Category: Entertainment

  • गोंधल की ऑस्कर एंट्री पर अनुराग कश्यप की टिप्पणी के बाद डायरेक्टर संतोष डावखर ने दिया जवाब

    गोंधल की ऑस्कर एंट्री पर अनुराग कश्यप की टिप्पणी के बाद डायरेक्टर संतोष डावखर ने दिया जवाब

    नई दिल्ली ।गोंधल फिल्म के भारत की ओर से ऑस्कर 2027 के लिए आधिकारिक एंट्री चुने जाने के बाद फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिल्मकार अनुराग कश्यप ने गोंधल के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भारत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में इसलिए पीछे रह जाता है क्योंकि कई बार फिल्मों के चयन में सही विकल्प नहीं चुने जाते। अब गोंधल के निर्देशक संतोष डावखर ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि किसी भी फिल्म पर फैसला सुनाने से पहले उसे देखना जरूरी है।

    संतोष डावखर के मुताबिक उन्होंने गोंधल के बारे में अनुराग कश्यप से पहले भी बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि एक फ्लाइट के दौरान उन्होंने अनुराग को अपनी फिल्म के बारे में जानकारी दी थी। उस समय अनुराग ने फिल्म देखने की बात कही थी। हालांकि, संतोष का दावा है कि इसके बाद फिल्म उन्हें दिखाई नहीं गई और मुंबई में भी फिल्म उपलब्ध नहीं है।

    फिल्म के चयन और उस पर हो रही चर्चाओं के बीच संतोष ने लोगों से अपील की कि वे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले गोंधल को जरूर देखें। उनका कहना है कि फिल्म को लेकर राय बनाने से पहले उसे समझना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि एक फिल्मकार के तौर पर वह इस जिम्मेदारी को समझते हैं कि उनकी फिल्म अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही है।

    संतोष डावखर ने कहा कि गोंधल एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है, जिसमें मराठी संस्कृति के साथ वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर कहानी और प्रस्तुति तैयार की गई है। उनके अनुसार फिल्म को बड़े पर्दे के लिए बनाया गया है और इसका उद्देश्य केवल ओटीटी दर्शकों तक सीमित रहना नहीं है।

    उन्होंने दर्शकों से फिल्म को थिएटर में देखने की अपील करते हुए कहा कि दोबारा रिलीज होने पर लोग इसे बड़े पर्दे पर देखें और इसके बाद अपना फैसला सुनाएं। संतोष ने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी है और वह अपने देश को निराश नहीं करना चाहते।

    वहीं, अनुराग कश्यप ने अपनी पिछली टिप्पणी में कहा था कि भारत कई बड़े पुरस्कारों में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाता, क्योंकि कई बार फिल्मों का चयन सही तरीके से नहीं होता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कुछ ऐसी भारतीय फिल्मों का भी उल्लेख किया था, जिन्हें उनके मुताबिक सही चयन के बावजूद अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में सफलता नहीं मिली।

    अनुराग ने यह भी कहा था कि किसी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने से पहले उसे विदेशों के प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में ले जाना और अमेरिकी वितरण की संभावनाओं को देखना महत्वपूर्ण होना चाहिए। उनके अनुसार गोंधल को पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी मौजूदगी दर्ज करानी चाहिए थी।

    गोंधल साल 2025 में रिलीज हुई मराठी भाषा की ड्रामा थ्रिलर फिल्म है। इसका लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। फिल्म को 99वें अकादमी पुरस्कार यानी ऑस्कर 2027 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। अब फिल्म को लेकर उठी बहस के बीच निर्देशक ने दर्शकों से अपील की है कि वे पहले फिल्म देखें और उसके बाद ही उसके चयन या कहानी को लेकर अपनी राय बनाएं।

  • हुरुन रिच लिस्ट में बॉलीवुड का जलवा शाहरुख 10 हजार करोड़ पर सलमान 3 हजार करोड़ के साथ शामिल

    हुरुन रिच लिस्ट में बॉलीवुड का जलवा शाहरुख 10 हजार करोड़ पर सलमान 3 हजार करोड़ के साथ शामिल


    नई दिल्ली। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 जारी हो चुकी है और इस बार भी बॉलीवुड के सबसे अमीर सितारों को लेकर तस्वीर काफी दिलचस्प है। इस सूची में शाहरुख खान लगातार दूसरे साल सबसे अमीर भारतीय एक्टर बने हुए हैं। उनकी अनुमानित नेट वर्थ 10 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले शाहरुख खान की संपत्ति में 2490 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। साल 2025 में उनकी अनुमानित संपत्ति 12490 करोड़ रुपये थी जो अब घटकर 10 हजार करोड़ रुपये रह गई है।

    शाहरुख खान की संपत्ति के आकलन में उनके फिल्म और कारोबारी हितों को भी शामिल किया गया है। इसमें रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स जैसे बिजनेस शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति में कमी आने के बावजूद शाहरुख खान सबसे अमीर भारतीय एक्टर की सूची में अपनी पहली जगह बरकरार रखने में सफल रहे हैं। इसी साल की शुरुआत में जारी हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट में भी उनकी संपत्ति का अनुमान करीब 10800 करोड़ रुपये लगाया गया था।

    इस सूची में महानायक अमिताभ बच्चन 4 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित नेट वर्थ के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अमिताभ बच्चन की संपत्ति पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ी है। 2025 में उनकी अनुमानित संपत्ति करीब 1630 करोड़ रुपये बताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन खुद कोई बड़ा कारोबार सक्रिय रूप से संचालित नहीं करते हैं लेकिन उनके फैमिली ऑफिस के कई कंपनियों और रियल एस्टेट में निवेश हैं। यही निवेश उनकी कुल संपत्ति के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इस बार हुरुन इंडिया रिच लिस्ट में सलमान खान की एंट्री भी खास चर्चा में है। सलमान खान करीब 3 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित नेट वर्थ के साथ बॉलीवुड के अमीर एक्टर्स की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। यह उनकी इस लिस्ट में नई एंट्री है। फिल्मों के अलावा विज्ञापन ब्रांड और अन्य कारोबारी गतिविधियां भी सलमान खान की कमाई के प्रमुख माध्यम रहे हैं।

    ऋतिक रोशन 2500 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के साथ चौथे स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति पिछले साल के 2160 करोड़ रुपये के अनुमान से बढ़ी है। ऋतिक रोशन के कारोबार और उनके ब्रांड HRX को भी उनकी संपत्ति में योगदान देने वाले प्रमुख हितों में शामिल किया गया है।

    हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में बॉलीवुड के कुछ पुराने नाम इस बार नजर नहीं आए। जुही चावला और करण जौहर पिछले साल की सूची में शामिल थे लेकिन इस बार उनकी एंट्री नहीं हुई है। 2025 में जुही चावला की अनुमानित नेट वर्थ 7790 करोड़ रुपये और करण जौहर की करीब 1880 करोड़ रुपये बताई गई थी।

    वहीं रामायण से जुड़े प्रोडक्शन काम के लिए चर्चा में रहे नमित मल्होत्रा के पिता नरेश मल्होत्रा भी इस साल की सूची में शामिल हैं। उनकी अनुमानित नेट वर्थ 16 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। कुल मिलाकर हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 ने एक बार फिर दिखाया है कि बॉलीवुड सितारों की संपत्ति का दायरा सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि प्रोडक्शन कारोबार ब्रांड निवेश और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों का भी इसमें बड़ा योगदान है। इस बार भारत की रिच लिस्ट में कुल 391 डॉलर बिलियनपति शामिल हुए हैं जो एक नया रिकॉर्ड बताया गया है।

  • अमिताभ बच्चन की संपत्ति ने लगाई लंबी छलांग शाहरुख के बाद बने मनोरंजन जगत के दूसरे सबसे अमीर सितारे

    अमिताभ बच्चन की संपत्ति ने लगाई लंबी छलांग शाहरुख के बाद बने मनोरंजन जगत के दूसरे सबसे अमीर सितारे


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 83 साल की उम्र में भी लगातार काम कर रहे हैं और अब उनकी संपत्ति को लेकर सामने आई जानकारी ने सबका ध्यान खींचा है। साल 2026 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति करीब 4000 करोड़ रुपए आंकी गई है। खास बात यह है कि पिछले साल उनकी संपत्ति करीब 1630 करोड़ रुपए बताई गई थी। इस हिसाब से एक साल में उनकी नेटवर्थ में करीब 145 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

    इस बढ़ोतरी के साथ अमिताभ बच्चन मनोरंजन जगत के सबसे अमीर सितारों की सूची में शाहरुख खान के बाद दूसरे स्थान पर बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख खान की कुल संपत्ति करीब 10000 करोड़ रुपए है। वहीं अमिताभ बच्चन करीब 4000 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ उनके बाद हैं। इसके बाद सलमान खान की संपत्ति करीब 3000 करोड़ रुपए और ऋतिक रोशन की संपत्ति करीब 2500 करोड़ रुपए बताई गई है।

    अमिताभ बच्चन की कमाई का दायरा सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कई दशकों तक बॉलीवुड में काम करने के साथ टेलीविजन और विज्ञापन की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनकी कमाई के प्रमुख स्रोतों में फिल्में टीवी शो विज्ञापन निवेश और रियल एस्टेट शामिल हैं। अलग अलग माध्यमों से होने वाली आय और संपत्तियों की बढ़ती कीमतों को उनकी कुल संपत्ति में वृद्धि की वजहों में गिना जा रहा है।

    अमिताभ बच्चन ने समय के साथ कई कंपनियों और नए कारोबार से जुड़े उपक्रमों में निवेश भी किया है। टेक स्टार्टअप और कंज्यूमर ब्रांड्स में उनके निवेश की चर्चा होती रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इन निवेशों से उन्हें अच्छा रिटर्न मिलने की बात कही गई है। हालांकि किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति का अनुमान लगाने वाली ऐसी रिपोर्ट में संपत्तियों और निवेश के मूल्यांकन के तरीके अलग हो सकते हैं।

    रियल एस्टेट भी अमिताभ बच्चन की संपत्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मुंबई समेत कई जगहों पर उनके पास प्रॉपर्टी होने की जानकारी सामने आती रही है। इनमें निजी आवास के साथ कमर्शियल प्रॉपर्टी भी शामिल हैं। समय के साथ रियल एस्टेट की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर भी उनकी अनुमानित नेटवर्थ पर पड़ सकता है।

    टेलीविजन का लोकप्रिय शो कौन बनेगा करोड़पति भी अमिताभ बच्चन की कमाई का बड़ा माध्यम रहा है। वह लंबे समय से इस शो की मेजबानी कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें फीस मिलती है। इसके अलावा कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में भी वह नजर आते हैं। फिल्मों के साथ टीवी और विज्ञापन ने उनकी कमाई के स्रोतों को लगातार मजबूत बनाए रखा है।

    83 साल की उम्र में भी अमिताभ बच्चन काम के मोर्चे पर सक्रिय हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में कल्कि 2898 एडी पार्ट 2 का नाम शामिल है जिसमें वह अश्वत्थामा के किरदार में नजर आने की चर्चा है। इसके अलावा सेक्शन 84 द इंटर्न और आंखें 2 जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी उनका नाम चर्चा में रहा है।

    इस तरह अमिताभ बच्चन की अनुमानित नेटवर्थ में एक साल के भीतर आया बड़ा उछाल उनके लंबे फिल्मी करियर के साथ निवेश रियल एस्टेट टीवी और विज्ञापन से जुड़े आय के अलग अलग माध्यमों की ओर भी ध्यान खींचता है।

  • पत्नी प्रीति के जन्मदिन पर रवि किशन ने साझा की तस्वीरें, खास संदेश में बताया जीवन में उनका महत्व

    पत्नी प्रीति के जन्मदिन पर रवि किशन ने साझा की तस्वीरें, खास संदेश में बताया जीवन में उनका महत्व

    नई दिल्ली ।अभिनेता रवि किशन ने पत्नी प्रीति किशन के जन्मदिन के मौके पर उनके साथ अपनी कुछ तस्वीरें साझा करते हुए खास अंदाज में शुभकामनाएं दी हैं। निजी जिंदगी को आमतौर पर ज्यादा सार्वजनिक नहीं करने वाले रवि किशन ने इस अवसर पर पत्नी के प्रति अपने भाव व्यक्त किए और उनके साथ को अपनी जिंदगी की अहम ताकत बताया।

    रवि किशन ने प्रीति के साथ तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। संदेश में उन्होंने पत्नी को अपनी ताकत और अपने बच्चों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने सुख-दुख में साथ निभाने के लिए प्रीति के प्रति आभार भी जताया और उनके लिए अपने प्यार का इजहार किया।

    अपने संदेश में रवि किशन ने प्रीति के लिए महादेव से आशीर्वाद बनाए रखने की कामना भी की। तस्वीरों में दोनों साथ नजर आ रहे हैं। इस मौके पर साझा की गई तस्वीरों और संदेश में लंबे वैवाहिक रिश्ते के प्रति अभिनेता का जुड़ाव और सम्मान दिखाई दिया।

    रवि किशन और प्रीति की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी। अभिनेता ने पहले बताया था कि जब वह 11वीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तभी उन्हें प्रीति पसंद आ गई थीं। स्कूल के समय से शुरू हुआ यह रिश्ता आगे चलकर शादी में बदल गया।

    रवि किशन अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए कई बार प्रीति की भूमिका को महत्वपूर्ण बता चुके हैं। मुंबई आने के बाद फिल्मी दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए उन्हें लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। इस दौरान प्रीति उनके साथ खड़ी रहीं और मुश्किल परिस्थितियों में उनका हौसला बनाए रखा।

    अभिनेता के अनुसार, उनके शुरुआती संघर्ष के दौर में परिवार को संभालने में भी प्रीति ने अहम भूमिका निभाई। रवि किशन ने अपनी सफलता के पीछे पत्नी के योगदान को कई मौकों पर स्वीकार किया है। उनके लिए प्रीति केवल जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि मुश्किल समय में भरोसे का आधार भी रही हैं।

    रवि किशन ने एक अवसर पर पत्नी के प्रति अपने सम्मान का जिक्र करते हुए बताया था कि जब प्रीति सो रही होती हैं, तब वह उनके पैर छूते हैं। उन्होंने कहा था कि प्रीति उन्हें अपने पैर छूने नहीं देतीं। इस बात के जरिए उन्होंने पत्नी के प्रति अपने सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया था।

    रवि किशन और प्रीति के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। अभिनेता अक्सर अपने परिवार से जुड़े खास पलों की तस्वीरें भी साझा करते रहे हैं। हालांकि, निजी जीवन को लेकर वह सामान्य तौर पर सीमित जानकारी ही सार्वजनिक करते हैं।

    फिल्मी करियर की बात करें तो रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा से अपनी पहचान बनाई और बाद में हिंदी फिल्मों में भी काम किया। अभिनय के साथ उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी सार्वजनिक जिंदगी में व्यस्तताओं के बावजूद परिवार उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

    पत्नी के जन्मदिन पर साझा किया गया संदेश इसी पारिवारिक जुड़ाव को सामने लाता है। रवि किशन ने अपने शब्दों के जरिए प्रीति को परिवार की प्रेरणा बताते हुए उनके योगदान के लिए आभार जताया। जन्मदिन के अवसर पर साझा की गई तस्वीरों और संदेश के जरिए उन्होंने अपने लंबे रिश्ते के प्रति सम्मान और स्नेह भी व्यक्त किया।

  • कार्तिक आर्यन की उपलब्धि पर भावुक हुए मुरलीकांत पेटकर, मेहनत और अभिनय की जमकर सराहना

    कार्तिक आर्यन की उपलब्धि पर भावुक हुए मुरलीकांत पेटकर, मेहनत और अभिनय की जमकर सराहना

    नई दिल्ली ।कार्तिक आर्यन के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट एक्टर का सम्मान हासिल करना बेहद खास उपलब्धि रही। फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए उन्हें यह पुरस्कार मिला। सम्मान मिलने के बाद कार्तिक को फिल्म जगत से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। इनमें सबसे खास बधाई उस वास्तविक शख्स की रही, जिसकी जिंदगी को उन्होंने पर्दे पर जीवंत किया।

    पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर ने कार्तिक आर्यन को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्तिक की मेहनत और फिल्म में उनके अभिनय की सराहना करते हुए इसे गर्व का क्षण बताया। मुरलीकांत ने कहा कि कार्तिक ने जिस समर्पण के साथ उनके किरदार को निभाया, वह प्रशंसा के योग्य है।

    मुरलीकांत पेटकर ने कार्तिक की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिलना गर्व की बात है। उन्होंने फिल्म में किरदार को निभाने के लिए कार्तिक द्वारा की गई मेहनत को भी विशेष रूप से सराहा।

    उन्होंने फिल्म के निर्देशक कबीर खान और निर्माता साजिद नाडियाडवाला के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, मुरलीकांत पेटकर की कहानी को बड़े पर्दे पर संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया गया। फिल्म की पूरी टीम ने मिलकर उनकी जीवन यात्रा और संघर्ष को दर्शकों तक पहुंचाने का काम किया।

    ‘चंदू चैंपियन’ 14 जून 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन कबीर खान ने किया था और कार्तिक आर्यन ने इसमें मुरलीकांत पेटकर की भूमिका निभाई थी। कहानी एक ऐसे व्यक्ति के जीवन पर आधारित है, जिसने कई कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बाद भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा।

    मुरलीकांत पेटकर भारतीय सेना में रह चुके हैं। एक हादसे के बाद उन्हें शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने खेल को अपनी नई दिशा बनाया और पैरालिंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया।

    फिल्म में कार्तिक आर्यन के साथ विजय राज, राजपाल यादव और भाग्यश्री भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए। मुरलीकांत पेटकर के जीवन के अलग-अलग चरणों को पर्दे पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए कार्तिक ने अपनी फिटनेस और शारीरिक क्षमता पर काफी काम किया था।

    कार्तिक ने फिल्म के लिए बॉक्सिंग और तैराकी की ट्रेनिंग ली। उन्होंने अपने शरीर में भी बड़ा बदलाव किया, ताकि किरदार के अलग-अलग दौर को वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया जा सके। उनके अभिनय और तैयारी को मिली राष्ट्रीय स्तर की मान्यता के बाद खुद मुरलीकांत पेटकर की ओर से मिली बधाई ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है।

    फिल्म की कहानी संघर्ष, मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति दृढ़ता पर केंद्रित है। मुरलीकांत पेटकर की वास्तविक जीवन यात्रा को पर्दे पर निभाने वाले कार्तिक आर्यन को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना उनके अभिनय सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

  • टॉप एक्ट्रेस की लोकप्रियता सूची में बड़ा बदलाव, सामंथा रूथ प्रभु ने दीपिका और आलिया को पीछे छोड़ा

    टॉप एक्ट्रेस की लोकप्रियता सूची में बड़ा बदलाव, सामंथा रूथ प्रभु ने दीपिका और आलिया को पीछे छोड़ा

    नई दिल्ली:  पिछले महीने की लोकप्रियता के आधार पर जारी टॉप 10 एक्ट्रेस की सूची में दक्षिण भारतीय अभिनेत्री सामंथा रूथ प्रभु ने पहला स्थान हासिल किया है। इस सूची में बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई चर्चित अभिनेत्रियों को शामिल किया गया है। खास बात यह रही कि सामंथा ने दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट जैसी लोकप्रिय अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान बनाया।

    लोकप्रियता की इस रैंकिंग में सामंथा रूथ प्रभु के बाद आलिया भट्ट दूसरे और दीपिका पादुकोण तीसरे स्थान पर रहीं। यानी टॉप तीन में दक्षिण भारतीय सिनेमा की एक और बॉलीवुड की दो प्रमुख अभिनेत्रियों ने जगह बनाई।

    सामंथा के लिए पिछला दौर चर्चा में रहा है। उनकी पिछली फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ में उनका अलग और काफी दमदार अंदाज देखने को मिला था। फिल्म में उनका किरदार पहले की भूमिकाओं से अलग नजर आया। आने वाले समय में भी सामंथा की कई परियोजनाएं दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

    दूसरे स्थान पर रहने वाली आलिया भट्ट लगातार हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में बनी हुई हैं। उनकी लोकप्रियता के चलते उन्हें इस रैंकिंग में दूसरा स्थान मिला। वहीं दीपिका पादुकोण तीसरे पायदान पर रहीं। पिछले कुछ समय से दीपिका बड़े पर्दे पर कम नजर आई हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता सूची में मजबूत बनी हुई है।

    टॉप तीन से ठीक बाहर सई पल्लवी रहीं। उन्हें चौथा स्थान मिला। वह अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ में सीता की भूमिका को लेकर भी चर्चा में हैं। इसके बाद नयनतारा ने पांचवां स्थान हासिल किया। नयनतारा दक्षिण भारतीय सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और हिंदी दर्शकों के बीच भी उनकी पहचान मजबूत हुई है।

    छठे स्थान पर काजल अग्रवाल रहीं, जबकि रश्मिका मंदाना को सातवां स्थान मिला। दोनों अभिनेत्रियां दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय हैं। रश्मिका की कई फिल्मों और उनके अभिनय को लेकर दर्शकों के बीच लगातार चर्चा बनी रहती है।

    आठवें स्थान पर कृति सैनन का नाम रहा। कृति हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल हैं और अलग-अलग तरह की भूमिकाओं के जरिए अपनी पहचान बना चुकी हैं। सूची में उनसे ऊपर दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई अभिनेत्रियां रहीं।

    नौवें स्थान पर त्रिशा रहीं। दक्षिण भारतीय फिल्मों में लंबे समय से सक्रिय त्रिशा अब भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। वहीं श्रद्धा कपूर को सूची में दसवां स्थान मिला। आगामी फिल्म ‘ईठा’ को लेकर भी श्रद्धा चर्चा में हैं।

    इस पूरी सूची में दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों की मौजूदगी उल्लेखनीय रही। टॉप 10 में सामंथा, सई पल्लवी, नयनतारा, काजल अग्रवाल, रश्मिका मंदाना और त्रिशा जैसे नाम शामिल रहे। दूसरी ओर बॉलीवुड से आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, कृति सैनन और श्रद्धा कपूर ने जगह बनाई।

    रैंकिंग पिछले महीने की लोकप्रियता को आधार बनाकर तैयार की गई है। इसलिए इसमें अलग-अलग समय पर फिल्मों, भूमिकाओं और सार्वजनिक चर्चा के कारण अभिनेत्रियों की स्थिति बदल सकती है। इस सूची में सामंथा का शीर्ष स्थान हासिल करना और दीपिका तथा आलिया का टॉप तीन में बने रहना सबसे प्रमुख बातें रहीं।

  • कुमार सानू के 69वें जन्मदिन पर याद आए उनके सदाबहार रोमांटिक गाने, आज भी कायम है आवाज का जादू

    कुमार सानू के 69वें जन्मदिन पर याद आए उनके सदाबहार रोमांटिक गाने, आज भी कायम है आवाज का जादू

    नई दिल्ली ।कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के उन लोकप्रिय गायकों में शामिल हैं, जिनकी आवाज ने 1990 के दशक के रोमांटिक गीतों को एक अलग पहचान दी। 20 अक्टूबर 1957 को कोलकाता में जन्मे कुमार सानू का वास्तविक नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है। उनके पिता पशुपतिनाथ भट्टाचार्य भी संगीत से जुड़े हुए थे और शुरुआती संगीत शिक्षा कुमार सानू ने उन्हीं से प्राप्त की।

    प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में उन्होंने 1984 में फिल्म ‘ये देश’ से शुरुआत की। उनके करियर को आगे बढ़ाने में गजल गायक जगजीत सिंह की भूमिका भी बताई जाती है। 1989 में जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी से कराई। इसी दौरान केदारनाथ भट्टाचार्य को कुमार सानू नाम अपनाने की सलाह दी गई।

    इसके बाद वर्ष 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। फिल्म के संगीत ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई और कुमार सानू की आवाज घर-घर तक पहुंच गई। ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना’, ‘अब तेरे बिन’, ‘नजर के सामने’ और ‘बस एक सनम चाहिए’ जैसे गीतों ने उनकी रोमांटिक गायकी को लोकप्रिय बनाया।

    ‘आशिकी’ के बाद 1990 के दशक में कुमार सानू ने कई चर्चित फिल्मों के लिए गीत गाए। ‘साजन’, ‘दीवाना’, ‘बाजीगर’, ‘परदेस’ और ‘1942: ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्मों के गीतों ने उनकी लोकप्रियता को लगातार मजबूत किया।

    उनके चर्चित गीतों में ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना’ आज भी विशेष रूप से याद किया जाता है। यह गीत ‘आशिकी’ में राहुल रॉय और अनु अग्रवाल पर फिल्माया गया था और फिल्म के लोकप्रिय संगीत का अहम हिस्सा रहा।

    ‘बाजीगर’ का ‘ये काली काली आंखें’ भी कुमार सानू के लोकप्रिय गीतों में शामिल है। शाहरुख खान और काजोल पर फिल्माए गए इस गाने में उनकी आवाज के साथ अनु मलिक की आवाज भी सुनाई दी थी।

    फिल्म ‘दीवाना’ का ‘सोचेंगे तुम्हें प्यार करें के नहीं’ भी 1990 के दशक में खूब लोकप्रिय हुआ। ऋषि कपूर और दिव्या भारती पर फिल्माए गए इस गीत को नदीम-श्रवण ने संगीत दिया था।

    ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ का ‘चुरा के दिल मेरा’ कुमार सानू और अलका याग्निक की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था। अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी पर फिल्माया गया यह गीत भी लंबे समय तक लोकप्रिय रहा।

    ‘साजन’ का ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ का ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ और ‘कुछ कुछ होता है’ का ‘लड़की बड़ी अंजानी है’ भी उनकी यादगार प्रस्तुतियों में गिने जाते हैं।

    ‘हम दिल दे चुके सनम’ का ‘आंखों की गुस्ताखियां’ भी कुमार सानू की लोकप्रिय गायकी का हिस्सा रहा। कविता कृष्णमूर्ति के साथ उनकी आवाज ने इस गीत को खास पहचान दी।

    कुमार सानू को संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। 1993 में एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड भी उनके करियर की चर्चित उपलब्धियों में शामिल है। 2015 की फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ के ‘दर्द करारा’ से उन्होंने नई पीढ़ी के श्रोताओं के बीच भी अपनी आवाज की पहचान बनाए रखी।

  • 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में किसने जीते बड़े सम्मान, यामी गौतम से ममूटी तक इन सितारों का रहा जलवा

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में किसने जीते बड़े सम्मान, यामी गौतम से ममूटी तक इन सितारों का रहा जलवा

    नई दिल्ली । गुजरात के एकता नगर में मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। वर्ष 2024 के लिए भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी प्रतिभाओं को इस समारोह में सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

    इस अवसर पर भारतीय सिनेमा की उपलब्धियों के साथ फिल्म कलाकारों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री की सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में लोकप्रिय कलाकारों के व्यापक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि खासकर बच्चों और युवाओं पर फिल्म सितारों की बातों और व्यवहार का गहरा असर पड़ता है।

    राष्ट्रपति ने फिल्म कलाकारों से ऐसे उत्पादों के प्रचार से बचने की अपील की, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सफल कलाकार जब स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताते हैं, तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रेरणा लेते हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उनके मुताबिक सच्चा सितारा वही है जो समाज में सकारात्मक रोशनी फैलाए। राष्ट्रपति ने किसी विशेष कलाकार या ब्रांड का नाम नहीं लिया, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री से अपने प्रभाव का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

    समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर की प्रत्येक जूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके अनुसार निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करने से उसका दायरा और व्यापक हो सकता है।

    राष्ट्रपति ने सिनेमा के पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने छोटे कलाकारों, सहायकों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण केवल पर्दे पर दिखाई देने वाले कलाकारों की मेहनत से संभव नहीं होता, बल्कि बड़ी संख्या में लोग इसमें योगदान देते हैं।

    पुरस्कारों की बात करें तो ‘आर्टिकल 370’ को वर्ष 2024 के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया। इसी फिल्म में अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया। फिल्म की कहानी और प्रस्तुति के साथ यामी के अभिनय को भी इस सम्मान के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

    सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में ममूटी और कार्तिक आर्यन को सम्मानित किया गया। ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए जबकि कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। दोनों कलाकारों को मुख्य भूमिका में उनके अभिनय के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

    समारोह में दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वर्ष 2024 के लिए प्रदान किया गया।

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का समापन ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। समारोह में पुरस्कारों के साथ भारतीय सिनेमा की विविधता, कलाकारों की भूमिका और फिल्म निर्माण से जुड़े हर व्यक्ति के योगदान को भी प्रमुखता दी गई।

  • पांच बार बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीत चुकीं शबाना आजमी, कभी 30 रुपये में बेचती थीं कॉफी

    पांच बार बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीत चुकीं शबाना आजमी, कभी 30 रुपये में बेचती थीं कॉफी

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा में शबाना आजमी का नाम दमदार अभिनय और शानदार फिल्मी सफर के लिए जाना जाता है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पांच बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतना शामिल है। यह उपलब्धि उन्हें अलग पहचान देती है। उन्होंने अलग-अलग फिल्मों में चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और हर बार अपने अभिनय की अलग छाप छोड़ी।

    शबाना आजमी ने जिन फिल्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया, उनमें ‘अंकुर’, ‘अर्थ’, ‘खंडहर’, ‘पार’ और ‘गॉडमदर’ शामिल हैं। उनकी पहली ही फिल्म ‘अंकुर’ ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इसके बाद उनके अभिनय का सिलसिला लगातार मजबूत होता गया।

    वर्ष 1974 में रिलीज हुई ‘अंकुर’ से शबाना ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। फिल्म में उन्होंने एक ग्रामीण महिला की भूमिका निभाई थी। अपने शुरुआती ही काम में उन्होंने किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया और इसी फिल्म के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

    इसके बाद ‘अर्थ’ में उन्होंने शादीशुदा जिंदगी से जुड़े भावनात्मक संघर्षों को पर्दे पर उतारा। इस भूमिका के लिए उन्हें दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसके अगले वर्ष ‘खंडहर’ में उनके गंभीर अभिनय को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।

    ‘पार’ में निभाया गया रामा का किरदार उनके पुरस्कारों की सूची में चौथी उपलब्धि लेकर आया। इसके बाद लंबे अंतराल के बाद 1998 में आई ‘गॉडमदर’ में उन्होंने रामबाई का किरदार निभाया। इस भूमिका में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली और उन्हें पांचवीं बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

    शबाना आजमी का सफर इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि फिल्मी परिवार से आने के बावजूद उनके शुरुआती जीवन में मेहनत और आत्मनिर्भरता का अनुभव रहा। वह प्रसिद्ध कवि कैफी आजमी और रंगमंच से जुड़ी शौकत आजमी की बेटी हैं। कॉलेज के दिनों में उन्होंने अपनी पॉकेट मनी के लिए काम किया था।

    बताया जाता है कि उन्होंने मुंबई के एक पेट्रोल पंप पर कॉफी प्रमोटर के तौर पर काम किया। वहां वह आने वाले लोगों को कॉफी बेचती थीं और इस काम के बदले उन्हें रोजाना 30 रुपये मिलते थे। उस दौर का यह अनुभव उनके जीवन के संघर्ष और मेहनत से जुड़े अध्यायों में शामिल है।

    अभिनय को पेशे के तौर पर चुनने के लिए शबाना ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से प्रशिक्षण लिया। वहां उन्होंने अभिनय का कोर्स किया और गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद ‘अंकुर’ से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई और उन्होंने जल्द ही गंभीर भूमिकाओं के लिए अपनी अलग पहचान बना ली।

    राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अलावा शबाना आजमी को भारत सरकार की ओर से पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं। उनका करियर कई दशकों में फैला हुआ है और उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ रंगमंच में भी काम किया है।

    सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार की बात करें तो शबाना आजमी की पांच जीत एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड है। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में अमिताभ बच्चन और ममूटी चार-चार बार यह सम्मान हासिल कर चुके हैं। शबाना की उपलब्धियां उनके लंबे और विविधतापूर्ण फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

  • 200 करोड़ रंगदारी मामले में जैकलीन को आरोपी बनाने की मांग, अदालत ने याचिका खारिज की

    200 करोड़ रंगदारी मामले में जैकलीन को आरोपी बनाने की मांग, अदालत ने याचिका खारिज की

    नई दिल्ली । दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी से जुड़े मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को अतिरिक्त आरोपी के तौर पर तलब करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका सुकेश चंद्रशेखर के कथित करीबी सहयोगी नवास कक्कट की ओर से दायर की गई थी।

    विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इसमें जिन लोगों को अतिरिक्त आरोपी बनाए जाने की मांग की गई है, उनके खिलाफ इस स्तर पर पर्याप्त आधार सामने नहीं आता। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों और उपलब्ध बयानों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।

    याचिकाकर्ता का मामला मुख्य रूप से सह-आरोपी पिंकी ईरानी के उस बयान पर आधारित था, जो महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी मकोका की धारा 18 के तहत दर्ज किया गया था। अदालत ने इस बयान को आधार मानते हुए याचिका में लगाए गए दावों की जांच की।

    अदालत ने कहा कि यदि पिंकी ईरानी के बयान को पूरी तरह सही मान भी लिया जाए, तब भी उसमें उन लोगों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती, जिन्हें सुकेश के निर्देश पर महंगे उपहार दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में केवल इस बयान के आधार पर जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को नए आरोपी के तौर पर तलब करने का आधार नहीं बनता।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने लीपाक्षी एलावाड़ी के बयान का भी उल्लेख किया। कोर्ट के मुताबिक, मामले में उपलब्ध सामग्री को देखते हुए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत किसी अतिरिक्त आरोपी को तलब करने के लिए आवश्यक आधार इस स्तर पर स्थापित नहीं होता।

    नवास कक्कट की ओर से दायर याचिका में अपने ऊपर लगे आरोपों से संबंधित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया था। दावा किया गया कि वह सुकेश चंद्रशेखर के निर्देश पर कथित अपराध से जुड़ी रकम को अलग-अलग स्थानों पर रखने, उसे स्थानांतरित करने और उसके लेनदेन को संभालने में मदद करता था।

    याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि बॉलीवुड से जुड़े लोगों के लिए महंगे उपहार और अन्य कीमती सामान खरीदने के भुगतान की व्यवस्था में भी उसकी भूमिका थी। इसके लिए बैंक खातों में लेनदेन से संबंधित प्रविष्टियां कराने की बात कही गई थी।

    मामले में जैकलीन फर्नांडीस का नाम पहले भी सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े विवाद में सामने आता रहा है। हालांकि, मौजूदा सुनवाई में अदालत के सामने सवाल यह था कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर उन्हें इस मामले में अतिरिक्त आरोपी के तौर पर तलब किया जा सकता है या नहीं।

    अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से रखे गए आधारों और संबंधित बयानों पर विचार करने के बाद माना कि अतिरिक्त आरोपी को तलब करने के लिए जरूरी कानूनी आधार मौजूद नहीं है। इसी के साथ जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को आरोपी बनाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई।