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  • दार्जिलिंग में घूमने लायक है ये 6 खूबसूरत जगह…यादगार ट्रिप के लिए जरूर जाएं..

    दार्जिलिंग में घूमने लायक है ये 6 खूबसूरत जगह…यादगार ट्रिप के लिए जरूर जाएं..


    नई दिल्ली / 
    गर्मियों की छुट्टी में अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको दार्जिलिंग जरूर जाना चाहिए .ये शहर औऱ यहां पर मौजूद एक से बढ़कर एक खूबसूरत स्थल आपके ट्रिप को यादगार बना देंगे
    दार्जिलिंग में घूमने के लिए शानदार जगहें
    आप दार्जिलिंग जाएं तो नाइटेंगल पार्क जरूर जाएं. पर्यटक यहां से कंचनजंगा पर्वतमाला के भव्य दृश्य को देख सकते हैं. यहां पर आकर आप प्रकृति का आनंद आराम से ले सकते हैं.घूम रॉक दार्जिलिंग का सबसे आकर्षक व्यू प्वाइंट है. इस जगह से बालसान घाटी नजर आती है. अगर आप दार्जिलिंग की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं तो घूम रॉक जरूर जाइए .बतासिया लूप नहीं घूमा तो फिर दार्जिलिंग में मानो कुछ भी नहीं घुमा. यह एक रेलवे ट्रैक में बड़ी लूप है, जिसमें एक रनिंग टॉय ट्रेन 360 डिग्री पर घूमती है.
    दार्जिलिंग की खूबसूरती देखने का इससे बेहतर तरीका और हो ही नहीं सकता. इस जगह को घूमने का सबसे अच्छा मौका अप्रैल से लेकर जून के महीना के बीच होता है.क्योंकि देश में जब खूब गर्मी पड़ती है तब दार्जिलिंग का तापमान काफी कम होता है.दार्जिलिंग के सबसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों में से एक है विक्टोरिया वॉटरफॉल. यहां पर्यटकों को चारों ओर प्रकृति के खूबसूरत नजारे ही नजर आएंगे.
    दार्जिलिंग में टाइगर हिल घूमने की सबसे खूबसूरत जगह है. 8442 फीट की ऊंचाई पर मौजूद ये जगह आपका मन मोह लेगी. बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां पर्यटकों को खूब लुभाती है.वहीं आप यहां से कंचनजंगा का खूबसूरत नजारा देख पाएंगे. यहां आने वाले पर्यटक खासकर यहां का सूर्योदय देखने के लिए सुबह 4 बजे से ही इकट्ठा होते हैं.सेंथल झील दार्जिलिंग की सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक है. इस जगह पर लोग पिकनिक मनाने आते हैं. यहां पर शांति और सुकून इस कदर है कि एक बार आने के बाद यहां से आपका जाने का मन ही नहीं करेगा.वहीं रॉक गार्डन भी बहुत ही सुंदर जगह है. ये गार्डन पहाड़ों और चट्टानों को काटकर बनाया गया है, तो अगर आप कभी दार्जिलिंग जाते हैं तो इस जगह पर जरूर जाएं.

  • माइग्रेन से राहत पाने के लिए दवा के बिना करें लाइफस्टाइल में ये बदलाव

    माइग्रेन से राहत पाने के लिए दवा के बिना करें लाइफस्टाइल में ये बदलाव


    नई दिल्ली । माइग्रेन सिरदर्द का एक गंभीर रूप है जो सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित कर सकता है। यह न केवल व्यक्ति की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है बल्कि जीवनशैली को भी चुनौतीपूर्ण बना सकता है। माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में तेज दर्द मतली उल्टी तेज रोशनी और शोर से परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं। यह आम सिरदर्द से कहीं अधिक होता है और कई बार माइग्रेन के लक्षण सामान्य सिरदर्द से बढ़कर हो सकते हैं। हालांकि माइग्रेन का इलाज दवाओं से किया जाता है लेकिन अगर कुछ लाइफस्टाइल बदलाव किए जाएं तो बिना दवा के भी राहत पाई जा सकती है।

    माइग्रेन के दर्द को बढ़ाने वाली आदतें  अनहेल्दी डाइट

    कुछ खाने-पीने की चीजें माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं जैसे चॉकलेट कैफीन शराब और कुछ प्रोसेस्ड फूड्स। अगर आप यह महसूस करते हैं कि इन चीजों के सेवन से आपका माइग्रेन बढ़ता है तो इन्हें अपनी डाइट से हटा दें।

    नींद की कमी

    कम नींद या अत्यधिक नींद भी माइग्रेन का कारण बन सकती है। यदि आप नियमित रूप से नींद की कमी महसूस करते हैं तो दिन में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना आवश्यक है।

    तनाव

    मानसिक तनाव माइग्रेन के दर्द को और बढ़ा सकता है। इसलिए मानसिक शांति बनाए रखना जरूरी है। काम के दबाव और तनाव से बचने के लिए ध्यान योग या गहरी सांस लेने की तकनीकें अपनाई जा सकती हैं।

    माइग्रेन से राहत के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव  नियमित व्यायाम 

    हल्का-फुल्का व्यायाम जैसे योग स्विमिंग या चलना माइग्रेन से राहत देने में मदद कर सकता है। व्यायाम से शरीर में एंडोर्फिन  रिलीज होते हैं जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

    हाइड्रेशन 

    शरीर में पानी की कमी से भी माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। यदि शरीर में पानी की कमी होती है तो सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

    सही खानपान

    सही और पोषण से भरपूर आहार लेना माइग्रेन की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। ताजे फल हरी सब्जियां साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। कैफीन और शराब से बचें।

    नींद का पैटर्न ठीक करें

    एक नियमित सोने का समय बनाएं और रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें। सही समय पर सोना और जागना आपके शरीर को आराम देने के लिए महत्वपूर्ण है।

    तनाव कम करें

    तरीका है तनाव कम करना। ध्यान प्राणायाम गहरी सांस लेने की तकनीकें और हल्की-फुल्की चहलकदमी करने से मानसिक तनाव कम हो सकता है। इसके अलावा आपको जो पसंदीदा एक्टिविटी करें जैसे किताबें पढ़ना या संगीत सुनना वह भी तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

    कर्मस्थल पर आराम

    लंबे समय तक कंप्यूटर या स्मार्टफोन का उपयोग माइग्रेन का कारण बन सकता है। इसलिए यदि आप लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हैं तो आंखों को आराम देने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें। माइग्रेन एक गंभीर समस्या हो सकती है लेकिन अगर आप अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे बदलाव करते हैं तो आप बिना दवा के भी इससे राहत पा सकते हैं। सही खानपान पर्याप्त नींद नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवन के साथ माइग्रेन के दर्द को कम किया जा सकता है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं और माइग्रेन को नियंत्रित कर सकते हैं।

  • जनवरी में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं भारत की ये जगहें पार्टनर के साथ करें नए साल की हसीन शुरुआत नहीं करेगा लौटने का मन

    जनवरी में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं भारत की ये जगहें पार्टनर के साथ करें नए साल की हसीन शुरुआत नहीं करेगा लौटने का मन

    नई दिल्ली । सर्दियों के बीच जनवरी का महीना ट्रैवल के लिहाज से सबसे खास माना जाता है। न ज्यादा भीड़ न उमस और न ही तेज गर्मी इस मौसम में भारत की पहाड़ों से लेकर समुद्र और रेगिस्तान तक की जगहें बेहद सुकूनभरा अनुभव देती हैं। यही वजह है कि कपल्स के लिए यह समय रोमांटिक ट्रिप प्लान करने के लिए आदर्श माना जाता है।

    दार्जिलिंग पहाड़ों की रानी में रोमांस

    दार्जिलिंग को पहाड़ों की रानी यूं ही नहीं कहा जाता। जनवरी में यहां की ठंडी हवा चाय के बागान और कंचनजंघा की बर्फीली चोटियां ट्रिप को यादगार बना देती हैं। कपल्स के लिए यह जगह हनीमून और क्वालिटी टाइम बिताने के लिए शानदार है। करीब पांच दिन के ट्रिप में यहां 18 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है।

    लक्षद्वीपसाफ समंदर और सुकून

    अगर गोवा की भीड़ से बोर हो चुके हैं तो लक्षद्वीप एक बेहतरीन विकल्प है। भारत के सबसे साफ और खूबसूरत समुद्र तटों में गिना जाने वाला यह डेस्टिनेशन कपल्स के लिए परफेक्ट है। लगभग 35 हजार रुपये के बजट में आप यहां नीले समंदर और शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं।

    युस्मार्ग घाटी कश्मीर की अनछुई खूबसूरती

    जम्मू-कश्मीर की युस्मार्ग घाटी भारत की सबसे हसीन जगहों में शामिल है। ऊंचे पहाड़ हरे-भरे घास के मैदान घने जंगल और झील-झरने इस जगह को बेहद खास बनाते हैं। जनवरी में यहां की प्राकृतिक सुंदरता कपल्स को रोमांटिक एहसास देती है।

    संगला: बर्फबारी के बीच सुकून

    अगर मनाली-कुल्लू से हटकर कुछ नया देखना चाहते हैं तो हिमाचल की संगला घाटी का रुख करें। करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह जगह जनवरी में बर्फबारी के लिए जानी जाती है। बर्फ से ढके पहाड़ और शांत माहौल कपल्स के लिए किसी सपने से कम नहीं।

    बीकानेर रेगिस्तान में शाही एहसास

    राजस्थान का बीकानेर सुनहरे रेगिस्तान और शाही विरासत के लिए मशहूर है। जनवरी के मौसम में यहां की ठंडक और ऐतिहासिक इमारतें ट्रिप को खास बना देती हैं। कपल्स यहां श्री करणी माता मंदिर जैन मंदिर बीकानेर किला लालगढ़ महल और देवीकुंड जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। अगर आप नए साल की शुरुआत पार्टनर के साथ यादगार बनाना चाहते हैं तो जनवरी में भारत की ये जगहें आपके लिए परफेक्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन साबित हो सकती हैं।

  • रोजाना खाएं ये 1 चीज और पाएं शीशे जैसी चमक पड़ोस वाली भी पूछेगी ‘क्या लगाया

    रोजाना खाएं ये 1 चीज और पाएं शीशे जैसी चमक पड़ोस वाली भी पूछेगी ‘क्या लगाया


    नई दिल्ली । चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सिर्फ क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर्याप्त नहीं होते। हर किसी की त्वचा अलग होती है और इसे पोषण देने वाले तत्वों की कमी के कारण स्किन प्रोडक्ट्स कभी-कभी असर नहीं दिखाते। इसलिए त्वचा की निखार और ग्लो के लिए आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मिडल क्लास से लेकर उच्च वर्ग तक हर कोई महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करता है लेकिन सही पोषण के बिना परिणाम सीमित ही रहते हैं।

    ब्लूबेरी: एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर

    ब्लूबेरी में उच्च मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की नमी बनाए रखते हैं और कोलेजन बढ़ाते हैं। यह झुर्रियों काले धब्बों और सूजन को कम करने में मदद करता है जिससे त्वचा हमेशा युवा और ताजगी भरी नजर आती है।

    अखरोट: ओमेगा-3 और विटामिन ई का खजाना

    अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड विटामिन ई जिंक और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करते हैं झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करते हैं और मुंहासों की समस्या भी घटाते हैं। रोजाना अखरोट का सेवन त्वचा की नमी और इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करता है।

    अखरोट: नेचुरल ग्लो के लिए

    अंगूर खाने से एजिंग के निशानों को कम किया जा सकता है और त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है। वहीं संतरे में मौजूद विटामिन सी त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और टैनिंग को कम करता है। इन फलों का नियमित सेवन त्वचा को भीतर से पोषण देता है और चेहरे की चमक बढ़ाता है।

  • सर्दियों में रूखी त्वचा? घर पर बनाएं ये फेसपैक और पाएं नेचुरल ग्लो

    सर्दियों में रूखी त्वचा? घर पर बनाएं ये फेसपैक और पाएं नेचुरल ग्लो


    नई दिल्ली । सर्दियों में त्वचा अपनी नमी खो देती है जिससे त्वचा में रूखापन और बेजानपन आ जाता है। ऐसे में महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू फेसपैक सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय साबित होते हैं। दही, शहद, हल्दी, बादाम तेल, आलू और नींबू जैसे प्राकृतिक तत्व आपकी त्वचा को नमी देने और उसे ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं। इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता, और ये आसानी से घर में उपलब्ध होते हैं।

    दही और हल्दी का फेसपैक

    सर्दियों में ड्राय स्किन के लिए दही और हल्दी का फेसपैक बेहद प्रभावी है। दही में प्राकृतिक मॉइश्चराइजर्स और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो त्वचा को हाइड्रेट करते हैं। हल्दी की एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को सुरक्षित रखते हैं। इसे बनाने के लिए एक चम्मच दही में चुटकी भर हल्दी मिलाएं और चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं। फिर सामान्य पानी से धो लें। यह फेसपैक आपकी त्वचा को कोमल और ताजगी से भरपूर बनाएगा।

    शहद और बादाम तेल का फेसपैक

    शहद एक प्राकृतिक ह्यूमेक्टेंट होता है, जो त्वचा में नमी को लॉक करता है। बादाम तेल में विटामिन ई प्रचुर मात्रा में होता है, जो त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। एक चम्मच शहद में कुछ बूंदें बादाम तेल की मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर 10-15 मिनट तक मसाज करें। फिर गुनगुने पानी से चेहरा धोने के बाद त्वचा में गहरा पोषण और चमक देखने को मिलेगा।

     आलू और नींबू का फेसपैक
    आलू और नींबू का फेसपैक त्वचा के टोन को ब्राइट करने में मदद करता है। कद्दूकस किए आलू का रस निकालकर उसमें नींबू की कुछ बूंदें मिलाएं और 10 मिनट तक चेहरे पर लगाएं। यह पैक खासकर ऑयली स्किन वालों के लिए असरदार है,लेकिन ड्राय स्किन वालों को बाद में मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए।

    नियमित देखभाल से पाएं सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन

    ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन घरेलू फेसपैक का नियमित उपयोग सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। हफ्ते में दो बार इनका उपयोग करने से त्वचा की मॉइश्चराइज़ेशन बनी रहती है और रूखापन कम होता है। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना और एक अच्छा स्किनकेयर रूटीन अपनाना भी जरूरी है।

  • क्या आप भी रख पाते हैं अपनी स्किन का अच्छे से ध्यान अपनाएं ये 5 ब्यूटी टिप्सत्वचा पर आएगा निखार

    क्या आप भी रख पाते हैं अपनी स्किन का अच्छे से ध्यान अपनाएं ये 5 ब्यूटी टिप्सत्वचा पर आएगा निखार


    नई दिल्ली । आजकल हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा सुंदरग्लोइंग और हेल्दी हो। लेकिन बढ़ते प्रदूषणतनाव और गलत दिनचर्या के कारण त्वचा पर प्रभाव पड़ने लगता है। इसलिएसही स्किनकेयर रूटीन अपनाना जरूरी है। बाजार में कई महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स मौजूद हैंलेकिन घरेलू और प्राकृतिक उपायों से भी अपनी त्वचा को निखारा जा सकता है।अगर आप भी अपनी त्वचा को सही तरीके से ध्यान नहीं दे पा रहे हैंतो इन 5 आसान स्किन केयर टिप्स को अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बना सकते हैं।

    क्लींसिंग

    क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा की गंदगी और प्रदूषण से मुक्त होती है। यह पिंपल्स और डलनेस जैसी समस्याओं से बचाता है। लेकिनकुछ लोग अपनी त्वचा को अच्छे से क्लींस नहीं करते। डबल क्लीनिंग से आपकी त्वचा के अंदर से गंदगी और तेल निकल जाता हैजिससे आपकी स्किन साफ और ताजगी से भरी रहती है।

    कैसे करें

    अच्छे क्लींजर का उपयोग करें। हल्के हाथों से चेहरे को अच्छे से साफ करें।गुनगुने पानी से चेहरा धोएं। टोनिंग क्लींजर के बाद त्वचा को टोन करना जरूरी है। टोनर आपकी त्वचा के पोर्स को सिकोड़ता है और त्वचा को फ्रेश बनाता है। टोनर त्वचा में नमी बनाए रखता है और त्वचा को साफ करता है।

    टोनर

    अच्छे क्वालिटी के टोनर का इस्तेमाल करें। टोनर को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। इसे सूखने दें ताकि यह पूरी तरह से त्वचा में समा जाए। सिरम का उपयोग स्किन केयर रूटीन में एक अहम कदम है। यह त्वचा के अंदर तक जाकर उसे रिपेयर करता है। सिरम में एंटी-एजिंग और हाइड्रेटिंग गुण होते हैंजो त्वचा को नमी प्रदान करते हैं। टोनिंग के बाद सिरम का उपयोग करें। सिरम को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाएं और मसाज करें। ध्यान रखें कि सिरम आपकी त्वचा के प्रकार के हिसाब से हो।

    मॉइस्चराइजर

    मॉइस्चराइजर हर स्किनकेयर रूटीन का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह त्वचा को नमी प्रदान करता है और त्वचा को मुलायम बनाता है। चेहरे पर सही मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करने से त्वचा की नमी बनी रहती हैजिससे वह डिहाइड्रेटेड नहीं होती। अपनी त्वचा की जरूरत के हिसाब से एक अच्छा मॉइस्चराइजर चुनें। मॉइस्चराइजर को चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं।

    सनस्क्रीन

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल स्किनकेयर रूटीन का आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता हैजो त्वचा की उम्र बढ़ाने के साथ-साथ जलन और दाग धब्बों का कारण बन सकते हैं। स्किनकेयर रूटीन के आखिरी स्टेप के रूप में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। इसे चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं। रोज़ाना सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिएचाहे आप बाहर जाएं या न जाएं।

    इन 5 स्किनकेयर टिप्स को अपनाकर आप अपनी त्वचा को निखार सकते हैं। इन टिप्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और ध्यान रखें कि आपकी त्वचा को समय पर और सही तरीके से देखभाल मिले। प्राकृतिक और साधारण तरीके से स्किन की देखभाल करने से न सिर्फ आपकी त्वचा हेल्दी रहेगीबल्कि वह ज्यादा चमकदार भी दिखेगी।

  • लाइफस्टाइल तय करती है दिमाग की उम्र, जन्मतिथि नहीं: वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

    लाइफस्टाइल तय करती है दिमाग की उम्र, जन्मतिथि नहीं: वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली।अगर आप मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग का कमजोर होना तय है, तो विज्ञान इस सोच को बदलने की तैयारी में है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि दिमाग की असली उम्र आपकी जन्मतिथि से नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की जीवनशैली से तय होती है। सही आदतें अपनाकर इंसान अपने दिमाग को 8 साल तक “युवा” बनाए रख सकता है।

    MRI और मशीन लर्निंग से मापी गई ब्रेन एज

    इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक MRI स्कैन और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया। इन तकनीकों के जरिए प्रतिभागियों की ब्रेन एज यानी दिमाग की जैविक उम्र मापी गई। इसे व्यक्ति की वास्तविक उम्र से तुलना कर ब्रेन एज गैप निकाला गया, जो यह बताता है कि दिमाग कितना बूढ़ा या जवान दिखता है।

    128 लोगों पर दो साल तक चला अध्ययन

    इस रिसर्च में मध्यम और अधिक उम्र के 128 लोगों को शामिल किया गया। इनमें से कई लोग घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल पेन से जूझ रहे थे। आमतौर पर लंबे समय तक रहने वाला दर्द, तनाव, आर्थिक दबाव और सामाजिक समस्याएं दिमागी उम्र को तेज़ी से बढ़ाती हैं।शुरुआती दौर में इन नकारात्मक कारकों का असर जरूर देखा गया, लेकिन दो साल के फॉलो-अप में यह प्रभाव कम होता चला गया। इसकी जगह जीवनशैली से जुड़ी आदतें सबसे ज्यादा असरदार साबित हुईं।

    8 साल तक जवान दिखा दिमाग

    जिन प्रतिभागियों की जीवनशैली ज्यादा सकारात्मक थी, उनके दिमाग स्टडी की शुरुआत में ही औसतन 8 साल तक युवा पाए गए। इतना ही नहीं, समय के साथ उनके दिमाग की उम्र बढ़ने की गति भी धीमी रही। शोधकर्ताओं के मुताबिक अच्छी आदतें मिलकर दिमाग को उम्र से होने वाले नुकसान से बचाती हैं।

    ये आदतें रखती हैं दिमाग को जवान
    शोध में कुछ खास जीवनशैली आदतों को दिमागी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताया गया:
    गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद ,आशावादी सोच और मानसिक लचीलापन, तनाव पर नियंत्रण और मानसिक शांति ,मजबूत सामाजिक रिश्ते और सपोर्ट सिस्टम ,संतुलित वजन, जिससे सूजन कम होती है तंबाकू से दूरी, जिससे ब्रेन सेल्स सुरक्षित रहती हैं

    डिमेंशिया और अल्जाइमर से बचाव में मदद

    शोधकर्ताओं का कहना है कि आशावाद सीखा जा सकता है तनाव को नए नजरिए से संभाला जा सकता है और नींद से जुड़ी समस्याओं का इलाज संभव है। उम्र बढ़ने के साथ दिमाग डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है, लेकिन यह स्टडी बताती है कि छोटे-छोटे जीवनशैली बदलाव लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रख सकते हैं।
    यह रिसर्च साफ संकेत देती है कि दिमाग की उम्र आपके हाथ में है। अगर आप अपनी आदतों पर ध्यान दें, तो न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग भी उम्र को मात दे सकता है।

  • सर्दियों में भी रहें हाइड्रेटेड: पानी और गर्म ड्रिंक्स के 5 आसान टिप्स

    सर्दियों में भी रहें हाइड्रेटेड: पानी और गर्म ड्रिंक्स के 5 आसान टिप्स


    नई दिल्ली
    /सर्दियों में लोग अक्सर यह सोचते हैं कि गर्म मौसम की तरह डिहाइड्रेशन का खतरा नहीं है। लेकिन सच यह है कि ठंड के मौसम में भी शरीर में पानी की कमी चुपचाप असर डालती है। कम प्यास लगना, हीटर, ब्लोअर और गर्म कपड़े शरीर से नमी को निकाल लेते हैं। इसके अलावा, सर्दियों में चाय, कॉफी या अल्कोहल का ज्यादा सेवन भी डिहाइड्रेशन बढ़ा देता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह थकान, सिरदर्द, रूखी त्वचा और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

    क्यों बढ़ता है सर्दियों में डिहाइड्रेशन का खतरा?
    सर्दियों में पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे पानी की कमी महसूस नहीं होती। प्यास का संकेत कमजोर होने के कारण लोग पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। हीटर और ब्लोअर से हवा में नमी कम हो जाती है और गर्म कपड़े भी शरीर से पानी सोख लेते हैं। यही कारण है कि ठंड में भी हाइड्रेशन पर ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    सर्दियों में हाइड्रेटेड रहने के 5 आसान हैक्स

    1. पानी पीने की आदत बनाएं
    सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीने की आदत छोड़ दें। सुबह उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। दिनभर हर 1–2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। मोबाइल रिमाइंडर सेट करना इस आदत को बनाए रखने में मदद करता है।

    2. गुनगुने और हेल्दी ड्रिंक्स अपनाएं
    ठंड में ठंडा पानी पीने का मन नहीं करता, इसलिए गुनगुना पानी या हर्बल ड्रिंक्स पीना बेहतर रहता है। नींबू पानी, अदरक और दालचीनी का काढ़ा शरीर को हाइड्रेट रखता है और इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। गर्म ड्रिंक्स पाचन को बेहतर बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करती हैं।

    3. सूप और शोरबा शामिल करें
    सर्दियों में सूप, सब्जियों का शोरबा, दलिया और दही डाइट में शामिल करें। संतरा, सेब और अमरूद जैसे फलों में भी पानी और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। ये न केवल हाइड्रेशन बनाए रखते हैं, बल्कि शरीर को ठंड से लड़ने के लिए आवश्यक विटामिन और मिनरल भी देते हैं।

    4. कैफीन और शराब का संतुलन रखें
    चाय, कॉफी और शराब का ज्यादा सेवन शरीर से पानी निकाल देता है। अगर इनका सेवन करें, तो पर्याप्त पानी पीना सुनिश्चित करें। पानी के साथ ही कैफीन और अल्कोहल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

    5. शरीर के संकेतों को पहचानें
    रूखे होंठ, सूखी त्वचा, गहरा पीला यूरिन, थकान, चक्कर और सिरदर्द डिहाइड्रेशन के मुख्य संकेत हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें और तुरंत पानी या गर्म ड्रिंक्स लें।सर्दियों में पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। छोटे-छोटे कदम अपनाकर आप न केवल डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं, बल्कि ठंड के मौसम में भी एनर्जी और इम्यूनिटी बनाए रख सकते हैं। गुनगुने पानी, सूप, शोरबा और हेल्दी ड्रिंक्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप शरीर को फुली हाइड्रेटेड रख सकते हैं और सर्दियों का मजा सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।

  • दिल्ली से पास ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन, 4 दिन के लॉन्ग वीकेंड में बनाएं परफेक्ट ट्रिप प्लान

    दिल्ली से पास ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन, 4 दिन के लॉन्ग वीकेंड में बनाएं परफेक्ट ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली
    /क्रिसमस और न्यू ईयर के आसपास मिलने वाला लॉन्ग वीकेंड घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं होता। दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोग अक्सर यह सोचते हैं कि कम समय में कौन-सी जगह जाएंजहां सुकून भी मिले और त्योहारों का मजा भी। अगर आप भी 26 दिसंबर की छुट्टी लेकर 4 दिन का लॉन्ग वीकेंड प्लान कर रहे हैंतो दिल्ली से कुछ ही घंटों की दूरी पर मौजूद ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन आपके लिए परफेक्ट हैं।

    शिमला: ब्रिटिश दौर की पुरानी झलक

    उत्तर भारत का मशहूर हिल स्टेशन शिमला क्रिसमस के समय एक अलग ही रंग में नजर आता है। ब्रिटिश दौर की इमारतेंमॉल रोड और रिज पर सजी रोशनियां क्रिसमस के जश्न को और खास बना देती हैं। यहां चर्च में प्रेयर्स और कैरल सिंगिंग का माहौल देखने लायक होता है। स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों को देवदार के पत्तोंलकड़ी की नक्काशी और हाथ से बनी सजावट से सजाते हैं। शिमला का यह पारंपरिक और गर्मजोशी भरा माहौल फैमिली ट्रिप के लिए बेहतरीन है।

    मनाली: सर्दियों की ताजगी और कैफे कल्चर

    मनाली सर्दियों में अपनी ठंडी हवाबर्फ से ढकी वादियों और खास कैफे कल्चर के लिए जाना जाता है। ओल्ड मनाली के छोटे-छोटे कैफे इस दौरान ओपन माइक नाइट्सआर्ट गेदरिंग्स और क्रिसमस स्पेशल प्रोग्राम आयोजित करते हैं। यहां आप लोकल हिमाचली खाने का स्वाद ले सकते हैं और शांत पहाड़ी गांवों में समय बिता सकते हैं। दोस्तों के साथ ट्रिप प्लान करने वालों के लिए मनाली एक शानदार ऑप्शन है।

    औली: स्कीइंग और सुकून की तलाश

    अगर आप भीड़-भाड़ से दूर शांत जगह पर क्रिसमस मनाना चाहते हैंतो औली आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यह जगह स्कीइंग के लिए दुनियाभर में मशहूर है। बर्फ से ढके मैदानखुला नीला आसमान और ठंडी हवा औली की पहचान हैं। यहां की सुबहें बेहद खूबसूरत होती हैंजब सूरज की किरणें बर्फ पर चमकती हैं। कपल्स और एडवेंचर लवर्स के लिए औली एक यादगार अनुभव दे सकता है।

    धर्मशाला: तिब्बती संस्कृति का अनोखा अनुभव

    धर्मशाला और मैक्लोडगंज अपनी तिब्बती संस्कृति और शांत वातावरण के लिए जाने जाते हैं। क्रिसमस के दौरान यहां तिब्बती समुदाय के विंटर मार्केटलोकल चाय और हैंडीक्राफ्ट्स लोगों को आकर्षित करते हैं। छोटे-छोटे मठों में शांत प्रोग्राम और कैफे में एकॉस्टिक म्यूजिक नाइट्स इस जगह के अनुभव को और खास बना देते हैं। जो लोग शांतिमेडिटेशन और कल्चर में रुचि रखते हैंउनके लिए धर्मशाला एक बेहतरीन विकल्प है।

    नैनीताल: झीलरोशनी और सर्दियों का जादू
    नैनीताल दिसंबर के महीने में बेहद खूबसूरत नजर आता है। शहर सफेद और लाल रंगों की सजावट से सजा रहता है। नैनी झील का ठहरा हुआ पानीचारों ओर पहाड़ों का नजारा और ठंडी हवा सर्दियों का पूरा मजा देती है। यहां की लोकल बेकरी में मिलने वाला क्रिसमस ब्रेड और केक जरूर ट्राय करना चाहिए। इसके अलावा अयारपाटा और पंगोट जैसे आसपास के इलाके पक्षी देखने और शांति का अनुभव करने के लिए जाने जाते हैं।

    क्यों बनाएं यहां ट्रिप प्लान?

    इन सभी हिल स्टेशनों की खास बात यह है कि ये दिल्ली से ज्यादा दूर नहीं हैं और कम समय में आरामदायक यात्रा की जा सकती है। 4 दिन के लॉन्ग वीकेंड में आप ट्रैवलघूमना और आराम-तीनों का मजा ले सकते हैं। चाहे फैमिली के साथ जाना होदोस्तों के साथ एडवेंचर करना हो या पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना होये डेस्टिनेशन हर तरह के ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट हैं।

  • सर्दियों में डैंड्रफ से हैं परेशान? महंगे शैंपू छोड़ें, अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे

    सर्दियों में डैंड्रफ से हैं परेशान? महंगे शैंपू छोड़ें, अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे


    नई दिल्ली । सर्दियों का मौसम जहां एक ओर ठंडी हवा और आराम का एहसास कराता है वहीं दूसरी ओर यह कई तरह की स्किन और हेयर प्रॉब्लम्स भी साथ लाता है। इन्हीं में से एक आम समस्या है डैंड्रफ रूसी। ठंड के मौसम में हवा रूखी हो जाती है, जिससे सिर की त्वचा ड्राई होने लगती है। इसका नतीजा होता है खुजली, सफेद परतें और बालों का कमजोर होना। कई बार लोग इससे छुटकारा पाने के लिए महंगे शैंपू और केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन ये हर बार असरदार साबित नहीं होते।अगर समय रहते डैंड्रफ पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाने लगती है और बाल झड़ने की शिकायत बढ़ जाती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इस परेशानी से राहत पाने के लिए आपको हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान घरेलू नुस्खे भी डैंड्रफ को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकते हैं। 
    सर्दियों में क्यों बढ़ती है डैंड्रफ की समस्या?
    ठंड के मौसम में स्कैल्प में नेचुरल ऑयल कम बनने लगता है। हीटर, गर्म पानी और कम धूप भी सिर की त्वचा को और ज्यादा शुष्क बना देते हैं। इसके अलावा, बालों को बार-बार ड्राय करना और सही पोषण न मिलना भी डैंड्रफ को बढ़ावा देता है। यही वजह है कि सर्दियों में इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
    डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने वाले असरदार घरेलू उपाय
    1. दही से करें स्कैल्प का ट्रीटमेंट
    दही डैंड्रफ के लिए सबसे असरदार घरेलू उपायों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद नेचुरल एंटी-फंगल तत्व स्कैल्प में जमी रूसी को कम करते हैं।कैसे इस्तेमाल करें ताज़ा दही लें और उसे बालों की जड़ों से लेकर पूरी लंबाई तक लगाएं। करीब 30 मिनट बाद हल्के शैंपू या साफ पानी से बाल धो लें। हफ्ते में दो बार यह उपाय करने से साफ फर्क नजर आने लगता है।
    2. एलोवेरा जेल से मिलेगी

    ठंडक और राहतएलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं,जो खुजली और जलन को कम करते हैं।कैसे इस्तेमाल करें:ताज़ा एलोवेरा जेल निकालकर सीधे स्कैल्प पर लगाएं। 20–30 मिनट बाद बाल धो लें। इससे स्कैल्प हेल्दी रहता है और डैंड्रफ धीरे-धीरे कम होने लगता है।

    3. नींबू का रस रखेगा स्कैल्प साफ
    नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड स्कैल्प को डीप क्लीन करता है और रूसी को हटाने में मदद करता है।कैसे इस्तेमाल करें:नींबू के रस में थोड़ा पानी मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं। 10 मिनट बाद बाल धो लें। हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है।

    4. नारियल तेल से करें पोषण
    नारियल तेल में प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह स्कैल्प को नमी देता है और रूसी को जड़ से खत्म करने में मदद करता है।कैसे इस्तेमाल करें हल्का गुनगुना नारियल तेल लेकर स्कैल्प में अच्छे से मसाज करें। कुछ समय बाद बाल धो लें।स्वच्छता का रखें खास ध्यानडैंड्रफ के इलाज के साथ-साथ साफ-सफाई भी बहुत जरूरी है। अपनी कंघी, तौलिया और तकिए के कवर को नियमित रूप से एं। इससे बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन दोबारा पनपने से रुकता है।सर्दियों में डैंड्रफ की समस्या आम है, लेकिन सही देखभाल और घरेलू नुस्खों से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। नियमित रूप से इन उपायों को अपनाने से न सिर्फ रूसी खत्म होती है, बल्कि बाल मजबूत, घने और चमकदार भी बनते हैं।