि निर्मला सप्रे को आधिकारिक रूप से कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि भाजपा की विधिवत सदस्यता ग्रहण करने का भी कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। केवल आरोपों या सार्वजनिक गतिविधियों के आधार पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश देना उचित नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि दल-बदल से संबंधित कार्यवाही पहले से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार संविधान और कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष को प्राप्त है। इसलिए न्यायालय इस स्तर पर विधानसभा अध्यक्ष को किसी निश्चित समय सीमा में निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अदालत ने माना कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई ऐसी असाधारण परिस्थिति नहीं है, जो न्यायिक आदेश की आवश्यकता पैदा करे।

    पूरा विवाद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। कांग्रेस का आरोप था कि निर्मला सप्रे ने भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार किया और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मई 2024 में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। जब इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर मौजूद तस्वीरें एवं वीडियो विधायक के भाजपा से जुड़ाव को दर्शाते हैं। हालांकि अदालत ने माना कि इस प्रकार की सामग्री अपने आप में औपचारिक सदस्यता का पर्याप्त कानूनी प्रमाण नहीं मानी जा सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दल-बदल से जुड़े मामलों में निर्णय तथ्यों और वैधानिक प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाएगा।

    निर्मला सप्रे ने वर्ष 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार महेश राय को 6,155 मतों के अंतर से पराजित किया था। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता बरकरार रहेगी, जबकि दल-बदल से जुड़ी आगे की प्रक्रिया विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष जारी रहेगी।

  • ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर की युवा हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने अपनी प्रतिभा और लगातार मेहनत के दम पर भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में जगह बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनका चयन आगामी यूनाइटेड किंगडम दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में हुआ है। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में आयोजित होने वाले टेस्ट मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इस उपलब्धि से ग्वालियर ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम पांच जुलाई से शुरू होने वाले यूनाइटेड किंगडम दौरे पर स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ कई टेस्ट मैच खेलेगी। इस दौरे को युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कृष्णा शर्मा भी इसी टीम का हिस्सा बनकर अपने प्रदर्शन से भारतीय हॉकी में नई पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं।

    कृष्णा शर्मा की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में उन्हें सामाजिक सोच और कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हॉकी खेलते समय स्कर्ट पहनने को लेकर लोगों ने ताने भी दिए, लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल और प्रदर्शन पर केंद्रित रखा। आज वही संघर्ष उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है और वह भारतीय टीम की जर्सी पहनने जा रही हैं।

    साधारण परिवार से आने वाली कृष्णा को उनके परिवार का हर कदम पर पूरा सहयोग मिला। उनके पिता सुनील शर्मा ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी के सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। परिवार के प्रोत्साहन और अपनी मेहनत के बल पर कृष्णा ने लगातार आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना भी साकार कर लिया है।

    कृष्णा ने वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से अपने खेल करियर की शुरुआत की थी। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के दम पर उन्होंने कम समय में शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2023 में उन्हें भारतीय अंडर-18 टीम के साथ नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित टेस्ट सीरीज में खेलने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया तथा आगे बढ़ने की नई दिशा दी।

    पिछले कुछ वर्षों में कृष्णा ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के साथ दो बार प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, चरनजीत राय नेहरू गर्ल्स हॉकी टूर्नामेंट, हॉकी इंडिया जूनियर वेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप और इंटर ज़ोन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कई प्रतियोगिताओं में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान भी मिला, जिसने उनके खेल करियर को नई ऊंचाई दी।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के बाद ग्वालियर और पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि कृष्णा आने वाले वर्षों में सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में भी अपनी जगह बना सकती हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। कृष्णा शर्मा की उपलब्धि प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो खेल के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।

  • मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर

    मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर


    मध्य प्रदेश:  में शुक्रवार का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिनभर राजधानी भोपाल में आयोजित विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वहीं लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह, भारतीय जनता पार्टी के डिजिटल प्रशिक्षण अभियान, राज्यपाल के कार्यकाल को लेकर संभावित चर्चाओं और प्रशासनिक समीक्षा बैठकों से जुड़े मुद्दों पर भी पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिन दोपहर से शुरू होने वाले कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से व्यस्त रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 12 बजे रविंद्र भवन पहुंचकर लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में भाग लेंगे। शाम पांच बजे आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी, जबकि शाम छह बजे मानस भवन में आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री सहभागिता करेंगे।

    आपातकाल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदी परिवारों के सम्मान के लिए विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में करीब दो हजार मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों का सम्मान करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है।

    भारतीय जनता पार्टी भी शुक्रवार को अपने संगठनात्मक अभियान के तहत बड़े स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगी। बूथ और मंडल स्तर के लगभग सात लाख कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन परीक्षा संगठन के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण में पार्टी की विचारधारा, संगठन का विकास, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं और नेतृत्व से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। पार्टी का लक्ष्य छह जुलाई तक पूरे प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है।

    प्रदेश की राजनीति में राज्यपाल के पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल छह जुलाई को पूरा होने जा रहा है। करीब डेढ़ दशक बाद ऐसा अवसर आया है जब मध्य प्रदेश का कोई राज्यपाल अपना निर्धारित पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेगा। अब यह निर्णय राष्ट्रपति स्तर पर लिया जाएगा कि मंगूभाई पटेल को दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

    इधर प्रशासनिक स्तर पर भी हाल ही में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर सम्मेलन की चर्चा जारी है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कई जिलों के प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य संकेतकों में अपेक्षित सुधार नहीं होने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    कुल मिलाकर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में शासन, प्रशासन और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने वाले हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशासनिक समीक्षा और संवैधानिक पदों से जुड़े संभावित निर्णयों तक, पूरे दिन प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियां सुर्खियों में बनी रहने की संभावना है।

  • 26 जून महाकाल भस्म आरती में त्रिपुंड और चंद्र से सजे भगवान महाकाल, दिव्य श्रृंगार और वैदिक अनुष्ठानों के बीच उमड़ा श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब

    26 जून महाकाल भस्म आरती में त्रिपुंड और चंद्र से सजे भगवान महाकाल, दिव्य श्रृंगार और वैदिक अनुष्ठानों के बीच उमड़ा श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर प्रातःकालीन भस्म आरती श्रद्धा, परंपरा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। तड़के चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। पूरे मंदिर परिसर में शिवभक्ति का वातावरण बना रहा और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा।

    मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया। इसके उपरांत भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार दूध, दही, घी, शहद और विभिन्न फलों के रस से तैयार पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। इसके बाद भगवान को भांग, चंदन और सुगंधित द्रव्यों का लेप अर्पित किया गया तथा आभूषणों और पुष्पों से उनका आकर्षक श्रृंगार किया गया।

    भस्म आरती की प्रक्रिया के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को परंपरानुसार वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा विविध पुष्पमालाएं अर्पित कर अलंकृत किया गया। त्रिपुंड और चंद्र से सुसज्जित भगवान महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।

    सनातन परंपरा में महाकाल की भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि भस्म अर्पण के उपरांत भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन तड़के होने वाली इस आरती में देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। भस्म आरती को देखने और भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने को श्रद्धालु अत्यंत पुण्यदायी मानते हैं।

    आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित नंदी महाराज के दर्शन भी किए। परंपरा के अनुसार अनेक श्रद्धालु नंदी महाराज के कान के समीप अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हुए सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करते दिखाई दिए। पूरे मंदिर परिसर में ‘जय श्री महाकाल’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष लगातार गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय बना रहा।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। प्रतिदिन होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, प्राचीन धार्मिक विधियों और सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाता है। शुक्रवार को संपन्न हुई विशेष भस्म आरती में भी श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक संतोष का अनुभव कराया।

  • 26 जून आज का मौसम अपडेट: 21 राज्यों में बारिश-आंधी का बड़ा अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

    26 जून आज का मौसम अपडेट: 21 राज्यों में बारिश-आंधी का बड़ा अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

    नई दिल्ली । देश के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने अब करवट लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने 26 जून के लिए व्यापक वर्षा, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण वर्षा गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिलेगी। निचले वायुमंडलीय स्तरों पर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में विकसित मौसमीय परिस्थितियां इस बदलाव की प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।

    पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तराखंड सहित अनेक राज्यों में वर्षा गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के झोंके 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। इसके चलते लोगों को खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और बड़े पेड़ों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। खेतों में काम करने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी अपनाने को कहा गया है।

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम के बदलने के संकेत हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी वर्षा और आंधी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी भारत के राज्यों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

    राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश की संभावना है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। इन क्षेत्रों में वर्षा के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है, क्योंकि कुछ स्थानों पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा गतिविधियों में यह वृद्धि मानसून के आगे बढ़ने का संकेत है। इससे देश के कई हिस्सों में लंबे समय से बनी गर्मी की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। हालांकि जहां एक ओर बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाएं चुनौती भी बन सकती हैं। इसलिए नागरिकों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और आवश्यक सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

  • दीपक जलाने में न करें ये गलतियां, वरना पूजा का पूरा फल हो सकता है प्रभावित

    दीपक जलाने में न करें ये गलतियां, वरना पूजा का पूरा फल हो सकता है प्रभावित

    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति का भी प्रतीक माना जाता है। इसलिए घर के मंदिर या किसी भी पूजा स्थल पर दीपक जलाते समय शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है।

    मान्यता है कि विधि-विधान से जलाया गया दीपक घर में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। वहीं नियमों की अनदेखी करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता। ऐसे में दीपक जलाने का सही समय, दिशा, मंत्र और विधि जानना जरूरी है।

    दीपक जलाने का सही समय

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिन में दो बार दीपक जलाना शुभ माना जाता है। पहला दीपक सूर्योदय के समय और दूसरा सूर्यास्त के बाद संध्या काल में जलाना चाहिए। सुबह लगभग 5 बजे से 7 बजे के बीच तथा शाम को 5:30 बजे से 7:30 बजे के बीच दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मौसम और स्थान के अनुसार समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

    शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।

    दीपक जलाने की सही विधि

    पूजा के लिए मिट्टी, पीतल या तांबे का दीपक उपयोग किया जा सकता है। दीपक जलाने से पहले उसे अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। यदि मिट्टी का दीपक हो तो उसे कुछ समय पानी में भिगोकर सुखा लेना उचित माना जाता है।

    इसके बाद दीपक में गाय का घी, तिल का तेल या सरसों का तेल डालें। बाती को अच्छी तरह घी या तेल में भिगोकर दीपक में स्थापित करें। ध्यान रखें कि दीपक टूटा हुआ, खंडित या गंदा न हो क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।

    एक दीपक की लौ से दूसरा दीपक जलाने से भी बचना चाहिए। साथ ही दीपक में पर्याप्त तेल या घी रखें ताकि वह बीच में बुझ न जाए।

    दीपक जलाते समय करें इस मंत्र का जाप

    दीपक प्रज्वलित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है—

    शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा।
    शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥

    मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से दीपक की आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है।

    दीपक जलाने की सही दिशा

    शास्त्रों के अनुसार घी का दीपक भगवान के दाईं ओर तथा तेल का दीपक बाईं ओर रखना चाहिए। दीपक की लौ का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना गया है।

    पूर्व दिशा में रखा गया दीपक आयु और यश में वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं उत्तर दिशा में दीपक रखने से धन, वैभव और समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है।

    दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है। इसलिए सामान्य पूजा में इस दिशा में दीपक नहीं रखा जाता। विशेष पितृ कर्म या धार्मिक अवसरों पर ही इसका उपयोग किया जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा, नियम और विधि के साथ जलाया गया दीपक जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा घर के वातावरण को पवित्र बनाता है।

  • ‘कमाल और मीना’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता, कियारा आडवाणी के नाम पर अटकलें तेज; निर्देशक ने कास्टिंग पर तोड़ी चुप्पी

    ‘कमाल और मीना’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता, कियारा आडवाणी के नाम पर अटकलें तेज; निर्देशक ने कास्टिंग पर तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल कमाल अमरोही और मीना कुमारी के रिश्ते को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। फिल्म ‘कमाल और मीना’ को लेकर दर्शकों के बीच लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई है। खासकर तब से, जब यह चर्चा सामने आई कि अभिनेत्री कियारा आडवाणी इस फिल्म में मीना कुमारी का किरदार निभा सकती हैं। अब इन अटकलों के बीच फिल्म के निर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने कास्टिंग को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    निर्देशक ने स्पष्ट किया है कि फिल्म की कास्टिंग प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है और किसी भी कलाकार के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण केवल कलाकारों के चयन तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें बजट, प्रोडक्शन योजना और कई अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है। ऐसे में जब तक सभी स्तरों पर सहमति नहीं बनती, तब तक किसी भी नाम को अंतिम नहीं माना जा सकता।

    फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों और फिल्म प्रेमियों के बीच यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि मीना कुमारी जैसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली व्यक्तित्व की भूमिका कौन निभाएगा। कियारा आडवाणी का नाम सामने आने के बाद इस चर्चा ने और गति पकड़ ली। हालांकि निर्देशक के ताजा बयान से साफ हो गया है कि फिलहाल किसी अभिनेत्री के चयन को लेकर आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

    फिल्म ‘कमाल और मीना’ की सबसे खास बात इसकी शोध आधारित कहानी मानी जा रही है। निर्देशक के अनुसार फिल्म की पटकथा तैयार हो चुकी है और इसके लिए कमाल अमरोही तथा मीना कुमारी से जुड़े निजी दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया गया है। बताया गया है कि कहानी दोनों के बीच लिखे गए लगभग 2000 प्रेम पत्रों और निजी डायरी नोट्स पर आधारित होगी। यही वजह है कि फिल्म को केवल एक जीवनी आधारित परियोजना नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक महत्वपूर्ण अध्याय के दस्तावेजी पुनर्सृजन के रूप में भी देखा जा रहा है।

    मीना कुमारी को हिंदी सिनेमा की सबसे संवेदनशील और प्रभावशाली अभिनेत्रियों में गिना जाता है। उनकी फिल्मों, अभिनय शैली और निजी जीवन ने दशकों तक दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं कमाल अमरोही अपने दौर के प्रतिष्ठित फिल्मकारों में शामिल रहे हैं। दोनों की निजी और पेशेवर यात्रा भारतीय सिनेमा के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। ऐसे में इस कहानी को पर्दे पर उतारने की चुनौती भी काफी बड़ी मानी जा रही है।

    फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, निर्माता और निर्देशक ऐसे कलाकारों की तलाश में हैं जो इन ऐतिहासिक किरदारों की गंभीरता और भावनात्मक गहराई को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। इसी कारण कास्टिंग प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जा रही है।

    उधर कियारा आडवाणी भी इन दिनों अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। उनकी अगली बड़ी फिल्म ‘टॉक्सिक’ रिलीज की तैयारी में है, जिसमें कई चर्चित कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। ऐसे में यदि भविष्य में ‘कमाल और मीना’ के लिए उनका नाम आधिकारिक रूप से घोषित होता है, तो यह उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित भूमिकाओं में से एक साबित हो सकती है।

    फिलहाल दर्शकों की नजर फिल्म की आधिकारिक कास्टिंग घोषणा पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर तस्वीर और स्पष्ट कर सकती है।

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, लेकिन टैरिफ बढ़त के बिना लागू नहीं होगा समझौता: पीयूष गोयल

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, लेकिन टैरिफ बढ़त के बिना लागू नहीं होगा समझौता: पीयूष गोयल

    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति होने के बावजूद इसके क्रियान्वयन पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच समझौते की रूपरेखा लगभग तय हो चुकी है, लेकिन भारत तब तक इसे लागू नहीं करेगा जब तक उसे अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में स्पष्ट और प्रभावी टैरिफ लाभ प्राप्त नहीं हो जाता।

    लंदन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार कार्यक्रम के दौरान गोयल ने कहा कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते का मूल उद्देश्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर बाजार पहुंच हासिल करना होता है। भारत चाहता है कि उसे अमेरिका के साथ व्यापार में ऐसी टैरिफ व्यवस्था मिले, जिससे वह चीन, वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार और फिलीपींस जैसे देशों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ सके।

    उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच इस समझौते की बुनियादी सहमति इसी वर्ष फरवरी में बन गई थी। दोनों देशों ने समझौते की व्यापक रूपरेखा पर सहमति जताई थी और उसके बाद से तकनीकी, कानूनी तथा टैरिफ संबंधी विवरणों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। गोयल के अनुसार समझौते को लेकर किसी प्रकार की अस्पष्टता नहीं है, बल्कि अब केवल उन शर्तों को सुनिश्चित किया जा रहा है जो भारत के व्यापारिक हितों को मजबूत करें।

    व्यापार मंत्रालय का मानना है कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और ऐसे समय में किसी भी समझौते का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब उससे निर्यातकों को प्रत्यक्ष आर्थिक फायदा प्राप्त हो। इसी कारण भारत अमेरिका के साथ ऐसी टैरिफ संरचना चाहता है जो उसके उद्योगों और निर्यातकों को अन्य प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले बढ़त प्रदान करे।

    फरवरी में हुई अंतरिम सहमति के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर कुछ श्रेणियों में शुल्क दरों को कम करने पर सहमत हुआ था। इसके साथ ही कुछ अतिरिक्त शुल्कों में राहत देने पर भी चर्चा हुई थी, जिससे भारतीय निर्यातकों को फायदा मिल सकता था। उस समय प्रस्तावित व्यवस्था को भारत के लिए लाभकारी माना गया था क्योंकि इससे कई एशियाई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर व्यापारिक स्थिति बनने की संभावना थी।

    हालांकि इसके बाद अमेरिका में कानूनी और नीतिगत परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिला। अमेरिकी न्यायिक प्रक्रिया और टैरिफ प्राधिकरण से जुड़े निर्णयों के कारण व्यापार नीति को लेकर कुछ नई अनिश्चितताएं सामने आईं। इसी दौरान अस्थायी टैरिफ व्यवस्था लागू की गई, जिसकी समयसीमा जुलाई के अंत तक निर्धारित है। भारत अब उस अवधि के बाद बनने वाली अंतिम टैरिफ संरचना का इंतजार कर रहा है।

    इसके समानांतर अमेरिका ने कुछ व्यापारिक मामलों को लेकर जांच प्रक्रियाएं भी शुरू की हैं, जिनके निष्कर्ष भविष्य की शुल्क व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। भारत इन सभी पहलुओं का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर रहा है ताकि किसी भी समझौते का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह रुख उसके बदलते आर्थिक आत्मविश्वास को दर्शाता है। सरकार अब केवल व्यापार समझौते करने पर जोर नहीं दे रही, बल्कि ऐसे समझौते चाहती है जो भारतीय उद्योगों, निर्यातकों और निवेशकों को वास्तविक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करें। आने वाले हफ्तों में अमेरिका की अंतिम टैरिफ नीति और जांच संबंधी निष्कर्ष सामने आने के बाद दोनों देशों के बीच इस बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।

  • शनि प्रदोष व्रत 2026: शिव-शनि की कृपा से मिलेगा ऋण मुक्ति का आशीर्वाद, जानें चमत्कारी उपाय

    शनि प्रदोष व्रत 2026: शिव-शनि की कृपा से मिलेगा ऋण मुक्ति का आशीर्वाद, जानें चमत्कारी उपाय


    नई दिल्ली । ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला शनि प्रदोष व्रत इस वर्ष 27 जून 2026 को मनाया जाएगा। शनिवार के दिन प्रदोष व्रत होने के कारण इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और शनि देव दोनों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में जो लोग लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबे हैं या आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।

    पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 जून की रात 10:22 बजे से होगी और 28 जून की मध्यरात्रि 12:43 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल को ध्यान में रखते हुए 27 जून को व्रत और पूजा की जाएगी। इस दौरान भगवान शिव की आराधना और शनि देव की उपासना करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

    धार्मिक ग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार शनि प्रदोष व्रत पर शिवलिंग का विशेष अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रदोष काल में काले तिल मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करने और भगवान शिव का ध्यान करने से ऋण संबंधी समस्याओं में राहत मिलने की मान्यता है। श्रद्धापूर्वक की गई यह पूजा आर्थिक संकटों को कम करने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

    शिव पुराण में वर्णित ऋणमुक्तेश्वर महादेव की उपासना भी इस दिन विशेष फलदायी मानी गई है। मान्यता है कि शनि प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हुए ऋणमुक्तेश्वर महादेव का स्मरण करने से भारी से भारी कर्ज से मुक्ति का मार्ग खुल सकता है। यह उपाय आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति प्रदान करने वाला माना जाता है।

    दान को भी शनि प्रदोष व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। जरूरतमंद लोगों को काले तिल, सरसों का तेल या काले वस्त्र दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में आर्थिक उन्नति के नए अवसर प्राप्त होते हैं और कर्ज का बोझ कम होने लगता है।

    यदि धन संबंधी परेशानियां लगातार बनी हुई हैं तो शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है। वहीं पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

    शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान लोग इस दिन काले तिल, भोजन और कंबल का दान कर सकते हैं। इसके अलावा शनि देव के समक्ष बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    धार्मिक दृष्टि से शनि प्रदोष व्रत आत्मिक शुद्धि, मानसिक शांति और ईश्वर कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए उपाय व्यक्ति को नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकते हैं।

  • भारत पर अमेजन का बड़ा दांव, 2030 तक 48 अरब डॉलर निवेश; 38 लाख रोजगार और AI विस्तार का रोडमैप तैयार

    भारत पर अमेजन का बड़ा दांव, 2030 तक 48 अरब डॉलर निवेश; 38 लाख रोजगार और AI विस्तार का रोडमैप तैयार


    नई दिल्ली । भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षमता पर भरोसा जताते हुए अमेजन ने देश में बड़े निवेश का ऐलान किया है। अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद घोषणा की कि कंपनी वर्ष 2030 तक भारत में 48 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इस निवेश का बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर केंद्रित होगा। यह फैसला भारत को वैश्विक डिजिटल और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक के बाद एंडी जेसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत में अमेजन की यात्रा अभी शुरुआत भर है। उन्होंने कहा कि कंपनी पिछले एक दशक से देश के ग्राहकों, विक्रेताओं, स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रही है और आने वाले वर्षों में इस साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।

    जेसी ने बताया कि अगले पांच वर्षों में किए जाने वाले कुल 48 अरब डॉलर के निवेश में 21 अरब डॉलर से अधिक राशि केवल एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च की जाएगी। इसके साथ ही 2026 से 2030 के बीच भारत में अमेजन का कुल नियोजित एआई और क्लाउड निवेश 21 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा, जो इस क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में से एक माना जा रहा है।

    अमेजन वेब सर्विसेज के तहत मुंबई और हैदराबाद स्थित डेटा सेंटर नेटवर्क का भी विस्तार किया जाएगा। इससे भारतीय स्टार्टअप्स, उद्योगों और सरकारी संस्थानों को आधुनिक एआई तकनीक, एडवांस्ड कंप्यूटिंग क्षमता, सुरक्षित क्लाउड सेवाएं और अत्याधुनिक डेवलपर टूल्स तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी। कंपनी का मानना है कि इससे भारत की डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मकता और नवाचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    अमेजन ने रोजगार सृजन को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी के अनुसार वर्ष 2030 तक लगभग 38 लाख रोजगार अवसरों का समर्थन किया जाएगा। इसके अलावा 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अमेजन का उद्देश्य देश के 1.5 करोड़ छोटे व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और 40 लाख सरकारी स्कूलों के छात्रों तक एआई आधारित शिक्षा और तकनीकी अवसर पहुंचाना भी है।

    कंपनी ने अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की भी योजना बनाई है। इस वर्ष देशभर में 20 से अधिक नए फुलफिलमेंट सेंटर और 100 से ज्यादा नए लास्ट माइल डिलीवरी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे खासकर टियर-3 और टियर-4 शहरों में ग्राहकों को तेज और भरोसेमंद डिलीवरी सुविधा मिलेगी। साथ ही डिलीवरी सहयोगियों के कल्याण के लिए सम्मान नामक विशेष कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।

    अमेजन के अनुसार वर्ष 2010 से 2030 तक भारत में कंपनी का कुल निवेश 88 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा। कंपनी का कहना है कि उसने अब तक 1.2 करोड़ छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाने में मदद की है, 20 अरब डॉलर से अधिक के ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा दिया है और 28 लाख रोजगारों का समर्थन किया है। इसके अलावा 1 करोड़ से अधिक भारतीयों को क्लाउड स्किल्स की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।

    एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत में ई-कॉमर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेजन भारत के विकसित और आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में दीर्घकालिक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।