Category: Entertainment

  • 'रामायण' से पहले रणबीर कपूर को सलाह, 'महाभारत' के कृष्ण बोले- अपनी भाषा और आचरण का रखें ख्याल

    'रामायण' से पहले रणबीर कपूर को सलाह, 'महाभारत' के कृष्ण बोले- अपनी भाषा और आचरण का रखें ख्याल


    नई दिल्ली । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। ट्रेलर को लेकर दर्शकों और फिल्मी हस्तियों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच टीवी के चर्चित धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता नितीश भारद्वाज ने भी फिल्म और इसकी स्टारकास्ट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने फिल्म की भव्यता की तारीफ करते हुए रणबीर कपूर को एक खास सलाह भी दी।

    नितीश भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लंबा संदेश लिखते हुए कहा कि रामायण भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी की प्रशंसा करते हुए लिखा कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकती है और प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी तथा तकनीकी प्रस्तुति के लिए कई पुरस्कार जीतने की क्षमता रखती है। उन्होंने फिल्म में संगीतकार हैंस जिमर के जुड़ने को भी भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    अपने संदेश में उन्होंने अभिनेता यश की भी सराहना करते हुए कहा कि उनका काम वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाला है। वहीं रणबीर कपूर की अभिनय क्षमता की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि अब राम का किरदार निभाने के बाद उनकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

    नितीश भारद्वाज ने रणबीर कपूर को सलाह देते हुए लिखा कि भारत की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले किरदार निभाने के बाद उन्हें भविष्य में अपनी फिल्मों के चयन पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों से दूरी बनानी चाहिए, चाहे कितना भी बड़ा प्रस्ताव क्यों न मिले। साथ ही उन्होंने रणबीर से अपनी भाषा और सार्वजनिक छवि का भी ध्यान रखने की अपील की।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत में ऐसी अनेक कहानियां हैं जो एक अभिनेता की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं। इसलिए सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए ऐसे विषयों को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।

    नितीश भारद्वाज ने फिल्म में सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी को लेकर भी उम्मीद जताई कि दर्शक उन्हें इस किरदार में स्वीकार करेंगे। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि फिल्म में तुलसीदास की चौपाइयों और पारंपरिक संगीत का भी प्रभावशाली उपयोग देखने को मिले, क्योंकि यही भारतीय समाज की सांस्कृतिक स्मृतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    उन्होंने अंत में कहा कि फिल्म बनाने में पूरी टीम ने जिस स्तर की मेहनत की है, उसके सम्मान में वह रामायण को कम से कम पांच बार सिनेमाघरों में देखना चाहेंगे।

    बता दें कि नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेरॉय, रकुल प्रीत सिंह और सौरभ सचदेवा भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग 2027 में सिनेमाघरों में आने की योजना है।

  • 'टॉक्सिक' को लेकर कियारा आडवाणी का बड़ा बयान, बोलीं- यह किरदार मुझे पूरी तरह बदल गया

    'टॉक्सिक' को लेकर कियारा आडवाणी का बड़ा बयान, बोलीं- यह किरदार मुझे पूरी तरह बदल गया


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स में नजर आने वाली हैं। फिल्म के टीजर, पोस्टर और अब तक सामने आए प्रमोशनल मटेरियल में कियारा का पहले से बिल्कुल अलग और बोल्ड अंदाज देखने को मिला है। इसे उनके करियर की सबसे बोल्ड फिल्म माना जा रहा है। हालांकि अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने यह फिल्म बोल्ड दृश्यों की वजह से नहीं बल्कि अपने किरदार की गहराई और चुनौती के कारण स्वीकार की।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कियारा आडवाणी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी तो वह अपने किरदार से तुरंत जुड़ गईं। उनके मुताबिक इस भूमिका में एक कलाकार के लिए वह सब कुछ मौजूद था जिसकी तलाश हर अभिनेता करता है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने करियर के ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें इस तरह के जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का आत्मविश्वास है।

    कियारा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी महिला किरदार को केवल पारंपरिक सोच या तय दायरे में सीमित देखना पसंद नहीं करतीं। उनका मानना है कि महिलाएं बहुआयामी व्यक्तित्व रखती हैं और फिल्मों में भी उनके किरदार उतने ही मजबूत, वास्तविक और जटिल होने चाहिए। अभिनेत्री के अनुसार वह ऐसे किरदार चुनना चाहती हैं जो दर्शकों को कुछ नया देखने का अवसर दें और उनके अभिनय की नई परतें सामने लाएं।

    फिल्म के शुरुआती प्रोमो और गानों में यश और कियारा के बीच कई इंटीमेट और रोमांटिक दृश्य देखने को मिले हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। कुछ लोगों ने इन दृश्यों की सराहना की, जबकि कुछ ने इन्हें जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया। हालांकि कियारा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनके लिए किसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहानी और किरदार होता है, न कि केवल उसका ग्लैमर या बोल्डनेस।

    इससे पहले अपने फर्स्ट लुक पोस्टर के साथ भी कियारा ने इस फिल्म को लेकर भावुक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि यह ऐसा किरदार है जिसने उनसे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत कुछ मांगा। महीनों की मेहनत के बाद तैयार हुआ यह रोल उनके करियर का अब तक का सबसे कठिन अनुभव रहा और दर्शकों से मिले प्यार ने उनकी मेहनत को सार्थक बना दिया।

    टॉक्सिक का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म की कहानी भी उन्होंने यश के साथ मिलकर लिखी है। इसकी शूटिंग अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में एक साथ की गई है, जबकि इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम समेत कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

    फिल्म का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले वेंकट के. नारायण और यश ने किया है। यश और कियारा आडवाणी के अलावा फिल्म में नयनतारा, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।

  • कार्तिक आर्यन का मानवीय कदम, असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1 करोड़ रुपये का योगदान

    कार्तिक आर्यन का मानवीय कदम, असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1 करोड़ रुपये का योगदान


    नई दिल्ली । असम में आई भीषण बाढ़ से लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं तथा कई सामाजिक संस्थाओं और फिल्मी हस्तियों ने भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। उनके इस सहयोग की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की और अभिनेता का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि कार्तिक आर्यन द्वारा दिया गया यह आर्थिक सहयोग बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिनेता का यह योगदान संकट की इस घड़ी में असम के लोगों के लिए बड़ी मदद साबित होगा और उनकी संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायक है।

    दिलचस्प बात यह रही कि कार्तिक आर्यन ने इस दान का स्वयं कहीं भी प्रचार नहीं किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। लोगों को इस सहयोग की जानकारी तब मिली जब मुख्यमंत्री कार्यालय ने सार्वजनिक रूप से उनका धन्यवाद किया। इस कदम की सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना हो रही है और प्रशंसक अभिनेता की सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना की तारीफ कर रहे हैं।

    असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। कई जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविरों में भोजन, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे समय में विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहा आर्थिक सहयोग राहत कार्यों को गति देने में मददगार साबित हो रहा है।

    कार्तिक आर्यन के अलावा कई अन्य फिल्मी सितारे भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए हैं। अभिनेता सलमान खान ने जरूरतमंदों के बीच भोजन के पैकेट और जरूरी दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई है। वहीं आलिया भट्ट, भूमि पेडनेकर समेत कई कलाकारों ने लोगों से राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।

    कार्तिक आर्यन के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में फिल्म तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी में नजर आए थे। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके बावजूद अभिनेता के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। वह जल्द ही निर्देशक अनुराग बसु की बहुप्रतीक्षित फिल्म में अभिनेत्री श्रीलीला के साथ दिखाई देंगे, जिससे श्रीलीला हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करेंगी।

    इसके अलावा कार्तिक आर्यन फिल्म नागजिला में भी नजर आएंगे, जिसका निर्माण करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले किया जा रहा है। वहीं निर्देशक कबीर खान के साथ भी उनकी एक नई फिल्म पाइपलाइन में है। इससे पहले दोनों ने चंदू चैंपियन में साथ काम किया था, जिसके लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

  • सलमान खान की जिंदगी का हैरान करने वाला किस्सा, इलाज के दौरान भी नहीं टूटा जज्बा

    सलमान खान की जिंदगी का हैरान करने वाला किस्सा, इलाज के दौरान भी नहीं टूटा जज्बा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपनी फिटनेस दमदार पर्सनैलिटी और लंबे समय से बरकरार स्टारडम के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस चमक के पीछे कितनी मेहनत और त्याग छिपा होता है इसका एक दिलचस्प खुलासा उनके करीबी दोस्त और फिल्म निर्माता शैलेंद्र सिंह ने किया है। उन्होंने एक पुराने किस्से को साझा करते हुए बताया कि सलमान खान अपने बालों के उपचार के दौरान भी पूरी सहजता के साथ बिरयानी का आनंद ले रहे थे और मजाकिया अंदाज में बोले थे कि स्टार बनने की यही कीमत होती है।

    शैलेंद्र सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया कि वह एक दिन सलमान खान से मिलने उनके मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट पहुंचे थे। उस समय सोमवार की नियमित पार्टी का माहौल था। सलमान डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना खा रहे थे और सामने लगे शीशे में खुद को देखते हुए दोस्तों से बातचीत कर रहे थे। शैलेंद्र के मुताबिक सलमान को खाना खाते समय शीशे में खुद को देखना पसंद है और उसी दौरान दोनों बातचीत में व्यस्त थे।

    इसी बीच अचानक एक व्यक्ति मेडिकल उपकरणों के साथ वहां पहुंचा। उसने बिना बातचीत में व्यवधान डाले अपने दस्ताने पहने और सलमान खान के सिर पर इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए। यह पूरा दृश्य देखकर शैलेंद्र कुछ पल के लिए हैरान रह गए क्योंकि सलमान बिना किसी परेशानी के आराम से बिरयानी खाते रहे और बातचीत भी जारी रखी।

    जब शैलेंद्र ने उनसे पूछा कि आखिर यह सब क्या हो रहा है तब सलमान ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि दोस्त स्टार बनने की यही कीमत है। उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का बना दिया लेकिन साथ ही यह भी दिखाया कि अपने व्यक्तित्व और लुक्स को बनाए रखने के लिए कलाकार कितनी मेहनत करते हैं।

    बाद में शैलेंद्र को पता चला कि सलमान खान प्लेटलेट रिच प्लाज्मा यानी पीआरपी थेरेपी करवा रहे थे। इस उपचार में व्यक्ति के अपने ही रक्त से प्लेटलेट्स युक्त प्लाज्मा तैयार किया जाता है और उसे सिर की त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है ताकि बालों की जड़ों को मजबूती मिले और हेयर ग्रोथ बेहतर हो सके। आज यह थेरेपी हेयर लॉस की समस्या से जूझ रहे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है।

    शैलेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि उस समय उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। बाद में उन्हें समझ आया कि यह सामान्य मेडिकल ट्रीटमेंट है और कई बड़े कलाकार भी इसका सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होना स्वाभाविक है और ऐसे में कई अभिनेता अपनी पर्सनैलिटी को बनाए रखने के लिए इस तरह के उपचार करवाते हैं। उन्होंने अभिनेता ऋतिक रोशन का उदाहरण देते हुए कहा कि कई सितारे इस तरह की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं।

    सलमान खान की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो वह जल्द ही अपनी नई फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फिल्म का शुरुआती नाम बैटल ऑफ गलवान रखा गया था लेकिन बाद में इसे बदलकर मातृभूमि कर दिया गया। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

  • ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    नई दिल्ली । सहित देशभर के सिनेमा प्रेमियों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का पहला आधिकारिक ट्रेलर आते ही चर्चा में आ गया है। इस भव्य फिल्म के ट्रेलर में मुख्य पात्रों के अवतार ने दर्शकों को प्रभावित किया है, लेकिन प्रशंसकों को सबसे बड़ा कौतूहल तब हुआ जब ‘हनुमान’ का किरदार निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल स्क्रीन पर कहीं नजर नहीं आए। ट्रेलर की समाप्ति के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर विविध अटकलों का दौर शुरू हो चुका है।

    फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित किरदार के लुक को पहले ही प्रोमो से छिपाकर रखना मेकर्स की एक सुपरियोजित विपणन रणनीति का हिस्सा है। बड़े बजट की पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर सबसे शक्तिशाली पात्रों के दृश्यों को प्राथमिक प्रचार सामग्री से दूर रखा जाता है, ताकि दर्शकों के बीच उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहे। सनी देओल की सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस और आवाज को देखते हुए उनके प्रवेश दृश्य को थिएटर के लिए सरप्राइज एलिमेंट के रूप में सुरक्षित रखा गया माना जा रहा है।

    प्रचार के नजरिए से भी यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। पहले ट्रेलर के बाद जब दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर होगी, तब मेकर्स उनके लुक का एक पृथक टीजर या पोस्टर जारी कर सकते हैं। इससे फिल्म को रिलीज से पहले दोबारा बड़ा पब्लिसिटी बज मिलेगा और सोशल मीडिया पर इस विषय पर चर्चा लंबे समय तक बनी रहेगी।

    कहानी के अनुसार हनुमान जी का किरदार अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय प्रभाव रखने वाला है। मेकर्स का उद्देश्य सीधे सिनेमाघरों में दर्शकों को एक भव्य अनुभव देना या आगामी प्रचार चरणों में विशेष सरप्राइज प्रस्तुत करना हो सकता है। फिलहाल दर्शक फिल्म के दूसरे ट्रेलर और इसके विशेष प्रचार अभियानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • अगस्त में नेटफ्लिक्स पर दिखेगा सिनेमा का बड़ा रंग: रिलीज होंगी 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और सीरीज

    अगस्त में नेटफ्लिक्स पर दिखेगा सिनेमा का बड़ा रंग: रिलीज होंगी 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और सीरीज

    नई दिल्ली । सहित देशभर के ओटीटी प्रेमियों के लिए अगस्त का महीना बेहद खास रहने वाला है। डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने दर्शकों के लिए 10 से अधिक नई फिल्में, वेब सीरीज, रियलिटी शोज और स्पोर्ट्स इवेंट्स की विस्तृत श्रृंखला पेश करने जा रहा है। इस पूरी सूची में भारत-पाक विभाजन के दौर की प्रेम कहानियों से लेकर सैन्य अभियानों, खेल जगत की वृत्तचित्रों और रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

    महीने की शुरुआत खेल और मनोरंजन के बड़े आयोजन के साथ होगी, जिसमें रेसलिंग दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी रिंग में आमने-सामने नजर आएंगे। इसके तुरंत बाद जापानी रियलिटी शो का नया सीजन और युवाओं के बीच लोकप्रिय ड्रामा सीरीज का अगला भाग प्रसारित किया जाएगा। वहीं, ऐतिहासिक और भावनात्मक सिनेमा के प्रेमियों के लिए भारत-पाक विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक बड़ी फिल्म पेश की जा रही है, जिसका निर्देशन और संगीत उद्योग के शीर्ष दिग्गजों द्वारा किया गया है।

    सैन्य अभियानों पर आधारित कहानियों के क्रम में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती एक विशेष फिल्म भी इस महीने प्रदर्शित होगी। इसके अतिरिक्त, खेल जगत के चर्चित और विवादित फुटबॉल मैनेजर के जीवन पर बनी तीन भागों की डॉक्यूमेंट्री सीरीज और बच्चा गोद लेने की सच्ची घटनाओं पर आधारित एक भावुक वृत्तचित्र भी दर्शकों के बीच पहुंचेगा। मनोरंजन के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए बॉलीवुड की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्में और हॉलीवुड की कॉमेडी-ड्रामा प्रस्तुतियां भी रिलीज की जाएंगी।

    महीने के मध्य में नेवी सील्स के जीवन, प्रशिक्षण और जोखिम भरे सैन्य अभियानों पर आधारित एक थ्रिलर सीरीज भी प्लेटफॉर्म पर दस्तक देगी। विविध विधाओं और विषयों के इस समावेश से अगस्त के पूरे महीने में डिजिटल दर्शकों को मनोरंजन की एक बड़ी और समृद्ध विविधता उपलब्ध होने जा रही है।

  • लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    नई दिल्ली । 80 के दशक के प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता राज किरण के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की खबर एक बार फिर चर्चा में है। 23 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सका है कि सौ से अधिक फिल्मों में काम कर चुके यह अभिनेता इस समय कहां हैं। वर्ष 1975 में 26 साल की उम्र में कागज की नाव फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने कर्ज और अर्थ जैसी यादगार फिल्मों में काम किया था। वर्ष 1980 में उनकी आठ फिल्में प्रदर्शित हुई थीं, जिससे वे उस दौर के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हो गए थे।

    वर्ष 1990 के दशक में काम न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण अभिनेता मानसिक तनाव का शिकार हो गए थे। पारिवारिक समस्याओं और वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। डिप्रेशन के कारण उन्होंने उस दौर में बन रही कई बड़ी फिल्मों की शूटिंग बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए, जहां उनके टैक्सी चलाने और बाद में मुंबई के एक मेंटल अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अस्पताल से बाहर आने के बाद भी जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला, तो वे पुनः विदेश चले गए।

    वर्ष 2011 में जब दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर ने अमेरिका यात्रा के दौरान उनके भाई से संपर्क किया, तब यह बात सामने आई थी कि वे अटलांटा के एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। हालांकि, अभिनेता के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि वे खुद कई सालों से उनकी तलाश कर रहे हैं। वर्तमान में भी निजी जांचकर्ताओं और उद्योग से जुड़े लोगों द्वारा उनकी खोज जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई आधिकारिक सुराग नहीं मिल पाया है। 80 के दशक का यह स्थापित कलाकार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक बना हुआ है।

  • 31 जुलाई को ओटीटी पर सिनेमाई महासंग्राम: एक्शन, थ्रिल और खौफ के तड़के संग रिलीज होंगी 6 नई फिल्में और सीरीज

    31 जुलाई को ओटीटी पर सिनेमाई महासंग्राम: एक्शन, थ्रिल और खौफ के तड़के संग रिलीज होंगी 6 नई फिल्में और सीरीज

    नई दिल्ली । समेत देशभर के ओटीटी प्रेमियों के लिए जुलाई महीने का अंतिम दिन मनोरंजन का बड़ा सौगात लेकर आ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सस्पेंस, थ्रिलर, एक्शन और ड्रामा से भरपूर छह नई फिल्में और वेब सीरीज एक साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत की जा रही हैं। सिनेमाघरों में किसी बड़े बजट की फिल्म की अनुपस्थिति के बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने वीकेंड को खास बनाने की पूरी योजना तैयार कर ली है। नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, सोनी लिव, जी5 और लायन्सगेट जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर विविध शैलियों का यह समन्वय दर्शकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करने वाला है।

    एनिमेटेड सीरीज के शौकीनों के लिए गोथम शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित एक चर्चित शो का दूसरा सीजन वापसी कर रहा है। इसमें मुख्य किरदार एक बार फिर अंधेरे के बीच खतरनाक अपराधियों से मुकाबला करता और शहर की रक्षा में नए रहस्यों को सुलझाता नजर आएगा। वहीं, भावनात्मक और शांत जीवन की तलाश पर केंद्रित एक जापानी-कोरियन ड्रामा नेटफ्लिक्स पर दस्तक देने जा रहा है। इसमें नौकरी छूटने के बाद अपनी दादी के तटीय घर पहुंची मुख्य पात्र की जीवन यात्रा और उसके केयरटेकर के साथ बनते रिश्तों की सहज कहानी देखने को मिलेगी।

    क्षेत्रीय सिनेमा के शौकीनों के लिए जी5 पर एक मलयालम साइकोलॉजिकल सर्वाइवल ड्रामा पेश किया जा रहा है। यह कहानी एक मां और उसके छोटे बेटे की है, जो अपनी पहचान छिपाकर कानून से बचते फिर रहे हैं। गहरे मानसिक आघात और अकेलेपन के बीच संघर्ष करते इस परिवार का अनिश्चित भविष्य दर्शकों को बांधे रखेगा। इसके अतिरिक्त, लायन्सगेट पर एक उत्तरजीविता थ्रिलर रिलीज हो रही है, जिसमें माल्टा में छुट्टियां मना रहे एक जोड़े पर पहले एक विशाल शार्क और फिर एक कातिल मछुआरे का खतरा मंडराता है।

    भारतीय पौराणिक कथाओं में रुचि रखने वालों के लिए सोनी लिव पर महाभारत के महान योद्धा कर्ण के जीवन पर केंद्रित एक एनिमेटेड सीरीज आ रही है। इसमें कर्ण के एक साधारण परिवार में पालन-पोषण से लेकर महान योद्धा बनने और जीवनभर के सामाजिक भेदभाव तथा नियति से उसके संघर्ष को दिखाया गया है। इसके साथ ही, नेटफ्लिक्स पर सत्यदेव अभिनीत एक साइकोलॉजिकल पीरियड ड्रामा भी प्रस्तुत किया जा रहा है। यह कहानी एक बुजुर्ग राजा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने मृत पुत्र की वास्तविक पहचान की तलाश में अतीत के कई दफन राज उजागर करता है। इन सभी नए रिलीज के साथ इस वीकेंड दर्शकों के पास विविध प्रकार का कंटेंट चुनने का शानदार अवसर रहेगा।

  • रियलिटी शो के मंच पर राम कपूर के व्यवहार को लेकर उठे सवालों के बीच पत्नी गौतमी ने साथी प्रतिभागियों से व्यक्त की खेद

    रियलिटी शो के मंच पर राम कपूर के व्यवहार को लेकर उठे सवालों के बीच पत्नी गौतमी ने साथी प्रतिभागियों से व्यक्त की खेद

    नई दिल्ली। लोकप्रिय डिजिटल रियलिटी शो के हालिया एपिसोड में उस समय एक नया मोड़ देखने को मिला, जब मंच पर बंद प्रतियोगियों से मिलने पहुंचे उनके परिजनों के दौरान गंभीर भावनात्मक और संवेदनशील स्थितियां उत्पन्न हो गईं। शो में हिस्सा ले रहे प्रसिद्ध अभिनेता राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने मंच पर प्रवेश करते ही सह-प्रतियोगी श्रेया कालरा और अन्य महिला प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने पति के पिछले व्यवहार और शारीरिक संपर्क से जुड़ी कुछ घटनाओं पर हाथ जोड़कर खेद प्रकट किया। इस वाकये के प्रसारित होने के बाद से मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत सीमाओं तथा सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।

    दरअसल, बीते कुछ एपिसोड्स के दौरान शो के भीतर महिला प्रतियोगियों के बीच राम कपूर के बार-बार गले मिलने, माथे पर स्पर्श करने और अत्यधिक निकटता दर्शाने की आदत को लेकर असहजता व्यक्त की गई थी। प्रतियोगी श्रेया कालरा ने अन्य सदस्यों के साथ बातचीत में इस बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था कि इस प्रकार का व्यवहार उनके लिए आरामदायक नहीं था और इससे वे काफी असहज महसूस कर रही थीं। अन्य अतिथियों और प्रतियोगियों द्वारा भी इस प्रकार के स्नेह प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए थे, जिससे शो के भीतर तनाव का माहौल बन गया था।

    पारिवारिक मुलाकात के लिए निर्धारित सत्र के दौरान गौतमी कपूर ने सीधे तौर पर श्रेया कालरा से संपर्क किया और अत्यंत विनम्र भाव से बात की। उन्होंने कहा कि यदि उनके पति द्वारा अनजाने में भी किसी प्रकार का अनुचित स्पर्श या असहज स्थिति पैदा की गई हो, तो वह अपनी ओर से क्षमा याचना करती हैं। इसके बाद उन्होंने घर में मौजूद अन्य सभी महिला सदस्यों से भी बात की और स्पष्ट किया कि वह अपने पति के कृत्यों का बचाव नहीं कर रही हैं, बल्कि उनका उद्देश्य केवल यह समझाना है कि उनका व्यक्तित्व स्वाभाविक रूप से बहुत अधिक मित्रवत और भावनात्मक है।

    इस मुलाकात के दौरान मंच पर अन्य प्रतियोगियों के परिजन और मित्र भी उपस्थित थे, जिससे कई अन्य समीकरण भी सामने आए। जहां श्रेया कालरा से मिलने उनके मित्र पहुंचे, वहीं अन्य प्रतिभागियों से मिलने भी उद्योग जगत के उनके करीबी सहयोगी आए। इस दौरान कुछ सदस्यों के बीच आपसी तीखी बहस और तनातनी भी देखने को मिली। परिजनों के इस आगमन ने खेल के रणनीतिक और व्यक्तिगत पहलुओं को गहराई से प्रभावित किया है।

    इस पूरे प्रकरण ने न केवल शो के भीतर के माहौल को बदल दिया है, बल्कि दर्शकों के बीच भी यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक या व्यावसायिक जीवन में व्यक्तिगत स्थान और प्राथमिकताओं का सम्मान करना कितना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति का स्नेह दर्शाने का तरीका यदि दूसरे के लिए असुविधाजनक बनता है, तो उस पर बातचीत और सुधार अनिवार्य हो जाता है। आगामी एपिसोड्स में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस घटनाक्रम का प्रतियोगियों के आपसी संबंधों और खेल की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।

  • झरने वाले सीन से मिली पहचान, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है मंदाकिनी की जिंदगी और फिल्मी सफर

    झरने वाले सीन से मिली पहचान, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है मंदाकिनी की जिंदगी और फिल्मी सफर

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री मंदाकिनी का नाम आज भी 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के साथ सबसे पहले जुड़ता है। अपनी पहली बड़ी फिल्म से ही उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई और रातोंरात स्टार बन गईं। हालांकि, उनकी पहचान अक्सर फिल्म के चर्चित झरने वाले दृश्य तक सीमित कर दी जाती है, जबकि उनकी निजी जिंदगी और फिल्मी सफर कई दिलचस्प घटनाओं से भरा रहा है। 30 जुलाई को जन्मदिन के मौके पर उनके जीवन के कई ऐसे पहलू याद किए जाते हैं, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल किया।

    मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में यास्मीन जोसेफ के रूप में हुआ था। उनके पिता ब्रिटिश मूल के थे, जबकि उनकी मां मुस्लिम परिवार से थीं। फिल्मों में आने से पहले उनका नाम यास्मीन ही था। शुरुआती दौर में उन्हें एक फिल्म के लिए ‘माधुरी’ नाम से भी साइन किए जाने की चर्चा रही, लेकिन इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्मकार राज कपूर से हुई। राज कपूर ने उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उनका नाम बदलकर ‘मंदाकिनी’ रख दिया, जो आगे चलकर उनकी स्थायी पहचान बन गया।

    राज कपूर ने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में मंदाकिनी को मुख्य भूमिका दी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और मंदाकिनी रातोंरात लोकप्रिय हो गईं। फिल्म के कुछ दृश्य उस समय काफी चर्चा में रहे और इन्हीं के कारण वह लंबे समय तक सुर्खियों में बनी रहीं। हालांकि, उनके अभिनय, स्क्रीन प्रेजेंस और सहज अभिव्यक्ति की भी खूब सराहना हुई। इस फिल्म के बाद उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में गिना जाने लगा।

    इसके बाद मंदाकिनी ने मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त, गोविंदा, आदित्य पंचोली और अन्य कई बड़े सितारों के साथ फिल्मों में काम किया। ‘जीते हैं शान से’ का लोकप्रिय गीत ‘जूली जूली जॉनी का दिल तुमपे आया जूली’ आज भी उनके यादगार गीतों में गिना जाता है। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।

    अपने करियर के दौरान मंदाकिनी को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि कई बार फिल्मों के लिए चयन होने के बावजूद उन्हें अंतिम समय में बदल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में फिल्म उद्योग का माहौल महिलाओं के लिए आसान नहीं था और कई अवसर उनके हाथ से निकल गए। कुछ फिल्मों में उन्हें साइन किए जाने की चर्चाएं भी रहीं, लेकिन वे परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं।

    1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘जोरदार’ के बाद मंदाकिनी ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली। बाद में उन्होंने पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. कग्युर टी. रिनपोछे ठाकुर से विवाह किया और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दी। लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहने के बावजूद आज भी मंदाकिनी का नाम हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में लिया जाता है, जिन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई और दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।