Category: Economy

  • फरवरी 2026 को शेयर बाजार रहेगा खुलाबजट का असर तुरंत बाजार पर दिखेगा सरकार का बड़ा फैसला

    फरवरी 2026 को शेयर बाजार रहेगा खुलाबजट का असर तुरंत बाजार पर दिखेगा सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । 1 फरवरी 2026रविवार को होने वाला केंद्रीय बजट भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डालेगा। इस साल की तरहजब बजट 1 फरवरी को पड़ रहा हैतो सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि शेयर बाजार रविवार को खुले रहेंगे। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को 1 फरवरी को व्यापार के लिए खोला जाएगा। यह कदम खासतौर पर निवेशकों की बढ़ती मांग और बजट के तत्काल प्रभाव को देखते हुए लिया गया हैताकि बाजार में बजट के असर को तुरंत देखा जा सके और संभावित उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।

    बजट और बाजार का गहरा संबंध

    केंद्रीय बजट न केवल सरकार की वित्तीय नीतियों को निर्धारित करता हैबल्कि यह शेयर बाजार में भी जबरदस्त हलचल पैदा करता है। बजट में घोषित टैक्सइंफ्रास्ट्रक्चर बैंकिंग मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े फैसलों का सीधा प्रभाव बाजार की दिशा पर पड़ता है। खासकर जब सरकार किसी सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा करती है या किसी नई योजना का एलान करती हैतो उसका असर बाजार में तत्काल देखा जाता है।

    निवेशकों की हमेशा यह शिकायत रही है कि बजट के अगले दिन बाजार बंद होते हैंजिससे अचानक बड़े उतार-चढ़ाव से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारणकई बार यह सुझाव दिया गया था कि बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहना चाहिएताकि निवेशकों को निर्णय लेने और सही समय पर कारोबार करने का अवसर मिले। सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और इस साल बजट के दिन शेयर बाजार को खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया।

    इकोनॉमिक सर्वे और बजट की तारीख

    बजट की घोषणा 1 फरवरी को होगीजबकि इससे पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगाजो देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की नीतियों का खाका तैयार करता है। इकोनॉमिक सर्वे 31 जनवरी 2026 को या 30 जनवरी को पेश हो सकता हैजो कि संसद के पहले कार्यदिवस पर होगा। यह सर्वे आर्थिक वर्ष के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं और चुनौतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता हैजिससे निवेशक बजट की दिशा को समझने में मदद लेते हैं।

    पिछले उदाहरण

    यह पहला मौका नहीं है जब बजट के कारण बाजार खोला गया है। इससे पहले 1 फरवरी 2025 को भी शनिवार होने के बावजूद बजट के कारण शेयर बाजार खुले थे। एक और उदाहरण 28 फरवरी 1999 का हैजब रविवार को बजट पेश किया गया था। उसी साल से यह परंपरा शुरू हुई थी कि बजट सुबह के समय पेश किया जाएन कि शाम को।

    बजट से जुड़ी अटकलें

    हालांकि बजट में अभी कुछ समय बाकी हैलेकिन इस दौरान बाजार में कई अटकलें तेज हो गई हैं। निवेशक आयकर स्लैब में राहत की उम्मीद कर रहे हैंसाथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्चमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावाग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट से जुड़े सुधारों की भी चर्चा हो रही है। इस साल के बजट में सरकार से अर्थव्यवस्था को पुन गति देने के लिए कई अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही हैजिससे निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

    कुल मिलाकर1 फरवरी 2026 को होने वाला बजट न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैबल्कि शेयर बाजार के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण रहेगा। सरकार का यह कदम निवेशकों के लिए एक अवसर साबित हो सकता हैक्योंकि इससे बजट के तुरंत बाद बाजार की दिशा को सही समय पर समझा जा सकेगा। इस फैसले से निवेशकों को बाजार में त्वरित प्रतिक्रिया देखने का मौका मिलेगाऔर बाजार में आने वाली हलचल को अधिक नियंत्रण में रखा जा सकेगा। रविवार को बजट और शेयर बाजार दोनों का एक साथ खुलना निश्चित रूप से एक रोमांचक दिन होगा।

  • 1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट

    1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट


    नई दिल्ली। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 1 फरवरी 2026 (रविवार) को खुलेंगे। इस दिन केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी, इसलिए बाजार नियामकों और वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद एक्सचेंज खुलने का निर्णय लिया गया है।

    बजट डे पर बाजार खुलने का मकसद

    सरकार का यह कदम निवेशकों को सीधे बजट के प्रभाव को बाजार में तुरंत देखने का मौका देने के लिए है। आम दिनों में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट जैसे अहम आर्थिक दिन को अपवाद माना गया है।

    बजट के फैसले सीधे शेयर बाजार पर असर डालते हैं। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े एलानों के आधार पर निवेशक अपनी रणनीति बनाते हैं। इसलिए बजट के दिन बाजार खुला रहने से अगले दिन बड़े उतार-चढ़ाव से बचा जा सकेगा।

    इकोनॉमिक सर्वे की तारीख

    आम बजट के दिन इकोनॉमिक सर्वे भी पेश किया जाता है। इस बार यह संभवत: 31 जनवरी (शनिवार) या 30 जनवरी (शुक्रवार) को संसद में पेश किया जाएगा। इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक स्थिति और नीतिगत दिशा का संकेत देता है, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहती है।

    पहले भी खुल चुका है बाजार

    पहले भी बजट के दिन शेयर बाजार रविवार या शनिवार को खुल चुका है। उदाहरण के लिए, 1 फरवरी 2025 को शनिवार था और बाजार खुला था। वहीं, 28 फरवरी 1999 को रविवार को बजट पेश किया गया था।

    बजट की थीम पर कयास

    हालांकि बजट में अभी करीब 50 दिन बाकी हैं, लेकिन निवेशक पहले से ही अटकलें लगाने लगे हैं। उम्मीद है कि बजट में आयकर में राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट सुधार जैसे फैसले हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर, रविवार को बजट पेश होना और शेयर बाजार खुलना निवेशकों के लिए रोमांचक रहेगा। सरकार का मकसद है कि बजट का असर अर्थव्यवस्था और बाजार पर तुरंत स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

  • Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई

    Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई


    नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho Limited का शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ एंट्री ली। बुधवार को Meesho का IPO NSE और BSE पर लिस्ट हुआ और यह अपने अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 46% प्रीमियम पर डेब्यू किया। 111 रुपये वाले शेयर ने 162 रुपये के पार मार्केट डेब्यू किया, जिससे IPO में पैसे लगाने वाले निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    दमदार लिस्टिंग के साथ मार्केट में एंट्री

    NSE पर लिस्टिंग: 162.50

    BSE पर लिस्टिंग: 161.20

    प्रीमियम: 46.40% (NSE), 45.23% (BSE)

    इस शानदार लिस्टिंग के कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को तुरंत लाभ हुआ।

    निवेशकों को हुआ सीधा फायदा

    Meesho का IPO कुल 5,421.20 करोड़ का था, प्राइस बैंड 105-111 प्रति शेयर तय किया गया और लॉट साइज 135 शेयरों का था।

    एक लॉट के लिए निवेश: 14,985

    लिस्टिंग के समय मूल्य: 21,937.50

    एक लॉट पर सीधा मुनाफा: 6,952

    HNI निवेशकों के लिए उदाहरण:

    अधिकतम 14 लॉट (1,890 शेयर)

    निवेश राशि: 2,09,790

    लिस्टिंग मूल्य के हिसाब से कमाई: 97,335

    निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस

    Meesho का IPO बहुत अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल 79.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    कुल आवेदन: 62.75 लाख से अधिक

    कुल बोली राशि: 2,43,830 करोड़ से अधिक

    QIB: 120.18 गुना

    NII: 38.16 गुना

    रिटेल: 19.08 गुना

    इस IPO को निवेशकों ने बहुत उत्साह के साथ लिया और इसके दमदार लिस्टिंग प्रदर्शन ने सभी को फायदा पहुँचाया।

    Meesho का परिचय

    2015 में स्थापित बेंगलुरु स्थित Meesho एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों को किफायती उत्पादों की विस्तृत रेंज प्रदान करता है। इसका फोकस छोटे व्यापारियों और घर से काम करने वाले विक्रेताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म देना है।

    निवेशकों के लिए सुझाव

    Meesho IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ शानदार लाभ हुआ।

    हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है, इसलिए निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

  • टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप


    नई दिल्ली।
    2025 का साल टाटा ग्रुप (Tata Group) की कई कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (Tata Consultancy Services Limited-TCS), ट्रेंट लिमिटेड, दी इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड (IHCL), वोल्टास और तेजस नेटवर्क लिमिटेड के शेयरों में इस साल 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। जिसकी वजह से ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों को मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपये घट गया है।


    घटकर कितना हुआ मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप अब घटकर 25.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है। 31 दिसंबर 2024 को समूह की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 31.09 लाख करोड़ रुपये रहा था। जोकि 17.76 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।


    किन कंपनियों को हुआ अधिक नुकसान

    टाटा ग्रुप की धाकड़ कंपनी टीसीएस के शेयरों की कीमतों में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। ग्रुप के मार्केट कैप की गिरावट में इस अकेली कंपनी 3.10 लाख करोड़ रुपये का योगदान है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 27 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। दो साल में टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 11 प्रतिशत लुढ़क गया है।

    ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों की कीमतों में इस साल 41 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस कंपनी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये घट गया है।

    इन कंपनियों का बुरा हाल
    IHCL के शेयरों की कीमतों में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। तेजस नेटवर्क लिमिटेड के मार्केट वैल्यू में 2025 में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के शेयरों का भाव 25 से 26 प्रतिशत गिरा है। टाटा टेलीसर्विसेज, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड, नेल्को लिमिटेड के शेयरों का भाव 38 प्रतिशत तक गिरा है।


    इन कंपनियों के शेयरों में उछाल

    टाइटन कंपनी लिमिटेड, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयरों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। ग्रुप के मार्केट कैप में इन कंपनियों का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये का योगदान है।

  • Year Ender 2025: मिडिल क्लास के लिए राहत, इनकम टैक्स और GST सुधार से बढ़ी बचत

    Year Ender 2025: मिडिल क्लास के लिए राहत, इनकम टैक्स और GST सुधार से बढ़ी बचत

    नई दिल्ली। वर्ष 2025 मिडिल क्लास के लिए कई मामलों में शानदार साबित हुआ। इस साल सरकार ने टैक्स और जीएसटी में बड़े सुधार किए, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ा और वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हुआ। सबसे ज्यादा राहत इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव और जीएसटी 2.0 रिफॉर्म से मिली।

    इनकम टैक्स में बड़ी राहत
    केंद्र सरकार ने आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम करने के लिए इस साल कई फैसले लिए। बजट 2025 में सरकार ने इनकम टैक्स छूट की लिमिट 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी। इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत मिलने वाली 75,000 रुपये की छूट को मिला दिया जाए तो यह बढ़कर 12.75 लाख रुपये हो जाती है। इसका मतलब है कि कोई भी सैलरीड क्लास 12.75 लाख रुपये तक की आमदनी पर इनकम टैक्स छूट का दावा कर सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट केवल सैलरीड क्लास को ही मिलेगी।

    जीएसटी 2.0 से मिडिल क्लास को बड़ा फायदा
    सरकार ने 2025 में जीएसटी स्लैब्स में भी बड़ा बदलाव किया। पुराने चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% को घटाकर अब केवल दो स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। वहीं, लग्जरी और सिन गुड्स पर जीएसटी की दर 40% कर दी गई।

    453 चीजों पर GST रेट में बदलाव
    नए जीएसटी रेट लागू होने के बाद 453 चीजों की दरों में बदलाव हुआ, जिनमें से 413 चीजों की दर में कमी हुई। करीब 295 जरूरी चीजों पर जीएसटी रेट 12% से घटाकर 5% या जीरो कर दिया गया। 1,200 सीसी या उससे कम की पेट्रोल कारों और 1,500 सीसी या कम की डीजल कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% की गई। इसी तरह, 350 सीसी या उससे कम की बाइक पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दी गई।

    लग्जरी गाड़ियों और बाइक पर 40% GST
    लग्जरी गाड़ियों और बाइक पर जीएसटी 40% तय की गई। इसके साथ ही कारों पर सेस को भी खत्म कर दिया गया। इन सुधारों का उद्देश्य देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाना था। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की दूसरी तिमाही में देश की ग्रोथ रेट 8.2% दर्ज की गई, जो पिछली कई तिमाहियों में सबसे तेज है।

    टोल प्लाजा पर भी मिली राहत
    साल 2025 में आम लोगों के लिए टोल टैक्स का बोझ भी कम किया गया। सरकार ने एनुअल पास का ऐलान किया, जिसे 15 अगस्त से लागू कर दिया गया। फास्टैग एनुअल पास की कीमत 3,000 रुपये है। इसके तहत कोई भी वाहन चालक सालभर में 200 टोल प्लाजा पार कर सकता है। इस योजना से एक टोल प्लाजा पार करने की कीमत घटकर केवल 15 रुपये रह जाती है, जिससे हाइवे पर सफर पहले की तुलना में काफी सस्ता हो गया है।
    साल 2025 मिडिल क्लास के लिए राहत और फायदे लेकर आया। इनकम टैक्स में छूट, GST स्लैब्स में कमी और टोल पास सुविधा ने आम आदमी की जेब पर सकारात्मक असर डाला। सरकार के ये कदम आर्थिक दृष्टि से आम जनता को सहारा देने और खर्च में कटौती करने में मददगार साबित हुए हैं।

  • IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया

    IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लिया है। हाल के हज़ारों फ्लाइट रद्द होने और यात्रियों की परेशानी के कारण सरकार ने एयरलाइन के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 5% कटौती का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि इंडिगो से रोजाना करीब 110 उड़ानें छीन ली जाएंगी, जिन्हें अन्य एयरलाइंस को आवंटित किया जाएगा।

    DGCA का कदम और पृष्ठभूमि
    नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा, “हम इंडिगो के मार्गों में कटौती करेंगे। फिलहाल वे 2,200 उड़ानें चला रहे हैं, अब 5% कम होंगी।” यह कार्रवाई 5 दिसंबर को इंडिगो की 100 से अधिक उड़ानों के प्रभावित होने के बाद हुई। DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

    विवरण संख्या/राशि
    प्रतिदिन वर्तमान उड़ानें 2,200
    आदेशित कटौती (%) 5%
    रोजाना छीनी जाने वाली उड़ानें (अनुमानित) 110
    रद्द PNR के लिए मुआवजा ₹745 करोड़

    यात्रियों की भरपाई:
    सरकार ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द किए गए 7,30,655 PNR के लिए ₹745 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। खोए हुए 9,000 बैगों में से 6,000 लौटाए जा चुके हैं और बाकी बैग जल्द ही यात्रियों तक पहुंचेंगे।

    IndiGo की प्रतिक्रिया:
    एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने के पीछे तकनीकी खराबियां, खराब मौसम, हवाई यातायात की भीड़ और क्रू ड्यूटी लिमिटेशन जैसी बाहरी वजहें हैं। इंडिगो ने स्थिति सामान्य करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।

    सरकार ने चेताया है कि यदि एयरलाइन ने रवैया नहीं सुधारा तो एक्शन और कड़ा किया जाएगा। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि यात्रियों की असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग

    मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग


    नई दिल्ली ।
    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के दम पर इस आईपीओ ने बाजार में काफी ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद GMP में उतार-चढ़ाव के बाद भी लिस्टिंग पर 32 फीसदी तक मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। आईपीओ 3 से 5 दिसंबर तक खुला था और अब निवेशकों की नजर 10 दिसंबर पर है जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
    लिस्टिंग पर कितना हो सकता है मुनाफा
    लिस्टिंग से एक दिन पहले ग्रे मार्केट में मीशो का GMP 35 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इसे आधार मानते हुए मीशो के शेयर 146 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हो सकते हैं जो इश्यू प्राइस 111 रुपये से करीब 32% ज्यादा है। हालांकि GMP में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिस्टिंग के वक्त प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इस वजह से लिस्टिंग पर वास्तविक मुनाफे का आकलन तभी होगा।

    GMP का ट्रेंडकब कितना प्रीमियम

    पिछले 10 दिनों में मीशो आईपीओ का GMP 31.5 रुपये से 49.5 रुपये के बीच रहा। शुरुआती दिनों में प्रीमियम मजबूत बना रहा लेकिन 9 दिसंबर को इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। 30 नवंबर को GMP 42 रुपये था जो 2 दिसंबर को बढ़कर 49 रुपये तक पहुंच गया लेकिन कुछ ही दिनों में यह घटकर 9 दिसंबर को 31.5 रुपये रह गया। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अस्थिरता है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    मीशो का आईपीओ और निवेशकों का आकर्षण

    मीशो एक सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो खासकर छोटे और मझोले व्यापारियों को ऑनलाइन बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करता है। कंपनी का ब्रांड वैल्यू और मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम ने इसे निवेशकों के बीच काफी आकर्षक बना दिया है। कंपनी की प्राइस बैंड 105-111 रुपये प्रति शेयर रखी गई है और एक लॉट में 135 शेयर शामिल हैं। इस आईपीओ का कुल इश्यू साइज 488396721 शेयरों का है जो कुल 5421.20 करोड़ रुपये का है। इसमें से 4250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1171.20 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल है। कंपनी की फेस वैल्यू 1 रुपये रखी गई है।

    निवेशकों के लिए एक मौका

    मीशो के आईपीओ ने निवेशकों को एक अच्छा मौका प्रदान किया है लेकिन इसमें जोखिम भी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अपने निर्णय में सतर्क रहना चाहिए। कई बार आईपीओ की लिस्टिंग पर प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इसलिए निवेशकों को लिस्टिंग के समय निवेश के फैसले पर ध्यान देना चाहिए।

     मीशो का आईपीओ निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका हो सकता है खासकर जब लिस्टिंग के समय संभावित मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक अपने निवेश निर्णयों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की शॉर्ट टर्म अस्थिरता से बचने के लिए उचित रणनीति अपनाएं। 10 दिसंबर को लिस्टिंग के बाद ही इस आईपीओ की असली तस्वीर सामने आएगी।

  • Year Ender 2025: सोना-चांदी ने दी रिकॉर्ड कमाई, सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश

    Year Ender 2025: सोना-चांदी ने दी रिकॉर्ड कमाई, सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश


    नई दिल्ली। साल 2025 सोना और चांदी निवेशकों के लिए शानदार साबित हुआ, जबकि शेयर बाजार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के बीच कीमती धातुओं ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए और सुरक्षित निवेश विकल्प बनने की अपनी छवि को और मजबूत किया।

    सोना-चांदी का धमाकेदार साल

    2025 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। सबसे बड़ी छलांग चांदी ने लगाई, जिसने सोने को भी रिटर्न के मामले में पीछे छोड़ दिया।

    चांदी का रिटर्न (2025):

    1 सप्ताह: 12.13%

    1 महीना: 19.70%

    3 महीने: 44.91%

    6 महीने: 77.73%

    1 वर्ष: 97.83%

    मौजूदा कीमत: 1,80,900 प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित)

    सोने का रिटर्न (2025):

    1 सप्ताह: 1.75%

    1 महीना: 6.41%

    3 महीने: 21.45%

    6 महीने: 32.57%

    1 वर्ष: 68.14%

    मौजूदा कीमत: 1,30,000 प्रति 10 ग्राम के करीब

    दोनों धातुओं की चमक ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया-चाहे वे ज्वेलरी खरीदार हों या सुरक्षित संपत्ति की तलाश में लगे निवेशक।

    गोल्ड-सिल्वर ETF ने कराया मालामाल

    कीमती धातुओं के ETF ने भी इस साल धमाकेदार प्रदर्शन किया।

    गोल्ड ETF रिटर्न (1 वर्ष):

    औसतन 58-60%

    GLD और SGOL जैसे बड़े ETFs ने भी 58%+ रिटर्न दिया

    सिल्वर ETF रिटर्न (1 वर्ष):

    UTI Silver ETF: 100.89%

    ICICI Prudential Silver ETF: 100.72%

    HDFC Silver ETF: 100.29%

    SBI Silver ETF: -100%

    ETF क्षेत्र में सिल्वर सबसे आगे रही, जिससे छोटे निवेशकों को भी अच्छी कमाई का मौका मिला।

    सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश

    जहां सोना-चांदी ने निवेशकों को खुश किया, वहीं शेयर बाजार सुस्त रहा।

    इंडेक्स परफॉर्मेंस (2025):

    सेंसेक्स: 5.30%

    निफ्टी 50: 6.38%

    म्यूचुअल फंड्स का हाल इससे भी खराब रहा। 41 में से केवल 3 फंड्स ने ही बेहतर रिटर्न दिया। यह संकेत है कि 2025 में इक्विटी मार्केट की राह चुनौतीपूर्ण रही।

    सोना-चांदी क्यों चमके और बाजार क्यों कमजोर पड़ा?
    कीमती धातुओं में तेजी के प्रमुख कारण:

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

    डॉलर की कमजोरी

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रास्फीति

    भू-राजनीतिक तनाव

    चांदी की औद्योगिक मांग में उछाल

    शेयर बाजार की कमजोरी के कारण:

    बाजार में अस्थिरता

    विदेशी निवेशकों की सावधानी

    आर्थिक दबाव

    ग्लोबल मार्केट में मंदी का असर

    इन परिस्थितियों ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट्स की ओर मोड़ा और सोना-चांदी की तेजी और बढ़ गई।

    एक्सपर्ट्स की राय

    HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विशेषज्ञ सौमिल गांधी के अनुसार-

    ग्लोबल मार्केट में मजबूत ट्रेंड और रुपये की कमजोरी के कारण घरेलू सोने के दाम तेजी से बढ़े।

    फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे बुलियन मार्केट को समर्थन मिला।

    निवेशक US रोजगार डेटा और ISM सर्विसेज PMI पर नज़र बनाए हुए हैं, जो आगे की दिशा तय करेगा।

    निवेशकों के लिए सबक

    2025 ने निवेशकों को एक अहम बात सिखाई-
    केवल स्टॉक्स पर निर्भर रहना समझदारी नहीं है।

    एक संतुलित पोर्टफोलियो में शामिल होना चाहिए:

    सोना

    चांदी

    इक्विटी

    कम जोखिम वाले दीर्घकालिक साधन

    सोना-चांदी ने यह साबित किया कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में ये धातुएं निवेश में स्थिरता लाती हैं।

  • कारों की सेल में तेजी… नवंबर में मजबूत रही मोटर वाहनों की खुदरा बिक्री

    कारों की सेल में तेजी… नवंबर में मजबूत रही मोटर वाहनों की खुदरा बिक्री


    नई दिल्ली।
    देश में मोटर वाहनों (Motor Vehicles) की खुदरा बिक्री (Retail Sales) नवंबर 2025 (November 2025) में भी मजबूत बनी रही। आमतौर पर त्योहारों के बाद बाजार में थोड़ी सुस्ती आ जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (Federation of Automobile Dealers Association) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में कुल वाहन पंजीकरण 2% बढ़कर 33,00,832 इकाई हो गया, जबकि पिछले साल यह संख्या 32,31,526 थी। यानी वाहन खरीदने का उत्साह त्योहारों के बाद भी जारी रहा।

    पैसेंजर वाहन, तिपहिया वाहन, कॉमर्शियल वाहन और ट्रैक्टर श्रेणियों में बेहतर मांग ने इस वृद्धि को आगे बढ़ाया। फाडा अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि लोग त्योहारों के बाद भी वाहन खरीदते रहे, और इस वजह से पिछले साल की तुलना में बिक्री तेज बनी रही। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल दिवाली और धनतेरस अक्टूबर में आ गए थे, इसलिए नवंबर 2024 में बिक्री अचानक बहुत ज्यादा थी। इसके बावजूद इस साल नवंबर ने उस उच्च आधार पर भी अच्छी बढ़त दिखाई है।


    रफ्तार के पीछे कई बड़े कारण

    -सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती
    -ऑटो कंपनियों और डीलरों द्वारा मिल रहे अच्छे ऑफर और छूट
    -बड़े मॉडलों, खासकर एसयूवी की बेहतर उपलब्धता
    -शादी-विवाह के सीजन की मजबूत मांग


    किस-किस वाहन में कितनी बिक्री हुई?

    1. यात्री वाहन यानी कार-एसयूवी आदि की बिक्री 20% बढ़कर 3,94,152 इकाई हो गई।


    बिक्री बढ़ने की वजहें

    -जीएसटी में कटौती के बाद कीमतें कम होना
    -एसयूवी और कॉम्पैक्ट एसयूवी की जबरदस्त मांग
    -पहले से बुक किए गए मॉडलों की तेज डिलीवरी
    -शादी के सीजन में कार खरीदारी का बढ़ता रुझान

    2. दोपहिया वाहन का पंजीकरण नवंबर में 3% घटकर 25,46,184 इकाई रहा। हालांकि, एक सकारात्मक बात यह रही कि कुल वाहनों का स्टॉक घटकर 44-46 दिन रह गया है। पहले यह 53-55 दिनों का था। इससे पता चलता है कि डीलरशिप पर गाड़ियां ज्यादा समय तक नहीं अटक रहीं-यानी मांग बेहतर है।

    बिक्री घटने की वजहें

    -ग्रामीण इलाकों में थोड़ी कमजोर मांग
    -फाइनेंसिंग में सख्ती का असर शामिल है।

    3. वाणिज्यिक वाहन (ट्रक-बस) की बिक्री 20% बढ़कर 94,935 इकाई हुई।
    बिक्री बढ़ने की वजहें:
    -सड़कों और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों में तेजी
    -माल ढुलाई की बढ़ती जरूरत
    -सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में नई मांग
    -जीएसटी सुधारों से लॉजिस्टिक सेक्टर को मिला फायदा

    4. तिपहिया वाहनों की बिक्री 24% बढ़कर 1,33,951 इकाई हो गई। ई-रिक्शा से लेकर बड़े तिपहिया वाहनों तक, सभी श्रेणियों में मांग रही।
    5. ट्रैक्टर का पंजीकरण नवंबर में 57% बढ़कर 1,26,033 इकाई पहुंच गया।
    इसकी वजहें
    -रबी फसल की तैयारी
    -किसानों के पास अच्छी आय
    -ग्रामीण बाजार में अपेक्षा से ज्यादा सुधार
    -ट्रैक्टर बाजार ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।


    आगे भी तेजी की उम्मीद

    कुल मिलाकर, नवंबर का महीना वाहन बाजार के लिए उम्मीद से ज्यादा अच्छा रहा। यात्री वाहन, तिपहिया वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टरों ने तेजी दिखाई, जबकि दोपहिया सेगमेंट थोड़ा कमजोर रहा। लेकिन समग्र रूप से, ऑटो सेक्टर में सकारात्मक रुझान जारी है और आने वाले महीने भी मजबूत रहने की उम्मीद है। फाडा का मानना है कि अगले तीन महीनों में भी वाहन बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद है।


    इस उम्मीद की वजहें

    -जीएसटी 2.0 सुधारों का असर
    -ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार
    -जनवरी 2026 में संभावित कीमत बढ़ोतरी से पहले खरीदारी
    -नए मॉडल लॉन्च
    -शादी-विवाह का लंबा सीजन

  • RBI का बड़ा बयान: 50 पैसे समेत सभी सिक्के हैं वैध, अफवाहों पर न दें ध्यान..

    RBI का बड़ा बयान: 50 पैसे समेत सभी सिक्के हैं वैध, अफवाहों पर न दें ध्यान..

    नई दिल्ली। देश में नकली और असली नोटों के बारे में लोगों को जागरूक करने के बाद अब रिजर्व बैंक ऑफ RBI ने सिक्कों को लेकर भी अहम संदेश जारी किया है। आरबीआई ने लोगों से कहा है कि 50 पैसे और अन्य सभी सिक्कों के बारे में फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और इन्हें बिना झिझक स्वीकार करें।

    आरबीआई के व्हाट्सऐप नंबर पर भेजे गए संदेश में बैंक ने बताया कि एक ही मूल्यवर्ग के सिक्कों के अलग-अलग डिजाइन हो सकते हैं और यह पूरी तरह से वैध हैं। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया कि 50 पैसे 1 रुपये 2 रुपये 5 रुपये 10 रुपये और 20 रुपये के सभी सिक्के वैध मुद्रा हैं और लंबे समय तक चलन में रहते हैं।

    सिक्कों के बारे में भ्रमित होने वाले लोगों के लिए RBI ने अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। बैंक ने कहा “जानकार बनिए सतर्क रहिए।”

    इस संदेश के माध्यम से आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि सिक्कों को अस्वीकार करना अनुचित है और सभी व्यापारियों दुकानदारों और आम लोगों को इन्हें स्वीकार करना चाहिए। इससे देश में मुद्रा का निर्बाध और सुरक्षित लेनदेन सुनिश्चित होगा।

    RBI की यह चेतावनी और मार्गदर्शन समय पर जारी की गई है ताकि लोगों में असली और नकली मुद्रा को पहचानने की जानकारी बनी रहे और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।