Category: Entertainment

  • करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, शादी के चार साल बाद बेटे का जन्म, पोस्ट शेयर कर लिखा- सबसे बड़ा आशीर्वाद

    करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, शादी के चार साल बाद बेटे का जन्म, पोस्ट शेयर कर लिखा- सबसे बड़ा आशीर्वाद

    नई दिल्ली। टीवी और फिल्म अभिनेत्री करिश्मा तन्ना के घर खुशियों ने दस्तक दी है। 42 वर्ष की उम्र में अभिनेत्री ने बेटे को जन्म दिया है। शादी के चार साल बाद माता-पिता बने करिश्मा तन्ना और उनके पति वरुण बंगेरा ने इस खुशखबरी को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों के साथ साझा किया। पोस्ट सामने आते ही फैंस, दोस्तों और मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने दोनों को बधाई और शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।

    करिश्मा तन्ना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई 2026 को उनके जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद उनके घर आया है। उन्होंने अपने नवजात बेटे का स्वागत करते हुए उसे परिवार की नई खुशी बताया। अभिनेत्री की इस पोस्ट को कुछ ही समय में हजारों लोगों ने पसंद किया और कमेंट सेक्शन में शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई।

    गर्भावस्था के दौरान भी करिश्मा लगातार अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहीं। उन्होंने समय-समय पर अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़े अनुभव, तस्वीरें और फोटोशूट सोशल मीडिया पर साझा किए। उनके मैटरनिटी फोटोशूट भी काफी चर्चा में रहे और फैंस ने उनकी सादगी व आत्मविश्वास की जमकर सराहना की। अभिनेत्री ने अपनी इस नई यात्रा के हर अहम पल को प्रशंसकों के साथ साझा करने की कोशिश की।

    करिश्मा तन्ना ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और उन्हें लोकप्रियता एकता कपूर के चर्चित धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में निभाए गए किरदार से मिली। इसके बाद उन्होंने कई टीवी धारावाहिकों और रियलिटी शोज़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने रियलिटी शो ‘बिग बॉस 8’ और ‘खतरों के खिलाड़ी 10’ में अपने दमदार प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल किया।

    छोटे पर्दे के साथ-साथ करिश्मा ने फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह ‘संजू’ और ‘सूरज पे मंगल भारी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। अपने अभिनय, आत्मविश्वास और अलग व्यक्तित्व के कारण उन्होंने मनोरंजन उद्योग में एक मजबूत पहचान बनाई है। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है और वह अपनी निजी व पेशेवर जिंदगी से जुड़े अपडेट नियमित रूप से साझा करती रहती हैं।

    बेटे के जन्म की खबर के बाद करिश्मा तन्ना और वरुण बंगेरा के परिवार में खुशी का माहौल है। प्रशंसकों को अब दोनों की ओर से अपने नन्हे मेहमान की पहली झलक का इंतजार है। अभिनेत्री की इस नई पारी को लेकर उनके चाहने वाले लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।

  • 38 साल बाद भी बरकरार है इस सदाबहार गीत का जादू, शादी-ब्याह की हर रस्म में आज भी गूंजती है इसकी धुन

    38 साल बाद भी बरकरार है इस सदाबहार गीत का जादू, शादी-ब्याह की हर रस्म में आज भी गूंजती है इसकी धुन

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के कई गीत समय के साथ केवल फिल्मी संगीत तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा बन जाते हैं। वर्ष 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘गंगा जमुना सरस्वती’ का लोकप्रिय गीत ‘साजन मेरा उस पार है’ भी ऐसे ही सदाबहार गीतों में शामिल है। रिलीज के करीब 38 वर्ष बाद भी यह गीत शादी-ब्याह, हल्दी, मेहंदी और महिला संगीत जैसे पारिवारिक आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ गाया और बजाया जाता है।

    इस गीत को अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि पर फिल्माया गया था, जो उस समय लगभग 24 वर्ष की थीं। उनके सहज अभिनय, पारंपरिक अंदाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने गीत को विशेष पहचान दिलाई। यही कारण है कि यह गीत केवल फिल्म का हिस्सा बनकर नहीं रह गया, बल्कि भारतीय शादियों की लोकप्रिय सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बन गया।

    ‘गंगा जमुना सरस्वती’ में अमिताभ बच्चन, मीनाक्षी शेषाद्रि, जया प्रदा और मिथुन चक्रवर्ती जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई दिए थे। फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं, लेकिन इसके इस गीत को शुरुआत से ही व्यापक लोकप्रियता मिली। समय बीतने के बावजूद इसकी लोकप्रियता में कोई खास कमी नहीं आई और यह आज भी नई पीढ़ी के बीच अपनी जगह बनाए हुए है।

    गीत को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज दी थी। संगीतकार अनु मलिक ने इसकी धुन तैयार की, जबकि इसके बोल गीतकार इंद्रवीर ने लिखे थे। गीत की सरल भाषा, लोक संगीत से प्रेरित धुन और पारंपरिक माहौल इसे अन्य विवाह गीतों से अलग पहचान दिलाते हैं। यही वजह है कि यह गीत वर्षों बाद भी लोगों की पसंद बना हुआ है।

    बदलते समय के साथ शादी समारोहों में डीजे, रीमिक्स और आधुनिक वेडिंग सॉन्ग्स का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके बावजूद ‘साजन मेरा उस पार है’ की लोकप्रियता पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। विशेष रूप से गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में महिला संगीत की महफिलों में यह गीत आज भी पूरे उत्साह के साथ गाया जाता है। कई परिवारों में विवाह समारोह की शुरुआत इसी गीत से करने की परंपरा अब भी देखने को मिलती है।

    इस गीत की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी मानी जाती है। ढोलक की पारंपरिक थाप के साथ गाया जाने वाला यह गीत महिलाओं को सहज रूप से जोड़ देता है। इसमें न केवल विवाह की खुशी झलकती है, बल्कि पारिवारिक अपनापन और भारतीय लोक संस्कृति की मिठास भी महसूस होती है। यही कारण है कि यह गीत अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को समान रूप से आकर्षित करता है।

    संगीत विशेषज्ञों का भी मानना है कि कुछ गीत अपनी धुन, भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण समय की सीमाओं से आगे निकल जाते हैं। ‘साजन मेरा उस पार है’ भी उन्हीं गीतों में गिना जाता है जिसने दशकों बाद भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है। आज भी जब शादी समारोहों में ढोलक की थाप सुनाई देती है तो यह गीत स्वतः लोगों की जुबान पर आ जाता है और पूरे माहौल को उत्सवमय बना देता है।

  • आमिर खान को मिली धमकी की जांच तेज, स्वीडिश वीपीएन और टॉर ब्राउजर के इस्तेमाल की आशंका

    आमिर खान को मिली धमकी की जांच तेज, स्वीडिश वीपीएन और टॉर ब्राउजर के इस्तेमाल की आशंका

    नई दिल्ली । अभिनेता आमिर खान को सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश के माध्यम से मिली कथित धमकी के मामले में जांच तेज हो गई है। मुंबई पुलिस की साइबर टीम इस पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कर रही है और धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि संदेश भेजने के दौरान अपनी वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार धमकी से जुड़े ऑडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट अलग-अलग नामों से साझा किए गए हैं। वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति ने स्वयं को आरजू बिश्नोई बताते हुए अभिनेता पर विभिन्न आरोप लगाए और उन्हें कथित तौर पर सबक सिखाने की बात कही। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी सामने आई, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस इन दोनों माध्यमों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही है।

    प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण में पुलिस को संबंधित डिजिटल गतिविधि का शुरुआती आईपी एड्रेस स्वीडन से जुड़ा मिला है। हालांकि जांचकर्ताओं का कहना है कि आईपी एड्रेस का इस प्रकार सामने आना अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता, क्योंकि कथित तौर पर वीपीएन और टॉर ब्राउजर जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर वास्तविक लोकेशन छिपाने की कोशिश की गई है। ऐसे मामलों में इंटरनेट ट्रैफिक कई सर्वरों के माध्यम से गुजरता है, जिससे वास्तविक स्रोत तक पहुंचना अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    साइबर विशेषज्ञ अब डिजिटल लॉग, नेटवर्क गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किस डिवाइस, नेटवर्क या अकाउंट से भेजे गए और क्या इसके पीछे कोई एक व्यक्ति है या संगठित समूह। फिलहाल मामले में तकनीकी जांच जारी है और संबंधित सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है।

    यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आमिर खान की हालिया शादी को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसके बाद कुछ लोगों और संगठनों ने अभिनेता पर आरोप लगाए और विरोध भी दर्ज कराया। इसी क्रम में कथित धमकी वाला ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

    आमिर खान पहले भी इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी शादियां कानूनी प्रक्रिया के तहत संपन्न हुई हैं और किसी भी विवाह में धर्म परिवर्तन नहीं कराया गया। उन्होंने कहा था कि उनका परिवार विभिन्न धार्मिक परंपराओं का सम्मान करता है और उनकी निजी जिंदगी को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यात्मक नहीं हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साइबर टीम का मुख्य उद्देश्य धमकी भेजने वाले की वास्तविक पहचान स्थापित करना और यह पता लगाना है कि संदेश किस उद्देश्य से प्रसारित किए गए। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है।

  • सिनेमाघरों में नहीं चली किस्मत, हिंदी डब रिलीज के बाद YouTube पर 100 करोड़ व्यूज पार कर रचा अनोखा रिकॉर्ड

    सिनेमाघरों में नहीं चली किस्मत, हिंदी डब रिलीज के बाद YouTube पर 100 करोड़ व्यूज पार कर रचा अनोखा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली ।
    फिल्म उद्योग में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि कोई फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं जुटा पाती, लेकिन बाद में किसी दूसरे मंच पर उसे नई पहचान मिल जाती है। तेलुगु फिल्म ‘जया जानकी नायक’ इसका एक प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आई है। वर्ष 2017 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी थी, लेकिन कुछ वर्षों बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसने इसे भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया।

    निर्देशक बोयापति श्रीनु के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बेलमकोंडा श्रीनिवास और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये के बजट में किया गया था। हालांकि रिलीज के बाद यह दर्शकों को सिनेमाघरों तक आकर्षित करने में सफल नहीं रही और इसकी कमाई करीब 20 करोड़ रुपये तक ही सीमित रही। लागत की तुलना में कम कारोबार होने के कारण इसे बॉक्स ऑफिस पर असफल फिल्मों में गिना गया।

    फिल्म के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद निर्माताओं ने इसके प्रति उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने बदलते डिजिटल दौर को देखते हुए फिल्म को नए दर्शकों तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई। इसके तहत वर्ष 2019 में फिल्म का हिंदी डब संस्करण तैयार किया गया और इसका नाम बदलकर ‘खूंखार’ रखा गया। इसके बाद इसे YouTube पर रिलीज किया गया, जहां फिल्म को अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में दर्शकों का समर्थन मिलने लगा।

    हिंदी भाषा में उपलब्ध होने के कारण फिल्म देशभर के उन दर्शकों तक भी पहुंची, जो पहले इसे नहीं देख पाए थे। एक्शन, पारिवारिक भावनाओं और व्यावसायिक मनोरंजन से भरपूर कहानी ने डिजिटल दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। धीरे-धीरे फिल्म के व्यूज लगातार बढ़ते गए और समय के साथ इसने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली।

    फिल्म का हिंदी संस्करण YouTube पर 100 करोड़ यानी एक बिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार करने में सफल रहा। इस उपलब्धि के साथ यह 100 करोड़ व्यूज हासिल करने वाली पहली भारतीय फीचर फिल्म बन गई। जिस फिल्म को कभी बॉक्स ऑफिस पर असफल माना गया था, वही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल हो गई।

    यह उदाहरण इस बात को भी दर्शाता है कि किसी फिल्म की सफलता अब केवल थिएटर कलेक्शन तक सीमित नहीं रह गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने फिल्मों के लिए नए अवसर तैयार किए हैं, जहां भाषा की बाधाएं भी काफी हद तक समाप्त हो चुकी हैं। हिंदी डब संस्करणों की बढ़ती लोकप्रियता ने दक्षिण भारतीय फिल्मों को देशभर में नई पहचान दिलाई है और दर्शकों का दायरा पहले से कहीं अधिक विस्तृत हुआ है।

    ‘जया जानकी नायक’ की यह यात्रा फिल्म उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह साबित करती है कि यदि किसी फिल्म की सामग्री दर्शकों को पसंद आती है तो वह समय के साथ नए मंचों पर भी सफलता हासिल कर सकती है। डिजिटल माध्यमों ने फिल्मों को दूसरा अवसर दिया है और कई ऐसी फिल्मों को नई पहचान मिली है, जिन्हें सिनेमाघरों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई थी।

  • 'रामायण' में मंदोदरी निभा रहीं काजल अग्रवाल ने सुनाई पुरानी घटना, कहा- आज भी याद कर सिहर उठती हूं

    'रामायण' में मंदोदरी निभा रहीं काजल अग्रवाल ने सुनाई पुरानी घटना, कहा- आज भी याद कर सिहर उठती हूं

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने उन्हें गहरे स्तर पर प्रभावित किया था। अभिनेत्री ने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ हुई एक अप्रत्याशित घटना आज भी उन्हें असहज कर देती है। उनका कहना है कि उस समय जो कुछ हुआ, उसने उन्हें कुछ क्षणों के लिए पूरी तरह स्तब्ध कर दिया था।

    हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में काजल अग्रवाल ने बताया कि वह शूटिंग के बीच अपने वैनिटी वैन में आराम कर रही थीं। इसी दौरान फिल्म यूनिट से जुड़ा एक असिस्टेंट डायरेक्टर बिना किसी अनुमति के सीधे उनकी वैनिटी वैन के भीतर आ गया। अचानक किसी अनजान व्यक्ति को सामने देखकर वह हैरान रह गईं और कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाईं कि स्थिति से कैसे निपटा जाए।

    अभिनेत्री के अनुसार, मामला तब और अधिक चौंकाने वाला हो गया जब उस व्यक्ति ने अपनी शर्ट उतारकर उन्हें अपनी छाती पर बना उनके नाम का टैटू दिखाया। काजल ने बताया कि यह सब इतनी तेजी से हुआ कि वह पूरी तरह घबरा गई थीं। उन्हें उस समय भय और असुरक्षा का एहसास हुआ तथा उनके हाथ-पैर तक कांपने लगे थे। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके लिए बेहद असहज और डरावनी थी तथा इसकी याद आज भी उन्हें विचलित कर देती है।

    काजल अग्रवाल ने इस अनुभव को साझा करते हुए व्यक्तिगत सीमाओं और कार्यस्थल पर पेशेवर व्यवहार के महत्व पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि किसी भी कलाकार या कर्मचारी की निजी जगह का सम्मान किया जाना आवश्यक है और बिना अनुमति किसी के निजी क्षेत्र में प्रवेश करना स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म उद्योग सहित हर कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    फिल्मी करियर की बात करें तो काजल अग्रवाल ने दक्षिण भारतीय सिनेमा से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। अपनी दमदार अदाकारी और कई सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्मों में मजबूत पहचान बनाई। समय के साथ उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाकर खुद को एक बहुमुखी अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है।

    इन दिनों काजल अग्रवाल अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी चर्चा में हैं। इस बहुचर्चित फिल्म में वह मंदोदरी की भूमिका निभाती नजर आएंगी। बड़े बजट में तैयार की जा रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म का ट्रेलर 30 जुलाई को जारी किया जाना है और इसके बाद दर्शकों को इसके भव्य प्रस्तुतीकरण की पहली झलक देखने को मिलेगी।

    मनोरंजन जगत में जहां कलाकार अपनी उपलब्धियों के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं समय-समय पर उनके निजी अनुभव भी कार्यस्थल की सुरक्षा और पेशेवर मर्यादाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करते हैं। काजल अग्रवाल द्वारा साझा किया गया यह अनुभव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि किसी भी पेशे में सम्मान, सहमति और व्यक्तिगत सीमाओं का पालन सर्वोपरि होना चाहिए।

  • श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    नई दिल्ली । दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिना जाता है। उनकी अभिनय शैली, नृत्य, चुलबुला अंदाज और सहज अभिव्यक्ति आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनके निधन के वर्षों बाद भी प्रशंसक उन्हें याद करते हैं और उनके गीतों व फिल्मों को बड़े उत्साह से देखते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कई लोग श्रीदेवी की याद ताजा होने की बात कह रहे हैं।

    इन दिनों भूमिका तिवारी नाम की कंटेंट क्रिएटर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने फिल्म ‘चालबाज़’ के लोकप्रिय गीत ‘किसी के हाथ ना आएगी’ पर एक डांस वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने श्रीदेवी की शैली से प्रेरित वेशभूषा, हावभाव और नृत्य प्रस्तुति को अपनाने की कोशिश की है। उनके एक्सप्रेशन और प्रस्तुति ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने भूमिका की तुलना सीधे श्रीदेवी से करनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि उनके चेहरे के भाव, मासूम मुस्कान और चुलबुले अंदाज में उन्हें दिवंगत अभिनेत्री की झलक दिखाई देती है। हालांकि यह प्रशंसकों की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है, लेकिन वीडियो ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा जरूर छेड़ दी है।

    भूमिका तिवारी लंबे समय से श्रीदेवी के लोकप्रिय गीतों पर आधारित डांस रील्स बनाती रही हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें उन्होंने अभिनेत्री के यादगार गानों को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है। इसी निरंतरता ने उन्हें बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचाया है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां उनके वीडियो नियमित रूप से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं।

    वायरल हुए इस वीडियो को भी बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया है। इसे एक लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और कमेंट सेक्शन में हजारों यूजर्स ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की है। कई लोगों ने लिखा कि उनके एक्सप्रेशन बेहद प्रभावशाली हैं, जबकि कुछ ने कहा कि वीडियो देखकर उन्हें श्रीदेवी की फिल्मों की याद आ गई। कई प्रशंसकों ने उन्हें भविष्य में फिल्मों में अभिनय करने की सलाह भी दी और उनके आत्मविश्वास तथा स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की।

    सोशल मीडिया के दौर में ऐसे कई कलाकार सामने आए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। किसी लोकप्रिय अभिनेता या अभिनेत्री की शैली से प्रेरित प्रस्तुति दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी वजह से चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से दिवंगत अभिनेत्री को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है।

    श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं, जिनकी फिल्मों और गीतों का प्रभाव आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है। यही कारण है कि जब भी कोई कलाकार उनके अंदाज को मंच या सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करता है, दर्शकों की उत्सुकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी कड़ी में इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • बिना अनुमति सलमान खान की छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अदालत सख्त, 24 घंटे में कंटेंट हटाने के निर्देश

    बिना अनुमति सलमान खान की छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अदालत सख्त, 24 घंटे में कंटेंट हटाने के निर्देश


    नई दिल्ली । 
    अभिनेता सलमान खान को उनकी पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल’ के टीजर और उससे संबंधित प्रचार सामग्री को विभिन्न ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही फिल्म निर्माताओं को भविष्य में भी इस प्रकार की सामग्री का प्रचार-प्रसार करने से रोक दिया गया है। अदालत का यह आदेश सलमान खान द्वारा दायर उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अपनी अनुमति के बिना उनके नाम, व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि के कथित व्यावसायिक उपयोग पर आपत्ति जताई थी।

    अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्तित्व के नाम, हाव-भाव, पहचान और छवि का उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि यदि किसी प्रचार सामग्री से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तो उसे पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है। अदालत के अनुसार प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से यह प्रतीत होता है कि संबंधित फिल्म के प्रचार में अभिनेता की लोकप्रियता और पहचान का उपयोग दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि फिल्म का टीजर उन घटनाओं और पात्रों का उल्लेख करता है, जिनका संबंध काले हिरण शिकार मामले से जोड़ा गया है। यह मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अदालत ने माना कि इस प्रकार की प्रस्तुति से अभिनेता की वर्षों में बनी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर अदालत ने तत्काल हस्तक्षेप को आवश्यक माना।

    न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को यह अधिकार प्राप्त है कि उनकी पहचान और व्यक्तित्व का व्यावसायिक उपयोग किस प्रकार और किन परिस्थितियों में किया जाएगा। बिना अनुमति किसी की पहचान का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री भी इसी सिद्धांत के दायरे में आती है और यदि उससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका हो तो न्यायिक संरक्षण उपलब्ध कराया जा सकता है।

    अंतरिम आदेश के तहत फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया गया है कि वे टीजर और उससे संबंधित सभी प्रचार सामग्री को 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म, टेलीविजन, प्रिंट और अन्य माध्यमों से हटा दें। साथ ही उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार की सामग्री को अपलोड, साझा, प्रकाशित या प्रचारित करने से रोका गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर संबंधित सामग्री नहीं हटाई जाती है, तो संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवा प्रदाताओं को संबंधित यूआरएल हटाने की कार्रवाई करनी होगी।

    यह मामला पर्सनैलिटी राइट्स और सार्वजनिक व्यक्तियों की पहचान के व्यावसायिक उपयोग से जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत का यह अंतरिम आदेश अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि मामले की विस्तृत सुनवाई पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय अंतिम निर्णय देगा।

  • पलक तिवारी पर राजा चौधरी का बड़ा बयान, बोले- मैं सिर्फ बायोलॉजिकल पिता, उनकी निजी जिंदगी से मुझे कोई फर्क नहीं

    पलक तिवारी पर राजा चौधरी का बड़ा बयान, बोले- मैं सिर्फ बायोलॉजिकल पिता, उनकी निजी जिंदगी से मुझे कोई फर्क नहीं

    नई दिल्ली। अभिनेता राजा चौधरी ने अपनी बेटी पलक तिवारी को लेकर लंबे समय बाद खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्वेता तिवारी से अलग होने के बाद उनका पलक की निजी जिंदगी से कोई सीधा संबंध नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को केवल पलक का जैविक पिता मानते हैं और जब तक उनकी बेटी खुद उनसे संपर्क नहीं करती, तब तक वह उसकी जिंदगी में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझते। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान जब राजा चौधरी से पूछा गया कि क्या उन्हें पलक तिवारी की फिल्मी सफलता और बड़े सितारों के साथ काम करने पर गर्व महसूस होता है, तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कोई स्पष्ट राय नहीं दे सकते। उनका कहना था कि उन्हें यह तक नहीं पता कि पलक इस समय कहां हैं, क्या कर रही हैं, किन परियोजनाओं पर काम कर रही हैं या उनकी निजी जिंदगी में क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पलक स्वयं आकर अपने जीवन की बातें साझा करेंगी, तभी वह उस पर प्रतिक्रिया देना उचित समझेंगे।

    राजा चौधरी ने यह भी दोहराया कि यदि कभी पलक को उनकी जरूरत होगी तो वह हर समय उसके साथ खड़े रहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल उनकी बेटी की जिंदगी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, किसी भी रिश्ते को दोनों तरफ से निभाया जाता है और जब तक सामने वाला व्यक्ति जुड़ना नहीं चाहता, तब तक जबरदस्ती संबंध नहीं बनाए जा सकते।

    इंटरव्यू के दौरान पलक तिवारी और अभिनेता इब्राहिम अली खान के बीच डेटिंग की चर्चाओं पर भी उनसे सवाल किया गया। इस पर राजा चौधरी ने कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पलक किसके साथ हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी अपनी बेटी पर अधिकार जताने का अवसर ही नहीं मिला, इसलिए वह उसकी निजी पसंद या रिश्तों पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते। उनके अनुसार, यह पूरी तरह पलक का व्यक्तिगत फैसला है और वह उसमें दखल नहीं देना चाहते।

    राजा चौधरी ने बातचीत में यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को परिवार में महत्व नहीं दिया जाता, तो वह उस स्थिति को बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने अपने पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिता उनसे इसलिए बातें साझा करते हैं क्योंकि दोनों के बीच संवाद बना हुआ है। लेकिन पलक के साथ ऐसा रिश्ता नहीं बन पाया, इसलिए वह उनकी निजी जिंदगी को लेकर कोई अपेक्षा भी नहीं रखते।

    उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें हमेशा यही महसूस कराया गया कि वह केवल पलक के जैविक पिता हैं और उनकी जिंदगी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ऐसे में लोगों को उनसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह उनकी निजी जिंदगी या रिश्तों को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया दें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में पलक को कभी उनकी जरूरत पड़ेगी तो वह बिना किसी शर्त के उनके साथ खड़े रहेंगे।

    राजा चौधरी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पलक तिवारी लगातार अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ा रही हैं और उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा होती रहती है। दूसरी ओर, श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के रिश्ते तथा उनके अलगाव की कहानी पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है। अब राजा के इस स्पष्ट और बेबाक बयान ने एक बार फिर उनके परिवार से जुड़े रिश्तों को चर्चा का विषय बना दिया है।

  • अभिनेता संजय दत्त के 67वें जन्मदिन पर उनके उतार-चढ़ाव भरे जीवन और चार दशक लंबे फिल्मी सफर का लेखा-जोखा

    अभिनेता संजय दत्त के 67वें जन्मदिन पर उनके उतार-चढ़ाव भरे जीवन और चार दशक लंबे फिल्मी सफर का लेखा-जोखा

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में अपनी विशिष्ट अभिनय शैली और दमदार शख्सियत के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता संजय दत्त 29 जुलाई को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। चार दशक से भी लंबे अपने करियर में लगभग 135 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वाले संजय दत्त का जीवन सफलताओं, व्यक्तिगत त्रासदियों, विवादों और कड़े संघर्षों की एक अनूठी दास्तान रहा है। फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उनका जीवन कभी आसान नहीं रहा और उन्हें कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा।

    सुप्रसिद्ध अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस के घर जन्मे संजय दत्त ने महज बारह वर्ष की उम्र में कव्वाली गायक के रूप में एक छोटी सी भूमिका से अपनी अभिनय यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 1981 में उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर अपनी पहली फिल्म ‘रॉकी’ से बॉलीवुड में औपचारिक कदम रखा। हालांकि फिल्म के प्रदर्शन से ठीक तीन दिन पहले उनकी मां का निधन हो गया, जिसने उनके जीवन पर गहरा मानसिक प्रभाव डाला। इसके बाद वे गंभीर नशे की लत में फंस गए, जिससे उबरने के लिए उन्हें लंबा वक्त लगा।

    अमेरिका स्थित पुनर्वास केंद्र से लौटने के बाद उन्होंने अपनी शारीरिक फिटनेस और अभिनय पर ध्यान केंद्रित किया और 80 व 90 के दशक में एक प्रमुख एक्शन और रोमांटिक हीरो के रूप में खुद को स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर और यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। हालांकि वर्ष 1993 में आए मुंबई बम धमाकों के मामले में कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन में एक बार फिर गंभीर उथल-पुथल देखने को मिली।

    व्यक्तिगत जीवन में संजय दत्त को कई बार अपनों को खोने का दर्द सहना पड़ा। उनकी पहली पत्नी का कम उम्र में ही गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था। बाद के वर्षों में विभिन्न उतार-चढ़ावों से गुजरने के बाद उन्होंने मान्यता दत्त से विवाह किया। कई कानूनी लड़ाइयों, जेल की सजा और निजी असफलताओं के बावजूद वे हर बार एक मजबूत वापसी करने में सफल रहे। वर्ष 2018 में उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित एक बायोपिक फिल्म का भी निर्माण किया गया था, जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया।

    वर्तमान समय में संजय दत्त हिंदी सिनेमा के साथ-साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी बेहद सक्रिय हैं और नकारात्मक व मुख्य भूमिकाओं में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और थ्रिलर जैसे विभिन्न शैलियों की फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के बाद अब वे अपनी आने वाली नई फिल्मों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। चार दशक बाद भी उनका स्टारडम और प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

  • भीषण बाढ़ की तबाही से कराहते असम के लिए आगे आए बॉलीवुड सितारे, आलिया भट्ट और सलमान खान ने संभाला राहत मोर्चा

    भीषण बाढ़ की तबाही से कराहते असम के लिए आगे आए बॉलीवुड सितारे, आलिया भट्ट और सलमान खान ने संभाला राहत मोर्चा

    नई दिल्ली । पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख राज्य असम इन दिनों विनाशकारी बाढ़ की चपेट में है, जिससे व्यापक स्तर पर जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच फिल्म जगत की हस्तियों ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद के प्रयास तेज कर दिए हैं। अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता से आगे आकर राहत कार्यों में योगदान देने की अपील की है, वहीं अभिनेता सलमान खान की संस्था जमीनी स्तर पर राहत सामग्री पहुंचाने के काम में जुट गई है।

    असम में बने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से अब तक साठ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। हर साल असम को इस भीषण त्रासदी का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी स्तर पर तैयारियां नाकाफी नजर आती हैं। उन्होंने आपदा प्रभावितों को तत्काल और दीर्घकालिक पुनर्वास सहायता देने की जरूरत पर जोर दिया।

    अभिनेत्री ने स्पष्ट किया है कि वह जल्द ही जमीनी स्तर पर कार्य कर रही प्रामाणिक संस्थाओं का विवरण साझा करेंगी, ताकि लोग सही माध्यमों से आर्थिक या सामग्री के रूप में योगदान दे सकें। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों का सहारा बनने की गुजारिश की है। कई परिवारों द्वारा अपने प्रियजनों, मवेशियों और आजीविका के साधनों को खो देने की घटना बेहद पीड़ादायक है।

    दूसरी ओर, अभिनेता सलमान खान ने अपने धर्मार्थ संगठन और स्थानीय प्रशंसक समूहों के माध्यम से राहत अभियान शुरू कर दिया है। गुवाहाटी से राहत सामग्री जुटाकर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पहुंचाई जा रही है। विशेषकर शिवसागर जिले के ग्रामीण इलाकों में जलभराव से जूझ रहे परिवारों को तत्काल राहत के रूप में भोजन के पैकेट और दैनिक आवश्यकता का सामान वितरित किया जा रहा है।

    आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई प्रमुख जिलों में जलस्तर खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप समेत सात से अधिक जिलों के सैकड़ों गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न होने से फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। ऐसे विकट समय में सामाजिक संगठनों और मशहूर हस्तियों की ओर से की जा रही पहल से राहत कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।