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  • ‘पेद्दी’ के शो में दिखा फैमिली मोमेंट, भीड़ के बीच बैठीं रामचरण की पत्नी

    ‘पेद्दी’ के शो में दिखा फैमिली मोमेंट, भीड़ के बीच बैठीं रामचरण की पत्नी


    नई दिल्ली । राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ के रिलीज होते ही सिनेमाघरों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फैंस का जोश चरम पर था। चारों ओर तालियां, सीटियां और नारे गूंज रहे थे। इस खास मौके पर सिर्फ दर्शक ही नहीं बल्कि अभिनेता की पत्नी उपासना कोनिडेला भी इस जश्न का हिस्सा बनीं।

    हैदराबाद के एक सिनेमाघर में हुई स्क्रीनिंग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें Ram Charan की पत्नी Upasana Kamineni Konidela अपने पति की फिल्म का आनंद लेते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही राम चरण का एंट्री सीन आता है, उपासना खुद को रोक नहीं पातीं और खुशी से कंफेटी उड़ाकर जश्न मनाने लगती हैं। उनके चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ झलकता है।

    स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघर का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। फैंस लगातार हूटिंग और तालियों से अपने पसंदीदा स्टार का स्वागत कर रहे थे। कई दर्शक डांस करते हुए भी नजर आए, जबकि कुछ ने फिल्म के गानों पर अपनी रील्स जैसी परफॉर्मेंस दी।

    फिल्म ‘पेद्दी’ में राम चरण एक ऐसे किरदार में नजर आ रहे हैं, जो न सिर्फ एक मजबूत स्पोर्ट्स पर्सन है बल्कि अपनी कम्युनिटी के लिए लीडर की भूमिका भी निभाता है। फिल्म में उनकी दमदार एंट्री और इमोशनल सीन्स को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है।

    स्क्रीनिंग में मौजूद कई फैंस ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए और फिल्म को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। एक फैन तो गदा और बैट लेकर पहुंचा, जिसने राम चरण की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की। वहीं, कुछ वीडियो में फैंस को थिएटर के अंदर डांस और सेलिब्रेशन करते हुए देखा गया।

    फिल्म की स्टारकास्ट में जान्हवी कपूर, बोमन ईरानी, शिवा राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्यांशु जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। निर्देशन की कमान बुची बाबू सना ने संभाली है, जिन्होंने फिल्म को एक भव्य और भावनात्मक रूप देने की कोशिश की है।

    कुल मिलाकर ‘पेद्दी’ की स्क्रीनिंग ने यह साबित कर दिया है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस बात का सबूत हैं कि राम चरण की लोकप्रियता और स्टारडम अभी भी अपने चरम पर है और फैंस अपने स्टार को बड़े पर्दे पर देखने के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं।

  • फिल्म और सीरीज प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 12 नई रिलीज एक साथ

    फिल्म और सीरीज प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 12 नई रिलीज एक साथ


    नई दिल्ली । 5 जून का शुक्रवार ओटीटी और सिनेमाघरों दोनों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस दिन कुल 12 फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं, जिनमें कॉमेडी, थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का जबरदस्त मिक्स देखने को मिलेगा।

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बड़ा धमाका

    1. Gullak Season 5 (SonyLIV)
    मिश्रा परिवार एक बार फिर अपनी घरेलू नोक-झोंक और भावनात्मक कहानियों के साथ लौट रहा है। इस बार डिजिटल एंट्री, नए गैजेट्स और पारिवारिक हलचल कहानी को और दिलचस्प बनाएंगे।

    2. Brown (ZEE5)
    करिश्मा कपूर एक डार्क और इंटेंस रोल में वापसी कर रही हैं। एक सस्पेंडेड पुलिस अफसर के तौर पर उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में जुटा है।

    3. Patriot (ZEE5)
    ममूटी और मोहनलाल जैसे दिग्गज कलाकारों की जोड़ी इस स्पाई थ्रिलर में सरकार और सिस्टम के खिलाफ संघर्ष करती नजर आएगी।

    4. The Pyramid Scheme (Amazon Prime Video)
    पिरामिड मार्केटिंग की दुनिया में फंसे लोगों की कहानी, जो लालच और सिस्टम के जाल में उलझ जाती है।

    5. Teach You a Lesson (Netflix)
    कोरियन एक्शन-ड्रामा, जिसमें एक सरकारी टास्क फोर्स स्कूल हिंसा और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है।

    6. Office Romance (Netflix)
    जेनिफर लोपेज की रोमांटिक-कॉमेडी, जिसमें ऑफिस लव और करियर के बीच टकराव देखने को मिलेगा।

    7. Cape Fear (Apple TV)
    एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर जिसमें एक वकील कपल की जिंदगी एक खतरनाक अपराधी के कारण बदल जाती है।

    थिएटर रिलीज: बड़े पर्दे पर एंटरटेनमेंट का तूफान

    8. Parimala And Co
    तमिल डार्क कॉमेडी फिल्म, जिसमें एक परिवार मर्डर केस और हास्यास्पद परिस्थितियों में फंस जाता है।

    9. Mollywood Times
    मलयालम सिनेमा की कहानी, जिसमें एक युवा फिल्ममेकर हॉरर डायरेक्टर बनने का सपना देखता है।

    10. Bandar
    बॉबी देओल स्टारर यह फिल्म अपनी अनोखी कहानी और चर्चा के कारण पहले से ही सुर्खियों में है।

    11. He-Man And The Masters Of The Universe
    90s के आइकॉनिक सुपरहीरो की वापसी, जिसमें हाई-टेक VFX और एक्शन का शानदार अनुभव मिलेगा।

    12. Hai Jawaani Toh Ishq Hona Hai
    युवाओं के रिश्तों, प्यार और इमोशंस को म्यूजिकल अंदाज में दिखाने वाली फिल्म, जिसमें वरुण धवन और मृणाल ठाकुर नजर आएंगे।

    वीकेंड बनेगा बिंज-वॉच फेस्ट
    इस शुक्रवार की रिलीज लाइनअप हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ लेकर आई है—फैमिली ड्रामा, साइकोलॉजिकल थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का परफेक्ट मिश्रण। ओटीटी और थिएटर दोनों मिलकर इस वीकेंड को एंटरटेनमेंट का मेगा फेस्ट बना रहे हैं।

  • मोहम्मद रफी का वो किस्सा, रीटेक से इनकार कर फिर गाया अमर गीत

    मोहम्मद रफी का वो किस्सा, रीटेक से इनकार कर फिर गाया अमर गीत


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म जंजीर का गाना “दीवाने हैं दीवानों को” आज भी श्रोताओं के दिलों में बसा हुआ है। इस गाने को संगीत दिया था मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने, जबकि इसके बोल लिखे थे गीतकार गुलशन बावरा ने। रिकॉर्डिंग के दौरान जब यह गाना पहली बार तैयार हुआ, तो इसे सभी ने पसंद किया। खासकर लता मंगेशकर का गाया हिस्सा बेहद प्रभावशाली माना गया। लेकिन लता जी अपने काम में पूर्णता की पक्षधर थीं, इसलिए उन्होंने एक और रीटेक की मांग रख दी।

    स्टूडियो में बढ़ा तनाव, लेकिन रफ़ी ने क्यों किया इनकार?
    रीटेक की बात जब मोहम्मद रफ़ी तक पहुंची, तो उन्होंने शुरुआत में साफ इनकार कर दिया। वजह बेहद इंसानी थी-वे उस समय रोज़े में थे और सुबह से उन्होंने न तो खाना खाया था और न ही पानी पिया था। उनकी हालत ऐसी थी कि दोबारा उसी ऊर्जा और भाव के साथ गाना उनके लिए कठिन हो रहा था। इसी कारण उन्होंने स्टूडियो छोड़ने का फैसला कर लिया।

    अचानक बदला माहौल, और फिर लौटे स्टूडियो
    जैसे ही रफ़ी साहब स्टूडियो से बाहर निकले, उनकी मुलाकात गीतकार गुलशन बावरा से हुई। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि फिल्म में यह गाना वही गा रहे हैं। यह सुनकर रफ़ी साहब चौंक गए, क्योंकि उन्होंने गाना अमिताभ बच्चन के हावभाव और व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर गाया था। यह एहसास उन्हें वापस स्टूडियो खींच लाया। उन्होंने बिना देर किए फिर से रिकॉर्डिंग करने का फैसला किया।

    भूखे-प्यासे फिर गूंज उठी आवाज़ और बन गया इतिहास
    इसके बाद मोहम्मद रफ़ी ने उसी हालत में, बिना कुछ खाए-पिए, दोबारा गाना रिकॉर्ड किया। इस बार उनकी आवाज में और भी गहराई, भाव और दर्द महसूस किया गया। रिकॉर्डिंग पूरी हुई और गाना रिलीज़ होते ही सुपरहिट साबित हुआ। यह किस्सा आज भी संगीत जगत में अनुशासन, समर्पण और कला के प्रति जुनून की मिसाल के रूप में याद किया जाता है।

    संगीत की दुनिया का अमर सबक
    यह घटना सिर्फ एक गाने की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के कलाकारों की संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म का प्रतीक है। लता मंगेशकर की परफेक्शन की चाह और रफ़ी साहब की भावनात्मक प्रतिबद्धता ने इस गाने को अमर बना दिया। आज भी जब यह गीत बजता है, तो श्रोता सिर्फ संगीत नहीं सुनते, बल्कि उस संघर्ष और समर्पण को महसूस करते हैं जो इसके पीछे छिपा है।

  • निजी समारोह में रिश्ते को देंगे नया नाम! जुलाई में शादी की तैयारी को लेकर चर्चा में आमिर खान

    निजी समारोह में रिश्ते को देंगे नया नाम! जुलाई में शादी की तैयारी को लेकर चर्चा में आमिर खान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्मी दुनिया में अपनी दमदार अभिनय क्षमता और चुनिंदा फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता के बारे में चर्चा है कि वह अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते को नया नाम देने की तैयारी कर रहे हैं। खबरों के अनुसार दोनों जुलाई महीने में एक निजी और सादे समारोह के दौरान विवाह बंधन में बंध सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा सामने नहीं आई है, लेकिन मनोरंजन जगत में इस खबर को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

    जानकारी के अनुसार प्रस्तावित समारोह को बेहद निजी रखा जाएगा, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी मित्र ही शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने के लिए सरल और सीमित आयोजन को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह आयोजन किसी भव्य सार्वजनिक समारोह के बजाय पारिवारिक माहौल में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    आमिर खान भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं और देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है। उनकी निजी जिंदगी भी समय-समय पर चर्चा का विषय रही है। अभिनेता की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे हैं। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया था। दोनों ने कुछ वर्ष पहले आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी, हालांकि वे अपने बेटे के पालन-पोषण और अन्य सामाजिक कार्यों में आज भी साथ दिखाई देते हैं।

    गौरी स्प्रैट को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं चल रही थीं। बताया जाता है कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और उनके बीच मजबूत समझ तथा विश्वास का रिश्ता विकसित हुआ है। मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि जीवन के इस चरण में दोनों ने अपने रिश्ते को अधिक औपचारिक रूप देने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे जुड़ी कई जानकारियां अभी भी निजी दायरे में रखी गई हैं।

    फिल्म उद्योग में निजी समारोहों का चलन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। कई चर्चित हस्तियों ने अपने विवाह और पारिवारिक आयोजनों को सीमित दायरे में रखते हुए केवल करीबी लोगों की मौजूदगी में संपन्न किया है। ऐसे आयोजनों में गोपनीयता और पारिवारिक माहौल को प्राथमिकता दी जाती है। इसी कारण यदि यह समारोह आयोजित होता है तो उसके भी अपेक्षाकृत निजी रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

    आमिर खान के प्रशंसक उनकी पेशेवर उपलब्धियों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं। ऐसे में शादी को लेकर सामने आई चर्चाओं ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि अंतिम और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

    यदि यह विवाह संपन्न होता है तो यह अभिनेता के जीवन का एक नया अध्याय माना जाएगा। फिलहाल प्रशंसकों और फिल्म जगत की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब इस विषय पर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है। तब तक इस संभावित आयोजन को लेकर चर्चाएं और अटकलें जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

  • दुनिया भर में मिली लोकप्रियता पर बोले राम चरण, कहा- सबसे बड़ी ताकत अपने देश और दर्शकों का समर्थन

    दुनिया भर में मिली लोकप्रियता पर बोले राम चरण, कहा- सबसे बड़ी ताकत अपने देश और दर्शकों का समर्थन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल राम चरण का मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान और पहचान अपने देश तथा अपने लोगों से मिलती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता और प्रशंसा हासिल करना निश्चित रूप से गर्व की बात है, लेकिन उसकी वास्तविक शुरुआत अपने दर्शकों के विश्वास और समर्थन से होती है। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनके लिए वैश्विक सफलता से पहले अपने घर और अपने लोगों का प्यार सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान राम चरण ने अपनी वैश्विक पहचान, भारतीय सिनेमा की बढ़ती पहुंच और दर्शकों से मिलने वाले समर्थन को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के करियर की बुनियाद उसके अपने समाज और देश में बनती है। यदि अपने लोग किसी कलाकार के काम को स्वीकार करते हैं और उसे लगातार प्रोत्साहन देते हैं, तभी वह आगे बढ़कर दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंच सकता है।

    राम चरण ने कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से लेकर आज तक दर्शकों से जो प्यार और समर्थन प्राप्त किया है, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उनके अनुसार, किसी भी उपलब्धि का वास्तविक मूल्य तभी होता है जब उसे अपने लोगों का आशीर्वाद और स्वीकार्यता प्राप्त हो। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा उसी स्नेह और विश्वास के साथ जुड़े रहना चाहते हैं, जिसने उन्हें एक अभिनेता के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अभिनेता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फिल्मों को मिल रही लोकप्रियता पर भी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब दूसरे देशों के दर्शक भारतीय फिल्मों और कलाकारों के काम की सराहना करते हैं, तो यह पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए गर्व का विषय होता है। विभिन्न देशों में भारतीय फिल्मों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि भारतीय कहानियां और संस्कृति अब वैश्विक दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं।

    राम चरण का मानना है कि भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक पहचान देश के फिल्म उद्योग के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। आज भारतीय फिल्में केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इससे भारतीय कलाकारों और तकनीशियनों को अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है।

    इन दिनों राम चरण अपनी आगामी फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चर्चा में हैं। यह एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसमें वह एक ऐसे खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं जो विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करता है। फिल्म में खेल, संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानी को प्रमुखता से दिखाया गया है। दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है और इसके प्रदर्शन को लेकर उद्योग जगत में भी सकारात्मक उम्मीदें जताई जा रही हैं।

    फिल्म में कई अनुभवी और चर्चित कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। निर्माता और निर्देशक को उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को मनोरंजन के साथ प्रेरणा भी देगी। राम चरण ने भी फिल्म को अपने करियर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बताया है। उनका कहना है कि किसी भी कलाकार के लिए नई चुनौतियों को स्वीकार करना और अलग-अलग तरह के किरदार निभाना बेहद जरूरी होता है।

    अभिनेता के इस बयान ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वैश्विक सफलता और लोकप्रियता के बावजूद वह अपने दर्शकों और अपनी जड़ों से जुड़े रहने को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उनके अनुसार, दुनिया की किसी भी उपलब्धि से पहले अपने लोगों का विश्वास और प्यार ही किसी कलाकार की सबसे बड़ी ताकत होती है।

  • शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

    शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने मुंबई में अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए इस शहर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। अपने भावुक संदेश में उन्होंने बताया कि कैसे सपनों और उम्मीदों के साथ एक छोटे शहर से आए युवा ने मुंबई की धरती पर कदम रखा था और वर्षों के संघर्ष, मेहनत तथा अनुभवों के बाद आज वह अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचा है। अभिनेता ने कहा कि मुंबई केवल एक शहर नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सपनों को दिशा देने वाला एक ऐसा मंच है, जो प्रतिभा और परिश्रम को पहचान देता है।

    अनुपम खेर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार मुंबई पहुंचे थे, तब उनके पास संसाधन बेहद सीमित थे, लेकिन सपने बहुत बड़े थे। जीवन में कुछ कर दिखाने की चाह और अभिनय के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी। उन्होंने माना कि मुंबई ने उन्हें अवसर तो दिए ही, साथ ही ऐसे संघर्ष भी दिए जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया और उन्हें जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराया।

    अभिनेता के अनुसार, सफलता का सफर कभी आसान नहीं होता और मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस शहर ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व सिखाया। यहां मिलने वाली चुनौतियों ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि असफलताओं ने उन्हें टूटने नहीं दिया, बल्कि हर बार और अधिक मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया।

    मुंबई के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि यह शहर हर व्यक्ति को अपनाने की क्षमता रखता है। चाहे कोई किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो, यदि उसके भीतर मेहनत करने का जज्बा और अपने सपनों को पूरा करने की लगन है तो मुंबई उसे आगे बढ़ने का अवसर जरूर देती है। यही विशेषता इस शहर को दुनिया के अन्य महानगरों से अलग बनाती है।

    उन्होंने अपने लंबे सफर के दौरान मिले अनुभवों का भी जिक्र किया। अभिनेता ने कहा कि यहां की भागदौड़, लोगों की मेहनत और रोजमर्रा का जीवन लगातार प्रेरणा देने वाला रहा है। शहर की सड़कों से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक, हर जगह उन्होंने जीवन के अलग-अलग रंग देखे और उनसे सीख हासिल की। यही अनुभव आगे चलकर उनके अभिनय और व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।

    अनुपम खेर ने यह भी स्वीकार किया कि अभिनय जगत में मिली सफलता के पीछे केवल व्यक्तिगत प्रयास ही नहीं, बल्कि मुंबई का सहयोग और यहां का माहौल भी बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह शहर लोगों को सपने देखने की हिम्मत देता है और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है।

    अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि आज भी वह खुद को सीखने की प्रक्रिया में मानते हैं। उनके अनुसार जीवन में सीखने और आगे बढ़ने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने मुंबई को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस शहर ने उन्हें पहचान, सम्मान और जीवन को समझने का अवसर दिया। यही कारण है कि इतने वर्षों बाद भी उनका इस शहर से जुड़ाव पहले की तरह मजबूत और भावनात्मक बना हुआ है।

  • जब सरकारी फरमान के आगे नहीं झुके संगीत के सरताज किशोर कुमार, 'आंधी' फिल्म के गानों पर प्रतिबंध से लेकर राजनीतिक टकराव की पूरी कहानी

    जब सरकारी फरमान के आगे नहीं झुके संगीत के सरताज किशोर कुमार, 'आंधी' फिल्म के गानों पर प्रतिबंध से लेकर राजनीतिक टकराव की पूरी कहानी

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा और संगीत के इतिहास में सत्तर का दशक अपनी बेहतरीन कलात्मकता के साथ-साथ राजनीतिक उथल-पुथल के लिए भी जाना जाता है। इस दौर में जहां एक तरफ आरडी बर्मन, गुलजार और किशोर कुमार जैसे दिग्गज मिलकर संगीत के नए कीर्तिमान रच रहे थे, वहीं दूसरी तरफ देश में लागू आपातकाल का साया कला जगत पर भी पड़ने लगा था। इसी दौर की एक बेहद चर्चित और विवादित कहानी फिल्म ‘आंधी’ और उसके सदाबहार गाने ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं’ से जुड़ी हुई है। किशोर कुमार और लता मंगेशकर की जादुई आवाज से सजे इस दर्दभरे और रूहानी गाने को एक समय पर सरकारी कोपभाजन का शिकार होना पड़ा था और इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। संजीव कुमार और सुचित्रा सेन की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म और इसके गानों को प्रतिबंधित किए जाने के पीछे राजनीतिक गलियारों में उठी एक बड़ी अफवाह थी।

    उस समय देश के राजनीतिक हालातों को देखते हुए यह बात तेजी से फैली कि फिल्म ‘आंधी’ की कहानी और सुचित्रा सेन का किरदार पूरी तरह से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन और उनके व्यक्तित्व पर आधारित है। इस अफवाह के सामने आते ही तत्कालीन सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी और इसके चलते ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे सरकारी माध्यमों पर इस फिल्म के गानों के प्रसारण को पूरी तरह बंद कर दिया गया। हालांकि यह प्रतिबंध बहुत लंबा नहीं चला और कुछ महीनों के बाद जब फिल्म से बैन हटा, तो यह सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसके गाने एक बार फिर दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए। लेकिन इस प्रतिबंध के पीछे सिर्फ फिल्म की कहानी ही एकमात्र वजह नहीं थी, बल्कि इसके पीछे किशोर कुमार और तत्कालीन सरकार के बीच का सीधा टकराव भी था।

    कई मीडिया रिपोर्ट्स और ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के प्रचारक और तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला ने किशोर कुमार तक एक सरकारी संदेश भिजवाया था। इस संदेश में किशोर कुमार से सरकार और इंदिरा गांधी के नीतियों के समर्थन में एक विशेष गाना गाने के लिए कहा गया था। अपनी मर्जी के मालिक और बेहद स्वाभिमानी स्वभाव के धनी किशोर कुमार ने इस सरकारी फरमान को मानने से साफ इनकार कर दिया। किशोर कुमार का यह कड़ा रुख सरकार को नागवार गुजरा और इसके बाद उनके गानों को सरकारी रेडियो और दूरदर्शन चैनलों पर बजाने से पूरी तरह रोक दिया गया। इस विवाद पर किशोर कुमार ने बेहद बेबाकी से कहा था कि कोई भी ताकत उनसे वह काम नहीं करवा सकती जो वह खुद अपनी मर्जी से न करना चाहें और वह किसी और के इशारों पर काम नहीं करेंगे।

    इस ऐतिहासिक गाने के बनने की कहानी भी अपने आप में बेहद दिलचस्प है। संगीत निर्देशक आरडी बर्मन यानी पंचम दा ने इस गाने की मूल धुन असल में एक बंगाली दुर्गा पूजा एल्बम के लिए तैयार की थी, जिसके बोल ‘जेते जेते पथे होलो देरी’ थे। इस बंगाली गाने को खुद पंचम दा ने अपनी आवाज दी थी, जो मशहूर गीतकार गुलजार को बेहद पसंद आई थी। इसके बाद गुलजार के कहने पर इस धुन को फिल्म ‘आंधी’ में शामिल करने का फैसला किया गया और उन्होंने इस पर ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नहीं’ जैसे कालजयी बोल लिखे। किशोर कुमार भले ही तेरह अक्टूबर उन्नीस सौ सतासी को इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन सरकारी पाबंदियों के आगे न झुकने का उनका यह हौसला और उनकी जादुई आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए अमर है।

  • कुमार सानू का वो ऐतिहासिक रिकॉर्ड जिसे आज तक कोई सिंगर नहीं तोड़ पाया, जानिए आखिर क्यों एक ही दिन में रिकॉर्ड करने पड़े थे इतने सारे गाने

    कुमार सानू का वो ऐतिहासिक रिकॉर्ड जिसे आज तक कोई सिंगर नहीं तोड़ पाया, जानिए आखिर क्यों एक ही दिन में रिकॉर्ड करने पड़े थे इतने सारे गाने

    नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत में नव्वै का दशक एक ऐसा स्वर्णिम काल माना जाता है जिसने बॉलीवुड को कई सदाबहार और यादगार गाने दिए। इस दौर में अपनी मखमली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले दिग्गज पाशर्व गायक कुमार सानू ने सफलता के कई नए आयाम स्थापित किए। आज के समय में जहां आधुनिक तकनीक के बावजूद सिंगर्स के लिए एक दिन में एक गाना पूरी तरह रिकॉर्ड करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है, वहीं कुमार सानू ने करीब तैंतीस साल पहले एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया था जिसे आज तक कोई भी छू नहीं सका है।
    उन्होंने महज एक दिन के भीतर रिकॉर्ड अठाइस गाने गाकर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हमेशा के लिए दर्ज करा लिया था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह रिकॉर्ड किसी पुरस्कार या प्रसिद्धि की चाह में नहीं बनाया था, बल्कि इसके पीछे एक बेहद व्यावहारिक वजह थी। कुमार सानू को उन दिनों करीब चालीस दिनों के लंबे अमेरिकी दौरे पर जाना था और वह नहीं चाहते थे कि उनके विदेश जाने की वजह से किसी भी संगीतकार का काम रुके या फिल्म की शूटिंग प्रभावित हो, इसलिए उन्होंने जाने से पहले अपना सारा लंबित काम खत्म करने का फैसला किया और मैराथन रिकॉर्डिंग करते हुए यह अद्भुत मुकाम हासिल कर लिया।

    कोलकाता के एक बंगाली परिवार में जन्मे इस महान गायक का असली नाम सानू भट्टाचार्य है, लेकिन उनके संगीत के सफर में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उस दौर की मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। उन्होंने जब पहली बार सानू की आवाज सुनी, तो उन्हें उसमें महान गायक किशोर कुमार की झलक दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने सानू भट्टाचार्य को अपना नाम बदलकर कुमार सानू रखने की सलाह दी ताकि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें एक नई पहचान मिल सके।

    कुमार सानू के करियर को सबसे बड़ी उड़ान साल उन्नीस सौ नब्बे में आई फिल्म आशिकी से मिली। इस फिल्म के गानों ने भारतीय संगीत उद्योग के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए और इसकी ब्लॉकबस्टर कामयाबी ने कुमार सानू को रातों-रात देश का सबसे बड़ा सुपरस्टार सिंगर बना दिया। इसके बाद तो जैसे हिंदी सिनेमा में उनके नाम की आंधी चल पड़ी और वह हर बड़े अभिनेता और निर्माता-निर्देशक की पहली पसंद बन गए।

    कुमार सानू की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने साल उन्नीस सौ इक्यानवे से लेकर उन्नीस सौ पंचानवे तक लगातार पांच सालों तक फिल्मफेयर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार जीतकर एक नया इतिहास रच दिया था। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान साजन, दीवाना, बाजीगर और नाइन्टीन फोर्टी टू ए लव स्टोरी जैसी सुपरहिट फिल्मों के गानों के लिए मिला था। कामयाबी के शिखर पर पहुंचने के बाद जब छठे साल भी उन्हें फिल्मफेयर के लिए नामांकित किया गया, तो उन्होंने अपनी दरियादिली और बड़प्पन का परिचय देते हुए इस अवॉर्ड को लेने से साफ मना कर दिया। उनका मानना था कि अब उन्हें लगातार मिलने वाले इस सम्मान की जगह किसी नए, प्रतिभावान और उभरते हुए कलाकार को मौका मिलना चाहिए ताकि फिल्म इंडस्ट्री में नए चेहरों को प्रोत्साहन मिल सके।

    अपने पूरे करियर में कुमार सानू ने न सिर्फ हिंदी और अपनी मातृभाषा बंगाली में गाने गाए, बल्कि उन्होंने देश की पंद्रह से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में सैकड़ों सुपरहिट गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया। भारतीय संगीत जगत और संस्कृति में उनके इस बेमिसाल और अभूतपूर्व योगदान को सम्मानित करते हुए भारत सरकार ने साल दो हजार नौ में उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा था। आज भी उनके गाए रोमांटिक गाने युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं और उनका यह सफर संगीत के नए साधकों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • रणवीर सिंह ने घटाई फीस, लेकिन मुनाफे में हिस्सेदारी से करेंगे बड़ी कमाई

    रणवीर सिंह ने घटाई फीस, लेकिन मुनाफे में हिस्सेदारी से करेंगे बड़ी कमाई


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म सीरीज ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की। फिल्म की को-प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे ने खुलासा किया कि रणवीर ने इस प्रोजेक्ट के लिए पारंपरिक तरीके से बड़ी फीस नहीं ली थी। इसके बजाय उन्होंने एक छोटी निश्चित फीस के साथ “बैकएंड डील” यानी फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी का विकल्प चुना। यही रणनीति बाद में उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई।

    निर्देशक आदित्य धर ने भी लिया रिस्क
    फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने भी इसी मॉडल को अपनाया। उन्होंने भी कम फिक्स्ड फीस लेकर फिल्म के लाभ में हिस्सेदारी स्वीकार की।निर्माताओं के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य यह था कि फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों की सफलता में सीधी भागीदारी हो और सभी का फोकस बेहतर परिणाम देने पर रहे।

    जब बजट बढ़ा, लेकिन दांव सफल रहा
    ज्योति देशपांडे के मुताबिक फिल्म का वास्तविक खर्च शुरुआती अनुमान से काफी अधिक हो गया था। शुरुआत में जो बजट तय किया गया था, वह बाद में लगभग दोगुना हो गया। हालांकि फिल्म की शानदार कमाई ने इस जोखिम को सफलता में बदल दिया और निवेशकों से लेकर कलाकारों तक सभी को इसका लाभ मिला।

    एक फिल्म से बनी दो फिल्मों की फ्रेंचाइजी
    निर्माताओं का कहना है कि शुरुआत में ‘धुरंधर’ को एक ही फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था। लेकिन पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी होने के बाद कहानी और फुटेज का दायरा इतना बढ़ गया कि इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यही निर्णय बाद में फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।

    शानदार स्टारकास्ट ने बढ़ाई फिल्म की ताकत
    फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, गौरव गेरा, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार नजर आए।

    रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुई ‘धुरंधर 2
    रिपोर्ट्स के अनुसार ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ ने मिलकर दुनिया भर में लगभग 3000 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वहीं ‘धुरंधर 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। इस सूची में शीर्ष स्थान पर दंगल बनी हुई है।

    ‘धुरंधर’ की सफलता यह दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल बड़ी फीस ही कमाई का रास्ता नहीं होती। सही रणनीति, जोखिम उठाने की क्षमता और मुनाफे में हिस्सेदारी का मॉडल कलाकारों और निर्माताओं दोनों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।

  • डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम

    डॉन 3 पर नया बवाल, रणवीर सिंह ने FWICE के खिलाफ उठाया कानूनी कदम


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह और FWICE के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रणवीर सिंह ने संगठन को लीगल नोटिस भेजा है। बताया जा रहा है कि नोटिस भेजे जाने के बाद FWICE को अदालत या कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना पड़ सकता है। हालांकि नोटिस में की गई मांगों का आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

    FWICE ने जारी किया था गैर-सहयोग निर्देश
    पिछले सप्ताह FWICE ने अपने सदस्यों से रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करने का आग्रह किया था। संगठन का यह कदम ‘डॉन 3’ परियोजना से जुड़े विवाद के बाद सामने आया। FWICE का कहना था कि फिल्म से अचानक अलग होने के कारण निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके चलते संगठन ने यह रुख अपनाया।

    फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट की शिकायत
    रिपोर्ट्स के अनुसार फरहान अख्तर और Excel Entertainment ने FWICE को शिकायत भेजी थी। शिकायत में कहा गया था कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे। ऐसे में मुख्य अभिनेता के परियोजना से हटने से निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हुई और आर्थिक नुकसान हुआ।

    क्या है पूरा मामला?
    कुछ वर्ष पहले Don 3 की घोषणा हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था। यह भूमिका पहले शाहरुख खान निभा चुके हैं। बाद में खबरें आईं कि रणवीर अब इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद निर्माताओं और अभिनेता के बीच मतभेदों की चर्चा शुरू हुई, जो अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गई है।

    आगे क्या हो सकता है?
    फिल्म इंडस्ट्री की नजरें अब इस मामले पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत से समाधान नहीं निकालते, तो विवाद लंबी कानूनी प्रक्रिया का रूप ले सकता है। वहीं, उद्योग जगत यह भी देख रहा है कि इसका असर रणवीर सिंह की आगामी फिल्मों और ‘डॉन 3’ की प्रगति पर कितना पड़ता है।

    रणवीर के आगामी प्रोजेक्ट्स
    विवादों के बीच रणवीर सिंह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक वह निर्देशक आदित्य धर की एक नई फिल्म से जुड़े हैं। इसके अलावा निर्देशक जय मेहता की एक ज़ॉम्बी-आधारित फिल्म में भी उनके काम करने की चर्चा है।