Category: Entertainment

  • सिनेमाघरों में नहीं चली किस्मत, हिंदी डब रिलीज के बाद YouTube पर 100 करोड़ व्यूज पार कर रचा अनोखा रिकॉर्ड

    सिनेमाघरों में नहीं चली किस्मत, हिंदी डब रिलीज के बाद YouTube पर 100 करोड़ व्यूज पार कर रचा अनोखा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली ।
    फिल्म उद्योग में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि कोई फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं जुटा पाती, लेकिन बाद में किसी दूसरे मंच पर उसे नई पहचान मिल जाती है। तेलुगु फिल्म ‘जया जानकी नायक’ इसका एक प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आई है। वर्ष 2017 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी थी, लेकिन कुछ वर्षों बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसने इसे भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया।

    निर्देशक बोयापति श्रीनु के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बेलमकोंडा श्रीनिवास और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये के बजट में किया गया था। हालांकि रिलीज के बाद यह दर्शकों को सिनेमाघरों तक आकर्षित करने में सफल नहीं रही और इसकी कमाई करीब 20 करोड़ रुपये तक ही सीमित रही। लागत की तुलना में कम कारोबार होने के कारण इसे बॉक्स ऑफिस पर असफल फिल्मों में गिना गया।

    फिल्म के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद निर्माताओं ने इसके प्रति उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने बदलते डिजिटल दौर को देखते हुए फिल्म को नए दर्शकों तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई। इसके तहत वर्ष 2019 में फिल्म का हिंदी डब संस्करण तैयार किया गया और इसका नाम बदलकर ‘खूंखार’ रखा गया। इसके बाद इसे YouTube पर रिलीज किया गया, जहां फिल्म को अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में दर्शकों का समर्थन मिलने लगा।

    हिंदी भाषा में उपलब्ध होने के कारण फिल्म देशभर के उन दर्शकों तक भी पहुंची, जो पहले इसे नहीं देख पाए थे। एक्शन, पारिवारिक भावनाओं और व्यावसायिक मनोरंजन से भरपूर कहानी ने डिजिटल दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। धीरे-धीरे फिल्म के व्यूज लगातार बढ़ते गए और समय के साथ इसने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली।

    फिल्म का हिंदी संस्करण YouTube पर 100 करोड़ यानी एक बिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार करने में सफल रहा। इस उपलब्धि के साथ यह 100 करोड़ व्यूज हासिल करने वाली पहली भारतीय फीचर फिल्म बन गई। जिस फिल्म को कभी बॉक्स ऑफिस पर असफल माना गया था, वही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल हो गई।

    यह उदाहरण इस बात को भी दर्शाता है कि किसी फिल्म की सफलता अब केवल थिएटर कलेक्शन तक सीमित नहीं रह गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने फिल्मों के लिए नए अवसर तैयार किए हैं, जहां भाषा की बाधाएं भी काफी हद तक समाप्त हो चुकी हैं। हिंदी डब संस्करणों की बढ़ती लोकप्रियता ने दक्षिण भारतीय फिल्मों को देशभर में नई पहचान दिलाई है और दर्शकों का दायरा पहले से कहीं अधिक विस्तृत हुआ है।

    ‘जया जानकी नायक’ की यह यात्रा फिल्म उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह साबित करती है कि यदि किसी फिल्म की सामग्री दर्शकों को पसंद आती है तो वह समय के साथ नए मंचों पर भी सफलता हासिल कर सकती है। डिजिटल माध्यमों ने फिल्मों को दूसरा अवसर दिया है और कई ऐसी फिल्मों को नई पहचान मिली है, जिन्हें सिनेमाघरों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई थी।

  • 'रामायण' में मंदोदरी निभा रहीं काजल अग्रवाल ने सुनाई पुरानी घटना, कहा- आज भी याद कर सिहर उठती हूं

    'रामायण' में मंदोदरी निभा रहीं काजल अग्रवाल ने सुनाई पुरानी घटना, कहा- आज भी याद कर सिहर उठती हूं

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने उन्हें गहरे स्तर पर प्रभावित किया था। अभिनेत्री ने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ हुई एक अप्रत्याशित घटना आज भी उन्हें असहज कर देती है। उनका कहना है कि उस समय जो कुछ हुआ, उसने उन्हें कुछ क्षणों के लिए पूरी तरह स्तब्ध कर दिया था।

    हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में काजल अग्रवाल ने बताया कि वह शूटिंग के बीच अपने वैनिटी वैन में आराम कर रही थीं। इसी दौरान फिल्म यूनिट से जुड़ा एक असिस्टेंट डायरेक्टर बिना किसी अनुमति के सीधे उनकी वैनिटी वैन के भीतर आ गया। अचानक किसी अनजान व्यक्ति को सामने देखकर वह हैरान रह गईं और कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाईं कि स्थिति से कैसे निपटा जाए।

    अभिनेत्री के अनुसार, मामला तब और अधिक चौंकाने वाला हो गया जब उस व्यक्ति ने अपनी शर्ट उतारकर उन्हें अपनी छाती पर बना उनके नाम का टैटू दिखाया। काजल ने बताया कि यह सब इतनी तेजी से हुआ कि वह पूरी तरह घबरा गई थीं। उन्हें उस समय भय और असुरक्षा का एहसास हुआ तथा उनके हाथ-पैर तक कांपने लगे थे। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके लिए बेहद असहज और डरावनी थी तथा इसकी याद आज भी उन्हें विचलित कर देती है।

    काजल अग्रवाल ने इस अनुभव को साझा करते हुए व्यक्तिगत सीमाओं और कार्यस्थल पर पेशेवर व्यवहार के महत्व पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि किसी भी कलाकार या कर्मचारी की निजी जगह का सम्मान किया जाना आवश्यक है और बिना अनुमति किसी के निजी क्षेत्र में प्रवेश करना स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म उद्योग सहित हर कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    फिल्मी करियर की बात करें तो काजल अग्रवाल ने दक्षिण भारतीय सिनेमा से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। अपनी दमदार अदाकारी और कई सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्मों में मजबूत पहचान बनाई। समय के साथ उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाकर खुद को एक बहुमुखी अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है।

    इन दिनों काजल अग्रवाल अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी चर्चा में हैं। इस बहुचर्चित फिल्म में वह मंदोदरी की भूमिका निभाती नजर आएंगी। बड़े बजट में तैयार की जा रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म का ट्रेलर 30 जुलाई को जारी किया जाना है और इसके बाद दर्शकों को इसके भव्य प्रस्तुतीकरण की पहली झलक देखने को मिलेगी।

    मनोरंजन जगत में जहां कलाकार अपनी उपलब्धियों के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं समय-समय पर उनके निजी अनुभव भी कार्यस्थल की सुरक्षा और पेशेवर मर्यादाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करते हैं। काजल अग्रवाल द्वारा साझा किया गया यह अनुभव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि किसी भी पेशे में सम्मान, सहमति और व्यक्तिगत सीमाओं का पालन सर्वोपरि होना चाहिए।

  • श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    नई दिल्ली । दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिना जाता है। उनकी अभिनय शैली, नृत्य, चुलबुला अंदाज और सहज अभिव्यक्ति आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनके निधन के वर्षों बाद भी प्रशंसक उन्हें याद करते हैं और उनके गीतों व फिल्मों को बड़े उत्साह से देखते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कई लोग श्रीदेवी की याद ताजा होने की बात कह रहे हैं।

    इन दिनों भूमिका तिवारी नाम की कंटेंट क्रिएटर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने फिल्म ‘चालबाज़’ के लोकप्रिय गीत ‘किसी के हाथ ना आएगी’ पर एक डांस वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने श्रीदेवी की शैली से प्रेरित वेशभूषा, हावभाव और नृत्य प्रस्तुति को अपनाने की कोशिश की है। उनके एक्सप्रेशन और प्रस्तुति ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने भूमिका की तुलना सीधे श्रीदेवी से करनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि उनके चेहरे के भाव, मासूम मुस्कान और चुलबुले अंदाज में उन्हें दिवंगत अभिनेत्री की झलक दिखाई देती है। हालांकि यह प्रशंसकों की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है, लेकिन वीडियो ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा जरूर छेड़ दी है।

    भूमिका तिवारी लंबे समय से श्रीदेवी के लोकप्रिय गीतों पर आधारित डांस रील्स बनाती रही हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें उन्होंने अभिनेत्री के यादगार गानों को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है। इसी निरंतरता ने उन्हें बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचाया है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां उनके वीडियो नियमित रूप से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं।

    वायरल हुए इस वीडियो को भी बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया है। इसे एक लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और कमेंट सेक्शन में हजारों यूजर्स ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की है। कई लोगों ने लिखा कि उनके एक्सप्रेशन बेहद प्रभावशाली हैं, जबकि कुछ ने कहा कि वीडियो देखकर उन्हें श्रीदेवी की फिल्मों की याद आ गई। कई प्रशंसकों ने उन्हें भविष्य में फिल्मों में अभिनय करने की सलाह भी दी और उनके आत्मविश्वास तथा स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की।

    सोशल मीडिया के दौर में ऐसे कई कलाकार सामने आए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। किसी लोकप्रिय अभिनेता या अभिनेत्री की शैली से प्रेरित प्रस्तुति दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी वजह से चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से दिवंगत अभिनेत्री को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है।

    श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं, जिनकी फिल्मों और गीतों का प्रभाव आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है। यही कारण है कि जब भी कोई कलाकार उनके अंदाज को मंच या सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करता है, दर्शकों की उत्सुकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी कड़ी में इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • बिना अनुमति सलमान खान की छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अदालत सख्त, 24 घंटे में कंटेंट हटाने के निर्देश

    बिना अनुमति सलमान खान की छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अदालत सख्त, 24 घंटे में कंटेंट हटाने के निर्देश


    नई दिल्ली । 
    अभिनेता सलमान खान को उनकी पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल’ के टीजर और उससे संबंधित प्रचार सामग्री को विभिन्न ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही फिल्म निर्माताओं को भविष्य में भी इस प्रकार की सामग्री का प्रचार-प्रसार करने से रोक दिया गया है। अदालत का यह आदेश सलमान खान द्वारा दायर उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अपनी अनुमति के बिना उनके नाम, व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि के कथित व्यावसायिक उपयोग पर आपत्ति जताई थी।

    अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्तित्व के नाम, हाव-भाव, पहचान और छवि का उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि यदि किसी प्रचार सामग्री से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तो उसे पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है। अदालत के अनुसार प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से यह प्रतीत होता है कि संबंधित फिल्म के प्रचार में अभिनेता की लोकप्रियता और पहचान का उपयोग दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि फिल्म का टीजर उन घटनाओं और पात्रों का उल्लेख करता है, जिनका संबंध काले हिरण शिकार मामले से जोड़ा गया है। यह मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अदालत ने माना कि इस प्रकार की प्रस्तुति से अभिनेता की वर्षों में बनी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर अदालत ने तत्काल हस्तक्षेप को आवश्यक माना।

    न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को यह अधिकार प्राप्त है कि उनकी पहचान और व्यक्तित्व का व्यावसायिक उपयोग किस प्रकार और किन परिस्थितियों में किया जाएगा। बिना अनुमति किसी की पहचान का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री भी इसी सिद्धांत के दायरे में आती है और यदि उससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका हो तो न्यायिक संरक्षण उपलब्ध कराया जा सकता है।

    अंतरिम आदेश के तहत फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया गया है कि वे टीजर और उससे संबंधित सभी प्रचार सामग्री को 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म, टेलीविजन, प्रिंट और अन्य माध्यमों से हटा दें। साथ ही उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार की सामग्री को अपलोड, साझा, प्रकाशित या प्रचारित करने से रोका गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर संबंधित सामग्री नहीं हटाई जाती है, तो संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवा प्रदाताओं को संबंधित यूआरएल हटाने की कार्रवाई करनी होगी।

    यह मामला पर्सनैलिटी राइट्स और सार्वजनिक व्यक्तियों की पहचान के व्यावसायिक उपयोग से जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत का यह अंतरिम आदेश अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि मामले की विस्तृत सुनवाई पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय अंतिम निर्णय देगा।

  • पलक तिवारी पर राजा चौधरी का बड़ा बयान, बोले- मैं सिर्फ बायोलॉजिकल पिता, उनकी निजी जिंदगी से मुझे कोई फर्क नहीं

    पलक तिवारी पर राजा चौधरी का बड़ा बयान, बोले- मैं सिर्फ बायोलॉजिकल पिता, उनकी निजी जिंदगी से मुझे कोई फर्क नहीं

    नई दिल्ली। अभिनेता राजा चौधरी ने अपनी बेटी पलक तिवारी को लेकर लंबे समय बाद खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्वेता तिवारी से अलग होने के बाद उनका पलक की निजी जिंदगी से कोई सीधा संबंध नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को केवल पलक का जैविक पिता मानते हैं और जब तक उनकी बेटी खुद उनसे संपर्क नहीं करती, तब तक वह उसकी जिंदगी में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझते। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान जब राजा चौधरी से पूछा गया कि क्या उन्हें पलक तिवारी की फिल्मी सफलता और बड़े सितारों के साथ काम करने पर गर्व महसूस होता है, तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कोई स्पष्ट राय नहीं दे सकते। उनका कहना था कि उन्हें यह तक नहीं पता कि पलक इस समय कहां हैं, क्या कर रही हैं, किन परियोजनाओं पर काम कर रही हैं या उनकी निजी जिंदगी में क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पलक स्वयं आकर अपने जीवन की बातें साझा करेंगी, तभी वह उस पर प्रतिक्रिया देना उचित समझेंगे।

    राजा चौधरी ने यह भी दोहराया कि यदि कभी पलक को उनकी जरूरत होगी तो वह हर समय उसके साथ खड़े रहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल उनकी बेटी की जिंदगी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, किसी भी रिश्ते को दोनों तरफ से निभाया जाता है और जब तक सामने वाला व्यक्ति जुड़ना नहीं चाहता, तब तक जबरदस्ती संबंध नहीं बनाए जा सकते।

    इंटरव्यू के दौरान पलक तिवारी और अभिनेता इब्राहिम अली खान के बीच डेटिंग की चर्चाओं पर भी उनसे सवाल किया गया। इस पर राजा चौधरी ने कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पलक किसके साथ हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी अपनी बेटी पर अधिकार जताने का अवसर ही नहीं मिला, इसलिए वह उसकी निजी पसंद या रिश्तों पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते। उनके अनुसार, यह पूरी तरह पलक का व्यक्तिगत फैसला है और वह उसमें दखल नहीं देना चाहते।

    राजा चौधरी ने बातचीत में यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को परिवार में महत्व नहीं दिया जाता, तो वह उस स्थिति को बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने अपने पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिता उनसे इसलिए बातें साझा करते हैं क्योंकि दोनों के बीच संवाद बना हुआ है। लेकिन पलक के साथ ऐसा रिश्ता नहीं बन पाया, इसलिए वह उनकी निजी जिंदगी को लेकर कोई अपेक्षा भी नहीं रखते।

    उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें हमेशा यही महसूस कराया गया कि वह केवल पलक के जैविक पिता हैं और उनकी जिंदगी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ऐसे में लोगों को उनसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह उनकी निजी जिंदगी या रिश्तों को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया दें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में पलक को कभी उनकी जरूरत पड़ेगी तो वह बिना किसी शर्त के उनके साथ खड़े रहेंगे।

    राजा चौधरी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पलक तिवारी लगातार अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ा रही हैं और उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा होती रहती है। दूसरी ओर, श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के रिश्ते तथा उनके अलगाव की कहानी पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है। अब राजा के इस स्पष्ट और बेबाक बयान ने एक बार फिर उनके परिवार से जुड़े रिश्तों को चर्चा का विषय बना दिया है।

  • अभिनेता संजय दत्त के 67वें जन्मदिन पर उनके उतार-चढ़ाव भरे जीवन और चार दशक लंबे फिल्मी सफर का लेखा-जोखा

    अभिनेता संजय दत्त के 67वें जन्मदिन पर उनके उतार-चढ़ाव भरे जीवन और चार दशक लंबे फिल्मी सफर का लेखा-जोखा

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में अपनी विशिष्ट अभिनय शैली और दमदार शख्सियत के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता संजय दत्त 29 जुलाई को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। चार दशक से भी लंबे अपने करियर में लगभग 135 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वाले संजय दत्त का जीवन सफलताओं, व्यक्तिगत त्रासदियों, विवादों और कड़े संघर्षों की एक अनूठी दास्तान रहा है। फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उनका जीवन कभी आसान नहीं रहा और उन्हें कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा।

    सुप्रसिद्ध अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस के घर जन्मे संजय दत्त ने महज बारह वर्ष की उम्र में कव्वाली गायक के रूप में एक छोटी सी भूमिका से अपनी अभिनय यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 1981 में उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर अपनी पहली फिल्म ‘रॉकी’ से बॉलीवुड में औपचारिक कदम रखा। हालांकि फिल्म के प्रदर्शन से ठीक तीन दिन पहले उनकी मां का निधन हो गया, जिसने उनके जीवन पर गहरा मानसिक प्रभाव डाला। इसके बाद वे गंभीर नशे की लत में फंस गए, जिससे उबरने के लिए उन्हें लंबा वक्त लगा।

    अमेरिका स्थित पुनर्वास केंद्र से लौटने के बाद उन्होंने अपनी शारीरिक फिटनेस और अभिनय पर ध्यान केंद्रित किया और 80 व 90 के दशक में एक प्रमुख एक्शन और रोमांटिक हीरो के रूप में खुद को स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर और यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। हालांकि वर्ष 1993 में आए मुंबई बम धमाकों के मामले में कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन में एक बार फिर गंभीर उथल-पुथल देखने को मिली।

    व्यक्तिगत जीवन में संजय दत्त को कई बार अपनों को खोने का दर्द सहना पड़ा। उनकी पहली पत्नी का कम उम्र में ही गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था। बाद के वर्षों में विभिन्न उतार-चढ़ावों से गुजरने के बाद उन्होंने मान्यता दत्त से विवाह किया। कई कानूनी लड़ाइयों, जेल की सजा और निजी असफलताओं के बावजूद वे हर बार एक मजबूत वापसी करने में सफल रहे। वर्ष 2018 में उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित एक बायोपिक फिल्म का भी निर्माण किया गया था, जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया।

    वर्तमान समय में संजय दत्त हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी बेहद सक्रिय हैं और नकारात्मक व मुख्य भूमिकाओं में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और थ्रिलर जैसे विभिन्न शैलियों की फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के बाद अब वे अपनी आने वाली नई फिल्मों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। चार दशक बाद भी उनका स्टारडम और प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

  • भीषण बाढ़ की तबाही से कराहते असम के लिए आगे आए बॉलीवुड सितारे, आलिया भट्ट और सलमान खान ने संभाला राहत मोर्चा

    भीषण बाढ़ की तबाही से कराहते असम के लिए आगे आए बॉलीवुड सितारे, आलिया भट्ट और सलमान खान ने संभाला राहत मोर्चा

    नई दिल्ली । पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख राज्य असम इन दिनों विनाशकारी बाढ़ की चपेट में है, जिससे व्यापक स्तर पर जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच फिल्म जगत की हस्तियों ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद के प्रयास तेज कर दिए हैं। अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता से आगे आकर राहत कार्यों में योगदान देने की अपील की है, वहीं अभिनेता सलमान खान की संस्था जमीनी स्तर पर राहत सामग्री पहुंचाने के काम में जुट गई है।

    असम में बने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से अब तक साठ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। हर साल असम को इस भीषण त्रासदी का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी स्तर पर तैयारियां नाकाफी नजर आती हैं। उन्होंने आपदा प्रभावितों को तत्काल और दीर्घकालिक पुनर्वास सहायता देने की जरूरत पर जोर दिया।

    अभिनेत्री ने स्पष्ट किया है कि वह जल्द ही जमीनी स्तर पर कार्य कर रही प्रामाणिक संस्थाओं का विवरण साझा करेंगी, ताकि लोग सही माध्यमों से आर्थिक या सामग्री के रूप में योगदान दे सकें। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों का सहारा बनने की गुजारिश की है। कई परिवारों द्वारा अपने प्रियजनों, मवेशियों और आजीविका के साधनों को खो देने की घटना बेहद पीड़ादायक है।

    दूसरी ओर, अभिनेता सलमान खान ने अपने धर्मार्थ संगठन और स्थानीय प्रशंसक समूहों के माध्यम से राहत अभियान शुरू कर दिया है। गुवाहाटी से राहत सामग्री जुटाकर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पहुंचाई जा रही है। विशेषकर शिवसागर जिले के ग्रामीण इलाकों में जलभराव से जूझ रहे परिवारों को तत्काल राहत के रूप में भोजन के पैकेट और दैनिक आवश्यकता का सामान वितरित किया जा रहा है।

    आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई प्रमुख जिलों में जलस्तर खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप समेत सात से अधिक जिलों के सैकड़ों गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न होने से फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। ऐसे विकट समय में सामाजिक संगठनों और मशहूर हस्तियों की ओर से की जा रही पहल से राहत कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

  • बंटवारा 1947 के भावुक ट्रेलर लॉन्च पर शबाना आजमी ने कठिन सीन के दौरान सनी देओल की संवेदनशीलता को सराहा

    बंटवारा 1947 के भावुक ट्रेलर लॉन्च पर शबाना आजमी ने कठिन सीन के दौरान सनी देओल की संवेदनशीलता को सराहा

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के इतिहास में विभाजन की विभीषिका पर कई फिल्में बनी हैं, लेकिन कुछ फिल्में अपनी कहानी के साथ-साथ सेट पर बने मानवीय संबंधों के कारण विशेष चर्चा में आ जाती हैं। निर्देशक राजकुमार संतोषी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के ट्रेलर रिलीज के दौरान कुछ ऐसा ही भावनात्मक नजारा देखने को मिला, जब फिल्म के मुख्य कलाकारों ने शूटिंग के दौरान के अपने अनुभव साझा किए।

    इस खास मौके पर अनुभवी अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता सनी देओल बेहद भावुक नजर आए। फिल्म के एक बेहद कठिन और संवेदनशील दृश्य की शूटिंग को याद करते हुए शबाना आजमी ने बताया कि एक कलाकार के तौर पर उस पल को जीना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण और असहज करने वाला था। दृश्य की मांग के अनुसार जब खलनायक द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था, तब वे खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं।

    शबाना आजमी ने भावुक होकर बताया कि उस कठिन परिस्थिति में सनी देओल ने जिस तरह आगे बढ़कर उन्हें सहारा दिया, उसने अभिनय के दायरे को लांघकर वास्तविक जीवन की संवेदनशीलता को दर्शाया। सीन पूरा होते ही सनी देओल ने उन्हें दुपट्टे से ढका और एक रक्षक की भूमिका निभाई। इस पल ने पर्दे के पीछे के कलात्मक रिश्ते को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया, जिसे अभिनेत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।

    सनी देओल ने भी इस सहयोग पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शबाना आजमी के साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान दोनों के बीच किसी पेशेवर अदाकारी से इतर एक वास्तविक और प्रगाढ़ रिश्ता महसूस हुआ। अभिनेता ने इस फिल्म को दुनिया की सभी माताओं को समर्पित करते हुए सिनेमा के माध्यम से रिश्तों की गहराई को उजागर करने की बात कही।

    वहीं, इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई परियोजना के पीछे के लंबे संघर्ष पर बात करते हुए निर्देशक राजकुमार संतोषी ने बताया कि इस कहानी को बड़े पर्दे तक लाने में दो दशक से भी अधिक समय लग गया। साल 2009 में एक नाटक से प्रेरित इस विषय पर फिल्म बनाने का प्रयास 2010 से लगातार जारी था, लेकिन वित्तीय और संरचनात्मक सहयोग न मिल पाने के कारण इसमें लगातार विलंब होता रहा।

    फिल्म निर्माण की इस लंबी यात्रा में अंततः आमिर खान के सहयोग से इस परियोजना को गति मिली। कहानी की गहराई और ऐतिहासिक संदर्भ को समझते हुए निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, जिससे यह वर्षों पुरानी परिकल्पना साकार हो सकी। राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी ने अतीत में भी कई यादगार फिल्में दी हैं और इस नई फिल्म के जरिए उन्होंने एक बार फिर अपनी रचनात्मक साझेदारी को साबित किया है।

    ट्रेलर लॉन्च के इस अवसर पर फिल्म की पूरी स्टारकास्ट उपस्थित रही, जहां ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस थ्रिलर और ड्रामा फिल्म की मेकिंग से जुड़े कई अनदेखे पहलुओं पर चर्चा की गई। दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इसमें इतिहास के एक दर्दनाक दौर को भावनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

  • रणबीर कपूर की रामायण ने रिलीज से पहले जीता बड़ा मुकाबला 75 करोड़ की म्यूजिक डील से बनाया नया कीर्तिमान

    रणबीर कपूर की रामायण ने रिलीज से पहले जीता बड़ा मुकाबला 75 करोड़ की म्यूजिक डील से बनाया नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में शामिल रामायण अपनी रिलीज से पहले ही लगातार नए रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही है। करीब 4000 करोड़ रुपये के संयुक्त बजट में तैयार हो रही इस मेगा प्रोजेक्ट ने अब म्यूजिक राइट्स के मामले में भी इतिहास रच दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के म्यूजिक राइट्स टी सीरीज ने 75 करोड़ रुपये में खरीद लिए हैं। हालांकि इस डील की आधिकारिक पुष्टि अभी फिल्म के निर्माताओं की ओर से नहीं की गई है लेकिन इंडस्ट्री में इसे हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी म्यूजिक डील में से एक माना जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि इस डील के लिए टी सीरीज और सोनी म्यूजिक के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनी म्यूजिक ने 70 करोड़ रुपये की पेशकश की थी जबकि टी सीरीज ने 75 करोड़ रुपये का ऑफर देकर बाजी अपने नाम कर ली। चर्चा यह भी है कि निर्माता नमित मल्होत्रा फिल्म के म्यूजिक राइट्स के लिए 100 करोड़ रुपये तक की डील चाहते थे लेकिन 75 करोड़ रुपये का सौदा भी अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।

    रामायण का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं जबकि निर्माता नमित मल्होत्रा हैं। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। पहला भाग इस साल दिवाली पर सिनेमाघरों में आएगा जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली पर रिलीज किया जाएगा। मेकर्स का लक्ष्य भारतीय पौराणिक कथा को वैश्विक स्तर पर आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करना है।

    फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखाई देंगी। कन्नड़ सुपरस्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं और वह इस फिल्म के सह निर्माता भी हैं। इसके अलावा रवि दुबे लक्ष्मण तथा सनी देओल भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। इस दमदार स्टारकास्ट ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    फिल्म के संगीत पर भी खास ध्यान दिया गया है। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान और हॉलीवुड के दिग्गज हांस जिमर पहली बार किसी भारतीय फिल्म के लिए साथ काम कर रहे हैं। हांस जिमर ने दुनिया की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में यादगार संगीत दिया है जबकि ए आर रहमान भारतीय सिनेमा के सबसे सफल संगीतकारों में शामिल हैं। ऐसे में दर्शकों को इस फिल्म के संगीत से भी बड़ी उम्मीदें हैं।

    रामायण केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में बड़े स्तर पर रिलीज की जाएगी। इसके लिए मेकर्स ने अंतरराष्ट्रीय वितरण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सोनी पिक्चर्स के साथ साझेदारी की है। यही वजह है कि इस फिल्म को भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा ग्लोबल प्रोजेक्ट माना जा रहा है। ट्रेलर को लेकर भी जबरदस्त उत्साह बना हुआ है और माना जा रहा है कि इसकी रिलीज के बाद फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो जाएगी।

    अगर 75 करोड़ रुपये की म्यूजिक डील की रिपोर्ट आधिकारिक रूप से सही साबित होती है तो यह हिंदी फिल्म उद्योग के इतिहास की सबसे बड़ी ऑडियो डील में शामिल होगी। रिलीज से पहले ही रामायण ने जिस तरह कारोबार और लोकप्रियता के नए रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं उससे साफ है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी में है।

  • पलक तिवारी की लव लाइफ पर बोले राजा चौधरी इब्राहिम संग रिश्ते की खबरों पर दिया बेबाक जवाब श्वेता तिवारी का भी किया जिक्र

    पलक तिवारी की लव लाइफ पर बोले राजा चौधरी इब्राहिम संग रिश्ते की खबरों पर दिया बेबाक जवाब श्वेता तिवारी का भी किया जिक्र


    नई दिल्ली । अभिनेत्री पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है जिसके बाद उनके डेटिंग की खबरें लगातार सुर्खियां बटोरती रही हैं। हालांकि दोनों कलाकारों ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अब इन चर्चाओं के बीच पलक के पिता और अभिनेता राजा चौधरी ने पहली बार इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान राजा चौधरी से पलक तिवारी की पेशेवर सफलता और सलमान खान के साथ काम करने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की मौजूदा जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह भी नहीं मालूम कि पलक कहां रहती हैं किसके साथ काम कर रही हैं या अपनी निजी जिंदगी में क्या कर रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पलक खुद आकर उन्हें कुछ नहीं बताएंगी तब तक वह उसकी निजी जिंदगी में दखल देना उचित नहीं समझते। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कभी बेटी को उनकी जरूरत होगी तो वह हर समय उसके साथ खड़े मिलेंगे।

    जब बातचीत के दौरान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की डेटिंग की खबरों का जिक्र हुआ तो राजा चौधरी ने बेहद शांत और स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों साथ हैं या नहीं हैं तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी बेटी सुरक्षित और खुश रहे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का अधिकार है और वह अपनी बेटी के निजी फैसलों का सम्मान करते हैं।

    राजा चौधरी ने इस दौरान अपने और पलक के रिश्ते पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह महसूस कराया गया कि वह केवल जैविक पिता हैं और बेटी की परवरिश तथा उसके जीवन से जुड़े अधिकतर फैसले उसकी मां के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को पलक की निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी चाहिए तो उसकी मां से पूछना ज्यादा उचित होगा क्योंकि वही उसके सबसे करीब हैं।

    बातचीत के दौरान राजा चौधरी ने अपनी पूर्व पत्नी और अभिनेत्री श्वेता तिवारी के साथ पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। गौरतलब है कि दोनों की शादी वर्ष 1998 में हुई थी और साल 2000 में उनकी बेटी पलक का जन्म हुआ। बाद में दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा और वर्ष 2007 में श्वेता तिवारी ने तलाक की अर्जी दाखिल की। इसके बाद वर्ष 2012 में दोनों का कानूनी रूप से तलाक हो गया। अतीत में श्वेता ने घरेलू हिंसा और शराब की लत जैसे गंभीर आरोप लगाए थे जबकि हाल के इंटरव्यू में राजा चौधरी ने इन आरोपों से इनकार किया है।

    इस बीच पलक तिवारी लगातार अपने फिल्मी करियर पर ध्यान दे रही हैं और मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। वहीं इब्राहिम अली खान भी अपने अभिनय करियर को लेकर चर्चा में हैं। दोनों की डेटिंग की खबरें भले ही सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होती रही हों लेकिन अब तक दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

    राजा चौधरी के ताजा बयान से इतना जरूर साफ हो गया है कि वह अपनी बेटी के निजी फैसलों में दखल देने के बजाय उसकी स्वतंत्रता और पसंद का सम्मान करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर एक पिता के रूप में वह हमेशा अपनी बेटी के साथ खड़े रहेंगे।