Category: Economy

  • 31 दिसंबर से पहले जरूर कर लें यह काम वरना होगा बड़ा नुकसान

    31 दिसंबर से पहले जरूर कर लें यह काम वरना होगा बड़ा नुकसान

    आयकर दाताओं के लिए दिसंबर का महीना कई जरूरी वित्तीय काम निपटाने का है। इस महीने विलंबित आयकर रिटर्न दाखिल करने, आधार को पैन से लिंक करने की अंतिम तिथियां हैं। यदि ये काम समय पर नहीं किए गए, तो विलंब शुल्क, ब्याज और मोटा जुर्माना पेनल्टी लग सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों ने अब तक ये काम नहीं निपटाएं हैं, यह उनके लिए आखिरी मौका है।
    1. आयकर रिटर्न का आखिरी मौका
    अगर किसी वजह से कोई करदाता तय समय में आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाया है तो उसके पास एक और मौका है। आयकर की धारा-139(4) के तहत विलंबित और संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
    1. विलंबित रिटर्न
    यह विकल्प उनके लिए हैं, जो करदाता 15 सितंबर की तय समयसीमा में मूल आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए थे। अब वे 31 दिसंबर 2025 तक इसे भर सकते हैं। इसके साथ अधिकतम ₹5,000 रुपये विलंब शुल्क लगेगा। हालांकि, पांच लाख रुपये से कम आय वालों के लिए शुल्क 1,000 रुपये और बकाया कर पर ब्याज लगेगा।

    2. संशोधित रिटर्न
    जिन करदातों ने तय समय पर रिटर्न दाखिल कर दी थी, लेकिन अब वो संशोधन या गलती सुधारना चाहते हैं, वे भी 31 दिसंबर तक अपडेटेड रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल कर सकते हैं। अगर कोई कर देनदारी बनती है तो 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त दंड लग सकता है।

    2. टैक्स ऑडिट मामलों में 10 तक दाखिल करें रिटर्न
    टैक्स ऑडिट वालों के लिए इस साल सरकार ने राहत दी है। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दी है। यह राहत उन सभी करदाताओं के लिए राहत है, जिनकी रिटर्न में ऑडिट और वित्तीय विवरण शामिल हैं। उन्हें इस विस्तारित तिथि तक फाइलिंग पूरी करनी होगी।

    3. आधार-पैन लिंकिंग का अंतिम मौका
    जिन व्यक्तियों का आधार 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले बना था, उनके लिए इसे पैन से लिंक करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी करनी होगी। लिंक न करने पर पैन निष्क्रिय हो सकता है। इससे बैंकिंग और निवेश से जुड़े लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं और आयकर रिटर्न दाखिल करने में दिक्कत हो सकती है। इस जोखिम से बचने के लिए तय तिथि से पहले आधार-पैन को लिंक कर लें।

    ऐसे लिंक करें
    1. आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं और ‘लिंक आधार’ विकल्प पर क्लिक करें।

    2. अपना आधार और पैन कार्ड नंबर दर्ज करें।
    3. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और ‘I agree to validate my Aadhaar details with UIDAI’ पर क्लिक करें।

    4. प्रक्रिया पूरी होने पर आपको पैन-आधार के सफलतापूर्वक लिंक होने का संदेश आएगा।

    यह भी तरीका
    एसएमएस के जरिए भी पैन को आधार से लिंक किया जा सकता है। इसके लिए, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से UIDPAN 12 Digit Aadhaar 10 Digit PAN लिखकर 567678 या 56161 पर मैसेज करें।

    15 दिसंबर तक इन्हें निपटाएं
    1. नवंबर महीने में खरीदार से फॉर्म 27सी में मिले डिक्लेरेशन अपलोड करने की तारीख 15 दिसंबर है।

    2. आकलन वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की तीसरी किस्त जमा करने की अंतिम तिथि भी 15 दिसंबर है।

    3. अक्टूबर 2025 में काटे गए कर के लिए टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करने की अंतिम तारीख भी 15 दिसंबर है।

  • सोने की कीमतों में उछाल का दौर जारी… 2026 में भी जारी रहेगी जबरदस्त तेजी!

    सोने की कीमतों में उछाल का दौर जारी… 2026 में भी जारी रहेगी जबरदस्त तेजी!


    नई दिल्ली।
    सोने की कीमतों (Gold Price) में जबरदस्त तेजी का दौर 2026 में भी थमता नहीं दिख रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातु अब एक और मजबूत ऊपरी रैली के लिए तैयार है। ब्रोक्रेज फर्म वेंचुरा (Brokerage firm Ventura) ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है कि केंद्रीय बैंकों (Central Banks) की खरीदारी, बनी रहने वाली मुद्रास्फीति (Inflation), अमेरिकी घाटे में बढ़ोतरी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था व टैरिफ को लेकर चिंताओं से बना “एक कॉकटेल” सोने की कीमतों को आने वाले वर्ष में $4,600 से $4,800 के लक्षित सीमा में पहुंचा सकता है। नए साल 2026 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 75 बीपीएस की दरों में कटौती की उम्मीद से बोलीदाताओं की दिलचस्पी बनी रहेगी।


    सोने ने इस साल 67 प्रतिशत का मुनाफा दिया

    सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक बरकरार है और इस साल घरेलू बाजार में इसने अबतक लगभग 67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां और रुपये–डॉलर की दर लगभग समान बनी रहती है या रुपया कमजोर होता है, तो 2026 में सोने की कीमत पांच प्रतिशत से 16 प्रतिशत प्रति 10 ग्राम और चढ़ सकती हैं। उनका यह भी कहना है कि चूंकि सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं, इसलिए अनुशासित और सोच-विचार कर निवेश करना जरूरी है।


    संस्थागत निवेशक बढ़ा रहे हैं दबाव

    वेंचुरा ने जोर दिया कि सोने का तेजी का चक्र “अभी खत्म होने से बहुत दूर” है क्योंकि संस्थागत निवेशक मुद्रास्फीति से बचाव के लिए इसे तेजी से चुन रहे हैं, जिसके बाद खुदरा और सट्टेबाजी भागीदारी बढ़ रही है। फर्म का कहना है कि मांग की यह स्तरित प्रकृति सोने की लंबे समय के लिए रैली की नींव को मजबूत कर रही है।


    ड्यूश बैंक और मॉर्गन स्टैनली का नजरिया

    पिछले महीने ड्यूश बैंक ने निवेशकों के स्थिर फंड फ्लो और केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी का हवाला देते हुए अपना 2026 के सोने की कीमत का पूर्वानुमान पहले के $4,000 से बढ़ाकर $4,450 प्रति औंस कर दिया। बैंक अब अगले साल सोने के $3,950 से $4,950 की सीमा में कारोबार करने की उम्मीद करता है।

    मॉर्गन स्टैनली ने एक पहली रिपोर्ट में भविष्यवाणी की थी कि एक धुंधली वैश्विक आर्थिक आउटलुक के बीच ईटीएफ की सॉलिड फिजिकल डिमांड और केंद्रीय बैंकों की चल रही खरीदारी से सपेार्ट पाकर सोना मध्य-2026 तक $4,500 प्रति औंस तक बढ़ सकता है।


    निवेश पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी

    एचडीएफसी सिक्योरिटीज का कहना है कि लगातार मुद्रास्फीति, वास्तविक ब्याज दरों के कम होने की उम्मीदों और फिएट मुद्राओं में विश्वास कमजोर होने के बीच सोने की निवेश अपील में काफी मजबूती आई है। ब्रोकरेज ने प्रमुख पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में भू-राजनीतिक संघर्ष, बाजार की अस्थिरता और खराब हो रही वित्तीय स्थितियों के खिलाफ बचाव के लिए सोने की क्षमता पर जोर दिया है।

    एचडीएफसी सिक्योरिटीज निवेशकों को सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में अपने पोर्टफोलियो का 5-10% आवंटित करने की सलाह देता है, जोखिम के आधार पर इसमें धीरे-धीरे वृद्धि की गुंजाइश के साथ।


    नौ लगातार तिमाहियों में रिकॉर्ड हाई

    वेंचुरा के अनुसार, गोल्ड ने लगातार नौ तिमाहियों (2025 की चौथी तिमाही सहित) में नए हाई लेवल दर्ज किए हैं। यह उछाल फिएट मुद्रा मूल्य में एक व्यवस्थित गिरावट का संकेत देता है, एक प्रवृत्ति जो इस तथ्य से और मजबूत होती है कि सोना अब वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बीच दूसरी सबसे महत्वपूर्ण रिजर्व संपत्ति बन गया है।


    भारत में स्थिति और तकनीकी पहलू

    भारत में संरचनात्मक कारकों के कारण तेजी और भी तीव्र प्रतीत होती है। घरेलू सोने की कीमतें दुबई की तुलना में लगभग 15% अधिक हैं, यह अंतर आयात शुल्क और लगातार कमजोर रुपए से प्रेरित है।

    वेंचुरा ने यह भी जोर दिया कि वैश्विक अनिश्चितताएं ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो निरंतर मांग का समर्थन करती हैं। 9 अक्टूबर, 2025 को $4,398 के अपने शिखर के बाद, सोने में $3,891 तक 11% की गिरावट देखी गई, फिर दिसंबर 2025 में $4,299 की ओर मजबूती से वापसी हुई। तकनीकी रूप से, वेंचुरा ने भविष्यवाणी की है कि मजबूत समर्थन $4,200 और $4,056 पर और प्रतिरोध स्तर $4,255–$4,300 के पास होने की उम्मीद है, और अगर ये स्तर टूटते हैं तो आगे $4,381–$4,441 तक की बढ़त हो सकती है।

  • मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प

    मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प


    नई दिल्ली । शेयर बाजार की चाल कभी स्थिर नहीं रहती-कभी तेज़ी तो कभी भारी गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे हालात में हर कोई ऐसे इन्वेस्टमेंट की तलाश करता है, जो बिना जोखिम के स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे सके। अच्छी इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में मार्केट-लिंक्ड और सेफ दोनों तरह के विकल्प शामिल होने चाहिए, ताकि रिस्क बैलेंस रहे और रिटर्न भी आता रहे।

    अगर आप भी मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, तो PPF, FD, NSC, SCSS और NPS जैसी सरकारी व सुरक्षित स्कीमें आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। ये योजनाएं न सिर्फ स्थिर रिटर्न देती हैं, बल्कि टैक्स बचत भी कराती हैं। आइए इन 5 बेस्ट सुरक्षित निवेश विकल्पों को विस्तार से समझते हैं।

    क्यों जरूरी है सुरक्षित निवेश?

    पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली है। जोखिम बढ़ने के कारण कई निवेशक फिर से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीमों की ओर लौट रहे हैं। सरकारी योजनाओं और RBI समर्थित स्कीमों में निवेश सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इनमें पैसा काफी हद तक सुरक्षित होता है।

    1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)

    सबसे भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म सुरक्षित योजना

    अवधि: 15 साल

    न्यूनतम निवेश: 500

    अधिकतम निवेश: 1.5 लाख प्रति वर्ष

    ब्याज दर: 7% से अधिक (सरकार द्वारा तय)

    टैक्स लाभ: ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री

    7 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा

    PPF उन लोगों के लिए बेस्ट है जो लंबी अवधि के लिए सेविंग करना चाहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह एक शानदार विकल्प है क्योंकि इसमें सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है।

    2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

    सबसे आसान और लोकप्रिय सेफ इन्वेस्टमेंट

    अवधि: 1 साल से 5 साल

    ब्याज दर: लगभग 6.5%–7.5%

    सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज

    5 साल की टैक्स सेविंग FD पर 80C का लाभ

    डीआईसीजीसी इंश्योरेंस के तहत 5 लाख तक सुरक्षित

    FD उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो तय समय पर फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं। जरूरत पड़ने पर FD पर लोन भी मिल जाता है।

    3. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

    पोस्ट ऑफिस की भरोसेमंद योजना

    लॉक-इन अवधि: 5 साल

    मिनिमम निवेश: 100

    ब्याज दर: लगभग 7.7%

    80C में टैक्स छूट

    बच्चों और छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त

    NSC पूरी तरह मार्केट से अलग योजना है। जिन लोगों को निश्चित रिटर्न चाहिए और ज्यादा जोखिम नहीं लेना, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।

    4. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे सुरक्षित और हाई रिटर्न स्कीम

    पात्रता: 60 वर्ष से ऊपर

    अधिकतम निवेश: 30 लाख

    ब्याज: 8% से अधिक

    ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है

    5 साल लॉक-इन, 3 साल का एक्सटेंशन संभव

    रिटायर लोगों के लिए यह सबसे अच्छी इनकम सोर्स है, जिसमें सुरक्षा, नियमित आय और अच्छा ब्याज-all in one मिलता है।

    5. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

    भविष्य की पेंशन प्लानिंग के लिए बेस्ट

    न्यूनतम निवेश: 1,000 प्रति वर्ष

    इक्विटी + डेब्ट का संतुलित मिश्रण

    टैक्स लाभ: 80C के अलावा 50,000 अतिरिक्त छूट

    60 साल पर पेंशन + एकमुश्त राशि

    NPS युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए शानदार है, क्योंकि यह कम खर्च में लॉन्ग-टर्म रिटर्न और पेंशन दोनों देता है।

    निवेश कैसे शुरू करें?

    बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं

    आधार-पैन के साथ KYC पूरी करें

    PPF, NSC, SCSS आदि ऑनलाइन भी ओपन हो सकते हैं

    अधिकांश स्कीमें बैंक ऐप और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं

    टैक्स लाभ क्या मिलते हैं?

    PPF, NSC, टैक्स सेविंग FD और SCSS पर 80C के तहत छूट

    NPS पर अतिरिक्त 50,000 की छूट

    PPF और NSC का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री

    FD और SCSS का ब्याज टैक्स के दायरे में

    सुरक्षित निवेश = सुरक्षित भविष्य

    बाजार की चाल चाहे कितनी भी तेज या कमजोर क्यों न हो, ये पांच सुरक्षित स्कीमें हमेशा स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न देती हैं। सही उम्र और लक्ष्य के अनुसार इनमें निवेश करके आप अपना वित्तीय भविष्य मजबूत बना सकते हैं।

  • 31 दिसंबर से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम: पैन-आधार लिंक और एडवांस टैक्स की डेडलाइन!

    31 दिसंबर से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम: पैन-आधार लिंक और एडवांस टैक्स की डेडलाइन!


    नई दिल्ली  /साल 2025 का अंतिम महीना दिसंबर शुरू हो चुका है। इस महीने टैक्स और दस्तावेज़ से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों की लास्ट डेट है। अगर आपने इन्हें समय पर पूरा नहीं किया, तो भारी जुर्माना, पैन निष्क्रिय होने जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। ये हैं वो 4 जरूरी काम, जो आपको दिसंबर में हर हाल में पूरे कर लेने चाहिए-

    1. टैक्स ऑडिट वालों के लिए ITR भरने की अंतिम तारीख – 10 दिसंबर जिन करदाताओं का केस टैक्स ऑडिट के अंतर्गत आता है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर 2025 है। इस तारीख तक फाइल किया गया ITR समय पर दाखिल माना जाएगा।इस पर कोई लेट फीस या पेनाल्टी नहीं लगेगी।

    2. एडवांस टैक्स भरने का आखिरी मौका – 15 दिसंबरएडवांस टैक्स भुगतान की अंतिम तारीख 15 दिसंबर 2025 है। यह टैक्स उन सभी लोगों को देना होता है।  जिनकी कुल अनुमानित कर देनदारी TDS कटने के बाद ₹10,000 से अधिक हो। समय पर एडवांस टैक्स न भरने पर ब्याज और जुर्माना लग सकता है, इसलिए इसे ड्यू डेट पर भरना जरूरी है।

    3. बिलेटेड ITR की अंतिम तारीख – 31 दिसंबरयदि आपने वित्त वर्ष 2024–25 का ITR अभी तक फाइल नहीं किया है, तो आप इसे लेट फीस के साथ 31 दिसंबर 2025 तक भर सकते हैं।

    लेट फीस इस प्रकार है-

    ₹1,000 -यदि आय 5 लाख रुपए से कम है ₹5,000 -यदि आय 5 लाख या उससे अधिक है
    31 दिसंबर के बाद बिलेटेड रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकेगा और आगे आपको नोटिस व पेनाल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    4. आधार–पैन लिंक करना अनिवार्य -आखिरी तारीख 31 दिसंबर यदि आपने 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले आधार कार्ड बनवाया है, तो इसे 31 दिसंबर 2025 तक PAN से लिंक करना अनिवार्य है।

    आधार–पैन लिंक न करने पर-

    आपका PAN निष्क्रिय हो जाएगा
    बैंकिंग, निवेश, स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड और ITR फाइलिंग सभी में दिक्कत आएगी

    लिंकिंग की प्रक्रिया सरल है-
    आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर PAN नंबर, आधार नंबर और OTP डालकर इसे पूरा कर सकते हैं। इसके साथ निर्धारित जुर्माना भी चुकाना होगा। दिसंबर 2025 में ये चारों काम समय पर पूरे करना बेहद जरूरी हैं। थोड़ी सी लापरवाही भारी पेनाल्टी, आर्थिक नुकसान और दस्तावेज़ों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याएं खड़ी कर सकती है।

  • शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा

    शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा


    नई दिल्‍ली ।
    पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयां छुईं जहां BSE सेंसेक्स और Nifty 50 दोनों ने नए ऑल-टाइम हाई बनाए। सेंसेक्स 85,712.37 अंक पर बंद हुआ हालांकि सप्ताह के दौरान 86,159.02 तक पहुंचा। इसी तरह निफ्टी ने 26,325.80 का रिकॉर्ड तोड़ा और 26186.45 पर क्लोजिंग दी। इस उछाल के बीच कुछ किफायती शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया जो 5 दिनों में 57% तक का मुनाफा दे गए।

    परमेश्वर मेटल

    परमेश्वर मेटल के शेयर में पिछले हफ्ते जबरदस्त तेजी आई। इसका शेयर 81.18 रुपये से बढ़कर 127.79 रुपये तक पहुंच गया जिससे निवेशकों को 57.42% का रिटर्न मिला। हालांकि शुक्रवार को इसमें 5% की गिरावट आई और यह 127.79 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट वैल्यू 195.60 करोड़ रुपये है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि इस शेयर में बड़े उतार-चढ़ाव हो रहे हैं जिससे निवेशकों को अच्छी कमाई का मौका मिला।

    ओरटिन ग्लोबल

    ओरटिन ग्लोबल के शेयर में पिछले हफ्ते 33.39% का उछाल देखने को मिला। इसका शेयर 11.53 रुपये से बढ़कर 15.38 रुपये तक पहुंचा। शुक्रवार को इसमें 10% की वृद्धि हुई और यह 15.38 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 12.95 करोड़ रुपये है। इस शेयर की तेजी के पीछे इसके कारोबार और संभावित वृद्धि को लेकर निवेशकों का सकारात्मक दृष्टिकोण हो सकता है।

    मोहित इंडस्ट्रीज

    मोहित इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसका शेयर 2.79 रुपये से बढ़कर 3.73 रुपये तक पहुंचा और 5 दिनों में 32.26% का रिटर्न दिया। शुक्रवार को इसमें 9.82% की बढ़त दर्ज हुई और यह 3.69 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट कैप 71.15 करोड़ रुपये है और यह शेयर निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।

    आदि इंडस्ट्रीज

    आदि इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी 31.75% का रिटर्न दिया। इसका शेयर 5.04 रुपये से बढ़कर 6.64 रुपये तक पहुंच गया। शुक्रवार को इसमें 9.93% की वृद्धि देखी गई और यह 6.64 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की वृद्धि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कारोबार के विस्तार के संकेत देती है।

    फार्मासिया

    फार्मासिया के शेयर में भी शानदार तेजी आई। इसका शेयर 79.90 रुपये पर 4.99% की वृद्धि के साथ बंद हुआ और पिछले हफ्ते में 31.75% का रिटर्न दिया। कंपनी की मार्केट कैप 54.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। फार्मासिया के शेयरों में निवेशकों को पिछले सप्ताह अच्छे मुनाफे का मौका मिला।

    इन शेयरों की बढ़ती कीमतें और निवेशकों को मिलने वाला अच्छा रिटर्न दर्शाते हैं कि सही समय पर निवेश करने से अच्छी कमाई की जा सकती है। हालांकि इस तरह की तेजी बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण अस्थिर हो सकती है इसलिए निवेशकों को सतर्क रहते हुए अपने निवेश निर्णय लेने चाहिए। वर्तमान में बाजार के आंकड़े और कंपनियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह समय उन निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो जोखिम लेने के लिए तैयार हैं।

  • रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा

    रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा


    नई दिल्ली ।शनिवार का दिन देश की अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट सेक्टर और कीमती धातुओं के बाजार के लिहाज से बेहद अहम रहा। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्टम सिस्टम में बड़े बदलावों का संकेत देते हुए व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी। इसके अलावा सोना–चांदी की रिकॉर्ड तेजी और टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में उतार–चढ़ाव भी सुर्खियों में रहे।

    आज की प्रमुख सुर्खियों में यह शामिल है कि रविवार होने के चलते शेयर बाजार बंद रहेगा और पेट्रोल–डीजल के दाम भी स्थिर बने हुए हैं। अब नज़र डालते हैं कल की 5 सबसे बड़ी खबरों पर-
    1. रिलायंस पावर के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट -₹68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का मामला  अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड और 10 अन्य लोगों के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी का है, जिसे सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया SECI के एक टेंडर को हासिल करने के लिए जमा किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, रिलायंस ग्रुप के अधिकारी इस फर्जी गारंटी से पूरी तरह वाकिफ थे। इससे 24 घंटे पहले ही ED ने मामले से जुड़ी ₹1120 करोड़ की संपत्तियां भी जब्त की थीं। यह पूरा मामला 2024 में दर्ज किए गए कथित फंड हेरफेर से संबंधित है।

    2. वित्त मंत्री का बड़ा बयान -कस्टम सिस्टम में जल्द बदलाव, नियम होंगे सरल
    आगामी बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार कस्टम सिस्टम में व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि- प्रक्रिया को सरल किया जाएगा ट्रांसपेरेंसी बढ़ाई जाएगी व्यापारियों और उद्योगों के लिए कंप्लायंस आसान होगा वित्त मंत्री के अनुसार, बीते दो वर्षों में कस्टम ड्यूटी को कई चरणों में कम किया गया है। अब सरकार उन वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिन पर अभी भी उच्च दरें लागू हैं। इस कदम से निर्यात को बढ़ावा मिलने और समग्र इकोनॉमी को गति मिलने की उम्मीद है।

    3. सोना–चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड -एक हफ्ते में चांदी ₹13,851 और सोना ₹2,001 महंगा
    कीमती धातुओं में पिछले दो सप्ताह से लगातार तेजी देखी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार: 28 नवंबर: सोना 1,26,591 रुपये प्रति 10 ग्राम, 5 दिसंबर: 2,001 रुपये बढ़कर 1,28,592 रुपये,17 अक्टूबर को सोना अब तक के सर्वाधिक 1,30,874 रुपये/10 ग्राम तक पहुंच चुका है। चांदी के दामों में इस सप्ताह सबसे ज्यादा उछाल आया।28 नवंबर: 1,64,359 रुपये/किलो  5 दिसंबर: 13,851 रुपये बढ़कर 1,78,210 रुपये/किलो यह इसकी अब तक की उच्चतम कीमत है। पूरे साल में सोने ने 69% और चांदी ने 107% रिटर्न दिया जो निवेशकों के लिए रिकॉर्ड लाभ है।

    4. भारतीय दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप -5 कंपनियों की वैल्यू ₹72,286 करोड़ बढ़ी
    देश की टॉप–10 कंपनियों में से पाँच ने इस सप्ताह अपनी वैल्यू में बड़ा इजाफा दर्ज किया।
    सबसे बड़ी बढ़त TCS को मिली जिसका मार्केट कैप ₹35,910 करोड़ बढ़कर ₹11.72 लाख करोड़ हो गया। इसके अलावा- इंफोसिस: +₹23,405 करोड़ अब ₹6.71 लाख करोड़ बजाज फाइनेंस: ₹6,720 करोड़ एयरटेल: +₹3,792 करोड़ वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज को बड़ी गिरावट झेलनी पड़ी और उसकी वैल्यू ₹35,117 करोड़ कम हो गई।

    5. नया फोन खरीद रहे हैं? इन 9 फीचर्स पर दें ध्यान
    आज स्मार्टफोन खरीदने के लिए बाजार में अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। केवल ब्रांड देखकर फोन खरीद लेना अक्सर गलत साबित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नया फोन खरीदने से पहले इन 9 फीचर्स को जरूर देखें- प्रोसेसर – फोन की स्पीड और परफॉर्मेंस यहीं से तय होती है।रैम – मल्टीटास्किंग के लिए कम से कम 6GB बेहतर।स्टोरेज -128GB बेस स्टोरेज आज की जरूरत है।

    डिस्प्ले क्वालिटी -AMOLED या OLED बेहतर अनुभव देते हैं।

    कैमरा सेंसर – सिर्फ मेगापिक्सल नहीं, सेंसर और ऑप्टिक्स महत्वपूर्ण। बैटरी लाइफ – 5000mAh आज का मानक है। चार्जिंग स्पीड – फास्ट चार्जिंग सपोर्ट अनिवार्य। 5G सपोर्ट – भविष्य के लिए आवश्यक। ब्रांड आफ्टर–सेल्स सर्विस -लंबे समय के उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण।

  • पाम ऑयल की खाद्य तेल सुरक्षा में अहम भूमिका: गलतफहमियों को वैज्ञानिक तथ्यों से चुनौती देने की जरूरत

    पाम ऑयल की खाद्य तेल सुरक्षा में अहम भूमिका: गलतफहमियों को वैज्ञानिक तथ्यों से चुनौती देने की जरूरत


    नई दिल्‍ली । पाम ऑयल की महत्वता को लेकर भारत में जो गलतफहमियां फैली हुई हैं उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर चुनौती देने की आवश्यकता है क्योंकि खाद्य तेल सुरक्षा में पाम ऑयल का योगदान बेहद अहम है। यह बयान एशियन पाम ऑयल अलायंस के सेक्रेटरी जनरल डॉ. सुरेश मोटवानी ने पाम ऑयल कॉन्क्लेव 2025 के दौरान दिया। उनका कहना था कि पाम ऑयल को लेकर भारत में जो नकारात्मक धारणाएं बनाई गई हैं वे निराधार हैं और इसे सस्ती होने की वजह से कम गुणवत्ता वाला समझा जाता है जो पूरी तरह गलत है।

    डॉ. मोटवानी ने पाम ऑयल की खेती को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दुनिया भर में छोटे किसानों के लिए एक लाभकारी फसल है। विशेष रूप से पाम ऑयल की प्रति एकड़ पैदावार अन्य तेल फसलों की तुलना में 5 से 10 गुना अधिक होती है जिससे यह खेती करने वाले किसानों के लिए आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी साबित होती है। इसके अलावा पाम ऑयल का पर्यावरणीय प्रभाव भी न्यूनतम होता है बशर्ते इसे जिम्मेदारी से उगाया जाए।

    भारत की खाद्य तेल सुरक्षा में पाम ऑयल की भूमिका को लेकर डॉ. मोटवानी ने बताया कि भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का 60% आयात करता है, और इसमें पाम ऑयल की हिस्सेदारी 80% तक है। ऐसे में उपभोक्ताओं के बीच पाम ऑयल के प्रति नकारात्मक सोच खाद्य तेल बाजार को गहरे स्तर पर प्रभावित कर सकती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए पाम ऑयल के फायदे और वास्तविकता को सही ढंग से पेश किया जाना जरूरी है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 11,000 करोड़ रुपये के ‘ऑयल पाम मिशन’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह मिशन भारत में पाम ऑयल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। यदि इस मिशन का फायदा देश की जनता तक नहीं पहुंचा तो यह मिशन असफल हो सकता है। इसके लिए उपभोक्ताओं के बीच भ्रांतियों को दूर करना बेहद आवश्यक है।

    डॉ. मोटवानी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रकार के खाद्य तेल अच्छे होते हैं, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी तेल का उपयोग किस मात्रा में और किस प्रकार से किया जा रहा है। उदाहरण के लिए डीप फ्राइंग में पाम ऑयल अधिक स्थिर और सुरक्षित माना जाता है। वहीं किसी भी तेल को बार-बार गरम करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

    उपभोक्ताओं की शंकाओं को लेकर उन्होंने कहा कि हम किसी भी तथ्य को छिपाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में प्रदर्शनी के दौरान 30 से अधिक ब्रांड्स ने गर्व से यह बताया कि वे पाम ऑयल का उपयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यही है कि उपभोक्ताओं में पाम ऑयल को लेकर किसी भी प्रकार की दुविधा या भ्रम न हो और वे इसके सही उपयोग को समझ सकें।

    इस प्रकार पाम ऑयल को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और इसके फायदे को सही तरीके से प्रस्तुत करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि सरकार और उद्योग एकजुट होकर पाम ऑयल के वास्तविक लाभों को उजागर करें ताकि यह भारतीय खाद्य तेल उद्योग की एक अहम और स्थिर कड़ी बन सके।

  • फर्जी बैंक गारंटी से टेंडर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई… रिलायंस पावर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

    फर्जी बैंक गारंटी से टेंडर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई… रिलायंस पावर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल


    नई दिल्ली।
    एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (Enforcement Directorate- ED) ने शनिवार को रिलायंस पावर लिमिटेड (Reliance Power Limited) और 10 अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering.) के एक मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह मामला 68 करोड़ रुपए से ज्यादा की फर्जी बैंक गारंटी के जरिए एक बड़ा सरकारी टेंडर हासिल करने से जुड़ा हुआ है. यह चार्जशीट दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दाखिल की गई है.

    इस चार्जशीट में रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल, रिलायंस NU BESS लिमिटेड, रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड, रिलायंस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव पुनीत नरेंद्र गर्ग और ट्रेड फाइनेंसिंग कंसल्टेंट अमर नाथ दत्ता का नाम शामिल किया गया है. इसके अलावा बायोथेन केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, रविंदर पाल सिंह चड्ढा और मनोज भैयासाहेब पोंगडे को भी आरोपी बनाया गया है.

    ED इससे पहले इस केस में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें ओडिशा की शेल कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड और उसके MD पाठा सारथी बिस्वाल का नाम था. जांच एजेंसी का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क कमीशन के बदले फर्जी बैंक गारंटी जारी करने में शामिल था. यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी से जुड़ा है, जो रिलायंस पावर की लिस्टेड कंपनी रिलायंस NU BESS लिमिटेड की तरफ से सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से टेंडर हासिल करने के लिए जमा की गई थी. ED का दावा है कि रिलायंस ग्रुप के अधिकारियों को पता था कि बैंक गारंटी फर्जी थी।

    जांच एजेंसी के अनुसार, SBI की एक नकली ईमेल ID के जरिए SECI को जाली एंडोर्समेंट भेजे गए. जब SECI को धोखाधड़ी का शक हुआ, तो एक दिन के भीतर IDBI बैंक से असली बैंक गारंटी जुटाने की कोशिश की गई, लेकिन तय समयसीमा के बाद जमा होने के कारण SECI ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. ED का आरोप है कि जब रिलायंस NU BESS लिमिटेड L-2 बिडर के तौर पर सामने आई और टेंडर हाथ से फिसलता दिखा, तो कोलकाता में SBI ब्रांच से एक और नकली विदेशी बैंक गारंटी का एंडोर्समेंट कराने की कोशिश की गई. इसके लिए एक बैंक के नाम पर फर्जी गारंटी तैयार की गई.

    जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी गारंटी को असली दिखाने के लिए sbi.co.in से मिलता-जुलता एक नकली डोमेन s-bi.co.in इस्तेमाल किया गया. इसी डोमेन से SBI के नाम पर फर्जी ईमेल और एंडोर्समेंट लेटर भेजे गए. ED ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जी बैंक गारंटी के इंतजाम के लिए जरूरी फंडिंग जुटाने को रिलायंस की दूसरी सब्सिडियरी रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड से बिस्वाल ट्रेडलिंक को फर्जी ट्रांसपोर्टेशन सर्विस के नाम पर 6.33 करोड़ रुपए भेजे गए. इस मामले में ED ने अब तक करीब 1000 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है. जांच में 5.15 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है।

    इस केस में बिस्वाल के साथ-साथ रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल और अमर नाथ दत्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. रिलायंस पावर ने स्टॉक मार्केट को दिए अपने बयान में कहा है कि कंपनी, उसकी सब्सिडियरी और कर्मचारी पूरी तरह से निर्दोष हैं. वे थर्ड पार्टी द्वारा किए गए फ्रॉड, जालसाजी और साजिश के शिकार हैं. कंपनी का कहना है कि ED का यह केस उसी FIR पर आधारित है, जो खुद कंपनी ने दर्ज कराई थी. जांच एजेंसी के आरोपों की अभी तक न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है. यह मनी लॉन्ड्रिंग केस दिल्ली पुलिस की नवंबर 2024 में दर्ज FIR से निकला है।

  • सिमोन टाटा का निधन: टाटा परिवार की सौतेली मां और लेक्मे की शख्सियत रही प्रेरणा का स्रोत

    सिमोन टाटा का निधन: टाटा परिवार की सौतेली मां और लेक्मे की शख्सियत रही प्रेरणा का स्रोत


    नई दिल्ली । भारतीय उद्योग जगत और टाटा परिवार के लिए एक दुःखद खबर है। रतन टाटा की सौतेली मां और नोएल टाटा की मां, सिमोन दुनोयर टाटा का 95 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया। स्विट्जरलैंड में जन्मीं सिमोन ने न केवल टाटा परिवार में अपनी जगह बनाई, बल्कि भारतीय कॉस्मेटिक्स उद्योग में भी एक नई पहचान स्थापित की।

    सिमोन दुनोयर टाटा का जन्म स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुआ था। उनका पूरा नाम सिमोन नेवल दुनोयर था। 1953 में भारत यात्रा पर आईं सिमोन ने टाटा परिवार से जुड़ाव बनाया और 1955 में जेआरडी टाटा के सौतेले भाई, नवल एच. टाटा से विवाह किया। नवल टाटा की पहली पत्नी सूनी कॉमिस्सैरिएट से दो बेटे थे, रतन और जीमी टाटा। सिमोन ने परिवार में संतुलन बनाए रखा और नवजात टाटा परिवार को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके और नवल टाटा के बेटे नोएल टाटा आज टाटा ट्रस्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    सिमोन टाटा ने 1960 के दशक में टाटा ग्रुप के व्यवसाय में सक्रिय योगदान देना शुरू किया। उन्होंने टाटा ऑयल मिल्स की सब्सिडियरी कंपनी लेक्मे के बोर्ड में शामिल होकर इसकी रणनीति और विकास में अहम भूमिका निभाई। उस समय लेक्मे एक छोटी कंपनी थी, जो हमाम, ओके और मोदी सोप्स जैसे उत्पाद बनाती थी। लेकिन सिमोन ने इसे भारतीय महिलाओं के लिए एक प्रमुख और भरोसेमंद कॉस्मेटिक ब्रांड बनाने का विजन दिया।

    1982 में सिमोन टाटा लेक्मे की चेयरपर्सन बनीं। उन्होंने भारतीय बाजार में महिलाओं की त्वचा और बालों की देखभाल के लिए विशेष उत्पाद विकसित कर ब्रांड को मजबूत किया। 1996 में भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद, लेक्मे ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के साथ 50:50 साझेदारी की और लेक्मे यूनिलीवर लिमिटेड की स्थापना हुई। 1998 में सिमोन ने HUL को अपने 50 प्रतिशत शेयर 200 करोड़ रुपए में बेच दिए। इसके बाद लेक्मे ने कॉस्मेटिक्स से रिटेलिंग की दिशा में कदम बढ़ाया।

    सिमोन टाटा को भारतीय कॉस्मेटिक्स उद्योग की ‘जैज़ीनेरा’ कहा जाता है। उन्होंने लेक्मे को केवल घरेलू उत्पादों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भारतीय महिलाओं की जरूरतों और समस्याओं को समझते हुए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में लेक्मे ने मार्केट में नई रणनीतियों और साझेदारियों के माध्यम से तेजी से विकास किया।

    1998 में, सिमोन टाटा ने UK की लिटिलवुड्स इंटरनेशनल (इंडिया) कंपनी को खरीदा, जो रेडी-टू-वियर गारमेंट्स बेचती थी। इसी कदम के साथ उन्होंने ट्रेंट लिमिटेड की नींव रखी। लेक्मे लिमिटेड का नाम बदलकर ट्रेंट कर दिया गया और यह टाटा ग्रुप का प्रमुख रिटेल आर्म बन गया। आज ट्रेंट वेस्टसाइड, जुडियो और अन्य रिटेल फॉर्मेट्स चला रहा है। नोएल टाटा वर्तमान में ट्रेंट के चेयरमैन हैं और सिमोन टाटा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

    सिमोन टाटा न केवल एक व्यवसायिक दृष्टिकोण रखने वाली महिला थीं, बल्कि उन्होंने टाटा परिवार में पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों को भी मजबूती से संभाला। उनका जीवन भारतीय उद्योग जगत और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उनके योगदान ने न केवल महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उद्योग में बदलाव लाया, बल्कि रिटेलिंग और ब्रांड निर्माण के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित किए।

    उनकी यह विरासत आज भी टाटा समूह के कार्यों और समाज में उनके प्रभाव में देखी जा सकती है। सिमोन टाटा के निधन से टाटा परिवार और भारतीय उद्योग जगत को एक अनमोल व्यक्तित्व खोना पड़ा है।

  • अब टोल पर नहीं लगेगी ब्रेक! गडकरी का बड़ा ऐलान, एक साल में बदलेगा पूरा सिस्टम

    अब टोल पर नहीं लगेगी ब्रेक! गडकरी का बड़ा ऐलान, एक साल में बदलेगा पूरा सिस्टम


    नई दिल्ली। देश की सड़कों पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों और ट्रक ऑपरेटरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अगले एक साल के भीतर देशभर में टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इसके लिए मौजूदा बैरियर आधारित टोल प्रणाली को खत्म कर पूरी तरह डिजिटल टोल कलेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा।

    सालभर में बदलेगा पूरा टोल सिस्टम
    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार देश के पूरे नेशनल हाईवे नेटवर्क पर टोल टैक्स कलेक्शन का नया इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लागू करने जा रही है। इसके तहत वाहनों को अब टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा और टोल राशि ऑटोमैटिक तरीके से खाते से कट जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलेगी और यात्रियों का समय बचेगा।

    गडकरी ने कहा कि इस नई व्यवस्था को देश के लगभग 10 स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पहले ही लागू किया जा चुका है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अगले एक साल के भीतर इसे पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल देश में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की लागत की 4500 से अधिक हाईवे परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनसे सड़क परिवहन की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।

    NETC और RFID तकनीक से होगा टोल कलेक्शन
    नए डिजिटल टोल सिस्टम के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रणाली के तहत वाहनों की विंडस्क्रीन पर RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग लगाया जाएगा। जैसे ही वाहन टोल पॉइंट से गुजरेगा, टोल की राशि सीधे बैंक खाते से ऑटोमैटिक कट जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि ईंधन की भी बड़ी बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

    पर्यावरण और भविष्य के ईंधन पर सरकार का जोर
    गडकरी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ईंधन पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन माना जा रहा है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे देश की ईंधन आयात निर्भरता कम हो सके।

    सड़क हादसों के लिए कैशलेस इलाज योजना
    केंद्रीय मंत्री ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरू की गई कैशलेस इलाज योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अब तक इस योजना के तहत 6,833 मामलों में आवेदन आए हैं, जिनमें से 5,480 पीड़ितों को लाभ मिल चुका है।

    सड़क यातायात में आएगा बड़ा सुधार
    नई डिजिटल टोल व्यवस्था, कैशलेस इलाज योजना और वैकल्पिक ईंधन की पहल से देश के सड़क परिवहन तंत्र में बड़ा बदलाव आने वाला है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मदद भी सुनिश्चित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।

    सरकार के इस फैसले से साफ है कि आने वाले समय में हाईवे पर सफर और भी तेज, सुरक्षित और सुगम होने वाला है।