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  • इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए मूंगफली, वरना पड़ जाएंगे लेने के देने

    इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए मूंगफली, वरना पड़ जाएंगे लेने के देने


    नई दिल्ली । सर्दियों में धूप में बैठकर मूंगफली खाना एक लोकप्रिय शगल है खासतौर पर भारत में। यह न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि प्रोटीन फैट और फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे गरीबों का बादाम भी कहा जाता है। हालांकि यह सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है लेकिन कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में मूंगफली का सेवन गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इस लेख में हम उन 5 खास परिस्थितियों पर प्रकाश डालेंगे जिनमें मूंगफली का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
    गंभीर एलर्जी से जूझ रहे लोग

    मूंगफली की एलर्जी दुनिया भर में सबसे आम और खतरनाक एलर्जी मानी जाती है। यह एलर्जी गंभीर परिणाम दे सकती है। यदि किसी व्यक्ति को मूंगफली से एलर्जी है तो उसे इससे बने उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। एलर्जी की प्रतिक्रियाएं त्वचा पर चकत्ते खुजली दस्त और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षणों के रूप में सामने आ सकती हैं। गंभीर मामलों में एनाफिलेक्सिस एक प्रकार की जानलेवा एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है जो तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। इस कारण से मूंगफली या उससे बने उत्पादों से पूरी तरह से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

    वेट लॉस डाइट पर रहने वाले लोग
    मूंगफली पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद इसमें कैलोरी और फैट की मात्रा भी अधिक होती है। यदि आप वजन घटाने के लिए डाइट पर हैं तो मूंगफली का अत्यधिक सेवन आपके प्रयासों पर पानी फेर सकता है। एक मुट्ठी मूंगफली में 160 से 180 कैलोरी होती हैं जो वेट लॉस डाइट के लिए अनुपयुक्त हो सकती हैं। अत्यधिक फैट और कैलोरी के सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है जिससे वेट लॉस के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए यदि आप वजन घटाना चाहते हैं तो मूंगफली का सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए।

    हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

    सामान्य मूंगफली में सोडियम की मात्रा बहुत कम होती है लेकिन बाजार में मिलने वाली अधिकतर मूंगफली ‘रोस्टेड और साल्टेड’ नमकीन होती हैं जिनमें अतिरिक्त नमक होता है। नमक का अत्यधिक सेवन उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है। यह रक्तचाप को अचानक बढ़ा सकता है जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो नमकीन मूंगफली से बचें और केवल बिना नमक वाली मूंगफली का सेवन करें।

    शरीर में सूजन ,सूजन और जलन की समस्या

    मूंगफली में ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है जबकि ओमेगा-3 की कमी होती है। शरीर में इन फैटी एसिड्स का असंतुलन सूजन और जलन की समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। जो लोग पहले से ही जोड़ों के दर्द आर्थराइटिस या शरीर में सूजन से पीड़ित हैं उन्हें मूंगफली का सेवन बहुत सोच-समझ कर करना चाहिए। ओमेगा-6 का अत्यधिक सेवन सूजन बढ़ा सकता है जिससे इन समस्याओं में वृद्धि हो सकती है। इसीलिए ऐसे लोग मूंगफली के सेवन में सावधानी बरतें और डॉक्टर से परामर्श लें।


    मिनरल्स की कमी वाले लोग

    मूंगफली में फाइटिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में आवश्यक मिनरल्स जिंक आयरन कैल्शियम मैग्नीशियम के अवशोषण में बाधा डालता है। यदि आप इन मिनरल्स की कमी से जूझ रहे हैं तो मूंगफली का अत्यधिक सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यह फाइटिक एसिड शरीर में इन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी को बढ़ा सकता है जिससे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे लोगों को मूंगफली के सेवन में संयम बरतना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

    मूंगफली का सेवन सेहत के लिए कई लाभकारी हो सकता है लेकिन यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। खासकर जिन लोगों को एलर्जी हाई ब्लड प्रेशर सूजन की समस्या या मिनरल्स की कमी है उन्हें मूंगफली से बचना चाहिए। किसी भी चीज की अति हानिकारक हो सकती है और यदि आप उपरोक्त में से किसी भी श्रेणी में आते हैं तो मूंगफली को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। इसके अलावा अगर आप सर्दियों में मूंगफली का आनंद लेना चाहते हैं तो सीमित मात्रा में और बिना नमक वाली मूंगफली का सेवन करना सबसे बेहतर रहेगा

  • 40 के बाद भी स्किन रहे ग्लोइंग और यंग: रोज़ अपनाएं ये 8 आसान रुटीन

    40 के बाद भी स्किन रहे ग्लोइंग और यंग: रोज़ अपनाएं ये 8 आसान रुटीन


    नई दिल्ली। 40 की उम्र के बाद भी त्वचा में नेचुरल ग्लो और युवा लुक बनाए रखना मुश्किल नहीं है। सही स्किनकेयर, हेल्दी डाइट, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस-फ्री लाइफस्टाइल अपनाकर आप हर उम्र में हेल्दी और ग्लोइंग दिख सकती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि बड़ी-बड़ी चीज़ों या महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं, बल्कि रोज़ाना के छोटे-छोटे हेल्दी रुटीन ही स्किन, एनर्जी और कॉन्फिडेंस को बनाए रखते हैं।

    1. स्किन क्लीनिंग और मॉइस्चराइजिंग:
    40 की उम्र में त्वचा ड्राई और डल दिखने लगती है। सुबह और शाम चेहरा अपनी स्किन टाइप के अनुसार माइल्ड क्लींजर से धोएं और हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर लगाएं। रात में नाइट क्रीम का इस्तेमाल करें, जिससे त्वचा रिपेयर होती है और सुबह फ्रेश ग्लो दिखाई देता है।

    2. सनस्क्रीन का महत्व:
    सन डैमेज त्वचा की एजिंग को तेज करता है। इसलिए घर के अंदर या बाहर, SPF 30 या उससे अधिक का सनस्क्रीन रोजाना लगाना जरूरी है। यह पिगमेंटेशन, झाइयां और झुर्रियों को कंट्रोल करता है और स्किन को लंबे समय तक हेल्दी रखता है।

    3. हेल्दी डाइट और पानी:
    ग्लो बाहर से नहीं, अंदर से आता है। डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, सलाद, नट्स और प्रोटीन शामिल करें। शुगर और प्रोसेस्ड फूड कम करें। रोजाना 8–10 गिलास पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा नेचुरली ब्राइट दिखती है। ओमेगा-3 फूड जैसे बादाम, अखरोट और बीज स्किन को प्लंप और ग्लोइंग बनाते हैं।

    4. पर्याप्त नींद और स्ट्रेस कम करना:
    40 के बाद स्ट्रेस का असर सीधे चेहरे पर दिखाई देता है। डार्क सर्कल, सूजन और डल स्किन इसके संकेत हैं। रोजाना 7–8 घंटे की नींद लें और योग, मेडिटेशन या हल्की वॉक से स्ट्रेस कम करें।

    5. एक्सरसाइज और फेस योगा:
    20–30 मिनट की डेली वॉक या एक्सरसाइज ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और स्किन में नैचुरल रेडियंस लाती है। फेस योगा और मसाज मसल्स को टाइट रखते हैं और सैगिंग कम करते हैं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या हल्के वेट्स मसल्स और हड्डियों के लिए भी फायदेमंद हैं।

    6. हार्श केमिकल्स से दूरी:
    40 के बाद हेवी मेकअप और हार्श स्किनकेयर स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सिंपल और कंसिस्टेंट रुटीन अपनाएं। नेचुरल या डर्मेटोलॉजिस्ट-रिकमेन्डेड प्रोडक्ट्स, गर्म पानी से चेहरा धोना और हायल्यूरोनिक एसिड या विटामिन C जैसी एक्टिव इंग्रेडिएंट्स स्किन को सपोर्ट करती हैं और नेचुरल ग्लो बनाए रखती हैं।

    7. स्ट्रेस-फ्री लाइफ:
    लंबे समय तक स्ट्रेस उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करता है। मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और “मी-टाइम” जैसी आदतें मानसिक शांति देती हैं और चेहरे पर पॉजिटिव ग्लो लाती हैं।
    8. नियमित हेल्थ चेक-अप:
    40 की उम्र के बाद स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी हो जाती है। इससे संभावित समस्याओं को समय रहते पहचानकर नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।

    सबसे अहम बात यह है कि बड़ी चीज़ों की जरूरत नहीं, बल्कि रोज़ाना की छोटी-छोटी हेल्दी आदतें ही आपकी स्किन, एनर्जी और कॉन्फिडेंस को 40 की उम्र के बाद भी बनाए रख सकती हैं।

  • Republic Day 2026 Weekend: भीड़ से दूर, इन 6 ऑफबीट डेस्टिनेशन पर करें घूमने का मजा

    Republic Day 2026 Weekend: भीड़ से दूर, इन 6 ऑफबीट डेस्टिनेशन पर करें घूमने का मजा

    नई दिल्ली। कोई हवाई यात्रा नहीं, कोई लंबी छुट्टियां नहीं. बस अपना बैग पैक करें, अपनी कार में बैठें और सड़क पर निकल पड़ें. गणतंत्र दिवस के लिए आने वाले लंबे वीकेंड के साथ, हैदराबाद से ये छोटी रोड ट्रिप एक क्विक, स्ट्रेस-फ्री छुट्टी के लिए एकदम सही हैं. आइए आपको बताते हैं यहां के कुछ खास जगहों के बारे में विस्तार से.
    अनंतगिरी हिल्स, तेलंगाना (80 km): बस थोड़ी ही दूर, फिर भी एक अलग ही दुनिया. कोहरे से ढकी सड़कें, कॉफी के बागान, जंगल के रास्ते और शांत मंदिर—अनंतगिरी बिना किसी खास प्लानिंग के आराम से लंबा वीकेंड बिताने के लिए एकदम सही जगह है.
    बीदर, कर्नाटक (145 km): एक शांत और ऐतिहासिक शहर जहाँ समय रुका हुआ लगता है. बीदर किले के फ़ारसी स्टाइल के मेहराबों में घूमें, पुराने मदरसों को देखें, और किले की दीवारों से सूर्यास्त देखते हुए अपना दिन खत्म करें. यह उन लोगों के लिए एकदम सही है जो भीड़ से दूर एक ऐतिहासिक अनुभव चाहते हैं.
    मेडक (100 km): थोड़ी ही ड्राइव पर, शानदार नज़ारे. मेडक कैथेड्रल शानदार और शांत है, खासकर सर्दियों की रोशनी में यह बहुत सुंदर लगता है. इसके साथ एक आरामदायक दिन की यात्रा, लोकल खाने के ऑप्शन और शांत ग्रामीण माहौल का मज़ा लें.
    नागार्जुन सागर (165 km): खुला पानी, पथरीला इलाका और सुहावना सर्दियों का आसमान. विशाल बांध, नागार्जुनकोंडा तक नाव की सवारी, और जलाशय के किनारे शांत शामें इसे शहर की भागदौड़ से एक आसान और ताज़ा करने वाला ब्रेक बनाती हैं.
    श्रीशैलम (215 km): घने नल्लामाला जंगलों में बसा एक आध्यात्मिक ठिकाना.
    मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें, कृष्णा नदी के नज़ारों का आनंद लें, और सुंदर घाट सड़कों का मज़ा लें जो यात्रा को मंज़िल जितना ही मज़ेदार बनाती हैं.
    कुरनूल (210 km): इतिहास पसंद करने वालों और गुफाओं को खोजने वालों के लिए. भारत की सबसे लंबी गुफा प्रणालियों में से एक बेलम गुफाओं को देखें, और मनोरम दृश्यों के लिए कोंडारेड्डी किले में जाएं. यह रोमांच, विरासत और शांतिपूर्ण खोज का एक अनोखा संगम है.
  • बजट फ्रेंडली एडवेंचर: हनुवंतिया टापू पर टेंट सिटी और वॉटर स्पोर्ट्स का अनुभव

    बजट फ्रेंडली एडवेंचर: हनुवंतिया टापू पर टेंट सिटी और वॉटर स्पोर्ट्स का अनुभव




    नई दिल्ली।
    यदि आप गोवा या मालदीव जैसी खूबसूरत छुट्टियों का सपना देख रहे हैं, लेकिन बजट या समय की कमी है, तो मध्यप्रदेश का हनुवंतिया टापू आपके लिए परफेक्ट विकल्प है। इंदिरा सागर बांध के विशाल जलाशय पर बसा यह ‘मिनी गोवा’ कम खर्च में समुद्र जैसी खूबसूरती, एडवेंचर और सुकून दोनों का अनुभव देता है। खासकर ठंड के मौसम में यहां का दृश्य और गतिविधियां पर्यटकों को बीच वेकेशन जैसा अहसास कराती हैं।

    हनुवंतिया टापू: एडवेंचर और प्रकृति का संगम
    हनुवंतिया टापू, जो खंडवा जिले में स्थित है, एडवेंचर प्रेमियों और नेचर लवर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं। यहां वॉटर स्पोर्ट्स हब तैयार किया गया है, जहां पर्यटक क्रूज राइड, स्पीड बोट, जेट स्की, बनाना राइड और वॉटर सर्फिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।

    शांति पसंद करने वालों के लिए झील में बोटिंग का अनुभव किसी जादू से कम नहीं।

    इसके अलावा पैरासेलिंग और पैरामोटरिंग जैसी गतिविधियां टापू और आसपास फैले जलाशय का हवाई नजारा देती हैं। अगर आप एडवेंचर का और मज़ा लेना चाहते हैं तो ATV राइड (क्वाड बाइकिंग) और क्लब हाउस में मौजूद गेम्स आपकी यात्रा को और रोमांचक बना देंगे।

    प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं तो पास के बोरियानल टापू की सैर कर सकते हैं। यहां जंगल ट्रेकिंग और वाइल्डलाइफ का अनुभव मिलता है, जो नेचर लवर्स के लिए खास है।

    कैसे पहुंचे
    हनुवंतिया टापू तक पहुंचना बेहद आसान है:
    एयरपोर्ट: नज़दीकी एयरपोर्ट इंदौर, 150 किमी दूर। टैक्सी या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
    रेलवे: खंडवा स्टेशन सबसे नज़दीक, वहां से 50 किमी की दूरी तय करनी होती है।

    सड़क मार्ग: इंदौर, खंडवा और मुंदी होते हुए टापू तक यात्रा करना बेहद सुखद और खूबसूरत दृश्य अनुभव देता है।

    अनुमानित बजट
    अकेले यात्रा और बेसिक स्टे (2 दिन): ₹3,000–5,000
    कपल या परिवार सहित एडवेंचर: ₹8,000–12,000
    वॉटर स्पोर्ट्स: ₹300 से शुरू
    पैरासेलिंग और पैरामोटरिंग: ₹2,000 या अधिक

    रुकने की जगहें
    MPT हनुवंतिया रिजॉर्ट: झील के किनारे शानदार नजारे
    बजट विकल्प: मुंदी और खंडवा में गेस्ट हाउस और होटल्स
    टेंट सिटी: जल महोत्सव के दौरान लग्जरी कैंपिंग का अहसास

    खाना-पानी
    स्थानीय व्यंजन: मालवी थाली, दाल-बाफले, चूरमा, लड्डू
    नाश्ता: पोहा-जलेबी
    सर्दियों में: गरमा-गरम रतालू और भुट्टे का कीस

    गाइड और सुरक्षा
    स्थानीय गाइड आसानी से उपलब्ध; MPT रिजॉर्ट और टूरिज्म काउंटर से बुक करें
    जल महोत्सव में लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य
    ऑनलाइन बुकिंग पहले से कर लें और मोबाइल नेटवर्क की स्थिति जान लें

    क्यों है हनुवंतिया टापू पर जाना जरूरी?
    हनुवंतिया टापू आपकी बजट फ्रेंडली छुट्टियों की जरूरतों को पूरा करता है। चाहे आप एडवेंचर पसंद करते हों या सुकून, यहाँ की झील, टेंट सिटी, वॉटर स्पोर्ट्स और नेचर ट्रेकिंग सभी तरह के पर्यटकों को संतुष्ट करते हैं।

    इसे मिनी गोवा कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि यहां का अनुभव गोवा जैसी छुट्टी का अहसास देता है, लेकिन खर्च कम और सुविधाएं आपके बजट में आसान हैं।

    हनुवंतिया टापू की यात्रा न केवल रोमांचक है, बल्कि यह प्रकृति के करीब समय बिताने का भी मौका देती है। अगर आप इस सर्दियों में कम खर्च में शानदार एडवेंचर और नेचर का संगम अनुभव करना चाहते हैं, तो हनुवंतिया टापू आपका बेस्ट चॉइस है।

  • Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

    Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

    Beauty Tips: खूबसूरत दिखना हर किसी की चाहत होती है और यह ख्वाइश पूरी हो इसके लिए हम हर तरह के प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेना शुरू कर देते हैं. खूबसूरत दिखना जरूरी है लेकिन हमारे लिए बार-बार पार्लर जाना और तरह-तरह के प्रोडक्ट्स पर बार-बार पैसे खर्च कर पाना भी हमारे लिए संभव नहीं है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्लर में जिन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है वे हमारी स्किन को फायदा तो नहीं बल्कि उल्टा नुकसान ही पंहुचा देते हैं. ऐसे में आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए है जो बिना ज्यादा पैसे खर्च किये और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये अपने चेहरे को नेचुरल तरीके से ग्लोइंग और निखरा हुआ बनाना चाहते हैं. आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनके रेगुलर इस्तेमाल से आपको घर पर ही पार्लर जैसी नेचुरल ग्लो आसानी से मिल सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.

    चेहरे पर नेचुरल ग्लो के लिए हल्दी
    अगर आप अपनी स्किन को घर पर ही ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हल्दी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो पिंपल्स को कम करने में और स्किन को अंदर से साफ रखने में काफी मदद करते हैं. इसके लिए आपको एक चुटकी हल्दी में थोड़ा सा बेसन और दूध मिलाकर एक फेस पैक तैयार कर लेना होगा. इस फेस पैक को अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर साधारण पानी से ही धो लें. जब आप चेहरे को धोते हैं तो आपके चेहरे पर इंस्टैंटली एक निखार देखने को मिलता है जिसे आप खुद भी महसूस कर पाएंगे.

    स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने के लिए शहद
    एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो शहद हमारी स्किन के लिए किसी मॉइस्चराइजर से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन में मॉइस्चर बरकरार रहती है और साथ ही वह सॉफ्ट भी बनी रहती है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है. इसके लिए आपको रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर शहद की पतली सी लेयर लगा लेनी है और करीबन 15 मिनट बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लेना है. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपको फर्क दिखने लगेगा.

    टैन और डलनेस हटाने के लिए दही
    अगर आपका चेहरा टैन हो गया है या फिर आपकी स्किन डल लगने लगी है तो आपको आज से ही दही का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. दही में भरपूर मात्रा में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो आपकी स्किन को अंदर से साफ करने में मदद करता है और टैनिंग को भी कम करता है. इसके लिए आपको एक चम्मच दही में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसे अपने चेहरे पर लगा लेना है. इसे करीबन 20 मिनट अपने चेहरे पर लगा हुआ रहने दें और बाद में पानी से धो लें. यह छोटा सा नुस्खा आपके चेहरे को फ्रेश और ब्राइट बनता है.

    रिंकल्स और दाग-धब्बे कम करने के लिए एलोवेरा
    आपकी स्किन के लिए एलोवेरा जेल किसी चमत्कार से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन को ठंडक मिलती है और साथ ही उसे रिपेयर होना का मौका भी मिलता है. आपको हर रात अपने चेहरे पर थोड़ा सा एलोवेरा जेल लगा लेना है और हल्के हाथों से मसाज करना है. जब आप रेगुलर बेसिस पर इस उपाय को करते हैं तो आपके चेहरे पर मौजूद फाइन लाइन्स ,रिंकल्स और दाग-धब्बे कम होने लग जाते हैं.

    इंस्टेंट फ्रेशनेस के लिए गुलाब जल
    गुलाब जल का इस्तेमाल लंबे समय से चेहरे को खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता रहा है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन टोन बेहतर होती है और वह फ्रेश भी लगने लगता है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है, आपको सिर्फ एक कॉटन बॉल की मदद से इसे अपने चेहरे पर अच्छे से लगा लेना है. जब आप इसका रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपकी स्किन टाइट होती है और साथ ही चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो भी आता है.

  • गोवा जैसा मजा, पर खर्च आधा! टापू पर टेंट सिटी में बिताएं सुकून भरी छुट्टियां; रुकने से लेकर, खाने तक… जानें ट्रिप का पूरा बजट

    गोवा जैसा मजा, पर खर्च आधा! टापू पर टेंट सिटी में बिताएं सुकून भरी छुट्टियां; रुकने से लेकर, खाने तक… जानें ट्रिप का पूरा बजट

    नई दिल्ली। गोवा या मालदीव जाने का सपना तो है, लेकिन बजट या वक्त आड़े आ रहा है? अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है. मध्यप्रदेश का यह खुबसूरत टापू उन लोगों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है, जो कम खर्च में समुद्र जैसा नजारा और गोवा स्टाइल में एडवेंचर एक्टिविटीज का मजा लेना चाहते हैं. ठंड के मौसम में पानी के बीच बसा यह पर्यटन स्थल रोमांच, सुकून और मस्ती का ऐसा अनुभव देता है, जो पर्यटकों को बिना समुद्र देखे भी बीच वेकेशन का एहसास कराता है.
    मध्य प्रदेश का ‘मिनी गोवा’
    मध्यप्रदेश का ‘स्विट्जरलैंड’ या ‘मिनी गोवा’ के नाम से मशहूर हनुवंतिया टापू प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है. यह इंदिरा सागर बांध के विशाल जलाशय (Back water) पर बना एक अद्भुत पर्यटन स्थल है, जो पर्यटको को रोमांच, सुकून और मस्ती का अनोखा अनुभव देता है. फिलहाल यहां जल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो मार्च 2026 तक चलेगा. जल महोत्सव के दौरान यहां झील के किनारे भव्य टेंट सिटी बसाई जाती है, जो पूरे आयोजन में चार चांद लगा देती है.
    हनुवंतिया में क्या-क्या कर सकते हैं
    हनुवंतिया एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां पर्यटकों को पानी, हवा और जमीन तीनों तरह के रोमांच का अनुभव एक ही जगह मिलता है. हनुवंतिया को वॉटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है. यहां क्रुज राइड, स्पीड बोट, जेट स्की, बनाना राइड और वॉटर सर्फिग जैसी रोमांचक गतिविधियां उपलब्ध हैं. वहीं शांति पसंद करने वालों के लिए विशाल झील में बोटिंग किसी जादुई अनुभव से कम नहीं है.
    लैंड एक्टिविटीज
    एडवेंचर को नई ऊंचाई देने के लिए यहां पैरामोटरिंग और पैरासेलिंग की सुविधा भी मिलेगी. आसमान से टापू और आसपास फैले जलाशय का नजारा पर्यटर कों को खासा रोमांचित करता है. जो पर्यटक पानी से दूरी बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी यहां भरपूर मनोरंजन है. ATV राइड यानी क्वाड बाइकिंग और क्लब हाउस में मौजूद विभिन्न गेम्स पर्यटकों को खूब लुभाते हैं.
    बोरियानल टापू की सैर
    बोट के जरिए पर्यटक पास स्थित बोरियानल टापू भी जा सकते हैं. यहां जंगल ट्रेकिंग के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ देखने का मौका मिलता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है.
    हनुवंतिया कैसे पहुंचे
    हनुवंतिया पहुंचना पर्यटकों के लिए बेहद आसान है. अपनी सुविधा और बजट के अनुसार आप हवाई, रेल या सड़क मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं. हनुवंतिया के जाने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर है. एयरपोर्ट से हनुवंतिया की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है, यहां टैक्सी या बस के जरिए आसानी से पहुंंच सकते हैं. वहीं ट्रेन से जाने के लिए आपक खंडवा रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा, यहां से हनुवंतिया करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. स्टेशन से टैक्सी और बस की सुविधा आसानी से मिल जाती है. सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए इंदौर से हनुवंतिया का सफर बेहद सुहावना है. खंडवा या मुंदी होते हुए जाने वाला रास्ता प्राकृतिक द्दश्यों से भरपूर है, जो यात्रा को यादगार बना देता है.
    अनुमानित बजट
    हनुवंतिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर तरह के पर्यटकों के बजट में फिट बैठता है. यहां कम खर्च में भी शानदार ट्रैवल एक्सपीरियंस लिया जा सकता है. अगर आप अकेले यात्रा कर रहे हैं और बेसिट स्टे का विकल्प चुनते हैं, तो दो दिनों की ट्रिप लगभग 3000 से 5000 रुपए में आसानी से पूरी हो सकती है. कपल्स या परिवार के साथ यात्रा करने पर स्टे और एडवेचर एक्टिविटीज सहित खर्च करीब 8000 से 12000 रुपए तक आ सकता है. हनुवंतिया में वॉटर स्पोर्ट्स की शुरुआत लगभग 300 रुपए से होती है, जबकि पैरासेलिंग और पैरामोटरिंग जैसी एडवेचर एक्टिविटीज के लिए शुल्क 2000 या उससे ज्यादा लिया जाता है.
    कहां रुकें ?
    मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा संचालित MPT हनुवंतिया रिजॉर्ट यहां रुकने का सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यहां से झील का सीधा और बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है, जो ठहरने के अनुभव को और खास बना देता है. अगर आप सर्दियों के मौसम में आयोजित होने वाले जल महोत्सव के दौरान हनुवंतिया पहुंचते हैं, तो यहां की आलीशान टेंट सिटी में ठहरना एक यादगार अनुभव हो सकता है. यह टेंट सिटी पर्टटकों को लग्जरी कैंपिंग का अनोखा एहसास कराती है. कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए हनुवंतिया के आसपास मुंदी और खंडवा में कई सस्ते गेस्ट हाउस और बजट होटल्स भी उपलब्ध हैं.

  • हल्दी वाले दूध से मिलते हैं 5 जबरदस्त फायदे, दर्द से लेकर नींद तक सब होगा बेहतर

    हल्दी वाले दूध से मिलते हैं 5 जबरदस्त फायदे, दर्द से लेकर नींद तक सब होगा बेहतर


    नई दिल्ली । हल्दी वाला दूध, जिसे हम अक्सर घरेलू नुस्खों में सुनते हैं, सर्दियों के मौसम में खासकर एक बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक उपाय साबित हो सकता है। हालांकि कई लोग इस दूध का स्वाद पसंद नहीं करते, लेकिन इसके अद्भुत फायदों को जानने के बाद शायद ही कोई इसे छोड़ने का सोचें। सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध आपके शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें इसके पांच मुख्य फायदे:

    जोड़ों और घुटनों के दर्द में राहत

    सर्दी के मौसम में जोड़ों और घुटनों में दर्द और अकड़न आम समस्या बन जाती है। हल्दी में मौजूद सूजन कम करने वाले गुण शरीर के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। रोज रात को हल्दी वाला दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं और पुराने दर्द से राहत मिलती है। अगर आपको जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो हल्दी वाला दूध एक प्रभावी घरेलू इलाज साबित हो सकता है।

    सर्दी-जुकाम से बचाव में असरदार

    मौसम बदलने पर सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। हल्दी वाला दूध शरीर को अंदर से गर्म रखता है और खांसी और जुकाम के लक्षणों से बचाव में मदद करता है। हल्दी के जीवाणुरोधी गुण गले की खराश और सीने की जकड़न को दूर करने में सहायक होते हैं, जिससे राहत मिलती है। अगर आप सर्दी-जुकाम से बचना चाहते हैं, तो हल्दी वाला दूध पिएं।

    अच्छी और गहरी नींद के लिए फायदेमंद

    अगर आपको रात में नींद न आने की समस्या है, तो हल्दी वाला दूध एक कारगर उपाय हो सकता है। हल्दी और दूध दोनों ही दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं, जिससे तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इससे आपकी नींद गहरी होती है और आप ताजगी महसूस करते हैं।

    त्वचा में लाता है प्राकृतिक चमक

    हल्दी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह शरीर को अंदर से साफ करती है, खून को शुद्ध करती है, जिससे पिंपल्स और मुंहासों की समस्या कम होती है। हल्दी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और जीवाणुरोधी गुण त्वचा को निखारने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा साफ, चमकदार और सुंदर दिखने लगती है।

    पाचन रहेगा दुरुस्त

    तला-भुना और भारी भोजन पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है। हल्दी वाला दूध पेट की गैस, अपच और जलन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है, जिससे वजन बढ़ने की चिंता कम हो जाती है। यदि आप पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, तो हल्दी वाला दूध आपके लिए एक प्राकृतिक उपाय हो सकता हैअगर आप सर्दियों में खुद को फिट और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो रोज रात सोने से पहले हल्दी वाले दूध की आदत डालें। यह न सिर्फ आपके शरीर को स्वस्थ रखेगा, बल्कि आपकी त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा। हल्दी वाला दूध एक बहुत ही सरल और प्रभावी तरीका है जो लंबे समय तक आपकी सेहत को बनाए रखने में मदद करेगा

  • सावधान क्या आपका पार्टनर कर रहा है 'फ्यूचर फेकिंग'? ऐसे पहचानें रिश्ते का ये बड़ा खतरा

    सावधान क्या आपका पार्टनर कर रहा है 'फ्यूचर फेकिंग'? ऐसे पहचानें रिश्ते का ये बड़ा खतरा


    नई दिल्ली । किसी रिश्ते में भविष्य की योजनाएं बनाना और आने वाले समय के बारे में बात करना सामान्य और सकारात्मक माना जाता है। यह न केवल रिश्ते को मजबूत करता है बल्कि एक-दूसरे के साथ आने वाले समय की उम्मीदों को भी साझा करता है। हालांकि जब यही बातें सिर्फ आपको रिश्ते में बनाए रखने के लिए की जाती हैं और उन्हें सच करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं होता, तो यह रिश्ते के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है। यही है ‘फ्यूचर फेकिंग एक ऐसी मानसिक चाल, जिसमें पार्टनर आपके साथ भविष्य के शानदार सपने दिखाता है लेकिन उन्हें साकार करने की कोई वास्तविक कोशिश नहीं करता।

    फ्यूचर फेकिंग का मतलब क्या है

    फ्यूचर फेकिंग तब मानी जाती है जब कोई व्यक्ति रिश्ते में आपको शादी साथ रहने घर खरीदने बच्चों या अन्य बड़े सपनों की बातें तो करता है लेकिन उन पर अमल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाता। असल में इसका मकसद सिर्फ यह होता है कि आप रिश्ते में भावनात्मक रूप से जुड़े रहें, जबकि सामने वाला कोई वास्तविक जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होता। इस प्रकार का व्यवहार अक्सर उन लोगों में देखने को मिलता है जो बिना किसी जिम्मेदारी को स्वीकार किए सिर्फ प्यार, समय, या ध्यान चाहते हैं।

    फ्यूचर फेकिंग के संकेत

    अत्यधिक वादे, बिना किसी ठोस योजना के यदि रिश्ते की शुरुआत में ही बहुत बड़े वादे किए जाएं, और दोनों के बीच एक-दूसरे को ठीक से जानने का समय भी न हो, तो यह एक खतरे का संकेत हो सकता है।

    बड़ी योजनाओं में कार्रवाई का अभाव

    यदि आपका पार्टनर भविष्य में किसी चीज को लेकर बहुत उत्साहित है, लेकिन उसके काम और उसके शब्दों में स्पष्ट अंतर हो, तो यह ध्यान देने वाली बात है। बड़े सपने दिखाए जाते हैं, लेकिन छोटे वादे भी पूरे नहीं होते।

    समस्याओं से बचने के लिए भविष्य के सपने दिखाना

    कई बार फ्यूचर फेकिंग का इस्तेमाल वर्तमान की समस्याओं से बचने के लिए किया जाता है। जैसे ही आप किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं, पार्टनर भविष्य का कोई सुनहरा सपना दिखाकर बात को टाल देता है।

    प्लान असंगत और अस्पष्ट

    ऐसे लोग अक्सर योजना बनाने के बजाय बस बातों में लिपटे रहते हैं। उनके पास कोई तारीख, तरीका या ठोस कदम तय नहीं होता। उनका फोकस आपको खुश रखने पर होता है, न कि वास्तविक कार्यवाही पर।

    आर्थिक फायदे के लिए भविष्य का लालच देना

    कभी-कभी पार्टनर भविष्य की योजनाओं का लालच देकर वर्तमान में अपनी जरूरतें पूरी करता है। उदाहरण के लिए, वह आपके पैसों या अन्य संसाधनों का लाभ उठाने के लिए आपको झूठे सपने दिखा सकता है।

    कैसे पहचानें कि आपका पार्टनर फ्यूचर फेकिंग कर रहा है

    अत्यधिक वादों और भविष्य के बड़े सपनों के बारे में बात करना रिश्ते के प्रारंभ में अगर आपका पार्टनर बहुत बड़ी बड़ी बातें करता है जैसे हम शादी करेंगे हम विदेश जाएंगे हम एक शानदार घर बनाएंगे लेकिन जब उन वादों को पूरा करने की बात आती है तो वह टालमटोल करता है तो यह बड़ा संकेत हो सकता है।

    पार्टी में शामिल न होना

    ऐसे लोग जो सिर्फ भविष्य की बातें करते हैं वे आमतौर पर किसी भी असल योजना या कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेते। यह तब और भी ज्यादा स्पष्ट होता है जब वे छोटी से छोटी जिम्मेदारी भी लेने से कतराते हैं।

    सवालों का बचाव या चिढ़ना

    जब आप उनसे भविष्य के बारे में व्यावहारिक सवाल पूछते हैं और उनका रिएक्शन बचावात्मक होता है या वे गुस्से में आकर बात को टालते हैं तो यह एक संकेत हो सकता है कि वे इस पर अमल करने के लिए तैयार नहीं हैं।

    वादों का बार-बार टूटना

    अगर पार्टनर बार-बार वादे करता है, लेकिन उसे निभाता नहीं है तो यह एक पैटर्न बन चुका है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हर बार एक नया वादा करना और फिर उसे तोड़ना यह एक स्पष्ट संकेत है कि फ्यूचर फेकिंग हो रही है।

    खुद को इससे कैसे सुरक्षित रखें

    जल्दबाजी में विश्वास न करें किसी पर भरोसा करने से पहले समय लें और देखें कि वह अपने कहे पर कितना कायम रहता है। रिश्ते में ठोस कदम उठाए बिना किसी पर पूरी तरह से विश्वास करना एक बड़ी गलती हो सकती है।

    व्यावहारिक सवाल पूछें

    जब कोई बड़ा वादा किया जाए, तो उससे जुड़े व्यावहारिक सवाल पूछें। जैसे इसके लिए तुम क्या कदम उठाओगे तुमने इस पर क्या काम किया है अगर वह सवालों से बचने की कोशिश करता है या गुस्से में आता है तो यह संकेत हो सकता है कि कुछ गलत है।

    पैटर्न को पहचानें

    यदि वादे बार-बार टूट रहे हैं और भविष्य की योजनाएं बिना किसी ठोस आधार के बनती जा रही हैं तो इसे गंभीरता से लें। यह एक पैटर्न बन चुका है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

  • आंखों में आंखें डालकर बात करने से डरते हैं? अपनाएं ये आसान ट्रिक्स

    आंखों में आंखें डालकर बात करने से डरते हैं? अपनाएं ये आसान ट्रिक्स


    नई दिल्ली । आप किसी अहम मीटिंग में हो सकते हैं या फिर किसी खास इंसान से बातचीत कर रहे होंगे। कहने को आपके पास ढेर सारी बातें होती हैं, लेकिन जैसे ही सामने वाले की नजर आपकी आंखों से टकराती है, आपका आत्मविश्वास अचानक कमजोर पड़ने लगता है। नजरें भटकने लगती हैं और आपको आसपास की चीजें दिलचस्प लगने लगती हैं। अगर आपने कभी ऐसा महसूस किया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आंखों में आंखें डालकर बात करना सिर्फ बॉडी लैंग्वेज का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह एक प्रभावी तरीका है अपनी बातों को बिना शब्दों के सही तरीके से सामने रखने का। अच्छी बात यह है कि इस स्किल को थोड़ी-सी प्रैक्टिस से बेहतर किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं कि इसको सही से कैसे किया जाए

    ट्रायंगल ट्रिक अपनाएं

    अगर सीधे आंखों में देखना आपको असहज करता है, तो आप सामने वाले के चेहरे पर एक काल्पनिक त्रिकोण ट्रायंगल बना सकते हैं। इस ट्रिक में आप कभी एक आंख कभी दूसरी आंख और फिर नाक या होंठ के पास नजर डाल सकते हैं। इससे सामने वाले को लगेगा कि आप उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं और आपको भी दबाव महसूस नहीं होगा। यह तरीका आपको आई कॉन्टैक्ट बनाए रखने में सहज बनाएगा, खासकर जब आप शुरुआत कर रहे हों।

    50/70 का आसान फॉर्मूला

    आपको हमेशा आंखों में आंखें डालकर बात करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, आप बातचीत के दौरान लगभग आधे समय आंखों में देखें (जब आप बोल रहे हों) और 70% समय जब सामने वाला बोल रहा हो, तो आंखों में आंखें डालें। यह संतुलन एक स्वाभाविक और आत्मविश्वास से भरी बातचीत को जन्म देता है।

    आंखों के रंग पर ध्यान दें

    कभी किसी से पहली मुलाकात हो, तो उनके आंखों का रंग पहचानने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपको कुछ सेकंड के लिए नजर मिलानी पड़ेगी, जो धीरे-धीरे आई कॉन्टैक्ट बनाने की आदत बना सकती है। यह एक आसान तरीका है, जिससे आप आत्मविश्वास से बात करने की दिशा में एक कदम और बढ़ सकते हैं।

    अपनों के साथ अभ्यास करें

    सीधे अजनबियों या इंटरव्यू में खुद को परखने से पहले, दोस्तों, परिवार या करीबी लोगों के साथ प्रैक्टिस करें। जब आप अपने परिचितों के सामने सहज हो जाएंगे, तो बाहर की दुनिया में भी कॉन्फिडेंस अपने आप दिखने लगेगा। यह अभ्यास आपको आत्मविश्वास से भरी बातचीत की आदत डालने में मदद करेगा।

    नजरें हटाना भी है जरूरी

    आई कॉन्टैक्ट का मतलब घूरना नहीं होता। यदि आप महसूस करें कि सामने वाला असहज हो रहा है या आपको खुद को रिलैक्स करने की जरूरत महसूस हो रही है, तो कुछ सेकंड के लिए अपनी नजरें हटा लें और फिर दोबारा सामने देखें। यह छोटा सा ब्रेक आपको कूल रहने में मदद करेगा और बातचीत को और स्वाभाविक बनाएगा। आंखों में आंखें डालकर बात करना आपकी बॉडी लैंग्वेज को और भी प्रभावशाली बना सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है थोड़ी सी प्रैक्टिस। अपनी बातचीत में इन ट्रिक्स को धीरे-धीरे अपनाएं और देखिए कैसे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। याद रखें, यह आदत समय ले सकती है, लेकिन अगर आप रोज़मर्रा की बातचीत में इन छोटी-छोटी आदतों को शामिल करेंगे, तो आपकी आंखें आपकी बातों से कहीं ज्यादा असरदार साबित होंगी।

  • Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    नई दिल्ली। Makar Sankranti 2026 Places to Visit: सूर्य के उत्तरायण होते ही उत्सवों का मौसम शुरू हो जाता है। शुरुआत मकर संक्रांति के पावन पर्व से होती है जो 14 या 15 जनवरी 2026 को ंमनाई जाएगी। मकर संक्रांति पूरे देश में मनाई जाती है, लेकिन अलग-अलग नामों और तरीकों से। मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर और शीत से ऊर्जा की ओर बढ़ने का समय है।

    यह वही दिन है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और दक्षिणायन से उत्तरायण की यात्रा शुरू होती है। भारतीय परंपरा में इसे अत्यंत शुभ माना गया है। खेतों में नई फसल की खुशी, घरों में तिल-गुड़ की मिठास और आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें, मकर संक्रांति हर रूप में उल्लास रचती है।

    लेकिन यह पर्व पूरे भारत में एक जैसा नहीं मनाया जाता। हर क्षेत्र इसे अपने रंग, नाम और संस्कार के साथ जीता है। आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में, जहां मकर संक्रांति की धूम देखते ही बनती है।

    गुजरात
    गुजरात में मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, बल्कि जन-उत्सव है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में अंतर्राष्ट्रीय पतंग फेस्टिवल का आयोजन होता है। छतों पर लोग “काई पो चे” के नारों के साथ पतंगबाजी करते हैं। ऊंधियू, जलेबी और चिक्की यहां की पहचान हैं। रात में टुक्कल (लैंप पतंग) आसमान को जादुई बना देते हैं।

    प्रयागराज
    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम में आस्था की डुबकी लगाकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। यूपी में मकर संक्रांति का अर्थ है पवित्र स्नान। प्रयागराज के संगम पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाते हैं। दान-पुण्य, खिचड़ी, तिल और वस्त्र दान का विशेष महत्व है। यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    तमिलनाडु
    तमिलनाडु में पोंगल के रूप में चार दिन का उत्सव मनाया जाता है। दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल कहा जाता है। यह चार दिन तक चलने वाला पर्व है, भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और कानुम पोंगल। नई फसल से बना मीठा पोंगल, गाय-बैलों की पूजा और घरों के सामने रंगोली, यह त्योहार किसानों के सम्मान का उत्सव है।

    राजस्थान
    यहां पतंगबाजी और लोक-संस्कृति का संगम है। जयपुर और अन्य शहरों में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी प्रतियोगिताएं, लोकगीत और पारंपरिक व्यंजन त्योहार को खास बना देते हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं।

    महाराष्ट्र
    महाराष्ट्र में मकर संक्रांति सामाजिक सौहार्द का पर्व है। लोग एक-दूसरे को तिलगुल देकर कहते हैं, “तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला।” यह संदेश है कि जैसे तिल और गुड़ मिलकर मिठास देते हैं, वैसे ही जीवन में भी कटुता छोड़कर मधुरता अपनाई जाए।