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  • आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल

    आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल


    नई दिल्ली । फरवरी आते ही मौसम काफी तेजी में बदलने लगता है. दिन में हल्की गर्मी होती है तो रात के वक्त ठंडी हवा चलती है. ऐसे में जो लोग दोपर के वक्त बाहर से आते हैं उन्हें अचानक से गर्मी लगने लगती है. इस बदलते मौसम में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं. इसके कारण सर्द-गर्म जैसा एहसास होता है.

    जिसके चलते आपको बुखार भी महसूस हो सकता है. इसलिए इस मौसम जब भी बाहर जाए या आएं तो गर्मी महसूस हो तो पंखा न चलाएं बल्कि कुछ देर ऐसे ही आराम से बैठे. कुछ देर रिलैक्स होकर बैठने से आपके शरीर का टेंपरेचर खुद नॉर्मल हो जाएगा. दिन में इतनी तेज धूप हो रही है कि जैकेट,स्वेटर पहनना मुश्किल हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फरवरी में सर्द-गर्म शरीर के लिए कितना खतरनाक है. आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

    साफ-सफाई का रखें खास ध्यान

    सर्दी-जुकाम के साथ-साथ फ्लू जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए खुद के साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. जो लोग हमेशा गंदा रहते हैं या जो लोग खांसते या छींकते या पूरे टाइम नाक को हाथों से पोंछते हैं. ऐसे लोग जल्दी बीमारी पड़ते हैं. जो लोग अपने हाथों को साबुन से साफ नहीं करते हैं वो बार-बार बीमार पड़ते हैं. डॉक्टर का मानना है कि हथेली, उंगली और हाथों के पीछे का हिस्सा और नाखून को साबुन से धोएं.

    गर्मी की शुरूआत

    फरवरी महीने की शुरूआत को अभी सिर्फ दो दिन ही बीता है. लेकिन गर्मी जैसे अप्रैल का एहसास दिला रहा है. दिन के वक्त धूप इतनी तेज हो रही है कि आम इंसान धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पी रहा है, जो नुकसान कर जा रहा है. क्या आप जानते हैं कि फरवरी में ठंडी-गर्मी के कारण शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे सर्द-गर्म मौसम में खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.

    जनवरी भी था गर्म महीना?

    बता दें कि इस साल 2025 में जनवरी का महीना भी गर्म था. जी हां, जनवरी का महीना बीते छह सालों में सबसे गर्म रहा है, वहीं फरवरी की शुरुआत भी 15 सालों में सबसे गर्म रही है. हालांकि अभी मौसम बदलने का अनुमान है. लेकिन सुबह के वक्त थोड़ी ठंडी और दिन के वक्त गर्मी का शरीर पर बुरा असर पड़ता है.

    ऐसे रखें सेहत का ख्याल

    ऐसे मौसम में खाना खाने से पहले हाथ अच्छे से धोना चाहिए.
    वहीं दिन में गर्मी और रात में ठंडी में से आकर तुरंत पानी मत पिएं.
    इस मौसम में बाहरी फूड ना खाएं, घर का बना भोजन ही करें.
    गर्मी बढ़ने के साथ खुली चप्पल पहनना चाहिए, जिससे पैरों में संक्रमण नहीं फैलेगा.
    इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए रोज रात हल्दी वाला दूध पीना चाहिए.
    इस मौसम में कफ होने पर गुनगुना पानी पीना चाहिए.
    वहीं सुबह के वक्त एक दम खुली ठंडी हवा में नहीं जाना चाहिए.

    डॉक्टर से संपर्क

    ठंड-गर्म के कारण इस मौसम में कई बार खासकर के बच्चे और बूढ़ें संक्रमित होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इस इस मौसम में अगर दो दिन से अधिक तक बुखार,कफ या अन्य कोई संक्रमण का खतरा महसूस होता है, तो तुरंत अपने निजी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, इस दौरान अपनी सारी समस्याओं के बारे में बताना चाहिए, जिससे उचित समय पर परामर्श मिल सके.

  • फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    नई दिल्ली। फरवरी का महीना खूबसूरत होने के साथ-साथ त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी माना जाता है। इस समय दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडी हवाएं त्वचा को रूखापन, लाल दाने, पिंपल्स और धब्बों जैसी परेशानियों का सामना करने पर मजबूर कर सकती हैं। बदलते मौसम में त्वचा की नमी और पोषण बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में स्किन ड्राईनेस से बचने के लिए हाइड्रेशन, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

    मॉइस्चराइजिंग – नमी बनाए रखना है जरूरी

    फरवरी में त्वचा को हाइड्रेट रखना सबसे अहम है। सुबह और रात को सोने से पहले मॉइस्चराइजिंग करें। यह रूखापन और खुजली से बचाता है। चेहरे और हाथ-पैर की त्वचा पर खास ध्यान दें। हल्का और त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें, जिससे स्किन हमेशा कोमल और नरम बनी रहे।

    हाइड्रेटेड रहें – पानी पिएं, त्वचा चमकाएं

    सर्दियों में अक्सर हम पानी कम पीते हैं, जिससे त्वचा भी सूखने लगती है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है। इसके साथ ही ताजगी और ग्लो बनाए रखने में मदद मिलती है। हाइड्रेशन से त्वचा के अंदरूनी पोषण भी बना रहता है और चेहरे की बनावट बेहतर होती है।

    सनस्क्रीन – धूप से सुरक्षा

    फरवरी में धूप कम होती है, लेकिन सूरज की UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसलिए बाहर जाते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है, धब्बों और समय से पहले झुर्रियों को रोकता है।

    हल्के गर्म पानी से नहाएं

    बहुत गर्म पानी से नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है। हल्का गर्म पानी त्वचा को मुलायम बनाता है। नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है, जिससे नमी लॉक होकर त्वचा को स्वस्थ और तरोताजा रखता है।

    सही फेसवॉश का चुनाव

    चेहरा धोते समय ऐसा फेसवॉश चुनें जो नरम हो और त्वचा की नमी बनाए। यह स्किन को सूखने से बचाता है और पोषण प्रदान करता है। हल्के हाथों से मसाज करें और दिन में दो बार सफाई करें।

    फरवरी में त्वचा की देखभाल टिप्स:

    बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाएं।

    दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।

    हल्का मॉइस्चराइजर और फेसवॉश इस्तेमाल करें।

    बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें।

  • शादी के बाद पहली ट्रिप, इन रोमांटिक जगहों पर आपका हनीमून बन जाएगा यादगार

    शादी के बाद पहली ट्रिप, इन रोमांटिक जगहों पर आपका हनीमून बन जाएगा यादगार


    नई दिल्ली । शादियों का मौसम है अगर आपकी नई-नई शादी हुई है या आप अपने पार्टनर के साथ कुछ फुर्सत के पल बिताना चाहते हैं, तो यह वक्त सबसे अच्छा है. फरवरी महीने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पर्यटन स्थलों पर दिसंबर-जनवरी जैसी भारी भीड़ नहीं होती, जिससे आपको अपनी प्राइवेसी और सुकून के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है. चाहे आप समंदर की लहरें पसंद करते हों या बर्फ से ढकी वादियां, इस मौसम में हर जगह एक अलग ही निखार नजर आता है. तो चलिए जानते हैं उन बेहतरीन जगहों के बारे में, जहां आप अपने सफर को यादगार बना सकते हैं.

    चांदनी रात और सफेद रेगिस्तान का जादू

    अगर आप कुछ अनोखा अनुभव करना चाहते हैं, तो गुजरात के कच्छ का रुख करना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है. फरवरी के अंत तक यहां रण उत्सव की रौनक रहती है, जो सफेद नमक के इस विशाल रेगिस्तान को किसी जादुई दुनिया में तब्दील कर देती है. इसके अलावा, पूर्णिमा की रात में सफेद रण की सुंदरता देखने लायक होती है, जहां आप टेंट सिटी में रहकर लग्जरी और परंपरा का एक साथ आनंद ले सकते हैं.

    हाउसबोट का सुकून और चाय के बागान

    दक्षिण भारत की ओर बढ़ें तो केरल के बैकवाटर्स और मुन्नार की हरियाली आपका मन मोह लेगी. एलेप्पी में हाउसबोट की सवारी करते हुए पानी की लहरों के बीच वक्त गुजारना किसी सपने जैसा लगता है. इतना ही नहीं, मुन्नार के ऊंचे-नीचे चाय के बागान और वहां की ठंडी हवाएं आपके हनीमून में रोमांस का तड़का लगा देती हैं. यहां की प्राकृतिक शांति आपको शहर के शोर-शराबे से कोसों दूर ले जाती है.

    समंदर का किनारा और हसीन शामें

    उन कपल्स के लिए जो थोड़ी मौज-मस्ती और नाइटलाइफ़ पसंद करते हैं, गोवा से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. फरवरी में यहां का मौसम बहुत ही सुहावना रहता है, न ज्यादा गर्मी और न ज्यादा उमस. यही नहीं, आप यहां के शांत बीचों पर पार्टनर के साथ लंबी सैर कर सकते हैं या किसी कैफे में बैठकर डूबते हुए सूरज का नजारा देख सकते हैं. यह समय उन लोगों के लिए भी खास है जो प्राइवेसी के साथ-साथ थोड़ी चहल-पहल भी चाहते हैं.

    बर्फीली वादियां और कश्मीर की जन्नत

    अगर आपको बर्फ और पहाड़ों से प्यार है, तो गुलमर्ग और श्रीनगर की वादियां आपका इंतजार कर रही हैं. फरवरी में यहां भारी बर्फबारी होती है, जो पूरे कश्मीर को एक सफेद चादर से ढंक देती है. इसके साथ ही, शिकारे की सवारी और बर्फ के बीच एक-दूसरे का हाथ थामकर घूमना आपके सफर को यादगार बना देगा. दक्षिण भारत में भी ऊटी और कोड़ाईकनाल जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो अपनी सुखद ठंडक के लिए जाने जाते हैं.

    अंडमान के नीले तट

    अगर आप भारत में रहकर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के समुद्री नज़ारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से बेहतर कुछ नहीं. फरवरी में यहां का मौसम बहुत सुहावना होता है और समुद्र का पारदर्शी नीला पानी आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास कराता है. यही नहीं, हैवलॉक आइलैंड के राधानगर बीच पर पार्टनर के साथ स्कूबा डाइविंग करना या एकांत में समय बिताना आपके हनीमून को सात समंदर पार जैसा लग्जरी फील देगा. सच तो यह है कि फरवरी का यह महीना आपकी यादों की किताब में सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

  • Valentine Day 2026: वैलेंटाइन से पहले स्किन चमकानी है? आज से शुरू करें स्किन केयर रूटीन

    Valentine Day 2026: वैलेंटाइन से पहले स्किन चमकानी है? आज से शुरू करें स्किन केयर रूटीन


    नई दिल्ली । वैलेंटाइन डे प्यार का जादू दिखाने का मौका है। ये जादू आपके इम्प्रेशन के साथ अधिक बढ़ जाएगा। 7 फरवरी 2026 से वैलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो रही है और 14 फरवरी 2026 को वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। अगर वैलेंटाइन डे पर आप सबसे खूबसूरत दिखना चाहती हैं कि अभी से तैयारी कर लें। आपके पास लगभग हफ्ते भर का समय है। ग्लास स्किन पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडेक्ट्स नहीं, बल्कि प्राकृतिक तरीके अपनाएं। साफ सुथरी दिनचर्या, धैर्य और सही आदतों से खूबसूरत त्वचा मिलती है।

    हालांकि एक रात में आपकी त्वचा में चमक नहीं आ जाएगी लेकिन 7 दिन के इमानदार स्किन केयर से चेहरा अपनी सौन्दर्य की कहानी खुद बोल उठेगा। कोई क्रीम आपको ग्लास स्किन नहीं दे सकती। आप सात दिन अनुशासन, नींद, पानी और सादगी से बिता लेंतो वैलेंटाइन डे पर गुलाब जैसा निखार मिलेगा। अगर वैलेंटाइन पर फ्रेश, क्लियर और अंदर से चमकती स्किन चाहती हैं, तो यहां बताया जा रहा 7-डे स्किन रूटीन अपनाइए।

    ग्लास स्किन कैसी होती है?

    ग्लास स्किन का मतलब गोरी या तैलीय स्किन नहीं। इसका मतलब है, साफ़ पोर्स समान रंगत अंदर से हाइड्रेटेड स्किननेचुरल ग्लोअब सीधे रूटीन पर आते हैं।

    Day 1: स्किन को Detox करने का दिन

    सुबह माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोएं गुलाब जल से टोनिंग करें हल्का मॉइश्चराइज़र और सनस्क्रीन लगाएं रात डबल क्लींजिंग करें, मेकअप या डस्ट हटाने के लिए। एलोवेरा जेल की पतली लेयर लगाकर सोएं। पहले दिन कोई फेस पैक नहीं लगाएं, बल्कि स्किन को सांस लेने दें।

    Day 2: डेड स्किन को अलविदा कहें

    पहले दिन वाल स्किन केयर रूटीन अपनाते हुए आज डेड स्किन को निकालने की प्रक्रिया अपनाएं। इसके लिए रात को घर का स्क्रब बनाकर लगाएं। चावल का आटा और दूध मिलाकर स्क्रब बनाएं।हल्के हाथों से एक मिनट मसाज करें। ठंडे पानी से धो लें।  ज़्यादा रगड़े नहीं। इससे डेड स्किन नहीं जाती, बल्कि ग्लो खत्म हो जाता है।  विज्ञापन दही और हल्दी का फेसपैक 

    Day 3: हाइड्रेशन ही असली ग्लो है

    सुबह फेस मिस्ट या गुलाब जल लगाएं। हायल्यूरोनिक बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। रात शहद और एलोवेरा जेल मास्क 15 मिनट लगाएं पानी ज़्यादा पिएं। कोई क्रीम पानी की कमी नहीं भर सकती।

    Day 4: पोषण देने का दिन

    रात को फेस पैक दही और हल्दी की एक चुटकी मिलाकर फेस पैक बनाएं और लगाएं। फेसपैक 10-12 मिनट लगाए रखें। रात में चेहरे की मसाज करें 

    Day 5: मसाज से बढ़ाएं ब्लड सर्कुलेशन

    रात: बादाम या रोजहिप ऑयल की पांच बूंदें लगाएं। ऊपर की दिशा में 10 मिनट मसाज करें। यही स्टेप स्किन को “ग्लास जैसा” बनाता है।

    Day 6: स्किन को आराम दीजिए

    कोई एक्सपेरिमेंट न करें।सिर्फ क्लींजिंग, मॉइश्चर और सनस्क्रीन सुबह और शाम लगाएं।ओवर-केयर भी स्किन खराब करती है। मॉइश्चराइजर लगाकर हल्का मेकअप करें

    Day 7: वैलेंटाइन डे स्पेशल ग्लो

    सुबह बर्फ से हल्की मसाज 1 मिनट जेल बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। लाइट मेकअप करें। स्किन दिखनी चाहिए, ढकनी नहीं इन 7 दिनों में ये गलती मत करना नया प्रोडक्ट ट्राय करना देर रात तक जागनाजंक फूड और ज्यादा नमकसनस्क्रीन छोड़ना पानी कम पीना

  • रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय

    रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय


    नई दिल्ली । भारतीय रसोई में लहसुन केवल एक मसाला नहीं, बल्कि स्वाद की जान है। चाहे तड़के वाली दाल हो, चटपटी चटनी या फिर सर्दियों में बनने वाला गरमा-गरम सूप, लहसुन का तीखापन हर डिश के जायके को दोगुना कर देता है। लेकिन इस स्वाद तक पहुँचने का रास्ता बेहद थकाऊ होता है। किचन में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से पूछें, तो लहसुन छीलना सबसे उबाऊ कामों की सूची में सबसे ऊपर आएगा। कलियों से छिलका चिपकना, नाखूनों में होने वाला दर्द और घंटों तक हाथों से आने वाली तीखी गंध अक्सर लोगों को इसे इस्तेमाल करने से रोकती है। लेकिन अब आपको आलस करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी जादुई ट्रिक्स जो घंटों का काम मिनटों में निपटा देंगी।

    जार वाली शेकिंग ट्रिक बिना छुए उतरेंगे छिलके

    लहसुन छीलने की सबसे असरदार और ‘जादुई’ ट्रिक है ‘जार शेकिंग मेथड’। इसके लिए आपको बस दो स्टील के कटोरे या एक ढक्कन वाला जार चाहिए। सबसे पहले लहसुन की पूरी गांठ को हथेली से दबाकर उसकी कलियों को अलग कर लें। अब इन कलियों को जार में डालें और ढक्कन कसकर बंद कर दें। अब इसे करीब 30 से 60 सेकंड तक पूरी ताकत से ऊपर-नीचे हिलाएं  जब आप जार खोलेंगे, तो आप हैरान रह जाएंगे कि घर्षण  की वजह से लहसुन के छिलके खुद-ब-खुद अलग हो चुके हैं। यह तरीका तब सबसे ज्यादा काम आता है जब आपको अचार या बड़ी पार्टी के लिए ढेर सारा लहसुन तैयार करना हो।

    गर्म पानी और माइक्रोवेव का कमाल

    यदि आपके पास जार हिलाने की फुर्सत नहीं है, तो पानी आपकी मदद कर सकता है। लहसुन की कलियों को हल्के गुनगुने पानी में 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। पानी छिलके और कली के बीच की परत को ढीला कर देता है, जिससे आप बस हल्का सा दबाएंगे और लहसुन छिलके से बाहर आ जाएगा। इसके अलावा, आधुनिक किचन के लिए ‘माइक्रोवेव ट्रिक’ भी वरदान है। लहसुन की पूरी गांठ को महज 15-20 सेकंड के लिए माइक्रोवेव करें। गर्मी के कारण छिलकों के भीतर नमी पैदा होती है और वे कली को छोड़ देते हैं। माइक्रोवेव से बाहर निकालते ही छिलके कागज की तरह अपने आप उतरने लगेंगे।

    चाकू का सही इस्तेमाल और हाथों की सुरक्षा

    प्रोफेशनल शेफ अक्सर ‘क्रशिंग मेथड’ का इस्तेमाल करते हैं। इसमें लहसुन की कली को चॉपिंग बोर्ड पर रखकर चाकू के चौड़े हिस्से सपाट हिस्से से जोर से दबाया जाता है। कली के चटकते ही छिलका अलग हो जाता है। हालांकि, इन सभी प्रक्रियाओं के बाद हाथों से आने वाली गंध एक बड़ी समस्या बनी रहती है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि लहसुन छीलने के बाद अपने हाथों को किसी स्टेनलेस स्टील के बर्तन या नल पर रगड़ें। स्टील लहसुन के सल्फर अणुओं को सोख लेता है और गंध गायब हो जाती है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप न केवल अपना कीमती समय बचा सकते हैं, बल्कि अपनी कुकिंग को भी अधिक आनंददायक बना सकते हैं। अब अगली बार जब किचन में लहसुन छीलने की बारी आए, तो नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय इन स्मार्ट ट्रिक्स को आजमाएं।

  • Surajkund Mela 2026: सूरजकुंड मेला जाने का सबसे आसान तरीका क्या है? जानें मेट्रो और बस से कैसे पहुंचें

    Surajkund Mela 2026: सूरजकुंड मेला जाने का सबसे आसान तरीका क्या है? जानें मेट्रो और बस से कैसे पहुंचें

    नई दिल्ली  Surajkund Mela 2026: हरियाणा के फरीदाबाद में लगने वाला सूरजकुंड मेला इस बार 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा. बता दें कि साल 2026 में यह 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला लगने वाला है. इस साल मेले में मेघालय और उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट बनाया गया है. वहीं, मिस्र (Egypt) को पार्टनर कंट्री घोषित किया गया है. फूड कोर्ट में 100 से ज्यादा फूड स्टॉल लगाए जाएंगे. ऐसे में अगर आप भी मेले में जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां जानें कि आप मेट्रो, बस या अपनी गाड़ी से कैसे पहुंच सकते हैं. कौन सा रूट आपके लिए सबसे सही रहेगा और मेले तक पहुंचने के लिए आपको कितना किराया देना होगा.

    बस से सूरजकुंड मेला कैसे पहुंचें?
    मेले के दौरान प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए खास बस सेवा शुरू की है. सूरजकुंड मेले तक पहुंचने के लिए आपको बल्लभगढ़ से बस मिलेगी. 31 जनवरी से रोज सुबह 7 बजे से बसें मिलनी शुरू हो जाएंगी. सबसे अच्छी बात यह है कि बसें हर 30 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी, शनिवार और रविवार के दिन हर 15 मिनट में मेले के लिए बस उपलब्ध रहेंगी. यानी आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

    बस का किराया भी काफी सस्ता रखा गया है.
    बल्लभगढ़ से सूरजकुंड- सिर्फ 25 रुपये
    बदरपुर से सूरजकुंड- मात्र 20 रुपये
    बड़खल मेट्रो स्टेशन से- 10 रुपये
    ऐसे में कम खर्च में आरामदायक सफर चाहने वालों के लिए बस सबसे बढ़िया विकल्प है.

    मेट्रो से सूरजकुंड मेला कैसे पहुंचें?
    वहीं, अगर आप मेट्रो से जाना चाहते हैं, तो बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन (वायलेट लाइन) सूरजकुंड मेले के सबसे नजदीक है. स्टेशन से बाहर निकलते ही आपको ऑटो, ई-रिक्शा और बस आसानी से मिल जाएगी, जो सीधे मेले तक पहुंचा देती हैं. दिल्ली और आसपास के इलाकों से आने वालों के लिए मेट्रो काफी सुविधाजनक रहती है.

    अपनी गाड़ी या कैब से कैसे पहुंचें सूरजकुंड मेला?
    जो लोग अपनी कार या बाइक से जाना चाहते हैं, उनके लिए सड़क मार्ग भी अच्छा है. मेले के पास पार्किंग की व्यवस्था रहती है, हालांकि भीड़ ज्यादा होने पर थोड़ा समय लग सकता है. आप चाहें तो कैब या टैक्सी भी बुक कर सकते हैं.

    एयरपोर्ट से सूरजकुंड मेला कैसे जाएं?
    अगर आप इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे आ रहे हैं, तो पहले नई दिल्ली की ओर आना होगा. एयरपोर्ट से सूरजकुंड की दूरी करीब 30 किलोमीटर है, जिसे आप कैब या मेट्रो के जरिए आसानी से तय कर सकते हैं.

  • चिकने और चमकदार चेहरे के लिए मलाई में मिलाएं ये 3 चीजें, डेड स्किन भी होगी दूर

    चिकने और चमकदार चेहरे के लिए मलाई में मिलाएं ये 3 चीजें, डेड स्किन भी होगी दूर


    नई दिल्ली। सर्दियों में चेहरा रूखा और बेजान दिखना आम बात है। बाजार में कई तरह की क्रीम, फेस पैक और मॉइस्चराइज़र उपलब्ध हैं, लेकिन अक्सर उनका असर सीमित रहता है। ऐसे में घरेलू उपाय सबसे सुरक्षित और प्रभावी साबित होते हैं।

    मलाई (दूध की गाढ़ी परत) में फैटी एसिड्स, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को मॉइस्चराइज, नर्म और ग्लोइंग बनाते हैं। अगर इसे सही चीजों के साथ मिलाकर लगाया जाए तो यह डेड स्किन को हटाकर त्वचा में प्राकृतिक निखार लाता है।

    1मलाई और हल्दी
    ड्राई स्किन को सॉफ्ट बनाने और हाइपरपिग्मेंटेशन कम करने के लिए मलाई में हल्दी मिलाकर लगाएं।
    तैयारी:

    2 चम्मच मलाई

    1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

    1 छोटा चम्मच शहद

    सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें।

    2मलाई और बेसन
    मलाई और बेसन का पैक रूखी त्वचा को ग्लोइंग और नरम बनाता है।
    तैयारी:

    2 चम्मच बेसन

    आवश्यकता अनुसार मलाई

    साथ में मिलाकर पेस्ट तैयार करें। चेहरे पर 15 मिनट तक लगा रहने दें और फिर धो लें।

    3मलाई और शहद
    यह फेस पैक त्वचा को गहराई से हाइड्रेट और चमकदार बनाता है।
    तैयारी:

    मलाई और शहद बराबर मात्रा में मिलाएं

    15–20 मिनट चेहरे पर लगाएं

    फिर पानी से साफ करें

    चेहरे पर मलाई लगाने के फायदे
    रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा

    त्वचा में प्राकृतिक नमी और चमक

    डेड स्किन हटाकर चेहरे की रंगत निखारना

    सर्दियों में स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाना

    नोट: इन पैक्स को सप्ताह में 2–3 बार लगाना सबसे अच्छा है।

  • कम बजट में चाहिए बॉलीवुड जैसी लोकेशन, इन 5 जगहों पर बनेगी शानदार रील

    कम बजट में चाहिए बॉलीवुड जैसी लोकेशन, इन 5 जगहों पर बनेगी शानदार रील

    नई दिल्ली । आज के दौर में घूमना सिर्फ मन की शांति के लिए नहीं, बल्कि सोशल मीडिया फीड को शानदार बनाने के लिए भी होता है. खासकर Gen-Z मुसाफिरों के लिए अब वही जगह हॉट डेस्टिनेशन है, जो ‘रील-रेडी’ हो. यानी वहां के नजारे, कैफे और गलियां ऐसी हों जिन्हें देखते ही इंस्टाग्राम पर लाइक्स और कमेंट्स की बौछार हो जाए. अगर आप भी किसी ऐसी ही ट्रिप की तलाश में हैं जहां कम बजट में आपको बॉलीवुड फिल्म जैसा बैकग्राउंड मिल जाए, तो यह लिस्ट आपके लिए है. जहां की तस्वीरें आपके दोस्तों को आपसे जलने पर मजबूर कर देंगी.

    समंदर, रंगीन गलियां और सुकून वाली वाइब्स

    अगर आप समंदर के शौकीन हैं और अपनी रील में वाइब्स चाहते हैं, तो गोवा की फोंटेनहास गलियां आपका इंतजार कर रही हैं. पुर्तगाली वास्तुकला से सजी ये पीली और नीली दीवारें आपको भारत में रहकर यूरोप का अहसास कराती हैं. यहां के बीच-साइड कैफे और सूर्यास्त के नजारे आपके फीड को रंगीन बना देते हैं. थोड़ा और शांति की तलाश है, तो पुदुचेरी (पॉन्डिचेरी) का व्हाइट टाउन किसी स्वप्नलोक से कम नहीं है. फ्रांसीसी विरासत को समेटे यहां के पीले घर और सुंदर बुटीक कैफे रील बनाने के लिए सबसे एस्थेटिक बैकग्राउंड देते हैं. वहीं केरल के एलेप्पी में पानी पर तैरते हाउसबोट्स और नारियल के पेड़ों के बीच से गुजरती नाव की तस्वीरें आपके इंस्टाग्राम को एक अलग ही लेवल पर ले जाती हैं.

    बर्फ, बादल और एडवेंचर का इंस्टाग्राम पैकेज

    पहाड़ों के शौकीनों के लिए मनाली की सोलंग वैली और अटल टनल के पास जमी बर्फ किसी जादुई कंटेंट से कम नहीं है. यहां की स्लो-मोशन रील्स सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल होती हैं. अगर आप थोड़ा और एडवेंचर चाहते हैं, तो लद्दाख की पैंगोंग झील का नीला पानी और वहां का सन्नाटा आपकी तस्वीरों में जान फूंक देता है. दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत का मेघालय कुदरत की अनूठी इंजीनियरिंग पेश करता है. यहां के लिविंग रूट ब्रिज और डाउकी नदी का कांच जैसा साफ पानी ऐसा बैकग्राउंड प्रदान करता है जिसे देखकर लोग यकीन नहीं कर पाएंगे कि यह जगह भारत में ही है. इसी कड़ी में ऋषिकेश का नाम भी आता है, जहां लक्ष्मण झूला और गंगा की आरती के साथ-साथ बंजी जंपिंग और राफ्टिंग के रोमांचक वीडियो आपके रील गेम को मजबूत करते हैं.

    शाही किलों की भव्यता और विरासत का प्राचीन जादू

    संस्कृति और विरासत को पसंद करने वाले युवाओं के लिए जयपुर यानी ‘पिंक सिटी’ सबसे बड़ा अड्डा है. यहां का पत्रिका गेट अपनी रंग-बिरंगी मेहराबों के कारण इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक बन चुका है. इसके साथ ही आमेर किले और हवा महल की वास्तुकला आपकी रील्स में शाही राजपूताना टच जोड़ती है. वहीं अगर आप कुछ रहस्यमयी और प्राचीन तलाश रहे हैं, तो हम्पी के खंडहर और वहां का पथरीला परिदृश्य एक अद्भुत सिनेमैटिक फील देता है. यूनेस्को की यह विश्व धरोहर स्थल इतिहास और फोटोग्राफी का अनोखा संगम है. अंत में, वाराणसी के घाटों पर सुबह की नाव की सवारी और शाम को होने वाली दिव्य गंगा आरती ऐसे सांस्कृतिक दृश्य पेश करती है जो न सिर्फ रील-रेडी हैं, बल्कि भारत की रूह को भी खूबसूरती से दर्शाते हैं.

  • हिमाचल की भीड़ से हैं परेशान? सर्दियों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए ये हैं 5 'ऑफबीट' जन्नत

    हिमाचल की भीड़ से हैं परेशान? सर्दियों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए ये हैं 5 'ऑफबीट' जन्नत


    नई दिल्‍ली । सर्दियों का मौसम आते ही बर्फबारी देखने की चाहत हर किसी के मन में जाग उठती है। अक्सर लोग बर्फ का नाम सुनते ही शिमला, मनाली या रोहतांग की ओर दौड़ पड़ते हैं, जिससे इन जगहों पर पर्यटकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ता है। भीड़भाड़, ट्रैफिक जाम और होटलों की महंगी बुकिंग अक्सर आपकी छुट्टियों का मजा किरकिरा कर देती है। अगर आप इस विंटर सीजन में सुकून के साथ बर्फ की सफेद चादर का दीदार करना चाहते हैं, तो हिमाचल के अलावा भी भारत में कई ऐसी जादुई जगहें हैं, जहां की शांति और खूबसूरती आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। आइए जानते हैं इन परफेक्ट विंटर डेस्टिनेशंस के बारे में:

    1जम्मू-कश्मीर: धरती का स्वर्ग और एडवेंचर का हब

    जनवरी और फरवरी के महीने में कश्मीर का हर कोना किसी फिल्म के सेट जैसा नजर आता है।गुलमर्ग अगर आपको स्कीइंग का शौक है, तो गुलमर्ग से बेहतर कोई जगह नहीं। यहां की ‘गोंडोला राइड’ बर्फ से ढकी पहाड़ियों का विहंगम दृश्य दिखाती है।पहलगाम और सोनमर्ग शांत वातावरण और जमी हुई नदियों के बीच पैदल चलना एक अलग ही अनुभव है।

    उत्तराखंड: औली से लेकर हर्सिल तक का जादू

    उत्तराखंड में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए विकल्पों की कमी नहीं है:औली: इसे भारत का ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहा जाता है। यहां की स्लोप्स स्कीइंग के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। ऑफबीट लोकेशंस: अगर आप मसूरी की भीड़ से बचना चाहते हैं, तो हर्सिल, लोखंडी या सुक्की टॉप का रुख करें। ये जगहें अनछुई हैं और यहां आप प्रकृति के बेहद करीब महसूस करेंगे।

    मुनस्यारी: हिमालय की गोद में बसा ‘लिटिल कश्मीर
    पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुनस्यारी उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो फोटोग्राफी और शांति पसंद करते हैं। पंचचूली शिखर: यहां से पंचचूली की पांचों चोटियां बर्फ से लदी हुई साफ नजर आती हैं। सर्दियों में यहां की घर की छतें और रास्ते सफेद मखमल जैसे दिखते हैं।

    सिक्किम: नाथांग वैली का अनछुआ सौंदर्य

    उत्तर-पूर्वी भारत में सिक्किम का नजारा सर्दियों में पूरी तरह बदल जाता है। नाथांग वैली: दिसंबर से मार्च के बीच यह पूरी घाटी बर्फ की मोटी परत से ढंक जाती है। यह पुराने सिल्क रूट का हिस्सा है और यहां का तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है, जो इसे एक एडवेंचरस डेस्टिनेशन बनाता है।

    कुमाऊं की ऊंची चोटियां

    नैनीताल के आसपास की ऊंची जगहें जैसे मुक्तेश्वर और बिनसर भी बर्फबारी के लिए शानदार विकल्प हैं। यहां से हिमालय की नंदा देवी और त्रिशूल चोटियों का दीदार करना एक यादगार अनुभव होता है।

    विंटर ट्रिप के लिए कुछ जरूरी टिप्स

    थर्मल वियर: अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े और वाटरप्रूफ जैकेट जरूर रखें। जूते: बर्फ पर चलने के लिए अच्छी ग्रिप वाले गमबूट्स या स्नो शूज साथ ले जाएं। बुकिंग: हालांकि ये जगहें कम भीड़ वाली हैं, फिर भी सीजन में जाने से पहले होमस्टे या होटल की एडवांस बुकिंग कर लेना समझदारी है।

  • घनी और खूबसूरत आइब्रो के लिए रामबाण घरेलू नुस्खे: अब पतली भौंहों को कहें अलविदा

    घनी और खूबसूरत आइब्रो के लिए रामबाण घरेलू नुस्खे: अब पतली भौंहों को कहें अलविदा


    नई दिल्ली। चेहरे की बनावट में आइब्रो बहुत बड़ा हाथ होता है। सही आकार और घनी आइब्रो न केवल आंखों को उभारती हैं, बल्कि आपके पूरे लुक को अट्रैक्टिव बनाती हैं। अगर आप भी पतली या हल्की आइब्रो से परेशान हैं और महंगे केमिकल वाले सीरम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो ये घरेलू उपाय आपके लिए जादू की तरह काम करेंगे।

    क्यों पतली होती हैं आइब्रो

    नुस्खों से पहले यह जानना जरूरी है कि आइब्रो हल्की क्यों होती हैं:पोषण की कमी: विटामिन A, C, E और प्रोटीन की कमी।हार्मोनल बदलाव: थायराइड या अन्य शारीरिक बदलाव। ओवर-प्लक‍िंग: बार-बार थ्रेडिंग या प्लकिंग करना। तनाव अत्यधिक मानसिक दबाव भी बालों के झड़ने का कारण बनता है।

    अरंडी का तेल नेचुरल ग्रोथ बूस्टर

    अरंडी का तेल आइब्रो को घना बनाने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है। इसमें मौजूद रिसिनोइलिक एसिड बालों के रोम छिद्रों को उत्तेजित करता है। कैसे इस्तेमाल करें: रात को सोने से पहले अपनी उंगलियों या क्यू-टिप से तेल को भौंहों पर लगाएं और 2-3 मिनट मसाज करें। सुबह इसे गुनगुने पानी से धो लें।

    नारियल तेल प्रोटीन का पोषण

    नारियल तेल में फैटी एसिड और विटामिन E होता है, जो बालों के टूटने को कम करता है।फायदा यह न केवल आइब्रो को काला बनाता है, बल्कि सर्दियों में होने वाले डैंड्रफ से भी बचाता है। इसे हल्का गुनगुना करके लगाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

    प्याज का रस सल्फर की शक्ति

    प्याज के रस में सल्फर की प्रचुर मात्रा होती है, जो कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है। यह नई ग्रोथ लाने में बहुत मददगार है। सावधानी इसे रुई की मदद से लगाएं और ध्यान रहे कि यह आंखों में न जाए। 30-40 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।

    एलोवेरा जेल जड़ों की मजबूती

    एलोवेरा में एलोनिन नामक तत्व होता है जो बालों की बनावट में सुधार करता है। यह चिपचिपा नहीं होता, इसलिए आप इसे दिन में भी लगा सकते हैं। विधि ताजे एलोवेरा जेल से आइब्रो की मसाज करें। यह जड़ों को गहराई से पोषण देता है।

    जैतून का तेल विटामिन का खजाना

    जैतून का तेल विटामिन A और E से भरपूर होता है। विटामिन E बालों को पोषण देता है जबकि विटामिन A नेचुरल ऑयल सीबम के उत्पादन को बढ़ाता है। टिप इसे रोज रात को लगाने से आइब्रो रेशमी और घनी दिखने लगती हैं।

    जरूरी टिप्स

    मसाज रोजाना रात को 5 मिनट आइब्रो की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे बाल जल्दी उगते हैं। थ्रेडिंग से ब्रेक आइब्रो की ग्रोथ के लिए कम से कम 6-8 हफ्तों तक थ्रेडिंग न कराएं। हाइड्रेशन पर्याप्त पानी पिएं और डाइट में आयरन और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें।