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  • SBI के ग्राहकों के लिए लोन लेना हुआ सस्ता, 15 दिसंबर से लागू होंगी नई दरें

    SBI के ग्राहकों के लिए लोन लेना हुआ सस्ता, 15 दिसंबर से लागू होंगी नई दरें


    नई दिल्ली।
    देश के सबसे बड़े लेंडर स्टेट (India’s largest lender) बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India- SBI) ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने रिजर्व बैंक की पॉलिसी रेट (Reserve Bank’s policy rate) में कटौती के बाद अपनी लेंडिंग रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कमी की है, जिससे मौजूदा और नए कर्जदारों के लिए लोन सस्ता हो गया है। इस लेटेस्ट कटौती के साथ SBI का एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट (EBLR) 25 बेसिस पॉइंट्स कम होकर 7.90% हो जाएगा। संशोधित दरें 15 दिसंबर, 2025 से लागू होंगी।


    MCLR में भी 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती

    बैंक ने सभी टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में भी 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। इस संशोधन के साथ, एक साल की मैच्योरिटी वाला MCLR मौजूदा 8.75% से घटकर 8.70% हो जाएगा। इसी तरह, एक साल की मैच्योरिटी दर क्रमशः 5 प्रतिशत सस्ती होकर 8.75% और 8.80% हो जाएगी। बैंक ने कहा कि उसने बेस रेट/BPLR को मौजूदा 10% से घटाकर 9.90% कर दिया है, जो 15 दिसंबर से प्रभावी होगा। इसके अलावा, बैंक ने 15 दिसंबर से प्रभावी दो साल से कम तीन साल की मैच्योरिटी के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट दर में भी 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करके 6.40% करने का फैसला किया है। हालांकि, बैंक ने दूसरी मैच्योरिटी बकेट पर ब्याज दरें बरकरार रखी हैं। एसबीआई ने ‘444 दिन’ की खास स्कीम अमृत वृष्टि की ब्याज दर में भी कटौती की है। अब ब्याज दर 15 दिसंबर से 6.60 प्रतिशत से घटाकर 6.45 प्रतिशत कर दी गई है।


    इंडियन ओवरसीज बैंक का भी ऐलान

    एक और सरकारी बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने भी 15 दिसंबर, 2025 से अपनी लेंडिंग रेट में कमी की घोषणा की है। IOB ने एक बयान में कहा कि बैंक ने अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) – खासकर रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 25 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 8.35% से 8.10% कर दिया है, जिससे पॉलिसी रेट में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। इसके अलावा, बैंक की एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी (ALCO) ने तीन महीने से लेकर तीन साल तक की सभी टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस पॉइंट की कमी को मंजूरी दी है। बैंक ने कहा कि इन बदलावों से मौजूदा और नए दोनों तरह के कर्जदारों की इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) कम हो जाएगी, जिनके लोन इन बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं।

  • IMP ने कसी पाकिस्तान पर नकेल… 7 अरब डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम के साथ जोड़ी 11 नई शर्तें

    IMP ने कसी पाकिस्तान पर नकेल… 7 अरब डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम के साथ जोड़ी 11 नई शर्तें


    इस्लामाबाद।
    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) ने पाकिस्तान (Pakistan) के लिए अपने 7 अरब डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम ($7 Billion Bailout program) के तहत 11 नई शर्तें जोड़ दी हैं। गुरुवार को जारी दूसरी समीक्षा की स्टाफ-लेवल रिपोर्ट में शामिल इन शर्तों के बाद पिछले 18 महीनों में लगाई गई कुल शर्तों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। नई शर्तें पाकिस्तान के सुशासन ढांचे की पुरानी खामियों, व्यापक भ्रष्टाचार जोखिमों और घाटे वाले क्षेत्रों में सुधार से जुड़ी हैं।


    उच्च अधिकारियों की संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा अनिवार्य

    सबसे अहम शर्तों में से एक यह है कि दिसंबर 2026 तक सभी उच्च स्तरीय केंद्रीय सिविल सेवकों (ग्रेड-19 और ऊपर) की संपत्ति घोषणाएं आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएंगी। आईएमएफ का कहना है कि इससे आय और संपत्ति में विसंगतियों का पता लगाना आसान होगा। सरकार ने प्रांतीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी यह नियम लागू करने का इरादा जाहिर किया है। बैंकिंग क्षेत्र को इन घोषणाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी।


    भ्रष्टाचार पर बड़ा हमला

    आईएमएफ ने अक्टूबर 2026 तक 10 सबसे अधिक जोखिम वाले विभागों में भ्रष्टाचार के खतरे को कम करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना जारी करने को कहा है। नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) इन योजनाओं का समन्वय करेगा। प्रांतीय एंटी-करप्शन संस्थाओं को वित्तीय खुफिया जानकारी प्राप्त करने और वित्तीय अपराधों की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। ये कदम आईएमएफ-प्रायोजित गवर्नेंस एंड करप्शन डायग्नोस्टिक असेसमेंट की सिफारिशों पर आधारित हैं, जिसमें पाकिस्तान के कानूनी, प्रशासनिक और निगरानी ढांचे में व्यापक कमियां उजागर हुई थीं।


    सीमा-पार भुगतान और रेमिटेंस लागत की समीक्षा

    आईएमएफ ने पाकिस्तान को मई 2026 तक विदेशी रेमिटेंस भेजने की लागत और बाधाओं की व्यापक समीक्षा पूरी करने को कहा है। अनुमान है कि रेमिटेंस लागत आने वाले वर्षों में 1.5 अरब डॉलर तक बढ़ सकती है, जबकि यही राशि पाकिस्तान के सीमित आयातों के लिए सबसे बड़ा वित्तीय स्रोत है। सितंबर 2026 तक स्थानीय मुद्रा बॉन्ड मार्केट के विकास में बाधाओं की जांच कर सुधारों की रणनीतिक योजना प्रकाशित करनी होगी।


    चीनी उद्योग में एकाधिकार तोड़ने की कवायद

    जून 2026 तक कंद्र और प्रांतीय सरकारों को मिलकर राष्ट्रीय चीनी बाजार उदारीकरण नीति पर सहमति बनानी होगी। इस नीति में लाइसेंसिंग नियम, मूल्य नियंत्रण, आयात-निर्यात अनुमति, जोनिंग मानदंड और कार्यान्वयन की स्पष्ट समय-सीमा शामिल होगी। नीति को संघीय कैबिनेट से मंजूरी लेनी होगी। इसे लंबे समय से शक्तिशाली माने जाने वाले शुगर उद्योग में प्रभाव के केंद्रीकरण को खत्म करने का प्रयास माना जा रहा है।


    एफबीआर (FBR) की खराब कार्यक्षमता पर सख्ती

    दिसंबर 2025 के अंत तक एफबीआर सुधारों का पूरा रोडमैप तैयार करना होगा जिसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्र, स्टाफिंग जरूरतें, समय-सारिणी, माइलस्टोन, अपेक्षित राजस्व परिणाम और KPI शामिल होंगे। इसके बाद कम-से-कम तीन प्राथमिकता वाले सुधारों को पूरी तरह लागू करना होगा। दिसंबर 2026 तक मध्यम अवधि की टैक्स सुधार रणनीति भी प्रकाशित करनी होगी।

    बिजली क्षेत्र में निजीकरण की तैयारी
    अगले केंद्रीय बजट से पहले हैदराबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (HESCO) और सुक्कूर इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (SEPCO) में निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए आधार तैयार करने होंगे और सात सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनियों के साथ पब्लिक सर्विस ऑब्लिगेशन समझौते पूरे करने होंगे। कंपनीज एक्ट 2017 में संशोधन संसद में पेश करने होंगे ताकि गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनुपालन जरूरतें बढ़ाई जा सकें। विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) कानून में प्रस्तावित संशोधनों के लिए कॉन्सेप्ट नोट भी जारी करना होगा।


    राजस्व कम हुआ तो मिनी-बजट लाना होगा

    आईएमएफ रिपोर्ट में दर्ज है कि यदि दिसंबर 2025 के अंत तक राजस्व लक्ष्य से चूक हुई तो सरकार मिनी-बजट लाएगी। इसमें उर्वरक और कीटनाशकों पर फेडरल एक्साइज ड्यूटी 5% बढ़ाना, उच्च चीनी वाले उत्पादों पर नया एक्साइज ड्यूटी लगाना और कई वस्तुओं को स्टैंडर्ड सेल्स टैक्स दर में लाना शामिल होगा। आईएमएफ ने गवर्नेंस और भ्रष्टाचार डायग्नोस्टिक रिपोर्ट में चिह्नित कमियों को दूर करने की कार्ययोजना प्रकाशित करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। पाकिस्तान पहले ही 7 अरब डॉलर के EFF कार्यक्रम के तहत कड़ी निगरानी में है और इन नई शर्तों से आर्थिक सुधारों की गति और तेज करने का दबाव बढ़ गया है।

  • सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी.चांदी हुई सस्ती.जानें प्रमुख शहरों में कीमतें.

    सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी.चांदी हुई सस्ती.जानें प्रमुख शहरों में कीमतें.


    नई दिल्ली । सोने और चांदी के दाम में आज 12 दिसंबर हल्की-फुल्की उथल-पुथल देखने को मिली है। जहां सोने के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई.वहीं चांदी के दाम में गिरावट आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की फरवरी कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी में 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,32,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हुआ। वहीं.चांदी की मार्च एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट में 0.50% की गिरावट आई और वह 1,97,951 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।

    गुरुवार को चांदी का नया रिकॉर्ड

    गुरुवार को चांदी ने इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह पहली बार 1,98,000 रुपये के पार पहुंची और 1,98,814 रुपये प्रति किलो तक चली गई। चांदी ने 5.33% की उछाल के साथ 1,98,799 रुपये पर बंद किया। वहीं.सोने की कीमतों में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,32,469 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

    कीमतों में वृद्धि का कारण

    सोने और चांदी की कीमतों में यह वृद्धि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से बेंचमार्क ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद आई। इसके साथ ही.फेड चेयरमैन ने अगले साल एक और कटौती का संकेत दिया.जिससे निवेशकों में उत्साह और अधिक बढ़ गया। इन निर्णयों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना.जिसने कीमती धातुओं की कीमतों को ऊंचा किया।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें

    शुक्रवार को देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्की उतार-चढ़ाव देखी गई। चेन्नई 24 कैरेट सोना 1,33,640 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,22,500 रुपये प्रति 10 ग्राम
    मुंबई.कोलकाता.बैंगलोर.हैदराबाद.केरल.पुणे 24 कैरेट सोना 1,32,660 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,21,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
    दिल्ली 24 कैरेट सोना 1,32,810 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,21,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
    वडोदरा.अहमदाबाद 24 कैरेट सोना 1,32,710 रुपये प्रति 10 ग्राम. 22 कैरेट सोना 1,21,650 रुपये प्रति 10 ग्राम

    आज सोने और चांदी की कीमतों में मामूली बदलाव आया है। जहां सोने में हल्की बढ़ोतरी देखी गई.वहीं चांदी में गिरावट आई है। निवेशक और सोने-चांदी के खरीदार इसे ध्यान में रखते हुए अपने निवेश निर्णय ले सकते हैं। यदि आप भी सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं.तो वर्तमान मूल्य में उतार-चढ़ाव के बावजूद यह एक उपयुक्त समय हो सकता है।

  • इंडिगो ऑपरेशन संकट: DGCA ने 4 निरीक्षकों को सस्पेंड किया, एयरलाइन पर कड़ी निगरानी शुरू

    इंडिगो ऑपरेशन संकट: DGCA ने 4 निरीक्षकों को सस्पेंड किया, एयरलाइन पर कड़ी निगरानी शुरू


    नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन में बढ़ती अव्यवस्था और लगातार उड़ान रद्द होने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा कदम उठाते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। इन अधिकारियों पर सुरक्षा मानकों और परिचालन नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। खासकर 5 दिसंबर को एक ही दिन में इंडिगो ने 1,600 से ज्यादा फ्लाइट रद्द की थीं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन के परिचालन में गंभीर संकट आ गया।

    सुरक्षा मानकों की अनदेखी, DGCA ने कड़ी कार्रवाई की
    DGCA के अधिकारियों ने बताया कि जिन चार निरीक्षकों को सस्पेंड किया गया है, वे सुरक्षा और परिचालन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार थे। जांच में यह सामने आया कि इंडिगो ने पायलट और क्रू मेंबर्स की ड्यूटी टाइम लिमिट का पालन नहीं किया, जिसके कारण उड़ान सेवाएं बाधित हुईं और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। इसके साथ ही टूरिज्म सेक्टर को भी करोड़ों का नुकसान हुआ।

    मुख्यालय से सख्त निगरानी की शुरुआत
    इंडिगो में आई इस परिचालन संकट के बाद DGCA ने एयरलाइन के मुख्यालय से रियल-टाइम निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों को हर दिन विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उड़ान संचालन, रिफंड प्रक्रिया, मुआवजे की स्थिति और यात्रियों की शिकायतों का सही समय पर निवारण किया जा सके। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करना और एयरलाइन को नियमों के तहत सुरक्षित और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना है।

    सीईओ को DGCA के सामने पेश होने का आदेश
    इस संकट के बीच DGCA ने इंडिगो के सीईओ, पीटर एल्बर्स को शुक्रवार को तलब किया है। इसका उद्देश्य एयरलाइन के संचालन में आई गड़बड़ियों की जड़ तक पहुंचना और जिम्मेदारी तय करना है। DGCA ने इंडिगो में उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए एक चार सदस्यीय पैनल भी गठित किया है, जो उच्च स्तर पर जांच करेगा और सुधारात्मक कदम सुझाएगा।

    देशभर में तेज़ निरीक्षण, 24 घंटे में रिपोर्ट की मांग
    इंडिगो के संचालन में आए संकट के बाद DGCA ने देशभर के 11 प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर निरीक्षण शुरू किया है। इन अधिकारियों को अगले 2-3 दिनों में अपनी रिपोर्ट DGCA मुख्यालय में सौंपनी होगी। साथ ही, इंडिगो के कॉरपोरेट कार्यालय में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि रद्द उड़ानों के रिफंड, समय पर उड़ान संचालन और यात्रियों को मुआवजे की प्रक्रिया को सख्ती से सुनिश्चित किया जा सके।

    स्थिति अब सुधार की ओर, लेकिन DGCA की निगरानी जारी
    इंडिगो की उड़ान सेवाओं में 5 दिसंबर के बाद भारी व्यवधान आया था, लेकिन अब एयरलाइन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हालांकि, DGCA ने एयरलाइन पर कड़ी निगरानी बनाए रखी है और सुनिश्चित किया है कि आगे से ऐसे परिचालन संकट न आएं।

  • RBI New Rules: लोन लिमिट पर बैंक अब नहीं कर सकेंगे मनमानी, ग्राहकों की मंजूरी जरूरी

    RBI New Rules: लोन लिमिट पर बैंक अब नहीं कर सकेंगे मनमानी, ग्राहकों की मंजूरी जरूरी


    नई दिल्ली।
    बैंक और लोन ऐप (Banks and Loan apps) अब अपनी मर्जी से लोन की लिमिट को नहीं बढ़ा सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने स्पष्ट किया कि ग्राहक की लिखित मंजूरी के बाद ही लोन सीमा को बढ़ाया जा सकता है। बैंकों की लोन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आरबीआई ने नए दिशा-निर्देश (RBI New Rules) जारी किए हैं। रिजर्व बैंक ने डेटा संरक्षण को लेकर साफ किया है कि बिना ग्राहक की मंजूरी के उसका डाटा थर्ड पार्टी से साझा नहीं किया जा सकता।

    गौरतलब है कि बैंकों द्वारा अपनी मर्जी से लोन सीमा बढ़ाए जाने को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। छोटी धनराशि वाले कर्ज को लेकर शिकायतें सबसे अधिक थीं। उदाहरण के लिए अगर किसी ग्राहक ने 20 हजार का लोन मंजूर कराया और तय किस्तों पर ग्राहक द्वारा लोन चुकाया जा रहा है तो कुछ बैंक और लोन ऐप आखिरी किस्त आने से पहले बिना स्वीकृति ग्राहक के खाते में 10 हजार रुपये का लोन जारी कर देते हैं। बैंक इसके पीछे अच्छी साख का तर्क देते हैं। ग्राहक इसे लौटाना चाहे तो बैंक आनाकानी करते हैं और ग्राहक पर जुर्माना लगाया जाता है।

    कर्ज लेने वाले ग्राहकों की एफडी या बचत ब्लॉक न करें
    आरबीआई के नए नियमों के तहत बैंक कर्ज को किसी सावधि जमा यानी एफडी, बचत खाते या सुरक्षा योजना से लिंक नहीं कर सकते। बैंकों को लेकर शिकायत थी कि छोटे ऋण जारी करते वक्त गारंटी के तौर पर ग्राहक की एफडी, खाते या अन्य सुरक्षा योजना को लिंक किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में जब तक ऋण पूरा अदा नहीं होता है या कोई किस्त जमा नहीं जाती है तो बैंक ग्राहक को एफडी तोड़ने की इजाजत नहीं देते।

    आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि घर के खर्च और आय का आकलन बैंकों के लिए करना जरूरी है, लेकिन ऋण के बदले एफडी, खाते या किसी अन्य सुरक्षा को लिंक नहीं किया जा सकता। जरूरत का डेटा ही ले सकेंगे बैंक : कर्ज सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए नए सख्त नियम जारी किए गए हैं। नियमों में डेटा कलेक्शन से लेकर उसकी स्टोरेज, थर्ड-पार्टी शेयरिंग और सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स की रिपोर्टिंग तक के प्रावधान शामिल हैं। मोबाइल की फाइल, फोटो, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग आदि किसी भी संवेदनशील डेटा तक पहुंच नहीं होगी। कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन जैसी सुविधाओं का केवल एक बार उपयोग केवाईसी के लिए ही किया जा सकेगा।

    ग्राहकों के हित में अनिवार्य नियम
    – बैंकों को दस्तावेज सत्यापित ई-मेल व एसएमएस पर देने होंगे।
    – धनराशि ऐप या एजेंट नहीं सीधे ग्राहक के खाते में जाएगी।
    – समय से पहले बिना जुर्माने कर्ज चुकाने का अवसर देना होगा।
    – रिकवरी एजेंट की जानकारी ग्राहक को पहले से भेजनी होगी।
    – कोई तीसरी पार्टी पैसे के लेनदेन को नियंत्रित नहीं कर सकती।

  • US को भारत का ऑफर पसंद है तो उसे तुरंत कर देना चाहिए FTA पर साइन: पीयूष गोयल

    US को भारत का ऑफर पसंद है तो उसे तुरंत कर देना चाहिए FTA पर साइन: पीयूष गोयल


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने गुरुवार को कहा कि अगर वॉशिंगटन (Washington) को भारत का ऑफर (India’s offer) पसंद है, तो अमेरिका ((America) को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free trade agreements- FTA) पर तुरंत साइन कर देने चाहिए. पीयूष गोयल ने ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत के प्रस्ताव की सराहना किए जाने का स्वागत किया, लेकिन भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित इस ट्रेड डील पर साइन होने की कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया.

    पीयूष गोयल अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को भारत की ओर से ‘अब तक का सबसे अच्छा ऑफर’ मिला है. उन्होंने कहा, ‘अगर वे खुश हैं, तो उन्हें तुरंत साइन कर देना चाहिए.’ उन्होंने भारत के प्रस्ताव के बारे में बताने से मना कर दिया.

    ‘भारत-US में ट्रेड डील जल्द…’, अब ट्रंप के अधिकारी बोले- दोनों हैं अच्छे दोस्त
    मंत्री ने बताया कि ट्रेड डील पर अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है और वर्तमान में भारत आए अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रिक स्विट्जर की यात्रा किसी नए दौर की बातचीत के लिए नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने के लिए है.

    ‘डेडलाइन के दबाव में डील नहीं होनी चाहिए’
    पीयूष गोयल हाल के महीनों में चिली, इजरायल और न्यूजीलैंड समेत कई देशों के साथ FTA पर काम कर रहे हैं. इस बीच, जब उनसे मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन की उस टिप्पणी पर सवाल पूछा गया कि यह डील अगले साल मार्च तक साइन हो जाएगी, तो गोयल ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और वे किसी समयसीमा पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, ‘डील तभी होती है जब दोनों पक्षों को फायदा हो. डेडलाइन के दबाव में समझौता नहीं होना चाहिए.’

  • पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम हर महीने मिलेगा ₹5550 रुपये का फिक्स ब्याज जानें कितने रुपये का करना होगा निवेश

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम हर महीने मिलेगा ₹5550 रुपये का फिक्स ब्याज जानें कितने रुपये का करना होगा निवेश



    नई दिल्ली ।
    भारत का डाक विभाग अपनी विभिन्न बचत योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित और लाभकारी निवेश विकल्प प्रदान करता है। इनमें से एक बेहद आकर्षक योजना है पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम निवेशकों को हर महीने फिक्स ब्याज के रूप में निश्चित राशि प्रदान करती है। इस योजना में एक बार निवेश करने पर आपको लगातार हर महीने ब्याज मिलेगा जो सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होता है। आज हम आपको इसी योजना के बारे में विस्तार से बताएंगे जिसमें आप हर महीने ₹5550 का फिक्स ब्याज पा सकते हैं।

    क्या है पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम एक प्रकार की मंथली इनकम योजना है जिसमें एक बार निवेश करने के बाद आपको निश्चित ब्याज के रूप में नियमित आय मिलती रहती है। यह स्कीम खासतौर पर उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है जो नियमित रूप से आय चाहते हैं जैसे कि रिटायरमेंट के बाद आय या अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए।

    इस स्कीम के तहत 7.4 प्रतिशत का सालाना ब्याज दर दिया जाता है जो मासिक आधार पर भुगतान किया जाता है। यह योजना 5 साल की अवधि के लिए होती है और मैच्योरिटी पर आपके द्वारा किए गए निवेश का पूरा पैसा आपके बैंक खाते में वापस ट्रांसफर कर दिया जाता है।

    MIS स्कीम में कितना निवेश करें

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम में निवेश की शुरूआत केवल ₹1000 से होती है। आप इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करके हर महीने ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि इस स्कीम में निवेश की एक अधिकतम सीमा भी है।सिंगल अकाउंट में आप 9 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं।
    जॉइंट अकाउंट में आप अधिकतम 15 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। इस खाते में आप अधिकतम 3 व्यक्तियों को जोड़ सकते हैं।

    9 लाख रुपये के निवेश पर हर महीने मिलेगा ₹5550 ब्याज
    अगर आप पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम में ₹9 लाख का एकमुश्त निवेश करते हैं तो आपको हर महीने ₹5550 का फिक्स ब्याज मिलेगा। यह ब्याज राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होगी और आप इसे अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं। यह स्कीम खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जिन्हें नियमित आय की जरूरत होती है।

    स्कीम की विशेषताएं

    सिर्फ एक बार निवेश MIS स्कीम में आपको केवल एक बार निवेश करना होता है जिसके बाद आपको हर महीने ब्याज मिलता रहता है।सुरक्षित निवेश यह सरकारी स्कीम है इसलिए इसमें आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित होता है।7.4% का ब्याज दर पोस्ट ऑफिस इस स्कीम पर 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रहा है जो अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में बेहतर है।आसान निवेश प्रक्रिया इस स्कीम में खाता खोलने के लिए आपको केवल पोस्ट ऑफिस का बचत खाता खोलना होता है।मंथली ब्याज ब्याज की राशि हर महीने आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होती है जिसे आप किसी भी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

    पोस्ट ऑफिस के अन्य विकल्प

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम के अलावा डाक विभाग अन्य कई प्रकार की बचत योजनाएं भी चलाता है जैसे टर्म डिपॉजिट रिकरिंग डिपॉजिट पब्लिक प्रोविडेंट फंड  सुकन्या समृद्धि योजना और स्कीम्ड सेविंग्स अकाउंट। इन योजनाओं के तहत भी अच्छा ब्याज मिलता है और यह पूरी तरह से सरकारी सुरक्षा के तहत होते हैं।

    पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम एक बेहतरीन निवेश विकल्प है जो उन लोगों के लिए है जो नियमित आय प्राप्त करना चाहते हैं। इस स्कीम में निवेश करने पर आपको हर महीने ₹5550 का फिक्स ब्याज मिलेगा यदि आप ₹9 लाख का एकमुश्त निवेश करते हैं। यह स्कीम सुरक्षित लाभकारी और सरल है और इसके जरिए आप अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। यदि आप सुरक्षित और लंबी अवधि के निवेश की तलाश में हैं तो पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम एक आदर्श विकल्प हो सकती है।

  • इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा

    इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा


    नई दिल्ली। दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों और DGCA की कार्रवाई के बाद अब एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि 3, 4 और 5 दिसंबर को रद्द हुई फ्लाइट्स के यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

    इंडिगो ने कहा कि दिसंबर के पहले हफ्ते में फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण कई यात्रियों को आर्थिक नुकसान हुआ और यात्रा योजनाएं बाधित हुईं। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर देने का भी फैसला किया है। ऐसे यात्रियों में वे लोग शामिल हैं जिनकी फ्लाइट बार-बार रीशेड्यूल हुई, जिनकी यात्रा कई बार बदली गई या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

    कंपनी के अनुसार, ट्रैवल वाउचर अगले 12 महीनों तक वैध रहेगा और यात्री इसे किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय इंडिगो फ्लाइट में इस्तेमाल कर सकते हैं। मुआवजा राशि DGCA की गाइडलाइन्स के आधार पर दी जाएगी, जिसमें फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई परेशानी को ध्यान में रखा जाएगा।

    इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज चेक करें। मुआवजा और वाउचर क्लेम करने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी वहीं भेजी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान हो सके।

  • तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव

    तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव


    नई दिल्ली। घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी ने निवेशकों को खुश कर दिया। खासकर चांदी ने नया ऑल-टाइम हाई 1,93,452 प्रति किलो छूकर इतिहास रच दिया। सोने की कीमत भी बढ़कर 1,30,320 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

    MCX पर जोरदार उछाल

    फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.40% बढ़कर 1,30,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ।

    मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1.81% की छलांग लगाकर 1,92,148 रुपये प्रति किलो पर पहुंची।

    दिन के कारोबार में चांदी ने 1,93,452 रुपये प्रति किलो का नया ऑल-टाइम हाई भी बनाया।

    वैश्विक बाजार की चमक

    अमेरिकी सोने का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1% से अधिक बढ़कर 4,271.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यह तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा तीसरी बार ब्याज दर में कटौती के बाद देखने को मिली।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने का भाव

    दिल्ली: 1,30,350 प्रति 10 ग्राम

    मुंबई, कोलकाता: 1,30,200

    चेन्नई: 1,31,460

    अहमदाबाद, वडोदरा: 1,30,250

    बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 1,30,200

    निवेशकों के लिए संभावनाएं

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और फेड की दर कटौती के चलते सोना और चांदी में तेजी और जारी रह सकती है। निवेशकों के लिए यह समय कीमती धातुओं में निवेश करने के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

    निष्कर्ष: चांदी ने इतिहास रचकर निवेशकों को आकर्षित किया और सोने ने भी मजबूती दिखाई। फेड की ब्याज दर में कटौती ने बाजार को नई ऊर्जा दी है, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी की संभावना बरकरार है।

  • इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर

    इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर


    नई दिल्ली। इस साल चांदी(Silver) ने निवेशकों को चौंकाते हुए सोने(gold) से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल चांदी की कीमतों में 114% से अधिक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोने में 68% का उछाल देखने को मिला है। एक तरफ सोना 1 लाख 30 हजार प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं, चांदी ने बुधवार को 1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2025 के खत्म होने से पहले चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर सकती है।
    जानकारों ने कहा, बुधवार को सोने में मामूली बढ़त हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर के नरम होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की पक्की उम्मीदों से सहारा मिला। बाजार के सतर्क रुख के साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी कीमती धातुओं को और बढ़ावा दिया।

    वायदा बाजार में चांदी 1.53 प्रतिशत बढ़कर 61.60 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड पर पहुंच गई। मंगलवार को, यह धातु 2.66 डॉलर बढ़कर 60.82 डॉलर प्रति औंस के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 5.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    मांग अधिक उत्पादन कम
    एक साल में चांदी के दाम दोगुने हो गए हैं। चांदी की मांग अधिक है, लेकिन उत्पादन कम। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्रों में चांदी की मांग पिछले कुछ सालो में बढ़ी है। बदलती तकनीकी ने चांदी की खपत को बढ़ाया है। सोलर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों में अब चांदी का उपयोग बढ़ने लगा है जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे उपयोग और चांदी की मांग बढ़ेगी।

    किस वजह से लगातार कीमतें बढ़ रहीं
    दरअसल, दुनिया भर में बढ़ते तनाव, संघर्ष और अनिश्चितता ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर और आकर्षक बना दिया है। निवेशक शेयर मार्केट की बजाय इनमें निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभावों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने भी कीमतों को सहारा दिया है। इसके अलावा, दुनिया भर के सेंट्रल बैंक की तरफ से सोने-चांदी की लगातार खरीदारी से बाजार में इन धातुओं की मांग बनी हुई है। वहीं, ईटीएफ में भी भारी मात्रा में पैसा आ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी आ रही है।
    क्या दो लाख के आंकड़े को पार कर पाएगी चांदी?

    बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस साल चांदी दो लाख रुपये के आंकड़े को पार कर पाएगी? विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के आखिर तक पर चांदी दो लाख रुपये के भाव को पार कर सकती है। इतना ही नहीं यह 20026 में 2.10 से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुंच सकती है।

    एक झटके में चांदी के दाम 11,500 रुपये उछले
    अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से बढ़ी मजबूत घरेलू मांग के बीच बुधवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में लगभग दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी आई। चांदी के दाम 11,500 रुपये बढ़कर 1,92,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत 800 रुपये बढ़कर 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

    इससे पहले, चांदी की कीमत में इतनी बड़ी एक दिन की बढ़ोतरी इस वर्ष 10 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, जब चांदी के दाम 8,500 रुपये बढ़े थे। इसके बाद दाम 1,71,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए थे।

    ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 31 दिसंबर, 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,02,300 रुपये या 114.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के बाद चांदी एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और बढ़त को और बढ़ाया।

    कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, मांग में तेजी, आपूर्ति में लगातार कमी और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में बढ़ते निवेश पर दांव लगा रहे हैं ताकि चांदी की रैली को बढ़ावा मिल सके।