Author: bharati

  • राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के लिए एनसीईआरटी समिति का पुनर्गठन, नवंबर तक आएगी 11वीं कक्षा की नई किताब

    राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के लिए एनसीईआरटी समिति का पुनर्गठन, नवंबर तक आएगी 11वीं कक्षा की नई किताब

    नई दिल्ली । राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने स्कूली शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बनाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने कक्षा 11वीं और 12वीं की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकें तैयार करने के लिए 20 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम का पुनर्गठन किया है। इस नई समिति में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों, स्कूल शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

    पुनर्गठित समिति में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी और उत्कल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल हैं। इस 20 सदस्यीय टीम की संरचना में विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विशेषज्ञों का समावेश किया गया है, ताकि अध्ययन सामग्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संतुलित और समृद्ध बनाया जा सके।

    पाठ्यपुस्तक विकास दल की कमान प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और शिक्षाविद संदीप शास्त्री को सौंपी गई है। समिति को दोनों कक्षाओं की पुस्तकों के निर्माण के लिए स्पष्ट समयसीमा प्रदान की गई है। इसके तहत कक्षा 11वीं की राजनीतिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक को 30 नवंबर 2026 तक अंतिम रूप दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि कक्षा 12वीं की नई पुस्तक 30 जुलाई 2027 तक तैयार की जाएगी।

    एनसीईआरटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 के तहत संचालित की जाएगी। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह सामाजिक विज्ञान, भारतीय ज्ञान प्रणाली, पर्यावरण शिक्षा और आधुनिक शिक्षाशास्त्र से जुड़े विभिन्न समूहों के मार्गदर्शन में कार्य करे। तैयार की जाने वाली सामग्री को अंतिम स्वीकृति देने, प्रकाशित करने और वितरित करने का दायित्व परिषद के पास ही रहेगा।

    शैक्षणिक सुधारों की इस श्रृंखला के तहत मध्य प्रदेश सहित देश भर के स्कूलों में नए सत्र के अनुसार पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नई पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा के दौरान समावेशन, सांस्कृतिक जुड़ाव, आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों और भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    अकादमिक जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि विषय विशेषज्ञों के व्यापक अनुभव से तैयार होने वाली ये नई किताबें विद्यार्थियों को राजनीतिक सिद्धांतों और भारतीय शासन व्यवस्था की गहरी समझ प्रदान करेंगी। एनसीईआरटी का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों को अद्यतन जानकारी के साथ गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।

  • मौसम विभाग ने उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट किया जारी, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट किया जारी, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा

    नई दिल्ली ।देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तीव्र होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में अगले तीन से चार दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में 20 से 25 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक न होने पर यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण बड़ा नुकसान हुआ है। धारचूला-तवाघाट मार्ग पर स्थित वैली ब्रिज टूटकर गिर जाने से चीन सीमा से सटे दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों के दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह कट गया है। भूस्खलन और मलबे के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

    हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। गांदरबल क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। वहीं कालका-शिमला रेलखंड पर मलबा आने से रेल यातायात प्रभावित हुआ है। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में लगातार हो रही वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

    मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी मानसून की गतिविधियां बेहद सक्रिय बनी हुई हैं। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में आगामी दिनों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है, जिससे नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य शासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

    पूर्वी भारत के राज्यों जैसे झारखंड, बिहार और ओडिशा में भी भारी बारिश और बाढ़ का प्रभाव देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

  • माता-पिता की संपत्ति पर नहीं चलेगा बच्चों का मनमाना हक, सुप्रीम कोर्ट ने बेदखली के ट्रिब्यूनल अधिकार को ठहराया सही

    माता-पिता की संपत्ति पर नहीं चलेगा बच्चों का मनमाना हक, सुप्रीम कोर्ट ने बेदखली के ट्रिब्यूनल अधिकार को ठहराया सही

    नई दिल्ली ।देश की सर्वोच्च अदालत ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत गठित ट्रिब्यूनल के पास यह पूरा अधिकार है कि वह बुजुर्गों की संपत्ति से उनके बच्चों को बेदखल करने का आदेश जारी कर सके।

    शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि ट्रिब्यूनल को लगता है कि माता-पिता के भरण-पोषण, सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन के लिए बच्चों को बेदखल करना आवश्यक है, तो वह ऐसा आदेश दे सकता है। अदालत ने अपने फैसले में रेखांकित किया कि बढ़ती उम्र किसी भी स्थिति में असुरक्षा का कारण नहीं बननी चाहिए। सभ्य समाज का असली पैमाना यही है कि वह अपने बुजुर्गों को कितना सम्मान, आदर और सुरक्षा प्रदान करता है।

    यह महत्वपूर्ण फैसला लखनऊ के विकासनगर निवासी रविकांत गुप्ता द्वारा दाखिल की गई याचिका का निपटारा करते हुए दिया गया। अपीलकर्ता अपने रिहायशी मकान के मालिक हैं और उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उच्च न्यायालय ने उनके बेटे और बहू के खिलाफ जारी बेदखली के आदेश को रद्द कर दिया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि उच्च न्यायालय ने ट्रिब्यूनल के बेदखली के आदेश में हस्तक्षेप करके गलती की थी। अदालत ने माना कि यह एक स्थापित कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और शांतिपूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए ट्रिब्यूनल को बेदखली का निर्देश देने की पूरी शक्तियां प्राप्त हैं।

    पीठ ने अपने दूरगामी फैसले में सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों और सभ्यताओं में वरिष्ठ नागरिकों को ज्ञान, अनुभव और सामूहिक स्मृति के अमूल्य भंडार के रूप में देखा गया है। ऐसे में उनकी संपत्ति, भरण-पोषण और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में बुजुर्गों के साथ होने वाले संपत्ति संबंधी विवादों और पारिवारिक प्रताड़ना के मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मील का पत्थर माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से उन वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने ही बच्चों द्वारा अपनी ही संपत्ति में उपेक्षित या प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।

  • रामायण के बाद ब्रह्मास्त्र 2 की शूटिंग शुरू करेंगे रणबीर कपूर, अमृता के किरदार के लिए दीपिका पादुकोण से चर्चा

    रामायण के बाद ब्रह्मास्त्र 2 की शूटिंग शुरू करेंगे रणबीर कपूर, अमृता के किरदार के लिए दीपिका पादुकोण से चर्चा


    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा जगत के प्रमुख अभिनेता रणबीर कपूर की बहुचर्चित फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के दूसरे भाग को लेकर नया अपडेट सामने आया है। साल 2022 में प्रदर्शित हुई इस सीरीज के पहले भाग की सफलता के बाद अब निर्देशक अयान मुखर्जी ने इसके सीक्वल पर काम तेज कर दिया है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार अभिनेता अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ की शूटिंग पूरी करने के बाद ‘ब्रह्मास्त्र 2’ के सेट पर लौटेंगे।

    फिल्म उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रणबीर कपूर नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण पार्ट 2’ की शूटिंग जनवरी 2027 तक पूरी कर लेंगे। इसके तुरंत बाद वे अयान मुखर्जी की इस काल्पनिक और फंतासी आधारित फिल्म पर काम शुरू करेंगे। इस सीक्वल में रणबीर कपूर दोहरी भूमिका में नजर आ सकते हैं, जिनमें वे ‘शिवा’ और ‘देव’ दोनों महत्वपूर्ण किरदारों को पर्दे पर जीवंत करेंगे।

    इस सीक्वल से जुड़ी सबसे बड़ी खबर स्टारकास्ट में नए चेहरे को शामिल करने को लेकर है। अयान मुखर्जी इस फिल्म के लिए प्रसिद्ध अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से बातचीत कर रहे हैं। उन्हें फिल्म में ‘अमृता’ के नए और शक्तिशाली किरदार के लिए पेश करने की योजना है। फिल्म की रचनात्मक टीम का मानना है कि इस भूमिका के लिए दीपिका सबसे उपयुक्त विकल्प हैं, हालांकि अभी इस संबंध में आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

    फिल्म के मुख्य किरदारों में आलिया भट्ट एक बार फिर ‘ईशा’ की भूमिका में वापसी करेंगी। पहले भाग की तरह ही इसके दूसरे भाग को भी बहुत बड़े पैमाने पर निर्मित करने की योजना बनाई गई है। सीक्वल में कुछ नए पौराणिक और काल्पनिक तत्वों को जोड़ने के साथ-साथ दृश्य प्रभावों को पहले से अधिक भव्य और आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि दर्शकों को एक नया सिनेमाई अनुभव मिल सके।

    वर्तमान में रणबीर कपूर अपनी भव्य फिल्म ‘रामायण’ के प्रचार और निर्माण कार्यों में व्यस्त हैं। इस विशाल बजट वाली फिल्म में वे भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी, रवि दुबे और यश अन्य प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह दो भागों में बनने वाली भारत की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है, जिसका पहला भाग इसी वर्ष दिवाली के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा।

    इसके अलावा रणबीर कपूर मशहूर निर्देशक संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में भी नजर आएंगे, जिसमें उनके साथ आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के फिल्म प्रेमियों के बीच रणबीर कपूर की इन सभी आगामी बड़ी फिल्मों को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित हुई मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, भारत से पहुंचे प्रमुख साधु-संतों ने भी लिया भाग

    हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित हुई मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, भारत से पहुंचे प्रमुख साधु-संतों ने भी लिया भाग

    नई दिल्ली ।अमेरिका के कैम्ब्रिज स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के सैंडर्स थिएटर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू द्वारा नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया। इस विशेष कथा में भारत के विभिन्न प्रमुख तीर्थ स्थलों से आए बड़ी संख्या में साधु-संतों और विद्वानों ने सहभागिता की। कथा के दौरान विश्वविद्यालय प्रांगण में गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई।

    नौ दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त को हुई, जिसका समापन 23 अगस्त को होगा। इस आयोजन के दौरान शिक्षाविदों और आचार्यों के बीच तीन दिवसीय विशेष विद्वत चर्चा का भी आयोजन किया गया। मोरारी बापू ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में तुलसी जयंती के अवसर पर यह आयोजन ज्ञान, सत्य, प्रेम और करुणा के मूलभूत सिद्धांतों को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया है।

    विश्वविद्यालय के लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली साउथ एशिया इंस्टीट्यूट की फैकल्टी डायरेक्टर प्रोफेसर डायना ने इस अवसर पर कहा कि भगवान राम की अयोध्या से शुरू होकर रामेश्वरम तक की 14 वर्षों की यात्रा ने भारतीय उपमहाद्वीप में पवित्र सांस्कृतिक स्थलों का निर्माण किया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रामलीला और रामचरितमानस की परंपरा भारत की सीमाओं से निकलकर थाईलैंड, इंडोनेशिया और कंबोडिया जैसे देशों तक विस्तृत हुई है।

    समारोह में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के आदर्श वाक्य ‘वेरिटास’ यानी सत्य की तुलना भारतीय दर्शन के सत्य, प्रेम और करुणा के मूल्यों से की। वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन दुनिया की सबसे प्राचीन पाठ और वाचन परंपराओं को दुनिया के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के साथ जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।

    मोरारी बापू द्वारा वर्ष 2010 में तुलसी जयंती के अवसर पर शुरू की गई इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, ज्ञान परंपरा और रामचरितमानस के संदेशों को वैश्विक पटल पर संरक्षित और प्रसारित करना है। इससे पूर्व भी वे कैलाश मानसरोवर, वेटिकन सिटी, संयुक्त राष्ट्र संघ और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जैसे ऐतिहासिक स्थानों पर रामकथा का आयोजन कर चुके हैं।

    हार्वर्ड में आयोजित इस कार्यक्रम में अयोध्या, वाराणसी और चित्रकूट जैसे आध्यात्मिक केंद्रों से पहुंचे साधु- संन्यासियों की उपस्थिति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मध्य प्रदेश सहित भारत के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस वैश्विक आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस आयोजन को वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और दर्शन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • पति के बाईं ओर पत्नी के बैठने का क्या है राज? धर्म और परंपरा में छिपा है समानता और सामंजस्य का संदेश

    पति के बाईं ओर पत्नी के बैठने का क्या है राज? धर्म और परंपरा में छिपा है समानता और सामंजस्य का संदेश


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म की पूजा पद्धति में पति और पत्नी को एक साथ बैठकर धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा रही है। घर में सत्यनारायण कथा हो या कोई शुभ पूजा हवन अथवा धार्मिक आयोजन हो अक्सर पत्नी को पति के बाईं ओर बैठे हुए देखा जाता है। पहली नजर में यह सामान्य परंपरा लग सकती है लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसके पीछे कई प्रतीकात्मक अर्थ बताए गए हैं। पत्नी को पति की अर्धांगिनी और वामांगी कहा जाता है। वामांगी का अर्थ पति के बाएं अंग से जुड़ी स्त्री से लिया जाता है। इसी विचार के कारण गृहस्थ जीवन से जुड़े कई शुभ कार्यों में पत्नी का स्थान पति के बाईं ओर माना गया है।

    इस परंपरा को भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप से भी जोड़ा जाता है। अर्धनारीश्वर की प्रतिमा में शिव और शक्ति को एक ही शरीर के दो हिस्सों के रूप में दर्शाया जाता है। पारंपरिक रूप से इस स्वरूप में स्त्री पक्ष बाईं ओर दिखाई देता है। इसका आध्यात्मिक संदेश यह माना जाता है कि पुरुष और स्त्री अलग होते हुए भी एक दूसरे के पूरक हैं। पति और पत्नी के रिश्ते में भी इसी एकता और संतुलन की भावना को महत्वपूर्ण माना गया है। इसीलिए पूजा में दोनों का साथ बैठना केवल धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि दांपत्य साझेदारी का प्रतीक भी माना जाता है।

    पत्नी को बाईं ओर स्थान देने के पीछे एक लोकप्रिय सांस्कृतिक व्याख्या हृदय से भी जुड़ी है। मानव शरीर में हृदय बाईं ओर स्थित होता है और इसी कारण बाईं दिशा को प्रेम भावना आत्मीयता और स्नेह से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक और लोक मान्यताओं में पति के बाईं ओर पत्नी का स्थान उसके प्रति निकटता और सम्मान का प्रतीक माना गया है। इसे पति पत्नी के बीच भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक सामंजस्य की अभिव्यक्ति के तौर पर भी समझा जाता है। यह वैज्ञानिक नियम नहीं बल्कि परंपरा से जुड़ी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक व्याख्या है।

    योग और आध्यात्मिक परंपराओं में भी शरीर की ऊर्जा और संतुलन को लेकर कई अवधारणाएं मिलती हैं। कुछ धार्मिक व्याख्याओं में पुरुष और स्त्री ऊर्जा को एक दूसरे का पूरक बताया जाता है। बाईं दिशा को चंद्र या शांत ऊर्जा से और दाईं दिशा को सूर्य या सक्रिय ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। पति पत्नी के साथ बैठने को इसी संतुलन का प्रतीक माना जाता है। हालांकि ऊर्जा से जुड़े इन विचारों को धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यता के रूप में ही देखना उचित है। इन्हें आधुनिक वैज्ञानिक तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

    यहां एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि हर धार्मिक अनुष्ठान में पत्नी का स्थान हमेशा बाईं ओर ही हो ऐसा जरूरी नहीं है। अलग-अलग परंपराओं और कर्मकांडों में दिशा बदलने की मान्यता भी मिलती है। कुछ स्रोतों के अनुसार सामान्य गृहस्थ और शुभ कार्यों में पत्नी को पति के बाईं ओर बैठाया जाता है जबकि कुछ यज्ञ हवन या विशेष संस्कारों में दाईं ओर बैठने की परंपरा बताई गई है। इसलिए किसी विशेष पूजा या संस्कार के लिए अपने परिवार की परंपरा और संबंधित आचार्य की विधि को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

    वामांगी की यह अवधारणा अंततः पति पत्नी के रिश्ते में समान भागीदारी का संदेश देती है। पूजा में पत्नी की मौजूदगी यह दर्शाती है कि गृहस्थ जीवन और धार्मिक जिम्मेदारियों में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि कई धार्मिक परंपराओं में पत्नी को केवल साथ बैठने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि पूजा के संकल्प और अनुष्ठान की सहभागी माना जाता है। इस नजरिए से देखें तो पति के बाईं ओर पत्नी का स्थान केवल बैठने की दिशा नहीं बल्कि प्रेम सम्मान साझेदारी और शिव शक्ति के संतुलन का प्रतीक बन जाता है। यही इस परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संदेश माना जा सकता है।

  • गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    नई दिल्ली ।गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान श्रीलंका को 165 रनों के भारी अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इस मुकाबले में मिली जीत से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में भारतीय टीम के खाते में महत्वपूर्ण अंक जुड़े हैं और उसकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं।

    मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ। पहली पारी में देवदत्त पड़िक्कल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया और 167 रनों की यादगार पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रनों पर समाप्त हुई, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 284 रन ही बना सकी। इससे भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाते हुए श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। दूसरी पारी के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम किया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सस्ते में सिमट गई।

    भारत की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद सराहनीय रहा। युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट झटके। पूरे मैच में कुल दस विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंकाई टीम को मुकाबले में वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारत की जीत की राह आसान कर दी।

    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की ताजा रैंकिंग के अनुसार भारतीय टीम अब 10 मैचों में 5 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ 64 अंक अर्जित कर 53.33 प्रतिशत पीसीटी के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं भारत से करारी हार झेलने के बाद श्रीलंकाई टीम तालिका में खिसक कर छठे पायदान पर आ गई है। वर्तमान तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। इस सीरीज के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार रखकर फाइनल में अपनी जगह कैसे पक्की करती है।

  • जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें

    जापान में आयोजित एशियन गेम्स में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का जलवा, वैभव सूर्यवंशी और यू जिडी पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली ।
    जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स में दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिलेगा। इस बहुखेल प्रतियोगिता में लगभग 15 हजार खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। इस बार प्रतियोगिता में कई बेहद कम उम्र के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने उतर रहे हैं, जिनमें भारत के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और चीन की युवा स्विमिंग स्टार यू जिडी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। भारत अपने पिछले खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। भारत की टीम में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से ध्यान खींचा है। एशियाई खेलों में क्रिकेट के सभी मुकाबले जापान में विशेष रूप से तैयार किए गए नए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    चीन की तैराक यू जिडी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में से एक होंगी। महज 13 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकीं यू जिडी ने पिछले वर्ष महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले स्पर्धा में नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया था। नागोया खेलों में वह चीन की मजबूत स्विमिंग टीम की ओर से मुख्य दावेदार के रूप में हिस्सा लेंगी। चीन इस बार भी पदक तालिका में शीर्ष पर रहने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

    टेनिस स्पर्धा में फिलीपींस की 21 वर्षीय खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला भी एक बड़े नाम के रूप में चुनौती पेश करेंगी। हाल ही में वाशिंगटन ओपन जीतकर इतिहास रचने वाली ईला के शानदार प्रदर्शन से फिलीपींस में इस खेल के प्रति युवाओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। उनके भाग लेने से एशियन गेम्स के टेनिस मुकाबलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    आयोजकों ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए अनोखी व्यवस्था की है। लगभग 4,000 से 5,000 खिलाड़ियों को एक क्रूज शिप में ठहराया जाएगा, जिसमें स्विमिंग पूल, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा नागोया के गार्डन पियर क्षेत्र में विशेष रूप से तैयार किए गए लकड़ी के अस्थायी कंटेनर घरों में भी लगभग 2,000 खिलाड़ियों के रहने का प्रबंध किया गया है। तैराकी और घुड़सवारी जैसे कुछ विशेष मुकाबले टोक्यो में आयोजित किए जाएंगे।

    इस बार प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, स्विमिंग, फुटबॉल और कबड्डी के साथ-साथ मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, टेकबॉल और वर्चुअल ताइक्वांडो जैसे नए खेलों को शामिल किया गया है। साथ ही ई-स्पोर्ट्स की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के खेल प्रेमी इन ऐतिहासिक खेलों में भारतीय दल और विशेषकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।

  • अभिनेता यश की फिल्म टॉक्सिक को यूके सेंसर बोर्ड से मिला सख्त रेटिंग सर्टिफिकेट, 26 अगस्त को होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज

    अभिनेता यश की फिल्म टॉक्सिक को यूके सेंसर बोर्ड से मिला सख्त रेटिंग सर्टिफिकेट, 26 अगस्त को होगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित बड़े बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ अपनी वैश्विक रिलीज से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई है। ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म क्लासिफिकेशन ने फिल्म को ब्रिटेन में प्रदर्शन के लिए सख्त रेटिंग श्रेणी में रखते हुए 18+ का वयस्क प्रमाण पत्र जारी किया है। नियामक संस्था की रिपोर्ट के अनुसार फिल्म में अत्यधिक हिंसा, बोल्ड सामग्री और संवेदनशील विषयों का समावेश पाया गया है।

    गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी और दक्षिण भारतीय अभिनेता यश द्वारा अभिनीत यह फिल्म आगामी 26 अगस्त को दुनिया भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। सेंसर बोर्ड द्वारा जारी ब्योरे के अनुसार फिल्म की कुल समयावधि 191 मिनट और 41 सेकंड यानी लगभग तीन घंटे ग्यारह मिनट तय की गई है। हालांकि प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के दौरान बोर्ड ने तकनीकी विवरण दर्ज करते समय इसे कन्नड़ के स्थान पर तमिल भाषा की फिल्म के रूप में सूचीबद्ध किया था।

    सेंसर रिपोर्ट में फिल्म की कथावस्तु और दृश्यों के स्तर पर विस्तृत जानकारी साझा की गई है। कहानी का मुख्य केंद्र बिंदु गोवा का एक शक्तिशाली ड्रग नेटवर्क है, जिसकी गतिविधियां और आंतरिक संघर्ष मुख्य कथानक का हिस्सा हैं। नियामक संस्था ने फिल्म में दिखाए गए क्रूर हिंसात्मक दृश्यों, गोलीबारी, घातक हमलों और शारीरिक टॉर्चर की वजह से हिंसा श्रेणी में उच्चतम रेटिंग प्रदान की है। इसके अलावा फिल्म में बोल्ड सीन्स और स्ट्रिप क्लब से जुड़े दृश्यों के चलते यौन सामग्री श्रेणी में भी इसे उच्च रेटिंग मिली है।

    ब्रिटिश वर्गीकरण बोर्ड ने जोखिम और भय, अभद्र भाषा, नशीले पदार्थों के उपयोग, यौन हिंसा तथा संवेदनशील मुद्दों से संबंधित सीन्स की श्रेणी में भी फिल्म को गंभीर रेटिंग दी है। हाल के वर्षों में रिलीज हुई अन्य एक्शन आधारित बहुचर्चित फिल्मों की तुलना में इस फिल्म को कंटेंट के लिहाज से अधिक डार्क और गंभीर माना जा रहा है। हिंसा के मामले में भले ही यह अन्य फिल्मों के समकक्ष खड़ी दिखती हो, लेकिन अन्य संवेदनशील श्रेणियों में इसका स्तर काफी सख्त आंका गया है।

    यह एक वृहद स्तर पर निर्मित पैन-इंडिया फिल्म है, जिसे मुख्य रूप से कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में शूट किया गया है। फिल्म में मुख्य अभिनेता के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसी प्रमुख अभिनेत्रियां महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगी। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख सिनेमा बाजारों और मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं में फिल्म के एडवांस टिकट बुकिंग को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

    वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व क्षेत्र में बनी परिस्थितियों और अन्य तकनीकी कारणों से फिल्म की रिलीज तिथि में बदलाव किया गया था। अब 26 अगस्त को होने वाले इसके आधिकारिक प्रदर्शन पर पूरे फिल्म उद्योग की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सख्त प्रमाणीकरण और डार्क विषयवस्तु के बावजूद यह बड़े बजट की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को कितना आकर्षित कर पाती है।

  • टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, हैरी ब्रूक नंबर वन पर लौटे; शांतो करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर

    टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर, हैरी ब्रूक नंबर वन पर लौटे; शांतो करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर


    नई दिल्ली। आईसीसी की ताजा पुरुष टेस्ट प्लेयर रैंकिंग में इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। ब्रूक ने ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 का ताज अपने नाम किया है। यह चौथी बार है जब ब्रूक टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज बने हैं। वह पहली बार दिसंबर 2024 में इस मुकाम पर पहुंचे थे। ताजा बदलाव के बाद शीर्ष चार बल्लेबाजों के बीच मुकाबला बेहद करीबी हो गया है और आने वाले टेस्ट मैचों के बाद रैंकिंग में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

    ट्रेविस हेड के लिए बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन टेस्ट का प्रदर्शन काफी महंगा साबित हुआ। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने मुकाबले की पहली पारी में 22 रन और दूसरी पारी में 17 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया को इस मुकाबले में बांग्लादेश के हाथों नौ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसी नतीजे और व्यक्तिगत प्रदर्शन के बाद हेड तीन पायदान नीचे खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गए। उनकी जगह इंग्लैंड के जो रूट दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। स्मिथ ने बांग्लादेश के खिलाफ 71 और 44 रन की पारियां खेली थीं।

    ताजा रैंकिंग में ब्रूक 852 रेटिंग अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि जो रूट 840 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। स्टीव स्मिथ 833 अंक लेकर तीसरे और ट्रेविस हेड 819 अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। यानी नंबर-1 से नंबर-4 तक के बल्लेबाजों के बीच सिर्फ 33 रेटिंग अंकों का अंतर है। ऐसे में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच चल रही टेस्ट सीरीज तथा ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के दूसरे टेस्ट के बाद शीर्ष क्रम में फिर बड़ा बदलाव संभव है।

    इस रैंकिंग अपडेट में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को भी ऐतिहासिक जीत का बड़ा फायदा मिला है। ऑस्ट्रेलिया को हराकर चर्चा में आए बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने नौ पायदान की छलांग लगाई है। वह अब अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 20वीं रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। शांतो ने डार्विन टेस्ट की पहली पारी में 84 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

    बांग्लादेश के लिए सिर्फ शांतो ही नहीं बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार हुआ है। मोमिनुल हक पांच स्थान ऊपर चढ़कर 31वें नंबर पर पहुंचे हैं। शादमान इस्लाम 58वें और मेहदी हसन मिराज 59वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं तंजीद हसन ने सबसे बड़ी छलांग लगाने वाले बल्लेबाजों में जगह बनाई है और वह 84 पायदान ऊपर पहुंचकर संयुक्त रूप से 88वें स्थान पर आ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन भी दूसरी पारी में शतक लगाने के बाद पांच स्थान ऊपर चढ़कर 30वें नंबर पर पहुंचे हैं।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बांग्लादेश को शानदार फायदा मिला है। तेज गेंदबाज हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में छह विकेट और मैच में कुल नौ विकेट लेकर 26 पायदान की छलांग लगाई है। वह अब 38वें स्थान पर पहुंच गए हैं। मेहदी हसन मिराज भी तीन स्थान ऊपर चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर बने हुए हैं।