Category: Entertainment

  • ‘हनुमान अंश 2’ में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की एंट्री के संकेत, निर्माता नम्रता सिंह ने कैमियो पर कही बड़ी बात

    ‘हनुमान अंश 2’ में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की एंट्री के संकेत, निर्माता नम्रता सिंह ने कैमियो पर कही बड़ी बात

    नई दिल्ली । नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। फिल्म की कामयाबी से मेकर्स खुश हैं। उन्होंने फिल्म के दूसरे पार्ट का एलान किया है। अब खबर आ रही है कि इस फिल्म में क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा कैमियो कर सकते हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

    निर्माता ने सेलेब्स से किया संपर्क

    ‘हनुमान अंश’ की निर्माता नम्रता सिंह ने बताया है कि उन्होंने आने वाले पार्ट्स में शामिल होने के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया है। हाल ही में बातचीत में नम्रता ने इस स्टार कपल के सीक्वल में कैमियो रोल करने की संभावना पर बात की।

    क्या होगा दूसरे और तीसरे पार्ट में?

    निर्माता ने कहा कि दूसरा पार्ट कैंची धाम के चैप्टर और उन भारतीय भक्तों की जिंदगी को दिखाएगा जिन पर नीम करोली बाबा का गहरा असर पड़ा था। इसके अलावा तीसरी फिल्म दुनिया भर की मशहूर हस्तियों पर बाबा के आध्यात्मिक प्रभाव को दिखाएगी।

    विराट-अनुष्का का नीम करोली बाबा से जुड़ाव

    ‘हनुमान अंश’ की कामयाबी के बीच नीम करोली बाबा के साथ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के कथित आध्यात्मिक जुड़ाव ने लोगों का ध्यान खींचा है। यह कपल नीम करोली बाबा और उनकी शिक्षाओं से जुड़ा रहा है। खबरों में कैंची धाम में उनके जाने का जिक्र भी है। जब नम्रता से पूछा गया कि क्या यह कपल दूसरे पार्ट में नजर आ सकता है, तो उन्होंने बताया कि मेकर्स ने कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया है।

    अटकलों को मिली हवा

    नम्रता ने कहा, ‘मैंने उनमें से कुछ से संपर्क किया है और उन्हें पहले से ही इस फिल्म के बारे में जानकारी थी।’ हालांकि इस बयान से यह पक्का नहीं होता कि विराट या अनुष्का ‘हनुमान अंश 2’ में नजर आएंगे, मगर इसने संभावित कैमियो को लेकर चल रही अटकलों को और हवा जरूर दे दी है।

    दूसरे और तीसरे पार्ट के कॉन्सेप्ट पर हो चुका काम

    ‘हनुमान अंश’ को शुरू से ही एक तीन फिल्मों की सीरीज के तौर पर प्लान किया गया था। नम्रता ने यह भी बताया कि मेकर्स के पास इस फ्रेंचाइजी के लिए पहले से ही एक बड़ा प्लान है। उनके मुताबिक, दूसरे और तीसरे पार्ट के कॉन्सेप्ट पर काम हो चुका है।

    उन्होंने कहा, ‘मैं और विशाल, दोनों ही उनके भक्त हैं। महाराज जी के साथ हमारी निजी कहानियां जुड़ी हैं। मेरी 14 साल से और विशाल की 20 साल से। हम अपने संतों पर फिल्में बनाना चाहते हैं और उन्हें दुनिया तक पहुंचाना चाहते हैं।’

    ‘हनुमान अंश’ का कलेक्शन

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ को रिलीज हुए 35 दिन हो चुके हैं। कमाई के मामले में यह फिल्म हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। 34वें दिन फिल्म ने 10.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। 35वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने खबर लिखे जाने तक 7.02 करोड़ रुपये कमाए हैं। फिल्म का टोटल कलेक्शन 160.15 करोड़ रुपये हो गया है।

  • रेखा के करियर का वो यादगार मोड़ जब एक गाने ने बदल दी किस्मत मोहम्मद रफी की आवाज ने दिलाई रातोंरात बड़ी पहचान

    रेखा के करियर का वो यादगार मोड़ जब एक गाने ने बदल दी किस्मत मोहम्मद रफी की आवाज ने दिलाई रातोंरात बड़ी पहचान


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रेखा आज हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित और सम्मानित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। अपनी खूबसूरती दमदार अभिनय और लंबे फिल्मी सफर के दौरान निभाए गए यादगार किरदारों की वजह से उन्होंने इंडस्ट्री में खास मुकाम बनाया है। हालांकि रेखा के लिए बॉलीवुड तक पहुंचने और अपनी पहचान बनाने का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। महज 15 साल की उम्र में हिंदी फिल्मों में कदम रखने वाली रेखा को शुरुआती दौर में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि उन्हें अपने रंग रूप और हिंदी भाषा को लेकर भी ताने सुनने पड़े थे। लेकिन उनकी पहली हिंदी फिल्म सावन भादों उनके करियर के लिए बेहद खास साबित हुई।

    साल 1970 में रिलीज हुई सावन भादों में रेखा के साथ अभिनेता नवीन निश्चल मुख्य भूमिका में नजर आए थे। खास बात यह थी कि दोनों ने इसी फिल्म के जरिए हिंदी सिनेमा में बतौर लीड कलाकार शुरुआत की थी। फिल्म का निर्देशन मोहन सहगल ने किया था। रेखा ने फिल्म में चंदा नाम की एक गांव की लड़की का किरदार निभाया था जबकि नवीन निश्चल विक्रम के रोल में नजर आए थे। फिल्म की कहानी में रोमांस के साथ परिवार जमीन जायदाद और साजिश का भी तड़का देखने को मिला था।

    इस फिल्म ने रेखा को पहली बड़ी पहचान दिलाई लेकिन उनकी लोकप्रियता को जिस गाने ने नई ऊंचाई दी वह आज भी पुराने हिंदी गीतों के चाहने वालों के बीच याद किया जाता है। फिल्म का गाना कान में झुमका चाल में ठुमका कमर पे चोटी लटके रेखा के शुरुआती करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस गाने को दिग्गज गायक मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी। रफी की आवाज और रेखा तथा नवीन निश्चल की स्क्रीन केमिस्ट्री ने गाने को बेहद लोकप्रिय बना दिया था।

    गाने में रेखा का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया। उनकी अदाएं और डांस ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और देखते ही देखते वह दर्शकों के बीच पहचान बनाने लगीं। यही वजह रही कि सावन भादों की सफलता को रेखा के शुरुआती करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। फिल्म की कामयाबी के बाद हिंदी सिनेमा में उनके लिए आगे के रास्ते खुलने लगे।

    रेखा इससे पहले दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम कर चुकी थीं लेकिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनकी शुरुआत ने उनके करियर को एक अलग दिशा दी। सावन भादों के बाद उन्हें लगातार फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे और धीरे धीरे वह उस दौर की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। शुरुआती मुश्किलों से निकलकर रेखा ने आगे चलकर ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे आज भी बॉलीवुड की सबसे प्रेरणादायक यात्राओं में गिना जाता है।

    मोहम्मद रफी की आवाज में रिकॉर्ड किया गया यह गाना भी रेखा की शुरुआती पहचान का अहम हिस्सा बन गया। यही वजह है कि करीब 56 साल बाद भी सावन भादों और इस सुपरहिट गीत का जिक्र रेखा के फिल्मी सफर की शुरुआत के साथ जरूर किया जाता है। एक युवा अभिनेत्री के लिए यह गाना सिर्फ एक हिट गीत नहीं बल्कि उनके करियर को नई पहचान देने वाला यादगार पड़ाव साबित हुआ।

  • ‘हैवान’ के बाद सितंबर में रिलीज होंगी चार क्राइम थ्रिलर फिल्में, करीना से रॉबर्ट पैटिनसन तक दिखेंगे बड़े सितारे

    ‘हैवान’ के बाद सितंबर में रिलीज होंगी चार क्राइम थ्रिलर फिल्में, करीना से रॉबर्ट पैटिनसन तक दिखेंगे बड़े सितारे

    नई दिल्ली ।अक्षय कुमार और सैफ अली खान की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इसके बाद सितंबर में चार और क्राइम थ्रिलर फिल्में दर्शकों के सामने आने वाली हैं। इन फिल्मों में अलग-अलग तरह की अपराध और रहस्य से जुड़ी कहानियां देखने को मिलेंगी। सितंबर के दौरान रिलीज होने वाली इन फिल्मों में ‘दायरा’, ‘लव लॉटरी’, ‘द डिप्टी’ और ‘प्राइमटाइम’ शामिल हैं।

    18 सितंबर को ‘दायरा’ रिलीज होगी। इस फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है। फिल्म की कहानी वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताई गई है और इसे बिना गानों के गंभीर तथा रियलिस्टिक टोन में तैयार किया गया है।

    ‘दायरा’ की कहानी दो पुलिस अधिकारियों के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों एक हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के दौरान आमने-सामने आते हैं। फिल्म में कानून, एनकाउंटर और नैतिक सीमाओं से जुड़े सवालों को सस्पेंस के साथ प्रस्तुत किया गया है। करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में नजर आएगी।

    इसी तारीख यानी 18 सितंबर को ‘लव लॉटरी’ भी रिलीज होगी। फिल्म में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और कबीर दूहन सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है। कहानी प्यार, अचानक मिलने वाली बड़ी लॉटरी और उसके पीछे छिपे जानलेवा रहस्यों के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

    फिल्म में अक्षय ओबेरॉय का किरदार ऐसी परिस्थिति में फंस जाता है, जहां लॉटरी उसकी जिंदगी बदलने के बजाय मुश्किलें बढ़ा देती है। कहानी में धोखे, छिपे हुए राज और अचानक आने वाले प्लॉट ट्विस्ट को प्रमुखता दी गई है।

    25 सितंबर को ‘द डिप्टी’ सिनेमाघरों में आएगी। फिल्म में ड्युक निकोलसन, स्टीफन डॉर्फ, जूलिया फॉक्स और विलियम एच. मैसी नजर आएंगे। इसका निर्देशन मैट सुक्कर ने किया है। फिल्म की कहानी एक छोटे कस्बे के डिप्टी शेरिफ पर केंद्रित है, जो गंभीर आपराधिक मामलों की जांच के साथ अपनी निजी जिंदगी और नैतिक दुविधाओं से भी जूझता है।

    इसी दिन ‘प्राइमटाइम’ भी रिलीज होगी। इसमें रॉबर्ट पैटिनसन, मेरिट वेवर और स्काइलर गिसोंडो प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन लान्स ओपेनहाइम ने किया है। रॉबर्ट पैटिनसन इसमें एक टीवी होस्ट की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपने शो के लिए ऑनलाइन अपराधियों को एक्सपोज करता है।

    कहानी में शो की बढ़ती टीआरपी के साथ न्याय और सनसनीखेज मीडिया के बीच की सीमा धुंधली होती दिखाई देती है। फिल्म में टीआरपी की दौड़, अपराध और मीडिया से जुड़े पहलुओं को थ्रिलर अंदाज में पेश किया गया है।

    इस तरह सितंबर में क्राइम थ्रिलर फिल्मों की लगातार रिलीज देखने को मिलेगी। ‘हैवान’ के बाद अलग-अलग विषयों पर आधारित ये चार फिल्में अपराध, पुलिस जांच, रहस्य, मीडिया और नैतिक दुविधाओं से जुड़ी कहानियां लेकर दर्शकों के सामने आएंगी।

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    हैवान फिल्म अक्षय कुमार सैफ अली खान, दायरा करीना कपूर पृथ्वीराज सुकुमारन, लव लॉटरी अक्षय ओबेरॉय, द डिप्टी ड्यूक निकोलसन, प्राइमटाइम रॉबर्ट पैटिनसन

  • मैरी कॉम के बयान पर भड़के लोग, रीति तिवारी को लेकर कथित बॉडी शेमिंग के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    मैरी कॉम के बयान पर भड़के लोग, रीति तिवारी को लेकर कथित बॉडी शेमिंग के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । बिग बॉस 20 का नया सीजन 6 सितंबर से शुरू हुआ है। शो में इस बार 16 कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया है। इनमें टीवी स्टार्स, सिंगर, खिलाड़ी, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और रैपर शामिल हैं। शो शुरू हुए अभी एक हफ्ता भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन घर में कंटेस्टेंट्स के बीच विवाद और खींचतान देखने को मिलने लगी है। हर कंटेस्टेंट गेम में बने रहने के लिए अपनी रणनीति पर काम कर रहा है। इसी बीच मैरी कॉम और मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी को लेकर विवाद सामने आया है। मैरी कॉम की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की जा रही है।

    मैरी कॉम और रीति तिवारी के बीच रिश्ते ठीक नहीं बताए जा रहे हैं। हाल के एपिसोड में दोनों के बीच अनबन देखने को मिली। बताया गया कि मैरी कॉम रीति से उस समय नाराज नजर आईं, जब वह चाय बनाने में काफी समय ले रही थीं। मैरी कॉम का कहना था कि रीति को चाय जल्दी बनाकर दूसरे कामों में लग जाना चाहिए था।

    इसके बाद मामला और आगे बढ़ता नजर आया। मैरी कॉम बेडरूम में दो अन्य कंटेस्टेंट्स के साथ बैठी दिखाई दीं। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर रीति तिवारी की बॉडी शेमिंग की। मैरी कॉम ने रीति के लिए “मोटी” शब्द का इस्तेमाल किया और उनके कपड़ों को लेकर भी टिप्पणी की। उनके इस बयान के सामने आने के बाद ऑनलाइन लोगों ने नाराजगी जाहिर की।

    सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मैरी कॉम की इस टिप्पणी पर सवाल उठाए। एक यूजर ने मैरी कॉम का वह क्लिप शेयर किया, जिसमें वह रीति को “मोटी” कहती नजर आती हैं। यूजर ने सवाल किया कि क्या वर्ल्ड चैंपियन होने से किसी को दूसरे व्यक्ति की बॉडी शेमिंग करने का अधिकार मिल जाता है। वहीं, एक अन्य यूजर ने क्लिप साझा करते हुए लिखा कि उन्हें मैरी कॉम से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी।

    एक अन्य प्रतिक्रिया में नेशनल टेलीविजन पर किसी दूसरे कंटेस्टेंट की बॉडी शेमिंग को शर्मनाक बताया गया। इस तरह की प्रतिक्रियाओं के बाद मैरी कॉम की टिप्पणी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस बयान को लेकर अपनी असहमति जाहिर की है।

    इसी बीच इस हफ्ते शो में एविक्शन के लिए कई कंटेस्टेंट्स के नाम सामने आए हैं। नॉमिनेशन में कनिका मान, उदिति सिंह, लव गिल और अरिश्फा खान का नाम शामिल है। शो के एक एपिसोड की शुरुआत कैप्टेंसी टास्क से होती है, जिसमें यंग और कनिका मान के बीच भिड़ंत देखने को मिलती है। वहीं, काजी तौकीर का ड्रामा भी घर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    बिग बॉस 20 के घर में कुल 16 कंटेस्टेंट्स ने एंट्री की है। इनमें मैरी कॉम, माही विज, कनिका मान, आम्रपाली दुबे, ईशा रिखी, खुशी दुबे, अरिश्फा खान, कुशल तंवर उर्फ गुल्लू, तन्मय सिंह उर्फ ScoutOp, रैपर यंग DSA यानी हर्ष, ‘पंचायत’ फेम आसिफ खान, फैजल खान, काजी तौकीर, अमन गांधी, उदिति सिंह और रीति तिवारी शामिल हैं। शो में शुरुआती दिनों से ही कंटेस्टेंट्स के बीच रिश्तों और विवादों को लेकर चर्चा बनी हुई है। रीति तिवारी पर मैरी कॉम की टिप्पणी के बाद अब यह मामला भी शो के चर्चित विवादों में शामिल हो गया है।

  • काला हिरण फिल्म पर सलमान खान ने जताई कड़ी आपत्ति लगाए गंभीर आरोप बोले फिल्म में दिखाया गया मेरा मीडिया ट्रायल

    काला हिरण फिल्म पर सलमान खान ने जताई कड़ी आपत्ति लगाए गंभीर आरोप बोले फिल्म में दिखाया गया मेरा मीडिया ट्रायल


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपनी जिंदगी से जुड़ी घटनाओं पर आधारित बताई जा रही फिल्म काला हिरण बैटल फॉर लिगेसी की रिलीज रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। सलमान खान की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। अभिनेता की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म में उन्हें ऐसे कई गंभीर अपराधों से जोड़कर दिखाया गया है जिनके लिए उनके खिलाफ कभी कोई मामला दर्ज या चलाया ही नहीं गया। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि फिल्म रिलीज होने पर उनकी प्रतिष्ठा और निजी सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

    दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से पेश वकील रवि प्रकाश ने कहा कि फिल्म उनके मुवक्किल की जिंदगी से जुड़ी घटनाओं और अक्टूबर 1998 में सामने आए काला हिरण मामले से संबंधित कानूनी कार्रवाई पर आधारित है। उनका कहना था कि फिल्म के प्रमोशन से जुड़े पोस्टर टीजर और अन्य सामग्री में सलमान खान के नाम उनकी शक्ल और उनके चर्चित घटनाक्रम से जुड़े संकेतों का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में दर्शकों के सामने अभिनेता की एक ऐसी छवि पेश होने का खतरा है जो अदालत में लंबित मामलों को प्रभावित कर सकती है।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म में कोर्ट की कार्यवाही जैसे दृश्य दिखाकर सलमान खान से जुड़े मामलों का कथित तौर पर मीडिया ट्रायल किया गया है। अभिनेता की ओर से दावा किया गया कि फिल्म में काल्पनिक गवाही कथित फोरेंसिक निष्कर्ष और नाटकीय अदालती घटनाओं के जरिए उन्हें दोषी के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि इस तरह की प्रस्तुति संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत को प्रभावित कर सकती है।

    सलमान खान की याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि फिल्म में उन्हें गवाहों को डराने धमकाने झूठी गवाही के लिए उकसाने मेडिकल विशेषज्ञों को रिश्वत देने और जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव डालने जैसे मामलों से जोड़ा गया है। याचिका के अनुसार इनमें से कई आरोप ऐसे हैं जिनका सामना अभिनेता ने वास्तविक कानूनी मामलों में कभी किया ही नहीं।

    मामले में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब फिल्म के निर्माता अमित जानी ने अदालत को बताया कि काला हिरण बैटल फॉर लिगेसी फिलहाल रिलीज के लिए तैयार ही नहीं है। निर्माता के मुताबिक फिल्म को अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से प्रमाणपत्र नहीं मिला है। ऐसे में मौजूदा स्थिति में फिल्म किसी OTT प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज नहीं हो सकती। निर्माता के इस बयान के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर चल रही कानूनी बहस और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

    याचिका में सलमान खान ने यह भी आरोप लगाया है कि फिल्म के कुछ दृश्यों में उन्हें अंडरवर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से जोड़ने की कोशिश की गई है। उनका दावा है कि इस तरह की सामग्री उन्हें सार्वजनिक तौर पर नफरत और उपहास का पात्र बना सकती है तथा उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। अभिनेता ने इसे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।

    फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अदालत फिल्म की सामग्री और सलमान खान की आपत्तियों को किस नजरिए से देखती है और आगे फिल्म की रिलीज को लेकर क्या दिशा तय होती है।

  • फराह खान ने बताया अक्षय खन्ना के साथ काम करना क्यों था मुश्किल एक वक्त ऐसा आया जब बना लिया था दूरी का पूरा मन

    फराह खान ने बताया अक्षय खन्ना के साथ काम करना क्यों था मुश्किल एक वक्त ऐसा आया जब बना लिया था दूरी का पूरा मन

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अक्षय खन्ना इन दिनों अपनी फिल्मों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। खासकर धुरंधर के बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ी है। अक्षय खन्ना उन कलाकारों में शामिल हैं जो अपनी निजी जिंदगी को बेहद निजी रखना पसंद करते हैं। वह कम बोलते हैं और अक्सर शूटिंग सेट पर भी अपने काम से काम रखते नजर आते हैं। हालांकि कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान ने अक्षय खन्ना के साथ काम करने के अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा सुनाया है।

    फराह खान हाल ही में बोस्को सीजर के पॉडकास्ट में पहुंची थीं। बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि किस अभिनेता के साथ काम करना उनके लिए सबसे मुश्किल रहा है। इस सवाल के जवाब में बातचीत पहले अभिषेक बच्चन की तरफ गई। फराह ने अभिषेक को अच्छा डांसर बताया। इसके बाद सीजर ने अभिषेक से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार गेटवे ऑफ इंडिया पर शूटिंग के दौरान अभिषेक देर रात ठंडे पानी की बाल्टी लेकर आए और उनके ऊपर डाल दी। फराह ने भी माना कि अभिषेक काफी मस्तीखोर और प्रैंक करने वाले इंसान हैं।

    इसके बाद जब बात ऐसे अभिनेता की हुई जिसके साथ काम करना मुश्किल रहा हो तो फराह खान ने अक्षय खन्ना का नाम लिया। फराह ने बताया कि उन्होंने अक्षय के साथ कई फिल्मों में काम किया है। इनमें डोली सजा के रखना और लवारिस जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने अक्षय को कई गानों के लिए कोरियोग्राफ भी किया था। फराह के मुताबिक अक्षय खुद भी कई इंटरव्यू में इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि उनके साथ काम करना आसान नहीं था।

    फराह ने बताया कि कभी कभी अक्षय उन्हें इतना परेशान कर देते थे कि वह काम को लेकर काफी इरिटेट हो जाती थीं। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि उन्होंने मन बना लिया था कि अगर किसी फिल्म में अक्षय खन्ना का गाना होगा तो वह उसे कोरियोग्राफ नहीं करेंगी। फराह ने कहा कि उन्होंने साफ तौर पर तय कर लिया था कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ काम नहीं करेंगी जो उन्हें बहुत ज्यादा परेशान करे।

    हालांकि बाद में फराह खान को अक्षय खन्ना के साथ दोबारा काम करना पड़ा। इसकी बड़ी वजह फिल्म दिल चाहता है थी। इस फिल्म का निर्देशन फराह के कजिन फरहान अख्तर ने किया था। फराह ने बताया कि दिल चाहता है के बाद अक्षय के व्यवहार में काफी बदलाव आया और तीस मार खान के दौरान उनके साथ काम करने का अनुभव पहले की तुलना में काफी अच्छा रहा।

    फराह ने यह भी माना कि अक्षय खन्ना अच्छे डांसर हैं। उनके मुताबिक समय के साथ अभिनेता के साथ काम करने का अनुभव भी बदल गया। इस पुराने किस्से को साझा करते हुए फराह ने यह साफ किया कि उनका इरादा अक्षय की आलोचना करना नहीं था बल्कि वह अपने पुराने अनुभव को याद कर रही थीं।

    अक्षय खन्ना की बात करें तो वह एक बार फिर बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। उनकी फिल्म दृश्यम 3 को लेकर भी काफी खबरें सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेता इस फिल्म का हिस्सा बनने वाले थे लेकिन बाद में उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इसके बाद मेकर्स की ओर से उन्हें कानूनी नोटिस दिए जाने की खबर भी सामने आई थी।

    अब अक्षय खन्ना तेलुगु फिल्म महाकाली में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में वह असुर गुरु शुक्राचार्य की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म से सामने आए उनके लुक को दर्शकों की ओर से काफी पसंद किया गया है और अब फैंस उन्हें इस नए अवतार में देखने के लिए उत्साहित हैं

  • कनाडा में ऐसे परिवार के साथ रहे थे आर माधवन जो करते थे गौ हत्या बोले मेरे लिए यह सबसे बड़ा अधर्म था

    कनाडा में ऐसे परिवार के साथ रहे थे आर माधवन जो करते थे गौ हत्या बोले मेरे लिए यह सबसे बड़ा अधर्म था

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आर माधवन अपनी शानदार एक्टिंग के साथ अपनी सादगी और बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने पढ़ाई और दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की थी। इसी दौरान उन्हें एक स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कनाडा जाने का मौका मिला था। कनाडा में बिताए उस दौर की कई यादें आर माधवन आज भी नहीं भूले हैं। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने वहां के अपने अनुभवों को याद करते हुए ऐसा किस्सा सुनाया था जिसने काफी लोगों का ध्यान खींचा था।

    आर माधवन ने बताया था कि उन्हें रोटरी की ओर से एक्सचेंज स्टूडेंट बनने का मौका मिला था। इसी कार्यक्रम के तहत वह कनाडा पहुंचे थे। वह स्टेटलर नाम की जगह पर गए थे जिसे उन्होंने वाइल्ड वेस्ट इलाके के तौर पर याद किया। माधवन के मुताबिक वहां का माहौल उनके लिए भारत से काफी अलग था। वह काउबॉय लोगों के बीच रहे और उनके जीवन को करीब से देखने का मौका मिला।

    इसी दौरान आर माधवन ऐसे परिवार के साथ भी रहे जिनका जीवनयापन गायों को काटने के काम से जुड़ा हुआ था। माधवन ने बताया था कि वह खुद पूरी तरह शाकाहारी हैं और ऐसे माहौल में रहना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने इस अनुभव को अपने नजरिए से जोड़ते हुए कहा था कि गाय की हत्या उनके लिए अधर्म था। हालांकि उन्होंने इस अनुभव को दूसरे लोगों को समझने और अलग संस्कृति को करीब से जानने का एक अवसर भी माना।

    कनाडा में बिताए दिनों के दौरान आर माधवन को सिर्फ खानपान और जीवनशैली के अंतर का सामना नहीं करना पड़ा बल्कि उन्हें वहां की सामाजिक परिस्थितियों के साथ भी तालमेल बैठाना पड़ा। उन्होंने बताया था कि वह एक बास्केटबॉल टीम का हिस्सा भी थे। मैच के बाद खिलाड़ियों को बॉयज लॉकर रूम में जाना होता था और वहां सभी के लिए एक साथ शावर लेना सामान्य बात थी।

    आर माधवन ने मजेदार अंदाज में बताया था कि उन्हें खेल खेलने से ज्यादा चिंता शावर रूम में जाने की होती थी। इसकी वजह उनका पारिवारिक माहौल था। उन्होंने बताया था कि वह दक्षिण भारतीय परिवार से आते हैं जहां घर में भी बिना कपड़ों के घूमने की आदत नहीं थी। ऐसे में उनके लिए सामूहिक शावर का अनुभव काफी असहज करने वाला था।

    माधवन के मुताबिक शुरुआत में वह समझ नहीं पा रहे थे कि इस स्थिति से कैसे निपटें। आखिरकार उन्होंने तय किया कि वह अपना अंडरवियर पहनकर ही शावर लेंगे। जब वह ऐसा करके शावर एरिया में पहुंचे तो वहां मौजूद दूसरे लड़के भी उन्हें देखने लगे। उन्हें यह स्थिति भी अजीब लगी। उन्होंने कुछ दिनों तक वहां के तौर तरीके समझने की कोशिश की लेकिन बाद में उन्होंने साफ कर दिया कि वह इस तरह सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं और इसके बाद वह अंडरवियर पहनकर ही शावर लेने लगे।

    आर माधवन के कनाडा के ये अनुभव बताते हैं कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले उनकी जिंदगी में भी ऐसे कई पड़ाव आए जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। अलग देश और अलग संस्कृति के बीच रहकर उन्होंने न केवल नए अनुभव हासिल किए बल्कि वहां के लोगों और उनकी जीवनशैली को भी करीब से समझा। यही वजह है कि आज भी वह अपने पुराने दिनों के किस्से सुनाते हैं तो उनमें संघर्ष के साथ कई दिलचस्प और यादगार अनुभव भी नजर आते हैं।

  • इस शुक्रवार OTT पर रिलीज होंगी 7 फिल्में-सीरीज, घमासान से लेकर अली बाबा और 40 भूत तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन

    इस शुक्रवार OTT पर रिलीज होंगी 7 फिल्में-सीरीज, घमासान से लेकर अली बाबा और 40 भूत तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन

    नई दिल्ली । इस वीकेंड घर से निकलने का मन नहीं है? कोई बात नहीं। OTT पर मनोरंजन का पूरा इंतजाम हो चुका है। कहीं बीहड़ों में डकैत और पुलिस के बीच खतरनाक मैनहंट देखने को मिलेगा, तो कहीं भूतों और आत्माओं की रहस्यमयी दुनिया डराएगी। इसके अलावा कॉमेडी, क्राइम, आजादी की लड़ाई और फैमिली ड्रामा भी आपका मनोरंज करेंगे। आइए नजर डालते हैं इस हफ्ते OTT पर रिलीज हो रहे शो और फिल्मों पर।

    घमासान (Ghamasaan)


    ओटीटी – जी5

    बुंदेलखंड के बीहड़ों में सेट ‘घमासान’ खूंखार डकैत महाराज (अर्शद वारसी) और उसकी तलाश में लगे एसटीएफ अधिकारी आदित्य (प्रतीक गांधी) के बीच चूहे-बिल्ली के खतरनाक खेल को दर्शाती है। जैसे ही आदित्य, महाराज के इलाके में कदम रखता है, यह मिशन एक नया मोड़ ले लेता है। आदित्य इस मैनहंट के पीछे छिपे राजनीतिक भ्रष्टाचार और सत्ता के खेल का पर्दाफाश करता है।

    प्रिंस ऑफ मॉलिवुड (Prince of Mollywood)

    ओटीटी – जियोहॉटस्टार

    इस मलयालम कॉमेडी-ड्रामा फिल्म में फिरोज (डैन डेविस) की कहानी दिखाई गई है, जो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उसकी राह की सबसे बड़ी रुकावट उसका अमीर पिता है, जो अपने बेटे के सपनों के सख्त खिलाफ है।

    द रिवोल्यूशनरीज (The Revolutionaries)

    ओटीटी – अमेजन प्राइम वीडियो

    सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज चार युवा स्वतंत्रता सेनानियों—रासबिहारी बोस (भुवन बाम), प्रतिभा लाहिड़ी (प्रतिभा रंता), सचिंद्र नाथ सान्याल (रोहित सराफ) और बाघा जतिन (गुरफतेह पीरज़ादा) के इर्द-गिर्द घूमती है। ये क्रांतिकारी पारंपरिक संवैधानिक विरोधों को नकार कर बंगाल और पंजाब में अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का रास्ता चुनते हैं।

    गो टीम! (Go Team!)

    ओटीटी – नेटफ्लिक्स

    यह स्पैनिश डार्क कॉमेडी एक आर्थिक संकट से जूझ रही पनीर कंपनी के कर्मचारियों की कहानी है। टीम-बिल्डिंग रिट्रीट के लिए उन्हें एक सुदूर गांव भेजा जाता है, लेकिन माहौल तब बिगड़ता है जब उन्हें बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी (layoffs) की खबर मिलती है। इसके बाद यह ट्रिप आपसी प्रतिद्वंद्विता, ऑफिस पॉलिटिक्स और अस्तित्व की जंग में बदल जाता है।

    स्टोलन हार्टबीट्स (Stolen Heartbeats)

    ओटीटी – नेटफ्लिक्स

    एक खौफनाक हमले के बाद अनाबेल (रामी हेरेरा) कोमा में चली जाती है। उसका एकमात्र सहारा बनता है राफेल (जेरोनिमो कैंटिलो)—एक ऐसा नर्स जिसके पास आत्माओं से बात करने की अलौकिक शक्ति है। राफेल अपनी इसी शक्ति का इस्तेमाल अनाबेल पर हुए हमले की सच्चाई और उसके पीछे छिपे रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए करता है।

    अली बाबा और 40 भूत (Ali Baba aur 40 Bhoot)

    ओटीटी – जियोहॉटस्टार

    मध्य भारतीय लोककथाओं पर आधारित यह सुपरनैचुरल थ्रिलर क्लासिक कहानी को एक नया मोड़ देती है। न्यूरोसाइकोलॉजी एक्सपर्ट अलीशा ‘अली’ निगम (आशा नेगी) अपने लापता पिता की तलाश में इस अलौकिक दुनिया में कदम रखती है। जांच में तैनात पुलिस अधिकारी बाबा (विशाल वशिष्ठ) के साथ मिलकर वह अपने पिता के गायब होने और 40 भटकती आत्माओं के बीच का रहस्य सुलझाती है। इसमें शेन निगम, अभय महाजन और जॉय सेनगुप्ता भी अहम किरदारों में हैं।

    विश्वनाथ एंड संस (Vishwanath & Sons)

    ओटीटी – नेटफ्लिक्स

    सूरिया और ममिता बैजू स्टारर यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। थिएटर रन के बाद, यह पारिवारिक ड्रामा फिल्म अब 11 सितंबर 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।

  • टॉक्सिक के खराब रिस्पॉन्स से आहत हुए यश, दोस्त जयदेव मोहन ने बताया फोन पर एक्टर की आवाज में झलका दर्द

    टॉक्सिक के खराब रिस्पॉन्स से आहत हुए यश, दोस्त जयदेव मोहन ने बताया फोन पर एक्टर की आवाज में झलका दर्द


    नई दिल्ली
    । कन्नड़ एक्टर जयदेव मोहन, जो यश के करीबी दोस्त हैं और जिन्होंने ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ की कन्नड़ डबिंग में काम किया था, ने बताया कि फिल्म को खराब रिस्पॉन्स मिलने पर यश ने कैसा रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद फोन पर हुई बातचीत के दौरान यश की आवाज में दर्द साफ झलक रहा था।

    ‘प्रजावाणी’ से बात करते हुए एक्टर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उनका योगदान भले ही छोटा था, फिर भी उन्हें इस नेगेटिव रिएक्शन को समझना मुश्किल लग रहा था। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को फिल्म रिलीज होने के बाद से वे यश से आमने-सामने नहीं मिले हैं, लेकिन फोन पर दो बार बात हुई है।

    यश की आवाज में दिखा दर्द

    जयदेव ने यश की बातें हूबहू दोहराते हुए कहा, ‘यश ने कहा, ‘इसे दिल पर मत लो। जो हो गया, सो हो गया, फिल्म रिलीज हो गई। अब इसे लोगों पर छोड़ देते हैं। यह उनकी पसंद है। हमने पूरी लगन से यह फिल्म बनाई और दर्शकों के सामने पेश की। बस इतना ही। इस बारे में ज्यादा मत सोचो। आगे के काम के लिए तैयार हो जाओ। समझे? जल्द मिलते हैं।’

    यश का जवाब नपा-तुला और प्रोफेशनल था। लेकिन जयदेव ने कहा कि उनके जहन में शब्द नहीं, बल्कि यश की आवाज का लहजा बसा रहा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन आप उनकी आवाज में दर्द महसूस कर सकते थे।’

    जयदेव के लिए यह दर्द समझ में आने वाली बात है, क्योंकि वे जानते हैं कि किसी और के देखने से पहले यश कितने लंबे समय तक इस फिल्म से जुड़े रहे। जयदेव ने कहा, ‘मैंने इस कहानी को तब से बनते-बिगड़ते सुना है जब यह सिर्फ एक बीज की तरह थी। मैंने इसे साढ़े चार सालों में कई पड़ावों से गुजरते हुए देखा है, जब तक कि इसकी आखिरी कहानी तैयार नहीं हो गई। इस पूरी प्रक्रिया के पीछे यश ही थे। उन्हें कितना दुख हुआ होगा।’

    हालात के भावनात्मक बोझ के बावजूद, जयदेव का मानना था कि न तो वे और न ही यश दर्शकों को इस बात के लिए दोषी मानते हैं कि उन्होंने फिल्म को वैसा रिस्पॉन्स नहीं दिया जैसा मेकर्स चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं। हमें इसे शालीनता से स्वीकार करना चाहिए। आखिर में, दर्शक ही सबसे अहम होते हैं। अगर उन्हें फिल्म पसंद आती है, तो अच्छी बात है। अगर नहीं, तो नहीं।’

    उन्होंने खास तौर पर उस तर्क को खारिज कर दिया कि दर्शक फिल्म को समझ नहीं पाए। जयदेव ने कहा, ‘हमने एक अच्छी फिल्म बनाई है और दर्शकों को वह समझ नहीं आई – यह हमारी सोच नहीं है। हमने फिल्म उनके लिए बनाई है, अगर उन्हें पसंद आएगी तो वे जरूर देखेंगे। कोई बात नहीं।’

    बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप फिल्म

    इंडस्ट्री ट्रैकर के अनुसार, ‘टॉक्सिक’ ने रिलीज़ के पहले 14 दिनों में दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर लगभग 338 करोड़ रुपये की कमाई की। ओपनिंग वीकेंड के बाद से रोजाना होने वाली कमाई में तेजी से गिरावट आई है और इसमें सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

  • बाबा नीम करौली के पैतृक घर पर विवाद, पोतियों ने लगाए अवैध कब्जे के आरोप; जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित

    बाबा नीम करौली के पैतृक घर पर विवाद, पोतियों ने लगाए अवैध कब्जे के आरोप; जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित

    नई दिल्ली । बाबा नीम करौली महाराज के फिरोजाबाद स्थित अकबरपुर गांव के पैतृक घर को लेकर विवाद बढ़ गया है। उनकी पोतियों ने जिला प्रशासन के सामने शिकायत देकर एक ट्रस्ट पर संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविंद कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में टूंडला उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह और जिला पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव को भी शामिल किया गया है।

    विवाद अकबरपुर गांव में स्थित मकान नंबर 154 और आसपास की संरचनाओं से जुड़ा है। यही स्थान संत के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में इस स्थल को पर्यटक आकर्षण के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यहां संत का ध्यान कक्ष, भोजन क्षेत्र, अतिथि क्वार्टर और शयनकक्ष जैसी संरचनाएं मौजूद हैं।

    पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, विवाद 24 अगस्त को हुए एक पारिवारिक कार्यक्रम के बाद सामने आया। आरोप है कि संत के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों को घर के कमरों में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई। यह मकान एक डुप्लेक्स है और करीब 4000 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले भूखंड पर बना हुआ है।

    मामले को लेकर छह पोतियों सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और ऋचा रावत ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पैतृक निवास को ट्रस्ट के नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की है। भावना रावत के पति मनोज रावत ने बताया कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जांच समिति को सौंपे जा चुके हैं।

    श्री नीम करौली महाराज ट्रस्ट की अध्यक्ष वर्तमान में संत की बेटी गिरिजा देवी भटेले हैं। उनकी दिवंगत पत्नी रामबेटी पहले ट्रस्ट की अध्यक्ष रह चुकी हैं। शिकायत के बाद अब संपत्ति से जुड़े दावों और दस्तावेजों की जांच प्रशासनिक समिति करेगी।

    हालांकि, परिवार के एक अन्य सदस्य धनंजय शर्मा ने इन आरोपों से दूरी बनाई है। वह संत के दूसरे दिवंगत बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे हैं। उनका कहना है कि संपत्ति बाबा नीम करौली की इच्छा के अनुसार ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उन्होंने परिवार के बीच पैदा हुए विवाद पर चिंता जताते हुए मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की अपील की है।

    वहीं ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता ने किसी भी अवैध कब्जे या ट्रस्ट के भीतर विवाद से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें धर्म नारायण शर्मा ने नियुक्त किया था और वह संस्था की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

    पैतृक घर से जुड़ा यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब बाबा नीम करौली महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ रिलीज होने के बाद चर्चा में है। सात अगस्त 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म ने एक महीने के भीतर दुनिया भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।

    अब पैतृक संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच तीन सदस्यीय समिति करेगी। जांच के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, ट्रस्ट के नियंत्रण और परिवार की ओर से किए गए दावों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद इस विवाद के आगे की दिशा समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।