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  • सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं

    सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं


    नई दिल्ली । सर्दी का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत महसूस होती है। ऐसे में बाजार की मिलावटी मिठाइयों की जगह यदि घर पर बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन खाएं जाएं तो यह न केवल स्वाद में चार चांद लगाते हैं बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं। मूंग दाल के लड्डू ऐसे ही एक बेहतरीन विकल्प हैं जो सर्दियों में शरीर को ‘फौलादी ताकत’ देने में मदद करते हैं। मूंग दाल न केवल प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है बल्कि यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है।
    मूंग दाल के लड्डू का स्वाद और पोषण दोनों का संयोजन होता है और यह खासकर सर्दियों के मौसम के लिए उपयुक्त है। जब इसे देसी घी और सूखे मेवों के साथ तैयार किया जाता है तो इसका न्यूट्रिशनल वैल्यू कई गुना बढ़ जाता है। इस व्यंजन में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।

    मूंग दाल के लड्डू बनाने की विधि

    मूंग दाल के लड्डू के विभिन्न तरीके होते हैं लेकिन भिगोई हुई धुली मूंग दाल से बने लड्डू काफी दानेदार और स्वादिष्ट होते हैं। इस व्यंजन को बनाने की विधि निम्नलिखित है

    आवश्यक सामग्री

    200 ग्राम धुली मूंग दाल,1.5 कप बूरा या कच्ची खांड मिठास के लिए ,1 कप शुद्ध देसी घी फैट के लिए ,50-60 ग्राम बादाम,1/4 कप काजू,पिस्ता सजावट के लिए ,8-10 हरी इलायची

    बनाने की विधि

    सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर 3-4 घंटे के लिए भिगोने के लिए रख दें।दाल का पानी अच्छे से छानकर उसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। बादाम का भी पाउडर बना लें और काजू को छोटे टुकड़ों में काट लें।अब एक कढ़ाई में शुद्ध देसी घी गरम करें और उसमें भिगोई हुई मूंग दाल को डालकर अच्छे से भूनें।जब दाल हल्की सुनहरी हो जाए तब उसमें बूरा या खांड डालकर अच्छे से मिला लें।फिर काजू और बादाम के पाउडर को डालकर सभी सामग्री को एकसाथ भूनते रहें।अंत में हरी इलायची का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो लड्डू बना लें और पिस्ता से सजाकर सर्व करें।

    इन लड्डू को बनाना बेहद आसान है और यह सर्दियों में शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। मूंग दाल के लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि मिठास के कारण इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि कैलोरी का अधिक सेवन न हो।

    फायदे और विशेषताएं
    मूंग दाल के लड्डू में प्रोटीन फाइबर और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। यह इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं और शरीर को सर्दियों में आवश्यक गर्मी और ऊर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होते हैं। सर्दी के मौसम में इस प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि इनका स्वाद भी अविस्मरणीय होता है। इसलिए अगली बार जब आपको मीठे खाने का मन हो तो बाजार की मिठाइयों के बजाय घर पर बने मूंग दाल के लड्डू जरूर ट्राई करें।

  • स्मार्ट वेलनेस रूटीन: सुबह की हल्की एक्सरसाइज और मेडिटेशन से जीवन में संतुलन

    स्मार्ट वेलनेस रूटीन: सुबह की हल्की एक्सरसाइज और मेडिटेशन से जीवन में संतुलन

    Smart wellness
    नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार और भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बढ़ते काम का दबावस्क्रीन टाइम और अनियमित दिनचर्या लोगों को तनावथकान और बीमारियों की ओर धकेल रही है। ऐसे में विशेषज्ञ स्मार्ट वेलनेस रूटीन अपनाने की सलाह दे रहे हैंजिसमें सुबह की हल्की एक्सरसाइजमेडिटेशन और हेल्दी नाश्ता को प्राथमिकता दी जाती है।

    विशेषज्ञों के अनुसारसुबह की शुरुआत अगर हल्की एक्सरसाइज से की जाए तो इसका असर पूरे दिन दिखाई देता है। स्ट्रेचिंगवॉकयोग या हल्की फ्री-हैंड एक्सरसाइज मांसपेशियों को सक्रिय बनाती है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करती है। इससे न केवल शरीर में फुर्ती आती हैबल्कि दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और थकान की समस्या कम होती है। नियमित रूप से की गई हल्की एक्सरसाइज दिल की सेहतवजन नियंत्रण और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाती है।शारीरिक लाभों के साथ-साथ हल्की एक्सरसाइज मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और मूड को बेहतर बनाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह की ताजी हवा में की गई वॉक या योग दिमाग को शांत करता है और दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखने में सहायक होता है।

    स्मार्ट वेलनेस रूटीन का दूसरा अहम हिस्सा मेडिटेशन है। रोजाना 10 से 15 मिनट का ध्यान मन को स्थिरता और शांति प्रदान करता है। मेडिटेशन से न केवल मानसिक तनाव कम होता हैबल्कि एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ध्यान करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और भावनात्मक संतुलन बना रहता है।हेल्दी नाश्ता भी स्मार्ट वेलनेस रूटीन की बुनियाद है। सुबह का नाश्ता शरीर को दिनभर की ऊर्जा देता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसारनाश्ते में प्रोटीनफाइबर और विटामिन का संतुलन होना चाहिए। अंडादलियाओट्सफलनट्स या स्मूदी जैसे विकल्प शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखते हैं और बार-बार भूख लगने से बचाते हैं।

    इसके साथ ही आज के डिजिटल युग में तकनीक का संतुलित इस्तेमाल भी जरूरी है। मोबाइललैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य और नींद को प्रभावित कर सकता है। स्मार्ट वेलनेस रूटीन में डिजिटल डिटॉक्स और स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट को शामिल करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि वेलनेस के लिए बड़े और कठिन बदलाव जरूरी नहीं हैं। रोज सुबह 10 मिनट वॉक10 मिनट मेडिटेशन और एक संतुलित नाश्ता जैसे छोटे कदम भी जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यह रूटीन न केवल शरीर को स्वस्थ रखता हैबल्कि मन को भी शांत और संतुलित बनाता है।

  • माइक्रो स्पेस लिविंग का बढ़ता क्रेज: छोटे घरों में स्मार्ट डिजाइन और स्टाइलिश जीवन का नया दौर

    माइक्रो स्पेस लिविंग का बढ़ता क्रेज: छोटे घरों में स्मार्ट डिजाइन और स्टाइलिश जीवन का नया दौर


    नई दिल्ली । तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सीमित जगह के कारण बड़े घरों का सपना अब हर किसी के लिए संभव नहीं रह गया है। महानगरों में बढ़ती जनसंख्या और महंगे रियल एस्टेट के बीच छोटे घरों यानी माइक्रो स्पेस लिविंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रो स्पेस लिविंग केवल मजबूरी नहीं बल्कि स्मार्ट और स्टाइलिश जीवनशैली का नया विकल्प बन चुका है।

    माइक्रो स्पेस लिविंग का मूल विचार है-कम जगह में अधिक सुविधा और आराम। छोटे घरों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि हर कोना उपयोगी बने। मल्टीफंक्शनल फर्नीचर इस ट्रेंड की सबसे बड़ी खासियत है। सोफा-बेड फोल्डिंग डाइनिंग टेबल वॉल-माउंटेड डेस्क और स्टोरेज-बेड जैसी चीजें न केवल जगह बचाती हैं बल्कि घर को व्यवस्थित और आधुनिक लुक भी देती हैं।मिनिमल डेकोर माइक्रो स्पेस लिविंग का अहम हिस्सा बन गया है। भारी फर्नीचर और ज्यादा सजावट की जगह हल्के रंग सिंपल डिजाइन और कम लेकिन उपयोगी चीजों को प्राथमिकता दी जा रही है। हल्के रंगों की दीवारें और बड़ी खिड़कियां घर को खुला और बड़ा महसूस कराती हैं। सही लाइटिंग खासकर नेचुरल और स्मार्ट लाइट्स छोटे घरों को आरामदायक और आकर्षक बनाती हैं।

    स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी ने माइक्रो स्पेस लिविंग को और आसान बना दिया है। स्मार्ट लाइटिंग ऑटोमेटेड क्लाइमेट कंट्रोल वॉइस-एक्टिवेटेड डिवाइस और स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम छोटे घरों में ज्यादा सुविधा प्रदान करते हैं। ये तकनीकें न केवल समय और ऊर्जा की बचत करती हैं बल्कि घर को भविष्य-अनुकूल भी बनाती हैं।छोटे घरों में काम और आराम के बीच संतुलन बनाना भी एक चुनौती होती है जिसे स्मार्ट डिजाइन के जरिए हल किया जा रहा है। मल्टीफंक्शनल वर्क डेस्क फोल्डिंग कुर्सियां और छुपा हुआ स्टोरेज कम जगह में होम ऑफिस और रिलैक्सेशन दोनों के लिए जगह तैयार करते हैं। इससे वर्क-फ्रॉम-होम करने वालों को भी सुविधा मिलती है।

    माइक्रो स्पेस लिविंग का एक बड़ा फायदा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली है। छोटे घरों में बिजली पानी और संसाधनों की खपत कम होती है जिससे यह ट्रेंड सस्टेनेबल लिविंग को बढ़ावा देता है। कम जगह कम सामान और स्मार्ट उपयोग से कार्बन फुटप्रिंट भी घटता है।युवाओं सिंगल प्रोफेशनल्स और छोटे परिवारों के बीच माइक्रो स्पेस लिविंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्ट डिजाइन तकनीक और सस्टेनेबिलिटी के मेल से छोटे घरों का यह ट्रेंड और मजबूत होगा। माइक्रो स्पेस लिविंग यह साबित कर रहा है कि घर का आकार नहीं बल्कि उसकी समझदारी से की गई प्लानिंग जीवन को बेहतर बनाती है।

  • पेनकिलर को कहें बाय-बाय जानें क्यों फटता है आपका सिर? ये 5 गलतियां हैं जिम्मेदार

    पेनकिलर को कहें बाय-बाय जानें क्यों फटता है आपका सिर? ये 5 गलतियां हैं जिम्मेदार


    नई दिल्ली । आजकल की व्यस्त जीवनशैली में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है जिसे हम अक्सर पेनकिलर लेकर दबा देते हैं। हालांकि बार-बार होने वाला सिरदर्द हमारी रोजमर्रा की आदतों और लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है। यदि हम इसके मूल कारणों को समझें तो दवाओं के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख कारणों के बारे में जिनकी वजह से सिरदर्द हो सकता है।

    ब्रेकफास्ट स्किप करना

    रातभर के अंतराल के बाद शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अगर सुबह का नाश्ता नहीं करते तो ब्लड शुगर का लेवल गिर सकता है जिससे दिमाग की नसों में खिंचाव आ सकता है और परिणामस्वरूप तेज सिरदर्द हो सकता है। खासकर जब शरीर को जरूरी कैलोरी और पोषण नहीं मिल पाता तो इससे सिर में दर्द शुरू हो जाता है। इसलिए सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें!

    लंबे समय तक भूखे रहना

    वजन घटाने के प्रयास या व्रत के कारण अगर आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं तो शरीर में एसिडिटी और गैस बनने लगती है। यह गैस सिर के ऊपर की ओर चढ़कर भारीपन और दर्द का कारण बनती है। हेल्थ स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक भूखा रहने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके हल्का खाना खाना बेहतर होता है जिससे पेट में गैस बनने की संभावना कम हो जाती है और सिरदर्द से भी बचा जा सकता है।

    मानसिक तनाव

    आजकल का जीवन इतना तेज़ और व्यस्त है कि मानसिक तनाव एक सामान्य समस्या बन चुकी है। काम का बढ़ा हुआ बोझ और भविष्य की चिंता मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करती है जिसे ‘टेंशन हेडेक’ कहा जाता है। तनाव की वजह से दिमाग की नसें थक जाती हैं जो धीरे-धीरे गंभीर सिरदर्द का रूप ले सकती हैं। इसे कम करने के लिए नियमित रूप से योग मेडिटेशन या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।

    डिहाइड्रेशन

    शरीर में पानी की कमी होने पर ऊतक सिकुड़ने लगते हैं और नसों पर दबाव बढ़ने लगता है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो सिरदर्द की समस्या और भी बढ़ सकती है। खासकर जब आप झुकते हैं या चलने की कोशिश करते हैं तो यह दबाव सिर में दर्द का कारण बन सकता है। डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और सिरदर्द से बचा जा सके।

    आंखों की थकावट

    लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने या मोबाइल और कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल करने से आंखों में थकावट हो सकती है जो सिर में दर्द का कारण बनती है। अगर आप देर तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं तो आंखों के सामने पिघलते हुए धब्बे या धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो सिरदर्द में बदल जाती हैं। इसके लिए स्क्रीन ब्रेक्स लेना और आंखों को आराम देना महत्वपूर्ण है।

    अगर सिरदर्द की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे पेनकिलर से दबाने की बजाय अपनी आदतों और लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं। नियमित रूप से पानी पीना मानसिक तनाव को कम करना सही समय पर भोजन करना और आंखों को आराम देना आपके सिरदर्द को कम कर सकता है। अगर फिर भी समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • Diabetes में भूलकर भी न खाएं ये 7 चीजें वरना सेहत को होगा भारी नुकसान

    Diabetes में भूलकर भी न खाएं ये 7 चीजें वरना सेहत को होगा भारी नुकसान


    नई दिल्ली । डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। अगर समय रहते खानपान और दिनचर्या पर ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी हार्ट अटैक किडनी फेल्योर आंखों की रोशनी जाने और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती है। डायबिटीज एक गंभीर और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो जाता है।
    अगर समय रहते खानपान और दिनचर्या पर ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी हार्ट अटैक किडनी फेल्योर आंखों की रोशनी जाने और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती हैखासतौर पर कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में जिन्हें डायबिटीज के मरीजों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए।
    चीनी और मीठे पदार्थ
    डायबिटीज मरीजों के लिए सबसे बड़ा खतरा चीनी है। मिठाई केक पेस्ट्री चॉकलेट रसगुल्ला जलेबी और मीठे पेय पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देते हैं। इससे शुगर लेवल अचानक हाई हो सकता है जो जान के लिए खतरा बन सकता है।
    मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
    मैदा से बनी चीजें जैसे सफेद ब्रेड पिज्जा बर्गर नूडल्स और बिस्किट शरीर में जाकर तेजी से शुगर में बदल जाती हैं। इससे इंसुलिन का असर कम हो जाता है और ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर हो सकता है।

    तले-भुने और फास्ट फूड

    समोसा कचौरी फ्रेंच फ्राइज चिप्स और अन्य फास्ट फूड में ट्रांस फैट और कैलोरी अधिक होती है। ये न सिर्फ वजन बढ़ाते हैं बल्कि हार्ट डिजीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ाते हैं।

     मीठे फल और फ्रूट जूस

    आम चीकू केला अंगूर जैसे फलों में नेचुरल शुगर अधिक होती है। वहीं पैकेट वाले फ्रूट जूस में अतिरिक्त शुगर मिलाई जाती है। इनका अधिक सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है।

    शराब का सेवन

    शराब पीने से ब्लड शुगर कभी बहुत ज्यादा तो कभी बहुत कम हो सकता है। इससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है जो अचानक बेहोशी या जान जाने तक का कारण बन सकता है।

     ज्यादा नमक वाली चीजें

    अचार पापड़ नमकीन और प्रोसेस्ड फूड में नमक की मात्रा अधिक होती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है जो डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है।

    मीठे डेयरी प्रोडक्ट्स

    फ्लेवर्ड योगर्ट मीठी लस्सी क्रीम और आइसक्रीम में शुगर और फैट दोनों ज्यादा होते हैं। ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं।

    क्या करें डायबिटीज मरीज

    डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें सलाद कम शुगर वाले फल नियमित व्यायाम और समय पर दवा बेहद जरूरी है। साथ ही नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराते रहें।डायबिटीज में छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। अगर ऊपर बताई गई चीजों से दूरी बनाई जाए और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाई जाए तो इस बीमारी को लंबे समय तक कंट्रोल में रखा जा सकता है।

  • Besan for Skin: चेहरे की हर समस्या का सस्ता और असरदार इलाज है बेसन, पुराने जमाने का नुस्खा जो कभी नहीं होता फेल

    Besan for Skin: चेहरे की हर समस्या का सस्ता और असरदार इलाज है बेसन, पुराने जमाने का नुस्खा जो कभी नहीं होता फेल

    नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन हमेशा ही खूबसूरत, ग्लोइंग और फ्लॉलेस बनी रहे. अपनी इस ख्वाइश को पूरा करने के लिए अक्सर हम महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. कई बार तो ये प्रोडक्ट्स हमारे लिए सही तरीके से काम कर जाते हैं लेकिन कई बार इनके इस्तेमाल से सिर्फ हमारे समय और पैसों की बर्बादी ही होती है. आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए काफी काम की होने वाली है अपनी स्किन को खूबसूरत और फ्लॉलेस बनाना चाहते हैं बिना किसी ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये. आज हम आपको बताने वाले हैं कि आप किस तरह से किचन में मौजूद बेसन का इस्तेमाल करके अपनी स्किन को साफ, सॉफ्ट और ग्लोइंग बना सकते हैं. आपकी स्किन टाइप चाहे कुछ भी हो आप बिना किसी टेंशन के इन तरीकों से बेसन का इस्तेमाल अपने चेहरे पर कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं चेहरे पर बेसन का इस्तेमाल करने के 5 आसान और चमत्कारी तरीके.

    गहराई से सफाई के लिए बेसन और हल्दी
    अगर आप अपनी स्किन को गहराई से साफ करना चाहते हैं तो बेसन और हल्दी से बेहतर आपके लिए कुछ और नहीं हो सकता. इसके लिए आपको एक कटोरे में दो चम्मच बेसन को ले लेना होगा और फिर उसमें थोड़ी सी हल्दी को मिला देना होगा. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करने के लिए आपको कच्चे दूध का इस्तेमाल करना है. जब एक गाढ़ा लेकिन स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. धोते समय हल्के हाथों से चेहरे को रगड़ें. नियमित तौर पर इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन साफ होती है और साथ ही निखरी हुई लगने लगती है. इसके अलावा इसके इस्तेमाल से चेहरे पर मौजूद टैनिंग और दाग-धब्बे भी खत्म हो जाते हैं.
    ड्राई स्किन के लिए बेसन और मलाई
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आपको बेसन और मलाई का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको एक कटोरा लेकर उसमें दो चम्मच बेसन और एक चम्मच मलाई और थोड़ा सा गुलाबजल उसमें दाल देना है. इन सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को तैयार करने के बाद अपने चेहरे पर लगा लें और फिर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. अंत में साधारण पानी से अपने चेहरे को धो लें. इसके इस्तेमाल से आपकी त्वचा को न्यूट्रिशन मिलता है और साथ ड्राइनेस भी दूर होती है.

    ऑयली स्किन के लिए बेसन और नींबू
    ऑयली स्किन वालों को अपने चेहरे पर बेसन और नींबू का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. इसके इस्तेमाल से चेहरा ऑयली नहीं होता और साथ ही पिंपल्स की समस्या भी दूर रहती है. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में आधा नींबू का रस और थोड़ा सा पानी मिलाना है. एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर लगाकर सूखने तक के लिए छोड़ देना है और जब यह अच्छी तरह सूख जाए तो चेहरे को धो लेना है.

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    इंस्टेंट ग्लो के लिए बेसन और दही
    अगर आप अपने चेहरे को मिनटों में ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए बेसन और दही का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. इस पेस्ट को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में एक चम्मच फ्रेश दही को मिक्स करना है. जब स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें. रेगुलर बेसिस पर इसके इस्तेमाल से आपको स्किन सॉफ्ट और नैचुरली ग्लोइंग बनती है.

    टैनिंग हटाने के लिए बेसन और गुलाब जल
    अगर पूरे दिन धूप में रहने की वजह से आपका चेहरा काला पड़ गया है तो आपको बेसन और गुलाबजल का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. टैनिंग से छुटकारा दिलाने वाले इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में जरूरत के अनुसार गुलाबजल मिलाकर एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार करना है. इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगा लें और जब यह सूझ जाए तो धो लें. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपकी टैनिंग की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है.

  • धरती का स्वर्ग गुलमर्ग,बर्फ से ढकी घाटी में पर्यटकों का सैलाब, हर मौसम में सुकून और रोमांच का अनुभव

    धरती का स्वर्ग गुलमर्ग,बर्फ से ढकी घाटी में पर्यटकों का सैलाब, हर मौसम में सुकून और रोमांच का अनुभव


    नई दिल्ली। कश्मीर का गुलमर्ग इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। चाहे बर्फबारी हो या हल्की धूप, यह स्थल हमेशा अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता और रोमांचक गतिविधियों से लोगों का ध्यान खींचता है। गुलमर्ग को अक्सर “धरती का स्वर्ग” और मुगल सम्राट जहांगीर के शब्दों में अगर दुनिया में कहीं जन्नत है, तो यही है कहा जाता है।

    इस समय गुलमर्ग में कोंगडोरी और अफरवत पीक जैसे ऊंचे इलाकों में अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे पर्यटक स्कीइंग, स्लेजिंग, आइस स्केटिंग और स्नोमोबिलिंग जैसी गतिविधियों का भरपूर आनंद ले रहे हैं।

    गंडोला रोपवे की सवारी कर बर्फ से ढके पहाड़ों और मनमोहक नजारों का लुत्फ उठाना हर सैलानी के अनुभव को खास बना रहा है।

    गुलमर्ग की बर्फीली सुंदरता में लोग तस्वीरें और वीडियो बनाकर यादें संजो रहे हैं, वहीं गर्म चाय और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेना इस यात्रा को और भी यादगार बना देता है। कम ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ कम होने के बावजूद पूरे क्षेत्र का माहौल जीवंत और सुरम्य बना हुआ है।

    पर्यटक बताते हैं कि गुलमर्ग का माहौल पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक है।

    पर्यटन विभाग हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करा रहा है। एक महिला पर्यटक ने कहा, “कश्मीर हर मौसम में सुकून देता है। इसकी खूबसूरती और शांति शब्दों में बयान नहीं की जा सकती।

    गुलमर्ग में रोमांच, प्राकृतिक सुंदरता और मेहमाननवाजी का अनोखा संगम है। चाहे पहली बार आने वाला सैलानी हो या बार-बार यात्रा करने वाला, हर कोई यहां की बर्फ, पहाड़ों और घाटी की सुंदरता में खो जाता है। 2026 की शुरुआत में यह स्थल सैलानियों के लिए शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

  • सुबह खाली पेट पिएं ये 5 देसी ड्रिंक्स तेजी से घटेगा वजन

    सुबह खाली पेट पिएं ये 5 देसी ड्रिंक्स तेजी से घटेगा वजन


    नई दिल्ली । वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद रिजल्ट नहीं मिल रहा? तो आपकी सुबह की शुरुआत को बदलने का वक्त आ गया है। कई बार हम अपनी दिनचर्या पर ज्यादा ध्यान नहीं देते लेकिन सही तरीके से शुरुआत करना वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है। सुबह खाली पेट कुछ विशेष ड्रिंक्स से न केवल आपका मेटाबॉलिज्म तेज हो सकता है बल्कि ये शरीर को अंदर से साफ और स्वस्थ भी बनाए रखती हैं। आइए जानते हैं उन 5 देसी ड्रिंक्स के बारे में जिन्हें सुबह खाली पेट पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है।
    गुनगुना नींबू पानी
    सुबह उठते ही गुनगुना नींबू पानी पीना वजन घटाने का एक बेहद आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है। नींबू में मौजूद विटामिन C मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। इसके अलावा नींबू पानी शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। आप चाहें तो इसमें एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं जो इसकी प्रभावशीलता को और बढ़ा सकता है।
    नारियल पानी
    नारियल पानी कम कैलोरी और भरपूर पोषक तत्वों से भरपूर होता है। सुबह खाली पेट नारियल पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है। यह शरीर को ठंडा रखता है और शरीर की इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।
    ग्रीन टी
    ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और कैटेचिन्स शरीर में फैट बर्न करने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वजन घटाने की प्रक्रिया को सपोर्ट मिलता है। अगर आप वजन घटाने में रुचि रखते हैं तो ग्रीन टी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
    जीरा पानी
    रातभर पानी में भिगोकर रखे हुए जीरे को सुबह उबालकर पीने से पाचन बेहतर होता है। जीरा पानी शरीर में जमा चर्बी को कम करने और गैस ब्लोटिंग जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। यह पेट को हल्का और साफ रखता है जिससे वजन कम करने में सहारा मिलता है।
    सेब का सिरका एप्पल साइडर विनेगर
    एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर पीने से फैट बर्निंग तेज होती है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने और भूख को कम करने में भी मदद करता है। एप्पल साइडर विनेगर शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया तेज होती है।

    ध्यान रखें ये बातें
    इन ड्रिंक्स को पीने के बाद कम से कम 20-30 मिनट तक कुछ न खाएं। यदि आपको एसिडिटी लो ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है तो इन ड्रिंक्स को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वजन घटाने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जरूरी है। इन ड्रिंक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप वजन घटाने की दिशा में एक कदम और बढ़ा सकते हैं। याद रखें ये ड्रिंक्स न केवल फैट बर्न करने में मदद करती हैं बल्कि आपके शरीर को अंदर से भी स्वस्थ बनाती हैं।

  • हेल्दी ईटिंग और रेसिपी ट्रेंड्स 2026: स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ता नया भारत

    हेल्दी ईटिंग और रेसिपी ट्रेंड्स 2026: स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ता नया भारत

    नई दिल्ली।आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में स्वस्थ रहना एक चुनौती जरूर है, लेकिन 2026 के हेल्दी ईटिंग और फूड ट्रेंड्स इसे पहले से कहीं आसान बना रहे हैं। अब हेल्दी खाना सिर्फ वजन घटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इम्यूनिटी बढ़ाने, दिनभर ऊर्जा बनाए रखने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने का अहम जरिया बन चुका है। बदलती लाइफस्टाइल के साथ लोग अब ऐसे फूड ऑप्शन्स की तलाश में हैं जो नैचुरल हों, कम प्रोसेस्ड हों और शरीर को संपूर्ण पोषण दें।2026 के फूड ट्रेंड्स में नैचुरल इंग्रीडिएंट्स, लो-कार्ब डाइट और प्लांट-बेस्ड फूड्स का दबदबा साफ नजर आ रहा है। लोग पैकेज्ड और जंक फूड से दूरी बनाकर घर के बने, ताज़े और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को प्राथमिकता दे रहे हैं। क्विनोआ, ओट्स, मिलेट्स, मील शेक्स और वेजिटेबल-फ्रूट स्मूदीज़ तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि ये पचाने में आसान होने के साथ लंबे समय तक एनर्जी भी देते हैं।

    रेसिपी ट्रेंड्स की बात करें तो इस साल स्वाद और सेहत के बीच बेहतरीन संतुलन देखने को मिल रहा है। हल्दी, ग्रीन टी, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स जैसे सुपरफूड्स को रोज़मर्रा की डाइट में शामिल करना अब आम हो गया है। ये न सिर्फ इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं, बल्कि हार्ट हेल्थ और पाचन के लिए भी फायदेमंद माने जा रहे हैं। डिनर में लो-कार्ब वेजिटेबल प्लेट्स और प्रोटीन रिच स्नैक्स का चलन भी बढ़ रहा है। बेक्ड स्वीट पोटैटो फ्राइज, पैन-ग्रिल्ड सब्जियां या हर्ब-ग्रिल्ड चिकन जैसे विकल्प स्वादिष्ट होने के साथ वजन कंट्रोल और मसल स्ट्रेंथ में मदद करते हैं।हेल्दी लाइफस्टाइल सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सही समय पर भोजन करना और छोटे-छोटे पोर्शन लेना भी उतना ही जरूरी है। दिन की शुरुआत गुनगुने पानी या नींबू पानी से करने, दिनभर पर्याप्त पानी पीने और हर 3-4 घंटे में हल्का व पौष्टिक स्नैक लेने से शरीर एक्टिव बना रहता है और थकान महसूस नहीं होती।

    फिट रहने के लिए अब लोग भारी-भरकम एक्सरसाइज की बजाय हल्की व नियमित गतिविधियों को अपनाने लगे हैं। योग, मॉर्निंग स्ट्रेचिंग और वर्क फ्रॉम होम के दौरान छोटे-छोटे वॉक ब्रेक्स शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं। इसके साथ ही विटामिन और मिनरल्स के लिए सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक स्रोतों को प्राथमिकता दी जा रही है। धूप से विटामिन डी, खट्टे फलों से विटामिन सी और हरी सब्जियों व बीन्स से आयरन लेना अब लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बनता जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्दी रूटीन की सफलता किसी एक बड़े बदलाव में नहीं, बल्कि रोज़ के छोटे-छोटे सुधारों में छिपी होती है। अचानक डाइट बदलना या एक्सट्रीम फास्टिंग करने की बजाय धीरे-धीरे हेल्दी आदतें अपनाना लंबे समय तक बेहतर परिणाम देता है। 2026 के ये हेल्दी ईटिंग ट्रेंड्स यही संदेश देते हैं कि सेहतमंद जीवन कोई मुश्किल लक्ष्य नहीं, बल्कि सही चुनावों से बना एक आसान सफर है।

  • Delhi Winter Picnic Spots: सर्दियों में दिल्ली के वो पिकनिक स्पॉट्स जो शोर से दूर सुकून देते हैं

    Delhi Winter Picnic Spots: सर्दियों में दिल्ली के वो पिकनिक स्पॉट्स जो शोर से दूर सुकून देते हैं


    नई दिल्ली। सर्दी का मौसम है। इस मौसम में हवा और माहौल ठंडा होता है लेकिन दोपहर की हल्की सुनहरी धूप अच्छी लगती है। जो लोग नए साल पर कहीं घूमने या ट्रिप पर नहीं जा पाए, वह एक दिन का समय निकालकर इस मौसम में दिल्ली में पिकनिक मनाने जा सकते हैं। पिकनिक के लिए न तो बहुत अधिक समय की जरूरत है और ना ही बहुत ज्यादा खर्च करने की। दोस्तों, परिवार, पार्टनर या बच्चों के साथ पिकनिक पर जाना मजेदार एक्टिविटी हो सकती है। सर्दियों में दिल्ली के कुछ अंडररेटेड पिकनिक स्पाॅट्स पर्यटकों के लिए खुल जाते हैं, जो इंस्टाग्राम से दूर लेकिन दिल के बेहतर करीब हो सकते हैं।

    इन स्पाॅट पर शोर नहीं, सुकून मिलता है। इस सर्दी में दिल्ली के क्लब और कैफ़े तक भूलकर पार्क की ओर रुख करें। जहां आपको पास या टिकट नहीं, सिर्फ एक चादर, घर का बने व्यंजजन और एक दिन का समय चाहिए।

    हौज खास डिस्ट्रिक्ट पार्क, अफ्रीका एवेन्यू
    सर्दियों में हौज खास डिस्ट्रिक्ट पार्क में जाना मजेदार हो सकता है। चौड़े लॉन, पुराने पेड़ों से छनती सर्दियों की धूप और इतना सन्नाटा कि यकीन ही न हो कि आप साउथ दिल्ली में हैं। यह जगह लंच, किताब पढ़ने और गोल्डन आवर वॉक के लिए बनी है। यहां समय तेज नहीं चलता, ठहरकर बहता है।

    मिलेनियम पार्क, सराय काले खा
    खुले आसमान के नीचे फैले लॉन और सामने चमकता शांति स्तूप आपकी छुट्टी को यादगार बना देगा। सराय काले खां में स्थिति मिलेनियम पार्क यह पार्क सर्द शामों को शांत बना देता है। परिवार के साथ पिकनिक, बच्चों की हंसी और सनसेट स्प्रेड्स के लिए यह जगह परफेक्ट है।

    गार्डन ऑफ फाइव सेंसस, साकेत
    साकेत के गार्डन आफ फाइन सेंसस में पिकनिक के लिए जा सकते हैं। ठंडी हवा, फूलों से सजी पगडंडियां और ऐसे शांत कोने, जहां लंबी बातचीत अपने आप गहरी हो जाती है। चिल डेट्स, फोटोग्राफी वॉक और बिना जल्दबाज़ी वाली मुलाक़ातों के लिए आदर्श है।

    डियर पार्क, हौज खास विलेज
    डियर पार्क में खुले वॉकिंग ट्रैक्स, ऊंचे पेड़ और बिना भीड़ के पिकनिक मैट बिछाने की आजादी है। फैमिली पिकनिक, पेट वॉक और सर्द सुबह की सैर के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना है।

    नेहरू पार्क, चाणक्यपुरी
    नेहरू पार्क में बड़ा गार्डन है जहां डिप्लोमैटिक इलाके की शांति और सर्दियों की धूप अच्छी मिलती है। आलसी दोपहरों के लिए बनी जगह बेस्ट है। बड़े पिकनिक ग्रुप्स और लेज़ी संडे के लिए क्लासिक चॉइस है।

    अहिंसा स्थल, किला राय पिथौरा, सैनीक फार्म
    शहर के दृश्य दिखाती एक शांत पहाड़ी जगह पर सर्द हवा अपने आप रफ्तार कम कर देती है। शांत सुबह, ध्यान और साइलेंट पिकनिक के लिए यह जगह बोलती नहीं, महसूस कराती है।

    महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, अनुव्रत मार्ग
    महरौली आर्कियोलाॅजिकल पार्क में पत्थर के स्मारक, जंगलनुमा रास्ते और यहां की खामोशी सुकून भरा दिन बिताने के लिए बेस्ट है। हिस्ट्री लवर्स, लंबे वॉक और सोलो विंटर पिकनिक के लिए यह जगह किसी कविता से कम नहीं है।

    बांसरेरा पार्क, गंगा विहार, सराय काले खां
    सराय काले खां के बांससरेरा पार्क में पिकनिक मनाने जा सकते हैं। यहां बांस से घिरे रास्ते, ठंडी हवा और छायादार जगहें आपको खुश कर देंगी। मॉर्निंग पिकनिक और स्लो नेचर वॉक के लिए यह एक सॉफ्ट, हराभरा अनुभव देगा।