Category: Entertainment

  • सलमान खान की जिंदगी का हैरान करने वाला किस्सा, इलाज के दौरान भी नहीं टूटा जज्बा

    सलमान खान की जिंदगी का हैरान करने वाला किस्सा, इलाज के दौरान भी नहीं टूटा जज्बा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपनी फिटनेस दमदार पर्सनैलिटी और लंबे समय से बरकरार स्टारडम के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस चमक के पीछे कितनी मेहनत और त्याग छिपा होता है इसका एक दिलचस्प खुलासा उनके करीबी दोस्त और फिल्म निर्माता शैलेंद्र सिंह ने किया है। उन्होंने एक पुराने किस्से को साझा करते हुए बताया कि सलमान खान अपने बालों के उपचार के दौरान भी पूरी सहजता के साथ बिरयानी का आनंद ले रहे थे और मजाकिया अंदाज में बोले थे कि स्टार बनने की यही कीमत होती है।

    शैलेंद्र सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया कि वह एक दिन सलमान खान से मिलने उनके मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट पहुंचे थे। उस समय सोमवार की नियमित पार्टी का माहौल था। सलमान डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना खा रहे थे और सामने लगे शीशे में खुद को देखते हुए दोस्तों से बातचीत कर रहे थे। शैलेंद्र के मुताबिक सलमान को खाना खाते समय शीशे में खुद को देखना पसंद है और उसी दौरान दोनों बातचीत में व्यस्त थे।

    इसी बीच अचानक एक व्यक्ति मेडिकल उपकरणों के साथ वहां पहुंचा। उसने बिना बातचीत में व्यवधान डाले अपने दस्ताने पहने और सलमान खान के सिर पर इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए। यह पूरा दृश्य देखकर शैलेंद्र कुछ पल के लिए हैरान रह गए क्योंकि सलमान बिना किसी परेशानी के आराम से बिरयानी खाते रहे और बातचीत भी जारी रखी।

    जब शैलेंद्र ने उनसे पूछा कि आखिर यह सब क्या हो रहा है तब सलमान ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि दोस्त स्टार बनने की यही कीमत है। उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का बना दिया लेकिन साथ ही यह भी दिखाया कि अपने व्यक्तित्व और लुक्स को बनाए रखने के लिए कलाकार कितनी मेहनत करते हैं।

    बाद में शैलेंद्र को पता चला कि सलमान खान प्लेटलेट रिच प्लाज्मा यानी पीआरपी थेरेपी करवा रहे थे। इस उपचार में व्यक्ति के अपने ही रक्त से प्लेटलेट्स युक्त प्लाज्मा तैयार किया जाता है और उसे सिर की त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है ताकि बालों की जड़ों को मजबूती मिले और हेयर ग्रोथ बेहतर हो सके। आज यह थेरेपी हेयर लॉस की समस्या से जूझ रहे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है।

    शैलेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि उस समय उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। बाद में उन्हें समझ आया कि यह सामान्य मेडिकल ट्रीटमेंट है और कई बड़े कलाकार भी इसका सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होना स्वाभाविक है और ऐसे में कई अभिनेता अपनी पर्सनैलिटी को बनाए रखने के लिए इस तरह के उपचार करवाते हैं। उन्होंने अभिनेता ऋतिक रोशन का उदाहरण देते हुए कहा कि कई सितारे इस तरह की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं।

    सलमान खान की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो वह जल्द ही अपनी नई फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फिल्म का शुरुआती नाम बैटल ऑफ गलवान रखा गया था लेकिन बाद में इसे बदलकर मातृभूमि कर दिया गया। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

  • ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    नई दिल्ली । सहित देशभर के सिनेमा प्रेमियों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का पहला आधिकारिक ट्रेलर आते ही चर्चा में आ गया है। इस भव्य फिल्म के ट्रेलर में मुख्य पात्रों के अवतार ने दर्शकों को प्रभावित किया है, लेकिन प्रशंसकों को सबसे बड़ा कौतूहल तब हुआ जब ‘हनुमान’ का किरदार निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल स्क्रीन पर कहीं नजर नहीं आए। ट्रेलर की समाप्ति के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर विविध अटकलों का दौर शुरू हो चुका है।

    फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित किरदार के लुक को पहले ही प्रोमो से छिपाकर रखना मेकर्स की एक सुपरियोजित विपणन रणनीति का हिस्सा है। बड़े बजट की पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर सबसे शक्तिशाली पात्रों के दृश्यों को प्राथमिक प्रचार सामग्री से दूर रखा जाता है, ताकि दर्शकों के बीच उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहे। सनी देओल की सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस और आवाज को देखते हुए उनके प्रवेश दृश्य को थिएटर के लिए सरप्राइज एलिमेंट के रूप में सुरक्षित रखा गया माना जा रहा है।

    प्रचार के नजरिए से भी यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। पहले ट्रेलर के बाद जब दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर होगी, तब मेकर्स उनके लुक का एक पृथक टीजर या पोस्टर जारी कर सकते हैं। इससे फिल्म को रिलीज से पहले दोबारा बड़ा पब्लिसिटी बज मिलेगा और सोशल मीडिया पर इस विषय पर चर्चा लंबे समय तक बनी रहेगी।

    कहानी के अनुसार हनुमान जी का किरदार अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय प्रभाव रखने वाला है। मेकर्स का उद्देश्य सीधे सिनेमाघरों में दर्शकों को एक भव्य अनुभव देना या आगामी प्रचार चरणों में विशेष सरप्राइज प्रस्तुत करना हो सकता है। फिलहाल दर्शक फिल्म के दूसरे ट्रेलर और इसके विशेष प्रचार अभियानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • अगस्त में नेटफ्लिक्स पर दिखेगा सिनेमा का बड़ा रंग: रिलीज होंगी 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और सीरीज

    अगस्त में नेटफ्लिक्स पर दिखेगा सिनेमा का बड़ा रंग: रिलीज होंगी 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और सीरीज

    नई दिल्ली । सहित देशभर के ओटीटी प्रेमियों के लिए अगस्त का महीना बेहद खास रहने वाला है। डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने दर्शकों के लिए 10 से अधिक नई फिल्में, वेब सीरीज, रियलिटी शोज और स्पोर्ट्स इवेंट्स की विस्तृत श्रृंखला पेश करने जा रहा है। इस पूरी सूची में भारत-पाक विभाजन के दौर की प्रेम कहानियों से लेकर सैन्य अभियानों, खेल जगत की वृत्तचित्रों और रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

    महीने की शुरुआत खेल और मनोरंजन के बड़े आयोजन के साथ होगी, जिसमें रेसलिंग दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी रिंग में आमने-सामने नजर आएंगे। इसके तुरंत बाद जापानी रियलिटी शो का नया सीजन और युवाओं के बीच लोकप्रिय ड्रामा सीरीज का अगला भाग प्रसारित किया जाएगा। वहीं, ऐतिहासिक और भावनात्मक सिनेमा के प्रेमियों के लिए भारत-पाक विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक बड़ी फिल्म पेश की जा रही है, जिसका निर्देशन और संगीत उद्योग के शीर्ष दिग्गजों द्वारा किया गया है।

    सैन्य अभियानों पर आधारित कहानियों के क्रम में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती एक विशेष फिल्म भी इस महीने प्रदर्शित होगी। इसके अतिरिक्त, खेल जगत के चर्चित और विवादित फुटबॉल मैनेजर के जीवन पर बनी तीन भागों की डॉक्यूमेंट्री सीरीज और बच्चा गोद लेने की सच्ची घटनाओं पर आधारित एक भावुक वृत्तचित्र भी दर्शकों के बीच पहुंचेगा। मनोरंजन के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए बॉलीवुड की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्में और हॉलीवुड की कॉमेडी-ड्रामा प्रस्तुतियां भी रिलीज की जाएंगी।

    महीने के मध्य में नेवी सील्स के जीवन, प्रशिक्षण और जोखिम भरे सैन्य अभियानों पर आधारित एक थ्रिलर सीरीज भी प्लेटफॉर्म पर दस्तक देगी। विविध विधाओं और विषयों के इस समावेश से अगस्त के पूरे महीने में डिजिटल दर्शकों को मनोरंजन की एक बड़ी और समृद्ध विविधता उपलब्ध होने जा रही है।

  • लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    नई दिल्ली । 80 के दशक के प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता राज किरण के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की खबर एक बार फिर चर्चा में है। 23 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सका है कि सौ से अधिक फिल्मों में काम कर चुके यह अभिनेता इस समय कहां हैं। वर्ष 1975 में 26 साल की उम्र में कागज की नाव फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने कर्ज और अर्थ जैसी यादगार फिल्मों में काम किया था। वर्ष 1980 में उनकी आठ फिल्में प्रदर्शित हुई थीं, जिससे वे उस दौर के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हो गए थे।

    वर्ष 1990 के दशक में काम न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण अभिनेता मानसिक तनाव का शिकार हो गए थे। पारिवारिक समस्याओं और वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। डिप्रेशन के कारण उन्होंने उस दौर में बन रही कई बड़ी फिल्मों की शूटिंग बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए, जहां उनके टैक्सी चलाने और बाद में मुंबई के एक मेंटल अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अस्पताल से बाहर आने के बाद भी जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला, तो वे पुनः विदेश चले गए।

    वर्ष 2011 में जब दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर ने अमेरिका यात्रा के दौरान उनके भाई से संपर्क किया, तब यह बात सामने आई थी कि वे अटलांटा के एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। हालांकि, अभिनेता के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि वे खुद कई सालों से उनकी तलाश कर रहे हैं। वर्तमान में भी निजी जांचकर्ताओं और उद्योग से जुड़े लोगों द्वारा उनकी खोज जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई आधिकारिक सुराग नहीं मिल पाया है। 80 के दशक का यह स्थापित कलाकार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक बना हुआ है।

  • 31 जुलाई को ओटीटी पर सिनेमाई महासंग्राम: एक्शन, थ्रिल और खौफ के तड़के संग रिलीज होंगी 6 नई फिल्में और सीरीज

    31 जुलाई को ओटीटी पर सिनेमाई महासंग्राम: एक्शन, थ्रिल और खौफ के तड़के संग रिलीज होंगी 6 नई फिल्में और सीरीज

    नई दिल्ली । समेत देशभर के ओटीटी प्रेमियों के लिए जुलाई महीने का अंतिम दिन मनोरंजन का बड़ा सौगात लेकर आ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सस्पेंस, थ्रिलर, एक्शन और ड्रामा से भरपूर छह नई फिल्में और वेब सीरीज एक साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत की जा रही हैं। सिनेमाघरों में किसी बड़े बजट की फिल्म की अनुपस्थिति के बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने वीकेंड को खास बनाने की पूरी योजना तैयार कर ली है। नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, सोनी लिव, जी5 और लायन्सगेट जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर विविध शैलियों का यह समन्वय दर्शकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाला है।

    एनिमेटेड सीरीज के शौकीनों के लिए गोथम शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित एक चर्चित शो का दूसरा सीजन वापसी कर रहा है। इसमें मुख्य किरदार एक बार फिर अंधेरे के बीच खतरनाक अपराधियों से मुकाबला करता और शहर की रक्षा में नए रहस्यों को सुलझाता नजर आएगा। वहीं, भावनात्मक और शांत जीवन की तलाश पर केंद्रित एक जापानी-कोरियन ड्रामा नेटफ्लिक्स पर दस्तक देने जा रहा है। इसमें नौकरी छूटने के बाद अपनी दादी के तटीय घर पहुंची मुख्य पात्र की जीवन यात्रा और उसके केयरटेकर के साथ बनते रिश्तों की सहज कहानी देखने को मिलेगी।

    क्षेत्रीय सिनेमा के शौकीनों के लिए जी5 पर एक मलयालम साइकोलॉजिकल सर्वाइवल ड्रामा पेश किया जा रहा है। यह कहानी एक मां और उसके छोटे बेटे की है, जो अपनी पहचान छिपाकर कानून से बचते फिर रहे हैं। गहरे मानसिक आघात और अकेलेपन के बीच संघर्ष करते इस परिवार का अनिश्चित भविष्य दर्शकों को बांधे रखेगा। इसके अतिरिक्त, लायन्सगेट पर एक उत्तरजीविता थ्रिलर रिलीज हो रही है, जिसमें माल्टा में छुट्टियां मना रहे एक जोड़े पर पहले एक विशाल शार्क और फिर एक कातिल मछुआरे का खतरा मंडराता है।

    भारतीय पौराणिक कथाओं में रुचि रखने वालों के लिए सोनी लिव पर महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन पर केंद्रित एक एनिमेटेड सीरीज आ रही है। इसमें कर्ण के एक साधारण परिवार में पालन-पोषण से लेकर महान योद्धा बनने और जीवनभर के सामाजिक भेदभाव तथा नियति से उसके संघर्ष को दिखाया गया है। इसके साथ ही, नेटफ्लिक्स पर सत्यदेव अभिनीत एक साइकोलॉजिकल पीरियड ड्रामा भी प्रस्तुत किया जा रहा है। यह कहानी एक बुजुर्ग राजा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने मृत पुत्र की वास्तविक पहचान की तलाश में अतीत के कई दफन राज उजागर करता है। इन सभी नए रिलीज के साथ इस वीकेंड दर्शकों के पास विविध प्रकार का कंटेंट चुनने का शानदार अवसर रहेगा।

  • रियलिटी शो के मंच पर राम कपूर के व्यवहार को लेकर उठे सवालों के बीच पत्नी गौतमी ने साथी प्रतिभागियों से व्यक्त की खेद

    रियलिटी शो के मंच पर राम कपूर के व्यवहार को लेकर उठे सवालों के बीच पत्नी गौतमी ने साथी प्रतिभागियों से व्यक्त की खेद

    नई दिल्ली। लोकप्रिय डिजिटल रियलिटी शो के हालिया एपिसोड में उस समय एक नया मोड़ देखने को मिला, जब मंच पर बंद प्रतियोगियों से मिलने पहुंचे उनके परिजनों के दौरान गंभीर भावनात्मक और संवेदनशील स्थितियां उत्पन्न हो गईं। शो में हिस्सा ले रहे प्रसिद्ध अभिनेता राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने मंच पर प्रवेश करते ही सह-प्रतियोगी श्रेया कालरा और अन्य महिला प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने पति के पिछले व्यवहार और शारीरिक संपर्क से जुड़ी कुछ घटनाओं पर हाथ जोड़कर खेद प्रकट किया। इस वाकये के प्रसारित होने के बाद से मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत सीमाओं तथा सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।

    दरअसल, बीते कुछ एपिसोड्स के दौरान शो के भीतर महिला प्रतियोगियों के बीच राम कपूर के बार-बार गले मिलने, माथे पर स्पर्श करने और अत्यधिक निकटता दर्शाने की आदत को लेकर असहजता व्यक्त की गई थी। प्रतियोगी श्रेया कालरा ने अन्य सदस्यों के साथ बातचीत में इस बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था कि इस प्रकार का व्यवहार उनके लिए आरामदायक नहीं था और इससे वे काफी असहज महसूस कर रही थीं। अन्य अतिथियों और प्रतियोगियों द्वारा भी इस प्रकार के स्नेह प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए थे, जिससे शो के भीतर तनाव का माहौल बन गया था।

    पारिवारिक मुलाकात के लिए निर्धारित सत्र के दौरान गौतमी कपूर ने सीधे तौर पर श्रेया कालरा से संपर्क किया और अत्यंत विनम्र भाव से बात की। उन्होंने कहा कि यदि उनके पति द्वारा अनजाने में भी किसी प्रकार का अनुचित स्पर्श या असहज स्थिति पैदा की गई हो, तो वह अपनी ओर से क्षमा याचना करती हैं। इसके बाद उन्होंने घर में मौजूद अन्य सभी महिला सदस्यों से भी बात की और स्पष्ट किया कि वह अपने पति के कृत्यों का बचाव नहीं कर रही हैं, बल्कि उनका उद्देश्य केवल यह समझाना है कि उनका व्यक्तित्व स्वाभाविक रूप से बहुत अधिक मित्रवत और भावनात्मक है।

    इस मुलाकात के दौरान मंच पर अन्य प्रतियोगियों के परिजन और मित्र भी उपस्थित थे, जिससे कई अन्य समीकरण भी सामने आए। जहां श्रेया कालरा से मिलने उनके मित्र पहुंचे, वहीं अन्य प्रतिभागियों से मिलने भी उद्योग जगत के उनके करीबी सहयोगी आए। इस दौरान कुछ सदस्यों के बीच आपसी तीखी बहस और तनातनी भी देखने को मिली। परिजनों के इस आगमन ने खेल के रणनीतिक और व्यक्तिगत पहलुओं को गहराई से प्रभावित किया है।

    इस पूरे प्रकरण ने न केवल शो के भीतर के माहौल को बदल दिया है, बल्कि दर्शकों के बीच भी यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक या व्यावसायिक जीवन में व्यक्तिगत स्थान और प्राथमिकताओं का सम्मान करना कितना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति का स्नेह दर्शाने का तरीका यदि दूसरे के लिए असुविधाजनक बनता है, तो उस पर बातचीत और सुधार अनिवार्य हो जाता है। आगामी एपिसोड्स में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस घटनाक्रम का प्रतियोगियों के आपसी संबंधों और खेल की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।

  • झरने वाले सीन से मिली पहचान, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है मंदाकिनी की जिंदगी और फिल्मी सफर

    झरने वाले सीन से मिली पहचान, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है मंदाकिनी की जिंदगी और फिल्मी सफर

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री मंदाकिनी का नाम आज भी 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के साथ सबसे पहले जुड़ता है। अपनी पहली बड़ी फिल्म से ही उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई और रातोंरात स्टार बन गईं। हालांकि, उनकी पहचान अक्सर फिल्म के चर्चित झरने वाले दृश्य तक सीमित कर दी जाती है, जबकि उनकी निजी जिंदगी और फिल्मी सफर कई दिलचस्प घटनाओं से भरा रहा है। 30 जुलाई को जन्मदिन के मौके पर उनके जीवन के कई ऐसे पहलू याद किए जाते हैं, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल किया।

    मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में यास्मीन जोसेफ के रूप में हुआ था। उनके पिता ब्रिटिश मूल के थे, जबकि उनकी मां मुस्लिम परिवार से थीं। फिल्मों में आने से पहले उनका नाम यास्मीन ही था। शुरुआती दौर में उन्हें एक फिल्म के लिए ‘माधुरी’ नाम से भी साइन किए जाने की चर्चा रही, लेकिन इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्मकार राज कपूर से हुई। राज कपूर ने उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उनका नाम बदलकर ‘मंदाकिनी’ रख दिया, जो आगे चलकर उनकी स्थायी पहचान बन गया।

    राज कपूर ने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में मंदाकिनी को मुख्य भूमिका दी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और मंदाकिनी रातोंरात लोकप्रिय हो गईं। फिल्म के कुछ दृश्य उस समय काफी चर्चा में रहे और इन्हीं के कारण वह लंबे समय तक सुर्खियों में बनी रहीं। हालांकि, उनके अभिनय, स्क्रीन प्रेजेंस और सहज अभिव्यक्ति की भी खूब सराहना हुई। इस फिल्म के बाद उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में गिना जाने लगा।

    इसके बाद मंदाकिनी ने मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त, गोविंदा, आदित्य पंचोली और अन्य कई बड़े सितारों के साथ फिल्मों में काम किया। ‘जीते हैं शान से’ का लोकप्रिय गीत ‘जूली जूली जॉनी का दिल तुमपे आया जूली’ आज भी उनके यादगार गीतों में गिना जाता है। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।

    अपने करियर के दौरान मंदाकिनी को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि कई बार फिल्मों के लिए चयन होने के बावजूद उन्हें अंतिम समय में बदल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में फिल्म उद्योग का माहौल महिलाओं के लिए आसान नहीं था और कई अवसर उनके हाथ से निकल गए। कुछ फिल्मों में उन्हें साइन किए जाने की चर्चाएं भी रहीं, लेकिन वे परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं।

    1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘जोरदार’ के बाद मंदाकिनी ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली। बाद में उन्होंने पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. कग्युर टी. रिनपोछे ठाकुर से विवाह किया और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दी। लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहने के बावजूद आज भी मंदाकिनी का नाम हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में लिया जाता है, जिन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई और दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।

  • करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, शादी के चार साल बाद बेटे का जन्म, पोस्ट शेयर कर लिखा- सबसे बड़ा आशीर्वाद

    करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, शादी के चार साल बाद बेटे का जन्म, पोस्ट शेयर कर लिखा- सबसे बड़ा आशीर्वाद

    नई दिल्ली। टीवी और फिल्म अभिनेत्री करिश्मा तन्ना के घर खुशियों ने दस्तक दी है। 42 वर्ष की उम्र में अभिनेत्री ने बेटे को जन्म दिया है। शादी के चार साल बाद माता-पिता बने करिश्मा तन्ना और उनके पति वरुण बंगेरा ने इस खुशखबरी को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों के साथ साझा किया। पोस्ट सामने आते ही फैंस, दोस्तों और मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने दोनों को बधाई और शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।

    करिश्मा तन्ना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को उनके जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद उनके घर आया है। उन्होंने अपने नवजात बेटे का स्वागत करते हुए उसे परिवार की नई खुशी बताया। अभिनेत्री की इस पोस्ट को कुछ ही समय में हजारों लोगों ने पसंद किया और कमेंट सेक्शन में शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई।

    गर्भावस्था के दौरान भी करिश्मा लगातार अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहीं। उन्होंने समय-समय पर अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़े अनुभव, तस्वीरें और फोटोशूट सोशल मीडिया पर साझा किए। उनके मैटरनिटी फोटोशूट भी काफी चर्चा में रहे और फैंस ने उनकी सादगी व आत्मविश्वास की जमकर सराहना की। अभिनेत्री ने अपनी इस नई यात्रा के हर अहम पल को प्रशंसकों के साथ साझा करने की कोशिश की।

    करिश्मा तन्ना ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और उन्हें लोकप्रियता एकता कपूर के चर्चित धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में निभाए गए किरदार से मिली। इसके बाद उन्होंने कई टीवी धारावाहिकों और रियलिटी शोज़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने रियलिटी शो ‘बिग बॉस 8’ और ‘खतरों के खिलाड़ी 10’ में अपने दमदार प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल किया।

    छोटे पर्दे के साथ-साथ करिश्मा ने फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह ‘संजू’ और ‘सूरज पे मंगल भारी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। अपने अभिनय, आत्मविश्वास और अलग व्यक्तित्व के कारण उन्होंने मनोरंजन उद्योग में एक मजबूत पहचान बनाई है। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है और वह अपनी निजी व पेशेवर जिंदगी से जुड़े अपडेट नियमित रूप से साझा करती रहती हैं।

    बेटे के जन्म की खबर के बाद करिश्मा तन्ना और वरुण बंगेरा के परिवार में खुशी का माहौल है। प्रशंसकों को अब दोनों की ओर से अपने नन्हे मेहमान की पहली झलक का इंतजार है। अभिनेत्री की इस नई पारी को लेकर उनके चाहने वाले लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।

  • 38 साल बाद भी बरकरार है इस सदाबहार गीत का जादू, शादी-ब्याह की हर रस्म में आज भी गूंजती है इसकी धुन

    38 साल बाद भी बरकरार है इस सदाबहार गीत का जादू, शादी-ब्याह की हर रस्म में आज भी गूंजती है इसकी धुन

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के कई गीत समय के साथ केवल फिल्मी संगीत तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा बन जाते हैं। वर्ष 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘गंगा जमुना सरस्वती’ का लोकप्रिय गीत ‘साजन मेरा उस पार है’ भी ऐसे ही सदाबहार गीतों में शामिल है। रिलीज के करीब 38 वर्ष बाद भी यह गीत शादी-ब्याह, हल्दी, मेहंदी और महिला संगीत जैसे पारिवारिक आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ गाया और बजाया जाता है।

    इस गीत को अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि पर फिल्माया गया था, जो उस समय लगभग 24 वर्ष की थीं। उनके सहज अभिनय, पारंपरिक अंदाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने गीत को विशेष पहचान दिलाई। यही कारण है कि यह गीत केवल फिल्म का हिस्सा बनकर नहीं रह गया, बल्कि भारतीय शादियों की लोकप्रिय सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बन गया।

    ‘गंगा जमुना सरस्वती’ में अमिताभ बच्चन, मीनाक्षी शेषाद्रि, जया प्रदा और मिथुन चक्रवर्ती जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई दिए थे। फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं, लेकिन इसके इस गीत को शुरुआत से ही व्यापक लोकप्रियता मिली। समय बीतने के बावजूद इसकी लोकप्रियता में कोई खास कमी नहीं आई और यह आज भी नई पीढ़ी के बीच अपनी जगह बनाए हुए है।

    गीत को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज दी थी। संगीतकार अनु मलिक ने इसकी धुन तैयार की, जबकि इसके बोल गीतकार इंद्रवीर ने लिखे थे। गीत की सरल भाषा, लोक संगीत से प्रेरित धुन और पारंपरिक माहौल इसे अन्य विवाह गीतों से अलग पहचान दिलाते हैं। यही वजह है कि यह गीत वर्षों बाद भी लोगों की पसंद बना हुआ है।

    बदलते समय के साथ शादी समारोहों में डीजे, रीमिक्स और आधुनिक वेडिंग सॉन्ग्स का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके बावजूद ‘साजन मेरा उस पार है’ की लोकप्रियता पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। विशेष रूप से गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में महिला संगीत की महफिलों में यह गीत आज भी पूरे उत्साह के साथ गाया जाता है। कई परिवारों में विवाह समारोह की शुरुआत इसी गीत से करने की परंपरा अब भी देखने को मिलती है।

    इस गीत की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी मानी जाती है। ढोलक की पारंपरिक थाप के साथ गाया जाने वाला यह गीत महिलाओं को सहज रूप से जोड़ देता है। इसमें न केवल विवाह की खुशी झलकती है, बल्कि पारिवारिक अपनापन और भारतीय लोक संस्कृति की मिठास भी महसूस होती है। यही कारण है कि यह गीत अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को समान रूप से आकर्षित करता है।

    संगीत विशेषज्ञों का भी मानना है कि कुछ गीत अपनी धुन, भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण समय की सीमाओं से आगे निकल जाते हैं। ‘साजन मेरा उस पार है’ भी उन्हीं गीतों में गिना जाता है जिसने दशकों बाद भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है। आज भी जब शादी समारोहों में ढोलक की थाप सुनाई देती है तो यह गीत स्वतः लोगों की जुबान पर आ जाता है और पूरे माहौल को उत्सवमय बना देता है।

  • आमिर खान को मिली धमकी की जांच तेज, स्वीडिश वीपीएन और टॉर ब्राउजर के इस्तेमाल की आशंका

    आमिर खान को मिली धमकी की जांच तेज, स्वीडिश वीपीएन और टॉर ब्राउजर के इस्तेमाल की आशंका

    नई दिल्ली । अभिनेता आमिर खान को सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश के माध्यम से मिली कथित धमकी के मामले में जांच तेज हो गई है। मुंबई पुलिस की साइबर टीम इस पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कर रही है और धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि संदेश भेजने के दौरान अपनी वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार धमकी से जुड़े ऑडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट अलग-अलग नामों से साझा किए गए हैं। वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति ने स्वयं को आरजू बिश्नोई बताते हुए अभिनेता पर विभिन्न आरोप लगाए और उन्हें कथित तौर पर सबक सिखाने की बात कही। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी सामने आई, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस इन दोनों माध्यमों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही है।

    प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण में पुलिस को संबंधित डिजिटल गतिविधि का शुरुआती आईपी एड्रेस स्वीडन से जुड़ा मिला है। हालांकि जांचकर्ताओं का कहना है कि आईपी एड्रेस का इस प्रकार सामने आना अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता, क्योंकि कथित तौर पर वीपीएन और टॉर ब्राउजर जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर वास्तविक लोकेशन छिपाने की कोशिश की गई है। ऐसे मामलों में इंटरनेट ट्रैफिक कई सर्वरों के माध्यम से गुजरता है, जिससे वास्तविक स्रोत तक पहुंचना अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    साइबर विशेषज्ञ अब डिजिटल लॉग, नेटवर्क गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किस डिवाइस, नेटवर्क या अकाउंट से भेजे गए और क्या इसके पीछे कोई एक व्यक्ति है या संगठित समूह। फिलहाल मामले में तकनीकी जांच जारी है और संबंधित सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है।

    यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आमिर खान की हालिया शादी को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसके बाद कुछ लोगों और संगठनों ने अभिनेता पर आरोप लगाए और विरोध भी दर्ज कराया। इसी क्रम में कथित धमकी वाला ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

    आमिर खान पहले भी इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी शादियां कानूनी प्रक्रिया के तहत संपन्न हुई हैं और किसी भी विवाह में धर्म परिवर्तन नहीं कराया गया। उन्होंने कहा था कि उनका परिवार विभिन्न धार्मिक परंपराओं का सम्मान करता है और उनकी निजी जिंदगी को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यात्मक नहीं हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साइबर टीम का मुख्य उद्देश्य धमकी भेजने वाले की वास्तविक पहचान स्थापित करना और यह पता लगाना है कि संदेश किस उद्देश्य से प्रसारित किए गए। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है।